कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया:छोटी बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए; IPL मैच में बहस हुई थी

IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। हेड की पत्नी जेसिका ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एडवरटाइजर’ से कहा- ‘यह सब मुझे 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद की ट्रोलिंग की याद दिला रहा है।’ जेसिका ने बताया- ‘जब मैं सोकर उठी तो मेरा सोशल मीडिया भरा पड़ा था…हम ठीक हैं। लेकिन, वे मेरे दोस्तों और परिवार पर निशाना साध रहे हैं।’ 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। एक-दूसरे के प्रति काइंडनेस और सपोर्ट की जरूरत- जेसिका जेसिका ने कहा- इस समय सभी खेलों में मानसिक स्वास्थ्य, नजरिए और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को लेकर जरूरी चर्चा हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि खेल के पीछे लोग और परिवार होते हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के प्रति अधिक काइंडनेस और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। शादी की फोटोज में आपत्तिजनक कमेंट किए रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्रेविस हेड की शादी की तस्वीरों तक पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार को धमकियां भी दीं। जेसिका ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत पर जीत के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को इसी तरह के संदेश मिले थे। कमेंटेटर सुंदरेशन बोले- मैच के बाद कोहली का बिहेवियर गलत इसी बीच भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर भरत सुंदरेशन ने कोहली के बिहेवियर को गलत ठहराया। उनके मुताबिक भारत में क्रिकेटरों को लेकर फैन कल्चर हमेशा से बहुत भावुक रहा है, लेकिन अब यह ज्यादा आक्रामक और ट्राइबल हो गया है। भारत सुंदरासन ने कहा कि उन्होंने ट्रेविस हेड से बात की थी और वह ठीक हैं। उन्होंने सलाह दी कि खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सोशल मीडिया से दूरी बना लेनी चाहिए और किसी भी ट्रोलिंग का जवाब नहीं देना चाहिए। हेड ने एग्रेसिव खेलने के लिए कहा, विराट भड़के बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड ने कोहली से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने को कहा था। जवाब में कोहली ने कहा कि हेड खुद आकर गेंदबाजी करें। बाद में कोहली के आउट होने पर हेड ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि इसी के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए। ——————————————— हेड-कोहली विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली-हेड में नोकझोंक, मैच के बाद दोनों ने हाथ नहीं मिलाया, टॉप मोमेंट्स एंड रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। पढ़ें पूरी खबर
कोहली के फैंस ने हेड की पत्नी को ट्रोल किया:छोटी बेटी पर भी भद्दे कमेंट किए; IPL मैच में बहस हुई थी

IPL मैच में बहस के बाद विराट कोहली के फैंस ने ट्रैविस हेड के परिवार को ट्रोल किया। उनकी बेटी पर भी भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट किए गए। हेड की पत्नी जेसिका ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एडवरटाइजर’ से कहा- ‘यह सब मुझे 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद की ट्रोलिंग की याद दिला रहा है।’ जेसिका ने बताया- ‘जब मैं सोकर उठी तो मेरा सोशल मीडिया भरा पड़ा था…हम ठीक हैं। लेकिन, वे मेरे दोस्तों और परिवार पर निशाना साध रहे हैं।’ 22 मई को हैदराबाद-बेंगलुरु मैच के दौरान ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। इसके बाद कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ नहीं मिलाया था। एक-दूसरे के प्रति काइंडनेस और सपोर्ट की जरूरत- जेसिका जेसिका ने कहा- इस समय सभी खेलों में मानसिक स्वास्थ्य, नजरिए और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को लेकर जरूरी चर्चा हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि खेल के पीछे लोग और परिवार होते हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के प्रति अधिक काइंडनेस और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। शादी की फोटोज में आपत्तिजनक कमेंट किए रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्रेविस हेड की शादी की तस्वीरों तक पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार को धमकियां भी दीं। जेसिका ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत पर जीत के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को इसी तरह के संदेश मिले थे। कमेंटेटर सुंदरेशन बोले- मैच के बाद कोहली का बिहेवियर गलत इसी बीच भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और कमेंटेटर भरत सुंदरेशन ने कोहली के बिहेवियर को गलत ठहराया। उनके मुताबिक भारत में क्रिकेटरों को लेकर फैन कल्चर हमेशा से बहुत भावुक रहा है, लेकिन अब यह ज्यादा आक्रामक और ट्राइबल हो गया है। भारत सुंदरासन ने कहा कि उन्होंने ट्रेविस हेड से बात की थी और वह ठीक हैं। उन्होंने सलाह दी कि खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सोशल मीडिया से दूरी बना लेनी चाहिए और किसी भी ट्रोलिंग का जवाब नहीं देना चाहिए। हेड ने एग्रेसिव खेलने के लिए कहा, विराट भड़के बेंगलुरू की पारी में पावरप्ले के दौरान कोहली और ट्रैविस हेड के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड ने कोहली से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने को कहा था। जवाब में कोहली ने कहा कि हेड खुद आकर गेंदबाजी करें। बाद में कोहली के आउट होने पर हेड ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं मिला। माना जा रहा है कि इसी के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया। कोहली ने मैच के बाद हेड से हैंडशेक भी नहीं किया। जब कोहली, हेड के पास पहुंचे, तो हेड ने हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन कोहली एकदम से आगे निकल गए। ——————————————— हेड-कोहली विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली-हेड में नोकझोंक, मैच के बाद दोनों ने हाथ नहीं मिलाया, टॉप मोमेंट्स एंड रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 67वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हरा दिया। विराट कोहली टी-20 में सबसे ज्यादा 211वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप में शामिल रहे। हैदराबाद ने इस सीजन सबसे ज्यादा 9वीं बार 200+ स्कोर बनाया। मैच के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने हाथ नहीं मिलाया। पढ़ें पूरी खबर
रेगिस्तान में बकरियां चराती थीं, आज फुटबॉल खिलाड़ी:लड़कियों के शॉर्ट्स पहनने का विरोध हुआ, कोच ने बेच दी थी अपनी 15 बीघा जमीन

तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव ढींगसरी, राजस्थान के नक्शे पर किसी भी आम रेतीले गांव जैसा ही नजर आता है। इन दिनों इस गांव की हवा बदली हुई है। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले, जब पूरा रेगिस्तान सो रहा होता है, तब यहां की रेतीली जमीन पर जूतों की थाप और फुटबॉल की ‘टप-टप’ की आवाजें गूंजने लगती हैं। यह कहानी सिर्फ एक खेल की नहीं है। यह कहानी है उस संघर्ष की, जिसने बकरियां चराने वाली और घर-खेत के कामों में सिमटी बच्चियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। आज वर्ल्ड फुटबॉल डे के मौके पर बीकानेर शहर से दक्षिण में 58 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव हम आपके ले चलते हैं, जहां की बेटियां फुटबॉल में नाम कमा रही हैं। जो कल तक बकरियां चराती थीं, वो आज देश के लिए गोल दाग रही हैं ढींगसरी गांव की एक बेटी है- मुन्नी भांभू। मुन्नी आज इस गांव की हर उस बच्ची की उम्मीद का चेहरा बन चुकी है, जो कभी पिंजरे में कैद थी। एक बेहद सामान्य परिवार से आने वाली मुन्नी के पास कभी खेलने के लिए ढंग के जूते तक नहीं थे। वो संसाधनों की कमी के बावजूद सबसे पहले मैदान पहुंचती और देर शाम तक अकेले पसीना बहाती। आज मुन्नी भांभू भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की मुख्य गोलकीपर हैं और चीन में हुए ‘एशियन कप क्वालिफायर मैच’ में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 27 साल बाद राजस्थान से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, ‘SAFF U-19 महिला चैंपियनशिप 2026’ में मुन्नी को ‘सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर’ का अवॉर्ड भी मिल चुका है। मुन्नी भावुक हो जाती हैं और कहती हैं- मैं तो गांव में बस सामान्य पढ़ाई कर रही थी। विक्रम सर ने उंगली थामी और मुझे फुटबॉल से जोड़ा। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं। गांव की बेटियां गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रहीं ढींगसरी गांव की मुन्नी अकेली नहीं है। इस रेतीले धोरों से फुटबॉल की ऐसी पौध निकली है कि आज गांव की करीब 60 बेटियां मैदान पर पसीना बहा रही हैं। ये वो बच्चियां हैं, जिनके हाथों में कुछ समय पहले तक या तो बकरियां चराने की लाठी थी, या फिर चूल्हा-चौका संभालते हुए घरेलू काम का बोझ। जिन उंगलियों को सिर्फ गोबर के उपले थापना सिखाया जा रहा था, आज वे गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रही हैं। लड़कों ने नहीं दिखाया इंटरेस्ट, तो कोच ने थामी लड़कियों की उंगली इस सुनहरे सफर की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी के बेटे विक्रम सिंह राजवी (जो खुद रेलवे में हैं और फुटबॉल कोच हैं) ने नई पीढ़ी को तराशने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शुरुआत गांव के लड़कों से की थी, लेकिन लड़कों ने खेल में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कभी प्रैक्टिस में आते, तो कभी गायब हो जाते। गांव की बेटियों को मैदान में उतारा यह राह इतनी आसान नहीं थी। विक्रम सिंह उन घरों तक पहुंचे जहां बच्चियां सिर्फ स्कूल, चूल्हे-चौके या खेत के कामों तक सीमित थीं। शुरुआत में हर दरवाजे से ‘ना’ सुनने को मिली। लोग बेटियों को बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन कोच की जिद के आगे कुछ परिवार राजी हुए और साल 2021 में 20 लड़कियों के साथ ढींगसरी की रेतीली जमीन पर ट्रेनिंग शुरू हुई। जब ‘शॉर्ट्स’ पहनने पर हुआ विरोध, तो घर की महिलाओं को मैदान में उतारा गांव में लड़कियों का फुटबॉल खेलना ही बड़ी बात थी, लेकिन असली परीक्षा तब हुई जब बच्चियों को लोअर (शॉर्ट्स) पहनकर खेलने को कहा गया। रूढ़िवादी माहौल में बच्चियों के छोटे कपड़े पहनकर खेलने को लेकर खूब विरोध हुआ। परिवार वाले अड़ गए। तब कोच विक्रम सिंह ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने कोटा फुटबॉल एकेडमी की टीम को ढींगसरी में मैच के लिए बुलाया। उस मैच में कोटा की लड़कियां शॉर्ट्स पहनकर उतरीं और ढींगसरी की टीम हार गई। विक्रम सिंह ने बच्चियों और उनके माता-पिता को समझाया कि इस खेल में फुर्ती के लिए शॉर्ट्स पहनना मजबूरी है, शौक नहीं। ग्रामीणों का झिझक और डर दूर करने के लिए कोच की पत्नी और उनके घर की महिलाएं भी हर रोज प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर बैठने लगीं। तब जाकर माता-पिता का भरोसा जागा। कोच विक्रम सिंह राजवी कहते हैं- शुरुआत में जो बच्चियां 4-5 किलोमीटर दूर से आती थीं, उन्हें खुद अपनी गाड़ी से मैदान लाता था। उनके पैर न रुकें, बस यही एक जिद थी। एक खिलाड़ी की सगाई हुई, तो पूरी टीम को लेकर कोटा चले गए कोच साल 2022 में इस सफर में एक और बड़ा मोड़ आया। टीम की एक होनहार खिलाड़ी की उसके घर वालों ने कोटा में सगाई तय कर दी। विक्रम सिंह को डर था कि कहीं एक लड़की के जाने से पूरी टीम का हौसला न टूट जाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। वे सभी 20 बच्चियों को लेकर खुद कोटा शिफ्ट हो गए। वहां उनका स्कूल में एडमिशन कराया और एकेडमी जॉइन कराई। दो साल की इस तपस्या का फल तब मिला, जब कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल टूर्नामेंट हुआ। राजस्थान की टीम में चुने गए 22 खिलाड़ियों में से 12 लड़कियां अकेले ढींगसरी गांव की थीं। जब इन बेटियों ने कर्नाटक में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, तो पूरे ढींगसरी गांव की आंखों में आंसू आ गए। जो गांव कभी विरोध कर रहा था, वो अब अपनी बेटियों के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा था। बेटियों के सपनों के लिए बेच डाली 15 बीघा जमीन साल 2024 में विक्रम सिंह बच्चियों को लेकर वापस गांव लौट आए। अब गांव वालों का विश्वास मजबूत हो चुका था, लेकिन ट्रेनिंग के लिए एक बड़े मैदान की जरूरत थी। विक्रम सिंह ने पहले अपनी जमा पूंजी से गांव में 10 बीघा जमीन खरीदी, लेकिन मैदान छोटा पड़ रहा था। उन्हें 8.50 बीघा जमीन और चाहिए थी। विक्रम सिंह बताते हैं- गांव से दूर मेरी 15 बीघा पुश्तैनी जमीन और थी। लेकिन एकेडमी मुझे इसी गांव में बनानी थी। मैंने
प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में जगह बनाई। 26 मई को बेंगलुरु और गुजरात के बीच क्वालिफायर-1 खेला जाएगा, जबकि 27 मई को हैदराबाद और राजस्थान एलिमिनेटर में भिड़ेंगे। चारों टीमों का सफर अलग रहा, लेकिन प्रदर्शन में कई कॉमन फैक्टर्स नजर आए। स्टोरी में प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों के कॉमन फैक्टर्स का एनालिसिस है। इसके लिए 4 पैरामीटर्स तय किए गए हैं…. 1. टॉप बैटर्स का प्रदर्शन 2. टॉप बॉलर्स का प्रदर्शन 3. किस टीम ने कितनी बार 200+ स्कोर बनाए 4. टीमों की विनिंग और लूजिंग स्ट्रीक 1. गुजरात-हैदराबाद के टॉप-3 बैटर्स का औसत 576 रन प्रति बल्लेबाज प्लेऑफ में पहुंची टीमों की सबसे बड़ी ताकत टॉप ऑर्डर रहा। बेंगलुरु के विराट कोहली (557), देवदत्त पडिक्कल (433) और रजत पाटीदार (393) ने मिलकर 1383 रन बनाए। गुजरात के साई सुदर्शन (638), शुभमन गिल (616) और जोस बटलर (469) ने 1723 रन जोड़े। हैदराबाद के हेनरिक क्लासन (606), ईशान किशन (569) और अभिषेक शर्मा (563) ने 1738 रन बनाए। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी (583), ध्रुव जुरेल (458) और यशस्वी जायसवाल (397) ने 1438 रन बनाए। चारों प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 बल्लेबाजों ने मिलकर 6282 रन बनाए। प्रति टीम टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत 1570.5 रन रहा। गुजरात और हैदराबाद के टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत योगदान 576 रन प्रति बल्लेबाज रहा। राजस्थान के सूर्यवंशी ने 232.27 के स्ट्राइक रेट से टीम को तेज शुरुआत दिलाई। बेंगलुरु के कोहली ने 1 शतक और 4 फिफ्टी लगाईं। हैदराबाद के अभिषेक शर्मा ने 206.22 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 1254 रन बनाए। 2. बेंगलुरु के बॉलर्स ने 50 विकेट निकाले प्लेऑफ टीमों के गेंदबाजों ने पूरे सीजन लगातार विकेट लेकर मैचों का रुख बदला। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार (24), रासिख सलाम (14) और जोश हेजलवुड (12) ने 50 विकेट लिए। गुजरात के कगिसो रबाडा (24), राशिद खान (19) और मोहम्मद सिराज (17) ने 60 विकेट लिए। हैदराबाद के ईशान मलिंगा (19), साकिब हुसैन (15) और प्रफुल हिंगे (11) ने 45 विकेट लिए। राजस्थान के जोफ्रा आर्चर (21), बृजेश शर्मा (13) और नांद्रे बर्गर (11) ने 45 विकेट निकाले। प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 गेंदबाजों ने औसतन 50+ विकेट लिए। बेंगलुरु और गुजरात के टॉप गेंदबाजों ने मिलकर 110 विकेट निकाले। औसतन हर गेंदबाज ने 18.33 विकेट लिए। भुवनेश्वर और रबाडा ने 24-24 विकेट लेकर अपनी टीमों की गेंदबाजी अटैक लीड की। राशिद खान और सिराज ने मिडिल व डेथ ओवर्स में असर छोड़ा। राजस्थान के लिए आर्चर और हैदराबाद के मलिंगा ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले। 3. 200+ स्कोर बनाए तो जीत पक्की प्लेऑफ की चार टीमों में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर हैदराबाद ने बनाए। टीम ने 9 बार 200+ रन बनाए, जिनमें 7 मैच जीते और 2 हारे। बेंगलुरु के खिलाफ 255/4, मुंबई के खिलाफ 249/4, दिल्ली के खिलाफ 242/2 और पंजाब के खिलाफ 235/4 जैसे बड़े स्कोर बनाए। हैदराबाद का रनरेट 10.66 रहा, जो चारों प्लेऑफ टीमों में सबसे ज्यादा था। बेंगलुरु ने 8 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 मैचों में जीत और 3 में हार मिली। चेन्नई के खिलाफ 250/3, मुंबई के खिलाफ 240/4 और पंजाब के खिलाफ 222/4 जैसे बड़े टोटल बनाए। टीम का रनरेट 10.50 रहा। इसी बल्लेबाजी की वजह से बेंगलुरु का नेट रनरेट +0.783 रहा, जो प्लेऑफ टीमों में सबसे बेहतर था। गुजरात ने 5 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम ने 3 मैच जीते और 2 गंवाए। राजस्थान और चेन्नई के खिलाफ 229-229 रन बनाए, जबकि दिल्ली के खिलाफ 210 रन बनाए। टीम का रनरेट 9.37 और नेट रनरेट +0.695 रहा। यही टॉप-2 फिनिश की बड़ी वजह बना। राजस्थान ने 7 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 जीत और 2 हार मिलीं। पंजाब के खिलाफ 228/4, लखनऊ के खिलाफ 225/3 और गुजरात के खिलाफ 210 रन बनाए। राजस्थान का रनरेट 10.24 रहा। टीम +0.189 नेट रनरेट के साथ चौथे स्थान पर रही। 4. कोई भी टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों का बड़ा कॉमन फैक्टर उनकी निरंतरता रही। बेंगलुरु पूरे सीजन लगातार 2 से ज्यादा मैच नहीं हारी। गुजरात ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार 3 जीत दर्ज कीं। हैदराबाद ने अप्रैल के पहले हफ्ते में लगातार 2 हार झेलीं, लेकिन बाद में लगातार 5 मैच जीतकर वापसी की। राजस्थान को सीजन में लगातार 3 हार मिलीं, लेकिन टीम ने बाद में लखनऊ और मुंबई को हराकर वापसी की। चारों टीमों ने सीजन में कम से कम एक बड़ा विनिंग स्ट्रीक बनाया। बेंगलुरु ने मुंबई, कोलकाता और पंजाब को हराकर लगातार 3 जीत दर्ज कीं। राजस्थान ने सीजन की शुरुआत लगातार 4 जीत के साथ की थी। टीम ने चेन्नई, गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु को हराकर शुरुआती बढ़त बनाई। गुजरात ने चेन्नई, बेंगलुरु, पंजाब, राजस्थान और हैदराबाद को हराकर लगातार 5 मैच जीते। हैदराबाद ने राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई के खिलाफ लगातार 5 मैच जीते।
राहुल ने रोहित की बराबरी की:IPL में 51वीं बार फिफ्टी+ स्कोर बनाया, कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर कैच छूटा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 40 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में दिल्ली के केएल राहुल ने IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। उन्होंने 51वीं बार पचास या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। रविवार को कुलदीप यादव की हैट्रिक बॉल पर विकेटकीपर अभिषेक पोरेल ने कैच छोड़ दिया। वहीं कोलकाता के मनीष पांडे IPL में 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे सबसे धीमें प्लेयर बने। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. राहुल IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले चौथे खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। यह IPL में उनकी 51वीं फिफ्टी रही। इसके साथ ही वह लीग में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले संयुक्त रुप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। इस लिस्ट में विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 76 बार यह स्कोर बनाया है। 2. मनीष IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी रनचेज के सातवें ओवर में मनीष ने चौका लगाकर IPL में अपने 4 हजार रन पूरे किए। उन्होंने इसके लिए 164 पारी खेली। वे IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने 188 पारी खेली थी। 3. राहुल ने सीजन में छठवीं बार 50+ स्कोर किया राहुल ने बतौर विकेटकीपर IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कोलकाता के खिलाफ फिफ्टी के साथ इस सीजन 6 फिफ्टी या उससे ज्यादा स्कोर बनाए। इससे पहले वे 2018 में भी 6 बार बतौर विकेटकीपर 6 बार यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा ऋषभ पंत (2018) और प्रभसिमरन सिंह (2026) इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। 4. बिना 50+ साझेदारी के चौथा सबसे बड़ा स्कोर बना दिल्ली ने कोलकाता के खिलाफ 203 रन का स्कोर बनाया। यह बिना किसी अर्धशतकीय साझेदारी के IPL का चौथा सबसे बड़ा टीम टोटल है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स नंबर-1 पर है, जिन्होंने 2026 में मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम पर 207/6 का स्कोर बनाया था। 5. रहाणे दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने दिल्ली के खिलाफ 63 रन की पारी खेली। उनका IPL में दिल्ली के खिलाफ यह आठवां 50+ स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 11 बार यह कारनामा किया है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स… 1. कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर पोरेल ने छोड़ा कैच कोलकाता की पारी के 14वें ओवर में कुलदीप ने गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (63) और तीसरी गेंद पर रिंकू सिंह (0) को आउट किया। हैट्रिक बॉल पर भी कुलदीप ने तेजस्वी दहिया को फंसा लिया था। तेजस्वी के बैट का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर पोरेल के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। इस तरह कुलदीप हैट्रिक से चूक गए। 2. स्टार्क के ओवर में 3 विकेट गिरे रनचेज में स्टार्क के ओवर में कोलकाता ने 3 विकेट गंवा दिए। 17वें ओवर की पहली गेंद पर रोवमन पॉवेल (29) समीर रिजवी के डायरेक्ट-हिट पर रन आउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर स्टार्क ने अनुकुल रॉय (9) का अपनी ही गेंद पर कैच लपका। इसके बाद चौथी गेंद पर कार्तिक त्यागी (0) मिड-ऑफ पर अक्षर पटेल को कैच दे बैठे।
प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में जगह बनाई। 26 मई को बेंगलुरु और गुजरात के बीच क्वालिफायर-1 खेला जाएगा, जबकि 27 मई को हैदराबाद और राजस्थान एलिमिनेटर में भिड़ेंगे। चारों टीमों का सफर अलग रहा, लेकिन प्रदर्शन में कई कॉमन फैक्टर्स नजर आए। स्टोरी में प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों के कॉमन फैक्टर्स का एनालिसिस है। इसके लिए 4 पैरामीटर्स तय किए गए हैं…. 1. टॉप बैटर्स का प्रदर्शन 2. टॉप बॉलर्स का प्रदर्शन 3. किस टीम ने कितनी बार 200+ स्कोर बनाए 4. टीमों की विनिंग और लूजिंग स्ट्रीक 1. गुजरात-हैदराबाद के टॉप-3 बैटर्स का औसत 576 रन प्रति बल्लेबाज प्लेऑफ में पहुंची टीमों की सबसे बड़ी ताकत टॉप ऑर्डर रहा। बेंगलुरु के विराट कोहली (557), देवदत्त पडिक्कल (433) और रजत पाटीदार (393) ने मिलकर 1383 रन बनाए। गुजरात के साई सुदर्शन (638), शुभमन गिल (616) और जोस बटलर (469) ने 1723 रन जोड़े। हैदराबाद के हेनरिक क्लासन (606), ईशान किशन (569) और अभिषेक शर्मा (563) ने 1738 रन बनाए। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी (583), ध्रुव जुरेल (458) और यशस्वी जायसवाल (397) ने 1438 रन बनाए। चारों प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 बल्लेबाजों ने मिलकर 6282 रन बनाए। प्रति टीम टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत 1570.5 रन रहा। गुजरात और हैदराबाद के टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत योगदान 576 रन प्रति बल्लेबाज रहा। राजस्थान के सूर्यवंशी ने 232.27 के स्ट्राइक रेट से टीम को तेज शुरुआत दिलाई। बेंगलुरु के कोहली ने 1 शतक और 4 फिफ्टी लगाईं। हैदराबाद के अभिषेक शर्मा ने 206.22 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 1254 रन बनाए। 2. बेंगलुरु के बॉलर्स ने 50 विकेट निकाले प्लेऑफ टीमों के गेंदबाजों ने पूरे सीजन लगातार विकेट लेकर मैचों का रुख बदला। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार (24), रासिख सलाम (14) और जोश हेजलवुड (12) ने 50 विकेट लिए। गुजरात के कगिसो रबाडा (24), राशिद खान (19) और मोहम्मद सिराज (17) ने 60 विकेट लिए। हैदराबाद के ईशान मलिंगा (19), साकिब हुसैन (15) और प्रफुल हिंगे (11) ने 45 विकेट लिए। राजस्थान के जोफ्रा आर्चर (21), बृजेश शर्मा (13) और नांद्रे बर्गर (11) ने 45 विकेट निकाले। प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 गेंदबाजों ने औसतन 50+ विकेट लिए। बेंगलुरु और गुजरात के टॉप गेंदबाजों ने मिलकर 110 विकेट निकाले। औसतन हर गेंदबाज ने 18.33 विकेट लिए। भुवनेश्वर और रबाडा ने 24-24 विकेट लेकर अपनी टीमों की गेंदबाजी अटैक लीड की। राशिद खान और सिराज ने मिडिल व डेथ ओवर्स में असर छोड़ा। राजस्थान के लिए आर्चर और हैदराबाद के मलिंगा ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले। 3. 200+ स्कोर बनाए तो जीत पक्की प्लेऑफ की चार टीमों में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर हैदराबाद ने बनाए। टीम ने 9 बार 200+ रन बनाए, जिनमें 7 मैच जीते और 2 हारे। बेंगलुरु के खिलाफ 255/4, मुंबई के खिलाफ 249/4, दिल्ली के खिलाफ 242/2 और पंजाब के खिलाफ 235/4 जैसे बड़े स्कोर बनाए। हैदराबाद का रनरेट 10.66 रहा, जो चारों प्लेऑफ टीमों में सबसे ज्यादा था। बेंगलुरु ने 8 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 मैचों में जीत और 3 में हार मिली। चेन्नई के खिलाफ 250/3, मुंबई के खिलाफ 240/4 और पंजाब के खिलाफ 222/4 जैसे बड़े टोटल बनाए। टीम का रनरेट 10.50 रहा। इसी बल्लेबाजी की वजह से बेंगलुरु का नेट रनरेट +0.783 रहा, जो प्लेऑफ टीमों में सबसे बेहतर था। गुजरात ने 5 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम ने 3 मैच जीते और 2 गंवाए। राजस्थान और चेन्नई के खिलाफ 229-229 रन बनाए, जबकि दिल्ली के खिलाफ 210 रन बनाए। टीम का रनरेट 9.37 और नेट रनरेट +0.695 रहा। यही टॉप-2 फिनिश की बड़ी वजह बना। राजस्थान ने 7 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 जीत और 2 हार मिलीं। पंजाब के खिलाफ 228/4, लखनऊ के खिलाफ 225/3 और गुजरात के खिलाफ 210 रन बनाए। राजस्थान का रनरेट 10.24 रहा। टीम +0.189 नेट रनरेट के साथ चौथे स्थान पर रही। 4. कोई भी टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों का बड़ा कॉमन फैक्टर उनकी निरंतरता रही। बेंगलुरु पूरे सीजन लगातार 2 से ज्यादा मैच नहीं हारी। गुजरात ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार 3 जीत दर्ज कीं। हैदराबाद ने अप्रैल के पहले हफ्ते में लगातार 2 हार झेलीं, लेकिन बाद में लगातार 5 मैच जीतकर वापसी की। राजस्थान को सीजन में लगातार 3 हार मिलीं, लेकिन टीम ने बाद में लखनऊ और मुंबई को हराकर वापसी की। चारों टीमों ने सीजन में कम से कम एक बड़ा विनिंग स्ट्रीक बनाया। बेंगलुरु ने मुंबई, कोलकाता और पंजाब को हराकर लगातार 3 जीत दर्ज कीं। राजस्थान ने सीजन की शुरुआत लगातार 4 जीत के साथ की थी। टीम ने चेन्नई, गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु को हराकर शुरुआती बढ़त बनाई। गुजरात ने चेन्नई, बेंगलुरु, पंजाब, राजस्थान और हैदराबाद को हराकर लगातार 5 मैच जीते। हैदराबाद ने राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई के खिलाफ लगातार 5 मैच जीते।
राहुल ने रोहित की बराबरी की:IPL में 51वीं बार फिफ्टी+ स्कोर बनाया, कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर कैच छूटा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 40 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में दिल्ली के केएल राहुल ने IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। उन्होंने 51वीं बार पचास या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। रविवार को कुलदीप यादव की हैट्रिक बॉल पर विकेटकीपर अभिषेक पोरेल ने कैच छोड़ दिया। वहीं कोलकाता के मनीष पांडे IPL में 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे सबसे धीमें प्लेयर बने। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. राहुल IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले चौथे खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। यह IPL में उनकी 51वीं फिफ्टी रही। इसके साथ ही वह लीग में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले संयुक्त रुप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। इस लिस्ट में विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 76 बार यह स्कोर बनाया है। 2. मनीष IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी रनचेज के सातवें ओवर में मनीष ने चौका लगाकर IPL में अपने 4 हजार रन पूरे किए। उन्होंने इसके लिए 164 पारी खेली। वे IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने 188 पारी खेली थी। 3. राहुल ने सीजन में छठवीं बार 50+ स्कोर किया राहुल ने बतौर विकेटकीपर IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कोलकाता के खिलाफ फिफ्टी के साथ इस सीजन 6 फिफ्टी या उससे ज्यादा स्कोर बनाए। इससे पहले वे 2018 में भी 6 बार बतौर विकेटकीपर 6 बार यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा ऋषभ पंत (2018) और प्रभसिमरन सिंह (2026) इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। 4. बिना 50+ साझेदारी के चौथा सबसे बड़ा स्कोर बना दिल्ली ने कोलकाता के खिलाफ 203 रन का स्कोर बनाया। यह बिना किसी अर्धशतकीय साझेदारी के IPL का चौथा सबसे बड़ा टीम टोटल है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स नंबर-1 पर है, जिन्होंने 2026 में मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम पर 207/6 का स्कोर बनाया था। 5. रहाणे दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने दिल्ली के खिलाफ 63 रन की पारी खेली। उनका IPL में दिल्ली के खिलाफ यह आठवां 50+ स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 11 बार यह कारनामा किया है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स… 1. कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर पोरेल ने छोड़ा कैच कोलकाता की पारी के 14वें ओवर में कुलदीप ने गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (63) और तीसरी गेंद पर रिंकू सिंह (0) को आउट किया। हैट्रिक बॉल पर भी कुलदीप ने तेजस्वी दहिया को फंसा लिया था। तेजस्वी के बैट का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर पोरेल के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। इस तरह कुलदीप हैट्रिक से चूक गए। 2. स्टार्क के ओवर में 3 विकेट गिरे रनचेज में स्टार्क के ओवर में कोलकाता ने 3 विकेट गंवा दिए। 17वें ओवर की पहली गेंद पर रोवमन पॉवेल (29) समीर रिजवी के डायरेक्ट-हिट पर रन आउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर स्टार्क ने अनुकुल रॉय (9) का अपनी ही गेंद पर कैच लपका। इसके बाद चौथी गेंद पर कार्तिक त्यागी (0) मिड-ऑफ पर अक्षर पटेल को कैच दे बैठे।
कांग्रेस बनाम कांग्रेस: मनिकम टैगोर ने मेकेदातु जलाशय पर कर्नाटक सरकार के कदम की आलोचना की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 मई, 2026, 20:29 IST कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने मेकेदातु जलाशय परियोजना को लागू करने के कर्नाटक के कदम का विरोध किया और इसे तमिलनाडु के तटवर्ती अधिकारों पर “सीधा हमला” बताया। कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर (एएनआई/फाइल) मेकेदातु बांध परियोजना में तेजी लाने के कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार के फैसले को तमिलनाडु में अपनी ही पार्टी के एक सांसद के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है, मणिकम टैगोर ने इसे तमिलनाडु के तटवर्ती अधिकारों पर “सीधा हमला” बताया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि मेकेदातु परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द ही केंद्र को सौंपी जाएगी, और केंद्र सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ग्राउंडब्रेकिंग समारोह आयोजित किया जाएगा। हालाँकि, इस परियोजना को तमिलनाडु के राजनीतिक नेताओं से कड़ी अस्वीकृति मिली, जिन्होंने कहा कि इससे राज्य के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। एक्स को संबोधित करते हुए, मनिकम टैगोर ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर कहा, “मेकेदातु बांध के विस्तार के लिए मंजूरी में तेजी लाने और केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी लेने का कर्नाटक सरकार का कदम तमिलनाडु के तटवर्ती अधिकारों और उसके किसानों की आजीविका पर सीधा हमला है।” उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने पहले ही स्पष्ट रूप से कहा है कि तमिलनाडु की सहमति के बिना कावेरी नदी पर कोई नया बांध नहीं बनाया जा सकता है। फिर भी, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री श्री डीके शिवकुमार न्यायिक आदेशों और संघीय सिद्धांतों की अवहेलना करते हुए उत्तेजक बयान जारी कर रहे हैं।” கர்நாடக அரசின் மேகேதாட்டு அணை விரிவாக்க அறிக்கையை விரைவுபடுத்தி மத்திய அமைச்சரவை ஒப்புதலை பெற முயற்சிப்பது, தமிழ்நாட்டின் ऋण समाधान योजना ऋण योजना उत्तर एक वर्ष से अधिक समय तक ऋण प्राप्त करने के लिए கறியுள்ளன… – मनिकम टैगोर .B🇮🇳மாணிக்கம் தாகூர்.ப (@manickamtagore) 24 मई 2026 टैगोर ने केंद्र से प्रस्ताव को तुरंत खारिज करने का आग्रह किया, साथ ही कहा कि कर्नाटक से भाजपा के दबाव के कारण तमिलनाडु के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु के किसानों के अधिकारों को राजनीतिक लाभ के लिए बलिदान नहीं किया जा सकता है।” तमिलनाडु मेकेदातु परियोजना का विरोध क्यों करता है? कर्नाटक ने पेयजल आवश्यकताओं और बिजली उत्पादन के दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उस राज्य में मेकेदातु में कावेरी नदी पर एक संतुलन जलाशय के निर्माण की योजना की घोषणा की है। पिछले साल दिसंबर में, कर्नाटक सरकार ने परियोजना के त्वरित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित टीम गठित करने का आदेश जारी किया था। हालाँकि, तमिलनाडु ने इस परियोजना के कार्यान्वयन का विरोध किया है क्योंकि कावेरी नदी का जल-बंटवारा राज्य के लिए एक संवेदनशील मामला बना हुआ है। नदी लाखों किसानों के लिए जीवन रेखा के रूप में कार्य करती है, खासकर तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में, जहां कृषि कर्नाटक में अपस्ट्रीम जलाशयों से कावेरी जल की निरंतर रिहाई पर निर्भर करती है। तमिलनाडु का तर्क है कि यह परियोजना कर्नाटक को अधिक पानी जमा करने और महत्वपूर्ण कृषि मौसमों के दौरान डाउनस्ट्रीम प्रवाह को कम करने या विलंबित करने की अनुमति दे सकती है। जल-बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों में दशकों से कानूनी लड़ाई, राजनीतिक विरोध और किसान आंदोलन देखने को मिले हैं। पिछले साल, सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर मेकेदातु बैलेंसिंग जलाशय परियोजना के निर्माण के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि राज्य की आपत्तियों के साथ-साथ विशेषज्ञ निकायों, कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) की राय पर विचार करने के बाद ही योजना को मंजूरी दी जाएगी। तमिलनाडु की पार्टियों ने कर्नाटक के कदम की निंदा की द्रमुक और अन्नाद्रमुक सहित कई राजनीतिक दलों ने मेकेदातु बांध मुद्दे पर शिवकुमार की आलोचना की है और उन पर अहंकार का आरोप लगाया है क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि तमिलनाडु को परियोजना का विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है। अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार से मेकेदातु मुद्दे पर अपना रुख घोषित करने का आग्रह किया और कहा कि कर्नाटक कावेरी नदी पर तमिलनाडु के अधिकारों को कमजोर कर रहा है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कांग्रेस बनाम कांग्रेस: मनिकम टैगोर ने मेकेदातु जलाशय पर कर्नाटक सरकार के कदम की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग अनुवाद करने के लिए)मेकेदातु बांध परियोजना(टी)मेकेदातु संतुलन जलाशय(टी)कावेरी नदी विवाद(टी)कर्नाटक तमिलनाडु जल(टी)तटीय तट अधिकार तमिलनाडु(टी)डीके शिवकुमार मेकेदातु(टी)मणिकम टैगोर आलोचना(टी)सुप्रीम कोर्ट कावेरी मामला
रूस ने यूक्रेन पर ओरेश्निक मिसाइल से हमला किया:यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम; जेलेंस्की बोले- रूसी पागल हो चुके हैं

रूस ने रविवार को यूक्रेन पर कई मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और कई दर्जन लोग घायल हैं। हमलों का निशाना यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के इलाके थे। रूस ने कहा कि यह हमला यूक्रेनी हमलों के जवाब में किया गया। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक हमलेमें ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का भी इस्तेमाल हुआ। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि रूसी हमलों में पानी सप्लाई करने वाली एक फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा, एक बाजार जल गया और कई घरों व स्कूलों पर हमला हुआ। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के तरफ से दागी ओरेश्निक मिसाइल बिला त्सेरक्वा शहर के पास गिरी। उन्होंने कहा, “वे सचमुच पागल हो चुके हैं। जरूरी है कि रूस को इसकी सजा मिले।” यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि मिसाइल में डमी वारहेड लगाया गया था। रूस के हमले से जुड़ीं 7 फोटोज रूस ने अब तक सिर्फ 3 बार ओरेश्निक का इस्तेमाल किया अमेरिका ओरेश्निक को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल मानता है। यह मिसाइल पारंपरिक या परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी रफ्तार और उड़ान का तरीका ऐसा है कि यूक्रेन के मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना लगभग नामुमकिन माना जाता है। रूस ने अब तक सिर्फ तीसरी बार इस मिसाइल का इस्तेमाल किया है। रूस ने ओरेशनिक मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल 21 नवंबर 2024 को किया था। उस समय इस मिसाइल से यूक्रेन के द्नीप्रो शहर में स्थित पिवदेनमाश एयरोस्पेस प्लांट पर हमला किया गया था। उस वक्त शुरुआत में यूक्रेन को लगा था कि रूस ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी है, लेकिन बाद में पता चला कि वह ओरेशनिक मिसाइल थी। दूसरी बार रूस ने जनवरी 2026 में ओरेशनिक का इस्तेमाल किया। यह हमला पश्चिमी यूक्रेन के ल्वीव क्षेत्र पर किया गया था। रूस ने कहा था कि निशाना ल्वीव स्टेट एविएशन रिपेयर प्लांट था। ओरेश्निक पर डमी वॉरहेड लगाकर दागा यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल में डमी वारहेड लगाया गया था। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलस ने एक्स पर लिखा कि “ओरेश्निक जैसी परमाणु वारहेड ले जाने वाली मिसाइल का इस्तेमाल राजनीतिक डर पैदा करने और बेहद खतरनाक परमाणु शक्ति प्रदर्शन की कोशिश है।” फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी रूस के रातभर चले हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल का इस्तेमाल रूस के “आक्रामक युद्ध” में और बड़ा उकसावा है। जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मर्ज ने इसे “बेहद गैरजिम्मेदार बढ़ोतरी” बताया और कहा कि जर्मनी यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। रूस ने रूस पर 700 हमले किए यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने रातभर में 600 ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं। एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 604 हथियारों को मार गिराया। विदेश मंत्री सिबिहा ने इसे राजधानी पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। जेलेंस्की ने कहा, “दुर्भाग्य से सभी बैलिस्टिक मिसाइलें नहीं रोकी जा सकीं। सबसे ज्यादा नुकसान कीव को हुआ और यही इस रूसी हमले का मुख्य निशाना था।” जेलेंस्की ने पुतिन पर निशाना साधते हुए कहा कि “अमेरिका, यूरोप और बाकी देशों को फैसले लेने होंगे ताकि मॉस्को में बैठे बूढ़े व्यक्ति पर इतना दबाव बने कि उन्हें आखिरकार युद्ध रोकने और शांति की बात करनी पड़े। राजधानी पर यह हमला उस समय हुआ जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के एक हमले के जवाब में कार्रवाई का आदेश दिया था। यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले इलाके में हमला किया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। पुतिन ने यूक्रेन पर आतंकी हमला करने का आरोप लगाया दूसरी तरफ पुतिन ने यूक्रेन पर आतंकी हमला करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि यूक्रेनी ड्रोन ने शुक्रवार को पूर्वी लुहान्स्क क्षेत्र के रूस-नियंत्रित स्टारोबिल्स्क शहर में एक कॉलेज हॉस्टल को निशाना बनाया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी टास के मुताबिक इस ड्रोन हमले में मारे गए बच्चों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने कहा कि मलबे के नीचे अभी भी तीन लोगों के फंसे होने की आशंका है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ओरेशनिक और दूसरी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल रूसी क्षेत्र में नागरिक ठिकानों पर यूक्रेन के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। हालांकि यूक्रेनी सेना ने पुतिन के आरोपों को खारिज किया। उसने कहा कि वह सिर्फ सैन्य ढांचे और सैन्य इस्तेमाल वाली जगहों को निशाना बनाती है।
बुमराह ने क्या उड़ाया राम चरण का मजाक?:दावा- एक्टर के क्रिकेटर को फुटबॉलर बताने पर कसा तंज, जानें सच्चाई

साउथ सुपरस्टार राम चरण शनिवार को भोपाल में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के म्यूजिक लॉन्च इवेंट में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया। बातचीत में उन्होंने गलती से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फुटबॉल से जोड़ दिया। वीडियो वायरल होने के बाद राम चरण ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और इसे भीड़ और उत्साह में हुई गलती बताया। अब इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि बुमराह ने राम चरण की फोटो शेयर कर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘कोई बात नहीं यश भाई… ‘टॉक्सिक’ का बेसब्री से इंतजार है।’ हालांकि, यह पोस्ट पूरी तरह फेक और एडिटेड है। बुमराह ने ऐसी कोई स्टोरी पोस्ट नहीं की। कई यूजर इसे सटायर और मीम के तौर पर शेयर कर रहे हैं। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायर दरअसल, राम चरण अपनी आने वाली फिल्म ‘पेड्डी’ के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान राम चरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को ‘लंबा और महान सफर’ बताया। महेंद्र सिंह धोनी को ‘शांत और कूल’ कहा, जबकि रोहित शर्मा को ‘हर किसी का पसंदीदा इंसान’ बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द ‘फायर’ कहा। वहीं इवेंट के दौरान जसप्रीत बुमराह का नाम आने पर उन्होंने कहा, ‘बुमराह जी, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। मुझे फुटबॉल बहुत पसंद है और आप फुटबॉल को इतना आगे ले जा रहे हैं। लव यू सर।’ मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़ वीडियो सामने आने के बाद राम चरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, “उफ्फ… मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी।” राम चरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। फिल्म ‘पेड्डी’ के बारे में जानिए फिल्म ‘पेड्डी’ एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में राम चरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। राम चरण की पिछली फिल्म ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें…








