Saturday, 20 Jun 2026 | 01:21 PM

Trending :

EXCLUSIVE

गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा क्यों बढ़ जाता है? क्या यह जानलेवा कंडीशन, डॉक्टर से समझिए

authorimg

Last Updated:

Food Poisoning Causes: गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है. फूड पॉइजनिंग दूषित या खराब खाने से होती है, जिसमें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज कराना जरूरी है, वरना यह जानलेवा हो सकता है. साफ-सफाई, ताजा खाना और सही स्टोरेज अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है.

Zoom

फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज न हो, तो कंडीशन गंभीर हो सकती है.

Reasons Behind Food Poisoning: गर्मियों का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है. गर्मी में फूड पॉइजनिंग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है. फूड पॉइजनिंग खतरनाक कंडीशन है, जो हर उम्र के लोगों को शिकार बनाती है. यह समस्या तब होती है, जब हम बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या जहरीले पदार्थों से दूषित खाने या पानी का सेवन कर लेते हैं. गर्मियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि गर्म और नमी वाला मौसम सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल होता है. कई बार लोग बाहर का खाना खाते हैं या घर में रखा बासी खाना खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में तापमान ज्यादा होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं. यही सूक्ष्मजीव खाने को जल्दी खराब कर देते हैं. अगर खाना लंबे समय तक बाहर रखा रहे या ठीक से स्टोर न किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं. यही दूषित खाना शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. गर्मियों में लोग बाहर का खाना और ठंडी ड्रिंक्स ज्यादा लेते हैं, जो कई बार साफ-सफाई के मानकों पर खरे नहीं उतरते. गंदे पानी से बने जूस, कटे हुए फल या सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. यही वजह है कि इस मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं.

क्या होते हैं फूड पॉइजनिंग के लक्षण?

डॉक्टर ने बताया फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे कंडीशन गंभीर हो सकती है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह समस्या जल्दी बिगड़ सकती है. ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग हल्की होती है और सही ट्रीटमेंट से ठीक हो जाती है. कुछ गंभीर मामलों में यह खतरनाक भी बन सकती है. खासकर जब शरीर में पानी की कमी बहुत ज्यादा हो जाए या संक्रमण फैल जाए, तब अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है.

फूड पॉइजनिंग होने पर क्या करना चाहिए?

डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है. ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और हल्का भोजन लेने से शरीर को राहत मिलती है. मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े. अगर उल्टी, दस्त या बुखार ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि सही समय पर इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर हो सकती है. फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिसे थोड़ी सी सावधानी से आसानी से रोका जा सकता है. साफ-सफाई और ताजा भोजन से इस बीमारी से बच सकते हैं.

फूड पॉइजनिंग से कैसे करें बचाव?

एक्सपर्ट का मानना है कि फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सही खान-पान की आदतें अपनाना. हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाना चाहिए. फलों और सब्जियों को अच्छे से धोना चाहिए और पीने के पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना चाहिए. बाहर का खाना खाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साफ-सुथरी जगह से हो और लंबे समय से खुला न रखा गया हो. अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट कराएं.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
किम जोंग बोले- परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था:ईरान पर हमले ने हमें सच साबित किया, ताकत से ही सुरक्षा मिलती है

March 24, 2026/
12:41 pm

नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश के पास परमाणु हथियार होने को लेकर खुशी जताई है। सरकारी...

300 ट्रैक्टरों के साथ सतना कलेक्ट्रेट घेरेंगे किसान:डालमिया सीमेंट को 3600 एकड़ जमीन देने का विरोध; 10 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

March 6, 2026/
10:14 pm

सतना और मैहर जिले के किसान अपनी उपजाऊ भूमि को निजी सीमेंट कंपनी ‘डालमिया इंडिया’ को सौंपे जाने के विरोध...

देश में हुए एक साथ चुनाव तो बचेंगे 7 लाख करोड़ रुपये...संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष ने कहा

May 20, 2026/
9:06 am

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने मंगलवार (19...

प्रियंक कानूनगो बोले-वेटिंग टिकट रिफंड में कटौती रेलवे नहीं करता:NHRC सदस्य ने कहा- यह पैसे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को मिलते हैं

April 27, 2026/
7:54 pm

रेलवे यात्रा से जुड़े मानवाधिकार, सुविधाओं और शिकायतों को लेकर सोमवार को आयोजित जागरूकता संवाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)...

Govt Must Initiate, Gather Resources for Rajasthan Regional Center

June 8, 2026/
11:40 am

जयपुर3 घंटे पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी ने राजस्थान में एनएसडी का क्षेत्रीय केंद्र...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा क्यों बढ़ जाता है? क्या यह जानलेवा कंडीशन, डॉक्टर से समझिए

authorimg

Last Updated:

Food Poisoning Causes: गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है. फूड पॉइजनिंग दूषित या खराब खाने से होती है, जिसमें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज कराना जरूरी है, वरना यह जानलेवा हो सकता है. साफ-सफाई, ताजा खाना और सही स्टोरेज अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है.

Zoom

फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज न हो, तो कंडीशन गंभीर हो सकती है.

Reasons Behind Food Poisoning: गर्मियों का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है. गर्मी में फूड पॉइजनिंग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है. फूड पॉइजनिंग खतरनाक कंडीशन है, जो हर उम्र के लोगों को शिकार बनाती है. यह समस्या तब होती है, जब हम बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या जहरीले पदार्थों से दूषित खाने या पानी का सेवन कर लेते हैं. गर्मियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि गर्म और नमी वाला मौसम सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल होता है. कई बार लोग बाहर का खाना खाते हैं या घर में रखा बासी खाना खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में तापमान ज्यादा होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं. यही सूक्ष्मजीव खाने को जल्दी खराब कर देते हैं. अगर खाना लंबे समय तक बाहर रखा रहे या ठीक से स्टोर न किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं. यही दूषित खाना शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. गर्मियों में लोग बाहर का खाना और ठंडी ड्रिंक्स ज्यादा लेते हैं, जो कई बार साफ-सफाई के मानकों पर खरे नहीं उतरते. गंदे पानी से बने जूस, कटे हुए फल या सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. यही वजह है कि इस मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं.

क्या होते हैं फूड पॉइजनिंग के लक्षण?

डॉक्टर ने बताया फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे कंडीशन गंभीर हो सकती है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह समस्या जल्दी बिगड़ सकती है. ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग हल्की होती है और सही ट्रीटमेंट से ठीक हो जाती है. कुछ गंभीर मामलों में यह खतरनाक भी बन सकती है. खासकर जब शरीर में पानी की कमी बहुत ज्यादा हो जाए या संक्रमण फैल जाए, तब अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है.

फूड पॉइजनिंग होने पर क्या करना चाहिए?

डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है. ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और हल्का भोजन लेने से शरीर को राहत मिलती है. मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े. अगर उल्टी, दस्त या बुखार ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि सही समय पर इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर हो सकती है. फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिसे थोड़ी सी सावधानी से आसानी से रोका जा सकता है. साफ-सफाई और ताजा भोजन से इस बीमारी से बच सकते हैं.

फूड पॉइजनिंग से कैसे करें बचाव?

एक्सपर्ट का मानना है कि फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सही खान-पान की आदतें अपनाना. हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाना चाहिए. फलों और सब्जियों को अच्छे से धोना चाहिए और पीने के पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना चाहिए. बाहर का खाना खाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साफ-सुथरी जगह से हो और लंबे समय से खुला न रखा गया हो. अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट कराएं.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.