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‘टुकड़े-टुकड़े गठबंधन को अलविदा’: राघव चड्ढा के पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी का विपक्ष पर तंज | भारत समाचार

CBSE 12th results 2026 expected to be out anytime soon on cbse.gov.in. (Representative/File)

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 14:38 IST बीजेपी ने राघव चड्ढा और छह पूर्व AAP सांसदों को शामिल किया, जिससे राज्यसभा में उसकी ताकत बढ़ गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (दाएं) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में राघव चड्ढा से मुलाकात की। (पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकास को चिह्नित करते हुए राघव चड्ढा और छह अन्य पूर्व AAP सांसदों का अपने पाले में स्वागत किया है। पार्टी ने कहा कि यह कदम ”टुकड़े-टुकड़े इंडी गठबंधन को अलविदा” का संकेत है। भाजपा नेतृत्व ने इस घटनाक्रम को जश्न का क्षण बताया, क्योंकि राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या सात बढ़ गई है। पार्टी के अनुसार, अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने चड्ढा और छह सांसदों के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जिससे भाजपा संसदीय दल में उनके प्रवेश को औपचारिक रूप मिल गया है। बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना अपने संदेश में, रिजिजू ने विपक्षी गठबंधन पर भी कटाक्ष किया और इसे “टुकड़े-टुकड़े भारत गठबंधन” कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नए लोगों का स्वागत किया और उनके प्रवेश को व्यापक राष्ट्र-निर्माण प्रयास का हिस्सा बताया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की आलोचना जारी रखी। रिजिजू ने दावा किया कि सार्वजनिक मतभेदों के बावजूद, ये दल संसद के अंदर एक साथ काम करते हैं। संसदीय कार्यवाही का जिक्र करते हुए रिजिजू ने आरोप लगाया कि महिला कोटा विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस, तृणमूल और आप ने एकजुट होकर काम किया। उन्होंने उनकी एकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे संसद के भीतर “सबसे अच्छे दोस्त” प्रतीत होते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि INDI गठबंधन शुरू से ही त्रुटिपूर्ण था, इसे “धोखाधड़ी” कहा। राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ी इस बदलाव के साथ, चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी के साथ, अब आधिकारिक तौर पर उच्च सदन में भाजपा का हिस्सा हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ऑनलाइन पोस्ट में विकास की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सात सांसदों को शामिल करने से पार्टी की उपस्थिति मजबूत होती है और उनके आचरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इन सांसदों पर लंबे समय तक नजर रखी और कहा कि उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है या अनुशासनहीनता या असंसदीय व्यवहार में शामिल नहीं हुए हैं। AAP ने इस कदम को “विश्वासघात” बताया यह घटनाक्रम सांसदों के आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है, जिससे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आप ने पहले कहा था कि वह उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेगी। पार्टी ने तर्क दिया कि चड्ढा को AAP के भीतर आवश्यक दो-तिहाई ताकत का समर्थन नहीं था, और उनके फैसले को “विश्वासघात” बताया। राज्य स्तर पर, विशेष रूप से चल रहे पश्चिम बंगाल चुनावों में, कांग्रेस, तृणमूल और आप औपचारिक रूप से गठबंधन में नहीं हैं। हालाँकि, वे विशिष्ट विषयों के आधार पर संसद में कुछ मुद्दों पर समन्वय करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर, 2024 में उभरा विपक्षी गुट विभाजित है, इसकी नेतृत्व संरचना अभी भी खंडित है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 27 अप्रैल, 2026, 14:38 IST न्यूज़ इंडिया ‘टुकड़े-टुकड़े गठबंधन को अलविदा’: राघव चड्ढा के पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी का विपक्ष पर तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा(टी)राघव चड्ढा समाचार(टी)बीजेपी राघव चड्ढा(टी)राघव चड्ढा बीजेपी(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)बीजेपी राज्यसभा ताकत(टी)पूर्व आप सांसद(टी)टुकड़े-टुकड़े इंडी गठबंधन(टी)किरेन रिजिजू बयान(टी)आप विश्वासघात का दावा(टी)विपक्षी गठबंधन भारत(टी)एनडीए संसदीय ताकत

शाजापुर के गिरवर रोड पर पेड़ में आग:धुएं से अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

शाजापुर के गिरवर रोड पर पेड़ में आग:धुएं से अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को दोपहर के समय गिरवर रोड पर नहर के पास स्थित एक खेत में खड़े पेड़ में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद करीब 500 मीटर तक धुआं फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पेड़ में आग लगी देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन अचानक उठे धुएं के गुबार से लोग घबरा गए थे। कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग:निवाड़ी-ओरछा में पीएम-सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग:निवाड़ी-ओरछा में पीएम-सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

निवाड़ी जिले में देशी गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम निवाड़ी और ओरछा के तहसीलदारों को ज्ञापन देकर गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की गई है। निवाड़ी और ओरछा तहसील कार्यालयों में दिए गए। ज्ञापन में मध्य प्रदेश में संपूर्ण देशी गोवंश की विधिवत सेवा, पूर्ण सुरक्षा और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग उठाई गई। इसमें केंद्र सरकार से गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान देने के लिए अनुशंसा भेजने का भी आग्रह किया गया है। गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्य प्रदेश हमेशा से गो-पालन, जीव-दया और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। बाबा महाकाल की पवित्र भूमि ने सदियों से गो-सेवा और गो-रक्षा की परंपरा को आगे बढ़ाया है। इसलिए, प्रदेश में गोवंश संरक्षण को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। ज्ञापन सौंपने वालों ने राज्य में गो-आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, गो-संवर्धन को बढ़ावा देने और देशी गोवंश की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे न केवल सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। गोवंश संरक्षण और गो-आधारित अर्थव्यवस्था को लेकर उठी यह मांग अब शासन-प्रशासन के स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

RML Hospital news| Delhi news| RML अस्पताल में 32 साल की मरीज ने खुद को लगाई आग, गार्ड ने बचाई जान

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होमताजा खबरDelhi RML अस्पताल में 32 साल की मरीज ने खुद को लगाई आग, गार्ड ने बचाई जान Last Updated:April 27, 2026, 13:52 IST आरएमएल अस्पताल के जन औषधि केंद्र में 32 वर्षीय भर्ती महिला ने खुद को आग लगा ली. हालांक‍ि सिक्योरिटी गार्ड अजय ने समय रहते मह‍िला को देख ल‍िया और आग बुझाकर उसकी जान बचा ली. फ‍िलहाल पुल‍िस इस मामले की जांच कर रही है. डॉक्‍टर राम मनोहर लोह‍िया अस्‍पताल में एक महि‍ला मरीज ने खुद को आग लगाई. RML Hospital news: दिल्ली के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. अस्पताल के जन औषधि केंद्र में अचानक पहुंची एक 32 वर्षीय महिला मरीज ने खुद को आग लगाने की कोशिश की. 26 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजकर 40 मिनट पर यह घटना घटी, जिसमें महिला ने अपने गाउन में लाइटर से आग लगा ली. हालांकि आत्मदाह करती महिला मरीज पर अचानक सिक्योरिटी गार्ड अजय की नजर पड़ गई और अजय सतर्कता दिखाते हुए बेहद तेज कदमों से महिला की तरफ दौड़े और उसकी आग को बुझाया. गार्ड की इस सतर्कता की वजह से महिला गंभीर रूप से जलने से बच गई और उसकी जान बच गई. आरएमएल की मीडिया इंचार्ज प्रोफेसर वैशाली भारद्वाज की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि घटना के तुरंत बाद महिला के पति और अस्पताल के न्यू बिल्डिंग के सुपरवाइजर को सूचित किया गया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह महिला अस्पताल के वार्ड नंबर 5 में पहले से भर्ती थी और उसका इलाज चल रहा था. घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि जब महिला जन औषधि केंद्र में आई तो वह काफी परेशान नजर आ रही थीं. तभी उसने लाइटर से अपने गाउन में आग लगाने की कोशिश की, जिसे गार्ड अजय ने देख लिया और तुरंत पानी या उपलब्ध साधनों से आग बुझाकर महिला को बचाया. इस घटना से आसपास हड़कंप मच गया, लेकिन गार्ड की सजगता ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस मामले की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गर्द थी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आगे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब महिला की मानसिक स्थिति, परिवार से उसके संबंधों और आत्मदाह का कारण जानने की कोशिश कर रही है. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि महिला पहले से वार्ड नंबर 5 में भर्ती हैं और उनके इलाज की प्रक्रिया जारी है. घटना के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टर उसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता भी प्रदान कर रहे हैं. पुलिस इस मामले में महिला के पति और अन्य परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि सही कारण सामने आ सके. फिलहाल महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 27, 2026, 13:52 IST

प्रतियोगिता: जिंदगी बदलने के लिए एक दिन काफी होता है:आमिर खान से मिलने का मौका, मिस्ड कॉल देकर या QR कोड स्कैन कर भेजें अपनी कहानी

प्रतियोगिता: जिंदगी बदलने के लिए एक दिन काफी होता है:आमिर खान से मिलने का मौका, मिस्ड कॉल देकर या QR कोड स्कैन कर भेजें अपनी कहानी

हर जिंदगी में एक ऐसा दिन आता है, जो सब कुछ बदल देता है। कभी वो हमें नई दिशा देता है, तो कभी हमें खुद से मिलवात है। अगर आपकी जिंदगी में भी आया है कोई ऐसा ‘एक दिन’ जिसने सब कुछ बदल दिया, तो हमारे साथ आपकी जिंदगी का वो ‘एक दिन’, वो ‘एक कहानी’ शेयर करें। चुने गए 3 कपल्स को मिलेगा, आमिर खान के साथ-साथ फिल्म EK DIN की स्टार कास्ट से मिलने का खास मौका। कहानी भेजने की अंतिम तारीख- 30 अप्रैल 2026 अपनी कहानी हमें भेजने के लिए इस नंबर पर मिस्ड कॉल दें 91900-00097 या नीचे फोटो में दिया गया QR कोड स्कैन करें। कहानी भेजने के लिए इस लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं- LINK

