Friday, 16 Oct 2026 | 02:49 AM

Trending :

पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक है। सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है। हरदीप पुरी ने दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पीएम की बचत की अपील का भी जिक्र किया। पुरी ने कहा कि पीएम ने दो दिन पहले जो बातें कहीं हैं। उसको लेकर अफरा-तफरी मचाना बेकार है। पीएम की बातों को ध्यान से सुनें। उसका मनगढ़ंत मतलब न निकालें। दरअसल पीएम मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। हरदीप पुरी बोले- तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हरदीप पुरी ने समिट में कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को बोझ आम जनता पर पड़ने नहीं दिया है। तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, तो भरपाई न हो पाने वाला घाटा 1,98,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। अगर आप तिमाही के आंकड़ों को देखें तो कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए का है। ऐसे में, आप इसे कब तक इसी तरह बनाए रख सकते हैं? तेल की कीमतें कहां पहुंच गई हैं? पहले यह लगभग $64 या $65 के आसपास हुआ करती थीं। अब यह बढ़कर $115 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। पुरी बोले- LPG उत्पादन 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया हरदीप पुरी ने कहा- दुनिया की कुल ऊर्जा का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। हमारे कच्चे तेल के आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा वहीं से आता था। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि हमारी LPG यानी वह सिलेंडर वाली गैस जिसे आप अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उसका लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता था। अब जब वह रास्ता बंद हुआ तो हमें इसके लिए इंतजाम करने थे। मैं इस बात से हैरान हूं कि हम क्या-कुछ कर पाए। इस संकट से पहले, हमारा घरेलू LPG उत्पादन रोजाना 35,000 या 36,000 मीट्रिक टन था। हमने अपने घरेलू उत्पादन को 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया। यह अपने आप में एक हैरान कर देने वाली उपलब्धि है। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले: MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। पूरी खबर पढ़ें…

पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक है। सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है। हरदीप पुरी ने दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पीएम की बचत की अपील का भी जिक्र किया। पुरी ने कहा कि पीएम ने दो दिन पहले जो बातें कहीं हैं। उसको लेकर अफरा-तफरी मचाना बेकार है। पीएम की बातों को ध्यान से सुनें। उसका मनगढ़ंत मतलब न निकालें। दरअसल पीएम मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। हरदीप पुरी बोले- तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हरदीप पुरी ने समिट में कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को बोझ आम जनता पर पड़ने नहीं दिया है। तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, तो घाटा 1,98,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। अगर आप तिमाही के आंकड़ों को देखें तो कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए का है। ऐसे में, आप इसे कब तक इसी तरह बनाए रख सकते हैं? तेल की कीमतें कहां पहुंच गई हैं? पहले यह लगभग $64 या $65 के आसपास हुआ करती थीं। अब यह बढ़कर $115 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। पुरी बोले- LPG उत्पादन 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया हरदीप पुरी ने कहा- दुनिया की कुल ऊर्जा का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। हमारे कच्चे तेल के आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा वहीं से आता था। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि हमारी LPG यानी वह सिलेंडर वाली गैस जिसे आप अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उसका लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता था। अब जब वह रास्ता बंद हुआ तो हमें इसके लिए इंतजाम करने थे। इस संकट से पहले, हमारा घरेलू LPG उत्पादन रोजाना 35,000 या 36,000 मीट्रिक टन था। हमने अपने घरेलू उत्पादन को 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया। यह अपने आप में एक हैरान कर देने वाली उपलब्धि है। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले: MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। उधर उत्तर प्रदेश में सांसद-विधायकों को एक दिन बस-मेट्रो से चलने का आदेश दिया गया। वहीं राज्य में जितनी भी बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हैं वहां हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र में मंत्री आशीष सेलार ने विदेश यात्रा टालने का ऐलान किया। उन्होंने सोमवार को कहा कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। 1. मध्य प्रदेश: VIP काफिलों पर ब्रेक, CM घटाएंगे गाड़ियां मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 2. उत्तर प्रदेश: सांसद-विधायक एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे; 2 दिन वर्क फ्रॉम होम देश में ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद यूपी में योगी सरकार ने मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% घटेगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलना होगा। सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप वर्चुअल होंगी। राज्य सचिवालय की भी 50% बैठकें वर्चुअल होंगी। सीएम ने कहा, जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। सीएम योगी ने लोगों से 10 अपील भी की है। उन्होंने कहा कि हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे मनाया जाए। पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाएं। सजावटी लाइटें कम जलाई जाएं। पूरी खबर पढ़ें… 3. दिल्ली: मंत्री आशीष सूद पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचे दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में INA से कड़कड़डूमा कोर्ट तक सफर कियाञ फिर मेट्रो स्टेशन से सूरजमल विहार में स्थित ‘CM श्री स्कूल’ तक जाने के लिए ई-रिक्शा लिया। वहां उन्होंने जोन 1 और 2 के स्कूलों के प्रमुखों के साथ एक सेशन में हिस्सा लिया। 4. महाराष्ट्र: मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे, विभाग के खर्च कम किए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने कहा वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। शेलार ने कहा- चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। दो दिन, दो जगह, पीएम ने अपील दोहराई 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें

पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। उधर उत्तर प्रदेश में सांसद-विधायकों को एक दिन बस-मेट्रो से चलने का आदेश दिया गया। वहीं राज्य में जितनी भी बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हैं वहां हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र में मंत्री आशीष सेलार ने विदेश यात्रा टालने का ऐलान किया। उन्होंने सोमवार को कहा कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। 1. मध्य प्रदेश: VIP काफिलों पर ब्रेक, CM घटाएंगे गाड़ियां मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 2. उत्तर प्रदेश: सांसद-विधायक एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे; 2 दिन वर्क फ्रॉम होम देश में ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद यूपी में योगी सरकार ने मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% घटेगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलना होगा। सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप वर्चुअल होंगी। राज्य सचिवालय की भी 50% बैठकें वर्चुअल होंगी। सीएम ने कहा, जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। सीएम योगी ने लोगों से 10 अपील भी की है। उन्होंने कहा कि हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे मनाया जाए। पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाएं। सजावटी लाइटें कम जलाई जाएं। पूरी खबर पढ़ें… 3. दिल्ली: मंत्री आशीष सूद पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचे दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में INA से कड़कड़डूमा कोर्ट तक सफर कियाञ फिर मेट्रो स्टेशन से सूरजमल विहार में स्थित ‘CM श्री स्कूल’ तक जाने के लिए ई-रिक्शा लिया। वहां उन्होंने जोन 1 और 2 के स्कूलों के प्रमुखों के साथ एक सेशन में हिस्सा लिया। 4. महाराष्ट्र: मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे, विभाग के खर्च कम किए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने कहा वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। शेलार ने कहा- चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। दो दिन, दो जगह, पीएम ने अपील दोहराई 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। वे इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकते। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है। राहुल मंगलवार शाम 7:15 बजे बैठक के लिए पहुंचे राहुल मंगलवार शाम 8:40 बजे मीटिंग से निकले राहुल का असहमति लेटर, 5 पॉइंट; कहा- आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। दो साल का ही कार्यकाल क्यों होता है 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल निर्धारित किया था। हालांकि परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। CBI डायरेक्टर का कार्यकाल सिर्फ दो साल का होता है। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद हिमाचल के हैं, 22 साल की उम्र में IPS बने प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे, जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ‌B Tech किया। 1986 में वे 22 साल की उम्र में IPS बने। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने IIM बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में MBA पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में SP रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसूरु में वे DCP भी रहे। सूद को 1996 में CM की ओर से गोल्ड मेडल मिल चुका है। इसके अलावा 2002 में पुलिस पदक और 2011 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस पदक दिया गया था। प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP भी रह चुके हैं। नए CBI डायरेक्टर की रेस में 3 नाम पराग जैन: मौजूदा वक्त में RAW चीफ शत्रुजीत कपूर: इस वक्त ITBP के डायरेक्टर जनरल हैं जीपी सिंह: CRPF के डायरेक्टर जनरल पद पर तैनात —————————– ये खबर भी पढ़ें… राहुल ने चीफ इन्फोर्मेशन कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए: पूछा- ST, OBC से कितने उम्मीदवार चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सिलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सिलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। मैं इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है। राहुल मंगलवार शाम 7:15 बजे बैठक के लिए पहुंचे राहुल मंगलवार शाम 8:40 बजे मीटिंग से निकले राहुल का असहमति लेटर, 5 पॉइंट; कहा- आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते हैं CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। दो साल का ही कार्यकाल क्यों होता है 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल तय किया था। हालांकि, परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद हिमाचल के हैं, 22 साल की उम्र में IPS बने प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे, जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ‌B Tech किया। 1986 में वे 22 साल की उम्र में IPS बने। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने IIM बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में MBA पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में SP रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसुरू में वे DCP भी रहे। सूद को 1996 में CM की ओर से गोल्ड मेडल मिल चुका है। इसके अलावा 2002 में पुलिस पदक और 2011 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस पदक दिया गया था। प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP भी रह चुके हैं। नए CBI डायरेक्टर की रेस में 3 नाम पराग जैन: मौजूदा वक्त में RAW चीफ शत्रुजीत कपूर: इस वक्त ITBP के डायरेक्टर जनरल हैं जीपी सिंह: CRPF के डायरेक्टर जनरल पद पर तैनात —————————– ये खबर भी पढ़ें… राहुल ने चीफ इन्फोर्मेशन कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए, पूछा- ST, OBC से कितने उम्मीदवार चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

