रेलवे ने चलाई तीन जोड़ी अनारक्षित ट्रेन:उधना-जयनगर के बीच चलेगी, रतलाम में रहेगा स्टॉपेज; जानें ट्रेन का शेड्यूल

यात्रियों की सुविधा एवं समर वेकेशन के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे तीन जोड़ी स्पेशल अनारक्षित ट्रेन चलाने जा रहा है। यह ट्रेनें रतलाम रेल मंडल से होकर चलेगी। गाड़ी संख्या 09007 उधना दानापुर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 1.30 बजे चलेगी। अगले दिन 12 बजे दानापुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (08.17/08.18 रविवार) एवं उज्जैन 10.47/10.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09008 दानापुर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को दानापुर से 15 बजे चलेगी। अगले बुधवार को 1.15 बजे उधना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (17.17/17.20, मंगलवार) एवं रतलाम (19.40/19.45) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। उधना-जयनगर-उधना गाड़ी संख्या 09003 उधना जयनगर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 00.30 बजे चलेगी। सोमवार को 20 बजे जयनगर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (07.17/07.27, रविवार) एवं उज्जैन (09.47/09.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09004 जयनगर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को जयनगर से 23 बजे चलेगी। बुधवार को 16.30 बजे उधना पहुँचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (08.29/08.32) एवं रतलाम (10.52/10.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। उधना-दानापुर-उधना गाड़ी संख्या 09021 उधना दानापुर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 14.30 बजे चलेगी। मंगलवार को रात्रि 1 बजे दानापुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (21.17/21.27 रविवार) एवं उज्जैन (23.47/23.57) बजे आगमन प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09022 दानापुर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को दानापुर से 4 बजे चलेगी। अगले दिन 14.15 बजे उधना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (06.17/06.20, मंगलवार) एवं रतलाम (08.40/08.45) बजे आगमन-प्रस्थान होगा।
अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत संभव:ईरानी विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे, ट्रम्प ने अपने दामाद और विशेष दूत को भेजा

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत हो सकती है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर को भी वहां भेजा है। वे आज पाकिस्तान पहुंचेंगे। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बार पाकिस्तान नहीं गए हैं, उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर वे इस्लामाबाद जा सकते हैं। दूसरी तरफ संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी इस बातचीत में शामिल नहीं हो रहे हैं। वे 11-12 अप्रैल को अमेरिका-ईरान की पहली बातचीत में डेलिगेशन के प्रमुख थे। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधे शांति वार्ता करेंगे। लेकिन ईरान की तरफ से अलग बयान आया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ऐसी कोई बैठक तय ही नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अपनी बात सीधे अमेरिका से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अधिकारियों के जरिए पहुंचाएगा। यानी बातचीत अगर होगी भी, तो आमने-सामने नहीं बल्कि बीच में पाकिस्तान मध्यस्थ का काम करेगा। यानी एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, दूसरी तरफ ईरान साफ इनकार कर रहा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ग्वालियर में दैनिक भास्कर प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का आगाज:देशभर के फैशन हाउस और डिजाइनर्स ने लगाए स्टॉल; पहले ही दिन उमड़ी भीड़

ग्वालियरवासियों को फैशन और बेहतर लाइफस्टाइल से अपडेट करने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से तीन दिवसीय प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का शुभारंभ सिटी सेंटर स्थित होटल रेडिसन में हो गया है। 26 अप्रैल तक चलने वाली इस एग्जीबिशन में ग्वालियर के साथ-साथ देश के प्रमुख फैशन हाउस और डिजाइनर अपने स्टॉल लेकर आए हैं। शुक्रवार को महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के मुख्य आतिथ्य में एग्जीबिशन का भव्य शुभारंभ हुआ। महापौर ने फीता काटकर उद्घाटन किया और स्टॉल का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। महापौर बोलीं- हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं इस मौके पर महापौर ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। एग्जीबिशन में अधिकांश स्टॉल महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने दैनिक भास्कर के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण के बाद यूनिट हेड हरिशंकर व्यास ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान मोनास आर्ट की डायरेक्टर मोना शर्मा भी उपस्थित रहीं। पहले ही दिन उमड़ी भीड़, ग्राहकों ने की जमकर खरीदारी एग्जीबिशन को पहले ही दिन शानदार प्रतिक्रिया मिली। हर स्टॉल पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई और लोगों ने देशभर के डिजाइनर्स के लेटेस्ट कलेक्शन की खरीदारी की। यहां साड़ी, इंडो-वेस्टर्न ड्रेस, फुटवियर, ज्वेलरी, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट, वेलनेस प्रोडक्ट्स और स्टेशनरी सहित कई कैटेगरी के स्टॉल लगे हैं। प्रदेश के चर्चित फैशन हाउस आवतराम एंड संस और मन शोरूम ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं।
भोपाल में रात 12 बजे तक पब-बार बंद होंगे:आदेश का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त होंगे; पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश

भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि रात 12:00 बजे तक सभी पब और बार पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर जूम एप के माध्यम से एक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें एक ग्रुप बनाकर सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें रोज रात 12 बजे तक बंद होने की फोटो पुलिस को भेजनी होगी। इससे समय-समय पर निर्देश दिए जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। बैठक में कमिश्नर ने शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय के बाद पब और बार खुले पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं’: नाविक गौरंगा बिस्वास ने पीएम मोदी के साथ अपनी 40 मिनट की हुगली यात्रा के बारे में बताया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 22:21 IST प्रधानमंत्री की सुबह-सुबह नाव की सवारी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है, जो हाल के सार्वजनिक आउटरीच क्षणों में शामिल है बिस्वास ने आगे कहा कि घाट पर काम करने के लगभग दो दशकों में, उन्होंने कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस तरह से आते नहीं देखा। छवि/न्यूज़18 शुक्रवार सुबह लगभग 6.30 बजे, जब कोलकाता के प्रिंसेप घाट पर नाविकों ने दिन के लिए अपनी नियमित तैयारी शुरू की, तो हुगली नदी के तट पर एक अप्रत्याशित क्षण सामने आया। स्थानीय नाविक गौरंगा बिस्वास और उनके साथियों ने अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाट की ओर आते देखा। पिछले 17 वर्षों से घाट पर माझी (नाविक) के रूप में काम कर रहे गौरंगा ने कहा कि वह क्षण भर के लिए स्तब्ध रह गए। उन्होंने News18 को बताया, “मैंने प्रधानमंत्री को अपनी ओर आते देखा। एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं।” घाट के आसपास भीड़ बढ़ने के कारण उन्हें संभलने में कुछ समय लगा। गौरंगा के अनुसार, प्रधानमंत्री एक नाव पर सवार हुए और नदी पर 40 मिनट से अधिक समय बिताया। यात्रा के दौरान, उन्हें हावड़ा ब्रिज और विद्यासागर सेतु सहित प्रमुख स्थलों की तस्वीरें लेते देखा गया। बातचीत को याद करते हुए, गौरंगा ने कहा, “सवारी के बाद, उन्होंने मुझे बुलाया, मेरा नाम पूछा और मेरे साथ एक तस्वीर ली। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं आज प्रधान मंत्री से मिला।” उन्होंने आगे कहा कि घाट पर काम करने के लगभग दो दशकों में, उन्होंने कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस तरह से आते नहीं देखा। यह घटना तब से स्थानीय नाव ऑपरेटरों के बीच एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है, जिनमें से कई ने गौरंगा को “भाग्यशाली” बताया है। न्यूज18 से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर कोई मुझसे कह रहा है कि यह कोई बड़ी बात है. मैं अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि क्या सच में ऐसा हुआ था.” प्रधानमंत्री की सुबह-सुबह नाव की सवारी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है, जो हाल के सार्वजनिक आउटरीच क्षणों में शामिल है। हालाँकि, गौरंगा बिस्वास के लिए, यह अनुभव बेहद व्यक्तिगत है – एक अप्रत्याशित मुठभेड़ जिसने उन्हें स्पष्ट रूप से अभिभूत कर दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 22:20 IST न्यूज़ इंडिया ‘मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं’: नाविक गौरंगा बिस्वास ने पीएम मोदी के साथ अपनी 40 मिनट की हुगली यात्रा के बारे में बताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)नरेंद्र मोदी
सोनकच्छ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर देवास कलेक्टर नाराज:ऋतुराज सिंह ने कहा-5 साल से अधिक समय से जमें स्टाफ को बदला जाए

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में हुई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एंटीनेटल केयर (एएनसी) पंजीयन का शत-प्रतिशत लक्ष्य पहली तिमाही में ही अभियान चलाकर पूरा किया जाए। उन्होंने इसकी नियमित समीक्षा करने और मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए लगातार प्रयास करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि पिछले वर्ष की उपलब्धि को 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टर ने सोनकच्छ विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वहां पांच साल से अधिक समय से कार्यरत सभी स्टाफ को हटाया जाए, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। शहरी क्षेत्रों में कमजोर स्थिति पर सख्ती बैठक में सामने आया कि देवास और सोनकच्छ के शहरी क्षेत्रों में एएनसी पंजीयन की स्थिति कमजोर है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहां स्टाफ की कमी है, वहां अतिरिक्त प्रभार देकर घर-घर सर्वे कराया जाए और कार्य की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने मॉडरेट एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में सुधार लाने के भी निर्देश दिए। डॉक्टरों के प्रदर्शन पर भी सवाल कलेक्टर सिंह ने डॉ. लक्ष्मी जायसवाल के अधिक रेफरल मामलों पर चिंता जताते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पाटीदार को बागली में पूर्ण समय निवास करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट कहा गया कि यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो बीएमओ इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी 108 एंबुलेंस सेवा का समय पर ऑडिट कर भोपाल को रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
‘अपनी पगड़ी को विजय सिन्हा से सुरक्षित रखें’: तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी पर कटाक्ष किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 21:28 IST तेजस्वी की यह टिप्पणी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 243 सदस्यीय विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद आई है। राजद नेता तेजस्वी यादव की फाइल फोटो (पीटीआई फोटो) राजद नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि राज्य में बहुत कम समय में सरकार में लगातार बदलाव हुए हैं। बिहार विधानसभा को संबोधित करते हुए, यादव ने कहा, “बिहार वास्तव में एक अजीब राज्य है जहां पांच साल में पांचवीं सरकार बनी है। चयनित सीएम ने निर्वाचित सीएम को हटा दिया है। मैं सम्राट चौधरी को सलाह दूंगा कि वे अपनी ‘पगड़ी’ को विजय सिन्हा से सुरक्षित रखें।” विश्वास मत से नेतृत्व परिवर्तन को मंजूरी मिलती है यह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 243 सदस्यीय विधान सभा में विश्वास मत जीतने के बाद आया है, जिससे राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार मजबूती से स्थापित हो गई है। यह वोट मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नेतृत्व परिवर्तन के औपचारिक समापन को चिह्नित करता है। विधानसभा में एनडीए ने दिखाई ताकत विश्वास प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य एनडीए सहयोगियों के समर्थन से आराम से पारित हो गया, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एकता को दर्शाता है। तेजस्वी यादव का हमला जारी प्रस्ताव पेश होने के तुरंत बाद, यादव ने फिर से घटनाक्रम की आलोचना की। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “एक सरकार को विकास कार्यों के लिए स्थिरता की आवश्यकता होती है। लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां पांच साल में यह पांचवीं सरकार बनी है… हम एक ‘निर्वाचित मुख्यमंत्री’ से ‘चयनित मुख्यमंत्री’ में परिवर्तन के लिए सम्राट चौधरी को धन्यवाद देना चाहते हैं। हमें खुशी है कि वह लालू प्रसाद यादव की ‘पाठशाला’ से स्नातक हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने से बेहतर हमारे लिए क्या हो सकता है?” वीडियो | बिहार विधानसभा में बोलते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) कहते हैं, “बिहार वास्तव में एक अजीब राज्य है जहां पांच साल में पांचवीं सरकार बनी है। चयनित सीएम ने निर्वाचित सीएम को हटा दिया है। मैं सम्राट चौधरी को सलाह दूंगा कि वे अपनी ‘पगड़ी’ को सुरक्षित रखें…” pic.twitter.com/w3QoXUz0iW– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 24 अप्रैल 2026 सीएम ने आलोचना का जवाब दिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सम्राट चौधरी ने कहा कि नेतृत्व विरासत में नहीं मिलता है, बल्कि जनता के समर्थन से अर्जित किया जाता है। उन्होंने कहा, “सत्ता किसी की बपौती नहीं है. सीएम का पद 14 करोड़ बिहारियों का आशीर्वाद है. मुझे नीतीश कुमार, पीएम मोदी, नितिन नबीन, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी का आशीर्वाद है.” उन्होंने आगे कहा, “अगर नीतीश कुमार नहीं होते तो क्या लालू यादव मुख्यमंत्री होते? नीतीश कुमार ने भी लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाया… अगर लालू यादव ने मेरे राजनीतिक करियर पर अत्याचार नहीं किया होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता।” बिहार में बीजेपी के पहले सीएम सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने वाले पहले भाजपा नेता हैं। वह राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं, उनके पिता शकुनी चौधरी तारापुर से छह बार विधायक रह चुके हैं। उनकी मां पार्वती देवी ने भी 1998 में इसी सीट से जीत हासिल की थी. राजनीतिक यात्रा चौधरी को 2023 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया और बाद में 2024 में उपमुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार के पद छोड़ने और संसद सदस्य के रूप में राज्यसभा में चले जाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 21:27 IST न्यूज़ इंडिया ‘विजय सिन्हा से अपनी पगड़ी सुरक्षित रखें’: तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी पर कटाक्ष किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार की राजनीति(टी)तेजस्वी यादव(टी)सम्राट चौधरी(टी)बिहार सरकार परिवर्तन(टी)एनडीए सरकार बिहार(टी)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)बिहार विश्वास मत(टी)बीजेपी मुख्यमंत्री बिहार
पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज आज से बंद:RBI ने लाइसेंस रद्द किया, UPI एप चलता रहेगा

पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज आज 24 अप्रैल से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। RBI ने कहा कि बैंक का कामकाज कस्टमर्स के हितों के खिलाफ था। यह आदेश 24 अप्रैल 2026 को कारोबार की समाप्ति के साथ ही लागू हो गया है। लाइसेंस रद्द होने के साथ ही अब बैंक किसी भी तरह का बैंकिंग लेनदेन या ट्रांजेक्शन नहीं कर सकेगा। हालांकि, UPI एप पहले की तरह चलता रहेगा। केंद्रीय बैंक अब इस बैंक को पूरी तरह बंद करने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन देगा। RBI ने लाइसेंस रद्द करने की 4 वजह बताईं लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम के शेयर में गिरावट शुक्रवार को शेयर बाजार में पेटीएम की मूल कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस’ के शेयरों में गिरावट देखी गई। पेटीएम के शेयर 0.5% गिरकर 1,153 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए। बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने की खबर का असर आने वाले दिनों में स्टॉक पर और अधिक देखने को मिल सकता है। 2022 से ही RBI के रडार पर था पेटीएम बैंक पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर रिजर्व बैंक की सख्ती काफी पुरानी है। इसकी शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी, जब RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। इसके बाद जनवरी 2024 में नियमों के उल्लंघन और कस्टमर ड्यू डिलिजेंस (KYC) में खामियों के चलते बैंक को नए डिपॉजिट लेने से भी रोक दिया गया था। तभी से बैंक केवल पुराने डिपॉजिट निकालने और लोन रेफरल जैसी सीमित गतिविधियों तक ही सिमट गया था। 2015 में मिला था लाइसेंस, बड़े निवेशकों का था साथ पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अगस्त 2015 में सीमित बैंकिंग लाइसेंस मिला था। इसके तहत बैंक छोटी जमा राशि स्वीकार कर सकता था, लेकिन उसे सीधे लोन देने की अनुमति नहीं थी। इस बैंक को वन 97 कम्युनिकेशंस का समर्थन प्राप्त था, जिसमें चीन के ‘आंट ग्रुप’ (Ant Group) और जापान के ‘सॉफ्टबैंक’ जैसे दिग्गज निवेशक शामिल रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एमपी के 30 हजार से ज्यादा नर्सिंग छात्रों को झटका:हाईकोर्ट ने कहा-बिना अनुमति नहीं होंगी परीक्षाएं,28 अप्रैल से आयोजित की गईं थी;CBI ने 600 काॅलेज पाए थे अपात्र

नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े मामले में एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस अविनेंद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई की। अदालत ने कहा कि बिना हाईकोर्ट की अनुमति के परीक्षाएं नहीं होगी। आगामी परीक्षाओं के लिए नर्सिंग काउंसिल हाईकोर्ट को हाईकोर्ट की अनुमति लेनी होगी। साथ ही अपात्र काॅलेजों के छात्रों को पात्र कॉलेजों में ट्रांसफर किए जाए। बता दें, 28 अप्रैल से परीक्षाएं आयोजित की गई थी। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की तो पाया कि 800 में से 600 कॉलेज अपात्र थे। कोर्ट का यह फैसला प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा नर्सिंग छात्रों के लिए झटका है। परीक्षाओं के लिए हाईकोर्ट की अनुमति जरूरी लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका में मध्य प्रदेश में 2020-21 में खुले सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी जिसमें हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हुई सीबीआई जांच में लगभग 800 नर्सिंग कॉलेजों में से करीब 600 कॉलेज अनुपयुक्त या कमियों से भरे पाए गए थे। इन संस्थानों में भवन, लैब, लाइब्रेरी, अनुभवी शिक्षक और 100 बिस्तरों वाले अस्पताल जैसी अनिवार्य सुविधाओं की भारी कमी पाई गई थी। कई कॉलेज केवल कागजों पर चल रहे थे और कई प्रिंसिपल और शिक्षक 15-15 कॉलेजों में एक साथ कार्यरत दर्शाए गए थे। अपात्र को सूटेबल कॉलेज में करना था ट्रांसफर मामले में याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने आवेदन पेश कर आरोप लगाया था कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कागजी /अमानक कालेजों में जीएनएम कोर्स संचालित करने वाले जो 117 नर्सिंग कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए थे, एमपी नर्सिंग काउंसिल उनके छात्रों को सूटेबल कॉलेजों में ट्रांसफर करने के स्थान पर उन कॉलेजों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ले रहा है, जो 28 अप्रैल से प्रस्तावित है। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद एमपीएनआरसी की अंडरटेकिंग रिकार्ड पर लेकर आदेश दिए हैं कि हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर कोई भी परीक्षाओं का आयोजन नहीं होगा, मामले की सुनवाई पुनः 28 अप्रैल को चीफ जस्टिस की अगुआई वाली युगलपीठ में होगी, अब नर्सिंग कॉलेजों की प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए एमपी नर्सिंग काउंसिल को आवेदन पेश कर हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी, इसी आधार नर्सिंग कॉलेजों की परिक्षाओं पर निर्णय होगा।
106 की उम्र, फिर भी जबरदस्त फिटनेस! अम्मा ने खोला लंबी उम्र का राज

होमताजा खबरlifestyle 106 साल की अम्मा के उगने लगे नए दांत, बुढ़ापा भी हार गया, हैरान करेगी ये कहानी Last Updated:April 24, 2026, 20:02 IST Secrets For Healthy And Long Life: ये हैं 106 की अम्मा.. जिन्हें उम्र के इस पड़ाव में भी आंखों से दिखाई देता है, कानों से सुनाई देता है, चलते फिरते हुए घर के सभी काम कर लेती हैं. हैरानी की बात तो ये है कि अम्मा अपने जीवन की इस लंबी पारी में कभी बीमार नहीं पड़ीं तो आइए जानते हैं अम्मा के लंबे और स्वस्थ जीवन का राज… Chhuttan Tiwari Lifestyle: आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसी अम्मा की, जो 106 की उम्र में भी बीमार नहीं पड़ी हैं. अम्मा के दांत भले ही कम हो लेकिन वह आज भी सब कुछ खाती हैं. अम्मा का कहना है कि उनके दांत फिर से नए आ गए हैं और वह एक बार फिर जीवन की नई शुरुआत कर रही हैं. उनके जीवन में उमंग है और आज तक वह बीमार भी नहीं पड़ी हैं. अम्मा की स्वस्थ और लंबे जीवन का क्या है राज आइए जानते हैं… छतरपुर के गौरिहार तहसील के गहबरा गांव की रहने वाली छुट्टन तिवारी लोकल से बातचीत में बताती हैं कि वह 106 साल की हो चुकी हैं. जन्म तारीख तो नहीं पता लेकिन जब वह 11 साल की थीं तो उनका ब्याह हो गया था. 25 साल तक उन्हें कोई संतान नहीं हुई. पहली संतान हुई थी वह खत्म हो गई. तीसरी संतान हुई, चौथी संतान हुई और पांचवीं संतान. लेकिन दुर्भाग्यवश 40 वर्ष की उम्र में तीसरे बेटे की मृत्यु हो गई. चौथा बेटा भी जन्म के कुछ महीने बाद खत्म हो गया था. पांचवां पुत्र ही उनके पास है जिसकी उम्र 62 वर्ष हो गई है. उनका कहना है कि बस यही बची है उनकी एक संतान जो ख्याल रखती है. इस उम्र में भी करती हैं काम छुट्टन बताती हैं कि वह आज भी खुद घर के सभी काम करती हैं. सभी तरह के काम चलते-फिरते हुए कर लेती हैं. भोजन से लेकर मेहनत वाला काम भी करती हैं. आंखों से दिखता कानों से सुनाई देताछुट्टन बताती हैं कि वह जीवन का शतक पूरा कर चुकी हैं लेकिन अभी तक ईश्वर की कृपा है कि वह बीमार नहीं हुई हैं. उन्हें कान से अच्छे से सुनाई देता है, आंखों से दिखाई देता है. चलने में भी दिक्कत नहीं है. कहने का मतलब है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं. ये है खान-पान 106 वर्षीय अम्मा बताती हैं कि वह सूर्य देव के उदय होने से पहले जग जाती हैं. सुबह जगते ही सूर्य देव के दर्शन करती हैं. इसके बाद पानी पीती हैं. पानी पीने के बाद 1 गिलास चाय पीती हैं. चाय के साथ में 2 बिस्किट खाती हैं. इसके बाद पानी में फूले हुए मखाने, बादाम, छुहारे, किशमिश, काजू बांटती हैं. इसे दूध के साथ घोंट कर पी जाती हैं. रात में ही ड्राई फ्रूट्स पानी में फुला देती हैं. सभी की मात्रा 2 से 3 रखती हैं. सूर्य उदय से पहले जगती हैं अम्मा बताती हैं कि वह बिस्तर पर कम लेटती हैं. वह सिर्फ 4 घंटे ही सोती हैं. ज्यादातर समय चलते-फिरते हुए काम करती रहती हैं. शायद इसलिए वह हर तरह का भोजन पचा पाती हैं. अम्मा बताती हैं कि अभी गर्मी में महुआ की डुबरी, मुरका और हलुआ बनाकर खाती हैं. उन्हें पुराने व्यंजन से लेकर नए व्यंजन पसंद हैं. नए दांत जमने लगे अम्मा बताती हैं कि भले ही मेरे दांत न हो लेकिन कोशिश हर तरह का खाना खाने की होती है. हालांकि, उनके एक बार फिर से दांत जमने लगे हैं. अम्मा बताती हैं कि रोटी तो नहीं खा पाती हैं लेकिन दूध के साथ रोटी मीसकर खा लेती हैं. वह ज्यादातर लिक्विड या सेमीसोलिड भोजन लेती हैं. हलवा खाना पसंद करती हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 24, 2026, 20:02 IST







