सुनीता ने कहा- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे:भड़ककर गोविंदा बोले- हद में रहो, बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहीं, जानिए पूरा बयान

पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए हैं। सुनीता ने गोविंदा के को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ स्पॉट होने पर कहा था कि गोविंदा बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। इतना ही नहीं सुनीता ने गोविंदा को एक्ट्रेस का शुगर डैडी तक कहा था। अब सुनीता के इन बयानों पर गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा है कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। हाल ही में गोविंदा ने सुनीता पर कहा- ‘जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो।’ गोविंदा ने इस दौरान को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा, ‘कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता।’ गोविंदा बोले- हद में रहिए सुनीता बार-बार बयान दे रही हैं कि गोविंदा इस उम्र में बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे हैं और शुगर डैडी बने हैं। इस पर गोविंदा ने कहा है, ‘ये जो उम्र का आपने सिलसिला चलाया है, तो आपको बता दूं कि देश के हर बड़े सुपरस्टार ने कम उम्र की नई लड़कियों के साथ काम किया है, उन्हें बड़ी फिल्में मिलीं। युवाओं के साथ काम करने पर वो युवा नजर आए। आप चाह नहीं रहीं कि मैं युवा कैसे लग सकता हूं। आप छोटी सी अपेक्षा के चलते एक बड़े बिजनेस में घात करने पर लगी हैं। आपके पीछे जो गैंग है, उससे हर कोई वाकिफ है। वो जल्द ही सामने आएगा, लेकिन आपके लिए ये शोभा नहीं देगा। मुझे लगता है कि आगे भी आपको कहीं न कहीं जरूरत पड़ेगी। कृपया ऐसे बयान देकर, जो आप ये पॉडकास्ट चला रही हैं, थोड़ा हद में रहिए, ऐसी आपसे प्रार्थना है।’ बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ये बयान देकर निकल ही रहे थे कि कुछ सेकेंड बाद वो पलटकर आए और कहा, ‘मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है।’ जानिए सुनीता के किस बयान पर भड़के गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनो- सुनीता सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने
थलापति विजय ने फहराया तिरंगा:उनके पेरेंट्स के साथ बैठीं तृषा कृष्णन; रेखा ने विदेश में किया ध्वजारोपण; देखिए सेलेब्स का सेलिब्रेशन

80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर एक्ट्रेस रेखा ने इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में तिरंगा फहराया। इस दौरान उनके साथ पंकज त्रिपाठी भी मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ स्वतंत्रता दिवस के एक कार्यक्रम में साउथ एक्ट्रेस तृषा कृष्णन रूमर्ड बॉयफ्रेंड थलापति विजय के पेरेंट्स के साथ बैठी नजर आई हैं। जबकि कुछ समय पहले ही विजय की पत्नी ने तलाक का केस वापस लिया है। अजय देवगन, अक्षय कुमार, यश, प्रियंका चोपड़ा जोनस और अन्य कलाकारों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फैंस को शुभकामनाएं दी हैं। CM विजय ने किया ध्वजारोपण, आगे बैठीं तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आज सुबह तिरंगा फहराया। इस दौरान उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन, विजय के पेरेंट्स के साथ आगे की लाइन में बैठी दिखीं। रेखा ने मंच पर पंकज त्रिपाठी को सिखाई अंग्रेजी एक्ट्रेस रेखा, हाल ही में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का हिस्सा बनीं और ध्वजारोपण किया। एक्टर पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। लोगों को संबोधित करने के बाद रेखा ने मंच पर अनाउंस किया कि अब पंकज त्रिपाठी हिंदी में कुछ कहेंगे। पंकज मंच पर आए और हिंदी में कुछ शब्द कहे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के बाहर भी मैं एक हिंदुस्तान देख रहा हूं। देख की सभ्यता को आगे बढ़ाने का शुक्रिया। तभी रेखा ने कहा कि अब जो मैं कहूंगी, पंकज उसे अंग्रेजी में कहेंगे। इस समय पंकज त्रिपाठी ने कहा, मैम, मैं हिंदी मीडियम का छात्र हूं। अजय देवगन, अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा जोनस ने दी शुभकामनाएं रवीना ने फहराया तिरंगा, शिल्पा ने बांटी मिठाइयां रवीना टंडन ने स्कूल में बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और तिरंगा फहराया। एक्ट्रेस बच्चों से गले मिलीं और हाथ मिलाकर बधाई दी।