सिंगर दिलजीत के मैनेजर के फॉर्म हाउस पर फायरिंग:पुलिस में मचा हड़कंप; एक घंटे की जांच के बाद सूचना निकली झूठी

सिंगर दिलजीत के मैनेजर के फॉर्म हाउस पर फायरिंग:पुलिस में मचा हड़कंप; एक घंटे की जांच के बाद सूचना निकली झूठी

करनाल जिले के निसिंग थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात 11 बजे सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरु प्रताप सिंह कांग के फॉर्म हाउस पर फायरिंग की अफवाह फैलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की कई गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंची, लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। करीब एक घंटे तक छानबीन के बाद पुलिस टीम लौट गई। गोंदर-डाचर रोड पर मिली सूचना मंगलवार रात पुलिस को सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैग के नाम से गोंदर-डाचर रोड पर स्थित गुरु प्रताप सिंह कांग के फॉर्म हाउस पर फायरिंग की पोस्ट मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया। सायरन बजाती पुलिस को देखकर इलाके में हलचल मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। मौके पर नहीं मिला कोई सबूत पुलिस जब फॉर्म हाउस पर पहुंची, तो वहां मौजूद लोग पुलिस को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि यहां किसी भी तरह की कोई फायरिंग नहीं हुई है और सभी लोग अपने-अपने घरों में सोए हुए थे। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की और आसपास का निरीक्षण किया, लेकिन फायरिंग से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं मिला। ये लिखा था पोस्ट में सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में लॉरेंस गैंग के नाम से दावा किया गया कि सिंगर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर फायरिंग की गई है। जिसमें जिम्मेवारी टायसन बिश्नोई, उसके भाई आरजू बिश्नोई और हरि बॉक्सर ने गोली चलवाई है। पोस्ट में यह भी लिखा कि सिंगर दिलजीत दोसांझ उनकी मैनेजर सोनाली और गुरप्रताप कांग को पहले ही संदेश दिया गया था। आसपास के गांवों में भी हलचल पुलिस के पहुंचने की खबर तेजी से फैल गई, जिसके बाद आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर जुटने लगे। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर इतनी पुलिस अचानक यहां क्यों पहुंची। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। पूर्व सरपंच जोगा सिंह ने किया खंडन पूर्व सरपंच जोगा सिंह ने भी फायरिंग की खबर को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि फॉर्म हाउस पर सभी लोग गेट बंद करके सो रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गेट खुलवाया और पूरी जांच की, लेकिन कोई भी संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। सोशल मीडिया पर फैली गैंग की चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा फैल गई कि फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। हालांकि इस तरह की किसी भी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसे अफवाह ही माना जा रहा है। निसिंग थाना के एसएचओ कृष्ण कुमार ने भी घर पर फायरिंग को लेकर इंकनार किया है।

हिमंत सरमा की ‘आप जानते हैं किसके लिए बुरे दिन’ पोस्ट को सुवेंदु अधिकारी से मिला रहस्यमय जवाब | भारत समाचार

IPL 2026 GT vs SRH Highlights

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 00:01 IST भाजपा नेताओं ने अपने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, हालांकि दोनों ने बार-बार बांग्लादेश से अवैध अप्रवास और असम, बंगाल में इसके जनसांख्यिकीय प्रभाव के बारे में बात की है। हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा असम में अपने शपथ ग्रहण समारोह से सुवेंदु अधिकारी के साथ तस्वीरें साझा करने के बाद यह आदान-प्रदान हुआ। (छवि: एक्स/@हिमांताबिस्वा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक गुप्त सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब दिया, जिससे ऑनलाइन राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। यह आदान-प्रदान तब शुरू हुआ जब सरमा ने असम के गुवाहाटी में अपने शपथ ग्रहण समारोह से अधिकारी के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं और एक्स पर लिखा: “…के लिए बुरे दिन (आप जानते हैं कौन)”। पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, अधिकारी ने लिखा: “अनुमान लगाने के लिए कोई पुरस्कार नहीं, मुझे लगता है”। किसी भी नेता ने स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया कि वे अपने पोस्ट में किसका जिक्र कर रहे थे। हालाँकि, दोनों भाजपा नेताओं ने बार-बार बांग्लादेश से अवैध आप्रवासन और असम और पश्चिम बंगाल में इसके कथित जनसांख्यिकीय प्रभाव के बारे में बात की है। राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद सरमा ने असम के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार दूसरी बार शपथ ली। व्यापक रूप से पूर्वोत्तर में भाजपा के उदय के वास्तुकार के रूप में देखे जाने वाले सरमा ने अपना अधिकांश राजनीतिक संदेश प्रवासन, भूमि अतिक्रमण और असमिया पहचान की राजनीति के आसपास बनाया है। असम चुनाव अभियान के दौरान, सरमा ने कहा था कि उनकी सरकार “घुसपैठियों की रीढ़ तोड़ देगी” और सत्ता में वापस आने पर तीव्र निष्कासन और अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने का वादा किया। हालाँकि, उनके आलोचकों ने उन पर विभाजनकारी पहचान की राजनीति और “बुलडोजर शासन” करने का आरोप लगाया है। इस बीच, अधिकारी ने हाल ही में विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने भी बार-बार आरोप लगाया है कि बांग्लादेश से घुसपैठ ने बंगाल के कुछ हिस्सों में जनसांख्यिकीय संतुलन को बदल दिया है और सीमावर्ती जिलों में हिंदू समुदायों को प्रभावित किया है। अधिकारी के मंत्रिमंडल द्वारा घोषित पहले प्रमुख निर्णयों में से एक राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा के बाड़ लगाने वाले खंडों के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि के हस्तांतरण में तेजी लाना था। बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सीमा पर अंतराल को पाटना और घुसपैठ और तस्करी पर अंकुश लगाना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया हिमंत सरमा के ‘बुरे दिन… आप जानते हैं कौन’ पोस्ट को सुवेंदु अधिकारी से मिला रहस्यमय जवाब अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हिमंत बिस्वा सरमा सुवेंदु अधिकारी सोशल मीडिया पंक्ति(टी)असम के मुख्यमंत्री(टी)पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री(टी)भाजपा पूर्वोत्तर राजनीति(टी)अवैध आप्रवासन बांग्लादेश(टी)असम पहचान की राजनीति(टी)भारत बांग्लादेश सीमा(टी)सीमा बाड़ बीएसएफ

Summer Tips: गर्मी में घर से निकलने से पहले पी लें ये देसी ड्रिंक, दिनभर रहेंगे कूल और एनर्जी से भरपूर, जानें बनाने का तरीका

ask search icon

Last Updated:May 12, 2026, 23:59 IST Sattu Sharbat: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और पेट से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप घर से निकलने से पहले एक खास देसी ड्रिंक पी लें, तो इन सभी दिक्कतों से काफी हद तक बच सकते हैं. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) गर्मी में सबसे फायदेमंद माना जाता है सत्तू का शरबत, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी देता है. यही कारण है कि निमाड़ सहित कई इलाकों में इसे गर्मी का ‘देसी टॉनिक’ कहा जाता है. इसमें ढेरों पोषक तत्व होते हैं. इसे गरीबों का प्रोटीन भी कहा जाता है. साथ ही ये फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन से भरपूर होता है जो गर्मी में पाचन को फिट रखने के लिए बेस्ट चीज है. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि सत्तू एक ऐसा पारंपरिक पेय है, जो न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि लू से बचाव में भी बेहद कारगर साबित होता है. सत्तू भुने हुए चने, जौ या मक्का को पीसकर बनाया जाता है. इसे पानी में घोलकर शरबत के रूप में पिया जाता है, जो गर्मी में शरीर को तुरंत राहत देता है. अगर बात करें इसे पीने के तरीके की, तो सत्तू को नमकीन और मीठे दोनों रूप में लिया जा सकता है. नमकीन शरबत बनाने के लिए सत्तू में ठंडा पानी, काला नमक, भुना जीरा और नींबू मिलाया जाता है. वहीं मीठा सत्तू बनाने के लिए इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पिया जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार सुबह घर से निकलने से पहले सत्तू पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google एक गिलास सत्तू का मीठा या नमकीन शरबत पी लेते हैं तो आपकी भूख मिट जाती है. आधा कप सत्तू लें. इसे एक बाउल या जग में डाल दें. इसमें एक गिलास पानी डालें. इसे आप अच्छी तरह से मिक्स कर लें ताकि गांठ न बन जाए. अब आप और आधा कप पानी डाल दें. आप गाढ़ा या पतला बनाकर पी सकते हैं. इसमें एक चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर डालेंगे. जीरा आप तवे पर रखकर भूनें और उसे पीस लें. इसमें आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, एक चौथाई चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सादा नमक, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें. इसे गिलास में डालकर सर्व करें. आप चाहें तो इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े भी डाल सकते हैं. डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, सत्तू के सेवन से कई फायदे मिलते हैं. यह शरीर को ठंडा रखता है और लू से बचाता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट तुरंत ऊर्जा देते हैं, जिससे थकान दूर होती है. सत्तू में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है. इसके अलावा कब्ज, गैस जैसी समस्याओं से राहत देता है. यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है. सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. गर्मी में यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. इसके अलावा दोपहर में या ज्यादा मेहनत करने के बाद इसे पीने से शरीर को तुरंत राहत और ऊर्जा मिलती है. सत्तू एक सस्ता, आसान और बेहद असरदार देसी सुपरफूड है, जो गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को फिट और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सत्तू को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

क्या गर्मी की वजह से ब्लड प्रेशर होने लगता है गड़बड़? किन लोगों को ज्यादा खतरा, कैसे करें बचाव

authorimg

Last Updated:May 12, 2026, 22:53 IST Summer Heat and Blood Pressure: गर्मी और डिहाइड्रेशन की वजह से ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है. खासकर बुजुर्गों, दिल के मरीजों और हाई BP के मरीजों को गर्मी में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. डॉक्टर के मुताबिक ज्यादा पसीना और शरीर में पानी की कमी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ा सकती है. हालांकि इस परेशानी को कंट्रोल किया जा सकता है. गर्मी में लो ब्लड प्रेशर की समस्या काफी बढ़ जाती है. BP Problems in Summer: ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए गर्मियों का मौसम काफी चैलेंजिंग होता है. गर्मी शरीर पर कई तरह से असर डाल सकती है. तेज धूप, ज्यादा पसीना और शरीर में पानी की कमी सिर्फ थकान ही नहीं बढ़ाते, बल्कि ब्लड प्रेशर पर भी असर डाल सकते हैं. कई लोगों को गर्मियों में चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या अचानक ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. डॉक्टर्स की मानें तो अत्यधिक गर्मी शरीर की ब्लड वेसल्स और पानी के संतुलन को प्रभावित कर सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर में बदलाव देखने को मिल सकता है. दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ब्लड वेसल्स को फैलाता है. इस प्रक्रिया को वेसोडाइलेशन कहा जाता है. इससे कई बार ब्लड प्रेशर सामान्य से कम हो सकता है. दूसरी ओर ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और चक्कर आने की परेशानी बढ़ सकती है. कुछ मामलों में डिहाइड्रेशन की वजह से दिल पर दबाव भी बढ़ सकता है. लो बीपी के मरीजों के लिए यह मौसम ज्यादा परेशानी भरा हो सकता है. डॉक्टर ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी गर्मियों में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है. जो लोग BP कंट्रोल करने की दवाएं लेते हैं, उनमें पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का खतरा बढ़ सकता है. कुछ दवाएं शरीर से पानी जल्दी बाहर निकालती हैं, जिससे गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो सकता है. बुजुर्गों, हार्ट पेशेंट्स, डायबिटीज के मरीजों और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को ज्यादा खतरा होता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कम हो सकती है. यही वजह है कि बुजुर्गों में हीट स्ट्रेस और ब्लड प्रेशर की गड़बड़ी का खतरा ज्यादा माना जाता है. एक्सपर्ट की मानें तो गर्मी में ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी माना जाता है. प्यास लगने का इंतजार न करें और दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें. नारियल पानी, छाछ और ORS जैसे पेय भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. दोपहर की तेज धूप में ज्यादा देर बाहर रहने से बचना चाहिए. हल्के और ढीले कपड़े पहनना, घर को ठंडा रखना और जरूरत पड़ने पर पंखे या AC का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है. अगर किसी व्यक्ति को अचानक चक्कर, धुंधला दिखाई देना, तेज सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी हो सकता है. गर्मियों में ब्लड प्रेशर की नियमित जांच भी जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें