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‘मैं आशान्वित हूं’: सिद्धारमैया के बेटे का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है | भारत समाचार

RCB star batter Virat Kohli. (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:31 मई, 2026, 22:56 IST यतींद्र ने कहा कि कर्नाटक के नए मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बारे में अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है और वह अपनी संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं। कांग्रेस नेता यतींद्र सिद्धारमैया. (फोटो: इंस्टाग्राम) निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे, कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नए कर्नाटक मंत्रिमंडल में जगह को लेकर आश्वस्त दिखे, उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है। हालाँकि, यतींद्र ने कहा कि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है और वह अपनी संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, “अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। मैं मंत्री पद का आकांक्षी हूं और आलाकमान ने भी मुझे आश्वासन दिया है कि मुझे मंत्री बनाया जाएगा। इसलिए, स्वाभाविक रूप से, मैं आशान्वित हूं।” यह उन रिपोर्टों के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि सिद्धारमैया ने नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए 28 मई को अपना इस्तीफा देने से पहले अपने बेटे को कर्नाटक का उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के लिए कहा था। वीडियो | बेंगलुरु: कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का कहना है, ”मैं कैबिनेट में मंत्री बनने का इच्छुक हूं और पार्टी आलाकमान ने भी मुझसे वादा किया है कि वे मुझे कैबिनेट में शामिल करेंगे।” (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है -… pic.twitter.com/xYYN2G6DNc – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 31 मई, 2026 यह भी पढ़ें: कर्नाटक में शपथ ग्रहण समारोह का स्वरूप कैसा है? डीके शिवकुमार ने कम महत्वपूर्ण आयोजन का वादा किया यतींद्र पर क्या बोले डीके शिवकुमार? इस बीच, मनोनीत मुख्यमंत्री शिवकुमार यतींद्र के डिप्टी सीएम बनने की संभावना पर चुप रहे, लेकिन कहा कि दोनों को साथ काम करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वह मेरे सहयोगी हैं। हमने पहले भी पार्टी में साथ काम किया है, हमें साथ काम करना जारी रखना चाहिए।” दूसरी ओर, यतींद्र ने कहा कि उन्होंने शिवकुमार को सीएम बनने पर व्यक्तिगत रूप से बधाई देने के लिए फोन किया था। उन्होंने कहा, “मैं उनसे केवल विधान सौध में और कुछ अवसरों पर कहीं और मिला हूं। मैं उनसे उनके कार्यालय या उनके आवास पर नहीं मिला था। इसलिए मैं सिर्फ आना चाहता था और व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाई देना चाहता था।” यह पूछे जाने पर कि क्या वह डिप्टी सीएम पद की दौड़ में हैं, यतींद्र ने कहा कि उन्होंने या उनके समर्थकों ने ऐसी कोई मांग नहीं की है, उन्होंने फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया है। उन्होंने अधिक विस्तार से बताए बिना यह भी कहा कि उन्होंने राज्य में विशेष गहन संशोधन और मैसूरु जिले के राजनीतिक मामलों पर चर्चा की थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैं आशान्वित हूं’: सिद्धारमैया के बेटे का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

उत्तराखंड सीनियर एथलेटिक्स में अमेरिका से रेस लगाने आए वरुण:आकर्षण का केंद्र बने; प्रतियोगिता में 176 खिलाड़ियों ने ट्रैक पर दिखाया दम

उत्तराखंड सीनियर एथलेटिक्स में अमेरिका से रेस लगाने आए वरुण:आकर्षण का केंद्र बने; प्रतियोगिता में 176 खिलाड़ियों ने ट्रैक पर दिखाया दम

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सभी जिलों से आए 176 एथलीट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानक पूरे करने वाले खिलाड़ियों को आगामी नेशनल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण, अमेरिका से दौड़ने पहुंचे वरुण इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेल के प्रति दीवानगी का एक अनूठा उदाहरण भी देखने को मिला। चेस्ट नंबर 980 के खिलाड़ी वरुण ओबेरॉय केवल इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए विशेष रूप से अमेरिका से उत्तराखंड आए। उन्होंने 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण पुरुष वर्ग में ऊधमसिंह नगर के गुरशन सिंह, नवजोत सिंह, हरिद्वार के प्रखर शर्मा, अल्मोड़ा के धीरज बिष्ट, काशीपुर के राम सिंह, नैनीताल के दीपक भट्ट, पौड़ी गढ़वाल के प्रभु महतो, हरिद्वार के विक्रांत चौधरी, बागेश्वर के नीरज चंदोला, नैनीताल के सागर राम, चमोली के परमजीत सिंह बिष्ट, ऊधमसिंह नगर के वंश चौधरी, सोहेल, भूपेंद्र बिष्ट, देहरादून के अनिकेत काला, उत्तराखंड पुलिस के शिवकुमार और देहरादून के विकास शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। जबकि महिला वर्ग में ऊधमसिंह नगर की कनिष्का मनचंदा, देहरादून की अर्का गोरिया, चमोली की अनीशा, नैनीताल की अनु भट्ट, पिथौरागढ़ की माया कुमारी, हरिद्वार की सोनिया, आयशा रहमान, रुद्रप्रयाग की अंजलि, काशीपुर की पायल, चंपावत की भगवती बिष्ट, उत्तरकाशी की तक्षशिला चौहान, हरिद्वार की वृद्धि सचदेवा, देहरादून की आरुषि, पिथौरागढ़ की इंदिरा, देहरादून की निकिता रावत, ऊधमसिंह नगर की नीतू चंद प्रथम रहीं। इनकी देखरेख में संपन्न हुआ आयोजन आयोजन के दौरान उत्तराखंड एथलेटिक संघ के अध्यक्ष संदीप शर्मा, सचिव के.जे.एस. कलसी, कोषाध्यक्ष एम.सी. शाह और कोचिंग व प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष गुरुफूल सिंह सहित गुलशन अली, सुनील शर्मा, सरफराज चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

नेपाली पीएम बोले- हमने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया:सिर्फ भारत ने हमारे इलाके नहीं कब्जाए, लिपुलेख पर ब्रिटेन मध्यस्थ बने

नेपाली पीएम बोले- हमने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया:सिर्फ भारत ने हमारे इलाके नहीं कब्जाए, लिपुलेख पर ब्रिटेन मध्यस्थ बने

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत-नेपाल सीमा विवाद पर बड़ा बयान दिया। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत ने ही नेपाली जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगह भारतीय क्षेत्रों पर अतिक्रमण किया है। संसद में रविवार को एक सवाल का जवाब देते हुए शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री बनने के बाद मुझे यह पता चली है। दोनों देशों को बैठकर इस मामले की जांच करनी चाहिए।” भारत और चीन के बीच लिपुलेख और लिम्पियाधुरा के रास्ते होने वाले व्यापार पर पूछे गए सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि विवादों का समाधान कूटनीतिक बातचीत के जरिए निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि नेपाल पहले ही भारत को एक आधिकारिक राजनयिक नोट भेज चुका है और भारत की ओर से उसका जवाब भी मिल गया है। उन्होंने कहा कि इस सीमा विवाद को लेकर केवल भारत और चीन ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन से भी बातचीत की है। शाह ने कहा कि नेपाल का मानना है कि इस मुद्दे में ब्रिटेन की भी रुचि होनी चाहिए, क्योंकि इसकी जड़ें उस दौर से जुड़ी हैं जब ब्रिटिश भारत इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ था। पहली बार संसद को संबोधित किया नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रविवार को नेपाल की संसद को संबोधित किया है। इस साल मार्च में हुए चुनावों के बाद सत्ता संभालने के बाद यह पहला मौका है, जब नेपाल के प्रधानमंत्री शाह ने संसद में अपनी बात रखी है। दरअसल, विपक्षी दलों के सांसद लगातार मांग कर रहे थे कि प्रधानमंत्री संसद में आकर देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखें। इसके बाद बालेन शाह ने संसद को संबोधित किया और सांसदों के सवालों के जवाब दिए। संसद सत्र के दौरान श्रम शक्ति पार्टी के सांसद आरेन राय ने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद पर सवाल पूछा था। उसी के जवाब में प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की।

39 वर्षीय नडाल ने चोटों को लेकर किए खुलासे:कहा- दर्द से ज्यादा बड़ा था टेनिस के लिए जुनून, इंजेक्शन लगाकर जीता था 22वां ग्रैंडस्लैम

39 वर्षीय नडाल ने चोटों को लेकर किए खुलासे:कहा- दर्द से ज्यादा बड़ा था टेनिस के लिए जुनून, इंजेक्शन लगाकर जीता था 22वां ग्रैंडस्लैम

साल 2024 में पेरिस की लाल मिट्टी पर जब राफेल नडाल आखिरी बार उतरे, तब दुनिया उन्हें सिर्फ एक महान टेनिस खिलाड़ी के रूप में नहीं देख रही थी। लोग उस इंसान को देख रहे थे, जिसने दो दशक तक दर्द के साथ जीते हुए खेल को अपना सब कुछ दिया। नेटफ्लिक्स की एक नई सीरीज में, 39 वर्षीय स्पेनिश स्टार नडाल ने इस बात का खुलासा किया है कि महानता हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी सेहत के साथ कितने जोखिम उठाए। साल 2005 में 19 वर्षीय नडाल ने पहली बार फ्रेंच ओपन खेला और पहले ही प्रयास में खिताब जीत लिया। लंबे बाल, जबरदस्त ताकत और कभी हार न मानने वाले जज्बे ने दुनिया को अपना दीवाना बना लिया, लेकिन उसी साल एक ऐसी समस्या सामने आई, जिसने उनके पूरे करियर में पीछा नहीं छोड़ा। मैड्रिड ओपन के दौरान उनके बाएं पैर में गंभीर चोट लगी। पता चला कि उन्हें म्यूलर-वाईस सिंड्रोम नाम की दुर्लभ बीमारी है। इसमें पैर की हड्डियों में असहनीय दर्द होता है। डॉक्टरों को डर था कि शायद वे दोबारा टेनिस नहीं खेल पाएंगे, लेकिन नडाल ने हार नहीं मानी। विशेष इनसोल (जूते के अंदर का पैड) की मदद से उन्होंने कोर्ट पर वापसी की। हालांकि इसके बाद उन्हें लगभग हर मैच दर्द के साथ खेलना पड़ा। नडाल को हमेशा लगता था कि शायद यह उनका आखिरी सीजन हो। यही सोच उन्हें रुकने नहीं देती थी। वह दर्द सहते रहे, क्योंकि उनके लिए खेल के प्रति जुनून हर तकलीफ से बड़ा था। पैर की समस्या का असर धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ने लगा। घुटनों में गंभीर चोटें हुईं। दर्द कम करने के लिए उन्हें लगातार दवाइयों का सहारा लेना पड़ता था। ज्यादा पेनकिलर दवाओं के कारण उनकी आंतों में भी परेशानी पैदा हो गई, लेकिन नडाल का सफर यहीं नहीं रुका। फ्रेंच ओपन 2022 में उनके पैर का दर्द इतना बढ़ चुका था कि डॉक्टरों ने नस को सुन्न करने वाले इंजेक्शन लगाए। हालत यह थी कि उन्हें अपने पैर का एहसास तक नहीं हो रहा था। फिर भी उन्होंने रोलां गैरो का 14वां और अपने करियर का आखिरी फ्रेंच ओपन खिताब जीत लिया। नडाल की यह जिद बचपन से ही उनके स्वभाव का हिस्सा थी। उनके कोच और चाचा टोनी नडाल उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में अभ्यास कराते थे। बचपन में टूटी अंगुली के साथ भी उन्होंने एक टूर्नामेंट जीता था। हालांकि लगातार दबाव और तनाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ा। एक समय उन्हें मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ी। बाद में उन्होंने अपने खेल और सोच में बदलाव किया। 2016 में कार्लोस मोया को कोचिंग टीम में शामिल किया और जीवन को थोड़ा खुलकर जीना सीखा। 2017 से 2024 के बीच उन्होंने आठ और ग्रैंड स्लैम जीते। कुल 22 ग्रैंड स्लैम खिताबों के साथ उन्होंने करियर को अलविदा कहा। नडाल मानते हैं कि अगर उन्होंने दर्द और जोखिम के साथ जीने का फैसला नहीं किया होता, तो शायद उनके नाम 10-12 ग्रैंड स्लैम कम होते।

केनेथ लॉ को कोर्ट ने 14 आरोपों में दोषी ठहराया:आत्म​हत्या के लिए लोगों को उकसाता था, 41 देशों में 1200 जहरीले पैकेट भेजे

केनेथ लॉ को कोर्ट ने 14 आरोपों में दोषी ठहराया:आत्म​हत्या के लिए लोगों को उकसाता था, 41 देशों में 1200 जहरीले पैकेट भेजे

कनाडा में कोर्ट ने एक ऐसे अपराधी को कोर्ट ने सजा सुनाई है, जो दुनिया के कई देशों में लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाता था। उसका नाम है केनेथ लॉ। उम्र- 60 साल। लॉ ने सैकड़ों लोगों को जहर वाले सुसाइड पैकेट भेजने के मामले में 14 आरोपों में दोष स्वीकार किया है। ये पैकेट कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत 41 देशों में भेजे गए थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक उसने कम से कम ऐसे 1,209 पैकेट भेजे। ओंटारियो में न्यूमार्केट की कोर्ट में लॉ के खिलाफ आत्महत्या में मदद से जुड़े कई आरोपों में सजा सितंबर में तय होने की उम्मीद है। कोर्ट में 16 से 36 साल के 14 पीड़ितों की मौत में अपनी भूमिका की पुष्टि के दौरान परिजन भावुक हो गए। लॉ ने यह भी माना कि ब्रिटेन में 79 मौतों में इस्तेमाल हुए घातक पदार्थ उसने भेजे थे। लॉ पहले इंजीनियर था। टोरंटो के एक होटल में कुक भी रह चुका है। उसने कई वेबसाइट के जरिए आत्महत्या के तरीके खोज रहे लोगों को घातक केमिकल बेचे। पहचान से बचने के लिए वह हॉट सॉस जैसे दूसरे प्रोडक्ट भी लिस्ट करता था। इससे वह खुद को फूड-प्रेप होलसेलर दिखाता था। सिल्वर पैकेट पर चेतावनी रहती थी कि इस्तेमाल की जिम्मेदारी यूजर की है। वह सुसाइड में मदद के लिए रसायन आदि के साथ इस्तेमाल के विस्तृत निर्देश भी देता था। गिरफ्तारी के समय लॉ के शॉफिाई और पेपाल के अकाउंट में ₹2.05 करोड़ रु. जमा थे। इस मामले से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सुसाइड-प्रमोशन फोरम की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लॉ ने जस्टिस मिशेल फ्यूरस्ट के सामने कहा कि वह अपने अपराधों का दायरा समझता है। उसने स्वेच्छा से दोष स्वीकार किया। कोर्ट में 14 मामलों के आरोप पढ़े गए। हर आरोप पर लॉ ने अपनी भूमिका की पुष्टि की। अभियोजन पक्ष ने 60 पेज से ज्यादा के आरोपपत्र दायर किए। सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवारों की मौजूदगी और उनकी प्रतिक्रिया ने केस की गंभीरता को गहराई से सामने ला दिया। पीड़ितों का दर्द: कइयों ने जहर खाने के बाद मदद मांगी कई मामलों में पीड़ितों के माता-पिता ने लॉ पर आरोप लगाए। एक युवक ने ऐसा जहरीला केमिकल खाने के बाद उल्टी करते हुए माता-पिता से मदद मांगी। एक 29 साल के व्यक्ति ने खुद 911 कॉल किया। उसने कहा कि उसने जहरीला पदार्थ लिया है। वह बार-बार बोला, प्लीज, मैं जल्द मर जाऊंगा। फिर रोने लगा। बचाव दल के पहुंचने पर वह बेहोश था। सांस लेने में दिक्कत थी। अस्पताल में मृत घोषित हुआ। ब्रिटेन में एक पीड़ित ने इमरजेंसी को बताया कि उसने खुद को मारने के लिए पदार्थ लिया, पर मरना नहीं चाहता। पैरामेडिक्स 30 मिनट से कम में पहुंचे। उसे बचाया नहीं जा सका। कई जगह पीड़ितों के पास लॉ की कंपनियों के पैकेट मिले।

