Sunday, 04 Oct 2026 | 02:51 AM

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जबलपुर क्रूज हादसा; सोनू सूद ने उठाए सवाल:बोले-बिहार, वृंदावन के बाद MP में भी जानें गईं, आखिर कब तक?

जबलपुर क्रूज हादसा; सोनू सूद ने उठाए सवाल:बोले-बिहार, वृंदावन के बाद MP में भी जानें गईं, आखिर कब तक?

मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए क्रूज हादसे के बाद एक्टर सोनू सूद ने सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोनू सूद ने लिखा, कुछ समय पहले मैंने बिहार नाव हादसे पर ट्वीट किया था और कहा था कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट जरूरी होनी चाहिए। फिर वृंदावन में हादसा हुआ… और अब मध्य प्रदेश में भी, उसी तरह लोगों की जान चली गई। आखिर कब तक? अब समय आ गया है कि इसे सख्ती से लागू किया जाए: कोई भी नाव तब तक न चले, जब तक हर यात्री लाइफ जैकेट न पहने। उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, एक सरकारी पोर्टल होना चाहिए, जहां हर यात्रा से पहले टाइम के साथ यह सबूत अपलोड हो कि सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी है। सिर्फ सख्त नियम और जवाबदेही ही लोगों की जान बचा सकते हैं। गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था। इस पर लगभग 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन तेज हवा, अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तीन बच्चों समेत 4 लोग अभी भी लापता हैं, जिनका शुक्रवार देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका था। तेज बारिश के कारण शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा था। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग शुरू की जाएगी। देखिए, 6 तस्वीरें… प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगी हादसे के बाद प्रशासन ने प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगा दी है। क्रूज पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी समेत तीन लोगों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

पाकिस्तान के नेता बोले- मैं 'धुरंधर 3' बनाऊंगा:नबील गाबोल ने कहा- फिल्म से मैं ऐसा जवाब दूंगा, जिसे आदित्य धर याद रखेंगे

पाकिस्तान के नेता बोले- मैं 'धुरंधर 3' बनाऊंगा:नबील गाबोल ने कहा- फिल्म से मैं ऐसा जवाब दूंगा, जिसे आदित्य धर याद रखेंगे

पाकिस्तानी पॉलिटिशियन नबील गबोल ने पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित एक फिल्म बनाने की बात कही। जिसका नाम ल्यारी का गब्बर होगा। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में नबील ने कहा कि अब मैं भारत को जो जवाब दूंगा। उन्होंने कहा, ल्यारी के खिलाफ ‘धुरंधर 1’ और ‘धुरंधर 2’ धुरंधर हैं। मैं उनको ‘धुरंधर 3’ बनाकर दूंगा, लेकिन उसका नाम धुरंधर नहीं होगा, बल्कि ‘ल्यारी का गब्बर’ होगा। उन्होंने आगे कहा, उन्होंने किससे पंगा लिया है? मुझसे। मैं कौन हूं? मैं नबील गबोल हूं, मैं राकेश बेदी नहीं हूं। मैं ऐसा जवाब दूंगा, जिसे आदित्य धर याद रखेंगे और मोदी, जिनके पैसों से आपने धुरंधर बनाई है, उन्हें भी पता चल जाएगा जब धुरंधर 3 आएगी। बता दें कि नबील गबोल फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल ‘धुरंधर 2’ में उनके कथित चित्रण को लेकर चर्चा में हैं। धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,780.76 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,132.94 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,356.01 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 424.75 करोड़ रुपए की कमाई की है। ——————— धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर-2 ने पुष्पा-2 का रिकॉर्ड तोड़ा:तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म बनी, ₹1748.91 करोड़ कलेक्शन; अब दंगल और बाहुबली-2 ही आगे रणवीर सिंह की धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई। धुरंधर 2 ने अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Abortion Pill Restriction: mifepristone ban| शारीरिक संबंध बनाया और गटक लिया Mifepristone, कोर्ट ने कहा अब ऐसा नहीं होने देंगे, जानिए क्यों?

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Abortion Pill Restriction: डायना (बदला हुआ नाम) 28 साल की कामकाजी लड़की थी. एक बार नाइट आउट पार्टी के बाद उसके दोस्त से अनजाने में शारीरिक संबंध बन गए. कुछ हफ्तों बाद जब टेस्ट पॉजिटिव आया तो उसकी दुनिया हिल गई. प्रेग्नेंसी की खबर ने उसके होश उड़ा दिए. फिर उसने सोशल मीडिया पर अबॉर्शन पिल खोजी और मिफेप्रिस्टोन के बारे में पढ़ा. बिना किसी डॉक्टर की सलाह के उसने ऑनलाइन ऑर्डर कर मेल से दवा मंगाई और खा ली. 24 घंटे बाद मिसोप्रोस्टोल भी ले लिया, कुछ दिनों तक तेज दर्द और ब्लीडिंग हुई और फिर काम हो गया. डायना जैसी हजारों महिलाएं पिछले कुछ सालों से अमेरिका में अबॉर्शन का यही यही रास्ता अपना रही थीं और बिना डॉक्टरी सलाह के खुद ही ये पिल्स लेकर काम चला रही थीं लेकिन अब अमेरिकी अदालत ने इस आसान रास्ते पर अस्थायी ब्रेक लगा दिया है. यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फिफ्थ सर्किट ने लुयिसियाना राज्य की याचिका पर यह फैसला दिया है. लिहाजा अब महिलाएं अपनी मर्जी से बिना प्रिस्क्रिप्शन के गर्भपात की यह दवा नहीं मंगा सकेंगी. हालांकि अमेरिका की अदालत के इस फैसले का भारत में क्या होगा असर, आइए यह भी आपको आगे बताते हैं.. बता दें कि मिफेप्रिस्टोन (Mifeprex, Korlym या RU-486) मेडिकल अबॉर्शन की मुख्य दवा है. यह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को ब्लॉक कर गर्भाशय की लाइनिंग को तोड़ देती है. इसे लेने के 24-48 घंटे बाद मिसोप्रोस्टोल ली जाती है, जो गर्भ को बाहर निकालने में मदद करती है. यह 70 दिनों तक की गर्भावस्था को 99.6% तक हटा देती है. FDA ने इसे 2000 में मंजूरी दी थी और कभी से यह काफी सुरक्षित दवा मानी जाती है. अबॉर्शन की इस दवा को भारत में भी इस्तेमाल किया जाता है. क्यों हो रहा बवाल बता दें कि 2022 में अमेरिका के कई राज्यों में अबॉर्शन पर पाबंदी लगाई गई थी लेकिन लेकिन टेलीहेल्थ और मेल सुविधा से महिलाएं इसे घर बैठे मंगवा लेती थीं. डेमोक्रेटिक राज्यों के शील्ड लॉ ने इसे और आसान बना दिया. हालात ये हो गए कि अमेरिका में गर्भपातों की संख्या कम होने के बजाय 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई. इतना ही नहीं अमेरिका में एंटी-अबॉर्शन समूहों का तर्क है कि बिना निगरानी के दवा का इस्तेमाल खतरनाक है. वे शील्ड लॉ भी खत्म करना चाहते हैं. उनका कहना है कि इससे राज्य के कानूनों को नुकसान पहुंच रहा था. अब अदालत ने दिया फैसलागर्भपात में बढ़ोत्तरी को देखते हुए अमेरिकी अदालत ने अस्थायी आदेश दिया है कि मिफेप्रिस्टोन अब टेलीहेल्थ या मेल से नहीं दी जा सकेगी. इसे इन-पर्सन (व्यक्तिगत रूप से) फार्मेसी से लेना होगा. अदालत ने कहा कि FDA का नियम राज्य के अबॉर्शन विरोधी कानूनों का उल्लंघन करता है. हालांकि महिलाओं के लिए अदालत का यह आदेश सिरदर्द बन सकता है, क्योंकि अब हर महिला को इस दवा के लिए फिजिकली डॉक्टर के पास जाना होगा.अबॉर्शन अधिकार समूहों का कहना है कि यह महिलाओं की पहुंच को मुश्किल बना रहा है, खासकर दूर-दराज या प्रतिबंधित इलाकों में. इसी के साथ अब दवा कंपनी Danco Laboratories ने सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए समय मांगा है. भारत में क्या पड़ सकता है इसका असर विशेषज्ञों की मानें तो भारत में इसका खास असर इसलिए नहीं पड़ेगा क्योंकि यहां पहले से ही अबॉर्शन की दवाओं को लेकर सख्त नियम लागू है. यहां बिना डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के मिफेप्रिस्टोन दवा नहीं मिलती है. ऑनलाइन यह दवा मंगाने के लिए भी डॉक्टर का पर्चा जरूरी है. इसके अलावा भारत और अमेरिका में नियमों में भी अंतर है. भारत में सीडीएससीओ की गाइडलाइंस और नियमों के तहत काम होता है, जबकि अमेरिका में एफडीए की मंजूरी से. ऐसे में भारत में MTP (Medical Termination of Pregnancy) Act, 1971 (संशोधित 2021) के तहत मेडिकल अबॉर्शन कानूनी है. मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल दोनों दवाएं शेड्यूल H दवाएं हैं, जिन्हें डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर फार्मेसी से लिया जा सकता है और इसे गर्भावस्था के 9 हफ्ते (63 दिन) तक इस्तेमाल किया जा सकता है.

मुनव्वर फारूकी की पत्नी महजबीन ने बेटी को जन्म दिया:कॉमेडियन ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, वरुण धवन समेत कई सेलेब्स ने बधाई दी

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टीवी शो बिग बॉस 17 के विनर मुनव्वर फारूकी और उनकी पत्नी महजबीन शुकवार को एक बेटी हुई है। यह जानकारी मुनव्वर ने सोशल मीडिया पर शेयर की। मुनव्वर ने शुक्रवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर पत्नी और नवजात बेटी की तस्वीरें शेयर कीं। हालांकि, उन्होंने तस्वीरों में चेहरों को सार्वजनिक नहीं किया। पोस्ट के साथ मुनव्वर ने लिखा, ‘घर में बरकत आई। धन्य महसूस कर रहा हूं। अल्हम्दुलिल्लाह। दुआओं में खास याद रखना!’ जैसे ही यह पोस्ट सामने आई, इंडस्ट्री की कई मशहूर हस्तियों ने उन्हें बधाई दी। कमेंट्स सेक्शन में वरुण धवन, जन्नत जुबैर, मिस्टर फैजू, रीम शेख और अली गोनी ने शुभकामनाएं दीं। मुनव्वर और महजबीन की शादी 2024 में हुई थी मुनव्वर ने मई 2024 में मेकअप आर्टिस्ट महजबीन कोटवाला से शादी की थी। यह उनकी दूसरी शादी थी, जिसे दोनों ने काफी प्राइवेट रखा था और उस समय ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की थी। फराह खान के व्लॉग में मुनव्वर ने अपनी शादी के फैसले पर बात करते हुए कहा था कि यह कदम उन्होंने अपने बेटे मिखाइल के लिए उठाया था। उनके अनुसार, बेटे के साथ समय बिताने के बाद उन्होंने जिम्मेदार पिता बनने का फैसला लिया। मुनव्वर ने यह भी बताया था कि महजबीन की एक 10 साल की बेटी है और दोनों का इमोशनल कनेक्शन जल्दी हो गया था। उन्होंने मिलने के अगले दिन ही शादी के लिए प्रपोज कर दिया था। मुनव्वर की पहली शादी साल 2017 में जैस्मिन नाम की महिला से हुई थी। यह एक अरेंज मैरिज थी। इस शादी से मुनव्वर को एक बेटा मिखाइल है। उनकी शादी लगभग 5 साल तक चली और 2022 में दोनों का आधिकारिक रूप से तलाक हो गया। वर्कफ्रंट की बात करें तो मुनव्वर ने आखिरी बार सोनाली बेंद्रे के साथ ‘पति, पत्नी और पंगा’ शो होस्ट किया था।

मुनव्वर फारूकी की पत्नी महजबीन ने बेटी को जन्म दिया:कॉमेडियन ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, वरुण धवन समेत कई सेलेब्स ने बधाई दी

मुनव्वर फारूकी की पत्नी महजबीन ने बेटी को जन्म दिया:कॉमेडियन ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, वरुण धवन समेत कई सेलेब्स ने बधाई दी

टीवी शो बिग बॉस 17 के विनर मुनव्वर फारूकी और उनकी पत्नी महजबीन शुकवार को एक बेटी हुई है। यह जानकारी मुनव्वर ने सोशल मीडिया पर शेयर की। मुनव्वर ने शुक्रवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर पत्नी और नवजात बेटी की तस्वीरें शेयर कीं। हालांकि, उन्होंने तस्वीरों में चेहरों को सार्वजनिक नहीं किया। पोस्ट के साथ मुनव्वर ने लिखा, ‘घर में बरकत आई। धन्य महसूस कर रहा हूं। अल्हम्दुलिल्लाह। दुआओं में खास याद रखना!’ जैसे ही यह पोस्ट सामने आई, इंडस्ट्री की कई मशहूर हस्तियों ने उन्हें बधाई दी। कमेंट्स सेक्शन में वरुण धवन, जन्नत जुबैर, मिस्टर फैजू, रीम शेख और अली गोनी ने शुभकामनाएं दीं। मुनव्वर और महजबीन की शादी 2024 में हुई थी मुनव्वर ने मई 2024 में मेकअप आर्टिस्ट महजबीन कोटवाला से शादी की थी। यह उनकी दूसरी शादी थी, जिसे दोनों ने काफी प्राइवेट रखा था और उस समय ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की थी। फराह खान के व्लॉग में मुनव्वर ने अपनी शादी के फैसले पर बात करते हुए कहा था कि यह कदम उन्होंने अपने बेटे मिखाइल के लिए उठाया था। उनके अनुसार, बेटे के साथ समय बिताने के बाद उन्होंने जिम्मेदार पिता बनने का फैसला लिया। मुनव्वर ने यह भी बताया था कि महजबीन की एक 10 साल की बेटी है और दोनों का इमोशनल कनेक्शन जल्दी हो गया था। उन्होंने मिलने के अगले दिन ही शादी के लिए प्रपोज कर दिया था। मुनव्वर की पहली शादी साल 2017 में जैस्मिन नाम की महिला से हुई थी। यह एक अरेंज मैरिज थी। इस शादी से मुनव्वर को एक बेटा मिखाइल है। उनकी शादी लगभग 5 साल तक चली और 2022 में दोनों का आधिकारिक रूप से तलाक हो गया। वर्कफ्रंट की बात करें तो मुनव्वर ने आखिरी बार सोनाली बेंद्रे के साथ ‘पति, पत्नी और पंगा’ शो होस्ट किया था।

भास्कर अपडेट्स:मणिपुर के उखरुल और तेंगनौपाल जिलों में सुरक्षा बलों ने 23 अवैध बंकर नष्ट किए, 18 IED बरामद

भास्कर अपडेट्स:मणिपुर के उखरुल और तेंगनौपाल जिलों में सुरक्षा बलों ने 23 अवैध बंकर नष्ट किए, 18 IED बरामद

मणिपुर के उखरुल और तेंगनौपाल जिलों में सुरक्षा बलों ने बड़े ऑपरेशन में 23 अवैध बंकर नष्ट किए और 18 IED बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक ये कार्रवाई गुरुवार और बुधवार को अलग-अलग जगहों पर की गई। पुलिस बयान के अनुसार, उखरुल जिले के लितान थाना क्षेत्र के पहाड़ी गांवों—मोंगकोट चेपू, शोंगफेल, मुल्लम, सिराराखोंग और रिंगुए में गुरुवार को 23 बंकर तोड़े गए। इन जगहों पर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को एक 12-बोर पंप एक्शन गन, अलग-अलग कैलिबर की 17 कारतूस और 111 खाली खोखे भी मिले। पुलिस ने बताया कि ये सभी सामान जब्त कर लिया गया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… विश्वजीत सहाय ने रक्षा मंत्रालय के नए रक्षा वित्त सचिव का पदभार संभाला वर्ष 1990 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विश्वजीत सहाय रक्षा मंत्रालय के नए रक्षा वित्त सचिव नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने 1 मई को रक्षा मंत्रालय में रक्षा वित्त सचिव का पद संभाला। इससे पहले वह कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स के पद पर कार्यरत थे। विश्वजीत सहाय लॉ ग्रेजुएट भी हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सहाय के पास रक्षा वित्त और प्रशासन के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। मंत्रालय ने बताया कि रक्षा सहाय कई बड़े पदों पर काम कर चुके हैं। साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार भी रह चुके हैं। कर्नाटक में 44 मोरों की मौत, H5N1 बर्ड फ्लू से होने की पुष्टि कर्नाटक के तुमकुरु जिले में 44 मोरों की मौत H5N1 बर्ड फ्लू से होने की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने एहितायतन 10 किलोमीटर का एरिया कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य और वन विभाग मिलकर संक्रमण रोकने में जुटे हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है। इन मोरों की मौत केसारामाडु, हीरेहली और गुलूर में 16 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच हुई थीं। मृत मोरों के सैंपल भोपाल स्थित आईसीएआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज भेजे गए थे। रिपोर्ट में H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।

IPL 2026 में हर 100 में से 20 कैच छूटे:पांच शतकवीरों ने जीवनदान के बाद जमाई सेंचुरी

IPL 2026 में हर 100 में से 20 कैच छूटे:पांच शतकवीरों ने जीवनदान के बाद जमाई सेंचुरी

क्रिकेट में एक पुरानी कहावत है- ‘कैच पकड़ो, मैच जीतो’। लेकिन आईपीएल 2026 में ‘कैच छोड़ो, मैच हारो’ का नया चलन हावी हो गया है। टीमों की कैच टपकाने की गलती उन्हें सीधे हार की ओर धकेल रही है क्योंकि जीवनदान मिलने के बाद बल्लेबाज विपक्षी टीमों को बुरी तरह धो रहे हैं। सीजन में अब तक लगे 9 शतकों में से 5 शतक ऐसे बल्लेबाजों ने जड़े हैं, जिन्हें फील्डिंग टीम ने कम से कम एक बार कैच छोड़कर ‘जीवनदान’ दिया था। शुरुआती 41 मैचों तक सीजन में टीमों की कैचिंग एफिशिएंसी 80.25 प्रतिशत है। इसका मतलब फील्डर्स ने कैचिंग के हर 100 में से लगभग 20 मौके गंवाए हैं। यह 2018 से अब तक एक आईपीएल सीजन में पांचवां सबसे खराब फील्डिंग प्रदर्शन है। इस मामले में टॉप पर पिछला सीजन है, जहां 41 मैचों के फेज तक टीमों की कैचिंग एफिशिएंसी सिर्फ 75.89% थी। जीवनदान के बाद बैटर के 40+ रन; 78 प्रतिशत मैच हारी टीमें कैच टपकाने का खामियाजा टीमों को हार के रूप में चुकाना पड़ रहा है। मौजूदा सीजन में 18 पारियां ऐसी रही हैं, जहां जीवनदान पाने वाले बल्लेबाज ने 40+ रन बनाए। इनमें से 14 मैचों में (लगभग 78%) फील्डिंग करने वाली टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी। यह आंकड़ा पिछले नौ आईपीएल सीजनों में सबसे खराब है। कैच छूटने के बाद बैटर्स औसतन 17 रन जोड़ रहे हैं, जो 2018 के बाद से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। दिल्ली को 5 में से 3 हार तब मिलीं, जब उन्होंने किसी का कैच छोड़ा और उसने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। इसमें सैमसन (115*), अभिषेक (135*) के शतक हैं। इन 3 मौकों पर कैच छोड़ना पड़ा टीमों पर भारी एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 कैच छूटे, इससे रिकॉर्ड 986 रन बन गए 25 अप्रैल को सीजन के सातवें डबल हेडर के दो मैचों में रिकॉर्ड 16 कैच छोड़े गए थे। इसका आलम यह रहा कि दोनों मुकाबले मिलाकर कुल 986 रन बने, जो आईपीएल इतिहास में एक दिन में सर्वाधिक हैं। इस दौरान पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ 265 रन का लीग इतिहास का सर्वोच्च और हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ 229 रन का जयपुर वेन्यू का सर्वोच्च रन चेज किया।

IPL 2026 में हर 100 में से 20 कैच छूटे:पांच शतकवीरों ने जीवनदान के बाद जमाई सेंचुरी

IPL 2026 में हर 100 में से 20 कैच छूटे:पांच शतकवीरों ने जीवनदान के बाद जमाई सेंचुरी

क्रिकेट में एक पुरानी कहावत है- ‘कैच पकड़ो, मैच जीतो’। लेकिन आईपीएल 2026 में ‘कैच छोड़ो, मैच हारो’ का नया चलन हावी हो गया है। टीमों की कैच टपकाने की गलती उन्हें सीधे हार की ओर धकेल रही है क्योंकि जीवनदान मिलने के बाद बल्लेबाज विपक्षी टीमों को बुरी तरह धो रहे हैं। सीजन में अब तक लगे 9 शतकों में से 5 शतक ऐसे बल्लेबाजों ने जड़े हैं, जिन्हें फील्डिंग टीम ने कम से कम एक बार कैच छोड़कर ‘जीवनदान’ दिया था। शुरुआती 41 मैचों तक सीजन में टीमों की कैचिंग एफिशिएंसी 80.25 प्रतिशत है। इसका मतलब फील्डर्स ने कैचिंग के हर 100 में से लगभग 20 मौके गंवाए हैं। यह 2018 से अब तक एक आईपीएल सीजन में पांचवां सबसे खराब फील्डिंग प्रदर्शन है। इस मामले में टॉप पर पिछला सीजन है, जहां 41 मैचों के फेज तक टीमों की कैचिंग एफिशिएंसी सिर्फ 75.89% थी। जीवनदान के बाद बैटर के 40+ रन; 78 प्रतिशत मैच हारी टीमें कैच टपकाने का खामियाजा टीमों को हार के रूप में चुकाना पड़ रहा है। मौजूदा सीजन में 18 पारियां ऐसी रही हैं, जहां जीवनदान पाने वाले बल्लेबाज ने 40+ रन बनाए। इनमें से 14 मैचों में (लगभग 78%) फील्डिंग करने वाली टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी। यह आंकड़ा पिछले नौ आईपीएल सीजनों में सबसे खराब है। कैच छूटने के बाद बैटर्स औसतन 17 रन जोड़ रहे हैं, जो 2018 के बाद से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। दिल्ली को 5 में से 3 हार तब मिलीं, जब उन्होंने किसी का कैच छोड़ा और उसने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। इसमें सैमसन (115*), अभिषेक (135*) के शतक हैं। इन 3 मौकों पर कैच छोड़ना पड़ा टीमों पर भारी एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 कैच छूटे, इससे रिकॉर्ड 986 रन बन गए 25 अप्रैल को सीजन के सातवें डबल हेडर के दो मैचों में रिकॉर्ड 16 कैच छोड़े गए थे। इसका आलम यह रहा कि दोनों मुकाबले मिलाकर कुल 986 रन बने, जो आईपीएल इतिहास में एक दिन में सर्वाधिक हैं। इस दौरान पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ 265 रन का लीग इतिहास का सर्वोच्च और हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ 229 रन का जयपुर वेन्यू का सर्वोच्च रन चेज किया।

ट्रम्प ने जंग रोकने का ईरानी ऑफर फिर ठुकराया:परमाणु मुद्दे का जिक्र न होने से नाखुश; जर्मनी से 5000 सैनिक हटाने का ऐलान

ट्रम्प ने जंग रोकने का ईरानी ऑफर फिर ठुकराया:परमाणु मुद्दे का जिक्र न होने से नाखुश; जर्मनी से 5000 सैनिक हटाने का ऐलान

ट्रम्प ने जंग रोकने के लिए ईरान का ऑफर फिर से ठुकरा दिया है। उन्होंने शुक्रवार देर रात कहा- बातचीत के लिए ईरान का नया ऑफर भी मुझे मंजूर नहीं है। ईरान की लीडरशिप उलझ गई है और बुरी तरह से बिखर गई है। वे समझौता करना चाहते हैं लेकिन आपस में सहमत नहीं हो पा रहे। इससे पहले ईरान 26 और 27 अप्रैल को भी अपना प्रस्ताव भेज चुका है जिसे वे ठुकरा चुके हैं। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का जिक्र नहीं किया है, इससे ट्रम्प नाखुश हैं। वहीं ईरान का कहना है कि होर्मुज को तुरंत खोलना चाहिए, परमाणु मुद्दे पर बात में बातचीत होगी। जबकि ट्रम्प चाहते हैं कि दोनों चीजें एक साथ हों। ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान को बातचीत के लिए आने से पहले समृद्ध यूरेनियम को सौंपना होगा। इस बीच अमेरिका ने अपने नाटो सहयोगी जर्मनी से 5,000 सैनिक हटाने का फैसला किया है। इससे पहले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को ईरान के सामने अपमानित होना पड़ रहा है। इससे ट्रम्प नाराज हो गए थे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. संसदीय मंजूरी की जरूरत नहीं: ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि उन्हें इसके लिए संसद से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं, वे देशभक्त नहीं हैं। 2. ईरान जंग खत्म होने का दावा: व्हाइट हाउस ने संसद को आधिकारिक तौर पर बताया कि ईरान युद्ध अब खत्म हो चुका है। उस इलाके में अभी भी अमेरिकी सेना मौजूद है, इससे फर्क नहीं पड़ता। 3. अमेरिका की चेतावनी: अमेरिका ने कहा कि जो कंपनियां ईरान को होर्मुज से गुजरने के लिए पैसा देती हैं, उन पर अमेरिका पाबंदी लगा सकता है, भले ही वो पैसा चैरिटी के नाम पर ही क्यों न दिया जाए। 4. जहाजों का ट्रैफिक 90% घटा: होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। पहले जहां हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब सिर्फ 10 से भी कम जहाज जा रहे हैं। 5. ट्रम्प को हमले की ब्रीफिंग: अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सोनम के बाद अब आकाश-आनंद-विशाल ने लगाई बेल याचिका:राज कुशवाहा की जमानत याचिका टेक्निकल ग्राउंड पर हुई कैंसल; राज की सोमवार को फिर लगेगी याचिका

सोनम के बाद अब आकाश-आनंद-विशाल ने लगाई बेल याचिका:राज कुशवाहा की जमानत याचिका टेक्निकल ग्राउंड पर हुई कैंसल; राज की सोमवार को फिर लगेगी याचिका

शुक्रवार को सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा की जमानत याचिका को शिलॉन्ग कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं सोनम की जमानत को आधार बनाकर शिलांग जेल में बंद विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी जमानत मांग ली है। शुक्रवार को उनके वकील ने कोर्ट में अर्जी लगा दी है। बता दें की राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम मंगलवार रात को जेल से रिहा हो चुकी है और फिलहाल शिलांग के एक होटल में ठहरी हुई है। राज के वकील फुयोसा योबिन बताया की राज की बेल एप्लिकेशन को सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को निरस्त कर दिया। राज कुशवाहा की ज़मानत अर्जी ‘तकनीकी आधारों’ पर खारिज की गई, न कि मामले की मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर, अर्जी में पिछले जमानत आवेदन का उल्लेख नहीं था। कोर्ट ने आदेश में उसका उल्लेख किया है। सोमवार को राज कुशवाहा के लिए ज़मानत मांगने हेतु अदालत में एक नई अर्जी दायर की जाएगी। इधर राज की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां बहनों को लेकर इंदौर से अपने गांव (उप्र) चली गई है। वकील योबिन के अनुसार परिवार का कोई सदस्य राज से मिलने नहीं आता है। कोर्ट के दस्तावेज साइन करवाने के लिए वकील ही शिलांग जेल जाते है। अंडर ट्रायल और कानूनी आधारों की दलीलें रहीं बेअसर राज कुशवाहा के बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि अंडर ट्रायल मामलों में आरोपितों को लंबे समय तक जेल में रखना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। आमतौर पर एक साल से अधिक समय तक जेल में रहने के आधार पर आरोपित जमानत का प्रयास करते हैं, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और मामले के तथ्यों को देखते हुए राज को राहत देना उचित नहीं समझा। राज कुशवाहा की याचिका खारिज होने के बाद अब अन्य आरोपितों की राह भी मुश्किल नजर आ रही है। सोनम की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी शिलॉन्ग पुलिस शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से केस के गवाहों को प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि हम जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और कानून के मुताबिक इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। कोर्ट ने अपने अधिकारों का उपयोग किया है। हमारी जांच नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी। एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है। 10 माह से जांच कर रही एसआईटी इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई। इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपी के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपी को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि एसआईटी 10 माह में भी मामले की जांच पूरी नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं।