सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका खारिज की:हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, नीतू परमार बन सकेंगी बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष

बैतूल। मुलताई। नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका प्रारंभिक सुनवाई में ही खारिज कर दी है। इस फैसले से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की उनकी कोशिश को झटका लगा है और नीतू परमार के अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, वर्षा गढ़ेकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 6 अप्रैल 2026 के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। उन्होंने अपर जिला न्यायाधीश के पूर्व आदेश को सही ठहराते हुए धारा 92 के तहत अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को स्वीकार नहीं किया और प्रारंभिक स्तर पर ही इसे खारिज कर दिया। वर्षा गढ़ेकर को इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थगन राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वर्षा गढ़ेकर सुप्रीम कोर्ट गई थीं, जहां से मामले को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेजा गया था। इसके बाद लगभग 90 दिनों तक विचार-विमर्श के बाद हाईकोर्ट ने 50 पेज का विस्तृत आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में नीतू परमार के पक्ष में निर्णय सुनाया था और उन्हें पुनः अध्यक्ष पद संभालने की अनुमति दी थी। वहीं, नीतू परमार की ओर से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर कर दी गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बिना उनका पक्ष सुने कोई अंतरिम आदेश जारी न हो। सुप्रीम कोर्ट में नीतू परमार की ओर से अधिवक्ता जयवीर नागर और आकाश नागर ने पैरवी की। नीतू परमार ने पदभार सौंपने की मांग की इधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीतू परमार ने मुलताई पहुंचकर नगर पालिका अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को आवेदन देकर चार्ज सौंपने की मांग की है। हालांकि, अभी तक उन्हें पदभार नहीं दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे से भी शिकायत की है। उनके समर्थकों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते आदेश के क्रियान्वयन में देरी की जा रही है।
राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 को लेकर कहा कि इसमें दाऊद इब्राहिम का किरदार सही तरीके से नहीं दिखाया गया। फिल्म धुरंधर 2 के रिलीज के बाद से ही राम गोपाल वर्मा इसकी क्राफ्ट और स्टोरीटेलिंग की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने विस्तार से फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। वर्मा ने कहा कि उन्हें फिल्म के कई पहलू प्रभावित करते हैं, लेकिन दाऊद इब्राहिम के किरदार को लेकर वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस एक बात से असहमति है। मुझे लगता है कि दाऊद इब्राहिम को जिस तरह दिखाया गया है, वह सही नहीं है। उनके पास अपने सोर्स हो सकते हैं, लेकिन मेरी नजर में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है।’ बता दें कि फिल्म में दाऊद को ‘बड़े साहब’ के रूप में दिखाया गया है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी ऑपरेशन चलाने वाला मास्टरमाइंड है। दाऊद अब एक्टिव नहीं है: राम गोपाल वर्मा ने साफ किया कि वह इस विषय पर अंतिम अधिकार का दावा नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार दाऊद लंबे समय से इनएक्टिव है। वर्मा ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक, दाऊद करीब 20 साल पहले आपराधिक गतिविधियों से दूर हो चुका है। उन्होंने यह भी माना कि इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई कोई भी कन्फर्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैं इसे गलत साबित नहीं कर सकता और डायरेक्टर भी इसे सही साबित नहीं कर सकते।”
राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 को लेकर कहा कि इसमें दाऊद इब्राहिम का किरदार सही तरीके से नहीं दिखाया गया। फिल्म धुरंधर 2 के रिलीज के बाद से ही राम गोपाल वर्मा इसकी क्राफ्ट और स्टोरीटेलिंग की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने विस्तार से फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। वर्मा ने कहा कि उन्हें फिल्म के कई पहलू प्रभावित करते हैं, लेकिन दाऊद इब्राहिम के किरदार को लेकर वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस एक बात से असहमति है। मुझे लगता है कि दाऊद इब्राहिम को जिस तरह दिखाया गया है, वह सही नहीं है। उनके पास अपने सोर्स हो सकते हैं, लेकिन मेरी नजर में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है।’ बता दें कि फिल्म में दाऊद को ‘बड़े साहब’ के रूप में दिखाया गया है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी ऑपरेशन चलाने वाला मास्टरमाइंड है। दाऊद अब एक्टिव नहीं है: राम गोपाल वर्मा ने साफ किया कि वह इस विषय पर अंतिम अधिकार का दावा नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार दाऊद लंबे समय से इनएक्टिव है। वर्मा ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक, दाऊद करीब 20 साल पहले आपराधिक गतिविधियों से दूर हो चुका है। उन्होंने यह भी माना कि इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई कोई भी कन्फर्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैं इसे गलत साबित नहीं कर सकता और डायरेक्टर भी इसे सही साबित नहीं कर सकते।”
राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश:उन पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- CBI जांच करे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जज ने कहा, FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। कोर्ट ने यह आदेश कर्नाटक भाजपा के कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता लेने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को लगाए गए आरोपों की सत्यता पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी। कोर्ट ने CBI से मामले की जांच के आदेश भी दिए। 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था- ‘मामले में हाईकोर्ट- सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई आदेश पारित नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता की ओर से नागरिकता (सिटीजनशिप) के संबंध में कोई नया या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।’ कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश कीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की मांग याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा गंभीर विषय है। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। जबकि केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट में पहुंचे थे। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 बड़े मामले मोदी सरनेम केस में गई थी संसद की सदस्यता मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर के घाटीगांव में चीते की मूवमेंट VIDEO:मवेशियों के बीच खेतों में घूम रहा चीता, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका

कूनो नेशनल पार्क से लौटकर आए चीता KGP-1 का मूवमेंट घाटीगांव स्थित सोनचिरैया अभयारण्य, आसपास लगे जंगलों और जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में देखा जा रहा है। वह यहां आसान शिकार के चलते आया है। दरअसल, यह चीता इसी क्षेत्र में करीब तीन महीने रह चुका है। वन कर्मचारी कॉलर आईडी से चीता को ट्रेक कर रहे हैं। वहीं लोगों को जंगल नहीं जाने की सलाह दी है। नेशनल पार्क से लगभग 15 दिन पहले निकला यह चीता आरोन व सिमरैया क्षेत्रों से होते हुए घाटीगांव के जंगलों तक पहुंचा है। हालांकि अब तक उसने किसी भी ग्रामीण या उनके मवेशियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन अहतियात के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपने मवेशियों का खुद ख्याल रखने को कहा है। मवेशियों के बीच घूम रहा चीता ग्रामीणों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें चीता खेत पर चारा खा रहे मवेशियों के बीच में घूम रहा है। आसपास ग्रामीण भी मौजूद हैं। हालांकि चीता ने इस दौरान भी कुछ नहीं किया। लगातार ट्रेक कर रहे कर्मचारी चीता को कॉलर आईडी लगी है। जिसके माध्यम से वन विभाग की टीम चीता को ट्रेक कर रही है। टीम के सदस्य चीता से कुछ दूरी पर ही चल रहे हैं।
टीवी के प्रमुख विजय ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया, महिलाओं को 2500 रुपये की मासिक सहायता देने का वादा,

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: तमिलगा वेत्री कशगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु की पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें महिलाओं के कल्याण पर जोर दिया गया है। विजय की घोषणापत्र में ये वादा शामिल घोषणापत्र में 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक सहायता और गरीब तबके की महिलाओं की शादी के लिए आठ ग्राम सोना देने का वादा किया गया है। विक्ट्री ने इन महिलाओं की शादी के लिए सोने के अलावा उच्च गुणवत्ता वाली रेशम की एक बेरोजगारी का भी वादा किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मुक्ति दी। यह भी पढ़ें: टेम्प्लेट इलेक्शन: विक्ट्री की पार्टी टीवीके सभी 234 रेस अकेले रैली इलेक्शन, कर दी बड़ी घोषणा घोषणापत्र में शिक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। 15,000 रुपये का वादा किया गया है। उन्होंने सत्य में आने पर मुक्ति सुशासन का भी आधिपत्य दिया। बेरोजगारी भत्ता, उच्च शिक्षा का वादा विजय ने प्रतिष्ठित नेता कामराज के नाम पर 100 विशेष आवासीय भवनों और 20 लाख रुपये तक के उच्च शिक्षा ऋण का वादा किया। उन्होंने आर्टिफिशियल (स्मारक) मंत्रालय, आर्टिफिशियल यूनिवर्सिटी और आर्टिफिशियल सिटी की स्थापना की भी अनुमति दी। घोषणापत्र में कृषि कल्याण पर भी विशेष बल दिया गया है। टीवीके प्रमुख ने कहा कि पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों के कृषि संघ पर कृषि ऋण पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा, जबकि पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को 50 प्रतिशत कर्ज माफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा, पार्टी ने धान के लिए 3,500 रुपये प्रति टन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएस) का वादा किया। बेरोजगारी की समस्या से नामांकन के लिए विजय ने पांच लाख नई सरकारी बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया। घोषणापत्र में वादा किया गया है कि स्नातक स्तर के स्नातकों को प्रति माह 4,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। पार्टी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना पर विचार करने और नर्सों सहित सहायक कर्मचारियों को नियमित करने की अनुमति दी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने तमिल को नशामुक्ति बनाने का वादा किया। विजय ने प्रोजेक्ट आधुनिकीकरण, मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच और 25 लाख लोगों की पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा योजना की भी शुरुआत की। घोषणापत्र में बुजुर्गों और उद्यमियों को 3,000 रुपये की मासिक पेंशन, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, पट्टे पर नियमितता और सभी घरों के लिए पाइप से शत-प्रतिशत की मासिक पेंशन का वादा भी शामिल है। विजय ने राशन जैसी सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था लागू करने का भी वादा किया है। उन्होंने कहा कि व्यापार करने में सहजता उनकी सरकार के लिए सर्वोपरि होगी और उन्होंने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि व्यावसायिक लाइसेंस 21 दिनों के अंदर जारी किया जाएगा। तमिलनाडु के 234 केरल विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा और तमिलनाडु चार मई को होगा। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल चुनाव से पहले EC की सख्ती! बर्नोल-बोरोलीन का ज़िक्र क्या कहा जानिए (टैग्सटूट्रांसलेट)विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)विजय(टी)तमिलगा वेत्री कड़गम(टी)विजय घोषणापत्र(टी)विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)विजय(टी)तमिलागा वेत्री कषगम(टी)विजय मेनिफेस्टो
कचरा समझकर न फेंके तरबूज के टुकड़े, आसान तरीकों से बताएं ये 5 शाही व्यंजन, नोट करें ‘जीरो वेस्ट’ रेसिपीज

17 अप्रैल 2026 को 11:24 IST पर अपडेट किया गया तरबूज के छिलके का उपयोग: क्या आप भी तरबूज के छिलके को वेस्ट समझकर फेंक देते हैं, तो अब से ऐसा करना बंद कर दें। क्योंकि इन खाद्य पदार्थों से पांच शाही व्यंजन बन सकते हैं। नोट कर लें ये जीरो वेस्ट रेसिपीज। (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज के छिलके का उपयोग(टी)तरबूज के छिलके की रेसिपी(टी)तरबूज के छिलके के फायदे(टी)गर्मियों में स्वस्थ रेसिपी(टी)शून्य अपशिष्ट खाना बनाना(टी)स्वस्थ भारतीय रेसिपी(टी)तरबूज के छिलके की रेसिपी(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ(टी)फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ(टी)ग्रीष्म जलयोजन खाद्य पदार्थ
दावा- विराट कोहली ने जर्मन मॉडल की फोटो लाइक की:लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए

क्रिकेटर विराट कोहली जर्मन मॉडल लिजलाज की एक फोटो को लाइक करने को लेकर चर्चा में आ गए। लिजलाज को क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया है कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया है। बता दें कि लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक पोस्ट को लाइक किया था, जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’
दावा- विराट ने जर्मन मॉडल की फोटो लाइक की:फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए; क्रिकेटर ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की फोटो भी लाइक की थी

क्रिकेटर विराट कोहली जर्मन मॉडल लिजलाज की एक फोटो को लाइक करने को लेकर चर्चा में आ गए। लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया है कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया है। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’ कौन हैं लिजलाज? बता दें कि लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। विराट ने अवनीत की फोटो लाइक की थी गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक फोटो को लाइक किया था। जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’
मूवी रिव्यूः भूत बंगला:भूल भुलैया जैसी उम्मीद देकर अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जोड़ी ने किया निराश, डर-कॉमेडी में अधूरापन, कहानी और म्यूजिक भी बेअसर

रेटिंग- 2.5/5 रनटाइम- 174 मिनट 57 सेकंड स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, तबू, परेश रावल, राजपाल यादव डायरेक्टर- प्रियदर्शन अक्षय कुमार और प्रियदर्शन जब भी साथ आते हैं, दर्शकों को भूल भुलैया, हेरा फेरी, भागम भाग जैसी एंटरटेनिंग फिल्मों की उम्मीद होती है। लेकिन फिल्म भूत बंगला में ये जोड़ी इस बार वैसा कमाल नहीं दिखा पाती। फिल्म हॉरर, कॉमेडी और मिस्ट्री का मिक्स तो है, लेकिन इसका असर हर जगह बराबर नहीं दिखता। एक नजर भूत बंगला के रिव्यू पर- कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी की शुरुआत होती है श्रापित गांव मंगलपुर से, जहां यह माना जाता है कि शादी करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि यहां नई दुल्हन को वधुसुर नाम का राक्षस उठा ले जाता है। अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) लंदन में अपने पिता वासुदेव और बहन मीरा के साथ रहते हैं। मीरा की शादी तय होती है, तभी उन्हें पता चलता है कि उनके दादा 500 करोड़ की संपत्ति और मंगलपुर की हवेली मीरा के नाम कर गए हैं। अर्जुन, मीरा की शादी उसी पुश्तैनी हवेली में करने के लिए मंगलपुर पहुंचता है। लेकिन जैसे-जैसे शादी करीब आती है, हवेली में अजीब और डरावनी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। इसी दौरान अर्जुन के सामने कई पुराने राज खुलते हैं और उसे पता चलता है कि मीरा ही वधुसुर के निशाने पर है, क्योंकि उसे मारकर वधुसुर अमर हो सकता है। अब कहानी इस सवाल पर आकर टिकती है कि क्या अर्जुन अपनी बहन और मंगलपुर को इस खतरे से बचा पाएगा। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अक्षय कुमार इस बार उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते। उनकी कॉमिक टाइमिंग, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है, यहां बनावटी और ज्यादा मेहनत करती हुई लगती है। राजपाल यादव फिल्म के असली मजबूत सहारा बनकर उभरते हैं, उनकी कॉमेडी ही कई जगह फिल्म को संभालती है। परेश रावल का काम ठीक-ठाक है, लेकिन उनसे जो उम्मीद रहती है, वो यहां नजर नहीं आती। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने आधे मन से अभिनय किया हो। फिल्म की लीड एक्ट्रेस वामिका गब्बी को बहुत कम स्क्रीन टाइम मिला है और अक्षय के साथ उनकी केमिस्ट्री भी जबरदस्ती की लगती है। तब्बू, मिथिला पालकर और जेस्सु सेनगुप्ता जैसे कलाकारों का इस्तेमाल भी सीमित और अधूरा लगता है। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू? प्रियदर्शन इस बार अपने ही बनाए मापदंडों पर खरे नहीं उतरते। फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ महसूस होता है, जहां पहला भाग काफी खिंचा हुआ और उबाऊ लगता है, वहीं दूसरा भाग थोड़ी रफ्तार पकड़ता है और कहानी को कुछ हद तक संभालता है। हॉरर एलिमेंट्स में साउंड का इस्तेमाल कुछ जगह असरदार है, लेकिन डर का माहौल लगातार नहीं बन पाता। VFX कई जगह कमजोर और बनावटी लगता है, जिससे फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है। डायलॉग्स औसत हैं और कॉमिक पंच कई बार ऐसे लगते हैं जैसे पहले से सुने हुए हों, जिससे हंसी कम और निराशा ज्यादा होती है। कुल मिलाकर निर्देशन में वो धार और कसावट नहीं दिखती, जिसकी इस जोड़ी से उम्मीद की जाती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक इसका सबसे कमजोर पक्ष है। भूल भुलैया के गाने आज भी लोगों को याद हैं, लेकिन भूत बंगला का एक भी गाना ऐसा नहीं जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट:फिल्म देखें या नहीं? भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो भूल भुलैया की याद दिलाती है, लेकिन उस स्तर का मनोरंजन नहीं दे पाती। कमजोर स्क्रीनप्ले, फीका म्यूजिक और औसत अभिनय इसे पूरी तरह असरदार बनने से रोकते हैं। अगर आप हल्की-फुल्की हॉरर-कॉमेडी और राजपाल यादव की कॉमेडी के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो एक बार देख सकते हैं।







