एक महीने का सीजन, पूरे घर का खर्च! क्या है तेंदू फल की ताकत? ये देसी मॉडल समझिए

Last Updated:May 05, 2026, 20:59 IST चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र में गर्मी का मौसम आदिवासी परिवारों के लिए अवसर बनकर आता है. जंगलों में मिलने वाला तेंदू फल न सिर्फ उनके भोजन का हिस्सा है, बल्कि यही उनकी आमदनी का भी बड़ा सहारा बनता है. चित्रकूटः भीषण गर्मी के बीच जहां एक तरफ मैदानी इलाकों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के आदिवासी समाज के लिए यह मौसम आजीविका का अवसर भी लेकर आता है. जंगलों से घिरे इस इलाके में इन दिनों तेंदू फल की भरमार है, जिस पर यहां के आदिवासी परिवार पूरी तरह निर्भर रहते है.और उनको तोड़ने के लिए सुबह से निकल जाते है. बता दे कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पाठा क्षेत्र के जंगलों में तेंदू के पेड़ों पर फल पकने लगते हैं, यह फल न सिर्फ आदिवासी परिवारों के भोजन का हिस्सा बनता है, बल्कि उनकी आर्थिक जरूरतों को भी पूरा करता है. Add News18 as Preferred Source on Google यहां सुबह होते ही गांव के पुरुष, महिलाएं और बच्चे टोकरी और बोरियां लेकर जंगल की ओर सुबह 5 बजे से ही निकल पड़ते हैं,और आदिवासी परिवार जंगलों से तेंदू फल तोड़कर अपने घर लाते हैं. इसका एक हिस्सा घर में खाया जाता है, जबकि बचा हुआ फल स्थानीय बाजारों में बेच दिया जाता है.जिससे मिलने वाले पैसे से हम लोग अपने घर का राशन लाते है. वही पाठा क्षेत्र की रहने वाली आदिवासी महिला बूटी देवी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि तेंदू फल साल में केवल एक बार गर्मी के मौसम में ही आता है और इसका सीजन करीब एक महीने तक चलता है. इस दौरान जंगलों में यह फल काफी मात्रा में उपलब्ध रहता है. उन्होंने बताया कि यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है और गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि एक परिवार रोजाना 5 से 10 किलो तक तेंदू फल आसानी से इकट्ठा कर लेता है. बाजार में इसकी कीमत भी ठीक-ठाक मिल जाती है, स्थानीय बाजारों में यह फल करीब 10 रुपए में 5 के हिसाब से बिकता है, इससे मिलने वाली आमदनी से परिवार अपनी दैनिक जरूरतों का सामान खरीद लेता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा क्यों बढ़ जाता है? क्या यह जानलेवा कंडीशन, डॉक्टर से समझिए

Last Updated:May 05, 2026, 20:50 IST Food Poisoning Causes: गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है. फूड पॉइजनिंग दूषित या खराब खाने से होती है, जिसमें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज कराना जरूरी है, वरना यह जानलेवा हो सकता है. साफ-सफाई, ताजा खाना और सही स्टोरेज अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज न हो, तो कंडीशन गंभीर हो सकती है. Reasons Behind Food Poisoning: गर्मियों का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है. गर्मी में फूड पॉइजनिंग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है. फूड पॉइजनिंग खतरनाक कंडीशन है, जो हर उम्र के लोगों को शिकार बनाती है. यह समस्या तब होती है, जब हम बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या जहरीले पदार्थों से दूषित खाने या पानी का सेवन कर लेते हैं. गर्मियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि गर्म और नमी वाला मौसम सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल होता है. कई बार लोग बाहर का खाना खाते हैं या घर में रखा बासी खाना खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में तापमान ज्यादा होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं. यही सूक्ष्मजीव खाने को जल्दी खराब कर देते हैं. अगर खाना लंबे समय तक बाहर रखा रहे या ठीक से स्टोर न किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं. यही दूषित खाना शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. गर्मियों में लोग बाहर का खाना और ठंडी ड्रिंक्स ज्यादा लेते हैं, जो कई बार साफ-सफाई के मानकों पर खरे नहीं उतरते. गंदे पानी से बने जूस, कटे हुए फल या सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. यही वजह है कि इस मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. क्या होते हैं फूड पॉइजनिंग के लक्षण? डॉक्टर ने बताया फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे कंडीशन गंभीर हो सकती है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह समस्या जल्दी बिगड़ सकती है. ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग हल्की होती है और सही ट्रीटमेंट से ठीक हो जाती है. कुछ गंभीर मामलों में यह खतरनाक भी बन सकती है. खासकर जब शरीर में पानी की कमी बहुत ज्यादा हो जाए या संक्रमण फैल जाए, तब अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है. फूड पॉइजनिंग होने पर क्या करना चाहिए? डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है. ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और हल्का भोजन लेने से शरीर को राहत मिलती है. मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े. अगर उल्टी, दस्त या बुखार ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि सही समय पर इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर हो सकती है. फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिसे थोड़ी सी सावधानी से आसानी से रोका जा सकता है. साफ-सफाई और ताजा भोजन से इस बीमारी से बच सकते हैं. फूड पॉइजनिंग से कैसे करें बचाव? एक्सपर्ट का मानना है कि फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सही खान-पान की आदतें अपनाना. हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाना चाहिए. फलों और सब्जियों को अच्छे से धोना चाहिए और पीने के पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना चाहिए. बाहर का खाना खाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साफ-सुथरी जगह से हो और लंबे समय से खुला न रखा गया हो. अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट कराएं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
पुदीना पराठा रेसिपी: पेट की गर्मी को दूर करने के लिए पुदीने का पराठा, दही या चटनी के साथ बनाएं स्वाद; बच्चा भी करेगा सितारा

सामग्री: 2 कप आटे का आटा, ताज़ा पुदीना आटा, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा मसाला अदरक, ½ छोटा मसाला जीरा, स्वाद का नमक, ½ छोटा मसाला लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा मसाला आटा, 1 बड़ा मसाला तेल, पानी छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक स्वादिष्ट में आटा लें और इसमें पुदीना, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, नमक, लाल मिर्च और शामिल हैं। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी स्टैंसिल नर आटा गूंध लें। छवि: फ्रीपिक अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी स्टैंसिल नर आटा गूंध लें। टीवी को 10-15 मिनट के लिए पकड़ कर रख लें, ताकि यह अच्छी तरह से सेट हो जाए। अब टीवी की लोई ने उसे बेल लें। छवि: एआई तवे को गर्म करें और पराठा दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें। अगर आप चाहें तो घी या तेल लगाकर इसे और स्वादिष्ट बना सकते हैं। छवि: एआई गरमागरम पुदीना पराठा दही, आम का अचार या पुदीना-धनिया की रेसिपी के साथ बना सकते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सब इसे पसंद करेंगे। छवि: एआई पुदीना पराठा खाने के फायदे: पेट को ठंड लगती है और गैस-एसिडिटी से राहत मिलती है। पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। मुँह का विघटन दूर होता है। साथ ही, गर्मी में शरीर को स्टॉक में रखने में मदद मिलती है। छवि: एआई अगर बच्चे बना रहे हैं तो काली मिर्च कम और ज्यादा स्वाद के लिए थोड़ी सी कसूरी मेथी भी मिला सकते हैं. दही के साथ खाने से इसका स्वाद और लाभ दोनों बढ़ जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अगर आप भी रोज-रोज के सेट से बोर हो गए हैं, तो इस मसाले और टेस्टी पुदीना पराठे को जरूर ट्राई करें। यह आपके दिन की शुरुआत को ताजगी से भर देगा। छवि: फ्रीपिक
कैबिनेट बैठक में बोले मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्य के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बताई। उन्होंने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि इस जीत का लंबे समय से इंतजार था और यह केवल पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि जनता की जीत है। काफी समय से इसका इंतजार है प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रौद्योगिकी और उद्योगपतियों के प्रयासों को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और परिश्रम के बारे में बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और इस प्रतिष्ठा का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, मोदी ने अपने सहयोगियों को भी सत्य की याद दिलाते हुए बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि अब सभी को मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास, सुशासन और एक खजाने के लिए काम करना चाहिए, ताकि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके। बंगाल चुनाव की बड़ी उपलब्धि एक दिन पहले यानि सोमवार को बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद मोदी ने कहा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जीत के बाद पार्टी के कलाकारों ने कहा कि “आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है” और अब राज्य में बदलाव का समय है, बदलाव का नहीं। उन्होंने राजनीतिक शास्त्रा से अपील की कि वे हिंसा की राजनीति को खत्म करें, राज्य के भविष्य और विकास पर ध्यान दें। मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा, डर और जानमाल के नुकसान के लिए जा रहे थे, लेकिन इस बार शांतिपूर्ण मतदान हुआ और यह एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। प्रधानमंत्री ने अपने लगभग 50 मिनट के भाषण में यह भी कहा कि बंगाल अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां “भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में बदलाव की भावना नहीं, बल्कि विकास और सुशासन की भावना मिलनी चाहिए। इसके अलावा, मोदी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, कांग्रेस और अन्य शैले पर हॉलीवुड की ओर से कहा गया कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) का विरोध करने की वजह से उन्हें “कड़ी की सजा” मिली है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी भविष्य में भी महिलाओं के विनाश का सामना करना पड़ सकता है। ये भी पढ़ें: बोलीं सीएम पद से नहीं निकलीं तो संबित पात्रा ने टॉम की याद दिला दी क्या कहा?
कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा- पायलट ने लापरवाहीपूर्वक क्रूज चलाया, जिसके कारण हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने मंगलवार को कहा कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 तथा धारा 110 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग किसी अनहोनी की स्थिति में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। जान बचाने वालों की सराहना भी की अदालत ने कहा कि अब तक इस घटना को लेकर किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ FIR भी दर्ज नहीं की है। इसके साथ कोर्ट ने जबलपुर पुलिस को निर्देश दिए कि संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कर दो दिन के भीतर न्यायालय को सूचित किया जाए। कोर्ट ने क्रूज में सवार पर्यटकों की जान बचाने वाले लोगों की सराहना भी की। सबसे पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… 3 कर्मचारी बर्खास्त, एक सस्पेंड किया गया था मामले में क्रूज के को- पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेश ही हादसे के पहले क्रूज चला रहे थे। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। को-पायलट बोला- क्रूज का एक इंजन स्लो था को-पायलट महेश पटेल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि 3 साल पहले क्रूज का मेंटेनेंस हुआ था, लेकिन इसका एक इंजन स्लो था। हादसे के पहले इसने काम करना बंद कर दिया था। पटेल ने ये भी कहा था कि हमें ऊपर से किसी भी तरह का कोई निर्देश नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या यलो अलर्ट जारी है। इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए जाते तो हम कभी भी क्रूज को पानी में नहीं उतारते। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… क्रूज हादसे की पीड़िता बोलीं- दवा नहीं, पहले बिल थमाया मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे की चश्मदीद और पीड़िता वाराणसी की सविता वर्मा ने हादसे के बाद के हालात और सिस्टम की संवेदनहीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हम मौत को छूकर वापस आए थे, लेकिन अस्पताल में हमारी हालत से ज्यादा बिल की चिंता दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…
फिल्म प्रोड्यूसर आरबी चौधरी की सड़क हादसे में मौत:ब्यावर-पिंडवाड़ा रोड पर टकराई कार, बेटा जीवा भी साउथ का मशहूर एक्टर

ब्यावर जिले में सड़क हादसे में साउथ फिल्मों के प्रोड्यूसर आर. के. चौधरी (76) की मौत हो गई। हाईवे पर गाय को बचाने के चक्कर में स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर झूठा गांव चौराहे के पास हुआ। गंभीर घायल ड्राइवर को जोधपुर रेफर किया गया है। चौधरी रायपुर के लीलाम्बा गांव स्थित पिपलिया बेरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव सोजत रोड लौट रहे थे। रायपुर थाने के एएसआई मनोहर लाल खोजा ने बताया-आर.बी. चौधरी रायपुर के लीलाम्बा गांव स्थित पिपलिया बेरा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव सोजत रोड लौट रहे थे। इसी दौरान ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर झूठा गांव के पास अचानक सड़क पर गाय आ जाने से उनकी स्कॉर्पियो का संतुलन बिगड़ गया। गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने सेफ्टी डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना गंभीर था कि आर.बी. चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर एनएचएआई (NHAI) की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें रायपुर के उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाएंगे शव घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंचे। आर.बी. चौधरी के रिश्तेदार वीरेंद्र चौधरी ने बताया- पोस्टमॉर्टम के बाद शव को जयपुर ले जाया जाएगा। वहां से एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में 98 फिल्में बनाई पाली जिले के सोजत रोड के रिसानिया गांव निवासी आर.बी. चौधरी दक्षिण भारतीय फिल्म प्रोड्यूसर होने के साथ ही तमिलनाडु सीरवी महासभा के अध्यक्ष थे। उन्होंने साउथ के कई बड़े अभिनेताओं के साथ फिल्म बनाई थी। उन्होंने ‘सुपर गुड फिल्म्स’ के बैनर तले तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में 98 फिल्में बना चुके थे। 99वीं फिल्म बनकर तैयार है, रिलीज होनी थी। 100 फिल्म रिलीज करने का टारगेट था। उनकी प्रमुख फिल्मों में नट्टमई (1994), सूर्यावंशम (1997), थुल्लाधा मनमम थुल्लुम (1999), आनंदम (2001) और जिला (2014) हैं।
टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी | तमिलनाडु पावर गेम में विजय को बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)एडीएमके(टी)कांग्रेस(टी)चुनाव परिणाम(टी)चुनाव परिणाम भारत(टी)गवर्नर(टी)भारत वोट(टी)पीएमके(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)विजय
असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…
असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…
द न्यूमैट्रिक्स: सुपरहिट डेब्यू के बाद, क्या विजय की टीवीके सरकार बनाने के लिए आंकड़े जुटा सकती है?

एक ऐतिहासिक बदलाव में, टीवीके ने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को बाधित कर दिया है, शहरी मतदाताओं से अपील करके और सत्ता विरोधी भावनाओं को मजबूत करके 108 सीटों पर कब्जा कर लिया है। यह पारंपरिक DMK-ADMK एकाधिकार से एक महत्वपूर्ण विराम का प्रतीक है, जो राज्य की राजनीति में एक नए युग का संकेत देता है। मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube







