Friday, 25 Sep 2026 | 11:00 PM

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की सुरक्षा में चूक:हेलिकॉप्टर के पास से उड़ी कमर्शियल फ्लाइट, FAA ने जांच शुरू की

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की सुरक्षा में चूक:हेलिकॉप्टर के पास से उड़ी कमर्शियल फ्लाइट, FAA ने जांच शुरू की

वॉशिंगटन DC. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन की उड़ान के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक का मामला सामने आया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त ट्रम्प के हेलिकॉप्टर हवा में था, उसी दौरान व्हाइट हाउस के पास स्थित रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उसी समय एक कमर्शियल विमान ने भी उड़ान भर ली। नियमों के अनुसार इस दौरान रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी होता है। हालांकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल समय पर ऐसा नहीं कर सका और एक कमर्शियल जेट ने भी लगभग उसी समय टेकऑफ कर लिया। इस वजह से दोनों विमानों के बीच तय न्यूनतम सुरक्षा दूरी (स्टैंडर्ड सेपरेशन) नहीं रह सकी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोनों विमान टक्कर की स्थिति में नहीं थे। घटना के बाद अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने जांच शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस बोला- राष्ट्रपति पर कोई खतरा नहीं था व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि इस घटना से राष्ट्रपति की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं था। उन्होंने कहा, “मरीन वन दुनिया के सबसे अनुभवी पायलट उड़ाते हैं और उड़ान के दौरान राष्ट्रपति कभी भी खतरे में नहीं थे।” FAA अब इस बात की जांच कर रहा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल से यह प्रक्रियागत चूक कैसे हुई और कमर्शियल विमान को उड़ान की अनुमति क्यों दी गई। अमेरिकी विमानन नियमों के मुताबिक उड़ान के दौरान विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील (करीब 2.4 किमी) की क्षैतिज दूरी या 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।

सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,700 पर पहुंचा:निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,600 पर; आईटी शेयरों में बिकवाली, ऑटो में खरीदारी

सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,700 पर पहुंचा:निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,600 पर; आईटी शेयरों में बिकवाली, ऑटो में खरीदारी

आज यानी गुरुवार, 6 अगस्त को सेंसेक्स 150 अंक (0.20%) की तेजी के साथ 78,700 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 10 अंकों (0.04%) की गिरावट है, ये 24,600 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी जबकि ऑटो शेयरों में बिकवाली है। एशियाई बाजारों में गिरावट अमेरिकी बाजार में कल मिला-जुला कारोबार रहा विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2703 करोड़ के शेयर खरीदे कल सेंसेक्स 152 अंक चढ़कर 78,581 पर बंद हुआ था

सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,700 पर पहुंचा:निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,600 पर; आईटी शेयरों में बिकवाली, ऑटो में खरीदारी

सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,700 पर पहुंचा:निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,600 पर; आईटी शेयरों में बिकवाली, ऑटो में खरीदारी

आज यानी गुरुवार, 6 अगस्त को सेंसेक्स 150 अंक (0.20%) की तेजी के साथ 78,700 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 10 अंकों (0.04%) की गिरावट है, ये 24,600 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी जबकि ऑटो शेयरों में बिकवाली है। एशियाई बाजारों में गिरावट अमेरिकी बाजार में कल मिला-जुला कारोबार रहा विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2703 करोड़ के शेयर खरीदे कल सेंसेक्स 152 अंक चढ़कर 78,581 पर बंद हुआ था

एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस और ‘बिग बॉस OTT 2’ की पूर्व कंटेस्टेंट जिया शंकर ने अपने बॉयफ्रेंड करण के साथ सगाई कर ली है। जिया ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर करके अपने रिश्ते का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है। सनसेट के दौरान आउटडोर लोकेशन पर हुए इस प्रपोजल की झलकियों के साथ जिया ने अपने मंगेतर के लिए एक इमोशनल नोट भी लिखा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैन्स और दोस्त कपल को बधाइयां दे रहे हैं। सनसेट के बीच मिला सरप्राइज प्रपोजल शेयर की गई तस्वीरों में जिया और करण एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। करण ने जिया को डूबते सूरज की रोशनी में एक आउटडोर लोकेशन पर अंगूठी पहनाकर प्रपोज किया। एक फोटो में जिया सरप्राइज होकर अपनी डायमंड एंगेजमेंट रिंग दिखाती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर जिया ने पेस्टल येलो कलर का सैटिन गाउन पहना था, जबकि करण बेज शर्ट और व्हाइट ट्राउजर में नजर आए। बोलीं- हजारों मील दूर रहकर भी घर जैसा अहसास हुआ जिया ने सोशल मीडिया पर करण के नाम एक भावुक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “हो सकता है कि यह सच हो, आपको प्यार तब मिलता है जब आप इसकी सबसे कम उम्मीद करते हैं। भले ही तुम मुझसे हजारों मील दूर थे, लेकिन तुमसे हुई हर बातचीत ने घर जैसा अहसास कराया।” जिया ने आगे लिखा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर दिन एक-दूसरे को चुना। उन्होंने करण को अपना बेस्ट फ्रेंड बताते हुए उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताने की बात कही। बिजनेसमैन हैं करण धनक जिया शंकर एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2013 में रीजनल फिल्मों से की थी और बाद में ‘मेरी हानिकारक बीवी’, ‘काटेलाल एंड संस’ और ‘पिशाचिनी’ जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट मराठी फिल्म ‘वेड’ और रियलिटी शो ‘बिग बॉस OTT 2’ के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की। वहीं उनके मंगेतर करण धनक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अमेरिका (US) में स्थित एक बिजनेसमैन (एंट्रेप्रेन्योर) और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं।

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के चार सूबे हैं। इनमें से बलूचिस्तान सूबे में अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा सूबे में अफगा​न तालिबान का दबदबा है। आए दिन तालिबान के हमलों से यहां पाक फौज के पांव उखड़ रहे हैं। पढ़िए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से भास्कर संवाददाता सिकंदर सूरी की ग्राउंड रिपोर्ट… बलूचिस्तान- PAK के हाथ से 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाक का सबसे बड़ा सूबा है। ये लगभग 45% क्षेत्र में फैला है। ईरान से इसकी सरहद लगती है। बलूचिस्तान में दूर-दूर तक खाली मैदान और रेगिस्तान हैं। यहां की वीरानगी में इन दिनों बागी तेवर और तेज हो गए हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग कर रहे हैं। हालात ये हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का बलूचिस्तान सूबे के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल केवल यह नहीं है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल कितने विद्रोहियों को ढेर करते हैं या गिरफ्तार करते हैं। असली सवाल यह है कि क्या पाकिस्तानी सरकार पुलिस स्टेशन खुले रख सकती है, हाईवे पर यातायात चला सकती है, बाजार और कारोबार सामान्य रख सकती है और लोगों को बिना डर के यात्रा करने की सुरक्षा दे सकती है? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके क्वेटा, खुजदार और मसतुंग जैसे शहरों में घुसकर पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अस्थायी चौकियां बना रहे हैं और वाहनों की तलाशी लेते हैं। खुलेआम वसूली भी होती है। यह सब BLA फंड के लिए होता है। गुस्सा… खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान के खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेयर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। खैबर…यहां तालिबानी शरिया सरकार काबिज खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का फ्रंटियर यानी सरहदी इलाका है। डूरंड लाइन पाक और अफगानिस्तान को अलग करती है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पांच साल में खैबर के अधिकांश इलाके में इन्हीं का दबदबा है। खैबर में पाक सरकार के कानून नहीं तालिबान का शरिया चलता है। दरअसल, इस इलाके में विभाजन के समय से ही कबिलाई व्यवस्था लागू रही है। स्वात, सैदू, मिंगाेरा और मर्दन में ‘लोया जिरगा’ के जरिए ही कानून चलता है। ये जिरगा असल में शरिया कानून को लागू करती है। अफगान तालिबान इसका संरक्षक है। अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) संगठन को अपने ठिकानों में पनाह देता है। इमरान खान की सरकार ने 2021 में टीटीपी के साथ सुलह की कोशिश की, लेकिन इमरान की गद्दी जाते ही टीटीपी ने खैबर में अपने दबदबे को और बढ़ा लिया है। खैबर के वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना कई सैन्य ऑपरेशन कर चुकी है, लेकिन यहां अब टीटीपी काबिज है। आए दिन टीटीपी के हमलों के कारण स्कूल और काॅलेज बंद रहते हैं। पंजाब और सिंध के मूल निवासी कर्मचारी खैबर में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते हैं। खौफ… हमलों से पाक की 50 फौजी चौकियां खाली खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी के आए दिन होने वाले हमलों से पाक सेना में खौफ है। इस साल टीटीपी फौज पर 145 से ज्यादा हमले कर चुकी है, इनमें 48 सैनिक मारे गए। खैबर में डूरंड लाइन पर अभी पाक सेना की 50 फौजी चौकियां खाली हैं। 22 पोस्ट पर ही पाक फौज तैनात है। स्वात में रहने वाले सगीर (22) का कहना है कि खैबर के लोग अपनी हुकूमत चाहते हैं। पाक सरकारों ने यहां पंजाबियों और सिंध के रिटायर्ड फौजियों को मुफ्त जमीन देकर बसाने की कोशिशें भी कीं। ये हमारी कबिलाई पहचान को मिटाने की साजिश थी। एक रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि टीटीपी और इस्लामिक स्टेट खुरासान यानी आईएसकेपी जैसे संगठन हमलों में आपसी सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों संगठनों की ताकत से अब खैबर में पाक सरकार के पांव उखड़ रहे हैं।

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के चार सूबे हैं। इनमें से बलूचिस्तान सूबे में अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा सूबे में अफगा​न तालिबान का दबदबा है। आए दिन तालिबान के हमलों से यहां पाक फौज के पांव उखड़ रहे हैं। पढ़िए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से भास्कर संवाददाता सिकंदर सूरी की ग्राउंड रिपोर्ट… बलूचिस्तान- PAK के हाथ से 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पाकिस्तानी सेना कितने विद्रोहियों को मार रही है या पकड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार यहां पुलिस थाने चला पा रही है? क्या हाईवे सुरक्षित हैं? क्या बाजार खुल रहे हैं? और क्या लोग बिना डर के एक शहर से दूसरे शहर जा सकते हैं? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। गुस्सा… खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान के खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेयर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। खैबर…यहां तालिबानी शरिया सरकार काबिज खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का फ्रंटियर यानी सरहदी इलाका है। डूरंड लाइन पाक और अफगानिस्तान को अलग करती है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पांच साल में खैबर के अधिकांश इलाके में इन्हीं का दबदबा है। खैबर में पाक सरकार के कानून नहीं तालिबान का शरिया चलता है। दरअसल, इस इलाके में विभाजन के समय से ही कबिलाई व्यवस्था लागू रही है। स्वात, सैदू, मिंगाेरा और मर्दन में ‘लोया जिरगा’ के जरिए ही कानून चलता है। ये जिरगा असल में शरिया कानून को लागू करती है। अफगान तालिबान इसका संरक्षक है। अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) संगठन को अपने ठिकानों में पनाह देता है। इमरान खान की सरकार ने 2021 में TTP के साथ सुलह की कोशिश की, लेकिन इमरान की गद्दी जाते ही TTP ने खैबर में अपने दबदबे को और बढ़ा लिया है। खैबर के वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना कई सैन्य ऑपरेशन कर चुकी है, लेकिन यहां अब TTP काबिज है। आए दिन TTP के हमलों के कारण स्कूल और काॅलेज बंद रहते हैं। पंजाब और सिंध के मूल निवासी कर्मचारी खैबर में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते हैं। खौफ… हमलों से पाक की 50 फौजी चौकियां खाली खैबर पख्तूनख्वा में TTP के आए दिन होने वाले हमलों से पाक सेना में खौफ है। इस साल TTP फौज पर 145 से ज्यादा हमले कर चुकी है, इनमें 48 सैनिक मारे गए। खैबर में डूरंड लाइन पर अभी पाक सेना की 50 फौजी चौकियां खाली हैं। 22 पोस्ट पर ही पाक फौज तैनात है। स्वात में रहने वाले सगीर (22) का कहना है कि खैबर के लोग अपनी हुकूमत चाहते हैं। पाक सरकारों ने यहां पंजाबियों और सिंध के रिटायर्ड फौजियों को मुफ्त जमीन देकर बसाने की कोशिशें भी कीं। ये हमारी कबिलाई पहचान को मिटाने की साजिश थी। एक रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि TTP और इस्लामिक स्टेट खुरासान यानी आईएसकेपी जैसे संगठन हमलों में आपसी सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों संगठनों की ताकत से अब खैबर में पाक सरकार के पांव उखड़ रहे हैं।

ईरान ने गल्फ देशों को हमले की धमकी दी:कहा- अमेरिका ने अटैक किया तो पूरे इलाके के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाएंगे

ईरान ने गल्फ देशों को हमले की धमकी दी:कहा- अमेरिका ने अटैक किया तो पूरे इलाके के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाएंगे

ईरान ने गल्फ देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके ऊर्जा ढांचे पर फिर हमला किया, तो वह पूरे इलाके के तेल ठिकानों, रिफाइनरियों, बिजली ग्रिड और दूसरे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से बात कर अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील की, ताकि नया हमला टाला जा सके। ईरान का कहना है कि वह अभी भी कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन अगर हमला हुआ तो जवाब पहले से ज्यादा बड़ा होगा। इसके बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बात कर सैन्य कार्रवाई टालने और बातचीत जारी रखने की अपील की। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-ओमान में होर्मुज स्ट्रेट के नए समुद्री रास्ते पर सहमति: ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग की रूपरेखा पर ओमान के साथ सहमति बन गई है। दोनों देश जल्द इसकी संयुक्त घोषणा की तैयारी कर रहे हैं। 2. ट्रम्प बोले- 48 घंटे में होर्मुज डील पर तस्वीर साफ होगी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और अगले 48 घंटे में समझौते की स्थिति साफ हो जाएगी। 3. ईरान बोला- ओमान से समझौते के बाद भी होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित नहीं: ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान के साथ सहमति बनने का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट का खतरा खत्म हो गया। अमेरिका का सैन्य दबाव जारी रहा तो सुरक्षा जोखिम भी बना रहेगा। 4. रिपोर्ट- ईरान जंग में अमेरिका के 80% THAAD इंटरसेप्टर खर्च: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका अपने THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के करीब 80% और पैट्रियट सिस्टम के लगभग आधे इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है। 5. UN: लेबनान में 8 लाख से ज्यादा विस्थापित लोग घर लौटे: संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इजराइली हमले कम होने के बाद लेबनान में युद्ध के कारण विस्थापित हुए 8.21 लाख से ज्यादा लोग अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, 3.6 लाख से ज्यादा लोग ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल भर्ती के नियम बदले:अब इंटरव्यू नहीं होगा, 3 भाषाओं में क्वेश्चन पेपर आएगा; गलत जवाब पर नेगेटिव मार्किंग

चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल भर्ती के नियम बदले:अब इंटरव्यू नहीं होगा, 3 भाषाओं में क्वेश्चन पेपर आएगा; गलत जवाब पर नेगेटिव मार्किंग

चंडीगढ़ पुलिस विभाग के भर्ती नियमों में बदलाव हुआ है। पुलिस विभाग में ग्रुप-C (एग्जीक्यूटिव) पुरुष और महिला कांस्टेबलों की भर्ती के नियम बदल गए हैं। अब जहां लिखित परीक्षा आवेदक तीनों भाषाओं में दे पाएंगे, वहीं लिखित परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी। सबसे खास बात यह है कि उन्हें इंटरव्यू की प्रक्रिया से भी नहीं गुजरना पड़ेगा। केवल लिखित परीक्षा व बोनस अंकों से अंतिम मेरिट बनेगी। इसके लिए द कांस्टेबल भर्ती (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। वहीं, भविष्य में होने वाली भर्ती प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट रिक्रूटमेंट प्रोसेस (TRP) के नियमों के तहत होगी। भर्ती प्रोसेस के 5 नियम जानिए

चांदी ₹5,927 बढ़कर ₹2.25 लाख किलो पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹2,760 बढ़कर ₹1.46 लाख हुआ, इस साल 13 हजार महंगा हो चुका

चांदी ₹5,927 बढ़कर ₹2.25 लाख किलो पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹2,760 बढ़कर ₹1.46 लाख हुआ, इस साल 13 हजार महंगा हो चुका

सोने-चांदी की कीमत में आज यानी 5 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 5,927 रुपए बढ़कर 2.25 लाख रुपए पर पहुंच गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,760 रुपए बढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 5 अगस्त 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 13 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 5 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.25 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।

स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक बेकाबू रॉकेट चांद की सतह से टकरा गया है। 4 हजार किलो वजनी और करीब 5 मंजिला इमारत जितना बड़ा यह रॉकेट करीब 8,690 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया। नासा ने कहा कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। हालांकि इस टक्कर की पुष्टि तस्वीरों के आने के बाद होगी। यह बेकाबू टुकड़ा स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा है। इसे जनवरी 2025 में फ्लोरिडा से अमेरिका और जापान के दो लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में भेजने के लिए लॉन्च किया गया था। मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट का यह हिस्सा अंतरिक्ष में तैरता रह गया। पिछले 18 महीनों के दौरान पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसका रास्ता धीरे-धीरे बदल गया। खगोलविदों ने डेटा का अध्ययन करके पहले ही अनुमान लगा लिया था कि यह रॉकेट भटककर सीधे चांद की ओर जा रहा है और उससे टकराएगा। आइंस्टीन क्रेटर के पास टक्कर हुई, दूरबीन से भी देखना मुश्किल यह टक्कर चांद के ‘आइंस्टीन क्रेटर’ के पास हुई। यह क्षेत्र चांद के उस हिस्से में है जहां दिन का उजाला रहता है और जो पृथ्वी से दिखाई देता है। हालांकि, वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे आम टेलिस्कोप से देखना नामुमकिन था, क्योंकि टक्कर के वक्त बनी रोशनी बेहद हल्की थी। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के खगोलविद डॉ. मैट बोथवेल का कहना है कि टक्कर के कारण चांद की धूल का एक बड़ा गुबार उठा होगा, जो 100 किलोमीटर तक ऊपर गया होगा और कई मिनटों तक रहा होगा। तस्वीरों के लिए इंतजार करना होगा, ऑर्बिटर जारी करेंगे डेटा फिलहाल जब यह हादसा हुआ, तब चांद का चक्कर लगा रहा कोई भी स्पेसक्राफ्ट सही पोजिशन में नहीं था, इसलिए लाइव तस्वीरें नहीं मिल पाई हैं। दक्षिण कोरिया का ‘दानुरी’ ऑर्बिटर और नासा का ‘लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर’ (LRO) आने वाले दिनों में टक्कर वाली जगह के ऊपर से गुजरेंगे और तस्वीरें लेंगे। वैज्ञानिक पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करके चांद की सतह पर बने नए निशान की पहचान करेंगे। चांद पर पहले से मौजूद है 190 टन कचरा इस टक्कर के बाद चांद पर इंसानों की छोड़ी गई या दुर्घटनाग्रस्त हुई चीजों की संख्या बढ़कर लगभग 3,000 हो गई है। इनका कुल वजन करीब 190 टन हो चुका है। सितंबर 1959 में सोवियत संघ का ‘लूना 2’ चांद की सतह पर पहुंचने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट था। इसके अलावा नासा के अकेले अपोलो प्रोग्राम से जुड़ी 796 चीजें चांद पर मौजूद हैं। चांद पर कोई वायुमंडल या पर्यावरण नहीं है, इसलिए इस कचरे से वहां किसी ईकोसिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि, वैज्ञानिक चिंतित हैं कि भविष्य में बढ़ते लूनर ट्रैफिक के कारण ऐतिहासिक अपोलो लैंडिंग साइट्स को नुकसान न पहुंचे और नए स्पेसक्राफ्ट्स के टकराने का जोखिम न बढ़े। NASA और वैज्ञानिकों को इस टक्कर से क्या फायदा होगा? साइंस म्यूजियम की स्पेस हेड लिब्बी जैक्सन के अनुसार, यह वैज्ञानिकों के लिए काफी रोमांचक प्रयोग है क्योंकि रॉकेट की स्पीड, वजन और आकार का डेटा पहले से मौजूद था। आमतौर पर जब कोई प्राकृतिक उल्कापिंड चांद से टकराता है, तो वैज्ञानिकों के पास उसका शुरुआती डेटा नहीं होता। इस टक्कर से बने नए गड्ढे और उड़ी हुई धूल की परत का अध्ययन करके वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि अरबों साल पहले चांद और हमारे सौर मंडल का निर्माण कैसे हुआ था। इधर ऊपरी हिस्सा टकराया, उधर 18वीं बार उड़ने को तैयार बूस्टर स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का निचला हिस्सा रीयूजेबल होता है। इसे बूस्टर कहते हैं और लैंडिंग करके धरती पर वापस आ जाता है। जिस जनवरी 2025 वाले मिशन का ऊपरी हिस्सा भटककर चांद से टकराया, उसी रॉकेट के निचले बूस्टर को 10 अगस्त को 18वीं बार लॉन्च किया जाएगा। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है स्पेस डैब्रिस और आइंस्टीन क्रेटर… इंसान द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए रॉकेट्स के छूटे हुए टुकड़े, निष्क्रिय सैटेलाइट्स और मलबे को स्पेस डैब्रिस कहा जाता है। वहीं चंद्रमा के पश्चिमी किनारे पर स्थित एक बड़ा गड्ढा है, जिसका व्यास करीब 170 किलोमीटर है। इसे आइंस्टीन क्रेटर नाम दिया गया है। —————————————- ये खबर भी पढ़े… हजारों वॉट्सएप अकाउंट अचानक बंद, मैसेज आया- अंडर रीव्यू:बिना वार्निंग सभी फीचर्स ब्लॉक, कंपनी बोली- कभी-कभी गलती हो जाती है मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में हजारों यूजर्स के अकाउंट 24 घंटे के लिए रीव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़े…