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। मोहिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह बेसंत नगर श्मशान घाट में संपन्न हुआ। उनका पार्थिव शरीर इंजामबक्कम स्थित आवास से बेसंत नगर श्मशान घाट लाया गया। अजित ने मां के पार्थिव शरीर को अंतिम बार अपने कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में अजित कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा संपन्न कराई गईं। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद अजित कुमार चेन्नई पहुंचे और शहर के बाहरी इलाके इंजामबक्कम-पालवक्कम स्थित अपने आवास पहुंचे। मोहिनी मणि के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सेलेब्स ने अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शनिवार शाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अजित कुमार के आवास पहुंचे। दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्टर सरथकुमार, नासिर, निर्देशक शंकर, ए.एल. विजय, शिवा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्हें अपने प्रिय मित्र और एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी अम्मैयार के निधन की खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। मोहिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह बेसंत नगर श्मशान घाट में संपन्न हुआ। उनका पार्थिव शरीर इंजामबक्कम स्थित आवास से बेसंत नगर श्मशान घाट लाया गया। अजित ने मां के पार्थिव शरीर को अंतिम बार अपने कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में अजित कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा संपन्न कराई गईं। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद अजित कुमार चेन्नई पहुंचे और शहर के बाहरी इलाके इंजामबक्कम-पालवक्कम स्थित अपने आवास पहुंचे। मोहिनी मणि के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सेलेब्स ने अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शनिवार शाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अजित कुमार के आवास पहुंचे। दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्टर सरथकुमार, नासिर, निर्देशक शंकर, ए.एल. विजय, शिवा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्हें अपने प्रिय मित्र और एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी अम्मैयार के निधन की खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अजित के पिता का 2023 में निधन हुआ था अजित कुमार तमिल सिनेमा के बेहद फेमस एक्टर हैं। उन्होंने ‘काधल कोट्टई’, ‘वाली’, ‘दीना’, ‘बिल्ला’, ‘मंकथा’, ‘विश्वासम’ और ‘वलिमै’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। अजित के पिता पी. सुब्रमण्यम केरलम के पलक्कड़ के रहने वाले तमिल ब्राह्मण थे। उनका निधन साल 2023 में हुआ था। वहीं उनकी मां मोहिनी सिंधी समुदाय से थीं और कोलकाता की रहने वाली थीं। अजित तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई अनूप कुमार न्यूयॉर्क में स्टॉकब्रोकर हैं, जबकि छोटे भाई अनिल कुमार एक बिजनेसमैन हैं। अजित ने साल 2000 में एक्ट्रेस शालिनी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘अमरकलम’ के सेट पर हुई थी। उनके दो बच्चे बेटी अनुष्का और बेटा अद्विक हैं।

सारा के बॉयफ्रेंड बने विशाल वशिष्ठ:किडनैपिंग और किसिंग सीन पर आयुष्मान ने कहा था- जो करना है खुलकर करो, सीन मजेदार बनाते हैं

सारा के बॉयफ्रेंड बने विशाल वशिष्ठ:किडनैपिंग और किसिंग सीन पर आयुष्मान ने कहा था- जो करना है खुलकर करो, सीन मजेदार बनाते हैं

अभिनेता विशाल वशिष्ठ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, करियर और निजी जिंदगी के अनुभव साझा किए। उन्होंने कोलकाता से मुंबई आकर एक्टिंग शुरू करने, शुरुआती संघर्ष, ‘वीरा’ के बलदेव किरदार की लोकप्रियता और ‘पति पत्नी और वो 2’ में सारा अली खान व आयुष्मान खुराना के साथ काम करने का अनुभव बताया। उन्होंने गोवा शिफ्ट होने, पत्नी के सपोर्ट और सोशल मीडिया के दबाव पर भी बात की। सवाल: हाल ही में आपकी फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2′ रिलीज हुई है। सारा अली खान के बॉयफ्रेंड का किरदार निभाना कैसा रहा? जवाब: जब मुझे पता चला कि मैं इतने बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने जा रहा हूं, तो कुछ देर के लिए ओवरवेल्मिंग महसूस हुआ। फिल्म में सारा अली खान, आयुष्मान खुराना, तिग्मांशु धूलिया और मुदस्सर अज़ीज़ जैसे बड़े नाम थे। लेकिन मैंने खुद को याद दिलाया कि हम सभी अपना काम करने आए हैं। अगर मैं फैन मोमेंट में खो जाता, तो मेरा काम प्रभावित होता। पिछले कुछ सालों में मैंने खुद को कंट्रोल में रखना सीखा है। सवाल: सेट पर सबसे मजेदार सीन कौन-सा था? जवाब: एक सीन में मेरा किरदार आयुष्मान खुराना के किरदार को किडनैप कर लेता है और मुझे उन्हें कई बार किस करना था। हम पहली बार शूट पर मिले थे, लेकिन आयुष्मान बहुत सपोर्टिव थे। उन्होंने कहा, “जो करना है खुलकर करो, सीन मजेदार बनाते हैं।” उनकी यह बात हौसला बढ़ाने वाली थी और सीन काफी मजेदार बन गया। सवाल: सारा अली खान के साथ कोई खास सीन रहा? जवाब: मेरा सारा अली खान के साथ कोई सीधा सीन नहीं था। फिल्म में हमारे किरदार लेटर्स के जरिए बात करते हैं। सिर्फ आखिर में एयरपोर्ट वाला एक सीन साथ था। मेरे ज्यादातर सीन आयुष्मान खुराना और तिग्मांशु धूलिया के साथ थे। सवाल: कोलकाता से मुंबई तक की आपकी जर्नी कैसे शुरू हुई? जवाब: मैं बचपन से स्टेज और परफॉर्मिंग आर्ट्स में एक्टिव था। पढ़ाई के दौरान एक समय ऐसा आया जब समझ नहीं पा रहा था कि क्या करना है। मैंने कुछ महीनों का ब्रेक लिया। उस दौरान फिल्में देखता और खेलता था। तभी लगा कि परफॉर्मिंग आर्ट्स को ही करियर बनाना चाहिए। सवाल: उस समय क्या पढ़ाई कर रहे थे? जवाब: मैं बीकॉम ऑनर्स के सेकंड ईयर में था। उससे पहले कई चीजें ट्राई कीं, लेकिन कहीं मन नहीं लगा। एक्टिंग पहली चीज थी, जिसे करते हुए मुझे खुशी मिल रही थी। सवाल: परिवार को एक्टिंग के बारे में कब बताया? जवाब: मैंने अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल “एक्टर प्रिपेयर्स” में ऑनलाइन आवेदन किया था। उसके बाद घरवालों को बताया। उन्होंने तुरंत सपोर्ट किया और कभी रोका नहीं। सवाल: आपने मार्शल आर्ट्स भी सीखी है? जवाब: हां, मैंने कई साल मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली है। मैं रेड बेल्ट तक पहुंच चुका हूं और दो स्टेप बाद ब्लैक बेल्ट मिल जाएगी। बीच में इंजरी की वजह से रुकना पड़ा था, लेकिन अब फिर से ट्रेनिंग शुरू कर दी है। सवाल: मुंबई कब आए? जवाब: मैं 2012 के आखिर में मुंबई आया था और 2013 से काम शुरू हुआ। शुरुआत में अनुपम खेर के इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग ली और वहीं से इंडस्ट्री को समझना शुरू किया। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला? जवाब: बीकॉम के एग्जाम के दौरान एक ऑडिशन का कॉल आया। मैंने दोस्त के साथ रातभर जागकर ऑडिशन शूट किया और भेज दिया। एग्जाम खत्म होने के एक हफ्ते बाद मैं “क्रेजी स्टूपिड इश्क” का पायलट शूट कर रहा था। सब कुछ बहुत जल्दी हुआ। सवाल: मुंबई में शुरुआती दिन कैसे थे? जवाब: शुरुआत में मैं बहन और कजिन के साथ ठाणे में रहता था। बाद में अंधेरी में दोस्तों के साथ घर लिया। मेरे स्कूल के 10-11 दोस्त भी मुंबई में थे, हालांकि कोई एक्टर नहीं था। कोई सीए, कोई फोटोग्राफर और कोई लॉयर था। सवाल: टीवी इंडस्ट्री का अनुभव कैसा रहा? जवाब: टीवी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मैं 18-20 घंटे काम करने से नहीं डरता था। उस समय सीखना और आर्थिक स्थिरता जरूरी थे। लेकिन कुछ साल बाद लगा कि अब आगे बढ़ना चाहिए। सवाल: कौन-सा किरदार आज भी दिल के करीब है? जवाब: “वीरा” का बलदेव। वह किरदार आज भी लोग याद रखते हैं। जहां भी जाता हूं, लोग मुझे बलदेव कहकर बुलाते हैं। सवाल: फिल्मों और वेब सीरीज की तरफ कब रुख किया? जवाब: “घर वापसी” मेरे करियर का टर्निंग पॉइंट थी। इसके बाद मुझे जॉन अब्राहम की फिल्म “डिप्लोमैट” मिली। निर्देशक शिवम नायर ने मेरा काम देखकर रोल ऑफर किया। सवाल: आपने मुंबई छोड़कर गोवा शिफ्ट होने का फैसला क्यों लिया? जवाब: मुंबई की भागदौड़ से मैं थक गया था। लगा कि लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत है। गोवा में शांति, साफ हवा और धीमी रफ्तार की जिंदगी है। मुझे वही चाहिए था। सवाल: आपकी लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है? जवाब: हम एक-दूसरे को चौथी क्लास से जानते हैं। 11वीं में डेटिंग शुरू हुई और 2021 में शादी की। हम करीब 18 साल से साथ हैं। मेरी पत्नी फोटोग्राफर और ग्राफिक डिजाइनर हैं। वह मेरे काम में भी मदद करती हैं। सवाल: लोग कहते हैं कि आपका लुक रणबीर कपूर से मिलता है? जवाब: स्कूल के दिनों में पहली बार किसी ने यह कहा था। उस समय “बचना ऐ हसीनों” रिलीज हुई थी और मैंने रणबीर कपूर जैसा हेयरकट कराया था। तब दोस्तों ने कहा कि मैं उनकी तरह लग रहा हूं। सवाल: आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में बताइए? जवाब: मेरी वेब सीरीज “समर ऑफ 76” आने वाली है, जिसे सुधीर मिश्रा ने डायरेक्ट किया है। यह मेरे लिए खास प्रोजेक्ट है। इसके अलावा एक और सीरीज भी आ रही है, जिसमें काम करके मुझे बहुत मजा आया। सवाल: गोवा में खाली समय कैसे बिताते हैं? जवाब: सुबह उठकर धूप लेता हूं, कॉफी पीता हूं और जिम जाता हूं। फिर किताबें पढ़ता हूं, कभी बीच पर चला जाता हूं। गोवा की सबसे अच्छी बात वहां की शांत जिंदगी और लोगों की सादगी है। सवाल: अब तक की जर्नी की सबसे खूबसूरत बात क्या लगती है? जवाब: मेरी जर्नी हमेशा स्लो और स्टेडी रही है। मैंने कभी रातों-रात स्टार बनने की कोशिश नहीं की। परिवार और दोस्तों ने मुझे हमेशा जमीन

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

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चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर