भिंड में माइनिंग टीम का बदमाशों ने 4KM किया पीछा:ओवरलोड डंपर छुड़ाने के लिए माफियाओं ने की घेराबंदी, पुलिस ने निकलवाया

भिंड में खनिज माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। रविवार को माइनिंग टीम द्वारा ओवरलोड डंपर पकड़ने पर माफिया ने टीम का करीब 4 किलोमीटर तक पीछा किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस की मदद से टीम को सुरक्षित निकाला गया। जानकारी के अनुसार, जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा अपनी टीम के साथ रविवार रात करीब 10-11 बजे चितौरा-मौ मार्ग पर रेंडम चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान गिट्टी से भरा एक डंपर आता दिखाई दिया, जिसे रोककर जांच की गई। जांच में डंपर ओवरलोड पाया गया। साथ ही वाहन की नंबर प्लेट गायब थी और चेसिस नंबर भी साफ नहीं दिख रहा था, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। माइनिंग टीम ने डंपर को जब्त कर झांकी चौकी में सुरक्षित खड़ा करा दिया। इसी दौरान कुछ लोग चौकी पहुंच गए और टीम से विवाद करने लगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने डंपर को छुड़ाने का भी प्रयास किया, लेकिन खनिज अधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए वाहन को पुलिस सुरक्षा में रखवाया। इसके बाद जब टीम आगे चेकिंग के लिए निकली, तो 2-3 गाड़ियों में सवार कुछ लोगों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। सुरक्षा को देखते हुए टीम वापस लौटी और झांकी चौकी पुलिस को सूचना दी। साथ ही कलेक्टर को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर माइनिंग टीम को चितौरा रोड तक सुरक्षित एस्कॉर्ट किया। खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा ने बताया कि पकड़ा गया डंपर गिट्टी से ओवरलोड था और उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। वाहन पर “कान्हा यादव” लिखा हुआ था। दस्तावेजों में गड़बड़ी और गलत रूट की आशंका के चलते कार्रवाई की गई। पहले भी हो चुके हैं हमले
गर्भवती महिलाएं ना खाएं ये फल, रुक सकता है बच्चे का विकास, डिलीवरी में भी होती है दिक्कत

Last Updated:April 06, 2026, 09:04 IST प्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने शरीर को पोषण देने के लिए सेहत को दुरुस्त रखने के लिए गुड़, मूंगफली, हरी साग-सब्जियां जैसे मेथी, पालक, फ्रूट्स और पानी वाले फल आदि खा सकती हैं. इस दौरान हरे फल और सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ख़बरें फटाफट आर्या झा/मधुबनी: महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी आसान नहीं होती है. इस दौरान उनकी सेहत, शरीर और सोच-विचार में तमाम तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खान-पीन का भी बहुत ध्यान रखना चाहिए. आमतौर पर परिवार के लोग भी घर की गर्भवती महिला की सेहत और खान-पान का ध्यान रखते हैं लेकिन, सबसे जरूरी खुद से अपना ध्यान रखना. दरअसल, कब क्या महसूस हो रहा है यह तो गर्भवती महिला को ही पता चलेगा और उनके बताने के बाद ही परिजनों को कुछ भी पता चलेगा. डॉक्टर भी गर्भवती महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं क्योंकि इस दौरान उनकी सेहत के लिए तमाम तरह के विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है. सेहत दुरुस्त रखने के लिए फलों का भी सेवन करते हैं लेकिन, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो कई बार गर्भवती महिलाओं की सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं. इनमें पपीता जैसा फल भी है जो वैसे तो सेहत और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन, ये गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. गर्भवती महिला को पपीता नहीं खाना चाहिए. इस बारे में महिला विशेषज्ञ गायनकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुमन कुमार ने कहा कि पपीता खाने से बच्चे की ग्रोथ रुक सकती है या फिर प्रेगनेंसी में बहुत सारी दिक्कतें आ सकती हैं. डॉक्टर ने बताया कि पपीता में मिलने वाले मल्टीविटामिन को किसी दूसरे तरीके से भी लिया जा सकता है लेकिन, पपीता खाना नुकसानदायक हो सकता है. सदर अस्पताल मधुबनी में कार्यरत डॉक्टर सुमन कुमार कहते हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती के तीन से चार महीने गर्भवती महिला को कच्चा या पका किसी भी तरह का पपीता नहीं खाना चाहिए. उन्होंने बताया कि प्रेग्नेंसी के 3-4 महीने बाद जब गर्भवती महिलाओं को पेट में कब्ज या फिर पेट, गैस और पाचन से जुड़ी कोई दिक्कत होती है तो पका पपीता खा सकती हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन-चार महीने पपीते का सेवन नहीं किया जाता. पपीता खाने से हो सकते हैं ये नुकसानपपीता को पाचन के लिए अच्छा माना जाता है. इसलिए प्रेग्नेंसी की शुरुआत में पपीता खाने से गर्भपात का डर बना रहता है. वह आगे कहते हैं कि मिडिल फेज और लास्ट के समय पपीता खाया जा सकता है लेकिन, शुरुआत में हम डॉक्टर प्रेग्नेंट महिला को पपीते से दूर रखने की सलाह देते हैं. ये करें सेवनप्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने शरीर को पोषण देने के लिए सेहत को दुरुस्त रखने के लिए गुड़, मूंगफली, हरी साग-सब्जियां जैसे मेथी, पालक, फ्रूट्स और पानी वाले फल आदि खा सकती हैं. इस दौरान हरे फल और सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें Location : Madhubani,Bihar First Published : April 06, 2026, 09:04 IST
टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले, शिक्षकों का नेतृत्व अपने परिवार के हितों के लिए वरिष्ठ पार्टियों के नेताओं और सहयोगी दलों के ऊपर विचारधारा दे रहा है। अर्जुन ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने अपनी बहन और वर्तमान सांसद कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया है। मुख्यमंत्री अपने पुत्र, उदयनजी स्टालिन को राजनीतिक विचारधारा के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे पार्टी में परिवार का प्रभाव मजबूत हो रहा है। अर्जुन ने कहा, “वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जैसे कि कनिमोझी और जनरल दुरईमुर्गन, उन्हें अलग कर दिया जा रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जजमेंट क्रिटिकल अब एक प्रमुख लीडरशिप के लिए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों के पद के लिए चयन प्रक्रिया की भी आलोचना की, यह दावा करते हुए कहा गया कि नामांकित मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित हैं, जो उदयनोधी स्टालिन और सबरीसन का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, इससे पार्टी में असंतोष पैदा हुआ है और सहयोगियों में सम्मान बढ़ा है। अर्जुन ने बताया कि मुख्य सहयोगी, कांग्रेस की तरह, अभी भी कई तर्कों पर आधारित निर्णय नहीं मिले हैं, जिससे इस गठबंधन में आंतरिक स्तर पर जमीनी स्तर पर सामंजस्य स्थापित हो रहा है। बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अपने सहयोगियों के साथ मिलकर समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने एमकेएम, कोके जैसे छोटे सिद्धांतों को चुनावी लड़ाई के प्रतीक के रूप में उदाहरण दिया और कहा कि ऐसे ही उनकी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को कमजोर कर दिया जाता है। एलायंस गठबंधन की आलोचना करते हुए, अर्जुन ने स्कूल-संचालन के संस्थापक मशडिके की निंदा की और कहा कि यह इसके संस्थापक, विचारधारा विजयकांत की उन्नत विरासत के विपरीत है। ऐसे राजनीतिक गठबंधन पार्टी के मूल दृष्टिकोण को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उम्मीदवार चयन और चुनाव में छोटे सहयोगियों और नेताओं पर दबाव डाला जा रहा है। टीवीके की ओर से टीवीके की ओर से दावा करते हुए अर्जुन ने कहा कि पार्टी ने सभी 234 टेलीकॉम पोर्टफोलियो में अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दावा किया है कि एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा टीवीके की ओर चला गया है।
हाई ब्लड प्रेशर को जड़ से मिटा देगी यह दवा ! वैज्ञानिकों ने खोजा पावरफुल ट्रीटमेंट, तुरंत दिखाएगा असर

Last Updated:April 06, 2026, 08:16 IST New Hypertension Treatment: वैज्ञानिकों ने हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की नई दवा बनाई है, जिसका नाम बैक्सड्रोस्टैट है. यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य दवाओं से कंट्रोल नहीं होता है. यह दवा एल्डोस्टेरोन हार्मोन को कंट्रोल करके ब्लड प्रेशर को कम करती है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा घट सकता है. क्लीनिकल ट्रायल में बैक्सड्रोस्टैट दवा ने काफी अच्छा रिजल्ट दिया है. ब्लड प्रेशर की नई दवा बैक्सड्रोस्टैट है, जो ट्रायल्स में बेहद असरदार साबित हुई है. Baxdrostat for Resistant Hypertension: हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है. मेडिकल की भाषा में इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है. हाई बीपी के भारत में भी करोड़ों मरीज हैं और उनमें से तमाम लोगों को इस बीमारी का पता ही नहीं है. अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहे, तो इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डिजीज और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है. हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए लोगों को नियमित रूप से दवा लेनी पड़ती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई मरीजों में दवा लेने के बावजूद ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो पाता है. वैज्ञानिकों ने अब इस परेशानी को दूर करने के लिए नई दवा खोज ली है, जो अन्य दवाएं फेल होने के बाद भी काम करेगी और बीपी पर लगाम लगाएगी. साइंस डेली की रिपोर्ट के मुताबिक अनकंट्रोल ब्लड प्रेशर को काबू में करने के लिए डेवलप की गई नई दवा बैक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat) है. यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जिन पर बीपी कंट्रोल करने वाली अन्य दवाएं काम नहीं कर रही हैं और ब्लड प्रेशर बेकाबू रहता है. इस दवा के काम करने का तरीका भी खास है. बैक्सड्रोस्टैट शरीर में बनने वाले एक हार्मोन एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) को कंट्रोल करती है. यह हार्मोन शरीर में नमक और पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो शरीर में पानी और नमक जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. बैक्सड्रोस्टैट इस हार्मोन के उत्पादन को रोककर सीधे समस्या की जड़ पर काम करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वैज्ञानिकों के अनुसार यह दवा उन मरीजों के लिए खासतौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन यानी ऐसा हाई ब्लड प्रेशर होता है, जो कई दवाओं के बावजूद कंट्रोल नहीं होता. यह खोज न सिर्फ इलाज के लिहाज से अहम है, बल्कि इससे यह भी समझने में मदद मिलती है कि एल्डोस्टेरोन का बढ़ा हुआ स्तर इस समस्या में बड़ी भूमिका निभाता है. यह दवा लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी भी पाई गई है. दुनिया भर में करीब 130 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या भारत और चीन में है. ऐसे में बैक्सड्रोस्टैट जैसी नई दवा भविष्य में करोड़ों लोगों के लिए राहत साबित हो सकती है. हालांकि अभी इस दवा का फेज 3 क्लीनिकल ट्रायल हुआ है. बाजार में आने से पहले इसे कई ट्रायल्स और मंजूरी की जरूरत होगी. अब तक के रिजल्ट यह संकेत देते हैं कि यह दवा हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. हाल ही में किए गए एक इंटरनेशनल फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा की प्रभावशीलता को परखा गया. इस अध्ययन में दुनिया भर के 214 क्लीनिकों से लगभग 800 मरीजों को शामिल किया गया. ये सभी ऐसे मरीज थे, जिनका ब्लड प्रेशर पहले से चल रहे इलाज के बावजूद बहुत ज्यादा था. इस रिसर्च का नेतृत्व यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के प्रोफेसर ब्रायन विलियम्स ने किया और इसके नतीजे यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) कांग्रेस 2025 में प्रस्तुत किए गए. इस अध्ययन के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे. जिन मरीजों को बैक्सड्रोस्टैट दी गई, उनका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 9 से 10 mmHg तक कम हो गया, जो कि एक महत्वपूर्ण गिरावट मानी जाती है. इस स्तर की कमी से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक घट सकता है. खास बात यह रही कि लगभग 40% मरीजों का ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर तक पहुंच गया, जबकि प्लेसीबो लेने वालों में यह आंकड़ा 20% से भी कम था. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 08:16 IST
सिवनी में अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मारी:दो युवक घायल, रविवार रात बरघाट के पास हुआ हादसा

सिवनी जिले के बरघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंट ग्राम के समीप रविवार देर रात एक सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सिर, हाथ, पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल बरघाट ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों युवक मोटरसाइकिल से बरघाट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां लोगो व वाहनों का आवागमन अधिक होता है, घटना के समय लोगो मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। बरघाट थाना प्रभारी मोहनीश वेस ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही, घायलों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता लगाया जा सके।
कनाडा में खालिस्तानियों ने 100-100 डॉलर देकर जुटाई भीड़:मंदिर के बाहर हिंदू-भारत विरोधी नारे लगाए; बोले- हरियाणा-दिल्ली, बीकानेर हमारे

कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में खालिस्तानियों ने त्रिवेणी मंदिर के बाहर भारत के खिलाफ नारे लगाए। खालिस्तानियों के जुटने से शहर में 2 घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। हिंसक घटना को रोकने के लिए कनाडा पुलिस का भारी बल तैनात रहा। खालिस्तानियों ने नारे लगाते हुए हरियाणा-दिल्ली और बीकानेर पर अपना हक बताया। वहीं, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन के लिए ये खालिस्तान समर्थक भाड़े पर लाए गए थे। एक्स पर एक यूजर दर्शन महाराजा ने लिखा कि खालिस्तानी आतंकियों ने लोगों को जुटाने के लिए 100-100 डॉलर का लालच दिया। इसके चलते 40 से 50 के करीब लोगों को नारे लगाने के लिए उकसाया गया। सरे में प्रदर्शन नहीं करने दिया 5 मार्च की दोपहर जब मंदिर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए इकट्ठे हो रहे थे, तभी दोपहर लगभग 12 बजे से 2 बजे के बीच मंदिर के सामने वाली सड़क पर खालिस्तान समर्थक जमा होने शुरू हो गए। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) हिंदू मंदिरों के बाहर विरोध दर्ज करवाया। इसी तरह का एक प्रदर्शन ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर भी प्रस्तावित था, लेकिन वहां खालिस्तानियों को प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया किया कि प्रदर्शन में लगभग 40 लोग मौजूद थे। ये लोग सड़क किनारे लगाए गए मेटल बैरिकेड्स के पीछे खड़े होकर पीले खालिस्तानी झंडे लहरा रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में कुछ विवादित पोस्टर भी थे, जिन पर वांटेड लिखा हुआ था और कुछ व्यक्तियों की तस्वीरें भी थीं। दावा- प्रदर्शन में भीड़ जुटाने के लिए दिया था 100 डालर देने का लालच इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब घटनास्थल पर मौजूद विश्लेषक और फ्रीलांस पत्रकार दर्शन महाराजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुलासा किया। महाराजा ने बताया कि वहां मौजूद एक व्यक्ति ने ऑफ-कैमरा उन्हें जानकारी दी कि इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 100 कनाडाई डॉलर दिए जा रहे हैं। यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे इन प्रदर्शनों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलोचकों का कहना है कि कनाडा में खालिस्तानी आंदोलन को जीवित दिखाने के लिए अब भाड़े की भीड़ का सहारा लिया जा रहा है। दर्शन महाराजा ने कनाडाई राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में वोट और डोनेशन के लालच में यहां के नेताओं ने ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया है। उसी का नतीजा है कि आज ये लोग बेलगाम हो चुके हैं। झड़प रोकने के लिए मौके पर रही कड़ी सुरक्षा प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए पील रीजनल पुलिस मुस्तैद रही। मंदिर के आसपास की सड़कों पर पुलिस की सफेद SUV लगातार गश्त कर रही थीं। किसी भी संभावित झड़प को रोकने के लिए 100 मीटर का सेफ्टी जोन बनाया गया था। पुलिस की मुस्तैदी के कारण कोई हिंसा या शोर-शराबा नहीं हुआ। प्रदर्शन में एक और दिलचस्प पहलू यह रहा कि इतने संवेदनशील मुद्दे के बावजूद कनाडा मीडिया ने खालिस्तानियों को कवरेज नहीं दी। स्थानीय हिंदू समुदाय का आरोप है कि कनाडाई मीडिया अक्सर ऐसे मामलों को नजरअंदाज करता है। हिंदू समुदाय ने दी अपनी तीखी प्रतिक्रिया हिंदू कनाडियन फाउंडेशन (HCF) और त्रिवेणी मंदिर प्रशासन ने इस प्रदर्शन की निंदा की है। समुदाय के नेताओं का कहना है कि पूजा स्थलों के बाहर इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शनों का एकमात्र उद्देश्य भक्तों को डराना और शांति भंग करना है। HCF ने एक बयान में कहा कि हम अपने पूजा करने के अधिकार की रक्षा करेंगे। किसी भी प्रकार की धमकी या उकसावे वाली कार्रवाई हमें हमारे विश्वास से पीछे नहीं हटा सकती। मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं ने भी इस बात पर नाराजगी जताई कि उन्हें अपने ही पूजा स्थल पर जाने के लिए पुलिस बैरिकेड्स और विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर छिड़ी पोस्ट वार भारतीय और हिंदू यूजर्स ने इसे ISI प्रायोजित ड्रामा करार दिया और 100 डॉलर वाले दावे पर तंज कसते हुए कहा कि अब इस आंदोलन की हकीकत सामने आ गई है। सिख समुदाय के एक बड़े वर्ग ने भी इन प्रदर्शनकारियों से खुद को अलग करते हुए कहा कि 20-25 लोग पूरी कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व नहीं करते और वे मंदिर का पूरा सम्मान करते हैं। वहीं, दूसरी ओर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पैसे मिलने की बात को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपना वैचारिक संघर्ष बताया।
विक्की कौशल ने राकेश बेदी को इंटरव्यू में किया फोन:कहा- धुरंधर 2 में आप जब-जब स्क्रीन पर आए, बहुत मजा आया; राकेश बोले- 'बच्चा है तू मेरा'

सीनियर एक्टर राकेश बेदी इन दिनों अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग और परफॉर्मेंस के लिए चर्चा में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उनके पास एक्टर विक्की कौशल का फोन आया। विक्की ने राकेश बेदी की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की और बताया कि फिल्म में उनका काम कितना शानदार है। इस बातचीत के दौरान दोनों एक्टर्स के बीच मजेदार केमिस्ट्री देखने को मिली, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। विक्की बोले- स्क्रीन पर आपको देखकर मजा आ गया द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू के बीच में ही विक्की कौशल ने राकेश बेदी को फोन लगाया। विक्की ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, परसों रात ही मैंने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज देखी और मैं आपके काम से पूरी तरह दंग रह गया हूं। फिल्म में आपकी परफॉर्मेंस अविश्वसनीय है। आप जब-जब स्क्रीन पर आए, बहुत मजा आया। मुझे यकीन है कि फिल्म देखने वाला हर इंसान यही महसूस कर रहा होगा। विक्की की ये बातें सुनकर राकेश बेदी भी काफी खुश नजर आए। राकेश बोले- ‘बच्चा है तू मेरा’ बातचीत के दौरान राकेश बेदी से उनका फेमस डायलॉग “बच्चा है तू मेरा” बोलने की गुजारिश की गई। विक्की ने मजाक में कहा कि राकेश बेदी जैसे सीनियर एक्टर के सामने तो हर कलाकार बच्चा ही है। इस पर राकेश बेदी हंसने लगे और मजाकिया अंदाज में बोले, “चल तू बोल रहा है तो मैं भी बोल देता हूं- बच्चा है तू मेरा” । फिल्म में पाकिस्तानी नेता और जासूस का रोल ‘धुरंधर 2’ में राकेश बेदी ने ‘जमील जमाली’ का किरदार निभाया है। फिल्म की शुरुआत में वह कराची के एक लाउड और मजाकिया पाकिस्तानी राजनेता के रूप में नजर आते हैं। हालांकि, फिल्म के क्लाइमेक्स में एक बड़ा ट्विस्ट आता है। उनके इस किरदार में कॉमेडी और गंभीरता का जो बैलेंस दिखा है।
विक्की कौशल ने राकेश बेदी को इंटरव्यू में किया फोन:कहा- धुरंधर 2 में आप जब-जब स्क्रीन पर आए, बहुत मजा आया; राकेश बोले- 'बच्चा है तू मेरा'

सीनियर एक्टर राकेश बेदी इन दिनों अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग और परफॉर्मेंस के लिए चर्चा में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उनके पास एक्टर विक्की कौशल का फोन आया। विक्की ने राकेश बेदी की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की और बताया कि फिल्म में उनका काम कितना शानदार है। इस बातचीत के दौरान दोनों एक्टर्स के बीच मजेदार केमिस्ट्री देखने को मिली, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। विक्की बोले- स्क्रीन पर आपको देखकर मजा आ गया द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू के बीच में ही विक्की कौशल ने राकेश बेदी को फोन लगाया। विक्की ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, परसों रात ही मैंने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज देखी और मैं आपके काम से पूरी तरह दंग रह गया हूं। फिल्म में आपकी परफॉर्मेंस अविश्वसनीय है। आप जब-जब स्क्रीन पर आए, बहुत मजा आया। मुझे यकीन है कि फिल्म देखने वाला हर इंसान यही महसूस कर रहा होगा। विक्की की ये बातें सुनकर राकेश बेदी भी काफी खुश नजर आए। राकेश बोले- ‘बच्चा है तू मेरा’ बातचीत के दौरान राकेश बेदी से उनका फेमस डायलॉग “बच्चा है तू मेरा” बोलने की गुजारिश की गई। विक्की ने मजाक में कहा कि राकेश बेदी जैसे सीनियर एक्टर के सामने तो हर कलाकार बच्चा ही है। इस पर राकेश बेदी हंसने लगे और मजाकिया अंदाज में बोले, “चल तू बोल रहा है तो मैं भी बोल देता हूं- बच्चा है तू मेरा” । फिल्म में पाकिस्तानी नेता और जासूस का रोल ‘धुरंधर 2’ में राकेश बेदी ने ‘जमील जमाली’ का किरदार निभाया है। फिल्म की शुरुआत में वह कराची के एक लाउड और मजाकिया पाकिस्तानी राजनेता के रूप में नजर आते हैं। हालांकि, फिल्म के क्लाइमेक्स में एक बड़ा ट्विस्ट आता है। उनके इस किरदार में कॉमेडी और गंभीरता का जो बैलेंस दिखा है।
तेज रफ्तार आयशर ने तूफान गाड़ी को मारी टक्कर:4 की मौके पर मौत देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास भीषण हादसा; गुस्साए लोगों किया चक्काजाम

शहर के देवगुराड़िया इलाके में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास रविवार देर रात करीब ढाई बजे भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार आयशर वाहन ने एक तूफान गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तूफान गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध जताया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात बहाल कराया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
भोपाल में बीबीए और बीटेक के स्टूडेंट्स को मारी गोली:कटारा हिल्स में शराब पार्टी कर रहे छात्रों ने की फायरिंग; धमकी देकर आरोपी हुए फरार

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक छात्र ने बीटेक स्टूडेंट्स पर फायरिंग कर दी। तीन राउंड फायरिंग में दो गोलियां दो छात्रों को लगी हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी छात्र अपने साथियों के साथ शराब पार्टी कर रहा था और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए शोर-शराबा कर रहा था। दोनों घायल छात्र अपने साथियों के साथ उसे समझाइश देने पहुंचे। इससे नाराज एक छात्र ने फायरिंग की और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक, 23 वर्षीय वासु गुप्ता और 21 वर्षीय अंशु तेज पाटिल दोनों ही सेज यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। वासु बीबीए थर्ड ईयर, जबकि अंशु बीटेक सेकंड ईयर का छात्र है। दोनों ही छात्र साथी छात्रों के साथ सेज सनसिटी फेज-1 कॉलोनी में रहते हैं। रायसेन रोड स्थित एलएनसीटी कॉलेज में रहने वाले सुधांशु सिंह और उसके साथी अक्सर कॉलोनी में रहने वाले अन्य छात्रों के पास मिलने आया करते हैं। देर रात तक शराब पार्टी करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। रविवार तड़के सुबह तक आरोपी पार्टी कर रहे थे, इससे वासु व उनके साथियों को डिस्टर्बेंस हो रहा था। जब पीड़ित छात्र अपने साथियों के साथ आरोपियों को समझाइश देने पहुंचे तो सुधांशु और उसके साथियों ने उनसे बदसलूकी शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर सुधांशु ने अपने पास रखी देसी पिस्तौल से पहला राउंड हवा में फायर किया, जबकि दो राउंड वासु और अंशु पर फायर किए गए। वासु के कंधे में चोट लगी है, जबकि अंशु के पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने सुधांशु सिंह सहित तीन अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।








