Wednesday, 23 Sep 2026 | 01:01 PM

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संडे प्रोफाइल : मोहम्मद बिन सलमान:सुधारों, कूटनीति से सल्तनत का चेहरा बदलते एमबीएस

संडे प्रोफाइल : मोहम्मद बिन सलमान:सुधारों, कूटनीति से सल्तनत का चेहरा बदलते एमबीएस

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इन दिनों सक्रिय कूटनीति को लेकर चर्चा में हैं। जुलाई में अमेरिका से परमाणु समझौते और 7 अगस्त को सऊदी, पाकिस्तान व तुर्किये के रक्षा करार में उनकी सक्रियता दिखी है। राजनेता को कई चेहरे लगाकर राजकाज चलाना पड़ता है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) इसका उदाहरण हैं। एक तरफ वे सऊदी समाज में बदलाव और आधुनिकता लाने की कोशिश करते हैं तो दूसरी तरफ सत्ता पर पकड़ मजबूत रखने के लिए सख्त फैसलों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जनवरी 2015 में किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के सत्ता संभालने के बाद एमबीएस को अहम जिम्मेदारियां मिलीं। इसके बाद वे तेजी से सत्ता के केंद्र में पहुंचे। आज 41 साल की उम्र में वे देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। हाल के दिनों में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते और पाकिस्तान-तुर्किये के साथ रक्षा गठजोड़ ने उनकी सक्रिय कूटनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। इन कदमों के जरिए वे एक तरफ ईरान जैसे क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करना चाहते हैं तो दूसरी तरफ चीन, रूस और अमेरिका के बीच संतुलन साधते नजर आते हैं। एमबीएस ने सत्ता में आने के बाद सामाजिक बदलावों पर भी जोर दिया। धार्मिक पुलिस के अधिकार सीमित किए गए। महिलाओं को लेकर कई पुरानी पाबंदियां हटाई गईं। स्कूलों में लड़कियों के खेलने पर लगी रोक खत्म हुई और करीब 40 साल बाद 2018 में देश में सिनेमा फिर शुरू हुआ। 2019 में महिलाओं को पुरुष अभिभावक के बिना यात्रा और काम करने की ज्यादा स्वतंत्रता मिली। विश्व बैंक के अनुसार 2025 में सऊदी अरब की लेबर फोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 35% थी। आर्थिक मोर्चे पर एमबीएस ने तेल पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू कीं। निओम का हाईटेक शहर, लाल सागर के पर्यटन प्रोजेक्ट और खेलों को बढ़ावा देना इसी रणनीति का हिस्सा हैं। रियाद में 2024 में ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप हुआ। सऊदी अरब 2030 में एक्सपो और 2034 में फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। हालांकि एमबीएस का दूसरा चेहरा विवादों से जुड़ा है। सत्ता मजबूत करने के दौरान उनके कई रिश्तेदारों और विरोधियों पर कार्रवाई हुई। पत्रकार जमाल खाशोगी की 2018 में हत्या के मामले में भी उन पर गंभीर आरोप लगे। मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी सरकार की आलोचना की है। एमबीएस की निजी छवि भी पारंपरिक सऊदी शासकों से अलग है। उन्हें वीडियो गेम, फॉर्मूला-1 और मोटरसाइकिलों में दिलचस्पी है। वे आम लोगों के साथ सेल्फी लेते भी नजर आते हैं। हालांकि, एक दशक से अधिक समय से सत्ता के केंद्र में रहने के बावजूद सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अब भी तेल पर काफी निर्भर है। यही उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर… 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत…यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी… पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

न्यूजीलैंड में अमेरिका से आधे खर्च में पढ़ाई:भारतीय छात्र 1 साल में 33% बढ़े, छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल का वर्क वीजा भी

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती और वहां महंगी पढ़ाई से भारतीय छात्र नए देश तलाश रहे हैं। न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का पसंदीदा देश बना है। यहां अमेरिका के मुकाबले लगभग आधे खर्च में पढ़ाई और फिर बाद में 3 साल का वर्क वीजा मिलता है। इसके कारण यहां 1 साल में भारतीय छात्रों की संख्या में 33% बढ़ी है। ऑफर… 4 यूनिवर्सिटी में मेरिट से स्कॉलरशिप न्यूजीलैंड में 4 यूनिवर्सिटी- वाइकातो, कैंटरबरी, विक्टोरिया और वेलिंगटन में मेरिट बेस से भारतीय स्टूडेंट्स को फुल स्कॉलरशिप का ऑफर भी शुरू किया गया है। एनजेड स्कॉलरशिप: पीएचडी वाले भारतीय छात्रों के लिए 14 लाख रुपए तक की फीस माफी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप: फीस, रहन-सहन, यात्रा कवर। साप्ताहिक भत्ता भी। एक्सीलेंस अवॉर्ड: साढ़े 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि छात्रों को दी जाती है। हाई अचीवर्स स्कॉलरशिप: मेधावी भारतीय छात्रों को फीस में 11 लाख छूट। राहत…यहां इमिग्रेशन फोर्स की धरपकड़ का डर नहीं वेलिंगटन में रहने वाले छात्र आकाश का कहना है कि न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन फोर्स का खतरा नहीं होता है। आकाश का कहना है कि अमेरिका में रहने वाले उनके साथी छात्र बताते हैं कि कैसे इमिग्रेशन की धरपकड़ का डर रहता है। भारतीय छात्रों को वहां हमेशा अपने वीसा, पासपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स साथ रखने पड़ते हैं। स्टूडेंट ट्रैकर आईसीईएफ के अनुसार 2025 में 12 हजार छात्रों की तुलना में इस साल जुलाई दाखिले में ये संख्या 16 हजार पहुंचेगी। अमेरिका में फीस, कॉस्ट ऑफ लिविंग व हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च 85 लाख रुपए पड़ता है। इसकी तुलना में न्यूजीलैंड में ये खर्च लगभग 44 लाख रुपए ही बैठता है। गारंटी… पार्टटाइम और फुलटाइम जॉब आसान ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र गौरव शर्मा कहते हैं कि न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम जॉब भी आसानी से मिल जाती है। छात्र हर हफ्ते 25 घंटे काम कर सकता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद न्यूजीलैंड में हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन और एग्री सेक्टर की ग्रीन लिस्ट में ढेरों जॉब ऑफर होते हैं।

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते हफ्ते देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 1.43 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। हफ्ते के दौरान मार्केट कैप बढ़ाने वाली 4 कंपनियों में SBI के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहीं। SBI के मार्केट कैप में ₹63,922.03 करोड़ की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बैंक की कुल मार्केट वैल्युएशन बढ़कर ₹10.12 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। रिलायंस की वैल्यू ₹32,816 करोड़ बढ़ी वहीं रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गई। इसके अलावा TCS की वैल्यू में ₹31,875.35 करोड़ का उछाल आया और इसका टोटल मार्केट कैप ₹8.87 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं LT का मार्केट कैप ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया है। LIC को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ दूसरी तरफ टॉप-10 में शामिल अन्य 6 बड़ी कंपनियों की वैल्युएशन कुल मिलाकर ₹1.23 लाख करोड़ घटी है। यह 6 कंपनियां भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा:SBI टॉप गेनर, वैल्यू ₹63,922 करोड़ बढ़ी; LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते हफ्ते देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 1.43 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। हफ्ते के दौरान मार्केट कैप बढ़ाने वाली 4 कंपनियों में SBI के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहीं। SBI के मार्केट कैप में ₹63,922.03 करोड़ की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बैंक की कुल मार्केट वैल्युएशन बढ़कर ₹10.12 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई। रिलायंस की वैल्यू ₹32,816 करोड़ बढ़ी वहीं रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गई। इसके अलावा TCS की वैल्यू में ₹31,875.35 करोड़ का उछाल आया और इसका टोटल मार्केट कैप ₹8.87 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं LT का मार्केट कैप ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया है। LIC को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ दूसरी तरफ टॉप-10 में शामिल अन्य 6 बड़ी कंपनियों की वैल्युएशन कुल मिलाकर ₹1.23 लाख करोड़ घटी है। यह 6 कंपनियां भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

नेपाल PM बालेन सोमवार को पहले भारतीय राजदूत से मिलेंगे:बाद में चीन के दूत से बात होगी, अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से वन-टू-वन बैठक

नेपाल PM बालेन सोमवार को पहले भारतीय राजदूत से मिलेंगे:बाद में चीन के दूत से बात होगी, अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से वन-टू-वन बैठक

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सोमवार को सबसे पहले भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे चीन के राजदूत झांग माओमिंग से बातचीत करेंगे। मंगलवार को शाह अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी स्कॉट अर्बोम से वन-टू-वन बैठक करेंगे। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार होगा, जब बालेन किसी विदेशी राजदूत से अकेले में मुलाकात करेंगे। इससे पहले वे विदेशी राजदूतों के साथ सामूहिक बैठकों को प्राथमिकता देते रहे हैं।। एक ही दिन भारत और चीन के राजदूतों से बैठक के बाद अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से बातचीत होगी। इन बैठकों में नेपाल के इन तीनों देशों के साथ रिश्तों और मौजूदा मुद्दों पर बात होने की संभावना है। दो हफ्ते पहले होनी थी मुलाकात, हिंसा के बाद टली शाह की इन राजदूतों से मुलाकात करीब दो हफ्ते पहले ही तय थी। लेकिन सुनसरी और दूसरे जिलों में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद कार्यक्रम टाल दिया गया था। अब सरकार ने फिर से इन मुलाकातों का कार्यक्रम बनाया है। प्रधानमंत्री के एक सलाहकार के मुताबिक, दोनों देशों के दूतावासों को मुलाकात का समय बता दिया गया है। शाह पहले अकेले में मुलाकात से बचते रहे प्रधानमंत्री बनने के बाद शाह ने विदेशी राजदूतों और बड़े विदेशी अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात नहीं करने का तरीका अपनाया था। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी दूतावास की कई मुलाकात की रिक्वेस्ट भी नहीं मानीं। इनमें अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत सर्जियो गोर से मुलाकात शामिल थी। अमेरिकी विदेश विभाग की पब्लिक डिप्लोमेसी की अंडर सेक्रेटरी सारा बी. रोजर्स भी नेपाल दौरे पर आई थीं, लेकिन शाह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बजाय शाह ने काठमांडू में तैनात कई देशों के राजदूतों के साथ साथ बैठकर बैठकें की थीं। ऐसी बैठकें 9 अप्रैल और 26 मई को हुई थीं। अकेले विदेशी राजदूतों से क्यों नहीं मिलते थे बालेन? बालेन की राजदूतों के साथ सामूहिक बैठक करने की नीति को नेपाल के कई राजनयिकों और विदेश नीति के जानकारों ने अच्छा कदम बताया था। उनका मानना था कि सभी राजदूतों से एक साथ मिलने पर किसी एक देश को ज्यादा तवज्जो देने का संदेश नहीं जाता। इससे नेपाल सभी देशों के साथ बराबरी का व्यवहार करता दिखता था और बातचीत भी ज्यादा साफ तरीके से होती थी। हालांकि, बाद में बालेन ने नेपाल के घरेलू मामलों से जुड़े लोगों से अलग-अलग मुलाकातें शुरू कर दीं। ऐसे में विदेशी राजदूतों के साथ भी पहले वाली सामूहिक बैठक की नीति को लंबे समय तक जारी रखना मुश्किल हो गया। 100 दिन बाद बालेन ने बदला अपना तरीका शाह की सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद उनके राजनीतिक सलाहकार आसिम शाह और दूसरे सलाहकारों ने उन्हें देश के अंदर भी अलग-अलग लोगों से मिलने की सलाह दी। इनमें कारोबारी, मीडिया से जुड़े लोग, ठेकेदार और दूसरे बड़े लोग शामिल थे। इसके साथ ही काठमांडू में तैनात विदेशी राजदूतों से भी अलग-अलग मुलाकात शुरू करने की तैयारी हुई। हाल के हफ्तों में शाह का तरीका बदला हुआ नजर आया है। वे अब अलग-अलग लोगों से मिलकर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने मधेश के राजनीतिक दलों और सांसदों के साथ बैठकें की हैं। इसके अलावा कारोबारियों, ठेकेदारों, उद्योगपतियों और निर्यातकों से भी अलग-अलग मुलाकात की है। अब विदेशी राजदूतों से वन-टू-वन मुलाकात भी इसी बदले हुए तरीके का हिस्सा मानी जा रही है।

प्रीति जिंटा बोलीं-मोहाली मेरा घर, यहां मिला प्यार खास:अभिनेत्री ने पोस्ट की शेयर; मोहाली में सनी देयोल के साथ फिल्म की प्रमोशन को पहुंचीं

प्रीति जिंटा बोलीं-मोहाली मेरा घर, यहां मिला प्यार खास:अभिनेत्री ने पोस्ट की शेयर; मोहाली में सनी देयोल के साथ फिल्म की प्रमोशन को पहुंचीं

बॉलीवुड अभिनेत्री और किंग्स पंजाब की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए गत दिनों मोहाली पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ अभिनेता सनी देओल भी मौजूद थे। दोनों ने मोहाली की एक निजी यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से मुलाकात की और उन्हें फिल्म देखने के लिए सिनेमाघरों में पहुंचने का न्योता दिया। इस मौके पर प्रीति जिंटा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “मोहाली मेरा घर है और यहां वापस आकर जिस तरह का प्यार मिला, वह बेहद खास रहा।” सूट में एयरपोर्ट पर हुई स्पॉट प्रीति जिंटा का पंजाब से लगाव किसी से छिपा नहीं है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचने के दौरान भी उनके अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने नारंगी रंग का बेहद खूबसूरत और वाइब्रेंट सलवार सूट पहना हुआ था। कानों में बड़े गोल्डन हूप्स इयररिंग्स, हाथों में कंगन और कलाई पर एलिगेंट वॉच पहनी थी। उन्होंने बाल खुले रखे थे और मेकअप काफी नेचुरल और मिनिमल रखा था। एयरपोर्ट पर कई फैंस ने उन्हें अपने कैमरे में कैद किया। वहीं, उन्होंने फैंस का अपनी स्माइल से दिल जीता। सनी देओल बेटे के साथ आए थे वहीं, सनी देओल के साथ उनके बड़े बेटे करण देओल भी मौजूद थे। दोनों ने चंडीगढ़ और मोहाली में फिल्म का प्रमोशन किया। फिल्म के प्रमोशन के लिए सनी देओल पंजाब में रोड ट्रिप कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने जालंधर और अमृतसर का भी दौरा किया।

ईरान ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का वीडियो जारी किया:जंग के बाद पहली बार दिखे, जमीन पर बैठे लोगों से बात करते नजर आए

ईरान ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का वीडियो जारी किया:जंग के बाद पहली बार दिखे, जमीन पर बैठे लोगों से बात करते नजर आए

ईरान ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का एक वीडियो जारी किया है। जंग के बाद पहली बार सामने आए इस वीडियो में खामेनेई जमीन पर बैठे लोगों से बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है, जब उनकी तबीयत को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने यह वीडियो जारी किया। फुटेज में खामेनेई सामान्य नजर आ रहे हैं और लोगों से बातचीत करते दिख रहे हैं। दरअसल, इजराइली मीडिया ने हाल ही में दावा किया था कि खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद ईरान की ओर से यह वीडियो जारी किया गया। हालांकि, वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। ईरानी मीडिया की ओर से वीडियो जारी किए जाने को खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही अटकलों का जवाब माना जा रहा है। खबर अपडेट हो रही है….

साजन के सेट माधुरी को निहारते थे संजय दत्त:लॉरेंस डिसूजा बोले- कैमरे के पास आकर एक्ट्रेस को देखते थे, अफेयर पर कभी ध्यान नहीं दिया

साजन के सेट माधुरी को निहारते थे संजय दत्त:लॉरेंस डिसूजा बोले- कैमरे के पास आकर एक्ट्रेस को देखते थे, अफेयर पर कभी ध्यान नहीं दिया

1991 में रिलीज हुई फिल्म साजन अपनी कहानी, गानों और संजय दत्त, सलमान खान व माधुरी दीक्षित की तिकड़ी के कारण सुपरहिट रही। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान संजय और माधुरी के कथित अफेयर की खबरों ने भी सुर्खियां बटोरी थीं। अब फिल्म के निर्देशक लॉरेंस डिसूजा ने इन चर्चाओं पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान टीम काम और मस्ती में व्यस्त थी, इसलिए उन्हें दोनों के रिश्ते की अफवाहों पर ध्यान देने का मौका नहीं मिला। हालांकि, निर्देशक ने दिलचस्प वाकया जरूर याद किया, जब संजय कैमरे से माधुरी के क्लोजअप देखते थे। साजन की शूटिंग के दौरान अफेयर की खबरें चर्चा में थीं फिल्म ‘साजन’ की शूटिंग के दौरान संजय दत्त और माधुरी दीक्षित के कथित रिश्ते की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को पसंद आई थी और इसी वजह से उनके ऑफ-स्क्रीन रिश्ते को लेकर भी तरह-तरह की अटकलें लगाई गईं। हालांकि, फिल्म के निर्देशक लॉरेंस डिसूजा का कहना है कि सेट पर मौजूद लोगों के लिए ये चर्चाएं कोई बड़ी बात नहीं थीं। हाल ही में विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में लॉरेंस डिसूजा ने कहा कि पूरी टीम फिल्म बनाने में इतनी व्यस्त और खुश थी कि उन्हें इस तरह की बातों पर ध्यान देने का मौका ही नहीं मिला। उनके मुताबिक, शूटिंग के दौरान सभी लोग खूब मस्ती करते थे और फिल्म कब पूरी हो गई, इसका भी उन्हें एहसास नहीं हुआ। माधुरी के क्लोजअप के दौरान कैमरे में देखते थे संजय हालांकि, निर्देशक ने संजय दत्त का एक दिलचस्प व्यवहार जरूर याद किया। लॉरेंस डिसूजा फिल्म के निर्देशक होने के साथ-साथ इसके कैमरामैन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। उन्होंने बताया कि जब वह माधुरी दीक्षित के क्लोजअप शूट करते थे, तब कई बार संजय दत्त कैमरे के पास आकर उन्हें देखते थे। डायरेक्टर के मुताबिक, संजय कैमरे के जरिए माधुरी को देखते थे, लेकिन उन्होंने उस समय कभी यह सोचने की कोशिश नहीं की कि दोनों के बीच वास्तव में कुछ चल रहा है या नहीं। यानी सेट पर संजय का माधुरी के क्लोजअप देखना निर्देशक को जरूर याद रहा, लेकिन उन्होंने इसे किसी रिश्ते से जोड़कर नहीं देखा। 1993 में संजय दत्त की गिरफ्तारी के बाद अलग होने की खबरें आईं संजय दत्त और माधुरी दीक्षित के कथित रिश्ते की चर्चाओं के बीच 1993 में संजय दत्त की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद दोनों के अलग होने की खबरें सामने आईं। इंटरव्यू में जब लॉरेंस डिसूजा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी खबरों के जरिए ही मिली थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या माधुरी ने परिवार की आपत्ति के चलते संजय से दूरी बना ली थी, तो निर्देशक ने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस मामले पर किसी तरह की पुष्टि करने से इनकार किया। माधुरी के इनकार से संजय दत्त को फर्क नहीं पड़ा था 1993 में संजय दत्त ने भी माधुरी के साथ अपने कथित रिश्ते को लेकर बात की थी। उस दौरान माधुरी ने दोनों के बीच किसी तरह के संबंध की बात से इनकार किया था। संजय ने कहा था कि उन्हें माधुरी के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ा, क्योंकि दोनों लंबे समय से सह-कलाकार रहे हैं। संजय ने यह भी बताया था कि वह अपने हर को-स्टार के साथ अच्छा तालमेल बनाने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, यही वजह थी कि माधुरी के साथ उनकी दोस्ती को रिश्ते के तौर पर देखा जाने लगा। अफवाहें छपने के बाद माधुरी से माफी मांगी थी संजय दत्त ने यह भी बताया था कि जब उनके और माधुरी के रिश्ते की खबरें मीडिया में आईं, उस समय माधुरी ‘खेल’ की शूटिंग के लिए केन्या में थीं। बाद में जब दोनों की ‘साजन’ की शूटिंग हुई तो संजय ने माधुरी से माफी मांगी थी। उन्होंने माना था कि इन खबरों की वजह से माधुरी को बिना किसी गलती के सार्वजनिक चर्चा का सामना करना पड़ा। संजय के मुताबिक, उन्होंने माधुरी से इस बात के लिए माफी मांगी और माधुरी ने भी इसे सहजता से लिया। संजय ने अफेयर के सवाल पर दिया था मजेदार जवाब जब संजय दत्त से सीधे पूछा गया कि क्या उन्होंने माधुरी को डेट किया था, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि काश ऐसा कुछ होता, लेकिन ऐसा नहीं था। संजय ने यह भी कहा था कि वह अपने हर को-स्टार के साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हैं और लोग उसे अफेयर समझ लेते हैं। संजय और माधुरी ने ‘थानेदार’ (1990), ‘साजन’ (1991) और ‘खलनायक’ (1993) जैसी फिल्मों में साथ काम किया। करीब 26 साल बाद दोनों ‘कलंक’ (2019) में फिर स्क्रीन पर साथ नजर आए।

मृणाल ने क्रिकेटर यशस्वी संग डेटिंग पर तोड़ी चुप्पी:वायरल वीडियो के बाद अफवाहें तेज हुईं, एक्ट्रेस बोलीं- भाई आराम करो, Gen Z जरूरी मुद्दे उठाए

मृणाल ने क्रिकेटर यशस्वी संग डेटिंग पर तोड़ी चुप्पी:वायरल वीडियो के बाद अफवाहें तेज हुईं, एक्ट्रेस बोलीं- भाई आराम करो, Gen Z जरूरी मुद्दे उठाए

एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर और भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल इन दिनों अपनी कथित डेटिंग को लेकर चर्चा में हैं। दोनों को मुंबई के बांद्रा स्थित एक कैफे के आसपास देखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके आधार पर दोनों के रिश्ते को लेकर अटकलें लगने लगीं। खास बात यह है कि यशस्वी उम्र में मृणाल से करीब 10 साल छोटे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो के बाद दोनों के रिश्ते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। अब मृणाल ठाकुर ने खुद इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देकर स्थिति साफ करने की कोशिश की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल दावों को लेकर लोगों से कहा कि वे थोड़ा आराम करें और बिना पुष्टि के ऐसी बातें फैलाने से बचें। वायरल वीडियो से शुरू हुई डेटिंग की चर्चा मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल के कथित रिश्ते की चर्चा जुलाई के आखिर में शुरू हुई थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मृणाल को मुंबई के बांद्रा वेस्ट इलाके के एक कैफे से निकलते हुए दिखाया गया। इसके बाद वीडियो को यशस्वी जायसवाल से जोड़ते हुए तरह-तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे दोनों की डेटिंग का सबूत तक बताना शुरू कर दिया। हालांकि, उस समय उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी डेट की पुष्टि नहीं हुई थी। वीडियो को लेकर उठे सवाल वायरल क्लिप के आधार पर सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि मृणाल और यशस्वी एक ही जगह पहुंचे थे और बाद में अलग-अलग वहां से निकले। इसी बात ने अफवाहों को और हवा दी। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया चर्चाओं में यह भी दावा किया गया कि वायरल क्लिप को अलग-अलग वीडियो को जोड़कर तैयार किया गया था। इसलिए वीडियो को दोनों के रिश्ते का पक्का सबूत मानना सही नहीं था। अब मृणाल ने खुद दिया जवाब लगातार चल रही इन अफवाहों के बीच मृणाल ठाकुर ने अब सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वायरल दावों को लेकर साफ तौर पर नाराजगी जताई और लिखा- ‘Bro relax’ यानी भाई, थोड़ा आराम करो। उनकी प्रतिक्रिया का अंदाज यह बताता है कि वह इस तरह की अटकलों को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से बिना पुष्टि के किसी की निजी जिंदगी को लेकर निष्कर्ष निकालने से भी बचने का संदेश दिया। Gen Z से बोलीं- जरूरी मुद्दों पर वीडियो बनाओ मृणाल ने अपनी प्रतिक्रिया में Gen Z यानी युवा सोशल मीडिया यूजर्स को भी संबोधित किया। उन्होंने इशारों में कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ सेलिब्रिटी की निजी जिंदगी को लेकर अफवाहें फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए। युवाओं को महत्वपूर्ण और जरूरी मुद्दों पर वीडियो बनाने चाहिए। इस तरह मृणाल ने डेटिंग की अटकलों को हवा देने के बजाय बातचीत को दूसरे गंभीर मुद्दों की तरफ मोड़ने की कोशिश की। 10 साल छोटे हैं यशस्वी मृणाल ठाकुर का जन्म 1992 में हुआ है, जबकि यशस्वी जायसवाल 2001 में पैदा हुए। इस हिसाब से दोनों की उम्र में करीब 9-10 साल का अंतर है। यही उम्र का अंतर भी सोशल मीडिया पर दोनों की कथित डेटिंग को लेकर चर्चा का एक बड़ा कारण बना। हालांकि, उम्र के अंतर से ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यशस्वी भारत के युवा क्रिकेट स्टार यशस्वी जायसवाल भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 2023 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई। वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे हैं। मृणाल के साथ कथित रिश्ते की खबरों से पहले भी यशस्वी अपने क्रिकेट करियर को लेकर चर्चा में रहे हैं। मृणाल का करियर भी लगातार चर्चा में दूसरी तरफ मृणाल ठाकुर बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ फिल्मों में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। ‘लव सोनिया’, ‘सुपर 30’, ‘बाटला हाउस’, ‘जर्सी’ और ‘सीता रामम’ जैसी फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने अलग तरह के किरदारों से अपनी पहचान बनाई। 2026 में वह ‘दो दीवाने शहर में’ और ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों में नजर आई हैं। फिलहाल अफवाहों पर लगा विराम मृणाल की प्रतिक्रिया के बाद इतना साफ है कि वायरल वीडियो के आधार पर दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही अटकलों को आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। मृणाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया में इन अफवाहों को बढ़ावा देने के बजाय उन्हें हल्के अंदाज में खारिज किया है। ऐसे में फिलहाल मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल के बीच डेटिंग की खबर को सिर्फ सोशल मीडिया की अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।