लाल और काली मिर्च में अंतर, सेहत और स्वाद के लिये कौन है ज्यादा बेहतर? जानिये

LIVE: हिंदी बोलने वाले मुंबई मैं ऑटो टैक्सी चला पाएंगे या नहीं, फैसला थोड़ी दे

भारतीय रसोई में मसालों का बहुत खास महत्व है और लाल मिर्च व काली मिर्च दोनों ही स्वाद बढ़ाने के साथ‑साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती हैं. हालांकि, स्वाद, तीखापन और स्वास्थ्य लाभ के मामले में दोनों में काफी अंतर होता है. आइए विस्तार से समझते हैं कि लाल मिर्च और काली मिर्च में क्या फर्क है और कौन‑सी मिर्च किसके लिए बेहतर है. लाल मिर्च (Red Chilli)लाल मिर्च आमतौर पर सूखी हरी मिर्च से बनाई जाती है और यह खाने को रंग व तेज स्वाद देती है. गुण और फायदेइसमें कैप्साइसिन नामक तत्व होता है, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करता है.शरीर में गर्मी पैदा करती है, इसलिए सर्दी‑खांसी में फायदेमंद मानी जाती है.विटामिन A और C से भरपूर होती है, जो इम्यूनिटी मजबूत करती है.यह खाना जल्दी पचाने में मदद करती है, अगर इसे सीमित मात्रा में खाया जाए. नुकसानज्यादा सेवन से एसिडिटी, जलन और पेट की समस्याएं हो सकती हैं.गर्म तासीर होने के कारण गर्मी में या पेट की परेशानी वालों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. काली मिर्च (Black Pepper)काली मिर्च को “मसालों का राजा” भी कहा जाता है. इसका स्वाद तीखा जरूर होता है, लेकिन लाल मिर्च की तरह जलन पैदा नहीं करता. गुण और फायदेइसमें पाइपरीन पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है.गैस, अपच और कब्ज की समस्या में राहत देता है.सर्दी‑जुकाम, खांसी और गले की खराश में बहुत असरदार होती है.यह पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाती है, जिससे शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है.गर्मी में भी सीमित मात्रा में सुरक्षित मानी जाती है. नुकसानबहुत ज्यादा मात्रा में लेने से मुंह या गले में जलन हो सकती है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट कम ही होते हैं. कौन‑सी मिर्च ज्यादा बेहतर?अगर आपको तीखा स्वाद और रंग चाहिए, तो लाल मिर्च बेहतर है.अगर आप सेहत, पाचन और इम्यूनिटी को प्राथमिकता देते हैं, तो काली मिर्च ज्यादा फायदेमंद है.पेट की समस्या, एसिडिटी या गर्मी में रहने वालों के लिए काली मिर्च अधिक सुरक्षित विकल्प है. लाल और काली मिर्च दोनों के अपने‑अपने फायदे हैं. जरूरत और सेहत के अनुसार इनका संतुलित इस्तेमाल ही सबसे बेहतर माना जाता है. बहुत अधिक किसी भी मिर्च का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है.

साउथ एक्ट्रेस पर लगे धोखाधड़ी के आरोप:दावा- NRI से शादी के नाम पर ठगे 9.35 करोड़, कहा- गलत खबर फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे

साउथ एक्ट्रेस पर लगे धोखाधड़ी के आरोप:दावा- NRI से शादी के नाम पर ठगे 9.35 करोड़, कहा- गलत खबर फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे

साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस और बिग बॉस तेलुगु की कंटेस्टेंट रह चुकीं आशु रेड्डी के खिलाफ हाल ही में हैदराबाद में धोखाधड़ी के आरोप में शिकायत दर्ज हुई है। आरोप हैं कि एक्ट्रेस ने एक एनआरआई से 9.35 करोड़ की ठगी की है। चर्चा में आने के बाद अब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर रहा है कि वो अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एक्शन लेंगीं। आशु रेड्डी ने हाल ही में आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “मेरी अनुमति के बिना जो भी खबर या गलत जानकारी फैल रही है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सम्मान रखें।” क्या है पूरा मामला? हाल ही में धर्मेंद्र नाम के एनआरआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हैदराबाद में एक्ट्रेस समेत 3 के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार, धर्मेंद्र नाम के सॉफ्टवेयर इंजीनयिर एनआरआई साल 2018 में अपने परिवार से मिलने हैदराबाद आए थे। यहां एक कॉमन दोस्त ने उनकी मुलाकात एक्ट्रेस आशु रेड्डी से करवाई। आशु ने बताया था कि वो अमेरिका में पढ़ाई कर रही हैं। जल्द ही दोनों की दोस्ती हो गई, जबकि धर्मेंद्र तलाकशुदा थे। दोनों की बात शादी तक पहुंच गई। आशु ने उनसे शादी का वादा किया और कहा कि उन्हें तलाकशुदा होने से कोई दिक्कत नहीं है। कुछ समय बाद आशु ने एजुकेशन लोन चुकाने के नाम पर धर्मेंद्र से पैसे लिए और फिर फ्लैट, गोल्ड और कार समेत कई महंगीं चीजें खरीदने के लिए पैसे लिए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में एक पुलिसकर्मी के हवाले से लिखा गया है, एक्ट्रेस ने धर्मेंद्र से सालों तक पैसे लिए, लेकिन फिर 2020 में शादी की बात पर कुछ समय तक रुकने के लिए कहा। 2020 में दोनों परिवारों को शादी के लिए मुलाकात करनी थी, लेकिन तब एक्ट्रेस ने शादी से इनकार कर दिया। जब धर्मेंद्र ने शादी टूटने पर पैसे वापस मांगे, तो एक्ट्रेस ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, एक्ट्रेस ने 70 लाख लौटाने का वादा किया था, लेकिन वो भी नहीं लौटाए। बाद में एक्ट्रेस के परिवार ने दावा किया कि एक्ट्रेस डिप्रेशन में हैं और धर्मेंद्र से ही शादी करना चाहती हैं। शिकायतकर्ता ने रिश्ते को एक और मौका दिया, लेिकन फिर जुलाई 2025 में दोबारा शादी के वादे से मुकर गईं। शिकायत में ये भी दावा किया गया है कि जिस समय 2025 में एक्ट्रेस ने शादी का झांसा दिया था, तब भी वो किसी और के साथ रिलेशनशिप में थीं और उससे भी पैसे ले रही थीं। बता दें कि आशु रेड्डी, बिग बॉस तेलुगु 3 का हिस्सा रह चुकी हैं, जिससे उन्हें काफी पॉपुलैरिटी मिली थी। इसके अलावा वो साउथ की चल मोहन रंगा (2018), फोकस (2022) जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं।

दही-खीरा फेस पैक: सनबर्न और टैनिंग से मिलेगी राहत? घर पर इस तरह का दही-खिरे का स्टॉकिंग फेसबुक पैक

दही-खीरा फेस पैक

27 अप्रैल 2026 को 13:35 IST पर अद्यतन किया गया दही-खीरा फेस पैक: तापती गर्मी में सनबर्न और टैनिंग से हो गए हैं परेशान? आइए हम आपको बताते हैं कि आप अपने चेहरे को सीरम कैसे रख सकते हैं। अनुसरण करना : दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को गहराई से साफ करता है और डेड सेल्स को नशे की चमक प्रदान करता है। छवि: फ्रीपिक खेड़ा एक प्राकृतिक शीतलन एजेंट है जो सनबर्न की जलन को शांत करता है और त्वचा को ऊर्जा प्रदान करता है। छवि: फ्रीपिक कद्दूकस किया हुआ या इसका पल्प, 2 मोरिया, हनी लें। छवि: फ्रीपिक फलों को अच्छी तरह से ढोकर केकड़े सहित कद्दूकस कर लें। आप इसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट भी बना सकते हैं। खीरे का रस त्वचा की सूजन कम करने में सहायक है। छवि: फ्रीपिक एक कटोरी में कद्दू बनाया हुआ खेडा लें और इसमें 2 बड़े दही के चिप्स शामिल हैं। इसे तब तक संयोजित करें जब तक कि दोनों अच्छी तरह मिल न जाएं। यह मिश्रण ठंडा और ताज़ा होना चाहिए। छवि: फ्रीपिक अपने चेहरे को ठंडे पानी से धोकर साफ कर लें। पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर पतले हाथों से एक जैसे रूप से फैलाया गया। इसे 15 से 20 मिनट तक इन्वेंटरी डेस्टिनेशन तक। नॉर्म पानी से चेहरा और थपथपाकर सुखाएं। छवि: फ्रीपिक धूप से हुई रेडनेस को कम करती है। स्किन टोन को सही तरीके से तैयार किया गया है। पोर्स को गहराई से स्टॉक किया गया है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : आर्या पांडे प्रकाशित 27 अप्रैल 2026, 13:35 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)दही खीरा फेस पैक के फायदे(टी)गर्मियों के लिए हाइड्रेटिंग फेस पैक(टी)दही खीरा फेस पैक(टी)सनबर्न के लिए फेस पैक(टी)टैनिंग के लिए फेस पैक(टी)घर पर दही खीरे का फेस पैक(टी)दही खीरा फेस पैक कैसे बनाएं