छोटा आर्टिस्ट हूं इसलिए नहीं बुलाते:कोलकाता फिल्म फेस्टिवल का न्योता न मिलने से नाराज मिथुन चक्रवर्ती, मोस्को से इनवाइट मिला; कुछ दिन पहले हुए थे भर्ती

मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (KIFF) में न्योता नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने गुरुवार, 13 अगस्त को कोलकाता में इससे जुड़ी बैठक के बाद इस मामले पर मीडिया से बात की। एक्टर ने बंगाल और भारतीय सिनेमा से अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए पूछा कि उन्हें फेस्टिवल में शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वे मॉस्को जा रहे हैं, जहां उन्हें एक फिल्म फेस्टिवल में बुलाया गया है। मॉस्को से बुलावा आया और बंगाल में न्योता तक नहीं एएनआई के मुताबिक, मिथुन ने कहा, “मुझे निकाल दिया गया। मुझे फिल्म फेस्टिवल में नहीं बुलाया गया। मैं अब मॉस्को जा रहा हूं, मुझे वहां सम्मान देने के लिए बुलाया गया है, लेकिन यहां बंगाल में मुझे न्योता नहीं दिया गया। मैं बहुत छोटा आर्टिस्ट हूं, शायद वो इसलिए नहीं बुलाते। वे बाहर के बड़े-बड़े लोगों को बुलाते हैं, जिनका बंगाल से बिल्कुल कोई लेना-देना नहीं है। बोलिए, हम कोई डरते नहीं हैं।” बठक में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग मौजूद थे। इनमें प्रसेनजीत चटर्जी, रुद्रनील घोष, अरिंदम सिल, शांतिलाल मुखर्जी, कंचन मल्लिक, श्रीजीत मुखर्जी और शंकर चक्रवर्ती शामिल थे। कोलकाता फिल्म फेस्टिवल 8 से 13 सितंबर तक होंगे। मिथुन चक्रवर्ती ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की थी। कुछ दिन पहले अस्पताल में थे भर्ती, सर्जरी हुई सीनियर एक्टर और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती की हाल ही में सर्जरी हुई। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी कोलकाता के एक निजी अस्पताल में मिथुन चक्रवर्ती से मिलने पहुंचे थे। न्यूज एजेंसी PTI के सूत्रों के अनुसार, मिथुन चक्रवर्ती के शरीर में पहले लगाई गई धातु (मेटल) की प्लेट को निकाला गया। यह प्लेट एक पुराने हादसे के बाद लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, फेमस फिल्म एक्टर और भाजपा की केंद्रीय समिति के सदस्य मिथुन चक्रवर्ती स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। आज मैं उनसे मिलने अस्पताल गया। मैंने उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। 2024 में भी अस्पताल में भर्ती हुए थे इससे पहले फरवरी 2024 में मिथुन चक्रवर्ती को ब्रेन स्ट्रोक और सीने में दर्द की शिकायत के बाद कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय भी शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचकर मिथुन चक्रवर्ती से मिले थे और उनका हालचाल जाना था। मिथुन चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार किया था, जिसमें भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराकर राज्य में सरकार बनाई। एक नजर मिथुन चक्रवर्ती के फिल्मी करियर पर मिथुन चक्रवर्ती ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1976 में निर्देशक मृणाल सेन की फिल्म मृगया से की थी। पहली ही फिल्म में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा में कई यादगार फिल्में कीं। डिस्को डांसर उनके करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई। अपने लंबे करियर में मिथुन ने सुरक्षा, प्यार झुकता नहीं, गुलामी, डांस डांस, प्यार का मंदिर, गुरु, गोलमाल 3, हाउसफुल 2, ओएमजी, किक, द ताशकंद फाइल्स और द कश्मीर फाइल्स जैसी कई फिल्मों में काम किया। मिथुन चक्रवर्ती को अब तक तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 2 फिल्मफेयर पुरस्कार और साल 2024 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। ……… मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए: झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए
आवारापन-2 से आधी कमाई भी नहीं कर सकी बंटवारा 1947:क्लैश के बावजूद इमरान हाशमी के करियर की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी, जानिए कैसी हुई कमाई

इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त को एक ही दिन रिलीज हुईं। इस बॉक्स ऑफिस क्लैश में इमरान हाशमी की फिल्म ने सनी देओल की बंटवारा को पछाड़ते हुए ज्यादा कमाई की है। इमरान हाशमी के करियर की हाईएस्ट ओपनिंग वाली फिल्म बनी इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइड Sacnilk के मुताबिक, ‘आवारापन 2’ ने रिलीज के पहले दिन 21 करोड़ रुपए से ज्यादा नेट कलेक्शन किया। यह इमरान हाशमी के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई है। ‘आवारापन 2’ ने पहले दिन खत्म होने से पहले ही 2007 में रिलीज हुई पहली फिल्म ‘आवारापन’ की पूरी लाइफटाइम कमाई को पार कर लिया। यह फिल्म 2026 में बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्मों में शामिल होने की ओर बढ़ रही है। ‘आवारापन 2’ का ग्रॉस कलेक्शन 25.20 करोड़ रुपए पहुंच गया है। विदेशों में फिल्म ने 2 करोड़ रुपए कमाए हैं। इस तरह इसकी कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 27.20 करोड़ रुपए हो गई है। 2007 में रिलीज हुई पहली ‘आवारापन’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। उसने अपनी पूरी लाइफटाइम कमाई में सिर्फ 7.76 करोड़ रुपए जुटाए थे। ‘आवारापन 2’ ने इस आंकड़े तक पहुंचने में सिर्फ 8 घंटे लिए। इमरान की दो फिल्मों की ओपनिंग का रिकॉर्ड टूटा ‘आवारापन 2’ के टिकट शुक्रवार को बुक माय शो पर हर घंटे 20 हजार से ज्यादा बिके। फिल्म की मौजूदा रफ्तार के आधार पर इसके जल्द ही 50 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करने की बात कही जा रही है। वीकेंड में फिल्म की कमाई में उछाल देखने मिल सकता है। अब तक इमरान हाशमी की सिर्फ दो फिल्मों ने डबल डिजिट ओपनिंग की थी। 2012 में ‘राज 2’ ने पहले दिन 10.35 करोड़ रुपए कमाए थे। 2017 में ‘बादशाहो’ ने रिलीज के दिन 12.60 करोड़ रुपए कमाकर यह रिकॉर्ड तोड़ा था। ‘आवारापन 2’ अपनी ओपनिंग रफ्तार के साथ इन दोनों फिल्मों से आगे निकल गई है। ‘आवारापन 2’ में इमरान का पुराना किरदार नितिन कक्कड़ के निर्देशन और विशेष भट्ट के प्रोडक्शन में बनी ‘आवारापन 2’ में इमरान हाशमी ‘शिवम पंडित’ के अपने मशहूर किरदार में लौटे हैं। फिल्म में शबाना आजमी, दिशा पाटनी और सुविंदर विक्की भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को मिले-जुले से लेकर अच्छे रिव्यू मिले हैं। इमरान हाशमी की एक्टिंग और फिल्म के माहौल की खास तौर पर तारीफ हुई है। ‘बंटवारा 1947’ का पहले दिन का कलेक्शन दूसरी तरफ, सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ ने भारत में ओपनिंग डे पर अब तक 5.75 करोड़ रुपए नेट कमाए हैं। ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 6.84 करोड़ रुपए है। विदेशों में फिल्म ने 1.50 करोड़ रुपए कमाए हैं। इससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड कमाई 8.34 करोड़ रुपए हो गई है। फिल्म देशभर में 8,721 शो में चल रही है। ‘बंटवारा 1947’ की पहले दिन ऑक्यूपेंसी ‘बंटवारा 1947’ के हिंदी 2D वर्जन ने ओपनिंग डे पर कुल 10.73% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। सुबह के शो में ऑक्यूपेंसी 7.54% रही। दोपहर के शो में यह बढ़कर 12.31% हो गई। शाम और रात के शो में इससे थोड़ी ज्यादा ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट राजकुमार संतोषी की ‘बंटवारा 1947’ भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में सनी देओल ने सिकंदर मिर्जा का रोल निभाया है। फिल्म में प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, मिथुन चक्रवर्ती, रुखसार रहमान और दीया मिर्जा भी हैं। आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने दिया है और गानों के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।
इंडोनेशिया के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप, कई इमारतें गिरीं:सुनामी की चेतावनी, लोगों को सुरक्षित जगह जाने का आदेश

इंडोनेशिया में शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के तेज झटकों से कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई और लोगों से तुरंत सुरक्षित जगह जाने को कहा गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ इमारतें गिरती और क्षतिग्रस्त होती दिखाई दे रही हैं। कई लोग भूकंप के बाद घरों और इमारतों से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि, इन वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप से कई घरों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। अभी तक किसी की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। इंडोनेशिया में भूकंप से जुड़ीं 3 फोटोज… समुद्र के नीचे था भूकंप का केंद्र अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे आया। इसका केंद्र एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर दूर समुद्र के नीचे था। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। इंडोनेशिया की मौसम, जलवायु और भूभौतिकी एजेंसी ने पूर्वी नुसा तेंगारा, पश्चिमी नुसा तेंगारा, दक्षिण सुलावेसी और दक्षिण-पूर्व सुलावेसी के कुछ इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट और नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है। भूकंप का केंद्र समुद्र के नीचे होने के कारण तटीय इलाकों में खतरा बढ़ गया है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
पंजाबी फिल्मों पर बयान देकर घिरीं वामिका गब्बी:बोलीं-'सिर्फ पैसों के लिए कीं फिल्में, दिल से काम करने का नहीं मन; अब हो रहीं ट्रोल

पंजाबी सिनेमा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर आज बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री तक अपनी पहचान बना चुकी मोहाली की बेटी और मशहूर अभिनेत्री वामिका गब्बी अपने एक विवादित बयान को लेकर चौतरफा घिर गई हैं। पंजाबी फिल्मों को लेकर दिए गए उनके एक बयान ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जब वामिका से उन प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछा गया जो उन्होंने सिर्फ पैसों के लिए किए थे, तो उन्होंने बेबाकी से कुबूल किया कि उन्होंने कई पंजाबी फिल्में केवल पैसों और इंडस्ट्री में बने रहने (Survival) के लिए की थीं, क्योंकि उस समय उनके पास कोई और विकल्प नहीं था और न ही उन किरदारों को करने में उनका दिल या कोई खास दिलचस्पी थी। वामिका के इस बयान के सामने आते ही पंजाबी सिनेमा प्रेमियों और फिल्म समीक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस पंजाबी इंडस्ट्री ने बाल कलाकार से सीधे बतौर मुख्य अभिनेत्री ब्रेक देकर वामिका को बॉलीवुड तक का रास्ता दिखाया, आज वही अदाकारा इतनी जल्दी अपने पांव पीछे खींचकर उसी सिनेमा का अनादर कर रही है। हालांकि ये इंटरव्यू 2 साल पुराना है। लेकिन, ट्रोलरों ने इसे अब फिर से वायरल कर वामिका के बयान को गलत बताया है। ट्रोलर कह रहे हैं कि वामिका को हनी सिंह, अमरिंदर गिल जैसे कलाकारों का आभारी होना चाहिए, जिनके कारण उन्हें ये मुकाम मिला। लेकिन, इसके उलट वामिका ने शोहरत हासिल करने के लिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को ही कटघरे में ला खड़ा किया। ‘सर्वाइव करना था, इसलिए बिना दिल के कीं पंजाबी फिल्में’- वामिका का विवादित बयान इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवाल पर वामिका गब्बी ने बिना किसी झिझक के कहा: “अ फ्यू पंजाबी फिल्म्स आई हैव डन एंड आल्सो बिकॉज़ आई डिडन्ट हैव एनी अदर फिल्म्स। एंड इट्स नॉट लाइक जस्ट फॉर मनी, बट कुछ और था ही नहीं। तो सर्वाइव तो करना ही है ना, तो वो कर लिया जिसमें इतना दिल नहीं था। इतना मजे कैरेक्टर में इतना कुछ था नहीं बस है, तो कर लिया। लेकिन अब नहीं करना।” ट्रोलर्स का कहना है कि वामिका के इस कुबूलनामे से साफ झलकता है कि जिन पंजाबी फिल्मों के दम पर उन्होंने स्टारडम हासिल किया, उनके प्रति उनका रुझान महज एक मजबूरी और आर्थिक जरूरत तक ही सीमित था। ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ से मिली थी बतौर एक्ट्रेस बनाई पहचान वामिका गब्बी ने ‘जब वी मेट’ जैसी कई बड़ी हिंदी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम जरूर किया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेत्री उन्हें पहला बड़ा ब्रेक पंजाबी सिनेमा से ही मिला था। डेब्यू फिल्म: साल 2013 में आई सुपरहिट पंजाबी फिल्म ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ से उन्होंने लीड एक्ट्रेस के रूप में कदम रखा था, जिसमें उनके साथ पंजाबी सिंगर-एक्टर अमरिंदर गिल और यो यो हनी सिंह मुख्य भूमिका में थे। प्रमुख पंजाबी फिल्में: इसके बाद वामिका ने ‘इश्क बरांडी’, ‘निक्का जैलदार 2’, ‘निक्का जैलदार 3’, ‘प्रौणा’, ‘नाडू खान’, ‘दिल दीयां गल्लां’, ‘दूरबीन’ और ‘गल वक्कड़ी’ जैसी एक से बढ़कर एक कई कमर्शियल सुपरहिट फिल्मों में काम किया। पंजाबी सिनेमा से पैन इंडिया स्टार बनने तक का सफर पंजाबी इंडस्ट्री में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद वामिका ने साउथ इंडियन सिनेमा और फिर हिंदी वेब सीरीज व फिल्मों में अपने पैर पसारे। प्रमुख पैन इंडिया प्रोजेक्ट्स: ‘ग्रहण’, ’83’, ‘खुफिया’, ‘जवान’ (कैमियो) और ‘बचक माफ’ जैसी बड़ी फिल्मों व वेब सीरीज के जरिए वामिका की पहचान पैन इंडिया लेवल पर बेहद मजबूत हुई। ईमानदार कुबूलनामा या एहसानफरामोशी? सोशल मीडिया पर बंटी राय वामिका गब्बी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है: एक वर्ग का कहना: कई फैंस और समीक्षकों का मानना है कि वामिका जिस पंजाबी सिनेमा की बदौलत आज इस मुकाम पर पहुंची हैं, आज उसी को ‘सिर्फ पैसों के लिए किया काम’ बताकर वह एहसान फरामोश साबित हो रही हैं और अपने शुरुआती दौर को भूल चुकी हैं। दूसरा वर्ग: वहीं कुछ लोगों का मानना है कि वामिका ने किसी बनावटीपन के बिना एक कलाकार के तौर पर अपनी जिंदगी के स्ट्रगल फेज को लेकर एक बेहद ईमानदार कुबूलियत की है, जिसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। फिलहाल, वामिका गब्बी का यह बयान पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और अब देखना यह होगा कि पंजाबी सिनेमा के दिग्गज कलाकार और निर्माता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
दावा- चीनी सामान भारत के रास्ते अमेरिका भेजा जा रहा:टैरिफ से बचने की कोशिश; अमेरिकी रिपोर्ट में पुणे, गुजरात और चेन्नई नेटवर्क का हिस्सा

अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए चीनी प्रोडक्ट्स को भारत के रास्ते अमेरिकी बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। यह दावा व्हाइट हाउस की रिपोर्ट ‘द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम: राइज, स्कोप एंड कॉस्ट्स’ में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से आने वाले सामान या पार्ट्स को पहले भारत समेत दूसरे एशियाई देशों में भेजा जाता है। वहां उन्हें प्रोसेस, असेंबल या किसी दूसरे प्रोडक्ट में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद तैयार सामान को अमेरिका निर्यात किया जाता है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इससे चीन पर लगाए गए टैरिफ से बचने का रास्ता मिल सकता है। रिपोर्ट में इसके लिए दुनिया भर में ट्रेड रूट्स का नेटवर्क बनने की बात कही गई है। भारत के पुणे, गुजरात और चेन्नई को चीन से आने वाले सामान के एक अहम रास्ते के तौर पर बताया गया है। रिपोर्ट में यहां बनने वाले इंडस्ट्रियल पंप और कंप्रेसर में चीनी पार्ट्स का इस्तेमाल होने की संभावना का खास तौर पर जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में रूट नेटवर्क को ‘अग्ली सिस्टर सिटीज’ कहा गया चीनी सामान को तीसरे देशों के जरिए अमेरिका भेजने के लिए इस्तेमाल हो रहे रूट नेटवर्क को रिपोर्ट में ‘अग्ली सिस्टर सिटीज’ कहा गया है। इसका मतलब शहरों की सुंदरता या बदसूरती से नहीं है। यह शब्द अलग-अलग देशों के ऐसे औद्योगिक शहरों के लिए इस्तेमाल किया गया है, जहां एक जैसे प्रोडक्ट बनते हैं और वे अमेरिकी बाजार में एक-दूसरे से मुकाबला करते हैं। भारत के मामले में रिपोर्ट ने पुणे, गुजरात और चेन्नई की तुलना अमेरिका के ओहायो राज्य के सिनसिनाटी, डेटन और कोलंबस से की है। इन अमेरिकी शहरों में भी पंप, कंप्रेसर और दूसरे औद्योगिक सामान का उत्पादन और कारोबार होता है। रिपोर्ट का तर्क है कि अगर तीसरे देशों के जरिए कम टैरिफ पर सामान अमेरिका पहुंचता है, तो वहां के स्थानीय निर्माताओं को नुकसान हो सकता है। अमेरिकी कंपनियों को कम कीमत वाले आयात से मुकाबला करना पड़ सकता है। इसका असर उत्पादन, ऑर्डर और नौकरियों पर भी पड़ सकता है। मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड का भी जिक्र व्हाइट हाउस की रिपोर्ट में सिर्फ भारत का जिक्र नहीं है। इसमें मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड के उन इलाकों का भी जिक्र है, जहां बड़े पैमाने पर सामान बनाया और दूसरे देशों को भेजा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे रास्तों से हर साल अरबों डॉलर का सामान अमेरिकी बाजार तक पहुंच सकता है, जिसमें चीनी पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया हो। क्या ये टैरिफ से बचने की कोशिश को साबित करता है? किसी प्रोडक्ट में चीनी पार्ट का इस्तेमाल होना और चीन का सामान सिर्फ भारत के रास्ते अमेरिका भेजना, दोनों अलग बातें हैं। अगर भारत में किसी प्रोडक्ट की असली मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और उस पर काफी काम हो रहा है, तो उसे सिर्फ चीन का सामान घुमाकर अमेरिका भेजना नहीं माना जा सकता। इसलिए यह देखा जाता है कि प्रोडक्ट बनाने में असल काम और प्रोडक्ट की कीमत में कितना हिस्सा किस देश में तैयार हुआ है। सिर्फ किसी प्रोडक्ट में चीनी पार्ट लगा होने से यह साबित नहीं होता कि टैरिफ से बचने की कोशिश हुई है। आज की ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रोडक्ट के अलग-अलग पार्ट कई देशों में बनते हैं और उसकी आखिरी असेंबली किसी दूसरे देश में हो सकती है। अमेरिका अब AI और डेटा से संदिग्ध शिपमेंट पकड़ेगा रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका तीसरे देशों के जरिए टैरिफ से बचने की कोशिशों पर निगरानी बढ़ा रहा है। व्हाइट हाउस ने सीमा पर आने वाले सामान की जांच में टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिसिस के ज्यादा इस्तेमाल की बात कही है। रिपोर्ट में ऐसे AI सिस्टम का भी जिक्र है, जो अमेरिकी कस्टम अधिकारियों को संदिग्ध शिपमेंट की पहचान करने में मदद कर सकता है। इसका मकसद पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करना है। —————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी सर्वे-10 में 9 पाकिस्तानी भारत को खतरा मानते हैं: भारतीयों के लिए रूस सबसे अहम पार्टनर, पाकिस्तानियों की पहली पसंद चीन 10 में से 9 पाकिस्तानी भारत को खतरा मानते हैं, ये बात अमेरिकी प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में सामने आई है। इंडियंस भी अपना सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान को ही मानते हैं। सर्वे में कहा गया कि दोनों देशों के लोग पड़ोसी के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन भरोसे की कमी है। पूरी खबर पढ़ें…
ऑस्ट्रेलिया में सम्मान मिला, भावुक हुईं रानी मुखर्जी:प्रतिष्ठित लॉ यूनिवर्सिटी से सर्वोच्च सम्मान मिला; शाहरुख के बाद सम्मान पाने वालीं दूसरी भारतीय एक्टर

बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को ऑस्ट्रेलिया की लॉ ट्रोब यूनिवर्सिटी ने ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ (D.Litt.) की मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया है। स्टेज पर यह सम्मान लेते व्यक्त रानी मुखर्जी भावुक दिखाई दीं। मेलबर्न के फेडरेशन स्क्वेयर में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 के दौरान 14 अगस्त को आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। उन्हें तीन दशक के करियर और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में योगदान के लिए रानी को यह सर्वोच्च उपाधि मिली है। वे शाहरुख खान के बाद ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से यह सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय कलाकार बन गई हैं। शाहरुख के बाद सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय कलाकार ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने इससे पहले साल 2019 में शाहरुख खान को सिनेमा और सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट दी थी और उनके नाम पर पीएचडी स्कॉलरशिप की घोषणा की थी। यूनिवर्सिटी के चांसलर जॉन ब्रम्बी एओ ने कहा कि रानी मुखर्जी के काम ने सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रहकर सामाजिक न्याय, समानता और समावेश जैसे विषयों पर चर्चा शुरू की है। यूनिवर्सिटी ने महिलाओं, बच्चों और वंचित समुदायों के लिए उनके निरंतर काम की सराहना की। शुरुआत से ही जोखिम भरे रोल चुने: रानी मुखर्जी समारोह में सम्मान स्वीकार करते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे विनम्र और भावुक पलों में से एक है। बचपन में वे अपने माता-पिता और देश को गौरवान्वित करना चाहती थीं और सिनेमा उस सपने को पूरा करने का माध्यम बन गया। रानी ने बताया कि उन्होंने करियर की शुरुआत से ही जोखिम भरे रोल चुने हैं। वे हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनीं, जिन्होंने सबसे पहले उनके दिल को छुआ और लोगों को प्रेरित किया। एक्टिंग में एक्सीलेंस के लिए भी विशेष सम्मान आईएफएफएम 2026 में रानी मुखर्जी को उनकी बेहतरीन एक्टिंग और वैश्विक पहचान के लिए एक विशेष प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा कि यह सम्मान रानी की कला और सिनेमा की उस ताकत का जश्न है जो दो देशों को जोड़ती है। 13 से 23 अगस्त तक चलने वाले इस फेस्टिवल में भारतीय फिल्मों और कहानियों के प्रभाव को दिखाया जा रहा है। तीन दशक का करियर और सामाजिक मुद्दों पर फिल्में रानी मुखर्जी ने 1990 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने ‘गुलाम’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘साथिया’, ‘हम तुम’, ‘बंटी और बबली’ और ‘युवा’ जैसी हिट फिल्मों में काम किया। इसके बाद उन्होंने ‘ब्लैक’, ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘हिचकी’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ जैसी फिल्मों के जरिए लैंगिक न्याय, महिलाओं के अधिकार, दिव्यांगों के समावेश और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को बड़े पर्दे पर मजबूती से रखा।
सर्वे- भारत-पाक एक-दूसरे को सबसे बड़ा खतरा मान रहे:दोनों देशों में अच्छे रिश्ते की उम्मीद, लेकिन भरोसा नहीं; रूस और चीन को सहयोगी माना

अमेरिका के थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के नए सर्वे में भारत और पाकिस्तान के लोगों की सोच में गहरा अंतर सामने आया है। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे को अपना सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। सर्वे के मुताबिक, दोनों देशों के लोग अपने पड़ोसी के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं मानते कि दूसरा देश भी रिश्ते सुधारना चाहता है। भारत में 36% लोगों ने रूस को अपना सबसे जरूरी सहयोगी बताया। अमेरिका को 16% लोगों ने चुना। वहीं, पाकिस्तान में 75% लोगों ने चीन को अपना बड़ा सहयोगी माना। 12% ने सऊदी अरब को देश का दोस्त बताया। 