Friday, 25 Sep 2026 | 08:19 PM

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अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। होर्मुज संकट के बाद भारत की जरूरत की लगभग 67% कुकिंग गैस यानी LPG अमेरिका से ही आ रही। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम में शुक्रवार को यह बात कही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रैट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लायर भी हो गया है। मई से जुलाई 2026 के दौरान कतर से भारत को एलएनजी का इंपोर्ट 91% घटा है, जबकि अमेरिका से सप्लाई में 253% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई-जुलाई में भारत ने मंगाया 7.08 मिलियन टन LNG इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मई से जुलाई 2026 के तीन महीनों में भारत ने कुल 7.08 मिलियन टन (MT) LNG का इंपोर्ट किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15% ज्यादा है। भारत का एलएनजी आयात अब कतर से कम होकर अमेरिका, अफ्रीका और गैर-कतरी मिडिल ईस्ट के सप्लायर्स की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ है। ओमान से सप्लाई में 341% की सबसे तेज बढ़त मई-जुलाई की अवधि के दौरान अमेरिका ने 2.19 मिलियन टन एलएनजी सप्लाई की और भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया। इसके बाद नाइजीरिया 1.31 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ओमान से सप्लाई में सबसे तेज 341% की ग्रोथ दर्ज की गई। कतर से सप्लाई गिरकर महज 0.23 मिलियन टन रह गई, जो साल-दर-साल 91% की गिरावट है। देश में गैस की कुल मांग 197 mmscmd पर पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नेचुरल गैस की खपत में सुधार हुआ है। जून महीने में कुल गैस मांग बढ़कर 197 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 7% और पिछले साल से 2% ज्यादा है। पावर सेक्टर को छोड़कर गैस की मांग 176 mmscmd रही, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है। एलएनजी की खपत मई से 13% और पिछले साल से 10% बढ़कर 110 mmscmd हो गई, जबकि घरेलू गैस की खपत 87 mmscmd पर स्थिर रही। इसके साथ ही भारत की गैस आयात निर्भरता 56% दर्ज की गई। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर सबसे बड़ा ग्राहक क्षेत्रवार खपत की बात करें तो 58 mmscmd मांग के साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सबसे बड़ा ग्राहक रहा। इसके बाद फर्टिलाइजर सेक्टर में 55 mmscmd और अन्य उद्योगों में 41 mmscmd गैस की खपत हुई। पावर सेक्टर से गैस की मांग सुधरकर 21 mmscmd हुई, रिफाइनरी सेक्टर ने 15 mmscmd की खपत की और पेट्रोकेमिकल सेक्टर की मांग 7 mmscmd रही, हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले अब भी 48% कम है। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट दाम $20 के पार, जुलाई में भी मजबूत रहेगी मांग ग्लोबल लेवल पर ऊंची कीमतों के बावजूद भारत का एलएनजी आयात मजबूत रहा। मई में 2.4 मिलियन टन और जून में 2.3 मिलियन टन एलएनजी बर्थ अराइवल्स दर्ज किए गए, जिससे वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल अराइवल्स 6.2 मिलियन टन रहा। जुलाई में प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार 2.1 मिलियन टन अराइवल्स हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन का एलएनजी आयात मौसमी औसत से ऊपर चला गया है। यूरोप में सर्दियों से पहले गैस स्टोरेज 58% पर है जो ऐतिहासिक औसत से नीचे है, जबकि एशियाई स्पॉट एलएनजी की कीमतें 20 डॉलर प्रति mmbtu के ऊपर बनी हुई हैं। इक्विरस के अनुसार, जुलाई में भारत की गैस मांग मजबूत रहेगी, जबकि अगस्त में मोरबी और मौसमी कारणों से इसमें थोड़ी नरमी आ सकती है। होर्मुज संकट के बावजूद देश का एक भी पेट्रोल पंप खाली नहीं रहा: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CII के कार्यक्रम में कहा कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज बंद होने के बावजूद भारत ने देश में एलपीजी या क्रूड ऑयल की कोई किल्लत नहीं होने दी। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले भारत अपना 50% क्रूड ऑयल, 90% एलपीजी और 60% अन्य गैस इसी रूट से मंगाता था। सप्लाई बाधित होते ही भारत ने तुरंत अपने इंपोर्ट सोर्स को बढ़ाया और घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया। मंत्री ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश के 1.07 लाख से अधिक फ्यूल आउटलेट्स में से एक भी पंप सूखा नहीं रहा। 2014 में देश में केवल 52,000 आउटलेट्स थे। क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैलाया भारत ने अपने क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैला दिया है और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के दायरे को 55 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़ाकर 309 तक पहुंचा दिया है। भारत के पास हमेशा लगभग 60 दिनों का क्रूड ऑयल कवर मौजूद रहा। समुद्र मंथन प्रोग्राम: गहरे समुद्र में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,000 करोड़ की योजना आपातकालीन सुरक्षा के साथ-साथ लंबे समय के लिए सरकार ने ₹84,000 करोड़ के समुद्र मंथन प्रोग्राम को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और नेचुरल गैस की खोज को बढ़ावा देना है। हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि ड्रिलिंग का काम सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट प्लेयर्स करेंगे। जोखिम भरे ऑफशोर एक्सप्लोरेशन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति कुआं ₹650 करोड़ तक या ड्रिलिंग लागत का 50% तक आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली– Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से एक डिटेल्ड रोडमैप भी मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना:सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी

अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। होर्मुज संकट के बाद भारत की जरूरत की लगभग 67% कुकिंग गैस यानी LPG अमेरिका से ही आ रही। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम में शुक्रवार को यह बात कही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रैट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लायर भी हो गया है। मई से जुलाई 2026 के दौरान कतर से भारत को एलएनजी का इंपोर्ट 91% घटा है, जबकि अमेरिका से सप्लाई में 253% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई-जुलाई में भारत ने मंगाया 7.08 मिलियन टन LNG इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मई से जुलाई 2026 के तीन महीनों में भारत ने कुल 7.08 मिलियन टन (MT) LNG का इंपोर्ट किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15% ज्यादा है। भारत का एलएनजी आयात अब कतर से कम होकर अमेरिका, अफ्रीका और गैर-कतरी मिडिल ईस्ट के सप्लायर्स की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ है। ओमान से सप्लाई में 341% की सबसे तेज बढ़त मई-जुलाई की अवधि के दौरान अमेरिका ने 2.19 मिलियन टन एलएनजी सप्लाई की और भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया। इसके बाद नाइजीरिया 1.31 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ओमान से सप्लाई में सबसे तेज 341% की ग्रोथ दर्ज की गई। कतर से सप्लाई गिरकर महज 0.23 मिलियन टन रह गई, जो साल-दर-साल 91% की गिरावट है। देश में गैस की कुल मांग 197 mmscmd पर पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नेचुरल गैस की खपत में सुधार हुआ है। जून महीने में कुल गैस मांग बढ़कर 197 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 7% और पिछले साल से 2% ज्यादा है। पावर सेक्टर को छोड़कर गैस की मांग 176 mmscmd रही, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है। एलएनजी की खपत मई से 13% और पिछले साल से 10% बढ़कर 110 mmscmd हो गई, जबकि घरेलू गैस की खपत 87 mmscmd पर स्थिर रही। इसके साथ ही भारत की गैस आयात निर्भरता 56% दर्ज की गई। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर सबसे बड़ा ग्राहक क्षेत्रवार खपत की बात करें तो 58 mmscmd मांग के साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सबसे बड़ा ग्राहक रहा। इसके बाद फर्टिलाइजर सेक्टर में 55 mmscmd और अन्य उद्योगों में 41 mmscmd गैस की खपत हुई। पावर सेक्टर से गैस की मांग सुधरकर 21 mmscmd हुई, रिफाइनरी सेक्टर ने 15 mmscmd की खपत की और पेट्रोकेमिकल सेक्टर की मांग 7 mmscmd रही, हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले अब भी 48% कम है। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट दाम $20 के पार, जुलाई में भी मजबूत रहेगी मांग ग्लोबल लेवल पर ऊंची कीमतों के बावजूद भारत का एलएनजी आयात मजबूत रहा। मई में 2.4 मिलियन टन और जून में 2.3 मिलियन टन एलएनजी बर्थ अराइवल्स दर्ज किए गए, जिससे वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल अराइवल्स 6.2 मिलियन टन रहा। जुलाई में प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार 2.1 मिलियन टन अराइवल्स हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन का एलएनजी आयात मौसमी औसत से ऊपर चला गया है। यूरोप में सर्दियों से पहले गैस स्टोरेज 58% पर है जो ऐतिहासिक औसत से नीचे है, जबकि एशियाई स्पॉट एलएनजी की कीमतें 20 डॉलर प्रति mmbtu के ऊपर बनी हुई हैं। इक्विरस के अनुसार, जुलाई में भारत की गैस मांग मजबूत रहेगी, जबकि अगस्त में मोरबी और मौसमी कारणों से इसमें थोड़ी नरमी आ सकती है। होर्मुज संकट के बावजूद देश का एक भी पेट्रोल पंप खाली नहीं रहा: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CII के कार्यक्रम में कहा कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज बंद होने के बावजूद भारत ने देश में एलपीजी या क्रूड ऑयल की कोई किल्लत नहीं होने दी। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले भारत अपना 50% क्रूड ऑयल, 90% एलपीजी और 60% अन्य गैस इसी रूट से मंगाता था। सप्लाई बाधित होते ही भारत ने तुरंत अपने इंपोर्ट सोर्स को बढ़ाया और घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया। मंत्री ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश के 1.07 लाख से अधिक फ्यूल आउटलेट्स में से एक भी पंप सूखा नहीं रहा। 2014 में देश में केवल 52,000 आउटलेट्स थे। क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैलाया भारत ने अपने क्रूड सप्लाई सोर्स को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैला दिया है और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के दायरे को 55 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़ाकर 309 तक पहुंचा दिया है। भारत के पास हमेशा लगभग 60 दिनों का क्रूड ऑयल कवर मौजूद रहा। समुद्र मंथन प्रोग्राम: गहरे समुद्र में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,000 करोड़ की योजना आपातकालीन सुरक्षा के साथ-साथ लंबे समय के लिए सरकार ने ₹84,000 करोड़ के समुद्र मंथन प्रोग्राम को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और नेचुरल गैस की खोज को बढ़ावा देना है। हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि ड्रिलिंग का काम सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट प्लेयर्स करेंगे। जोखिम भरे ऑफशोर एक्सप्लोरेशन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति कुआं ₹650 करोड़ तक या ड्रिलिंग लागत का 50% तक आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली– Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से एक डिटेल्ड रोडमैप भी मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जापान और चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

एक्टर प्रदीप रावत की प्रेयर मीट:अखिलेंद्र मिश्रा, मुकेश ऋषि और सुनील पाल समेत कई सेलेब्स पहुंचे

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‘गजनी’ और ‘लगान’ फेम एक्टर प्रदीप रावत की शुक्रवार शाम मुंबई में प्रेयर मीट आयोजित की गई, जिसमें एक्टर अखिलेंद्र मिश्रा, मुकेश ऋषि और कॉमेडियन सुनील पाल समेत फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग पहुंचे। सभी ने दिवंगत अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार को सांत्वना दी। 74 साल की उम्र में मंगलवार को प्रदीप रावत का निधन हो गया था। बुधवार को मुंबई के गोरेगांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार देखें तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया था फिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, ‘मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।’ सलमान ने आगे कहा, ‘मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।’ प्रदीप रावत की 2 शादियां हुई थीं प्रदीप रावत की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी दो शादियां हुईं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने में दोनों का तलाक हो गया। प्रदीप रावत ने बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और साल 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनका एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत है। यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

CM विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ली:बेवफाई का आरोप लगाकर फरवरी में केस किया था, श्रीलंका मूल की हैं संगीता

CM विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ली:बेवफाई का आरोप लगाकर फरवरी में केस किया था, श्रीलंका मूल की हैं संगीता

तमिलनाडु के CM सी जोसेफ विजय की पत्नी संगीता ने उनके खिलाफ दायर तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इसके साथ ही चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में में मामला खत्म हो गया है। संगीता ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुई। उन्होंने जज सुजाता को अपनी अर्जी वापस लेने की जानकारी दी। जज ने करीब 15 मिनट तक उनसे पूछताछ की और फिर अर्जी स्वीकार करते हुए तलाक का मामला बंद कर दिया। फरवरी 2026 में दायर की थी अर्जी संगीता ने फरवरी 2026 में यह तलाक की अर्जी दायर की थी। अपनी याचिका में उन्होंने विजय पर बेवफाई का आरोप लगाया था। संगीता ने दावा किया था कि विजय का एक अभिनेत्री के साथ विवाहेतर संबंध है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रिश्ते के बारे में अप्रैल 2021 में पता चला, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा हुई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि विजय का उस अभिनेत्री के साथ संबंध जारी रहने से उन्हें भावनात्मक कष्ट हुआ और बच्चों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। संगीता ने दावा किया कि 2021 से विजय उनसे भावनात्मक रूप से दूर हो गए थे और उन्हें मौखिक रूप अपमान झेलना पड़ा। साथ ही विजय पति की जिम्मेदारियों से भी पीछे हट गए। 1999 में हुई थी शादी विजय और संगीता की पहली मुलाकात 1996 में हुई थी। संगीता मूल रूप से श्रीलंकाई हैं और उनकी परवरिश ब्रिटेन में हुई थी। दंपती ने 1998 में यूके में अपनी शादी का पंजीकरण कराया था। इसके बाद 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में हिंदू रीति-रिवाजों से उनका विवाह हुआ था। उनके दो बच्चे बेटा जेसन और बेटी दिव्या हैं। चुनाव के दौरान चर्चा में रहा था मामला इस मामले की कानूनी कार्यवाही 26 फरवरी को शुरू हुई थी। बाद में इसे 20 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया था, जो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से तीन दिन पहले का समय था। चुनाव प्रचार के दौरान यह तलाक का मामला काफी चर्चा में रहा था। मद्रास हाईकोर्ट में भी उठी थी जांच की मांग यह घटनाक्रम मद्रास हाईकोर्ट में विजय के चुनावी हलफनामे की जांच की मांग वाली याचिका के बीच हुआ है। विजय ने हलफनामे में बताया था कि उन्होंने संगीता को 12.60 करोड़ रुपए उधार दिए थे। पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र के वोटर वेंकटेश ने इस घोषणा पर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता ने एक निजी शैक्षणिक ट्रस्ट को दिए गए 20 करोड़ रुपए के खुलासे पर भी सवाल खड़े किए थे। हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट ने अप्रैल के अंत में इस याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इसी तरह की राहत मांगने वाली एक याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है।

'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी':सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म

'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी':सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि फिल्म रामायण को ऑस्कर नहीं मिलता है, तो उन्हें निराशा होगी। उन्होंने यह बात गुरुवार को फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो के उद्घाटन के दौरान कही। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘रामायण सिर्फ एक डिकेड (10 साल) की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम (1000 साल) की फिल्म है। अगर इसे ऑस्कर नहीं मिला, तो मुझे अकादमी की ज्यूरी से निराशा होगी।’ उन्होंने मेकर्स से कहा, ‘मैं आप सभी को बधाई देना चाहूंगा जिन्होंने रामायण के निर्माण में अपना प्रयास किया और अब हम रामायण की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं और साथ ही हम प्राइम फोकस’ के फेज 2 के उद्घाटन का भी इंतजार कर रहे हैं। फडणवीस ने इससे पहले मुंबई में WAVES समिट 2025 के दौरान फिल्म की क्वालिटी और टेक्नोलॉजी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि भारत में कहानी कहने का एक पुराना रिवाज है और इन कहानियों को नई टेक्नोलॉजी की मदद से अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए। 30 जुलाई को ट्रेलर आया था फिल्म रामायण के पहले पार्ट का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनियाभर में लॉन्च किया गया था। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी':सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म

