लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। लेंसकार्ट शोरूम में ड्रेस कोड विवाद से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…
सैयारा फेम अनीत पड्डा के दादा का निधन:अल्जाइमर से लंबे समय से पीड़ित थे, एक्ट्रेस ने इमोशनल पोस्ट लिखा

सैयारा फेम एक्ट्रेस अनीत पड्डा के दादा का निधन हो गया। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर निधन की जानकारी देते हुए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया। अनीत ने पोस्ट में लिखा, ‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा प्यार। आप धीरे-धीरे दूर जा रहे थे, लेकिन आपने ‘मक्खन’ को नहीं भुलाया। जब यादें साथ नहीं दे रही थीं, तब भी आपने प्यार को थामे रखा। अब मैं दोनों को संभालकर रखूंगी, आपकी यादें और आपका प्यार। हमारे साथ बिताए हर पल को मैं हमेशा अपने साथ रखूंगी। मैं एक अच्छी इंसान बनूंगी।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, आपके मजाक याद रखूंगी और हर मौके पर उन्हें दोहराऊंगी। आपकी अच्छाई और आपकी रोशनी को हर अंधेरे में फैलाऊंगी। आपकी कहानियां दुनिया को सुनाऊंगी। आपका प्यार अपने दिल में रखूंगी, आपने मुझे सबसे सच्चा और बिना शर्त वाला प्यार सिखाया है। पोस्ट के अंत में एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं आपको हमेशा अपने साथ लेकर चलूंगी। आज मैंने आसमान में सबसे चमकता तारा देखा और समझ गई कि आप वहीं हैं। मैं आपसे प्यार करती हूं… बहुत-बहुत प्यार करती हूं, दादू। हमेशा, समय से भी आगे तक।’ बता दें कि अनीत के दादा लंबे समय से अल्जाइमर की बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई थी कि वे अपना नाम और परिवार के सदस्यों तक को भूल चुके थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो अनीत जल्द ही डायरेक्टर मोहित सूरी की फिल्म में एक बार फिर एक्टर अहान पांडे के साथ नजर आएंगी। इसके अलावा वह मैडॉक की फिल्म शक्ति शालिनी में भी काम कर रही हैं।
लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कथित साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ “लॉरेंस ऑफ पंजाब” को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस भी सामने आई है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस फिल्म के खिलाफ प्रोडक्शन कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि यह न तो सुर्खियों के लिए है और न ही राजनीति के लिए। यह उन हर माताओं के लिए है जो आज भी अपने बेटे का इंतज़ार कर रही हैं, जो कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंजाब अभी भी अपने जख्मों से उबर रहा है, और इन जख्मों को मनोरंजन या कंटेंट में बदलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उन सभी निर्दोष लोगों को भी नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई जैसे नेटवर्क से जुड़ी हिंसा में अपनी जान गंवाई। उन्होंने आगे कहा कि कुछ कहानियां महिमामंडन के लिए नहीं होतीं और कुछ दर्द बेचने के लिए नहीं होता। राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने कानूनी रास्ता इसलिए चुना क्योंकि चुप रहना एक तरह का विश्वासघात होता। उनके मुताबिक, पंजाब को गरिमा चाहिए, यह सब नहीं। अब राजा वड़िंग की पोस्ट को तीन प्वाइंटों में जानें – 1. सिद्धू मूसेवाला की मौत हर एक पंजाबी और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान थी। आज ZEE5 उसी गैंगस्टर पर “लॉरेंस ऑफ पंजाब” नाम की डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनाने जा रहा है? 2. यह सिर्फ सिद्धू की बात नहीं है। इस अपराध नेटवर्क के कारण सैकड़ों पंजाबी अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार आज भी दर्द और शोक में जी रहे हैं। यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। 3. भगत सिंह पंजाब की पहचान हैं। हमारे सैनिक पंजाब की पहचान हैं। हमारे किसान पंजाब की पहचान हैं। कोई गैंगस्टर नहीं, कभी भी नहीं। मैं इसके खिलाफ PIL दायर कर रहा हूं। इस सीरीज पर रोक लगनी चाहिए। अब बहुत हो गया। 27 अप्रैल को रिलीज होनी है ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है। 2.16 मिनट की ट्रेलर को तीन प्वाइंटों जाने – 1. डॉक्यूमेंट्री का जो ट्रेलर रिलीज हुआ है, उसमें बताया गया है कि 1989- 1980 के दौर में पंजाब ने मिलिटेंसी का काला समय देखा। उस समय हालात ऐसे थे कि हर किसी को यह चिंता नहीं थी कि घर में खाने को रोटी है या नहीं, बल्कि हथियार होना ज्यादा जरूरी समझा जाता था। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें पत्रकार बताते हैं कि पंजाब के गैंगस्टरों का कोई ठोस मकसद नहीं होता। शो-ऑफ, नाम और फेम ही उन्हें आकर्षित करते हैं। एक सीनियर पत्रकार बताते हैं कि पहले पंजाब का कल्चर ऐसा था जहां भगत सिंह जैसे लोग हीरो माने जाते थे। अब लारेंस बिश्नोई हीरो है। 2. ट्रेलर में दिखाया गया है कि लॉरेंस के शूटर ने सलमान खान के घर पर गोलियां चलाईं। कपिल शर्मा, गिप्पी गरेवाल और रोहित शेट्टी के यहां भी फायरिंग करवाई गई। इसके बाद जेल में बंद लॉरेंस को दिखाया गया है। सिद्धू मूसेवाला की हवेली के दृश्य भी नजर आते हैं, जिसके बाद हत्या से जुड़ी कहानी को दिखाया जाता है। इसमें गोल्डी बराड़ से जुड़ी स्क्रीन शॉट जैसी चीजें भी दिखाई गई हैं। 3. चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी का बयान भी इसमें शामिल हैं, जो कहते हैं कि इस तरह की राह में सिर्फ नुकसान होता है। ऐसे लोग या तो पूरी जिंदगी जेल में रहते हैं या मारे जाते हैं। सूफी सिंगर हंसराज का भी इंटरव्यू है, जिसमें वे कहते हैं कि अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा ही मिलता है, लेकिन हम किसी की जिंदगी का किस्सा खत्म कर देते हैं। लॉरेंस का पंजाब और चंडीगढ़ से लिंक जानिए 1. चंडीगढ़ से पढ़ाई और छात्र राजनीति लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ में की। कॉलेज के समय से ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2012 में सेक्टर-10 के DAV कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान दो छात्र संगठनों में झगड़ा हुआ, जिसमें उस पर गेट तोड़ने और फायरिंग करने के आरोप लगे। चंडीगढ़ में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद वह पीछे नहीं मुड़ा। वह कॉलेज टाइम में छात्र राजनीति में सक्रिय था। उसके साथ राजनीति करने वाले उस समय के कई लोग आज पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। 2. सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड 2022 में पंजाब के मानसा में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसे मुख्य साजिशकर्ता माना गया। इसके अलावा 2025 में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में ‘पैरी’ नाम के युवक की हत्या और बुड़ैल में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में भी उसके गैंग का नाम सामने आया। पैरी कभी लॉरेंस का दोस्त था और ये सभी साथ पढ़ते थे। 3. जेल से टीवी इंटरव्यू 2023 में लॉरेंस ने पंजाब की जेल में रहते हुए एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। यह इंटरव्यू दो चरणों में प्रसारित हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल उठे और केस हाईकोर्ट तक पहुंच गया। जांच के लिए स्पेशल SIT गठित की गई। हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना। यह इंटरव्यू खरड़ CIA स्टाफ में हुआ था। 4. धमकी और रंगदारी लॉरेंस इस समय साबरमती जेल में बंद है, लेकिन दावा है कि उसका गैंग चंडीगढ़ और पंजाब में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में सक्रिय है। कई बार धमकी देने और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई लोगों को रंगदारी के लिए कॉल्स भी आ रही हैं।
सूरत में AAP उम्मीदवार ने लहराया 90 लाख का सोना, दो बाउंसरों के साथ किया प्रचार! | सूरत समाचार

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 08:53 IST आप उम्मीदवार कल्पेश बारोट ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बाउंसरों के साथ 90 लाख रुपये का सोना पहनकर सूरत के वार्ड 1 में प्रचार किया। विरोधियों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताकर खारिज कर दिया आप उम्मीदवार कल्पेश बारोट का तर्क है कि यह अधिनियम एक गंभीर चिंता को उजागर करने के लिए है: सार्वजनिक सुरक्षा। सूरत में चुनावों में कभी भी साज़िशों की कमी नहीं रही है, लेकिन इस सीज़न में, वार्ड नंबर 1 एक असामान्य कारण से ध्यान का केंद्र बन गया है। एक उम्मीदवार केवल भाषणों के माध्यम से नहीं, बल्कि एक आकर्षक दृश्य वक्तव्य के माध्यम से जनता की जिज्ञासा को आकर्षित करने में कामयाब रहा है, जो कि वह जहां भी जाता है, उसका अनुसरण करता है। सोना, रक्षक, और बढ़ती जिज्ञासा आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कल्पेश बारोट निर्वाचन क्षेत्र में सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं। हर बार जब वह प्रचार के लिए निकलते हैं, तो निवासी खुद को खिड़कियों से बाहर झाँकते और सड़कों पर इकट्ठा होते हुए पाते हैं। इस दृश्य को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है: बारोट भारी सोने की जंजीरों और अंगूठियों से सुसज्जित है, साथ में दो मांसल बाउंसर भी हैं जो हर समय करीब रहते हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, बारोट के पास लगभग 90 लाख रुपये का सोना है। इस धन को गुप्त रखने के बजाय, उन्होंने इसे सीधे अपने अभियान व्यक्तित्व में बुना है, इसे एक गतिशील प्रदर्शन में बदल दिया है जो सूरत की गलियों से होकर गुजरता है। धन के प्रदर्शन से कहीं अधिक पहली नज़र में, यह प्रदर्शन संपन्नता का सीधा-सीधा प्रदर्शन प्रतीत होता है। हालाँकि, बारोट इस बात पर ज़ोर देते हैं कि सोने और गार्डों के पीछे एक गहरा संदेश है। उनका तर्क है कि यह अधिनियम एक गंभीर चिंता को उजागर करने के लिए है: सार्वजनिक सुरक्षा। बारोट का कहना है कि खुले तौर पर मूल्यवान आभूषण पहनकर निजी सुरक्षा के साथ प्रचार करने का विकल्प चुनकर वह एक बड़ा सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं: यदि कोई राजनीतिक उम्मीदवार अपने सामान के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा की व्यवस्था करने के लिए मजबूर महसूस करता है, तो यह मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में क्या सुझाव देता है? इस अर्थ में, उनका अभियान दिखावे के बारे में कम और प्रतीकवाद के बारे में अधिक है। इस दृष्टिकोण के माध्यम से, वह चाहते हैं कि मतदाता इस पर विचार करें कि क्या वे वास्तव में अपने दैनिक जीवन में सुरक्षित महसूस करते हैं, और क्या निजी सुरक्षा पर निर्भरता सार्वजनिक पुलिसिंग में अंतर का संकेत देती है। ज़मीनी स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आश्चर्य की बात नहीं है कि इस रणनीति ने मतदाताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों के बीच समान रूप से व्यापक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। कुछ निवासी अपरंपरागत दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहते हैं कि यह कम से कम सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने में कामयाब रहा है, जैसा कि पारंपरिक अभियान अक्सर करने में विफल रहता है। हालाँकि, अन्य लोग सशंकित रहते हैं। विपक्षी दलों ने इस कदम को पूरी तरह से ध्यान आकर्षित करने और वोट सुरक्षित करने के लिए बनाया गया एक सोचा-समझा स्टंट बताया है। उनका तर्क है कि इस तरह की नाटकीयता सड़क के बुनियादी ढांचे, पानी की आपूर्ति और बिजली जैसी अधिक महत्वपूर्ण नागरिक चिंताओं से ध्यान भटकाती है, जो मुद्दे सीधे निर्वाचन क्षेत्र में रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। एक कड़ा राजनीतिक मुकाबला इस ध्यान आकर्षित करने वाले अभियान का समय महत्वपूर्ण है। गुजरात में 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं और सूरत में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, खासकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच। दांव ऊंचे होने के साथ, हर अभियान रणनीति की जांच की जा रही है, और बारोट की ‘स्वर्ण-केंद्रित’ पहुंच ने यह सुनिश्चित किया है कि वह मजबूती से सुर्खियों में बने रहें। सभी की निगाहें नतीजों पर हैं यह अपरंपरागत रणनीति चुनावी सफलता में तब्दील होती है या नहीं, यह देखना अभी बाकी है। क्या मतदाता इसे सुरक्षा पर एक साहसिक टिप्पणी के रूप में व्याख्या करेंगे, या इसे महज दिखावा कहकर खारिज कर देंगे? उत्तर तब स्पष्ट हो जाएगा जब 28 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिससे यह निर्धारित होगा कि क्या कल्पेश बारोट का चमकदार अभियान एक स्थायी राजनीतिक प्रभाव छोड़ता है या एक क्षणभंगुर तमाशे के रूप में फीका पड़ जाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : सूरत, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 08:53 IST समाचार शहर सूरत सूरत में AAP उम्मीदवार ने लहराया 90 लाख का सोना, दो बाउंसरों के साथ किया प्रचार! अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सूरत चुनाव(टी)कल्पेश बारोट सोना(टी)आप उम्मीदवार सूरत(टी)वार्ड नंबर 1 सूरत(टी)गुजरात चुनाव 2024(टी)राजनीतिक अभियान तमाशा(टी)कानून और व्यवस्था का मुद्दा(टी)राजनीति में निजी सुरक्षा
कोलेस्ट्रॉल के मरीज क्या खाएं और क्या न खाएं? डाइटिशियन ने बताया परफेक्ट डाइट प्लान, गलती पड़ेगी महंगी

Last Updated:April 21, 2026, 08:14 IST High Cholesterol Diet Plan: कोलेस्ट्रॉल की समस्या ज्यादा बढ़ जाए, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचने के लिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखना बहुत जरूरी होता है. डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार अच्छा खानपान कोलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कम कर सकता है और हार्ट डिजीज से बचा सकता है. कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए, जबकि तला-भुना और जंक फूड अवॉइड करना चाहिए. कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को जंक फूड्स से बिल्कुल दूरी बना लेनी चाहिए. Cholesterol Control Diet Plan: मॉडर्न लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है. आजकल तमाम लोग एक ही जगह बैठकर घंटों काम करते रहते हैं और फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल नहीं करते हैं. इसकी वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. हाई कोलेस्ट्रॉल को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर में धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं. जब यह हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तब लोगों को हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ जाता है. हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है. कुछ फूड्स कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ाते हैं, जबकि कुछ फूड्स कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाते हैं. अक्सर सवाल उठता है कि कोलेस्ट्रॉल के मरीज क्या खाएं और क्या न खाएं? चलिए इस सवाल का जवाब डाइटिशियन से जान लेते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियों में फैट जमा होने लगता है. जब यह फैट ज्यादा बढ़ जाता है, तब धमनियों में खून की सप्लाई में रुकावट पैदा कर देता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की नौबत आ जाती है. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल और हेल्दी खानपान बहुत जरूरी है. लोगों को हेल्दी फूड्स का सेवन करना चाहिए और अनहेल्दी चीजों से परहेज करना चाहिए. अगर खानपान सुधर जाए, तो कोलेस्ट्रॉल की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है. कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए बेस्ट फूड्स डाइटिशियन के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को फाइबर से भरपूर चीजें जैसे- ओट्स, दलिया, साबुत अनाज, फल और हरी सब्जियां खूब खानी चाहिए. दालें और बीन्स भी डाइट का अहम हिस्सा होनी चाहिए. ये चीजें कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करती हैं. इसके अलावा बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल जैसे हेल्दी फैट्स भी फायदेमंद होते हैं. ये दिल को स्वस्थ रखते हैं और शरीर में बढ़ने वाले कोलेस्ट्रॉल पर लगाम लगाते हैं. खाना बनाने के लिए सरसों का तेल या ऑलिव ऑयल जैसे हेल्दी फैट का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आप नॉनवेज खाते हैं, तो फैटी फिश जैसे- सैल्मन और सार्डिन मछली खाएं. कुल मिलाकर फाइबर-युक्त और कम फैट वाला खाना कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है और हार्ट को हेल्दी बनाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. कोलेस्ट्रॉल पेशेंट्स इन चीजों से करें परहेज एक्सपर्ट ने बताया कि आजकल कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की सबसे बड़ी वजह गलत खानपान है. कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को ज्यादा तला-भुना खाना, फास्ट फूड, बेकरी प्रोडक्ट्स, रेड मीट और ज्यादा शुगर वाली चीजें बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. इनसे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ा सकता है. खासकर ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट से जितना हो सके दूरी बनानी चाहिए. जंक फूड्स से पूरी तरह दूरी बनाएं. कोल्ड ड्रिंक्स या पैकेज्ड जूस से परहेज करें और संभव हो तो बाहर का खाना बिल्कुल बंद कर दें. अगर आपकी डाइट में सिर्फ हेल्दी फूड्स होंगे, तो कोलेस्ट्रॉल अपने आप कंट्रोल होने लगेगा. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 21, 2026, 08:14 IST
पाकिस्तान जाने की तैयारी में ईरानी डेलिगेशन:स्पीकर गालिबाफ ने बैठक से पहले शर्त रखी, अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस आएं तभी शामिल होंगे

ईरान का डेलिगेशन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंच सकता है। हालांकि इस बातचीत से पहले ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने शर्त रखी है कि वह तभी शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद हों। जेडी वेंस के मंगलवार को वॉशिंगटन से पाकिस्तान जा सकते हैं। ऐसे में ईरानी डेलिगेशन की भागीदारी भी उनके दौरे पर निर्भर मानी जा रही है। US-ईरान वार्ता से पहले इस्लामाबाद होटल खाली कराया गया पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता से पहले इस्लामाबाद के सेरेना होटल को पूरी तरह खाली करा दिया गया है। यह होटल इस महीने की शुरुआत में पहले दौर की बातचीत का भी स्थान रहा था। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि डेलिगेशन के लिए फूलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद में हजारों अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स आखिरी समय करीब: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम बुधवार शाम 8 बजे (अमेरिकी समय) तक ही रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उससे पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो इसे आगे बढ़ाने की संभावना बहुत कम है। दूसरे दौर की वार्ता: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिका के बड़े अधिकारी मंगलवार को पाकिस्तान रवाना हो सकते हैं, जहां बातचीत का दूसरा दौर होने की संभावना है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बातचीत की कोई प्लानिंग नहीं है। धीमी आवाजाही: सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 16 जहाज गुजरे। जहाजों के कैप्टन और मालिक अभी भी अस्थिर युद्धविराम को देखते हुए सावधानी बरत रहे हैं। लेबनान-इजराइल वार्ता: इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत का दूसरा दौर 23 अप्रैल को तय किया गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को दोनों देशों की बातचीत हुई थी जिसमें दोनों देशों ने 10 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई थी। ईरानी जहाज सीज: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे टूस्का नाम के एक ईरानी जहाज को पकड़ लिया। यह चीन से लौट रहा था। ईरान ने इस पर नाराजगी जताई और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…
किसी ने पिता तो किसी ने पति खोया:अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे 31 परिवार, अफसरों का तर्क- 'वैकेंसी नहीं है, 5 लाख ले लो

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) में अनुकंपा नियुक्ति की आस लगाए 31 परिवारों का भविष्य पिछले 5 से 10 वर्षों से अधर में लटका हुआ है। इन 31 परिवारों में से किसी के पिता तो किसी के पति की सरकारी नौकरी में रहते हुए असमय मृत्यु हुई लेकिन, अनुकंपा की आस में इन परिवारों के लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत आने वाले इस निगम में आश्रितों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ स्पष्ट रूप से भेदभाव और असमानता का व्यवहार किया जा रहा है । जहां एक ओर प्रदेश के अन्य सभी निगमों और मंडलों में अनुकंपा नियुक्तियां लगातार की जा रही हैं, वहीं MPIDC में “पद उपलब्ध नहीं होने” का बहाना बनाकर पात्र उम्मीदवारों को टाला जा रहा है । दूसरे निगम-मंडलों के मामलों का परीक्षण करने का दिया था हवाला औद्योगिक विकास निगम के संचालक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ) की बैठक में यह मामला उठ चुका है। अनुकंपा की आस लगाए उम्मीदवारों के अनुसार, 13 नवंबर 2025 को हुई बोर्ड बैठक (एजेंडा क्रमांक 4) में इन प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा हुई थी । बोर्ड ने निर्देश दिए थे कि अन्य सरकारी कंपनियों, मंडलों और उपक्रमों में दी गई अनुकंपा नियुक्तियों के उदाहरणों (Precedence) का परीक्षण किया जाए और मामले को अगली बैठक में समीक्षा हेतु रखा जाए । आवेदकों ने खुद खोजे दस्तावेज हैरानी की बात यह है कि आवेदकों ने स्वयं के प्रयासों से वर्ष 2010 से 2025 तक के अन्य निगम-मंडलों के नियुक्ति आदेश और दस्तावेज एकत्रित कर विभाग को सौंप दिए हैं, ताकि निर्णय प्रक्रिया में तेजी आ सके । इसके बावजूद, प्रमुख सचिव स्तर पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया गया है । एक दिवंगत कर्मचारी के आश्रित बेटे दीपक कुशवाह ने बताया कि दस सालों से अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित हैं। निगम के अधिकारी हमसे कहते हैं कि पद खत्म कर दिए गए हैं अब नियुक्ति नहीं हो सकती। दूसरी तरफ दो दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को 2013 में नियुक्ति दी गई है। 5 लाख ले लो, पद खाली नहीं ग्वालियर के दीपक कुशवाह बताते हैं कि निगम के अफसरों का कहना है कि उनके वर्तमान सेटअप में ‘सहायक ग्रेड-3’ जैसे पद स्वीकृत नहीं हैं और चतुर्थ श्रेणी के पद मृत संवर्ग (डाइंग कैडर) में हैं। इसी आधार पर बोर्ड ने सितंबर 2021 में निर्णय लिया था कि पात्र आश्रितों को नियुक्ति के बदले 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाए। हालांकि, अधिकांश आवेदकों ने इस राशि को लेने से इनकार कर दिया है और वे अपने संवैधानिक हक यानी अनुकंपा नियुक्ति की ही मांग कर रहे हैं । संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप दीपक कुशवाह का आरोप है कि निगम पद खाली न होने का तर्क दे रहा है, जबकि सहायक ग्रेड-2 और ग्रेड-1 पर निरंतर नियुक्तियां हो रही हैं । उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (रोजगार में अवसर की समानता) का सीधा उल्लंघन बताया है । आवेदकों का कहना है कि समान परिस्थितियों वाले कुछ मामलों में पहले नियुक्तियाँ दी जा चुकी हैं, तो उनके साथ यह अन्याय क्यों? खून से लिखा पत्र, अब विधानसभा से आस न्याय की गुहार लगाते हुए एक आवेदक ने विभाग को अपने खून से भी पत्र लिखा है, लेकिन व्यवस्था की संवेदनहीनता बरकरार है। अब इन 31 परिवारों ने शासन से मांग की है कि इन सभी लंबित प्रकरणों का तत्काल और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। विधानसभा में प्रश्न/ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया जाए ताकि शासन स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो । लंबे समय से जारी इस प्रशासनिक निष्क्रियता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
तिलक का 45 गेंद में शतक, जयसूर्या की बराबरी की:बुमराह को पहली बॉल पर विकेट, रबाडा ने सूर्या को बोल्ड किया; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 के 30वें मैच में गुजरात टाइटंस को 99 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में तिलक वर्मा ने 45 गेंदों में शतक लगाकर सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। यह इस सीजन की सबसे तेज सेंचुरी भी रही। जसप्रीत बुमराह ने पहली ही गेंद पर विकेट लिया। पढिए MI Vs GT मैच के टॉप मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. तिलक वर्मा का 45 बॉल पर शतक मुंबई इंडियंस के लिए IPL में सबसे तेज शतक के मामले में तिलक वर्मा ने सनथ जयसूर्या की बराबरी की। दोनों ने 45-45 गेंदों में शतक जड़ा। इस लिस्ट में कैमरन ग्रीन (47 गेंद) और सूर्यकुमार यादव (49 गेंद) भी हैं। तिलक गुजरात के खिलाफ मुंबई के लिए शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले सूर्यकुमार यादव ने 2023 में वानखेड़े में नाबाद 103 रन बनाए थे। तिलक ने इस सीजन की फास्टेस्ट सेंचुरी भी लगाई। चेन्नई के संजू सैमसन ने 52 और मुंबई के क्विंटन डी कॉक ने 53 बॉल पर शतक लगाया था। 2. मुंबई की चौथी सबसे बड़ी जीत मुंबई इंडियंस ने 99 रन से जीत दर्ज करते हुए IPL इतिहास में अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत हासिल की। टीम की सबसे बड़ी जीत 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 146 रन से आई थी। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स 1. दानिश और कृष का टी-20 डेब्यू मुंबई इंडियंस के लिए दो नए खिलाड़ियों ने डेब्यू किया। दानिश मलेवार ने पहला मुकाबला खेला, वहीं हाल ही में सपोर्ट बॉलर के रूप में शामिल कृष भगत को भी प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। दोनों ने इससे पहले कोई टी-20 मैच नहीं खेला था, यानी यह उनके प्रोफेशनल टी-20 करियर का पहला मैच रहा। 2. रबाडा ने अपनी ही बॉल पर लपका डी कॉक का कैच चौथे ओवर में कगिसो रबाडा ने क्विंटन डी कॉक को कॉट एंड बोल्ड किया। रबाडा ने करीब 150 की रफ्तार से शॉर्ट बॉल फेंकी। डी कॉक शॉट मारने में संतुलन खो बैठे। बॉल टॉप एज लेकर हवा में गई और रबाडा ने खुद कैच लपक लिया। 3. रबाडा की 152 kmph की रफ्तार पर सूर्या क्लीन बोल्ड छठे ओवर में रबाडा ने सूर्यकुमार यादव को क्लीन बोल्ड किया। रबाडा ने 152.1 kmph की रफ्तार से बॉल फेंकी, जो पिच होकर अंदर आई। सूर्या ड्राइव के प्रयास में पेस से चकमा खा गए और बॉल स्टंप्स से टकरा गई। 4. आखिरी बॉल पर चौके से तिलक का शतक 20वें ओवर की आखिरी बॉल पर तिलक वर्मा ने चौका जड़कर IPL में पहला शतक पूरा किया। प्रसिद्ध कृष्णा ने धीमी और शॉर्ट बॉल फेंकी। तिलक ने डीप स्क्वायर लेग में गैप ढूंढकर चौका लगाया। 5. बुमराह ने साई सुदर्शन को कैच कराया जसप्रीत बुमराह ने पहली ही बॉल पर विकेट लिया। उन्होंने गुजरात के इन-फॉर्म बल्लेबाज साई सुदर्शन को कृष्ण भगत के हाथों कैच आउट कराया। बुमराह ने फुल लेंथ बॉल फेंकी जो बाहर निकली। सुदर्शन ने बिना पैरों के मूवमेंट के कवर्स के ऊपर से स्लाइस करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से पर लगकर कवर-पॉइंट पर खड़े फील्डर के पास गई। बुमराह को IPL में 146 गेंदों के इंतजार के बाद यह सफलता मिली। इस सीजन में 114 गेंदों के बाद यह उनका पहला विकेट था। सुदर्शन बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। 6. सैंटनर और अश्विनी को एक ओवर में 2-2 विकेट 8वें ओवर में मिचेल सैंटनर ने दो विकेट झटके। उन्होंने ओवर की दूसरी बॉल पर वॉशिंगटन सुंदर (26) को नमन धीर के हाथों कैच कराया, और फिर चौथी बॉल पर ग्लेन फिलिप्स (6) का अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लपका। वहीं, 13वें ओवर में अपना सीजन का पहला मैच खेल रहे अश्विनी कुमार ने भी दो विकेट चटकाए। दूसरी बॉल पर उन्होंने राशिद खान (4) को राज बावा के हाथों कैच कराया। इसके बाद आखिरी बॉल पर शाहरुख खान स्लोअर बॉल पर नमन धीर को कैच थमा बैठे।
तिलक का 45 गेंद में शतक, जयसूर्या की बराबरी की:बुमराह को पहली बॉल पर विकेट, रबाडा ने सूर्या को बोल्ड किया; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 के 30वें मैच में गुजरात टाइटंस को 99 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में तिलक वर्मा ने 45 गेंदों में शतक लगाकर सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। यह इस सीजन की सबसे तेज सेंचुरी भी रही। जसप्रीत बुमराह ने पहली ही गेंद पर विकेट लिया। पढिए MI Vs GT मैच के टॉप मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. तिलक वर्मा का 45 बॉल पर शतक मुंबई इंडियंस के लिए IPL में सबसे तेज शतक के मामले में तिलक वर्मा ने सनथ जयसूर्या की बराबरी की। दोनों ने 45-45 गेंदों में शतक जड़ा। इस लिस्ट में कैमरन ग्रीन (47 गेंद) और सूर्यकुमार यादव (49 गेंद) भी हैं। तिलक गुजरात के खिलाफ मुंबई के लिए शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले सूर्यकुमार यादव ने 2023 में वानखेड़े में नाबाद 103 रन बनाए थे। तिलक ने इस सीजन की फास्टेस्ट सेंचुरी भी लगाई। चेन्नई के संजू सैमसन ने 52 और मुंबई के क्विंटन डी कॉक ने 53 बॉल पर शतक लगाया था। 2. मुंबई की चौथी सबसे बड़ी जीत मुंबई इंडियंस ने 99 रन से जीत दर्ज करते हुए IPL इतिहास में अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत हासिल की। टीम की सबसे बड़ी जीत 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 146 रन से आई थी। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स 1. दानिश और कृष का टी-20 डेब्यू मुंबई इंडियंस के लिए दो नए खिलाड़ियों ने डेब्यू किया। दानिश मलेवार ने पहला मुकाबला खेला, वहीं हाल ही में सपोर्ट बॉलर के रूप में शामिल कृष भगत को भी प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। दोनों ने इससे पहले कोई टी-20 मैच नहीं खेला था, यानी यह उनके प्रोफेशनल टी-20 करियर का पहला मैच रहा। 2. रबाडा ने अपनी ही बॉल पर लपका डी कॉक का कैच चौथे ओवर में कगिसो रबाडा ने क्विंटन डी कॉक को कॉट एंड बोल्ड किया। रबाडा ने करीब 150 की रफ्तार से शॉर्ट बॉल फेंकी। डी कॉक शॉट मारने में संतुलन खो बैठे। बॉल टॉप एज लेकर हवा में गई और रबाडा ने खुद कैच लपक लिया। 3. रबाडा की 152 kmph की रफ्तार पर सूर्या क्लीन बोल्ड छठे ओवर में रबाडा ने सूर्यकुमार यादव को क्लीन बोल्ड किया। रबाडा ने 152.1 kmph की रफ्तार से बॉल फेंकी, जो पिच होकर अंदर आई। सूर्या ड्राइव के प्रयास में पेस से चकमा खा गए और बॉल स्टंप्स से टकरा गई। 4. आखिरी बॉल पर चौके से तिलक का शतक 20वें ओवर की आखिरी बॉल पर तिलक वर्मा ने चौका जड़कर IPL में पहला शतक पूरा किया। प्रसिद्ध कृष्णा ने धीमी और शॉर्ट बॉल फेंकी। तिलक ने डीप स्क्वायर लेग में गैप ढूंढकर चौका लगाया। 5. बुमराह ने साई सुदर्शन को कैच कराया जसप्रीत बुमराह ने पहली ही बॉल पर विकेट लिया। उन्होंने गुजरात के इन-फॉर्म बल्लेबाज साई सुदर्शन को कृष्ण भगत के हाथों कैच आउट कराया। बुमराह ने फुल लेंथ बॉल फेंकी जो बाहर निकली। सुदर्शन ने बिना पैरों के मूवमेंट के कवर्स के ऊपर से स्लाइस करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से पर लगकर कवर-पॉइंट पर खड़े फील्डर के पास गई। बुमराह को IPL में 146 गेंदों के इंतजार के बाद यह सफलता मिली। इस सीजन में 114 गेंदों के बाद यह उनका पहला विकेट था। सुदर्शन बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। 6. सैंटनर और अश्विनी को एक ओवर में 2-2 विकेट 8वें ओवर में मिचेल सैंटनर ने दो विकेट झटके। उन्होंने ओवर की दूसरी बॉल पर वॉशिंगटन सुंदर (26) को नमन धीर के हाथों कैच कराया, और फिर चौथी बॉल पर ग्लेन फिलिप्स (6) का अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लपका। वहीं, 13वें ओवर में अपना सीजन का पहला मैच खेल रहे अश्विनी कुमार ने भी दो विकेट चटकाए। दूसरी बॉल पर उन्होंने राशिद खान (4) को राज बावा के हाथों कैच कराया। इसके बाद आखिरी बॉल पर शाहरुख खान स्लोअर बॉल पर नमन धीर को कैच थमा बैठे।
30 हजार की फड के साथ 4 जुआरी धराए:हरसूद पुलिस ने रेवापुर के जंगल में दबिश दी, दो बाइक भी बरामद

खंडवा जिले में अवैध जुआ-सट्टा पर कार्रवाई के तहत हरसूद पुलिस ने रेवापुर जंगल में दबिश देकर चार आरोपियों को जुआ खेलते रंगे हाथों पकड़ा है। पुलिस ने मौके से 30 हजार 800 रुपए नकद, 52 ताश के पत्ते और दो बाइक जब्त की हैं। थाना प्रभारी हरसूद को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेवापुर जंगल में कुछ लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने सोमवार रात 8 बजे के करीब मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों नरसिंह पटेल (निवासी खिरकिया), मुकेश भारद्वाज (निवासी छिपाबड़, जिला हरदा), आजाद खान (निवासी चैनपुर सरकार) और विनोद देवड़ा (निवासी मुगल) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से नकद राशि, ताश के पत्ते और दो मोटरसाइकिल जब्त की गईं। टीआई राजकुमार राठौर के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ थाना हरसूद में जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी फिलहाल पुलिस गिरफ्त में हैं।






