Wednesday, 23 Sep 2026 | 12:19 PM

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दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुए डायरेक्टर शकील नूरानी:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दीं, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला

दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुए डायरेक्टर शकील नूरानी:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दीं, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला

गोविंदा की फिल्म जोरू का गुलाम डायरेक्ट कर चुके 73 साल के शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। 33 साल की एक्ट्रेस ने उन पर शोषण, ब्लैकमेलिंग समेत कई संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, ये मामला 2016 का है। घटना 2016 की, केस अब दर्ज हुआ मुंबई पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, एक्ट्रेस की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान हुई थी। उन्होंने उनसे आने वाले एक प्रोजेक्ट के बारे में बात की और काम के लिए संपर्क करने को कहा था। शिकायत के मुताबिक, बाद में एक्ट्रेस स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए शकील नूरानी के मालवानी स्थित घर गई थीं। वहां नूरानी ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने को दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। होश आने पर वीडियो दिखाकर धमकाने का आरोप एक्ट्रेस ने FIR में आरोप लगाया कि होश आने के बाद शकील नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल पर एक्ट्रेस का वीडियो दिखाया। उन्होंने धमकी दी कि पुलिस से संपर्क करने या परिवार को जानकारी देने पर वह वीडियो सर्कुलेट कर देंगे। एक्ट्रेस का आरोप है कि नूरानी ने इसी कथित वीडियो के जरिए उन्हें धमकाया और कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी कहा कि यौन संबंधों के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां देते थे। पुलिस ने सतारा के फार्महाउस किया गिरफ्तार FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि नूरानी सतारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस में रह रहे हैं। मालवानी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद नूरानी 40 दिन तक छिपे रहे। पुलिस टीम ने अंधेरी के लोखंडवाला स्थित उनके बेटे के घर की तलाशी भी ली, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अधिकारी ने कहा, “टेक्निकल मदद से हमने उन्हें सतारा जिले के मेधा स्थित एक फार्महाउस में खोजा। मेधा पुलिस स्टेशन के हमारे साथियों ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद हमारी टीम ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।” 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजे गए पुलिस ने शकील नूरानी को शनिवार को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। नूरानी को मालवानी पुलिस ने दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक घटना 2016 की है और मामला अब दर्ज हुआ। डीसीपी (जोन 2) संदीप घुगे ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद से पुलिस टीम जानकारी जुटा रही है। नूरानी के वकील विकास सिंह ने टीओआई से कहा कि उनके क्लाइंट को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए इस पर आगे कोई कॉमेंट नहीं करेंगे। नूरानी ने 1991 से 2000 के बीच फिल्में बनाईं शकील नूरानी ने 1990 और 2000 के शुरुआती दशक में फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों में ‘विष्णु देवा’ (1991), ‘श्रीमान आशिक’ (1993), ‘बड़े दिलवाला’ (1999) और ‘जोरू का गुलाम’ (2000) शामिल हैं। संजय दत्त से पुराना विवाद रहा शकील नूरानी इससे पहले संजय दत्त से विवाद को लेकर चर्चा में रहे थे। मुंबई की एक अदालत ने शकील नूरानी को धमकाने के मामले में संजय दत्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। नूरानी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख कर आरोप लगाया था कि संजय दत्त ने उनकी फिल्म ‘जान की बाजी’ में काम करने के लिए 50 लाख रुपए एडवांस लिए थे। उनका आरोप था कि कुछ दिन की शूटिंग के बाद संजय दत्त ने आगे की शूटिंग के लिए डेट्स नहीं दीं।

दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुए डायरेक्टर शकील नूरानी:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दीं, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला

दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुए डायरेक्टर शकील नूरानी:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दीं, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला

गोविंदा की फिल्म जोरू का गुलाम डायरेक्ट कर चुके 73 साल के शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। 33 साल की एक्ट्रेस ने उन पर शोषण, ब्लैकमेलिंग समेत कई संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, ये मामला 2016 का है। घटना 2016 की, केस अब दर्ज हुआ मुंबई पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, एक्ट्रेस की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान हुई थी। उन्होंने उनसे आने वाले एक प्रोजेक्ट के बारे में बात की और काम के लिए संपर्क करने को कहा था। शिकायत के मुताबिक, बाद में एक्ट्रेस स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए शकील नूरानी के मालवानी स्थित घर गई थीं। वहां नूरानी ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने को दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। होश आने पर वीडियो दिखाकर धमकाने का आरोप एक्ट्रेस ने FIR में आरोप लगाया कि होश आने के बाद शकील नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल पर एक्ट्रेस का वीडियो दिखाया। उन्होंने धमकी दी कि पुलिस से संपर्क करने या परिवार को जानकारी देने पर वह वीडियो सर्कुलेट कर देंगे। एक्ट्रेस का आरोप है कि नूरानी ने इसी कथित वीडियो के जरिए उन्हें धमकाया और कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी कहा कि यौन संबंधों के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां देते थे। पुलिस ने सतारा के फार्महाउस किया गिरफ्तार FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि नूरानी सतारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस में रह रहे हैं। मालवानी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद नूरानी 40 दिन तक छिपे रहे। पुलिस टीम ने अंधेरी के लोखंडवाला स्थित उनके बेटे के घर की तलाशी भी ली, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अधिकारी ने कहा, “टेक्निकल मदद से हमने उन्हें सतारा जिले के मेधा स्थित एक फार्महाउस में खोजा। मेधा पुलिस स्टेशन के हमारे साथियों ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद हमारी टीम ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।” 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजे गए पुलिस ने शकील नूरानी को शनिवार को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। नूरानी को मालवानी पुलिस ने दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक घटना 2016 की है और मामला अब दर्ज हुआ। डीसीपी (जोन 2) संदीप घुगे ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद से पुलिस टीम जानकारी जुटा रही है। नूरानी के वकील विकास सिंह ने टीओआई से कहा कि उनके क्लाइंट को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए इस पर आगे कोई कॉमेंट नहीं करेंगे। नूरानी ने 1991 से 2000 के बीच फिल्में बनाईं शकील नूरानी ने 1990 और 2000 के शुरुआती दशक में फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों में ‘विष्णु देवा’ (1991), ‘श्रीमान आशिक’ (1993), ‘बड़े दिलवाला’ (1999) और ‘जोरू का गुलाम’ (2000) शामिल हैं। संजय दत्त से पुराना विवाद रहा शकील नूरानी इससे पहले संजय दत्त से विवाद को लेकर चर्चा में रहे थे। मुंबई की एक अदालत ने शकील नूरानी को धमकाने के मामले में संजय दत्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

एक्टर तेज सप्रू ने हाल ही में बताया कि राजेश खन्ना ने कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गालियां दी थीं। ‘द रेडिफ’ के पॉडकास्ट में तेज सप्रू ने बताया कि इस घटना से उनका दिल बुरी तरह टूट गया था, क्योंकि वो राजेश खन्ना की बहुत इज्जत करते थे। तेज सप्रू ने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। राजेश खन्ना की पर्सनैलिटी पर बात करते हुए तेज सप्रू ने कहा कि जब कोई शिखर पर होता है, तो कई बार उसके आसपास के लोग ही उसका दिमाग ज्यादा खराब कर देते हैं। हालांकि, राजेश खन्ना की दूसरी क्वालिटी बहुत खास थी। तेज के मुताबिक, “इतने बड़े दिल वाला मैंने शायद ही देखा है किसी को।” इसके बाद उन्होंने कश्मीर में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई घटना का जिक्र किया। सप्रू ने बताया, “एक बार हम साथ काम कर रहे थे। तभी अचानक पीछे से किसी की मुझे गालियां देते हुए आवाज सुनाई दी। मैंने मुड़कर देखा तो पाया कि वह काका जी थे।” तेज सप्रू ने बताया कि जब राजेश खन्ना ने उन्हें गालियां दीं, तब वह फिल्म की एक एक्ट्रेस के साथ थे। उन्होंने यह नहीं बताया कि राजेश खन्ना ने उन्हें गाली क्यों दी थी। सप्रू ने कहा कि इस घटना ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया था। उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना की पहली फिल्म उनके पिता डीके सप्रू के साथ थी और वह उनका बहुत सम्मान करते थे। तेज सप्रू ने कहा, “मैं सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि खुद से सीनियर और मेरे पिता के साथ काम करने वाले हर शख्स का सम्मान करता हूं। चाहे वह बड़ा एक्टर हो या छोटा, जब तक वह बैठ नहीं जाता, मैं खुद कुर्सी पर नहीं बैठता।” उन्होंने आगे बताया, “इतना सम्मान करने के बावजूद न जाने क्या हुआ कि उन्होंने पीछे से मुझे गाली दे दी। मैं इस बात से बहुत परेशान हो गया था।” राजेश खन्ना ने अगले दिन मांगी माफी तेज सप्रू ने बताया कि अगले दिन दोनों का साथ में शूट था। कश्मीर में बर्फ के बीच एक सीक्वेंस की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने राजेश खन्ना को हाय, हैलो या नमस्ते कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप एक कुर्सी लगाकर बर्फ में बैठ गए। तेज सप्रू ने बताया कि वह उस वक्त भी पिछली घटना से नाराज थे। वह राजेश खन्ना से कोई बातचीत नहीं करना चाहते थे। शूटिंग शुरू हुई और दोनों अपने-अपने शॉट में व्यस्त हो गए। इसके बाद राजेश खन्ना उनके पास आए और बात शुरू की। तेज सप्रू के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनसे कहा, “हे टॉल बॉय, चल भूल जा।” इस पर तेज सप्रू ने जवाब दिया, “सर, आपने गाली दे दी थी मुझे।” राजेश खन्ना ने इसके बाद कहा, “नहीं नहीं, हो गया यार, आजा आजा।” तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद राजेश खन्ना ने उन्हें शाम को अपने साथ चलने के लिए कहा। तेज सप्रू उनके साथ जाने के लिए मान गए। शूटिंग खत्म होने के बाद दोनों साथ गए। तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने कहा, “फुल रात काका जी और मैंने बैठ के पिया, खाया।”