बुरहानपुर के नेपानगर पंप पर लगी वाहनों की कतार:टैंकर नहीं पहुंचने से ₹100 का मिल रहा पेट्रोल, इमरजेंसी कोटे से कर रहे वितरण

बुरहानपुर के नेपानगर पंप पर लगी वाहनों की कतार:टैंकर नहीं पहुंचने से ₹100 का मिल रहा पेट्रोल, इमरजेंसी कोटे से कर रहे वितरण

बुरहानपुर के नेपानगर में सोमवार को पेट्रोल की कमी के कारण नेपा मिल पेट्रोल पंप पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। यहां बाइक चालकों को इमरजेंसी कोटे से केवल 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार, यह समस्या टैंकरों के अनियमित आगमन के कारण उत्पन्न हुई है। वर्तमान में पेट्रोल के टैंकर पांच दिन में एक बार ही पहुंच रहे हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। नेपा मिल के पेट्रोल पंप का संचालन कर रहे चंद्रकांत बावस्कर ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों ने दाम बढ़ने के कारण उत्पादन कम कर दिया है। इसके अलावा, टैंकर भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज टैंकर आने की संभावना है। बावस्कर ने आगे बताया कि उनके पास इमरजेंसी कोटे में लगभग 1500 लीटर पेट्रोल शेष है, जिसे वे एचपी का चला रहे हैं। नेपा मिल में भी पेट्रोल उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों के वाहनों के लिए एक इमरजेंसी कोटा होता है, और इसी कोटे से आम लोगों को 100-100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है। बावस्कर के अनुसार, डिपो से भी माल कम आ रहा है। कंपनियों को लागत बढ़ने से घाटा हो रहा है, जिसके कारण उन्होंने उत्पादन घटा दिया है। डिपो में भी पर्याप्त माल उपलब्ध नहीं है और गाड़ियों को लोड होने में पांच दिन का समय लग रहा है। खकनार, नावरा, सीवल और बुरहानपुर के कुछ अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। जब आपूर्ति सामान्य होती है, तो ग्राहकों को 200 रुपए तक का पेट्रोल भी दिया जाता है। वहीं नगर का एक अन्य पेट्रोल पंप फिलहाल बंद है।

सांसद गए, विधायक आगे? राघव चड्ढा और 6 अन्य के जाने के बाद पंजाब में AAP के लिए आगे क्या है | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 13:28 IST इन हंगामे के बीच, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने घोषणा की कि पार्टी ने अगले साल पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है, कई लोग इसे आने वाली चीजों का संकेत मान रहे हैं। राघव चड्ढा के जाने के बाद उनके और पार्टी के बीच तनाव पैदा हो गया। क्या आम आदमी पार्टी पंजाब में नए संकट का सामना कर रही है? AAP के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बड़े पैमाने पर पलायन के बाद, अब रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पार्टी पंजाब में विधायकों के इसी तरह के पलायन का सामना कर सकती है। राघव चड्ढा और छह अन्य AAP राज्यसभा सांसद – अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल ने शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। बलबीर सिंह सीचेवाल अब राज्यसभा में पंजाब से एकमात्र आप सांसद हैं जो पार्टी में बने हुए हैं। सीचेवाल ने कहा कि विक्रमजीत सिंह साहनी ने भाजपा में सामूहिक दलबदल से कुछ दिन पहले प्रस्तावित ‘आजाद समूह’ में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल होने की कोई इच्छा नहीं होने का हवाला देते हुए इनकार कर दिया। पंजाब में क्या हो रहा है? मुख्य रूप से पंजाब से सात राज्यसभा सांसदों का यह कदम राज्य में चुनाव से ठीक एक साल पहले आया है। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पंजाब के 63 विधायक राघव चड्ढा का समर्थन कर रहे हैं। पंजाब विधानसभा में 117 सीटें हैं। यदि रिपोर्ट सच है और ये सभी 63 विधायक राघव चड्ढा का अनुसरण करने का निर्णय लेते हैं, तो AAP बहुमत खो सकती है और भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार गिर सकती है। सूत्रों ने यहां तक ​​संकेत दिया है कि चड्ढा भाजपा के लिए संभावित मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में उभर सकते हैं, क्योंकि पार्टी वर्षों से पंजाब में स्थानीय चेहरे की कमी से जूझ रही है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने एक राजनीतिक विश्लेषक कुलदीप सिंह के हवाले से कहा कि सात सांसदों का बाहर जाना पार्टी के अस्तित्व के लिए ख़तरा है और इसके न केवल पंजाब में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर परिणाम होने की संभावना है। उन्होंने कहा, “आने वाले महीनों में राज्य के विधायकों के बीच इसी तरह के विभाजन की संभावना है, क्योंकि विधायकों का एक बड़ा गुट पाला बदल सकता है। मुख्य कारण यह है कि पार्टी के उन नेताओं को पार्टी में कोई भविष्य नहीं दिखता, जो डूबते जहाज में तैरने का विकल्प चुनते हैं।” इन हंगामे के बीच, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने घोषणा की कि पार्टी ने अगले साल पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जो आने वाली चीजों का संकेत है। AAP छोड़ने पर क्या बोले राघव चड्ढा? राघव चड्ढा ने आप को आंतरिक रूप से खराब स्थिति में बताते हुए अपने बाहर निकलने को उचित ठहराया है और कहा है कि पार्टी अब “भ्रष्ट हाथों” में है और वह अब उस “विषाक्त कार्य संस्कृति” के भीतर काम नहीं कर सकते हैं जिसे उन्होंने “विषाक्त कार्य संस्कृति” के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि संगठन अपने संस्थापक आदर्शों से बहुत दूर चला गया है और निर्णय लेना अपारदर्शी और अस्वस्थ हो गया है, जिससे एक ऐसा माहौल बन गया है जहां असहमति या स्वतंत्र सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाता है। चड्ढा ने अपने प्रस्थान को एक अनिच्छुक लेकिन आवश्यक कदम बताया, यह तर्क देते हुए कि आंतरिक माहौल इतना खराब हो गया था कि पार्टी के भीतर बने रहने का मतलब अपने सिद्धांतों और प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता से समझौता करना होगा। आप ने पंजाब में असंतोष की खबरों को खारिज किया आप ने पंजाब के विधायकों के भीतर असंतोष की खबरों को खारिज कर दिया है। आप नेता संजय सिंह ने पार्टी के पंजाब विधायकों द्वारा संभावित दलबदल की खबरों को “गलत सूचना और अफवाह” बताया, जिसका उद्देश्य पार्टी को अस्थिर करना है। सिंह ने भाजपा और राघव चड्ढा पर जानबूझकर इन अफवाहों को फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि चड्ढा और आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले अन्य राज्यसभा सांसदों द्वारा “विश्वासघात” के खिलाफ पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सिंह ने कहा, ”आप और पंजाब को धोखा देने के लिए जनता की भावना उनके खिलाफ है।” जहां तक ​​राजनीति का सवाल है तो अगले कुछ महीने पंजाब में हाई वोल्टेज महीने हो सकते हैं। राज्यसभा में जो कुछ हुआ, अगर उसे राज्य में प्रतिबिंबित किया जाए, तो पंजाब अपने राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देख सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 27 अप्रैल, 2026, 13:28 IST न्यूज़ इंडिया सांसद गए, विधायक आगे? राघव चड्ढा और 6 अन्य के जाने के बाद पंजाब में AAP के लिए आगे क्या है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आम आदमी पार्टी पंजाब संकट(टी)आप विधायकों का दलबदल(टी)राघव चड्ढा बीजेपी(टी)पंजाब राजनीतिक संकट(टी)राज्यसभा सांसदों का बाहर निकलना(टी)भगवंत मान सरकार(टी)पंजाब में बीजेपी(टी)आप आंतरिक असंतोष