'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी':सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि फिल्म रामायण को ऑस्कर नहीं मिलता है, तो उन्हें निराशा होगी। उन्होंने यह बात गुरुवार को फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो के उद्घाटन के दौरान कही। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘रामायण सिर्फ एक डिकेड (10 साल) की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम (1000 साल) की फिल्म है। अगर इसे ऑस्कर नहीं मिला, तो मुझे अकादमी की ज्यूरी से निराशा होगी।’ उन्होंने मेकर्स से कहा, ‘मैं आप सभी को बधाई देना चाहूंगा जिन्होंने रामायण के निर्माण में अपना प्रयास किया और अब हम रामायण की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं और साथ ही हम प्राइम फोकस’ के फेज 2 के उद्घाटन का भी इंतजार कर रहे हैं। फडणवीस ने इससे पहले मुंबई में WAVES समिट 2025 के दौरान फिल्म की क्वालिटी और टेक्नोलॉजी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि भारत में कहानी कहने का एक पुराना रिवाज है और इन कहानियों को नई टेक्नोलॉजी की मदद से अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए। 30 जुलाई को ट्रेलर आया था फिल्म रामायण के पहले पार्ट का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनियाभर में लॉन्च किया गया था। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

अफ्रीका में चीनी एआई का दबदबा, सिलिकॉन वैली पर दबाव:युगांडा, केन्या में डेवलपर्स महंगे अमेरिकी मॉडल छोड़ सस्ते, ओपन-सोर्स चीनी एआई अपना रहे

अफ्रीका में चीनी एआई का दबदबा, सिलिकॉन वैली पर दबाव:युगांडा, केन्या में डेवलपर्स महंगे अमेरिकी मॉडल छोड़ सस्ते, ओपन-सोर्स चीनी एआई अपना रहे

पिछले साल ऐसा एआई सिस्टम बनाने के दौरान अमेरिकी और चीनी टूल्स परखे थे। चीन का मॉडल बेहतर साबित हुआ क्योंकि यह युगांडा की दर्जनों भाषाओं को बेहतर ढंग से संभालता है। यह सस्ता भी था और इसे अपने डेटा से कस्टमाइज किया जा सकता था। म्वेबाजे का ‘सनफ्लॉवर’’ सिस्टम अब पूरे युगांडा में इस्तेमाल हो रहा है। किसान स्थानीय बोलियों में मौसम की जानकारी और खेती की सलाह ले रहे हैं। केन्या में उद्यमी कानूनी और बिजनेस सेवाओं को सुगम बना रहे हैं। नाइजीरिया में छात्रों को पढ़ाने वाले एजुकेशनल टूल्स बनाए गए हैं। घाना में डेवलपर्स स्थानीय चैटबॉट्स तैयार कर रहे हैं। कम लागत में बेहतरीन सिस्टम चाहने वाले विकासशील देशों में चीनी एआई तेजी से आगे बढ़ रही है। ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी अमेरिकी कंपनियों के मॉडल बंद और शुल्क वाले हैं। इसके विपरीत चीनी सिस्टम बिना किसी शुल्क या मंजूरी के डाउनलोड और संशोधित किए जा सकते हैं। ओपनरोटर पर कुल एआई उपयोग का लगभग आधा हिस्सा चीनी ओपन-सोर्स मॉडल का है। एक साल पहले यह 25% से कम था। आठ करोड़ ग्राहकों के डेटा विश्लेषण से यह बात सामने आई है। हगिंग फेस पर भी सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाले सिस्टम में चीनी मॉडल आगे हैं। केन्या और युगांडा के साक्षात्कारों में डेवलपर्स ने इसकी पुष्टि की है। उनके लिए मॉडल कहां बना यह मायने नहीं रखता। लागत, कंप्यूटिंग संसाधन और डेटा नियंत्रण सबसे जरूरी हैं। अमेरिकी मॉडल किराए के घर जैसे हैं जबकि चीनी मॉडल अपने घर जैसे हैं। स्क्रैच से मॉडल प्रशिक्षित करने पर लाखों खर्च होते हैं। इसके उलट चीनी सिस्टम डाउनलोड कर उसके ऊपर नया उत्पाद बनाया जा सकता है। इसमें केवल सर्वर का खर्च देना होता है। अमेरिकी मॉडल सब्सक्रिप्शन और फीस पर आधारित होते हैं। एक डिजिटल एजेंसी चलाने वाले मोसेस केमिबारो ने कहा कि टोयोटा हैचबैक से काम चल सकता है तो फेरारी क्यों चलाएं। कम्प्यूटिंग लागत मिलाने पर चीनी मॉडल 90% तक सस्ते पड़ते हैं। अमेरिकी कंपनियां भी जोर-आजमाइश कर रहीं अफ्रीका का अनुभव बताता है कि वैश्विक एआई प्रतियोगिता अब दो हॉर्स की रेस है। क्राफ्ट सिलिकॉन के चीफ एग्जीक्यूटिव कमल बुधाभट्टी दोनों तरफ खिंचाव महसूस करते हैं। उन्होंने एंथ्रोपिक के प्रोग्रामिंग टूल क्लाउड कोड से अपनी फर्म के सिस्टम फिर से तैयार किए। सौ इंजीनियरों का काम 10 लोगों की टीम ने आधे समय में पूरा कर लिया। बिल भारी था, लेकिन गति इसके लायक थी। हुआवे ने भी चीनी सिस्टम अपनाने के लिए एक साल की मुफ्त कम्प्यूटिंग जैसे कई बड़े प्रोत्साहन दिए।

विंक गर्ल प्रिया प्रकाश वॉरियल की भगवा ड्रेस पर सवाल:पूछा गया- ये रंग क्यों पहना, फैंस हुए नाराज, एक्ट्रेस के जवाब को मिलीं सराहना

विंक गर्ल प्रिया प्रकाश वॉरियल की भगवा ड्रेस पर सवाल:पूछा गया- ये रंग क्यों पहना, फैंस हुए नाराज, एक्ट्रेस के जवाब को मिलीं सराहना

फिल्म ‘ओरु अदार लव’ में अपनी मशहूर विंक से चर्चा में आईं एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर हाल ही में एक प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुईं। प्रिया को हाल ही में क्यूटीकुरा का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। इस इवेंट के दौरान एक यूट्यूबर ने उनके कपड़ों के रंग को लेकर सवाल किया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इवेंट में प्रिया ने नारंगी यानी केसरिया रंग की ड्रेस पहनी थी। मीडिया से बातचीत के दौरान एक यूट्यूबर ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने किसी खास वजह से केसरिया रंग की ड्रेस चुनी है। इस पर प्रिया ने शांति से जवाब देते हुए पूछा, “ड्रेस में समस्या क्या है?” यूट्यूबर ने यह भी पूछा कि क्या केरल में जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ का असर उनके कपड़ों के चुनाव पर पड़ा है। प्रिया ने साफ किया कि उन्होंने यह रंग सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि यह उस ब्रांड से मेल खाता था जिसका वह प्रचार कर रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके इस फैशन चुनाव के पीछे कोई राजनीतिक या धार्मिक संदेश नहीं था। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोगों ने ड्रेस के रंग पर पूछे गए इस सवाल को अनावश्यक और अनुचित बताया है। यूजर्स का कहना है कि किसी के कपड़ों के रंग को राजनीतिक या वैचारिक जुड़ाव से नहीं जोड़ना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी है। सवाल काम, विचारों या बयानों पर होने चाहिए, न कि कपड़ों के रंग पर। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि प्रिया ने शांत और सभ्य तरीके से जवाब देकर अच्छा उदाहरण पेश किया है।