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

एक्टर तेज सप्रू ने हाल ही में बताया कि राजेश खन्ना ने कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गालियां दी थीं। ‘द रेडिफ’ के पॉडकास्ट में तेज सप्रू ने बताया कि इस घटना से उनका दिल बुरी तरह टूट गया था, क्योंकि वो राजेश खन्ना की बहुत इज्जत करते थे। तेज सप्रू ने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। राजेश खन्ना की पर्सनैलिटी पर बात करते हुए तेज सप्रू ने कहा कि जब कोई शिखर पर होता है, तो कई बार उसके आसपास के लोग ही उसका दिमाग ज्यादा खराब कर देते हैं। हालांकि, राजेश खन्ना की दूसरी क्वालिटी बहुत खास थी। तेज के मुताबिक, “इतने बड़े दिल वाला मैंने शायद ही देखा है किसी को।” इसके बाद उन्होंने कश्मीर में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई घटना का जिक्र किया। सप्रू ने बताया, “एक बार हम साथ काम कर रहे थे। तभी अचानक पीछे से किसी की मुझे गालियां देते हुए आवाज सुनाई दी। मैंने मुड़कर देखा तो पाया कि वह काका जी थे।” तेज सप्रू ने बताया कि जब राजेश खन्ना ने उन्हें गालियां दीं, तब वह फिल्म की एक एक्ट्रेस के साथ थे। उन्होंने यह नहीं बताया कि राजेश खन्ना ने उन्हें गाली क्यों दी थी। सप्रू ने कहा कि इस घटना ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया था। उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना की पहली फिल्म उनके पिता डीके सप्रू के साथ थी और वह उनका बहुत सम्मान करते थे। तेज सप्रू ने कहा, “मैं सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि खुद से सीनियर और मेरे पिता के साथ काम करने वाले हर शख्स का सम्मान करता हूं। चाहे वह बड़ा एक्टर हो या छोटा, जब तक वह बैठ नहीं जाता, मैं खुद कुर्सी पर नहीं बैठता।” उन्होंने आगे बताया, “इतना सम्मान करने के बावजूद न जाने क्या हुआ कि उन्होंने पीछे से मुझे गाली दे दी। मैं इस बात से बहुत परेशान हो गया था।” राजेश खन्ना ने अगले दिन मांगी माफी तेज सप्रू ने बताया कि अगले दिन दोनों का साथ में शूट था। कश्मीर में बर्फ के बीच एक सीक्वेंस की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने राजेश खन्ना को हाय, हैलो या नमस्ते कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप एक कुर्सी लगाकर बर्फ में बैठ गए। तेज सप्रू ने बताया कि वह उस वक्त भी पिछली घटना से नाराज थे। वह राजेश खन्ना से कोई बातचीत नहीं करना चाहते थे। शूटिंग शुरू हुई और दोनों अपने-अपने शॉट में व्यस्त हो गए। इसके बाद राजेश खन्ना उनके पास आए और बात शुरू की। तेज सप्रू के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनसे कहा, “हे टॉल बॉय, चल भूल जा।” इस पर तेज सप्रू ने जवाब दिया, “सर, आपने गाली दे दी थी मुझे।” राजेश खन्ना ने इसके बाद कहा, “नहीं नहीं, हो गया यार, आजा आजा।” तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद राजेश खन्ना ने उन्हें शाम को अपने साथ चलने के लिए कहा। तेज सप्रू उनके साथ जाने के लिए मान गए। शूटिंग खत्म होने के बाद दोनों साथ गए। तेज सप्रू ने बताया कि इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काफी वक्त बिताया। उन्होंने कहा, “फुल रात काका जी और मैंने बैठ के पिया, खाया।”

रिपोर्ट-होर्मुज खोलने पर ईरान से समझौता कर सकता है अमेरिका:बदले में ट्रम्प परमाणु समझौते की मांग छोड़ सकते हैं; सीजफायर की तैयारी

रिपोर्ट-होर्मुज खोलने पर ईरान से समझौता कर सकता है अमेरिका:बदले में ट्रम्प परमाणु समझौते की मांग छोड़ सकते हैं; सीजफायर की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होर्मुज खोलने के बदलने परमाणु समझौते की मांग छोड़ सकते हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प चाहते हैं ईरान होर्मुज पूरी तरह खोल दें। इससे ईरान के साथ फिर से सीजफायर का रास्ता भी बन सकता है। ट्रम्प समझौते के बिना पीछे हटने को तैयार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रम्प प्रशासन कई हफ्तों से इसके तैयार कर रहा है। उन्होंने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी बातचीत में कहा है कि वे ईरान के साथ नया परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। ईरान ने भी होर्मुज खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिक नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना और इलाके से अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल है। ईरान ने प्रतिबंध हटाने और उसकी जब्त संपत्तियां लौटाने की मांग भी की है। खबर अपडेट हो रही है…

सर्जरी के दौरान सोनू निगम ने गाना गाया:हॉस्पिटल बेड से शेयर किया वीडियो, श्रेया घोषाल ने की जल्द रिकवरी की कामना

सर्जरी के दौरान सोनू निगम ने गाना गाया:हॉस्पिटल बेड से शेयर किया वीडियो, श्रेया घोषाल ने की जल्द रिकवरी की कामना

सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो हॉस्पिटल में सर्जरी के दौरान मेडिकल स्टाफ के लिए गाना गाते नजर आ रहे हैं। सोनू निगम ने वीडियो शेयर कर लिखा- “मेरी सर्जरी के दौरान प्यारे डॉक्टर नीलेश सतभाई और उनकी पूरी टीम के लिए अचानक एक छोटा सा परफॉर्मेंस दिया। दर्द में भी गाया… क्योंकि संगीत की खुशी सबसे अलग है!” वीडियो में सोनू को हॉस्पिटल बेड पर देखा जा सकता है। उनकी सर्जरी चल रही है और सोनू मोहम्मद रफी का ‘सुहानी रात ढल चुकी’ गाना गा रहे हैं। बता दें कि ये गाना फिल्म ‘दुलारी’ का है। फिल्म 1949 में रिलीज हुई थी। सोनू निगम की सर्जरी के बाद उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कई सेलेब्स ने उनकी पोस्ट पर कमेंट किए। सोनू के वीडियो पर श्रेया घोषाल ने कमेंट किया, ‘सोनू जी आप जल्द ठीक हो जाइए। आप जल्दी रिकवर करें। आपका म्यूजिक के लिए डेडिकेशन और परफेक्शन इस हालत में भी बहुत इंस्पायरिंग है।’ सिंगर श्रद्धा पंडित ने सोनू को ‘ईश्वर की आवाज’ बताते हुए उनके जल्द ठीक होने की कामना की। सिंगर विशाल मिश्रा ने लिखा, ‘इसीलिए आप मेरे भगवान हैं। जल्द ठीक हो जाइए भैया।’ इसके अलावा रणवीर अल्लाहबादिया ने भी लिखा, ‘जल्द ठीक हो जाइए सोनू सर, ढेर सारा प्यार।’ वहीं महिमा चौधरी ने लिखा, ‘हे भगवान। ये शानदार है। जल्द ठीक हो जाइए। आपकी आवाज। कोलेब के लिए ये अच्छा आइडिया है, आजकल के मेडिकल बिलों को देखते हुए। फैंस भी सोनू की जल्द रिकवरी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।’ सोनू निगम ने बताया था- उनकी नसें दब गई थीं सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जून में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी शेयर की थी। सोनू ने बताया था कि वो नसों से जुड़ी एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करवा रहे हैं। जून में सोनू ने बताया था कि उनकी नसें दब गई हैं और उन्होंने MRI और CT स्कैन करवाए थे। सोनू ने कहा था कि मेरी कई MRI और CT स्कैन हो चुके हैं। मैं पिछले कई दिनों से दवाइयां ले रहा हूं। उन्होंने अपनी गर्दन के पास लगा एक पैच भी दिखाया था। सोनू ने बताया था कि नस दबने की वजह से उन्हें गले में भारीपन महसूस हो रहा था। उन्होंने बताया था कि फिजियोथेरेपी उनके लिए दर्दभरा एक्सपीरियंस रहा और रिकवरी प्रोसेस आसान नहीं है। वो दर्द की दवाई ले रहे थे। सोनू निगम हाल ही में 30 जुलाई को 53 साल के हुए हैं। अपने करियर में उन्होंने ‘कल हो न हो’, ‘अभी मुझ में कहीं’, ‘सूरज हुआ मद्धम’, ‘संदेशे आते हैं’, ‘मुझसे रात दिन बस’, ‘दीवाना तेरा’, ‘मैं अगर कहूं’ जैसे कई गाने गाए हैं। उन्हें गाने ‘कल हो न हो’ के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था। सोनू निगम को 2022 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। पर्सनल लाइफ की बात करें तो सोनू निगम की पत्नी का नाम मधुरिमा निगम है। उनकी शादी 15 फरवरी 2002 में हुई थी। उनका एक बेटा भी है, जिसका नाम नेवान निगम है।

सर्जरी के दौरान सोनू निगम ने गाना गाया:हॉस्पिटल बेड से शेयर किया वीडियो, श्रेया घोषाल ने की जल्द रिकवरी की कामना

सर्जरी के दौरान सोनू निगम ने गाना गाया:हॉस्पिटल बेड से शेयर किया वीडियो, श्रेया घोषाल ने की जल्द रिकवरी की कामना

सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो हॉस्पिटल में सर्जरी के दौरान मेडिकल स्टाफ के लिए गाना गाते नजर आ रहे हैं। सोनू निगम ने वीडियो शेयर कर लिखा- “मेरी सर्जरी के दौरान प्यारे डॉक्टर नीलेश सतभाई और उनकी पूरी टीम के लिए अचानक एक छोटा सा परफॉर्मेंस दिया। दर्द में भी गाया… क्योंकि संगीत की खुशी सबसे अलग है!” वीडियो में सोनू को हॉस्पिटल बेड पर देखा जा सकता है। उनकी सर्जरी चल रही है और सोनू मोहम्मद रफी का ‘सुहानी रात ढल चुकी’ गाना गा रहे हैं। बता दें कि ये गाना फिल्म ‘दुलारी’ का है। फिल्म 1949 में रिलीज हुई थी। सोनू निगम की सर्जरी के बाद उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कई सेलेब्स ने उनकी पोस्ट पर कमेंट किए। सोनू के वीडियो पर श्रेया घोषाल ने कमेंट किया, ‘सोनू जी आप जल्द ठीक हो जाइए। आप जल्दी रिकवर करें। आपका म्यूजिक के लिए डेडिकेशन और परफेक्शन इस हालत में भी बहुत इंस्पायरिंग है।’ सिंगर श्रद्धा पंडित ने सोनू को ‘ईश्वर की आवाज’ बताते हुए उनके जल्द ठीक होने की कामना की। सिंगर विशाल मिश्रा ने लिखा, ‘इसीलिए आप मेरे भगवान हैं। जल्द ठीक हो जाइए भैया।’ इसके अलावा रणवीर अल्लाहबादिया ने भी लिखा, ‘जल्द ठीक हो जाइए सोनू सर, ढेर सारा प्यार।’ वहीं महिमा चौधरी ने लिखा, ‘हे भगवान। ये शानदार है। जल्द ठीक हो जाइए। आपकी आवाज। कोलेब के लिए ये अच्छा आइडिया है, आजकल के मेडिकल बिलों को देखते हुए। फैंस भी सोनू की जल्द रिकवरी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।’ सोनू निगम ने बताया था- उनकी नसें दब गई थीं सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जून में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी शेयर की थी। सोनू ने बताया था कि वो नसों से जुड़ी एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करवा रहे हैं। जून में सोनू ने बताया था कि उनकी नसें दब गई हैं और उन्होंने MRI और CT स्कैन करवाए थे। सोनू ने कहा था कि मेरी कई MRI और CT स्कैन हो चुके हैं। मैं पिछले कई दिनों से दवाइयां ले रहा हूं। उन्होंने अपनी गर्दन के पास लगा एक पैच भी दिखाया था। सोनू ने बताया था कि नस दबने की वजह से उन्हें गले में भारीपन महसूस हो रहा था। उन्होंने बताया था कि फिजियोथेरेपी उनके लिए दर्दभरा एक्सपीरियंस रहा और रिकवरी प्रोसेस आसान नहीं है। वो दर्द की दवाई ले रहे थे। सोनू निगम हाल ही में 30 जुलाई को 53 साल के हुए हैं। अपने करियर में उन्होंने ‘कल हो न हो’, ‘अभी मुझ में कहीं’, ‘सूरज हुआ मद्धम’, ‘संदेशे आते हैं’, ‘मुझसे रात दिन बस’, ‘दीवाना तेरा’, ‘मैं अगर कहूं’ जैसे कई गाने गाए हैं। उन्हें गाने ‘कल हो न हो’ के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था। सोनू निगम को 2022 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। पर्सनल लाइफ की बात करें तो सोनू निगम की पत्नी का नाम मधुरिमा निगम है। उनकी शादी 15 फरवरी 2002 में हुई थी। उनका एक बेटा भी है, जिसका नाम नेवान निगम है।

नेतन्याहू ने गाजा से सेना हटाने की योजना ठुकराई:कहा- हमास के निहत्था होने तक वापसी नहीं होगी; ट्रम्प का 15-पॉइंट गाजा प्लान खारिज किया

