कूनो नेशनल पार्क से लौटकर आए चीता KGP-1 का मूवमेंट घाटीगांव स्थित सोनचिरैया अभयारण्य, आसपास लगे जंगलों और जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में देखा जा रहा है। वह यहां आसान शिकार के चलते आया है। दरअसल, यह चीता इसी क्षेत्र में करीब तीन महीने रह चुका है। वन कर्मचारी कॉलर आईडी से चीता को ट्रेक कर रहे हैं। वहीं लोगों को जंगल नहीं जाने की सलाह दी है। नेशनल पार्क से लगभग 15 दिन पहले निकला यह चीता आरोन व सिमरैया क्षेत्रों से होते हुए घाटीगांव के जंगलों तक पहुंचा है। हालांकि अब तक उसने किसी भी ग्रामीण या उनके मवेशियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन अहतियात के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपने मवेशियों का खुद ख्याल रखने को कहा है। मवेशियों के बीच घूम रहा चीता ग्रामीणों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें चीता खेत पर चारा खा रहे मवेशियों के बीच में घूम रहा है। आसपास ग्रामीण भी मौजूद हैं। हालांकि चीता ने इस दौरान भी कुछ नहीं किया। लगातार ट्रेक कर रहे कर्मचारी चीता को कॉलर आईडी लगी है। जिसके माध्यम से वन विभाग की टीम चीता को ट्रेक कर रही है। टीम के सदस्य चीता से कुछ दूरी पर ही चल रहे हैं।
















































