शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक पकड़ा, करीब 8 फीट लंबा था; दूसरे की तलाश हो रही

शाहरुख खान के मुंबई स्थित मशहूर बंगले मन्नत में 17 अगस्त को लॉन में दो सांप दिखे। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने एक सांप पकड़ लिया है, हालांकि दूसरा सांप अब भी बंगले में ही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे एक स्नेक रेस्क्यूअर को मन्नत के अंदर दो सांप दिखने की जानकारी दी गई। इसके बाद बंगले में तलाशी शुरू की गई, जिसमें एक सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू किए गए सांप की लंबाई करीब 8 फीट थी। उसकी पहचान धामन के रूप में हुई, जिसे इंडियन रैट स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप गैर-जहरीला होता है और बंगले के परिसर में एक सीढ़ी के नीचे छिपा मिला। दूसरा सांप तलाश के बाद भी नहीं मिला रेस्क्यू की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं रही। परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू होने पर दूसरा सांप भाग गया। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन वह नहीं मिला। गैर-जहरीला सांप मिलने से स्टाफ को राहत रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांप के गैर-जहरीला होने की जानकारी मिलने के बाद मन्नत के सिक्योरिटी गार्ड्स और स्टाफ ने राहत महसूस की। इस बंगले का आधिकारिक नाम मन्नत लैंड्स एंड है। यह मुंबई के बांद्रा इलाके के बैंडस्टैंड में स्थित है। समुद्र के सामने बना शाहरुख का यह घर समय के साथ मुंबई की मशहूर जगहों में शामिल हो गया है। शाहरुख को देखने की उम्मीद में फैंस अक्सर बंगले के बाहर जमा होते हैं। मन्नत में नहीं रह रहे हैं शाहरुख खान शाहरुख खान के बंगले मन्नत में पिछले कुछ महीनों से रेनोवेशन का काम जारी है, जिसके चलते वह अपनी फैमिली के साथ बांद्रा के एक लग्जरी अपार्टमेंट में रह रहे हैं। पाली हिल बांद्रा के चार मंजिला लग्जरी अपार्टमेंट पूजा कासा का किराया हर महीने 24 लाख है। इस अपार्टमेंट में शाहरुख और उनका परिवार अगले 2 साल तक रहेगा। इस लग्जरी अपार्टमेंट को फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने बनाया है, जिसका मालिकाना हक प्रोड्यूसर के बेटे जैकी भगनानी और बेटी दीपशिखा देशमुख के पास है। पूरी रकम न होने के बावजूद खरीदा मन्नत शाहरुख ने 1997 में अपनी फिल्म यस बॉस की शूटिंग के दौरान मन्नत को पहली बार देखा। समुद्र के किनारे खड़ा यह बंगला उनकी नजर में बिल्कुल सपनों जैसा था। चुनौती यह थी कि एक सक्सेसफुल एक्टर होने के बावजूद शाहरुख के पास इतने बड़े घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। 2001 में, जब उन्हें यह बंगला खरीदने का मौका मिला, उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को सच करने का फैसला लिया। शाहरुख की करीबी शबीना खान ने अपने आर्टिकल ‘द एसआरके स्टोरी’ में लिखा था कि जब शाहरुख ने ‘मन्नत’ खरीदा, तब उनके पास केवल 2 करोड़ रुपए थे, जबकि बंगले की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी। बाकी पैसे उन्होंने लोन लेकर दिए। लेकिन अब समस्या थी घर को सजाना। उन्होंने एक इंटीरियर डिजाइनर से संपर्क किया, लेकिन उसकी फीस इतनी ज्यादा थी जिसके चलते शाहरुख ने गौरी से कहा कि वे खुद ही घर का इंटीरियर डिजाइन करें। गौरी ने यह चुनौती स्वीकार की और घर के हर कोने में अपनी कला का जादू बिखेर दिया। आज शाहरुख के घर मन्नत की कीमत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक है। फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे शाहरुख शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ के लिए तैयार हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी यह एक्शन थ्रिलर 24 दिसंबर 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी अहम भूमिकाओं में हैं।
30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है।
30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है। ग्रूमिंग गैंग क्या है जिससे जुड़ा है शबीर अहमद ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। इनमें से कई लड़कियां प्रेग्नेंट हुईं और उन्हें अबॉर्शन कराना पड़ा। कई लड़कियों ने अपने
पाकिस्तानी टिकटॉकर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या:कॉल कर बुलाया, ड्राइव करते हुए बाइकसवारों ने चलाई गोलियां, कार सड़क से उतरी; हत्या का CCTV सामने आया

पाकिस्तान की मशहूर इन्फ्लूएंसर और टिकटॉकर आयशा गिलानी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आयशा महज 28 साल की थीं, जिनके सोशल मीडिया पर 13 लाख से भी ज्यादा फॉलोवर्स थे। आयशा कार ड्राइव कर रही थीं, तभी दो अज्ञात बाइकसवारों ने चलती कार में उन पर हमला कर दिया। गोली लगते ही आयशा की कार बेकाबू होकर सड़क से उतर गई। अब इस हत्या का वीडियो सामने आया है। बॉलीवुड लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार, 28 साल की आयशा गिलानी को कॉल कर घर से बाहर बुलाया गया था। वह अपनी 15 साल की छोटी बहन और छोटे भाई नईमतुल्लाह के साथ घर से निकलीं। आयशा खुद कार ड्राइव कर रही थीं। कुछ दूरी पर ही दो बाइकसवार आए और चलती गाड़ी पर गोलियां चलाने लगे। हमले में आयशा की गर्दन में गोली लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन घायल हैं। देखिए हमले का वीडियो- एक कॉल आने के बाद घर से निकली थीं आयशा रिपोर्ट के अनुसार, आयशा के परिवार द्वारा दर्ज पुलिस शिकायत में बताया गया है कि घटना से ठीक पहले आयशा के मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले शख्स का नाम काशिफ उर्फ काशी था। उसने आयशा को जल्द ही मिलने के लिए बुलाया, जिसके बाद वो छोटे भाई-बहनों के साथ घर से निकली थीं। उनके निकलने के कुछ देर बाद ही परिवार को हमले की खबर मिली, जिसके बाद पिता ने अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान की। पैसों के लेन-देन की वजह से मिल रही थीं धमकियां आयशा के पिता ने शिकायत में बताया है कि पिछले कुछ दिनों से आयशा को धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने शिकायत में कौसर और जावेद नाम के शख्स का भी जिक्र किया है। आरोप हैं कि दोनों पैसों के लेन-देन के चलते आयशा को धमकाते थे। इस्लामाबाद में इसकी शिकायत दर्ज की गई थी। एक साल पहले इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की भी घर में घुसकर की गई हत्या 2 जून 2025 को पाकिस्तान की पॉपुलर इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की उनके इस्लामाबाद स्थित घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की गई थी। कथित तौर पर इन्फ्लूएंसर की हत्या एकतरफा प्यार में की गई। काका नाम का एक शख्स बार-बार सना से मिलने की जिद कर रहा था, जब इन्फ्लूएंसर ने इनकार किया, तो उनकी हत्या कर दी गई। बीते साल पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी जिले में टिकटॉक क्रिएटर सुमीरा राजपूत की उनके घर में हत्या की गई थी। उनकी 15 साल की बेटी ने दावा किया कि कुछ लोग सुमीरा पर जबरन शादी का दबाव बना रहे थे। जब सुमीरा ने इससे इनकार किया तो उन्हें जहरीली गोलियां देकर हत्या कर दी गई।
ट्रंम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था की तारीफ की:कहा- 64.6 करोड़ वोटर्स के पास फोटो आईडी, अमेरिका में भी हो जरूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से पूछा था कि वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। ट्रंम्प ने कहा कि हर अमेरिकी मतदाता के लिए फोटो आईडी जरूरी होनी चाहिए, ताकि चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने ये बातें ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहीं। पंजीकरण के लिए नागरिकता का प्रमाण दिखाना जरूरी सेव अमेरिका एक्ट के तहत अमेरिका में वोटर के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए नागरिकता का प्रमाण दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा, पूरे देश में मतदाता पहचान पत्र की अनिवार्यता लागू करने का प्रस्ताव है। इस कानून में डाक से वोट देने की प्रक्रिया को काफी सीमित करने की बात भी कही गई है। ट्रंप लगातार सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी (SAVE) यानी सेव अमेरिका एक्ट को पास कराने पर जोर दे रहे हैं और उनका दावा है कि इससे चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। सीनेट में आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया इस मुद्दे पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों पार्टी में मतभेद हैं। इसी वजह से अमेरिकी सीनेट इस महीने की शुरुआत में कानून पास करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए बिना पांच हफ्ते के अवकाश पर चली गई। ————- ये खबर पढ़ें… ट्रम्प बोले- लेविट को मुझसे ज्यादा अपने बच्चे पसंद:व्हाइट हाउस में उनकी जगह लेना मुश्किल; लेविट का प्रेस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक किया। पूरी खबर पढ़ें…
करण औजला पर कॉन्सर्ट में फैन ने जैकेट फेंकी:गुस्से में सिंगर बोले- तू पागल है क्या; हिम्मत है तो सामने आ

पंजाबी सिंगर करण औजला ऑस्ट्रेलिया में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान फैन पर भड़क गए। अडेलेड में हुए उनके लाइव शो के दौरान एक फैन ने स्टेज पर जैकेट फेंक दी। इससे करण औजला नाराज हो गए और उन्होंने परफॉर्मेंस रोककर फैन को सीधे सामने आने की चुनौती दी। करण ने फैन से कहा तू पागल है क्या? हालांकि, कुछ ही देर बाद उनका गुस्सा शांत हो गया और उन्होंने उस फैन की जैकेट पर अपना ऑटोग्राफ देकर मामले को संभाल लिया। स्टेज पर जैकेट गिरते ही रोका शो करण औजला इन दिनों अपने ‘पी-पॉप कल्चर टूर’ के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया में हैं। परफॉर्मेंस के दौरान अचानक भीड़ में से किसी ने स्टेज की तरफ जैकेट फेंकी तो इस हरकत से सिंगर चिढ़ गए और उन्होंने गाना रोककर पंजाबी में दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और दर्शकों से जैकेट फेंकने वाले की पहचान करने को कहा। ‘हिम्मत है तो सामने आओ’, फैन को दी चुनौती नाराज करण औजला ने माइक पर उस फैन को ललकारते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो सामने आओ, देखते हैं कि तुम वाकई अपने बाप के बेटे हो या नहीं।” इसके बाद जब उस व्यक्ति की पहचान हो गई, तो सिंगर ने उससे सीधे सवाल किया कि उसने ऐसा क्यों किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तू पागल है क्या?” गुस्सा शांत हुआ तो जैकेट पर दिया ऑटोग्राफ हालांकि, यह तनाव ज्यादा देर तक नहीं रहा। अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद करण औजला शांत हुए और उन्होंने उस शख्स से बात की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि तुम प्यार में हो या गुस्से में हो, लेकिन ऐसा मत करो प्यारे। मैं यहां तुम्हारा मजाक उड़ाने नहीं आया हूं और मेरा समय बर्बाद मत करो।” इसके बाद उन्होंने उस फैन से जैकेट मांगी और उस पर खुद ऑटोग्राफ करके उसे वापस दे दी। करण औजला का करियर पंजाबी गायक और गीतकार करण औजला (जसकरण सिंह औजला) ने अपने संगीत करियर की शुरुआत बतौर राइटर की थी। साल 2014 में जस्सी गिल के हिट गाने ‘रेंज’ से उन्हें बतौर गीतकार पहला बड़ा ब्रेक मिला। लगातार सुपरहिट गाने लिखने की वजह से उन्हें पंजाबी इंडस्ट्री में ‘गीतां दी मशीन’ (गीतों की मशीन) कहा जाने लगा। साल 2018 में रिलीज हुए गाने ‘डोंट वरी’ से उन्हें बतौर सिंगर बड़ी पहचान मिली। इसके बाद साल 2021 में आई उनकी डेब्यू एलबम ‘बी.टी.एफ.यू.’ (B.T.F.U.) और 2023 में आई एलबम ‘मेकिंग मेमोरीज’ ने बिलबोर्ड कनाडाई एल्बम्स चार्ट्स में जगह बनाई। मार्च 2024 में करण औजला ने ‘जुनो अवॉर्ड्स’ में ‘फैन चॉइस अवॉर्ड’ जीतकर इतिहास रचा; वे यह कनाडाई म्यूजिक अवॉर्ड जीतने वाले पहले पंजाबी मूल के कलाकार बने। साल 2024 में फिल्म ‘बैड न्यूज’ के गाने ‘तौबा तौबा’ से उन्हें बॉलीवुड में भी बड़ी सफलता मिली।
करण औजला पर कॉन्सर्ट में फैन ने जैकेट फेंकी:गुस्से में सिंगर बोले- तू पागल है क्या; हिम्मत है तो सामने आ

पंजाबी सिंगर करण औजला ऑस्ट्रेलिया में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान फैन पर भड़क गए। अडेलेड में हुए उनके लाइव शो के दौरान एक फैन ने स्टेज पर जैकेट फेंक दी। इससे करण औजला नाराज हो गए और उन्होंने परफॉर्मेंस रोककर फैन को सीधे सामने आने की चुनौती दी। करण ने फैन से कहा तू पागल है क्या? हालांकि, कुछ ही देर बाद उनका गुस्सा शांत हो गया और उन्होंने उस फैन की जैकेट पर अपना ऑटोग्राफ देकर मामले को संभाल लिया। स्टेज पर जैकेट गिरते ही रोका शो करण औजला इन दिनों अपने ‘पी-पॉप कल्चर टूर’ के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया में हैं। परफॉर्मेंस के दौरान अचानक भीड़ में से किसी ने स्टेज की तरफ जैकेट फेंकी तो इस हरकत से सिंगर चिढ़ गए और उन्होंने गाना रोककर पंजाबी में दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और दर्शकों से जैकेट फेंकने वाले की पहचान करने को कहा। ‘हिम्मत है तो सामने आओ’, फैन को दी चुनौती नाराज करण औजला ने माइक पर उस फैन को ललकारते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो सामने आओ, देखते हैं कि तुम वाकई अपने बाप के बेटे हो या नहीं।” इसके बाद जब उस व्यक्ति की पहचान हो गई, तो सिंगर ने उससे सीधे सवाल किया कि उसने ऐसा क्यों किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तू पागल है क्या?” गुस्सा शांत हुआ तो जैकेट पर दिया ऑटोग्राफ हालांकि, यह तनाव ज्यादा देर तक नहीं रहा। अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद करण औजला शांत हुए और उन्होंने उस शख्स से बात की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि तुम प्यार में हो या गुस्से में हो, लेकिन ऐसा मत करो प्यारे। मैं यहां तुम्हारा मजाक उड़ाने नहीं आया हूं और मेरा समय बर्बाद मत करो।” इसके बाद उन्होंने उस फैन से जैकेट मांगी और उस पर खुद ऑटोग्राफ करके उसे वापस दे दी। करण औजला का करियर पंजाबी गायक और गीतकार करण औजला (जसकरण सिंह औजला) ने अपने संगीत करियर की शुरुआत बतौर राइटर की थी। साल 2014 में जस्सी गिल के हिट गाने ‘रेंज’ से उन्हें बतौर गीतकार पहला बड़ा ब्रेक मिला। लगातार सुपरहिट गाने लिखने की वजह से उन्हें पंजाबी इंडस्ट्री में ‘गीतां दी मशीन’ (गीतों की मशीन) कहा जाने लगा। साल 2018 में रिलीज हुए गाने ‘डोंट वरी’ से उन्हें बतौर सिंगर बड़ी पहचान मिली। इसके बाद साल 2021 में आई उनकी डेब्यू एलबम ‘बी.टी.एफ.यू.’ (B.T.F.U.) और 2023 में आई एलबम ‘मेकिंग मेमोरीज’ ने बिलबोर्ड कनाडाई एल्बम्स चार्ट्स में जगह बनाई। मार्च 2024 में करण औजला ने ‘जुनो अवॉर्ड्स’ में ‘फैन चॉइस अवॉर्ड’ जीतकर इतिहास रचा; वे यह कनाडाई म्यूजिक अवॉर्ड जीतने वाले पहले पंजाबी मूल के कलाकार बने। साल 2024 में फिल्म ‘बैड न्यूज’ के गाने ‘तौबा तौबा’ से उन्हें बॉलीवुड में भी बड़ी सफलता मिली।
ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रम्प ने यह धमकी दी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ सीक्रेट बातचीत जारी है। हालांकि, IRGC ने कुछ देर बाद ही ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका-ईरान की बातचीत में ओमान मध्यस्थ देश ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से ओमान पर कई हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में उसकी भूमिका बनी रही। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी है पूरी बातचीत ओमान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक रखी है। दुनिया 20% कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान बोला- जहाजों के रास्ते पर समझ बनी ट्रम्प की धमकी से कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझ बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से कहा कि दोनों पक्ष जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर सहमत हो गए हैं। अब सिर्फ बाकी तकनीकी और प्रशासनिक विवरण तय किए जाने हैं, जिसके बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। IRGC ने ट्रम्प के दावे को झूठ बताया ट्रम्प के इस दावे को ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से IRGC ने खारिज कर दिया। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके अधिकारियों और अमेरिका के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को झूठ बताते हुए कहा कि यह युद्ध में हार और निराशा से पैदा हुई उनकी कल्पना है। IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। देश की सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले मुआवजा चाहता है ईरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका ईरान को मुआवजा देता है या नहीं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन किया है। रॉयटर्स ने पहले एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के माल की कीमत का 5 से 7% शुल्क लिया जाए। ट्रम्प बोले- युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने ईरान की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ी से करते हुए कहा कि ईरान के लोग अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी कोई समय सीमा तय नहीं है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का भी उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका के हथियारों के भंडार को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए हथियार उसकी कुल सैन्य क्षमता के मुकाबले बहुत कम हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का MoU आज खत्म हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुआ 60 दिन का एमओयू 17 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना और स्थायी समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, दोनों देशों ने बाद में एक-दूसरे पर फिर हमले शुरू कर दिए और 8 जुलाई को ट्रम्प ने युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। अब MoU की अवधि पूरी होने के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे अहम मुद्दा फिर से होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बना हुआ है। ट्रम्प ने फिर दोहराया- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे MoU की अवधि खत्म होने से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यानी एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना सख्त रुख भी बनाए हुए हैं।
ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रम्प ने यह धमकी दी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ सीक्रेट बातचीत जारी है। हालांकि, IRGC ने कुछ देर बाद ही ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका-ईरान की बातचीत में ओमान मध्यस्थ देश ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से ओमान पर कई हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में उसकी भूमिका बनी रही। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी है पूरी बातचीत ओमान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक रखी है। दुनिया 20% कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान बोला- जहाजों के रास्ते पर समझ बनी ट्रम्प की धमकी से कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझ बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से कहा कि दोनों पक्ष जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर सहमत हो गए हैं। अब सिर्फ बाकी तकनीकी और प्रशासनिक विवरण तय किए जाने हैं, जिसके बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। IRGC ने ट्रम्प के दावे को झूठ बताया ट्रम्प के इस दावे को ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से IRGC ने खारिज कर दिया। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके अधिकारियों और अमेरिका के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को झूठ बताते हुए कहा कि यह युद्ध में हार और निराशा से पैदा हुई उनकी कल्पना है। IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। देश की सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले मुआवजा चाहता है ईरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका ईरान को मुआवजा देता है या नहीं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन किया है। रॉयटर्स ने पहले एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के माल की कीमत का 5 से 7% शुल्क लिया जाए। ट्रम्प बोले- युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने ईरान की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ी से करते हुए कहा कि ईरान के लोग अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी कोई समय सीमा तय नहीं है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का भी उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका के हथियारों के भंडार को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए हथियार उसकी कुल सैन्य क्षमता के मुकाबले बहुत कम हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का MoU आज खत्म हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुआ 60 दिन का एमओयू 17 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना और स्थायी समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, दोनों देशों ने बाद में एक-दूसरे पर फिर हमले शुरू कर दिए और 8 जुलाई को ट्रम्प ने युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। अब MoU की अवधि पूरी होने के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे अहम मुद्दा फिर से होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बना हुआ है। ट्रम्प ने फिर दोहराया- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे MoU की अवधि खत्म होने से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यानी एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना सख्त रुख भी बनाए हुए हैं।
अमिताभ बच्चन ने ₹21.88 करोड़ में 3-फ्लोर किराए पर दिए:हर महीने ₹33 लाख किराया मिलेगा; न्यूट्रिशन ब्रांड से 5 साल के लिए डील साइन

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में एक और बड़ी डील की है। उन्होंने मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में स्थित ‘सिग्नेचर’ बिल्डिंग में अपने 3 फ्लोर 5 साल के लिए किराए पर दिए हैं। इस प्रॉपर्टी से अमिताभ बच्चन को हर महीने 33 लाख रुपए मिलेंगे। 5 साल की पूरी लीज अवधि के दौरान उन्हें कुल ₹21.88 करोड़ की कमाई होगी। 8,428 वर्ग फीट कारपेट एरिया और 9 गाड़ियों की पार्किंग प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने यह जगह ‘ट्रूनैटिव’ नाम की एक न्यूट्रिशन कंपनी को किराए पर दी है। इस कंपनी को इस्तेमाल के लिए करीब 8428 वर्ग फीट जगह मिली है। इसके साथ ही, कंपनी के लोगों के लिए बिल्डिंग में 9 गाड़ियां खड़ी करने की खास पार्किंग भी अलग से दी गई है। नियम और शर्तें: इस रेंट एग्रीमेंट पर सरकारी मुहर 7 अगस्त को लगी थी, लेकिन कंपनी का किराया 15 अगस्त 2026 से शुरू माना गया है। एग्रीमेंट में यह शर्त भी रखी गई है कि हर साल इस जगह का किराया 5% बढ़ेगा। यानी जैसे-जैसे साल बीतेंगे, अमिताभ बच्चन को मिलने वाला महीने का किराया और ज्यादा होता जाएगा। पिछले साल वॉर्नर म्यूजिक को दिए थे 4 ऑफिस अमिताभ बच्चन के लिए प्रॉपर्टी किराए पर देकर मोटी कमाई करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले साल 2023 में भी उन्होंने मुंबई की लोटस सिग्नेचर बिल्डिंग में अपने 4 ऑफिस वार्नर म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को किराए पर दिए थे। यह डील मार्च 2024 में हुई थी। इस डील से अमिताभ बच्चन को हर महीने ₹17.30 लाख का किराया मिल रहा है। इस सौदे के तहत उस कंपनी को गाड़ियां खड़ी करने के लिए 12 पार्किंग स्पेस भी दिए गए थे। अयोध्या में भी खरीदी ₹35 करोड़ की जमीन मुंबई के अलावा अमिताभ बच्चन ने यूपी के अयोध्या में भी प्रॉपर्टी खरीदी है। इसी साल मार्च में उन्होंने 2.67 एकड़ जमीन 35 करोड़ रुपए में ली है। जिस कंपनी (अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप) से उन्होंने यह जमीन खरीदी है, उनका कहना है कि अयोध्या में बिग-बी का यह तीसरा बड़ा निवेश है। कंपनी के मुताबिक, जमीन 75 एकड़ में बन रहे लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ के पास और राम मंदिर से सिर्फ 15-20 मिनट की दूरी पर है। कब-कब जमीनें खरीदीं वर्क फ्रंट: कौन बनेगा करोड़पति का 18वां सीजन होस्ट कर रहे फिल्मों और बिजनेस इन्वेस्टमेंट्स के साथ-साथ बिग बी TV स्क्रीन पर भी एक्टिव हैं। 80 पार की उम्र में भी उनका वर्क कमिटमेंट जारी है। इन दिनों वे लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के 18वें सीजन को होस्ट कर रहे हैं। नॉलेज पार्ट: कारपेट एरिया और लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट क्या है ?







