Wednesday, 23 Sep 2026 | 07:19 AM

Trending :

बच्चन परिवार की लीगेसी पर कोर्ट में सवाल:ऐश्वर्या-अभिषेक की बेटी आराध्या ने मौत की खबरों के खिलाफ किया था केस, जानिए क्या है मामला

बच्चन परिवार की लीगेसी पर कोर्ट में सवाल:ऐश्वर्या-अभिषेक की बेटी आराध्या ने मौत की खबरों के खिलाफ किया था केस, जानिए क्या है मामला

बॉलीवुड के दिग्गज बच्चन परिवार का नाम दशकों से हिंदी सिनेमा की पहचान और विरासत से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम सवाल उठाए हैं। आराध्या बच्चन की सेहत को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है? अगर हां, तो क्या यह लीगेसी अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकती है? आराध्या बच्चन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा को लीगेसी की तरह अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है? अगर मिल सकती है, तो यह सुरक्षा कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगी? जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि किसी ट्रेडमार्क की पहचान उसके प्रोडक्ट या सर्विस की वजह से बनती है। लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार के नाम की पहचान उसकी उपलब्धियों, काम और समाज में उसकी प्रतिष्ठा से बनती है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह प्रतिष्ठा भी परिवार की लीगेसी की तरह आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने तीन बड़े सवाल उठाए- पहला सवाल- क्या परिवार की प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक जा सकती है? कोर्ट यह देखेगा कि अगर किसी परिवार के नाम की प्रतिष्ठा ट्रेडमार्क जैसी मानी जाए, तो क्या यह प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक बनी रह सकती है? अगर हां, तो इसकी कानूनी सीमा क्या होगी? दूसरा सवाल- क्या फेक न्यूज भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन है? कोर्ट यह भी देखेगा कि अगर किसी सेलिब्रिटी या उसके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और झूठी खबरें फैलाई जाती हैं, तो क्या इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन माना जा सकता है? तीसरा सवाल- क्या मानहानि को भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जोड़ा जा सकता है? कोर्ट यह समझने की कोशिश करेगा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली मानहानि को क्या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत लाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि ये सवाल अंतिम नहीं हैं और मामले में आगे और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बच्चन परिवार की लीगेसी का भी मुद्दा आराध्या की तरफ से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि मामला सिर्फ आराध्या की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि पूरे बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा का है। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि बच्चन परिवार की तस्वीरों और ‘बच्चन’ नाम का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें आराध्या की मौत या कैंसर जैसी झूठी बातें कही गईं। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यही वजह है कि अब कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल है कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है और क्या उस लीगेसी को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है? 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को करेगा। इस दौरान परिवार की प्रतिष्ठा, फेक न्यूज, मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े सवालों पर आगे चर्चा होगी। इस मामले का फैसला सिर्फ बच्चन परिवार के लिए नहीं, बल्कि दूसरे सेलिब्रिटी परिवारों के लिए भी अहम हो सकता है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी परिवार के नाम, पहचान, तस्वीर और प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानून किस तरह सुरक्षा देता है।

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को बताया ‘इस्लामिक रिपब्लिक’:बोले- परमाणु हथियार रखने वाला पहला ऐसा देश होगा; इजराइल को लेकर इंग्लैंड में सोच बदली

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को बताया ‘इस्लामिक रिपब्लिक’:बोले- परमाणु हथियार रखने वाला पहला ऐसा देश होगा; इजराइल को लेकर इंग्लैंड में सोच बदली

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ब्रिटेन पर तंज कसते हुए उसे ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ऐसा इस्लामिक देश बन सकता है, जिसके पास परमाणु हथियार हों। नेतन्याहू ने यह बात गुरुवार को आर्मी रेडियो के एक पॉडकास्ट में कही। नेतन्याहू ने ब्रिटेन की मौजूदा स्थिति की तुलना ईरान से करते हुए कहा कि इजराइल यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। नेतन्याहू ने कहा- आप ब्रिटेन को ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन’ कह सकते हैं। किसी ने कहा था कि परमाणु हथियार रखने वाला पहला इस्लामिक रिपब्लिक ब्रिटेन होगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसा दूसरा देश न हो… आप जानते हैं मैं ईरान की बात कर रहा हूं।” नेतन्याहू का बयान सुनिए… नेतन्याहू बोले- ब्रिटेन में इजराइल को लेकर सोच बदली नेतन्याहू ब्रिटेन और यूरोप में आबादी में हो रहे बदलावों की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले ब्रिटेन में इजराइल को लेकर सोच आज से काफी अलग थी। उन्होंने 1967 में अरब देशों के साथ हुए युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के बेटे और पोते उस समय पत्रकार बनकर इजराइल आए थे। उन्होंने युद्ध की रिपोर्टिंग इजराइल के पक्ष में की थी। नेतन्याहू ने कहा कि आज के ब्रिटेन में ऐसा माहौल देखना मुश्किल है। नेतन्याहू यूरोप को लेकर ऐसा क्यों कहते हैं? नेतन्याहू ने यह भी कहा कि पूरे यूरोप में ब्रिटेन जैसी स्थिति बन रही है। वह पहले भी यूरोप में बढ़ती मुस्लिम आबादी और दूसरे देशों से आने वाले मुस्लिम प्रवासियों को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों में मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ वहां की सरकारों का इजराइल के प्रति रुख भी बदल रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजराइल पर हमले के बाद गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद कई यूरोपीय देशों ने इजराइल की कार्रवाई और गाजा में आम लोगों की स्थिति को लेकर उसकी आलोचना की। नेतन्याहू का मानना है कि यूरोप में आबादी में हो रहे बदलाव भी इजराइल के खिलाफ बढ़ती आलोचना की एक वजह हैं। वेंस ने भी ब्रिटेन को लेकर ऐसा बयान दिया था नेतन्याहू का यह बयान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की 2024 की एक टिप्पणी से मिलता-जुलता है। उन्होंने एक भाषण में बताया था कि वह और उनका एक दोस्त इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि परमाणु हथियार रखने वाला पहला इस्लामी देश कौन होगा। वेंस ने कहा- मुझे लगा कि शायद यह ईरान हो सकता है। पाकिस्तान तो पहले से ही परमाणु हथियार रखने वाला देश है। हालांकि ब्रिटेन भी ऐसा देश बन सकता है, क्योंकि वहां लेबर पार्टी सत्ता में आ गई है। दरअसल, उस समय ब्रिटेन में लेबर पार्टी की जीत के बाद कीर स्टार्मर प्रधानमंत्री बने थे। वेंस ब्रिटेन में प्रवासियों को लेकर लेबर पार्टी की नीतियों पर तंज कसते हुए यह टिप्पणी कर रहे थे। वेंस उस समय ओहायो से अमेरिकी सीनेटर थे।

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को बताया ‘इस्लामिक रिपब्लिक’:बोले- परमाणु हथियार रखने वाला पहला ऐसा देश होगा; इजराइल को लेकर इंग्लैंड में सोच बदली

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को बताया ‘इस्लामिक रिपब्लिक’:बोले- परमाणु हथियार रखने वाला पहला ऐसा देश होगा; इजराइल को लेकर इंग्लैंड में सोच बदली

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ब्रिटेन पर तंज कसते हुए उसे ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ऐसा इस्लामिक देश बन सकता है, जिसके पास परमाणु हथियार हों। नेतन्याहू ने यह बात गुरुवार को आर्मी रेडियो के एक पॉडकास्ट में कही। नेतन्याहू ने ब्रिटेन की मौजूदा स्थिति की तुलना ईरान से करते हुए कहा कि इजराइल यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। नेतन्याहू ने कहा- आप ब्रिटेन को ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन’ कह सकते हैं। किसी ने कहा था कि परमाणु हथियार रखने वाला पहला इस्लामिक रिपब्लिक ब्रिटेन होगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसा दूसरा देश न हो… आप जानते हैं मैं ईरान की बात कर रहा हूं।” नेतन्याहू का बयान सुनिए… नेतन्याहू बोले- ब्रिटेन में इजराइल को लेकर सोच बदली नेतन्याहू ब्रिटेन और यूरोप में आबादी में हो रहे बदलावों की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले ब्रिटेन में इजराइल को लेकर सोच आज से काफी अलग थी। उन्होंने 1967 में अरब देशों के साथ हुए युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के बेटे और पोते उस समय पत्रकार बनकर इजराइल आए थे। उन्होंने युद्ध की रिपोर्टिंग इजराइल के पक्ष में की थी। नेतन्याहू ने कहा कि आज के ब्रिटेन में ऐसा माहौल देखना मुश्किल है। नेतन्याहू यूरोप को लेकर ऐसा क्यों कहते हैं? नेतन्याहू ने यह भी कहा कि पूरे यूरोप में ब्रिटेन जैसी स्थिति बन रही है। वह पहले भी यूरोप में बढ़ती मुस्लिम आबादी और दूसरे देशों से आने वाले मुस्लिम प्रवासियों को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों में मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ वहां की सरकारों का इजराइल के प्रति रुख भी बदल रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजराइल पर हमले के बाद गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद कई यूरोपीय देशों ने इजराइल की कार्रवाई और गाजा में आम लोगों की स्थिति को लेकर उसकी आलोचना की। नेतन्याहू का मानना है कि यूरोप में आबादी में हो रहे बदलाव भी इजराइल के खिलाफ बढ़ती आलोचना की एक वजह हैं। वेंस ने भी ब्रिटेन को लेकर ऐसा बयान दिया था नेतन्याहू का यह बयान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की 2024 की एक टिप्पणी से मिलता-जुलता है। उन्होंने एक भाषण में बताया था कि वह और उनका एक दोस्त इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि परमाणु हथियार रखने वाला पहला इस्लामी देश कौन होगा। वेंस ने कहा- मुझे लगा कि शायद यह ईरान हो सकता है। पाकिस्तान तो पहले से ही परमाणु हथियार रखने वाला देश है। हालांकि ब्रिटेन भी ऐसा देश बन सकता है, क्योंकि वहां लेबर पार्टी सत्ता में आ गई है। दरअसल, उस समय ब्रिटेन में लेबर पार्टी की जीत के बाद कीर स्टार्मर प्रधानमंत्री बने थे। वेंस ब्रिटेन में प्रवासियों को लेकर लेबर पार्टी की नीतियों पर तंज कसते हुए यह टिप्पणी कर रहे थे। वेंस उस समय ओहायो से अमेरिकी सीनेटर थे। इस्लामिक रिपब्लिक और इस्लामिक देश में अंतर हर इस्लामिक देश जरूरी नहीं कि इस्लामिक रिपब्लिक हो। जैसे पाकिस्तान दोनों श्रेणियों में आता है। लेकिन इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश है, फिर भी उसे इस्लामिक रिपब्लिक नहीं कहा जाता।

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।

मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे

मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे

रेटिंग: 3.5 ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनट कास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनी डायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।

जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है। मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं। भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है। 45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है। कारों में फंसे लोगों की जान गई इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी। इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा- बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी। कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है। जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं।

मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे

मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे

रेटिंग: 3.5 ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनट कास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनी डायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।

जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है। मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं। भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है। 45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है। कारों में फंसे लोगों की जान गई इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी। इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा- बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी। कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है। जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की। जापान में 15 दिन में 3 तूफान आए मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से जापान में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं। बीते 15 दिनों के भीतर जापान ने एक-एक कर 3 बड़े तूफानों- ‘डॉल्फिन’, ‘चैन-होम’ और ‘पीलोउ’ का सामना किया है। इस वजह से कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, भूस्खलन और भीषण बाढ़ जैसे हालात हैं। ओकिनावा से लेकर टोक्यो तक जनजीवन ठप हो गया है, उड़ानें रद्द हैं और हजारों घरों में अंधेरा छाया हुआ है।

ट्रम्प ने ड्रोन इंपोर्ट पर 100% तक टैरिफ लगाया:राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, चीनी कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान

ट्रम्प ने ड्रोन इंपोर्ट पर 100% तक टैरिफ लगाया:राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, चीनी कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान

अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अनमैन्ड ड्रोन और उनके कंपोनेंट्स के आयात यानी इंपोर्ट पर 100% तक का टैरिफ लगाने का ऐलान किया। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों और चीनी कंपनियों के वर्चस्व वाले इस सेक्टर में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस फैसले से अमरीका में ड्रोन और उनके कंपोनेंट्स का घरेलू प्रोडक्शन बढ़ेगा और विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम होगी। पिछले साल तक अमेरीकी कॉमर्शियल ड्रोन बाजार में चीनी कंपनी की लगभग 70% हिस्सेदारी थी। ड्रोन के वजन और क्षमता के हिसाब से टैरिफ तय हुआ व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले ड्रोन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। लागू होने की समय-सीमा और छूट के नियम नया टैरिफ स्ट्रक्चर अलग-अलग समय-सीमा में लागू किया जाएगा… विशेष छूट: हस्ताक्षर के 20 दिनों के भीतर अमरीकी युद्ध विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर द्वारा FCC की कवर्ड लिस्ट से छूट प्राप्त प्रोडक्ट्स और कंपोनेंट्स पर भी टैरिफ 180 दिनों बाद प्रभावी होगा। ब्रिटेन और यूरोप समेत 7 सहयोगी देशों पर भी टैरिफ अमेरिका ने केवल विरोधी देशों पर ही नहीं, बल्कि अपने सहयोगी देशों से आने वाले ड्रोन पर भी टैरिफ लागू किया है… चीन की ड्रोन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ट्रम्प प्रशासन चीनी ड्रोन तकनीक पर अपनी कार्रवाई तेज कर रहा है। पिछले साल दिसंबर में फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने चीनी ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध की घोषणा की थी और विरोधी देशों के ड्रोन को वायरलेस कम्युनिकेशंस की मंजूरी देने पर रोक लगा दी थी। वैश्विक बाजार में शेनझेन स्थित कंपनी DJI टेक्नोलॉजीज का दबदबा है, जिसकी पिछले साल तक अमेरीकी कॉमर्शियल ड्रोन बाजार में लगभग 70% हिस्सेदारी थी। इसके अलावा, हाल ही में चीन ने भी अमरीकी व्यापारिक प्रतिबंधों के जवाब में अमेरीका को ड्रोन एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी थी और छह कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। रूस-यूक्रेन युद्ध और हाइब्रिड वॉर से बढ़ी चिंता ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया है। दोनों देशों द्वारा इलाके की रक्षा और उस पर कब्जा करने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल ने एक नए हाइब्रिड वॉर को जन्म दिया है। ट्रम्प ने अपने आधिकारिक पत्र में अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम को अमरीका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी करार दिया है। एक्सपर्ट्स की राय: कॉमर्शियल मार्केट का ढांचा पूरी तरह बदलेगा अमरीका-चीन टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा के विशेषज्ञ क्रेग सिंगलेटन ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि यह फैसला कॉमर्शियल मार्केट को पूरी तरह से नया आकार देगा। क्रेग सिंगलेटन ने कहा कि अमरीकी कॉमर्शियल और सरकारी खरीदारों को तुरंत एक बड़े पूंजीगत बदलाव की जरूरत होगी। उन्हें अब अमरीका या सहयोगी देशों के सप्लायर्स की तरफ रुख करना होगा, भले ही उनके प्रोडक्ट्स की कीमत ज्यादा क्यों न हो। यह फैसला चीन के ड्रोन बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और ट्रम्प तथा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली आगामी बैठक से पहले तनाव बढ़ा सकता है। क्या है अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (UAS)? अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (UAS) को सामान्य भाषा में ड्रोन कहा जाता है। ये ऐसे विमान होते हैं जिन्हें बिना किसी इंसानी पायलट के रिमोट कंट्रोल या ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए उड़ाया जाता है। इनका इस्तेमाल फोटोग्राफी, सामान की डिलीवरी से लेकर मिलिट्री सर्विलांस और सटीक हमलों तक में किया जाता है। ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- पैकेज्ड फूड पर वॉर्निंग लेबल लगाओ: ज्यादा चीनी-नमक और फैट की जानकारी दो, सरकार ऐसा नहीं करती तो हम आदेश देंगे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स के वॉर्निंग लेबल पर केंद्र सरकार और फूड सेफ्टी अथॉरिटी (FSSAI) को आखिरी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि नमकीन, बिस्किट और चिप्स के पैकेट पर ज्यादा चीनी-नमक और फैट की चेतावनी देने वाले वॉर्निंग लेबल लगाने पर अगर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है तो हम आदेश जारी करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…