Friday, 16 Oct 2026 | 12:27 AM

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दिनभर तनाव से परेशान? अपनाएं ये 5 छोटी-छोटी आदतें और दिमाग को तुरंत हल्का करें!

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Mental Health Tips: कभी ऐसा लगता है कि सब कुछ ठीक होते हुए भी मन बेचैन है? जैसे दिमाग बिना वजह भागता रहता है, छोटी-छोटी बातें भी भारी लगने लगती हैं और सुकून कहीं खो सा जाता है. सच कहें तो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ये फीलिंग अब आम हो गई है. काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंता-ये सब मिलकर हमारे दिमाग को थका देते हैं. ऐसे में सिर्फ शरीर का ख्याल रखना काफी नहीं होता, बल्कि दिमाग को भी थोड़ा आराम और सही दिशा देना जरूरी हो जाता है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको कोई बड़ा बदलाव नहीं करना, बस कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनानी हैं. ये आदतें धीरे-धीरे आपके दिन को हल्का, दिमाग को शांत और जिंदगी को ज्यादा बैलेंस बना सकती हैं. मेंटल हेल्थ क्यों हो रही है सबसे बड़ी चिंताआजकल लोग बाहर से फिट दिखते हैं, लेकिन अंदर से थके हुए होते हैं. ऑफिस के लंबे घंटे, मोबाइल पर लगातार स्क्रॉलिंग और नींद की कमी-ये तीन चीजें सबसे ज्यादा असर डालती हैं. भोपाल के आईटी सेक्टर में काम करने वाले 28 साल के राहुल बताते हैं कि उन्हें बिना वजह एंग्जायटी होने लगी थी, जबकि सब कुछ ठीक चल रहा था. बाद में उन्होंने अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव किए और फर्क खुद महसूस किया. सुबह की शुरुआत तय करती है आपका मूडपॉजिटिव सोच से करें दिन की शुरुआतसुबह उठते ही अगर आप सीधे मोबाइल उठा लेते हैं, तो आपका दिमाग तुरंत बाहर की दुनिया में उलझ जाता है. इसके बजाय 5-10 मिनट खुद के साथ बैठें. गहरी सांस लें और दिन के लिए कोई अच्छी बात सोचें. ये छोटी सी आदत पूरे दिन को हल्का बना सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. नींद से मत करें समझौता7-8 घंटे की नींद है जरूरीनींद की कमी सिर्फ थकान नहीं देती, बल्कि आपका मूड भी खराब कर देती है. चिड़चिड़ापन, फोकस की कमी और बार-बार गुस्सा आना-ये सब नींद पूरी न होने के संकेत हैं. कोशिश करें कि सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें. एक फिक्स टाइम पर सोना और उठना आपकी मेंटल हेल्थ को काफी बेहतर बना सकता है. एक्टिव बॉडी = शांत दिमागरोज थोड़ा चलना या योग करना शुरू करेंजरूरी नहीं कि आप जिम जाएं या भारी एक्सरसाइज करें. रोज 20-30 मिनट की वॉक या हल्का योग भी काफी है. जब आप चलते हैं या एक्सरसाइज करते हैं, तो शरीर में ऐसे हार्मोन बनते हैं जो आपको अंदर से खुश महसूस कराते हैं. यही वजह है कि कई लोग कहते हैं कि “वॉक के बाद दिमाग हल्का लगने लगता है.” दिल की बात दबाकर न रखेंकिसी भरोसेमंद इंसान से शेयर करेंहममें से कई लोग अपनी परेशानियां किसी से शेयर नहीं करते. बाहर से मजबूत दिखने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर टूटते रहते हैं, अगर कुछ परेशान कर रहा है, तो उसे किसी दोस्त, भाई-बहन या परिवार के सदस्य से जरूर शेयर करें. कई बार सिर्फ बोल देने से ही आधी टेंशन खत्म हो जाती है. खुद के लिए समय निकालना जरूरी है“मी टाइम” को इग्नोर न करेंदिनभर काम करने के बाद अगर आपके पास खुद के लिए समय नहीं बचता, तो धीरे-धीरे थकान बढ़ने लगती है. हर दिन कम से कम 20-30 मिनट सिर्फ अपने लिए रखें. इस समय में आप गाना सुन सकते हैं, किताब पढ़ सकते हैं या बस शांत बैठ सकते हैं. ये छोटा सा ब्रेक आपके दिमाग को रीसेट करने जैसा काम करता है. छोटे बदलाव, बड़ा असरमेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए बड़े कदम नहीं, बल्कि छोटी आदतें ज्यादा काम आती हैं. जैसे सुबह की सही शुरुआत, पूरी नींद, थोड़ी एक्सरसाइज, खुलकर बात करना और खुद के लिए समय निकालना, अगर आप इन चीजों को धीरे-धीरे अपनी जिंदगी में शामिल करते हैं, तो कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगेगा. दिमाग को शांत रखना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस आपको अपने रूटीन में थोड़ी समझदारी लानी होगी. याद रखें, खुश रहना भी एक आदत है-और ये आदत आप आज से शुरू कर सकते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

जम्मू-कश्मीर में जैश को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार:एक साथी भी पकड़ाया; पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर, एक घायल

जम्मू-कश्मीर में जैश को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार:एक साथी भी पकड़ाया; पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने सरकारी स्कूल के एक शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को पनाह, खाना और दूसरी मदद देने का आरोप है। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान मशकूर अहमद के रूप में हुई है। वह इंदरवाल के एक सरकारी स्कूल में तैनात है। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, वह चटरू इलाके में आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। यह मामला 4 फरवरी 2026 को डिच्छर-चटरू में हुए एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें आतंकी आदिल मारा गया था। इधर, पुंछ के मेंढर स्थित कृष्णा घाटी सेक्टर में LoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई। अधिकारियों ने एक आतंकी के मारे जाने का दावा किया है, जबकि एक के घायल होने की आशंका है। जैश कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था जांच एजेंसियों के मुताबिक, मशकूर अहमद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के घर से सैफुल्लाह की एक तस्वीर मिली, जिसमें उसे नोटों की माला पहनाई गई थी। जांच एजेंसियां इसे आतंकी संगठन से करीबी संबंध के तौर पर देख रही हैं। जैश कमांडर सैफुल्लाह 22 फरवरी 2026 को चटरू में सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ में दो विदेशी आतंकियों के साथ मारा गया था। कौन था जैश का कमांडर सैफुल्लाह कहा जाता है कि सैफुल्लाह ने लगभग पांच साल पहले जम्मू और कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह सिक्योरिटी फोर्सेस पर कई जानलेवा हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें चार सैनिक मारे गए थे। किश्तवाड़ में सेना के ऑपरेशन में 7 आतंकी मारे गए थे भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने 25 फरवरी को X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा था- 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ में उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF समेत सेना की इंटेलीजेंस एजेंसी भी शामिल रहीं। 2026 में सेना के 2 ऑपरेशन ऑपरेशन त्राशी-1: यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई थी। चतरू में 3 आतंकियों के खात्मे के साथ यह खत्म हो गया है। ऑपरेशन ‘किया: व्हाइट नाइट कोर ने 4 फरवरी को CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए। ————— ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जैश के 3 आतंकी ढेर:सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को ब्लास्ट किया; 4 फरवरी को भी 3 आतंकी मारे थे जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। आधिकारियों ने 3 आतंकियों के ढेर होने की पुष्टि की है। सुरक्षाबलों ने उस ठिकाने को ही ब्लास्ट कर दिया, जहां आतंकी छिपे हुए थे। एनकाउंटर अभी भी जारी है। पूरी खबर पढ़ें…

CM थलापति विजय ने तृषा के लिए बदले नियम:एक्ट्रेस की फिल्म करप्पू के मॉर्निंग शो रखने की स्पेशल परमिशन दी, 3 सालों से था प्रतिंबध

CM थलापति विजय ने तृषा के लिए बदले नियम:एक्ट्रेस की फिल्म करप्पू के मॉर्निंग शो रखने की स्पेशल परमिशन दी, 3 सालों से था प्रतिंबध

तमिलनाडू के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद थलापति विजय ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा के लिए फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े नियम में बदलाव किया है। विजय ने तृषा कृष्णन की फिल्म करप्पू के लिए सुबह 9 बजे की स्क्रीनिंग रखने की स्पेशल परमिशन दी है, जबकि अब तक साउथ में इस पर प्रतिबंध था। फिल्म करप्पू के प्रोडक्शन हाउस ड्रीम वॉरियर पिक्चर ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी देते हुए थलापति विजय का शुक्रिया अदा किया है। पोस्ट में लिखा गया है, स्पेशल थैंक्स हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री थिरु जोसेफ विजय, करप्पू को सुबह 9 बजे की स्पेशल परमिशन देने के लिए। फिल्म करप्पू 14 मई को रिलीज हो रही है। पहले दिन से ही इसके सुबह 9 बजे के शो शुरू हो जाएंगे। फिल्म में तृषा कृष्ण और सूर्या लीड रोल में हैं। 2023 से तमिलनाडू में था मॉर्निंग शो पर प्रतिबंध साल 2023 में फिल्म थुनिवू रिलीज हुई थी। इस फिल्म के सुबह साढ़े 4 बजे के मॉर्निंग शो में भगदड़ मच गई थी, जिसमें एक फैन का निधन हो गया था। इसके बाद से ही एहतियातन तमिलनाडू सरकार ने सुरक्षा कारणों से सुबह के शोज पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि थलापति विजय का ये फैसला देना इसलिए भी सबका ध्यान खींच रहा है क्योंकि उनका नाम लंबे समय से तृषा कृष्णन से जुड़ रहा है। दोनों ने रिश्ते पर आधिकारिक तौर पर मुहर नहीं लगाई है, लेकिन तलाक की प्रोसेस के साथ लगातार तृषा के साथ स्पॉट होकर दोनों ने रिश्ते पर हिंट दे दिया है।

‘विज्ञान पर ध्यान दें’: निजी ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त किए जाने के बाद वीसीके, डीएमडीके ने सीएम विजय पर निशाना साधा | भारत समाचार

US President Donald Trump waves prior boarding Air Force One at Joint Base Andrews, Maryland, on May 12, 2026 as he departs for a 3-day state visit to China. (Photo: AFP)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 11:08 IST तमिलनाडु के सीएम विजय ने अपने निजी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित को सीएम का ओएसडी नियुक्त किया। मुख्यमंत्री विजय द्वारा अपने निजी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त करने के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। नियुक्ति ने विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) और मनिथानेया जनानायगा काची (एमजेके) सहित कई राजनीतिक दलों की आलोचना शुरू कर दी है। तमिलनाडु विधानसभा में चल रहे विश्वास मत की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे ने राजनीतिक ध्यान आकर्षित किया, जहां वीसीके नेताओं ने नियुक्ति को लेकर सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) सरकार पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया। वीसीके ने ‘वैज्ञानिक सोच’ पर दिया जोर वीसीके के नेताओं ने एक ज्योतिषी को प्रमुख प्रशासनिक भूमिका में नियुक्त करके सरकार द्वारा भेजे जा रहे संदेश पर सवाल उठाया। वीसीके के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार को ज्योतिष के बजाय विज्ञान पर अधिक भरोसा करना चाहिए। पार्टी ने यह भी टिप्पणी की कि शासन में वैज्ञानिक सोच को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। नेता ने नियुक्ति का जिक्र करते हुए सवाल किया, ”ज्योतिष को नहीं विज्ञान को प्राथमिकता देनी चाहिए। आप क्या संदेश दे रहे हैं।” इस कदम की आलोचना के बावजूद, वीसीके ने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार को समर्थन देना जारी रखा है। डीएमडीके भी सवाल उठाती है डीएमडीके ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लिए गए फैसले पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने ज्योतिषी की भूमिका और साख पर स्पष्टता की मांग की, जिन्हें अब मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। पार्टी ने कहा, ”ज्योतिषी की नियुक्ति से युवाओं में गलत संदेश जाता है।” विवाद इसलिए गहरा गया क्योंकि ज्योतिषी ने पहले टीवीके के लिए चुनावी जीत की भविष्यवाणी की थी। एक आधिकारिक सरकारी पद पर उनकी नियुक्ति ने अब राजनीति और प्रशासन में ज्योतिष के बढ़ते प्रभाव के बारे में एक व्यापक राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। मद्रास उच्च न्यायालय ने ज्योतिषी नियुक्ति में तात्कालिकता के मुद्दे को उठाया मुख्यमंत्री विजय के ज्योतिषी की विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्ति का बुधवार को मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष तत्काल उल्लेख किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की तात्कालिकता पर सवाल उठाया, जबकि वकील ने दलील दी कि नियुक्ति कानून के खिलाफ है. इसके बाद अदालत ने वकील से इस मुद्दे पर औपचारिक याचिका दायर करने को कहा। फ्लोर टेस्ट के दौरान बहस तमिलनाडु विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान राजनीतिक विवाद सामने आया। विपक्षी नेताओं ने इस अवसर का उपयोग नियुक्ति को लेकर सरकार पर निशाना साधने और आधिकारिक शासन के साथ ज्योतिष के मिश्रण पर चिंता जताने के लिए किया। यह मुद्दा अब तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मुद्दा बन गया है, पार्टियों ने सवाल उठाया है कि क्या ऐसी नियुक्तियाँ पारंपरिक रूप से राज्य की राजनीतिक संस्कृति से जुड़े वैज्ञानिक स्वभाव और तर्कसंगत सोच के मूल्यों को दर्शाती हैं। जबकि आलोचना जारी है, विजय सरकार ने नियुक्ति पर विपक्षी दलों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘विज्ञान पर ध्यान दें’: निजी ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त किए जाने के बाद वीसीके, डीएमडीके ने सीएम विजय पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विजय ने ज्योतिषी की नियुक्ति की(टी)विजय ज्योतिषी(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु के ज्योतिषी की नियुक्ति(टी)विजय मुख्यमंत्री विवाद(टी)विशेष कर्तव्य अधिकारी ज्योतिषी(टी)तमिलनाडु राजनीतिक विवाद(टी)शासन में ज्योतिष(टी)वीसीके आलोचना विज्ञान(टी)डीएमडीके नियुक्ति पर सवाल(टी)टीवीके सरकार विश्वास मत

तलाक की धमकी, हटाए गए पोस्ट, अचानक मौत: अपर्णा और प्रतीक यादव की शादी पर स्पॉटलाइट | लखनऊ-न्यूज़ न्यूज़

US President Donald Trump waves prior boarding Air Force One at Joint Base Andrews, Maryland, on May 12, 2026 as he departs for a 3-day state visit to China. (Photo: AFP)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 11:04 IST प्रतीक यादव की मृत्यु: व्यक्तिगत दुःख के समय, अपर्णा यादव को अपनी परेशान शादी और भविष्य के बारे में सार्वजनिक जांच का सामना करना पड़ रहा है 2011 में, अपर्णा ने प्रतीक यादव से शादी की और यादव परिवार की छोटी बहू बन गईं, जिसे लंबे समय तक उत्तर प्रदेश का सबसे शक्तिशाली राजनीतिक राजवंश माना जाता था। (पीटीआई/फ़ाइल) अपर्णा यादव एक और निजी विवाद के केंद्र में हैं। उनके पति प्रतीक यादव, दिवंगत समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे, का बुधवार को 38 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया, ऐसी परिस्थितियों में जिनकी अभी तक व्याख्या नहीं की जा सकी है। कुछ महीने पहले, उसने सार्वजनिक रूप से उस पर अपने परिवार को नष्ट करने का आरोप लगाया था और तलाक की धमकी दी थी। अब 37 साल की विधवा अपर्णा की 15 साल की शादी, उनका राजनीतिक भविष्य और यादव वंश में उनका स्थान सभी सार्वजनिक जांच के दायरे में हैं। अपर्णा बिष्ट से लेकर अपर्णा यादव तक अपर्णा बिष्ट का जन्म 1 जनवरी 1990 को, जो अब उत्तराखंड है, एक ठाकुर-बिष्ट परिवार में हुआ था। उन्होंने लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल में पढ़ाई की, उसी स्कूल में उनके दिवंगत पति ने पढ़ाई की थी, और ब्रिटेन के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और राजनीति में मास्टर डिग्री हासिल की। वह एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका भी हैं। 2011 में, उन्होंने प्रतीक यादव से शादी की और यादव परिवार की छोटी बहू बन गईं, जिसे लंबे समय तक उत्तर प्रदेश का सबसे शक्तिशाली राजनीतिक राजवंश माना जाता है, जिसने दो मुख्यमंत्री बनाए हैं। अपनी शादी के बाद कई वर्षों तक, वह राजनीतिक सुर्खियों से दूर रहीं, इसके बजाय उन्होंने पशु कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया, यह रुचि उन्होंने अपने पति के साथ साझा की थी। राजनीतिक प्रवेश और सपा से अलगाव यह 2017 में बदल गया, जब अपर्णा ने अपने पति के शांत जीवन को तोड़ दिया और परिवार द्वारा संचालित समाजवादी पार्टी में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने उस साल लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से यूपी विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। राजनीति में उनका प्रवेश यादवों के लिए एक उथल-पुथल भरा क्षण था। परिवार एक कड़वे आंतरिक लेकिन सार्वजनिक झगड़े के बीच में था, और अपर्णा और उनकी सास साधना यादव, जो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सौतेली माँ हैं, दोनों पर व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के लिए दरार को गहरा करने का आरोप लगाया गया था। जनवरी 2022 में अपर्णा ने एक बड़ा कदम उठाया और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने इसकी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला केंद्रित नीतियों को बताया। तब से, वह अपनी पूर्व पार्टी की मुखर आलोचक रही हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, यह पद उन्होंने सितंबर 2024 में संभाला था। ‘परिवार विनाशक’ इस साल जनवरी में, प्रतीक यादव ने अपने सत्यापित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की एक श्रृंखला शुरू की जो अपनी प्रत्यक्षता में चौंकाने वाली थी। उन्होंने अपर्णा को “परिवार को नष्ट करने वाली” कहा और उन पर पूरी तरह से प्रसिद्धि और प्रभाव की भूख से प्रेरित होने का आरोप लगाया। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “मैं जल्द से जल्द इस स्वार्थी महिला को तलाक देने जा रहा हूं। उसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया… वह केवल प्रसिद्ध और प्रभावशाली बनना चाहती है।” उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी बात करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि वह किस दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने लिखा, “फिलहाल मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है और उसे कोई चिंता नहीं है। क्योंकि वह केवल अपनी ही चिंता करती है। मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने उन सभी लोगों से अपने संबंध तोड़ लिए हैं जिनके वह करीबी थे। उन्होंने लिखा, “मेरी मां के साथ मेरा रिश्ता तोड़ दिया, मेरे पिता के साथ मेरा रिश्ता तोड़ दिया, मेरे भाई के साथ मेरा रिश्ता तोड़ दिया। केवल प्रसिद्ध होना चाहता है,” उन्होंने उसे “सबसे बड़ा झूठा” और “सबसे स्वार्थी व्यक्ति” भी कहा, जिसे वह कभी जानता था। पोस्ट किस कारण से शुरू हुईं, यह कभी स्थापित नहीं हुआ। उस समय न तो सपा और न ही भाजपा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी की। लेकिन तूफान टलता नजर आया। इसके बाद के महीनों में, जोड़े को सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में एक साथ देखा गया – मुस्कुराते हुए, जाहिर तौर पर सहजता से। पहले वाले पोस्ट चुपचाप डिलीट कर दिए गए. अपर्णा यादव का भविष्य अब अपर्णा यादव को एक और तूफान का सामना करना पड़ रहा है और गहन व्यक्तिगत दुःख के समय सार्वजनिक जांच में वृद्धि हुई है। प्रतीक यादव की अचानक मौत जवाब से ज्यादा सवाल पीछे छोड़ गई है – क्या हुआ, उस शादी के बारे में जो सुधरती दिख रही थी, और भारत के सबसे झगड़ालू राजनीतिक परिवारों में से एक में अपर्णा के भविष्य के बारे में। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार शहर लखनऊ-समाचार तलाक की धमकी, हटाए गए पोस्ट, अचानक मौत: अपर्णा और प्रतीक यादव की शादी पर स्पॉटलाइट अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अपर्णा यादव(टी)प्रतीक यादव की मृत्यु(टी)मुलायम सिंह यादव परिवार(टी)समाजवादी पार्टी विवाद(टी)अपर्णा यादव बीजेपी(टी)उत्तर प्रदेश की राजनीति(टी)यादव राजनीतिक वंशवाद(टी)प्रतीक इंस्टाग्राम आरोप

रियल बेटिस 20 साल बाद चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई:स्पेनिश लीग ला लीगा में एल्चे को 2-1 से हराया, पेत्रोत को रेड कार्ड

रियल बेटिस 20 साल बाद चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई:स्पेनिश लीग ला लीगा में एल्चे को 2-1 से हराया, पेत्रोत को रेड कार्ड

स्पेनिश क्लब रियल बेटिस ने 20 साल बाद फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता UEFA चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रच दिया है। मंगलवार को स्पेनिश लीग ला लीगा में बेटिस ने एल्चे को 2-1 से हराकर 5वां स्थान और चैंपियंस लीग का अंतिम स्पॉट पक्का कर लिया। एल्चे रेलीगेशन के करीब है। रियल बेटिस ने आखिरी बार 2005-06 सीजन में चैंपियंस लीग खेली थी। मैनुअल पेलेग्रिनी की टीम ने जीत के साथ छठे स्थान पर मौजूद सेल्टा विगो पर 7 अंकों की बढ़त बना ली है। लीग में अब केवल दो दौर के मैच बाकी हैं। बेटिस के प्रशंसकों के लिए यह इमोशनल पल है, क्योंकि 2 दशक बाद उनकी टीम यूरोप के सबसे बड़े मंच पर खेलेगी। बेटिस ने इस पोस्ट के जरिए फैंस को जानकारी दी फोटो में सेलिब्रेशन देखिए… पेत्रोत को रेड कार्ड, एल्चे को 10 प्लेयर्स से खेलना पड़ा बेटिस के लिए कुचो हर्नांडेज ने 9वें मिनट में गोल कर बढ़त दिलाई थी। हाफ-टाइम से पहले एल्चे के हेक्टर फोर्ट ने स्कोर बराबर कर दिया। 49वें मिनट में एल्चे के लियो पेत्रोत को रेड कार्ड मिला। इसके बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही एल्चे के खिलाफ पाब्लो फोर्नाल्स ने 68वें मिनट में विनिंग गोल दागकर बेटिस की जीत और चैंपियंस लीग का टिकट तय कर दिया। एटलेटिको मैड्रिड की भी जीत एक अन्य मुकाबले में चौथे स्थान पर काबिज एटलेटिको मैड्रिड ने ओसासुना को 2-1 से हराया। एटलेटिको के लिए एडेमोला लुकमैन और अलेक्जेंडर सोरलॉथ ने गोल किए। 79वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे को रेड कार्ड मिलने के बाद टीम को अंत में 10 खिलाड़ियों के साथ संघर्ष करना पड़ा। ला लीगा की ताजा स्थिति बार्सिलोना ने मैड्रिड को हराकर जीता टाइटल ला लिगा के मौजूदा सीजन का खिताब बार्सिलोना ने जीता। उसने पॉइंट टेबल में 14 अंकों के भारी अंतर के साथ ला लिगा का खिताब अपने नाम किया। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को 2-0 से हराया। 97 साल बाद ‘एल क्लासिको’ से लीग का विजेता तय हुआ। —————————————————–

राजस्थान के CM के काफिले में कम हुईं गाड़ियां:PM की अपील का असर, 5 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे; मंत्री-अधिकारियों को भी निर्देश

राजस्थान के CM के काफिले में कम हुईं गाड़ियां:PM की अपील का असर, 5 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे; मंत्री-अधिकारियों को भी निर्देश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। बुधवार (आज) सुबह दिल्ली जाने के लिए सांगानेर एयरपोर्ट जाते समय उनके कारकेड (कॉन्वॉय) में गाड़ियों की संख्या 5 रह गई थी। प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद भजनलाल शर्मा ने मिसल पेश की है। पहले सीएम के काफिले में 10 से 12 गाड़ियां रहती थीं। अब गाड़ियों की संख्या आधी कर दी गई है। इससे पहले देर रात सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी मंत्रियों, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को भी काफिले में कम वाहनों के इस्तेमाल करने और वाहनों के अनवाश्यक प्रयोग से बचने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा- राज्य के सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अपने वाहनों का इस्तेमाल काफी सोच-विचार कर करें। अनावश्यक गाड़ियों को साथ लेकर न चलें। PM ने की थी 7 अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद (तेलंगाना) और वडोदरा (गुजरात) में जनसभाओं को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने के लिए जनता से 7 अपील की थी। इसमें पेट्रोल-डीजल बचाना भी शामिल था। ईंधन की बचत- पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें। इसके लिए अधिक से अधिक मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक (ईवी) वाहनों का उपयोग करें। वर्क फ्रॉम होम- कोरोना काल की तरह कंपनियां और कर्मचारी जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता दें। ताकि यात्रा और ईंधन का खर्च घटे। सोना खरीदने से बचें- मुद्रा नुकसान को रोकने के लिए आगामी एक साल तक अनावश्यक सोना न खरीदें। विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग टालें- मध्यम वर्ग से अपील की गई है कि वे कम से कम एक साल तक विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग की योजनाओं को टालें और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें। खाने के तेल की खपत कम करें- खाने के तेल के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाने और स्वास्थ्य के लिहाज से इसका सीमित उपयोग करें। स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता- ‘वोकल फॉर लोकल’ आंदोलन को मजबूत करने के लिए विदेशी ब्रांड्स के बजाय ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदें। प्राकृतिक खेती अपनाएं- किसानों से रासायनिक उर्वरकों (केमिकल फर्टिलाइजर) पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती (नेचुरल फार्मिंग) अपनाने का आग्रह किया गया है।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ बताया: अंतरिम राष्ट्रपति बोलीं- संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ बताया: अंतरिम राष्ट्रपति बोलीं- संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशलl पर वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ दिखाने वाला ग्राफिक शेयर किया है। यह पोस्ट उस समय सामने आई, जब ट्रम्प चीन दौरे पर जा रहे थे। इससे एक दिन पहले वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा था कि उनका देश कभी भी अमेरिका का 51वां राज्य बनने पर विचार नहीं करेगा। ट्रम्प ने सोमवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा था कि वे वेनेजुएला को अमेरिका का नया राज्य बनाने पर ‘गंभीरता से विचार’ कर रहे हैं। उन्होंने वेनेजुएला के तेल भंडार का जिक्र करते हुए कहा था कि वहां के लोग उन्हें पसंद करते हैं। इसके जवाब में डेल्सी रोड्रिगेज ने हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई के दौरान कहा, “हम अपनी अखंडता, संप्रभुता, स्वतंत्रता और इतिहास की रक्षा करते रहेंगे।” जनवरी में अमेरिकी बलों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता संभाली थी। उनके नेतृत्व में वेनेजुएला ने तेल और खनन सेक्टर को विदेशी कंपनियों के लिए फिर से खोलने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसी बीच अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने दावा किया कि वेनेजुएला के एक रिसर्च रिएक्टर से 13.5 किलोग्राम यूरेनियम हटाया गया है। विभाग के मुताबिक यह अमेरिका, ब्रिटेन और वेनेजुएला का संयुक्त ऑपरेशन था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इसकी पुष्टि की।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ बताया: अंतरिम राष्ट्रपति बोलीं- संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ बताया: अंतरिम राष्ट्रपति बोलीं- संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशलl पर वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ दिखाने वाला ग्राफिक शेयर किया है। यह पोस्ट उस समय सामने आई, जब ट्रम्प चीन दौरे पर जा रहे थे। इससे एक दिन पहले वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा था कि उनका देश कभी भी अमेरिका का 51वां राज्य बनने पर विचार नहीं करेगा। ट्रम्प ने सोमवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा था कि वे वेनेजुएला को अमेरिका का नया राज्य बनाने पर ‘गंभीरता से विचार’ कर रहे हैं। उन्होंने वेनेजुएला के तेल भंडार का जिक्र करते हुए कहा था कि वहां के लोग उन्हें पसंद करते हैं। इसके जवाब में डेल्सी रोड्रिगेज ने हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई के दौरान कहा, “हम अपनी अखंडता, संप्रभुता, स्वतंत्रता और इतिहास की रक्षा करते रहेंगे।” जनवरी में अमेरिकी बलों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता संभाली थी। उनके नेतृत्व में वेनेजुएला ने तेल और खनन सेक्टर को विदेशी कंपनियों के लिए फिर से खोलने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसी बीच अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने दावा किया कि वेनेजुएला के एक रिसर्च रिएक्टर से 13.5 किलोग्राम यूरेनियम हटाया गया है। विभाग के मुताबिक यह अमेरिका, ब्रिटेन और वेनेजुएला का संयुक्त ऑपरेशन था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इसकी पुष्टि की। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शनकारियों ने नीदरलैंड में शरणार्थी आश्रय केंद्र में आग लगाई नीदरलैंड के लूसड्रेख्ट शहर में एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शनकारियों ने एक अस्थायी शरणार्थी आश्रय केंद्र में आग लगा दी। घटना मंगलवार शाम की है। उसी दिन 15 शरणार्थियों का पहला समूह वहां पहुंचा था। डच मीडिया NOS के मुताबिक स्थानीय प्रशासन ने खाली पड़े टाउन हॉल को अस्थायी शरणार्थी केंद्र में बदलने का फैसला किया था। शरणार्थियों के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने इमारत पर पटाखे फेंकने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर सामान फेंका और दमकलकर्मियों को आग बुझाने से रोकने की कोशिश की। बाद में फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया। घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। लूसड्रेख्ट की आबादी करीब 8,600 है। यहां पिछले कई हफ्तों से शरणार्थियों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। विरोध के चलते प्रशासन को 110 शरणार्थियों को बसाने की योजना घटाकर 70 करनी पड़ी थी। पिछले महीने स्थानीय लोगों और कारोबारियों ने शेल्टर के विरोध में 3 हजार हस्ताक्षरों वाला एक याचिका पत्र प्रशासन को सौंपा था। हालांकि, अदालत ने खाली टाउन हॉल को शरणार्थी केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी थी। दक्षिणपंथी पार्टी डच अलायंस (DNA) के नेता गिडी मार्कुज़ोवर ने प्रदर्शन के दौरान कहा था कि शरणार्थियों को “अपने देश वापस जाना चाहिए।” वहीं, प्रो-इमिग्रेशन नेताओं ने हिंसा की आलोचना की है। नीदरलैंड के न्याय मंत्री डेविड वैन वील ने कहा कि कुछ बाहरी समूहों ने प्रदर्शन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काई हो सकती है।

‘वायनाड अगला अमेठी होगा’: वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा के बीच केरल में राहुल, प्रियंका के खिलाफ पोस्टर | भारत समाचार

US President Donald Trump waves prior boarding Air Force One at Joint Base Andrews, Maryland, on May 12, 2026 as he departs for a 3-day state visit to China. (Photo: AFP)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 10:03 IST पोस्टरों में वेणुगोपाल की भी आलोचना की गई, उन्हें “राहुल के थैले ढोने वाले से ज्यादा कुछ नहीं” कहा गया और सुझाव दिया गया कि अगर उन्हें पार्टी नेतृत्व का समर्थन मिलता है तो विरोध तेज हो जाएगा। केरल को अपने अगले मुख्यमंत्री का नाम बुधवार को पता चलने की संभावना है। केरल सीएम सस्पेंस: एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में उभरने की तीव्र अटकलों के बीच वायनाड में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधने वाले पोस्टर दिखाई दिए हैं। वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास लगाए गए पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि अगर कांग्रेस आलाकमान वेणुगोपाल का समर्थन करता है तो “वायनाड अगला अमेठी होगा”। कुछ संदेशों में सीधे तौर पर राहुल और प्रियंका पर भी निशाना साधा गया और कहा गया कि केरल उनके मूर्खतापूर्ण फैसलों को माफ नहीं करेगा। पोस्टरों में गांधी भाई-बहनों को “वायनाड को भूल जाने” की चेतावनी दी गई, जिसमें दावा किया गया कि वे इस निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नहीं जीतेंगे। पोस्टरों में वेणुगोपाल की भी आलोचना की गई, उन्हें राहुल के “बैग ढोने वाले से ज्यादा कुछ नहीं” कहा गया और सुझाव दिया गया कि अगर उन्हें पार्टी नेतृत्व का समर्थन मिलता है तो विरोध तेज हो जाएगा। यह पार्टी के एक वर्ग के भीतर बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी आलाकमान का परामर्श जारी है। वायनाड, केरल: यूडीएफ की चुनावी जीत के बाद केरल के अगले मुख्यमंत्री पर चल रहे सस्पेंस के बीच वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधने वाले पोस्टर दिखाई दिए हैं। pic.twitter.com/z62QGaq9Rb– आईएएनएस (@ians_india) 13 मई 2026 केरल में क्या हो रहा है? कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिससे एक दशक के बाद ऐतिहासिक वापसी हुई और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। हालाँकि, जीत ने जल्द ही अंदरूनी कलह को जन्म दे दिया, क्योंकि प्रमुख राजनेताओं के समर्थकों ने शीर्ष पद के लिए अपना जोर तेज कर दिया। केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे हैं, वे हैं वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। इस स्थिति में क्लासिक कांग्रेस सत्ता संघर्ष के सभी तत्व मौजूद हैं – संगठनात्मक प्रभुत्व बनाम विधायी नेतृत्व, पीढ़ीगत बदलाव बनाम अनुभव, और दिल्ली का प्रभाव बनाम राज्य इकाई की प्राथमिकता। इस बीच, तीखी खींचतान के बीच, राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के पूर्व अध्यक्षों से मुलाकात की ताकि उनके विचार जान सकें और लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को खत्म करने में मदद मिल सके। सूत्रों ने कहा कि मंगलवार को महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान पार्टी नेतृत्व द्वारा दिल्ली बुलाए गए केरल के नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की पसंद पर अपने विचार व्यक्त किए, वेणुगोपाल, सतीसन और चेन्निथला के नाम परामर्श में प्रमुखता से शामिल थे क्योंकि आलाकमान ने विचार-विमर्श जारी रखा। केपीसीसी के पूर्व प्रमुख के मुरलीधरन ने गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि पार्टी को बुधवार तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने की उम्मीद है। एक अन्य पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीएम सुधीरन ने कहा कि उन्होंने राहुल के साथ केरल की राजनीतिक स्थिति और राज्य में जनता के मूड पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय लेगा। कब होगा सीएम का ऐलान? केरल को अपने अगले मुख्यमंत्री का नाम बुधवार को पता चलने की संभावना है, ऐसे संकेत हैं कि कांग्रेस आलाकमान दोपहर से पहले इसकी घोषणा कर सकता है। पार्टी पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की और उनके विचार जानने के बाद भी अनिश्चितता जारी रहने के कारण पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व व्यापक विचार-विमर्श कर रहा है, जिसके बाद नेतृत्व ने पद के तीन मुख्य दावेदारों और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ के साथ चर्चा की। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : वायनाड, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘वायनाड अगला अमेठी होगा’: वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा के बीच केरल में राहुल, प्रियंका के खिलाफ पोस्टर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री(टी)केरल के सीएम सस्पेंस(टी)केसी वेणुगोपाल केरल(टी)राहुल गांधी वायनाड(टी)प्रियंका गांधी के पोस्टर(टी)कांग्रेस सत्ता संघर्ष(टी)यूडीएफ की जीत केरल(टी)वीडी सतीसन