नेतन्याहू ने गाजा से सेना हटाने की योजना ठुकराई:कहा- हमास के निहत्था होने तक वापसी नहीं होगी; ट्रम्प का 15-पॉइंट गाजा प्लान खारिज किया

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को गाजा से सेना हटाने के प्लान को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि हमास के पूरी तरह निहत्था होने तक इजराइली सेना गाजा से वापस नहीं हटेगी। नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि इजराइल ने अमेरिकी प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इजराइल हमास को दिखावटी तौर पर नहीं, बल्कि वास्तव में खत्म करना चाहता है। अमेरिका से बातचीत जारी, कुछ सुझाव मंजूर नेतन्याहू ने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत चल रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका की ओर से कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनमें से कुछ इजराइल को मंजूर हैं और कुछ नहीं। अमेरिका के समर्थन वाला बोर्ड ऑफ पीस युद्ध के बाद गाजा के लिए अपनी योजना आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हमास इस योजना को स्वीकार कर चुका है, लेकिन इजराइली अधिकारियों का आरोप है कि आतंकी संगठन इस प्रक्रिया का इस्तेमाल इजराइल की दोबारा सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कर रहा है। पिछले महीने ट्रम्प के बोर्ड ऑफ पीस ने हमास और गाजा के दूसरे सशस्त्र संगठनों को पूरी तरह निहत्था करने और इसके साथ इजराइली सेना की वापसी का समझौता घोषित किया था। ट्रम्प ने इसे युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता और स्थायी शांति-सुरक्षा की ओर बड़ा कदम बताया था। गाजा प्लान में स्टेप्स में सेना हटाने का प्रस्ताव अमेरिकी प्रस्ताव के तहत हमास अलग-अलग फेज में अपने हथियार गाजा की नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था को सौंपता। इसके बदले इजराइल गाजा के उस आधे से ज्यादा हिस्से से धीरे-धीरे सेना हटाता, जिस पर अभी उसका नियंत्रण है। प्लान के मुताबिक, इजराइल और हमास को पहले मौजूदा संघर्षविराम से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद हमास और दूसरे फिलिस्तीनी गुट गाजा का नागरिक प्रशासन और आंतरिक सुरक्षा राष्ट्रीय समिति को सौंपेंगे। इस समिति का नाम नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा है। इसे संक्रमण के दौरान गाजा का प्रशासन संभालने वाली फिलिस्तीनी तकनीकी समिति के तौर पर बनाया जाना है। योजना में भारी हथियारों, हथियार भंडार, सैन्य ठिकानों और सुरंगों की पहचान कर उन्हें समिति के नियंत्रण में देने की बात कही गई है। इजराइली सैनिकों और फिलिस्तीनी प्रशासन वाले इलाकों के बीच अंतर रखने तथा समझौते की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाना है। इजराइली सेना तय समयसीमा के तहत चरणों में गाजा से हटेगी। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय निगरानी में पुनर्निर्माण और सार्वजनिक सेवाएं बहाल करने का काम शुरू होगा। योजना में फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय और फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए लंबे समय की राजनीतिक प्रक्रिया का भी जिक्र है। नेतन्याहू बोले- मेरे रहते फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनेगा नेतन्याहू ने यह भी कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, गाजा या वेस्ट बैंक में कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनेगा। उन्होंने यह बात ट्रम्प के योजना को बड़ी उपलब्धि बताए जाने के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद कही। नेतन्याहू के कार्यालय ने पहले इस योजना पर आपत्ति जताई थी। कार्यालय ने कहा था कि यह ढांचा इजराइल के रुख को नहीं दिखाता, लेकिन तब योजना को सीधे तौर पर खारिज नहीं किया गया था। रविवार को नेतन्याहू ने पहली बार खुले तौर पर योजना को नामंजूर किया। उनके कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इजराइल ने ट्रम्प प्रशासन को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है। यह ट्रम्प और नेतन्याहू के बीच सार्वजनिक तौर पर सामने आया एक दुर्लभ मतभेद है। दोनों के बीच साझेदारी को अक्सर तेज बदलावों वाली और अनुमान लगाना मुश्किल साझेदारी के रूप में बताया जाता रहा है। ट्रम्प ने नेतन्याहू से वॉशिंगटन में मुलाकात के बाद कहा था कि इजराइल इस समझौते से बहुत खुश है। उन्होंने कहा था, “इजराइल ने हमारी मदद की है और वह हमारे साथ बहुत अच्छा रहा है।” हालांकि, ट्रम्प ने यह भी माना था कि योजना को लागू करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा था, “क्या इसमें उतार-चढ़ाव आएंगे? वहां की स्थिति बहुत जटिल है।” एक इजराइली राजनीतिक सूत्र ने यह भी कहा था कि नेतन्याहू की ट्रम्प से मुलाकात में गाजा का मुद्दा नहीं उठा था। हमास ने भी रखी शर्तें हमास ने कहा है कि हथियार सौंपने से पहले इजराइल को अपने हमले रोकने होंगे और पहले हुए संघर्षविराम समझौते की शर्तें पूरी करनी होंगी। संगठन ने कहा कि समझौते की दिशा में पहला कदम इजराइल की ओर से हत्या और हमले रोकने की प्रतिबद्धता होना चाहिए। बातचीत में शामिल हमास के वरिष्ठ अधिकारी गाजी हमद ने कहा कि संगठन मुश्किल और तकलीफदेह समझौते को स्वीकार करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने तुरंत निहत्था होने की बात स्वीकार नहीं की। हमद ने कहा कि इजराइल को पहले शर्म अल-शेख में हुए शुरुआती संघर्षविराम समझौते का पहला चरण लागू करना होगा। इसमें हमले रोकना, सेना को पहले के ठिकानों पर वापस ले जाना और गाजा में सामान तथा मानवीय सहायता की सप्लाई बढ़ाना शामिल है। हमास के मुताबिक, इसके बाद ही वह अपने हथियार गाजा के प्रशासन के लिए बनी राष्ट्रीय समिति के नियंत्रण में देने पर सहमत होगा। हमास के अनुसार, भारी हथियार सौंपने की शर्त इजराइल की ओर से सभी तरह के हमले रोकना और अपनी सेना हटाना है। हमास के पास अब भी इजराइल पर हमला करने की क्षमता: नेतन्याहू नेतन्याहू ने कहा कि हमास के पास अब भी इजराइल पर हमला करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, “वह हमला कर सकता है, लेकिन कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी उसने हम पर हमला क्यों नहीं किया? क्योंकि उसे पता है कि ऐसा करने पर हम उसे कितना ताकतवर जवाब देंगे।” उन्होंने ईरान के खिलाफ सहयोग के लिए ट्रम्प की तारीफ की। नेतन्याहू ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रम्प से मेरा बहुत सम्मान है। वह व्हाइट हाउस में हमारे बहुत अच्छे दोस्त हैं।” उन्होंने कहा, “मैं ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका के साथ ऐतिहासिक साझेदारी की बहुत सराहना करता हूं। मैं फिर साफ करना चाहता हूं कि समझौता हो या न हो, जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।” नेतन्याहू ने कहा, “जो लोग हमें केवल उपदेश देते हैं,

‘रामायणम्’ की रिलीज का महा प्लान:विदेशों में 50 हजार और भारत में 9 हजार स्क्रीन पर होगी रिलीज

‘रामायणम्’ की रिलीज का महा प्लान:विदेशों में 50 हजार और भारत में 9 हजार स्क्रीन पर होगी रिलीज

नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ रिलीज से पहले ही ग्लोबल स्तर पर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। फिल्म को भारत में करीब 9 हजार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज करने की योजना है। यह किसी भारतीय फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज होगी। मेकर्स ने फिल्म का इंग्लिश लिप-सिंक ट्रेलर जारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय रिलीज के बड़े प्लान की जानकारी दी है। भारत और विदेशों के स्क्रीन काउंट को मिलाकर ‘रामायणम्’ की कुल ग्लोबल स्क्रीन संख्या 59 हजार के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि यह आंकड़ा रिलीज के अंतिम समय में बदल सकता है। ‘पुष्पा 2’ और ‘RRR’ से कई गुना बड़ा है रिलीज का प्लान अगर तय स्क्रीन काउंट लागू होता है तो ‘रामायणम्’ हाल की बड़े भारतीय ब्लॉकबस्टर्स से काफी आगे निकल जाएगी। ‘पुष्पा 2: द रूल’ करीब 12-13 हजार और ‘RRR’ करीब 10-11 हजार स्क्रीन्स पर दुनियाभर में रिलीज हुई थीं। ‘रामायणम्’ का प्रस्तावित इंटरनेशनल रिलीज स्केल हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों से भी तुलना खींच रहा है। ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ की रिलीज करीब 52 हजार स्क्रीन्स पर बताई गई थी। ऐसे में ‘रामायणम्’ का संभावित स्क्रीन काउंट इसे नए स्तर पर पहुंचा सकता है। 50 भाषाओं में भी रिलीज होगी, AI लिप-सिंक का हुआ है यूज फिल्म ‘रामायणम्’ को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इसे 50 भाषाओं में रिलीज किया जा सकता है। इसके लिए नमित मल्होत्रा की DNEG की ओर से तैयार की गई AI तकनीक ‘ब्रह्मा AI’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंग्लिश ट्रेलर में इसी तकनीक की झलक देखने को मिली है, जिसमें कलाकारों की मूल आवाज को बरकरार रखते हुए उनके संवादों को लिप-सिंक किया गया है। बता दें कि यह फिल्म 8 नवंबर को भारत में रिलीज होगी। हालांकि उससे दो दिन पहले 6 नवंबर को विदेशों में ग्रैंड लेवल पर रिलीज की जाएगी।

अगस्त के पहले-हफ्ते में FPI ने ₹12,921 करोड़ निवेश किए:जुलाई में भारतीय बाजार में ₹20,200 करोड़ आए थे, वजह- क्रूड सस्ता हुआ

अगस्त के पहले-हफ्ते में FPI ने ₹12,921 करोड़ निवेश किए:जुलाई में भारतीय बाजार में ₹20,200 करोड़ आए थे, वजह- क्रूड सस्ता हुआ

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अगस्त के पहले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में ₹12,921 करोड़ का भारी निवेश किया है। भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की बेहतर होती स्थिति, अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीद, कच्चे तेल के गिरते दाम और स्थिर रुपए के कारण विदेशी निवेशकों की लिवाली जारी है। जुलाई में हुए ₹20,200 करोड़ के निवेश के बाद लगातार दूसरे महीने भारतीय बाजार में पॉजिटिव फंड फ्लो देखा जा रहा है। लगातार 4 महीने की बिकवाली के बाद ट्रेंड बदला जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में ₹1.17 लाख करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बिकवाली के बाद जुलाई से बाजार में ट्रेंड बदला है। CDSL के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से जून तक लगातार चार महीनों की बिकवाली से पहले FPIs ने फरवरी में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था। इसके बाद जुलाई में ₹20,200 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया, जिससे भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली है। 2026 में अब तक ₹2.41 लाख करोड़ निकाले हालिया खरीदारी के बावजूद, विदेशी निवेशक 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी में कुल मिलाकर नेट सेलर बने हुए हैं। इस साल अब तक FPIs भारतीय शेयर बाजार से ₹2.41 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। यह आंकड़ा पूरे साल 2025 में हुई ₹1.66 लाख करोड़ रुपए की कुल बिकवाली से भी ज्यादा हो चुका है। सेकेंडरी मार्केट और लिस्टेड कंपनियों में रुचि बढ़ी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते ने बताया कि हालिया निवेश बाजार में सुधरते सेंटिमेंट का नतीजा है। अमेरिका में रेट कट की उम्मीद, कच्चे तेल की घटती कीमतें और स्थिर रुपए ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। वेदांत गुप्ते ने कहा कि RBI द्वारा ग्रोथ और महंगाई को लेकर दिए गए बेहतर आउटलुक ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। भारतीय शेयरों में विदेशी हिस्सेदारी फिलहाल निचले स्तर पर है, जिससे नए फंड्स के लिए काफी गुंजाइश बची हुई है। इसके अलावा, हालिया खरीदारी का बड़ा हिस्सा सिर्फ IPO के बजाय सेकेंडरी मार्केट से आ रहा है, जो लिस्टेड कंपनियों में विदेशी निवेशकों की गहरी रुचि को दर्शाता है। भू-राजनीतिक तनाव घटने से सेंटिमेंट सुधरा बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का मानना है कि FIIs और DIIs की ओर से लगातार जारी खरीदारी के पीछे भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव का कम होना एक मुख्य वजह है। तनाव कम होने से वैश्विक निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है, जिससे भारतीय शेयर बाजार को मजबूत सहारा मिला है। ऑटो-हेल्थकेयर सेक्टर बने पहली पसंद जिओजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने बताया कि FPIs की खरीदारी में एक खास ट्रेंड देखा जा रहा है। विदेशी निवेशक ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं और इनमें तेजी से अलॉटमेंट बढ़ा रहे हैं। डेट मार्केट में भी पैसा लगा रहे विदेशी निवेशक शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय डेट मार्केट में भी लगातार बना हुआ है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान FPIs ने जनरल रूट के जरिए भारतीय डेट मार्केट में ₹622 करोड़ का निवेश किया है। क्या होता है फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट? ऐसे विदेशी निवेशक या संस्थाएं जो किसी देश के शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या डेट मार्केट में वित्तीय लाभ के लिए पैसा लगाते हैं। वे कंपनियों में सीधे मैनेजमेंट या ऑपरेशनल कंट्रोल नहीं लेते। क्या होता है सेकेंडरी मार्केट? वह वित्तीय बाजार जहां पहले से लिस्टेड शेयरों की खरीद-बिक्री निवेशकों के बीच होती है (जैसे BSE या NSE)। इसमें पैसा सीधे कंपनी को न जाकर बेचने वाले निवेशक के पास जाता है।