Friday, 02 Oct 2026 | 09:24 PM

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पुलिस–प्रशासन ने घर पर जेसीबी चलाई, परिवार दबा:छतरपुर में मलबे में लहूलुहान मिले; केन-बेतवा परियोजना के लिए अतिक्रमण हटाने गए थे

पुलिस–प्रशासन ने घर पर जेसीबी चलाई, परिवार दबा:छतरपुर में मलबे में लहूलुहान मिले; केन-बेतवा परियोजना के लिए अतिक्रमण हटाने गए थे

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के दौधन गांव में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने आदिवासी परिवार के मकान पर बुलडोजर चला दिया। आरोप है कि परिवार घर के अंदर मौजूद था, इसके बावजूद जेसीबी चलाई गई। मलबे में दबने से पति-पत्नी और दो बच्चे घायल हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, कार्रवाई के लिए जेसीबी मशीनें और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान आदिवासी ग्रामीण आजाद के मकान पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई। “साहब बचा लीजिए…”, मलबे में दबा मिला परिवार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान गिरते ही चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि एक बच्चा बेहोश हो गया था। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें घायल परिवार मदद की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में परिवार कह रहा था कि वे आदिवासी हैं और उन्हें बचाया जाए, लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी गई। बुलजोडर कार्रवाई से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… कार्रवाई के दौरान भड़के ग्रामीण, पथराव और तोड़फोड़ परिवार के घायल होने की खबर फैलते ही गांव में तनाव बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पथराव में एडिशनल एसपी की गाड़ी, तहसीलदार का वाहन और एक जेसीबी मशीन समेत करीब आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ हुई। कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। प्रशासनिक अमले को भी मौके से पीछे हटना पड़ा। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रखी जा सके। प्रशासन उपद्रव और पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई जल्दबाजी और दबाव में की गई। उनका कहना है कि प्रशासन ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि मकान पूरी तरह खाली है या नहीं। केन-बेतवा परियोजना के लिए हटाया जा रहा था अतिक्रमण प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गांव में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। टीम राजस्व और पुलिस अमले के साथ मौके पर पहुंची थी। पहले से नोटिस और समझाइश की प्रक्रिया की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई सवालों के घेरे में प्रशासनिक कार्रवाई घटना के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मकान तोड़ने से पहले यह जांच की गई थी कि घर के अंदर कोई मौजूद तो नहीं है। क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। और अगर परिवार अंदर था, तो कार्रवाई क्यों नहीं रोकी गई?

हिमाचल के गर्वनर ने अपना काफिला किया आधा:हेलीकॉप्टर इस्तेमाल नहीं करने की भी घोषणा; PM मोदी की अपील पर लिया फैसला

हिमाचल के गर्वनर ने अपना काफिला किया आधा:हेलीकॉप्टर इस्तेमाल नहीं करने की भी घोषणा; PM मोदी की अपील पर लिया फैसला

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं करने और अपना काफिला आधा करने की घोषणा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अपील पर यह कदम उठाया है। राज्यपाल के बाद अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर टिकी है। उन्होंने अब तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की। वहीं पश्चिम एशिया में जारी संकट और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच राज्यपाल ने हिमाचल को ईंधन बचत की दिशा में मॉडल राज्य बनाने का संकल्प जताया। राज्यपाल ने घोषणा की कि अब लोक भवन को ‘फ्यूल कंजर्वेशन जोन’ के रूप में संचालित किया जाएगा। इसके तहत हर रविवार को “पेट्रोल-फ्री संडे” मनाया जाएगा। रविवार को किसी भी सरकारी वाहन में एक लीटर भी आयातित ईंधन का उपयोग नहीं होगा। रविवार के सभी सरकारी कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या संयुक्त यात्रा व्यवस्था के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। गैर-जरूरी बैठक अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी राज्यपाल ने अपने आधिकारिक काफिले (कन्वॉय) का आकार तत्काल प्रभाव से आधा करने के निर्देश दिए। साथ ही गैर-जरूरी बैठकों को अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया जाएगा, ताकि अनावश्यक सड़क यात्रा और ईंधन खर्च को कम किया जा सके। सरकारी कार्यक्रमों और आयोजनों को भी समेकित (कंसोलिडेट) किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही कम हो। सरकारी कार्यक्रम के लिए हेलीकॉप्टर नहीं लेंगे राज्यपाल ने यह भी घोषणा की कि पश्चिम एशिया संकट खत्म होने और वैश्विक ईंधन कीमतों में स्थिरता आने तक वह किसी भी सरकारी कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब देश को ईंधन की हर बूंद बचाने का आह्वान किया जा रहा है, तब ईंधन की सबसे अधिक खपत वाले साधन का इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा। कुलपतियों से भी ईंधन बचाने की अपील प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (चांसलर) होने के नाते राज्यपाल ने कुलपतियों से भी कैंपस में ईंधन और ऊर्जा संरक्षण को संस्थागत रूप से लागू करने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए कारपूलिंग, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश देने को कहा। राज्यपाल ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे कॉलेज, हॉस्टल और अपने समुदायों में ईंधन संरक्षण अभियान के “ब्रांड एंबेसडर” बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल संरक्षण पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उसे अपनी संस्कृति का हिस्सा भी बनाना चाहिए। साइकिल का उपयोग करें: राज्यपाल राज्यपाल ने कहा कि यह केवल ईंधन बचाने का कदम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं सहित सभी नागरिकों से कारपूलिंग अपनाने, छोटी दूरी के लिए पैदल चलने, सार्वजनिक परिवहन और साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।

तलाक की चर्चा पर मौनी रॉय ने तोड़ी चुप्पी:बोलीं- हमें प्राइवेसी दें, गलत खबरें न फैलाएं; सोशल मीडिया पर पति को अनफॉलो किया

तलाक की चर्चा पर मौनी रॉय ने तोड़ी चुप्पी:बोलीं- हमें प्राइवेसी दें, गलत खबरें न फैलाएं; सोशल मीडिया पर पति को अनफॉलो किया

एक्ट्रेस मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार के तलाक की खबरों के बीच अब मोनी ने चुप्पी तोड़ी है। मोनी ने सोशल मीडिया पर लोगों से उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की है। मौनी रॉय ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा “सभी मीडिया हाउस से विनम्र निवेदन है कि वे गलत खबरें न फैलाएं। हमें स्पेस और प्राइवेसी दें, प्लीज।” अनफॉलो करने और फोटो डिलीट करने से शुरू हुआ विवाद तलाक की ये खबरें तब शुरू हुईं जब फैंस ने गौर किया कि मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। बात सिर्फ अनफॉलो करने तक ही सीमित नहीं रही, सूरज ने अपनी प्रोफाइल से शादी की कई पुरानी तस्वीरें भी डिलीट कर दी हैं। हालांकि, मौनी की प्रोफाइल पर अब भी कुछ तस्वीरें मौजूद हैं। 2022 में गोवा में हुई थी शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में एक ग्रैंड सेरेमनी में शादी की थी। उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। इस शादी में मलयाली और बंगाली दोनों परंपराओं का पालन किया गया था। सूरज दुबई बेस्ड बिजनेसमैन हैं और दोनों लंबे समय तक डेट करने के बाद शादी के बंधन में बंधे थे। मौनी रॉय के पास हैं कई फिल्में साल 2025 में मौनी रॉय फिल्म भूतनी में नजर आई थीं। जल्द ही वो तमिल फिल्म विश्वंभरा में कैमियो करती दिखेंगी। इसके अलावा वो है जवानी तो इश्क होना है और द वाइव्स जैसी फिल्मों में नजर आने वाली हैं।

तलाक की चर्चा पर मौनी रॉय ने तोड़ी चुप्पी:बोलीं- हमें प्राइवेसी दें, गलत खबरें न फैलाएं; सोशल मीडिया पर पति को अनफॉलो किया

तलाक की चर्चा पर मौनी रॉय ने तोड़ी चुप्पी:बोलीं- हमें प्राइवेसी दें, गलत खबरें न फैलाएं; सोशल मीडिया पर पति को अनफॉलो किया

एक्ट्रेस मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार के तलाक की खबरों के बीच अब मोनी ने चुप्पी तोड़ी है। मोनी ने सोशल मीडिया पर लोगों से उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की है। मौनी रॉय ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा “सभी मीडिया हाउस से विनम्र निवेदन है कि वे गलत खबरें न फैलाएं। हमें स्पेस और प्राइवेसी दें, प्लीज।” अनफॉलो करने और फोटो डिलीट करने से शुरू हुआ विवाद तलाक की ये खबरें तब शुरू हुईं जब फैंस ने गौर किया कि मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। बात सिर्फ अनफॉलो करने तक ही सीमित नहीं रही, सूरज ने अपनी प्रोफाइल से शादी की कई पुरानी तस्वीरें भी डिलीट कर दी हैं। हालांकि, मौनी की प्रोफाइल पर अब भी कुछ तस्वीरें मौजूद हैं। 2022 में गोवा में हुई थी शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में एक ग्रैंड सेरेमनी में शादी की थी। उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। इस शादी में मलयाली और बंगाली दोनों परंपराओं का पालन किया गया था। सूरज दुबई बेस्ड बिजनेसमैन हैं और दोनों लंबे समय तक डेट करने के बाद शादी के बंधन में बंधे थे। मौनी रॉय के पास हैं कई फिल्में साल 2025 में मौनी रॉय फिल्म भूतनी में नजर आई थीं। जल्द ही वो तमिल फिल्म विश्वंभरा में कैमियो करती दिखेंगी। इसके अलावा वो है जवानी तो इश्क होना है और द वाइव्स जैसी फिल्मों में नजर आने वाली हैं।

पहले आदित्य धर को चोर कहा, अब मांगी माफी:धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चुराने के आरोप लगाए थे, मानहानि केस में कोर्ट ने डायरेक्टर के पक्ष में फैसला दिया

पहले आदित्य धर को चोर कहा, अब मांगी माफी:धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चुराने के आरोप लगाए थे, मानहानि केस में कोर्ट ने डायरेक्टर के पक्ष में फैसला दिया

धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चोरी का विवाद अब खत्म हो गया है। मानहानि का केस करने के बाद आदित्य धर पर स्क्रिप्ट चुराने का आरोप लगाने वाले संतोष कुमार अब माफी मांग ली है। जबकि अप्रैल में उन्होंने दावा किया था कि आदित्य धर ने उनकी लिखी स्क्रिप्ट चुराकर फिल्म बनाई। 30 मार्च को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतोष कुमार ने आदित्य धर को चोर कहा और स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद आदित्य धर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज की। हाल ही में हुई सुनवाई में आदित्य धर का केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट डॉ. बिरेंद्र सराफ ने कोर्ट में कहा कि अगर संतोष कुमार ये आश्वासन देते हैं कि वो भविष्य में इस तरह की कोई मानहानिकारक टिप्पणी नहीं करेंगे, तो वो ये मामला सुलझाने के लिए तैयार हैं। इस पर संतोष कुमार के वकील ने बिना शर्त माफी पेश की और आश्वासन दिया कि अब आदित्य धर के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया जाएगा। माफी मांगे जाने के बाद आदित्य धर ने मानहानि और हर्जाने की मांग आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने संतोष कुमार की माफी स्वीकार कर मामला खारिज कर दिया है। क्या था संतोष कुमार का पिछला दावा संतोष कुमार ने मार्च में रखी प्रेस कॉन्प्रेंस में दावा किया कि धुरंधर की स्क्रिप्ट उन्होंने लिखी थी, लेकिन बाद में आदित्य दर ने उस कहानी पर धुरंधर 2 बना दी। उन्होंने कहा, ‘आप सबने देखा होगा कि फिल्म बहुत अच्छी चल रही है। ये मूवी देखने के बाद मुझे पता चला कि ये मेरी स्क्रिप्ट है। मेरी कहानी है। मैंने इसे बहुत मेहनत से किया था। 2023 में मैंने यहां आकर बहुत सारी कंपनियों को स्टोरी नरेट की थी। मुझे कहा गया था कि अगर आपको बड़ा एक्टर चाहिए, तो बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी लेकर आओ। मैं सोनी के पास गया, जी के पास गया, टी-सीरीज के पास गया, धर्मा प्रोडक्शन के पास गया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट के लिए आदित्य रॉय कपूर चाहिए था। मैंने बहुत कोशिश की। मैंने बहुत डायरेक्टर्स को स्क्रिप्ट भेजी। मैं स्क्रीनराइटर एसोसिएशन का हिस्सा था, मैंने वहां भी स्क्रिप्ट रजिस्टर करवाई है, नवंबर 2023 में। मेरे पास सारे सबूत हैं। मेरे पास तस्वीरें हैं, स्क्रिप्ट हैं, स्केच हैं। मैं इस फिल्म के खिलाफ केस कर रहा हूं। फिल्म अच्छी है, लेकिन उन लोगों ने मेरे काम का दुरुपयोग किया है। फिल्म सिनेमा एंटरटेनमेंट थी, लेकिन उन्होंने इसे पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा बना दिया।’

पहले आदित्य धर को चोर कहा, अब मांगी माफी:धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चुराने के आरोप लगाए थे, मानहानि केस में कोर्ट ने डायरेक्टर के पक्ष में फैसला दिया

पहले आदित्य धर को चोर कहा, अब मांगी माफी:धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चुराने के आरोप लगाए थे, मानहानि केस में कोर्ट ने डायरेक्टर के पक्ष में फैसला दिया

धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चोरी का विवाद अब खत्म हो गया है। मानहानि का केस करने के बाद आदित्य धर पर स्क्रिप्ट चुराने का आरोप लगाने वाले संतोष कुमार अब माफी मांग ली है। जबकि अप्रैल में उन्होंने दावा किया था कि आदित्य धर ने उनकी लिखी स्क्रिप्ट चुराकर फिल्म बनाई। 30 मार्च को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतोष कुमार ने आदित्य धर को चोर कहा और स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद आदित्य धर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज की। हाल ही में हुई सुनवाई में आदित्य धर का केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट डॉ. बिरेंद्र सराफ ने कोर्ट में कहा कि अगर संतोष कुमार ये आश्वासन देते हैं कि वो भविष्य में इस तरह की कोई मानहानिकारक टिप्पणी नहीं करेंगे, तो वो ये मामला सुलझाने के लिए तैयार हैं। इस पर संतोष कुमार के वकील ने बिना शर्त माफी पेश की और आश्वासन दिया कि अब आदित्य धर के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया जाएगा। माफी मांगे जाने के बाद आदित्य धर ने मानहानि और हर्जाने की मांग आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने संतोष कुमार की माफी स्वीकार कर मामला खारिज कर दिया है। क्या था संतोष कुमार का पिछला दावा संतोष कुमार ने मार्च में रखी प्रेस कॉन्प्रेंस में दावा किया कि धुरंधर की स्क्रिप्ट उन्होंने लिखी थी, लेकिन बाद में आदित्य दर ने उस कहानी पर धुरंधर 2 बना दी। उन्होंने कहा, ‘आप सबने देखा होगा कि फिल्म बहुत अच्छी चल रही है। ये मूवी देखने के बाद मुझे पता चला कि ये मेरी स्क्रिप्ट है। मेरी कहानी है। मैंने इसे बहुत मेहनत से किया था। 2023 में मैंने यहां आकर बहुत सारी कंपनियों को स्टोरी नरेट की थी। मुझे कहा गया था कि अगर आपको बड़ा एक्टर चाहिए, तो बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी लेकर आओ। मैं सोनी के पास गया, जी के पास गया, टी-सीरीज के पास गया, धर्मा प्रोडक्शन के पास गया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट के लिए आदित्य रॉय कपूर चाहिए था। मैंने बहुत कोशिश की। मैंने बहुत डायरेक्टर्स को स्क्रिप्ट भेजी। मैं स्क्रीनराइटर एसोसिएशन का हिस्सा था, मैंने वहां भी स्क्रिप्ट रजिस्टर करवाई है, नवंबर 2023 में। मेरे पास सारे सबूत हैं। मेरे पास तस्वीरें हैं, स्क्रिप्ट हैं, स्केच हैं। मैं इस फिल्म के खिलाफ केस कर रहा हूं। फिल्म अच्छी है, लेकिन उन लोगों ने मेरे काम का दुरुपयोग किया है। फिल्म सिनेमा एंटरटेनमेंट थी, लेकिन उन्होंने इसे पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा बना दिया।’

विजय ने ज्योतिषी को स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर पद से हटाया:इन्होंने ही CM बनने की भविष्यवाणी की थी, शपथ का समय भी बदलवाया था

विजय ने ज्योतिषी को स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर पद से हटाया:इन्होंने ही CM बनने की भविष्यवाणी की थी, शपथ का समय भी बदलवाया था

तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट पास करने के कुछ घंटे बाद ही सीएम विजय ने ज्योतिषी राधन पंडित को अपने स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (OSD) के पद से हटा दिया। विजय ने मंगलवार को राधन को अपना OSD बनाया था। जिसपर विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दलों ने भी सवाल उठाए थे। अब उन्होंने फैसला वापस ले लिया। राधन लंबे समय से विजय के करीबी रहे हैं। उन्होंने ही विजय के CM बनने की भविष्यवाणी की थी। साथ ही उनकी शपथ का समय भी बदलवाया था। वे ज्योतिषी होने के साथ टीवीके के प्रवक्ता भी थे। 4 मई को वोटों की गिनती के दौरान राधन विजय से मिलने वाले पहले व्यक्ति थे। विपक्ष और सहयोगी पार्टियों ने विरोध किया था TVK के सहयोगी पार्टी MJK के प्रमुख थमीमुन अंसारी ने विधानसभा में कहा कि निजी तौर पर कोई ज्योतिष में विश्वास रखता है तो यह उसकी पसंद हो सकती है, लेकिन सरकार में ज्योतिष नहीं आना चाहिए। हालांकि, उनकी पार्टी ने विश्वास मत में TVK का समर्थन नहीं किया। DMDK महासचिव और विधायक प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि मुख्यमंत्री के OSD के तौर पर एक ज्योतिषी को जिम्मेदारी देना निंदनीय है। विजय के जीत की भविष्यवाणी की थी विजय ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और ऑनलाइन वीडियो में विजय की कुंडली को ‘सुनामी’ बताया था। यानी ऐसा असर जो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी लहर पैदा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि विजय की पार्टी का नाम अंक ज्योतिष और ज्योतिषीय सिद्धांतों के हिसाब से उनकी जन्म कुंडली के साथ काफी मजबूत मेल खाता है। राधान पंडित तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता के भी स्पिरिचुअल मेंटर रह चुके हैं। उनके पास ज्योतिष विद्या में करीब 40 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। राधन के कहने पर विजय ने 10 मई को अपने शपथ ग्रहण का समय बदला था। शुरुआत में विजय का शपथग्रहण दोपहर 3:45 बजे तय किया गया था, लेकिन राधन की सलाह पर समय बदलकर सुबह 10 बजे कर दिया था। फ्लोर टेस्ट में TVK को 144 विधायकों का समर्थन तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार ने बुधवार को फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। सदन में कुल 171 विधायक मौजूद रहे। TVK के समर्थन में 144 वोट पड़े, जो फ्लोर बहुमत से 58 ज्यादा रहे। इनमें 47 विधायकों वाली AIADMK के 25 बागी विधायकों के भी वोट शामिल हैं। विश्वास प्रस्ताव के विरोध में 22 वोट पड़े, जो AIADMK के बचे हुए विधायकों के रहे। 59 विधायकों वाली DMK ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान 5 विधायक (PMK 4 और BJP 1) गैरमौजूद रहे। स्पीकर ने वोट नहीं डाला। इसके अलावा TVK के एक विधायक का मामला हाईकोर्ट में होने के कारण वह वोटिंग में शामिल नहीं हो सके।

भवानीपुर विधायक के रूप में शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली कर दी | भारत समाचार

Satheesan may emerge as the ultimate loser in the war he has won. Media headlines repeatedly hint that 'most MLAs' are backing KC Venugopal for the top post. (PTI photo)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 13:59 IST सुवेंदु ने कहा कि हालांकि उन्हें भबनीपुर से शपथ लेने के बाद एक विधानसभा सीट खाली करनी होगी, लेकिन वह नंदीग्राम के लोगों की बारीकी से निगरानी करना और उनके लिए काम करना जारी रखेंगे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ली। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को घोषणा की कि वह भबनीपुर विधानसभा सीट बरकरार रखेंगे और नंदीग्राम सीट खाली कर देंगे। अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो को उनके गृह क्षेत्र भबनीपुर में 15,000 से अधिक वोटों से हराया और हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार नंदीग्राम को सुरक्षित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि उन्हें भबनीपुर से शपथ लेने के बाद एक विधानसभा सीट खाली करनी होगी, लेकिन वह नंदीग्राम के लोगों की बारीकी से निगरानी करना और उनके लिए काम करना जारी रखेंगे। “मैंने भबनीपुर से शपथ ली है। नियमों के अनुसार, मुझे एक सीट खाली करनी होगी। हालांकि, मैं नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र की देखभाल करना जारी रखूंगा। मैं नंदीग्राम को यह महसूस नहीं होने दूंगा कि सुवेंदु अधिकारी अब वहां नहीं हैं। मैं हर चीज पर कड़ी नजर रखूंगा। मैं फिरोजा बीबी के समय से इसकी देखरेख कर रहा हूं।” उसने कहा। #घड़ी | कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी का कहना है, “मैं दो विधानसभा क्षेत्रों से विधायक के रूप में शपथ नहीं ले सकता। मैंने भबनीपुर से विधायक के रूप में शपथ ली है। मुझे नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र छोड़ना होगा…” pic.twitter.com/RHkqAu3Ld1– एएनआई (@ANI) 13 मई 2026 उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन क्षेत्र को उनकी कमी महसूस नहीं होगी और कहा कि वह फिरोजा बीबी के समय से इस क्षेत्र की देखभाल कर रहे हैं। राज्य में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद आज अधिकारी और अन्य नवनिर्वाचित विधायकों ने विधानसभा में शपथ ली। राज्य मंत्री दिलीप घोष ने भी खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में शपथ ली। अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कोलकाता में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद की शपथ दिलाई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल हुए। अधिकारी ने इसे राज्य के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बताते हुए कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद “सोनार बांग्ला” युग आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। व्यापक चुनावी जनादेश में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की है, 207 सीटें जीतकर – दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी आगे – और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में 212 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 80 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही और एक निर्वाचन क्षेत्र में आगे चल रही है। 294 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 148 है। परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा और वैचारिक संतुलन में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधायक के रूप में शपथ लेने के बाद नंदीग्राम सीट खाली कर दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)भबनीपुर(टी)नंदीग्राम(टी)एमएलए(टी)पश्चिम बंगाल

विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने विरोध के बाद ओएसडी के रूप में ज्योतिषी राधन पंडित की नियुक्ति वापस ले ली | भारत समाचार

Satheesan may emerge as the ultimate loser in the war he has won. Media headlines repeatedly hint that 'most MLAs' are backing KC Venugopal for the top post. (PTI photo)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 13:37 IST विजय के ज्योतिषी, राधन पंडित वेट्रिवेल को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (राजनीतिक) के रूप में नियुक्त किया गया था। राधन पंडित तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के ज्योतिषी हैं। तस्वीर/एएनआई. (एएनआई छवियां) विपक्ष के साथ-साथ सहयोगियों के विरोध के बाद, टीवीके सरकार ने विजय के ज्योतिषी, राधन पंडित वेट्रिवेल की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (राजनीतिक) के रूप में नियुक्ति वापस ले ली। विजय के सत्ता में आने के बाद, उन्होंने मंगलवार को वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री (राजनीतिक) के विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में पदोन्नत किया। ज्योतिषी वही थे जिन्होंने विधानसभा चुनाव में विजय की भारी जीत की भविष्यवाणी की थी। ज्योतिषी होने के अलावा, वह टीवीके के प्रवक्ता भी थे और पिछले चुनाव अभियान के दौरान नेतृत्व के करीबी सहयोगी के रूप में काम किया था। यह भी पढ़ें: विजय ने उनकी जीत की भविष्यवाणी करने वाले ज्योतिषी राधन पंडित को विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया 4 मई को, वोटों की गिनती के बीच, जब टीवीके ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया था, राधन पंडित विजय से मिलने वाले पहले व्यक्ति थे। राधन पंडित को ऊंचे पद पर पहुंचाने के विजय के कदम पर कई लोगों की भौंहें तन गईं और सहयोगियों के साथ-साथ विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। टीवीके को सहयोगियों की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है राधन पंडित की नियुक्ति के बाद, कांग्रेस, वीसीके और सीपीएम ने इस कदम के लिए टीवीके सरकार की आलोचना की। एक्स को संबोधित करते हुए, कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा, “मुझे पीटता है। एक ज्योतिषी को ओएसडी पद की आवश्यकता क्यों होगी?? क्या कोई समझा सकता है?” यह भी पढ़ें: ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त करने के विजय के कदम को सहयोगियों ने नापसंद किया: ‘अस्वीकार्य’ इस बीच, वीसीके महासचिव डी रविकुमार ने कहा, “यह एक धर्मनिरपेक्ष सरकार में अस्वीकार्य है। माननीय मुख्यमंत्री को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना सरकार का कर्तव्य है। रिकी राधन पंडित, जिन्हें आज मुख्यमंत्री के राजनीतिक विंग सचिव के रूप में घोषित किया गया है, मूल रूप से एक ज्योतिषी हैं।” एक अन्य पोस्ट में, वीसीके महासचिव ने कहा, “तमिलनाडु सरकार को इस अवैज्ञानिक नियुक्ति को तुरंत वापस लेना चाहिए जो संविधान के खिलाफ है!” सीपीएम की केंद्रीय समिति के सदस्य शनमुगम पी ने अपनी चिंता जताते हुए कहा, “सरकारी खर्च पर ऐसे व्यक्ति को अधिकारी के रूप में नियुक्त करना केवल लोगों के बीच ज्योतिष में विश्वास बढ़ाने का काम करेगा… सरकार द्वारा यह नियुक्ति अस्वीकार्य है! यह भी अस्वीकार्य है कि वह राजनीतिक सलाह देगा।” ‘विज्ञान पर ध्यान दें, ज्योतिष पर नहीं’ 13 मई को, तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान, वीसीके विधायक वन्नी अरासु ने सीएम विजय पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और कहा कि सरकार को “विज्ञान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ज्योतिष पर नहीं”। अरासु ने कहा, “हमारी सरकार को ज्योतिष को नहीं बल्कि वैज्ञानिक सोच को महत्व देना चाहिए।” यह भी पढ़ें: ‘विज्ञान पर ध्यान दें’: निजी ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त करने के बाद वीसीके, डीएमडीके ने सीएम विजय पर निशाना साधा डीएमडीके महासचिव और विधायक प्रेमलता विजयकांत ने भी ज्योतिषी की नियुक्ति को “तमिलनाडु के लोगों की ओर से अत्यधिक निंदनीय” बताया। उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा में कहा, “मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में ज्योतिषी रथिन पांडे की नियुक्ति तमिलनाडु के लोगों की ओर से अत्यधिक निंदनीय है।” शक्ति परीक्षण के अंत में विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेमलता ने राधन पंडित की नियुक्ति के संबंध में जो कहा है, उस पर वह विचार करेंगे। विजय के बयान के लगभग एक घंटे बाद, सरकार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (राजनीतिक) के रूप में ज्योतिषी की नियुक्ति वापस ले ली। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने विरोध के बाद ओएसडी के रूप में ज्योतिषी राधन पंडित की नियुक्ति वापस ले ली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु राजनीतिक नियुक्ति(टी)टीवीके सरकार(टी)विजय ज्योतिषी विवाद(टी)राधन पंडित वेट्रिवेल(टी)विशेष कर्तव्य अधिकारी(टी)तमिलनाडु के मुख्यमंत्री(टी)राजनीतिक प्रतिक्रिया(टी)नियुक्ति वापसी

‘व्यक्तिगत लाभ के लिए विश्वासघात’: ईपीएस ने फ्लोर टेस्ट में सीएम विजय का समर्थन करने वाले 25 बागी एआईएडीएमके विधायकों को फटकार लगाई | भारत समाचार

Satheesan may emerge as the ultimate loser in the war he has won. Media headlines repeatedly hint that 'most MLAs' are backing KC Venugopal for the top post. (PTI photo)

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 13:30 IST तमिलनाडु विधानसभा फ्लोर टेस्ट में सीएम विजय को वोट देने के बाद एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने बागी विधायकों पर पार्टी को धोखा देने का आरोप लगाया। एक विद्रोही खेमे के टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार से हाथ मिलाने के बाद एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी को बड़ा झटका लगा। (पीटीआई/फ़ाइल) तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को ताजा उथल-पुथल देखी गई जब 25 बागी एआईएडीएमके विधायकों ने महत्वपूर्ण विधानसभा फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की टीवीके सरकार का खुलेआम समर्थन किया। उनके समर्थन से विजय को आसानी से विश्वास मत जीतने में मदद मिली और अन्नाद्रमुक के भीतर गहरे विभाजन उजागर हो गए। वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सीवी शनमुगम के नेतृत्व में विद्रोही गुट ने विजय से मुलाकात की और सार्वजनिक रूप से सरकार के लिए समर्थन की घोषणा की। कुछ विधायकों ने कथित तौर पर टीवीके प्रशासन का समर्थन करते हुए पत्र सौंपे, जो सीधे तौर पर एआईएडीएमके नेतृत्व द्वारा जारी पार्टी व्हिप के खिलाफ था। विजय ने जीता विश्वास मत फ्लोर टेस्ट के दौरान बागी विधायकों के समर्थन ने अहम भूमिका निभाई. विजय सरकार के पक्ष में मतदान करने के उनके फैसले ने विजय के खिलाफ विपक्ष की संख्या को कमजोर कर दिया। विश्वास मत विजय सरकार के समर्थन में लगभग 144 वोट हासिल करने के साथ समाप्त हुआ, जबकि केवल 22 सदस्यों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। परिणाम ने विधानसभा में विजय की स्थिति मजबूत कर दी और एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ। ईपीएस ने इसे ‘विश्वासघात’ कहा क्रॉस वोटिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने बागी विधायकों पर पार्टी को धोखा देने का आरोप लगाया। ईपीएस ने कहा कि विधायक “गलत दिशा” में चले गए थे और दावा किया कि उन्होंने “व्यक्तिगत लाभ” के लिए जानबूझकर काम किया था। उन्होंने कहा कि अगर उनका इरादा पार्टी के रुख के खिलाफ जाने का था तो उन्हें एआईएडीएमके के बैनर तले चुनाव नहीं लड़ना चाहिए था। उन्होंने पार्टी के चुनावी प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक ने 47 सीटें जीती हैं और मौजूदा संकट के बावजूद वह तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत बनी हुई है। अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी विद्रोह के बाद, अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक उपायों की चेतावनी दी। ईपीएस ने द्रमुक सहित प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक ताकतों और विरोधियों पर अन्नाद्रमुक के भीतर विभाजन की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विद्रोह को बढ़ावा देने और पार्टी की एकता को कमजोर करने के लिए बाहरी हस्तक्षेप जिम्मेदार था। अन्नाद्रमुक नेता ने पार्टी के भीतर समर्थन मजबूत करने और बड़े विभाजन को रोकने के प्रयास में जिला सचिवों और वफादार विधायकों के साथ भी बैठकें कीं। एआईएडीएमके के अंदर बढ़ती फूट घटनाक्रम ने पलानीस्वामी खेमे और वेलुमणि और शनमुगम के नेतृत्व वाले गुट के बीच मौजूदा विभाजन को चौड़ा कर दिया है। अब एआईएडीएमके के भविष्य के नेतृत्व और दिशा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जबकि कुछ नेताओं ने राजनीतिक झटके के बाद जवाबदेही की मांग की, ईपीएस ने पार्टी प्रमुख या विधायिका नेता के रूप में पद छोड़ने के आह्वान का विरोध किया। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के अंदर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे जबकि असंतुष्ट विधायकों के साथ बातचीत के प्रयास जारी रहेंगे और संगठन के भीतर पूरी तरह टूटने से बचा जाएगा। विद्रोह हाल के वर्षों में अन्नाद्रमुक के सामने सबसे बड़ी आंतरिक चुनौतियों में से एक बन गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘व्यक्तिगत लाभ के लिए विश्वासघात’: ईपीएस ने फ्लोर टेस्ट में सीएम विजय का समर्थन करने वाले 25 बागी एआईएडीएमके विधायकों को फटकार लगाई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीवीके(टी)टीवीके फ्लोर टेस्ट(टी)टीवीके सरकार(टी)टीवीके(टी)एआईएडीएमके विधायकों ने विजय को वोट दिया(टी)ईपीएस(टी)तमिलनाडु राजनीतिक संकट(टी)एआईएडीएमके के बागी विधायक(टी)सी जोसेफ विजय सरकार(टी)तमिलनाडु विश्वास मत(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)एसपी वेलुमणि गुट(टी)सीवी शनमुगम नेता(टी)एआईएडीएमके आंतरिक विभाजन