21% भारतीय मुस्लिमों ने पाकिस्तान पर पॉजिटिव राय रखी प्यू के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पाकिस्तान को लेकर नेगेटिव सोच कोई नई बात नहीं है। हालांकि, भारत के अलग-अलग समुदायों में राय एक जैसी नहीं है। 21% भारतीय मुस्लिमों ने पाकिस्तान के बारे में पॉजिटिव राय जताई। हिंदुओं में यह आंकड़ा 6% रहा। खतरे के सवाल पर भी अंतर दिखा। 34% भारतीय मुस्लिमों ने पाकिस्तान को भारत का सबसे बड़ा भू-राजनीतिक खतरा बताया, जबकि हिंदुओं में यह आंकड़ा 57% था। दूसरी ओर, सर्वे में करीब 10 में 9 पाकिस्तानियों की भारत को लेकर सोच नेगेटिव है। भारत को लेकर यह नेगेटिव सोच पाकिस्तान के अलग-अलग सोशल ग्रुप्स में ज्यादा दिखाई दिया है। पहलगाम हमले के बाद रिश्ते और बिगड़े सर्वे में भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव का भी जिक्र है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया। इसके बाद भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला किया। सिंधु जल संधि से जुड़ा विवाद पाकिस्तान के लिए खास तौर पर अहम है। पाकिस्तान की खेती और पानी की जरूरत का बड़ा हिस्सा सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। भारतीय रूस और पाकिस्तानी चीन को सहयोगी मान रहा अमेरिका रूस चीन भारत की विदेश नीति किसी एक देश के साथ नहीं जुड़ी सर्वे से भारत की विदेश नीति की एक और अहम बात सामने आती है। भारत में किसी एक विदेशी देश को लेकर पाकिस्तान जैसी एकतरफा मजबूत पसंद नहीं दिखती। भारत की विदेश नीति में कई बड़े देशों के साथ एक साथ रिश्ते बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है। भारत अमेरिका के साथ रक्षा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहा है। दूसरी तरफ रूस के साथ उसके पुराने रक्षा संबंध हैं। चीन के साथ सीमा पर तनाव और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा है, लेकिन बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देश कई मुद्दों पर साथ भी काम करते हैं। इसे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और मल्टी-अलाइनमेंट की नीति से जोड़कर देखा जा सकता है। यानी भारत किसी एक बड़े देश के खेमे में पूरी तरह जाने के बजाय अलग-अलग देशों के साथ अपने हित के हिसाब से रिश्ते बनाए रखना चाहता है। ——————- पाकिस्तान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोका तो मुंहतोड़ जवाब देंगे: कश्मीर पर रुख कभी नहीं बदलेंगे, मुनीर की लीडरशिप में हमने दुश्मन को हराया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को एक बार फिर धमकी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर कोई समझौता नहीं होगा। अगर इसे रोकने या कम करने की कोशिश हुई तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
'बेटी की उम्र की लड़की के साथ घूम रहा है':शर्म आनी चाहिए, शुगर डैडी बन गया; गोविंदा पर भड़कीं पत्नी सुनीता आहूजा

अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने पति पर तीखा हमला बोला है। सुनीता ने गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल रॉय के साथ एयरपोर्ट पर दिखने पर कड़ी नाराजगी जताई। सुनीता ने कहा कि गोविंदा को बेटी की उम्र की लड़की के साथ इस तरह घूमने पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कोमल के कपड़ों पर भी तंज कसा। सुनीता ने कहा कि बिना फिल्म बने कोई प्रमोशन नहीं होता, यह सब घटिया सोच को दिखाता है। ‘बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहा है’ सुनीता से गोविंदा के कोमल रॉय के साथ दोबारा नजर आने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कड़े शब्दों में जवाब दिया। सुनीता ने कहा कि फिल्म बनने के बाद ही उसका प्रमोशन किया जाता है, बिना किसी फिल्म के यह सब करने का क्या मतलब है। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनो सुनीता आहूजा ने केवल गोविंदा ही नहीं, बल्कि उनके साथ दिख रही कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।







