बटलर से वैभव-यशस्वी के कैच छूटे:अशोक ने 154 की स्पीड से गेंद फेंकी, बिश्नोई 200 टी-20 विकेट वाले यंगेस्ट इंडियन; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL 2026 के 9वें मैच में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को 6 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में RR ने 210 रन बनाए, जबकि GT 204 रन ही बना सकी। मैच के दौरान जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल के अहम कैच छूटे। वहीं, गुजरात के अशोक शर्मा ने 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी। दूसरी ओर, रवि बिश्नोई ने टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए और इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। RR Vs GT मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. साई सुदर्शन ने 42 इनिंग में 15वीं फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL में सिर्फ 42 पारियों में अपनी 15वीं फिफ्टी पूरी कर ली। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं और केवल क्रिस गेल (41 पारियां) उनसे आगे हैं। सुदर्शन ने शॉन मार्श (43) को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। 2. वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलीं। 3. अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी गुजरात के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी। इस सीजन में इससे पहले सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड एनरिक नॉर्त्या (150.9 किमी/घंटा) के नाम था। हालांकि, IPL इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड अभी भी शॉन टैट के नाम है, जिन्होंने 2011 में 157.71 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। 4. बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय बने रवि बिश्नोई ने गुजरात के ग्लेन फिलिप्स का विकेट लेते ही टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। उन्होंने यह उपलब्धि 25 साल 211 दिन की उम्र में हासिल की और इसी के साथ वह टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। उन्होंने यह मुकाम अपने करियर के 170वें टी-20 मैच में हासिल किया। बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले 19वें भारतीय गेंदबाज बने हैं, जबकि स्पिनर्स की लिस्ट में वह 9वें स्थान पर हैं। हालांकि, ओवरऑल टी-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड राशिद खान के नाम है, जिन्होंने यह उपलब्धि 23 साल 119 दिन की उम्र में हासिल की थी। यहां से टॉप-10 मोमेंट्स… 1. वैभव ने चौके से खाता खोला पारी की शुरुआत में ही वैभव सूर्यवंशी ने चौका लगाकर अपने पहले रन बनाए। मोहम्मद सिराज की लेग स्टंप पर डाली गई लेंथ गेंद को उन्होंने हल्के से ग्लांस करते हुए फाइन लेग की दिशा में चौके के लिए भेज दिया। 2. बटलर से वैभव और यशस्वी के कैच छूटे जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी ने यशस्वी जायसवाल का कैच छूट गया। अशोक शर्मा की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप की दिशा में गई। बटलर ने फुल लेंथ डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई और चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। इससे पहले यशस्वी जायसवाल को भी जीवनदान मिला था। सिराज की शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर यशस्वी ने फ्लिक खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद विकेटकीपर की ओर गई। बटलर ने दाईं ओर डाइव लगाई, लेकिन कैच पकड़ नहीं सके। 3. जायसवाल की चौके से फिफ्टी 12वें ओवर में यशस्वी जायसवाल ने चौके से अपना अर्धशतक पूरा किया। मोहम्मद सिराज की ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार ड्राइव खेला, जो सीधे चौके के लिए चला गया। 4. रियान ने पहली गेंद पर सिक्स लगाया रियान पराग ने अपनी पहली ही बॉल पर सिक्स लगा दिया। कगिसो रबाडा की फुल लेंथ गेंद, जो मिडिल और लेग स्टंप पर थी, उस पर पराग ने बॉटम हैंड का इस्तेमाल करते हुए डीप स्क्वायर लेग की दिशा में गेंद को सिक्स के लिए भेज दिया। 5. सिराज का डाइविंग कैच 16वें ओवर में शिमरन हेटमायर कैच आउट हो गए। ओवर की तीसरी बॉल अशोक शर्मा ने गुड लेंथ पर फेंकी। हेटमायर ने शॉट खेला, वे लॉन्ग ऑन पर मोहम्मद सिराज के हाथों कैच हो गए। सिराज ने डाइविंग कैच पकड़ा, हेटमायर ने 18 रन बनाए। 6. 15वें ओवर के बाद बॉल बदली गई मैच के दौरान 15वें ओवर के बाद गुजरात के कप्तान की मांग पर अंपायर्स ने गेंद को बदलने का फैसला लिया। यह नियम ओस के असर को कम करने के लिए लागू किया गया है, जिससे दूसरी पारी में गेंदबाजों को बेहतर ग्रिप मिल सके और मुकाबला संतुलित बना रहे। 7. सुदर्शन ने छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की 8वें ओवर की चौथी गेंद पर साई सुदर्शन ने रियान पराग के खिलाफ सिक्स लगाया। इसी के साथ उन्होंने 33 गेंद पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। वे 73 रन बनाकर कैच आउट हुए। 8. तेवतिया का रिवर्स में सिक्स राहुल तेवतिया ने 15वें ओवर में रिवर्स शॉट पर सिक्स लगा दिया। रवि बिश्नोई की गेंद पर उन्होंने अपना स्टांस बदलते हुए शॉट खेला। तेवतिया ने फुल लेंथ बॉल को डीप बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से सिक्स लगा दिया। 9. जडेजा के थ्रो से शाहरुख रनआउट 15वें ओवर में रवींद्र जडेजा की शानदार फील्डिंग ने शाहरुख खान को रनआउट करा दिया। रवि बिश्नोई की फ्लाइटेड गेंद पर राशिद खान ने शॉट खेलकर दो रन पूरे किए और तीसरे रन के लिए कॉल किया। लॉन्ग फील्ड से जडेजा तेजी से गेंद तक पहुंचे, बाउंड्री के पास शानदार स्टॉप किया और तुरंत स्ट्राइकर एंड पर सटीक थ्रो फेंका। ध्रुव जुरेल ने गिल्लियां बिखेर दीं, जबकि शाहरुख क्रीज से काफी दूर रह गए। 10.
हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

23 फरवरी को एक नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस एफआईआर करने में नानुकुर करती रही। थाने पहुंचे पीड़िता के चाचा को पीट भी दिया। बाद में एफआईआर दर्ज हुई तो अपहरण के मामले में भी अज्ञात आरोपित बता दिए गए, जबकि किशोरी के परिवार वाले आरोपितों का नाम पुलिस को बताते रहे। बालिका के पिता ने हाई कोर्ट की शरण ली। मजदूर पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर शनिवार को छुट्टी के बाद भी सुनवाई की गई। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मामले की न केवल अवकाश के दिन सुनवाई की, बल्कि पुलिस को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश जारी किया कि पुलिस बालिका के साथ तमाम आरोपितों को भी कोर्ट में 6 अप्रैल को पेश करे। महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग का दबंगों द्वारा अपहरण करने की शिकायत मजदूर पिता ने की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन पहले दबंगों का नाम गायब किया। महीनेभर में भी बालिका को तलाशने की कोई कोशिश नहीं की। पीड़िता के पिता के अनुसार पवन सिंह उसे उठाकर ले गया है। बालिका की उम्र 17 साल 3 माह है और वह पवन सिंह के कब्जे में है। एफआईआर में नाम न होने पर नाराजगी पीड़िता के पिता ने अभिभाषक शुभम मांडिल और गौरव गुप्ता के जरिए हाई कोर्ट के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कोर्ट में इस दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी सरकार की ओर से उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नामजद एफआईआर नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई। साथ ही सरकार को निर्देश जारी किए कि सोमवार को पुलिस नाबालिग, जो कि पवन सिंह की अवैध हिरासत में है, उसे किसी भी हालत में कोर्ट के समक्ष पेश करे। कोर्ट के आदेश के बाद बदला पुलिस का रवैया डेढ़ माह पहले अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर कराने वाले पिता से पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली थी। वहीं शनिवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होने और हाई कोर्ट से आदेश के तुरंत बाद पुलिस का रवैया बदल गया। 6 अप्रैल को बालिका को कोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश होने की बात सामने आते ही बडगोंदा पुलिस तुरंत पीड़िता के घर पहुंच गई और उसके परिवारजनों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश करती रही।
ग्वालियर हाईकोर्ट का OBC क्रीमीलेयर को लेकर फैसला:कोर्ट ने कहा-पति की सैलरी से नहीं बल्कि मां-पिता की सामाजिक-आर्थिक दशा से तय होगाी ओबीसी क्रीमीलेयर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ओबीसी क्रीमीलेयर से जुड़ी एक याचिका पर शनिवार को बड़ा व अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट किया है कि किसी महिला अभ्यर्थी की क्रीमीलेयर तय करने में उसकी पति की आय को आधार नहीं माना जा सकता है। बल्कि क्रीमी लेयर तय करने में महिला अभ्यर्थी के मां-पिता की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को आधार मानकर देखा जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला अभ्यर्थी की खुद की इनकम और पति की इनकम को उस समय तक नहीं जोड़ा जा सकता है तब तक कि पति क्लास-1 अधिकारी न हो। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है कि महिला अभ्यर्थी के पिता क्लास थर्ड अधिकारी थे और माता गृहिणी इसलिए उसे किसी भी हालत में ओबीसी क्रीमीलेयर आरक्षक का फायदा नहीं मिल सकता है। इसके साथ ही याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह है पूरा मामला शनिवार को कोर्ट ने ओबीसी क्रीमीलेयर को लेकर जो फैसला दिया है। दरअसल यह मामला सहायक प्राध्यापक (लॉ) पद पर नियुक्ति से पूरी तरह जुड़ा है। कोर्ट में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता सुनीता यादव ने दावा किया था कि इस पद के लिए चयनित महिला अभ्यर्थी गरिमा राठौर क्रीमीलेयर में आती हैं, क्योंकि उनके पति सिविल जज हैं। साथ ही उनके परिवार की इनकम तय मानक मतलब निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि उसे 2021 से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। पर कोर्ट ने क्रीमी लेयर को अच्छी तरह परिभाषित कर पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। साल 2021 से वरिष्ठता का लाभ भी मांगा याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि चयनित अभ्यर्थी गरिमा राठौर के पति सिविल जज हैं और उसकी खुद की भी आय है। इस आधार पर परिवार की कुल आय क्रीमी लेयर की सीमा से अधिक हो जाती है। इसलिए वह OBC (महिला) आरक्षित पद की पात्र नहीं थी। साथ ही अपनी प्रमोशन को लेकर तर्क दिया कि यदि उस अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाती, तो उन्हें ही 2021 में नियुक्ति मिलती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि बाद में सुनीता यादव को 2023 में नियुक्ति मिल गई, लेकिन उन्होंने कोर्ट से मांग की कि उन्हें 2021 से नियुक्ति मानी जाए। और उसी आधार पर वरिष्ठता व अन्य लाभ दिए जाएं। पर कोर्ट ने यह नहीं माना है।
इंदौर में 10 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन:विधानसभा 1 के वार्ड 7 को मिली सौगात, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- इंदौर ने विकास के नए आयाम छुए

रविवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा-1 के वार्ड क्रमांक 7 में 10 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद इंदौर शहर ने विकास के नए आयाम छुए हैं। यह सब इंदौरवासियों के सहयोग, इच्छाशक्ति और शहर को आगे बढ़ाने के दृढ़ संकल्प का परिणाम है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सन 2000 के पहले और बाद के इंदौर में जमीन-आसमान का अंतर है। पहले नंदा नगर से अन्नपूर्णा या खजराना जाने में एक से डेढ़ घंटा लग जाता था, क्योंकि सड़कें 12 से 15 फीट चौड़ी थीं। आज चौड़ी सड़कों का जाल बिछ चुका है और शहर के किसी भी कोने में कम समय में पहुंचना संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शहर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और इंदौर कई मायनों में देश-दुनिया में अव्वल है। उन्होंने कहा कि महापौर ने शहर के लिए भविष्य का विजन तैयार किया है और आने वाले समय में बेहतर सौगातें मिलेंगी। मेरा बेटा आकाश विधानसभा-1 की गलियों में घूमकर लोगों की समस्याओं की जानकारी लेता है और समाधान की रूपरेखा बनाकर मुझे देता है, जिससे समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है। हमारी कोशिश है कि भविष्य में विधानसभा समस्या मुक्त बने। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि इस वार्ड में ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर एक गार्डन बनाया गया है, जिसका शुभारंभ किया गया। यहां योग सेंटर भी बनाया गया है, जिससे शौर्य और पराक्रम के साथ संस्कृति के दर्शन होंगे तथा बेहतर स्वास्थ्य के साथ तन-मन प्रसन्न रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों में रिक्त स्थानों पर घना वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो ऑक्सीजन के बेहतर स्रोत बनेंगे। इंदौर के बच्चे बड़े मेट्रो शहरों के मुकाबले अधिक प्रसन्न रहते हैं, क्योंकि वे गार्डनों में खेलते हैं, जबकि बड़े शहरों के बच्चे मल्टियों में कैद होकर रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम को विकास कार्यों के लिए अलग से करीब 30 करोड़ रुपए दिए गए हैं और पार्षदों से मन लगाकर विकास कार्य करने का आह्वान किया। दोगुना जल और मजबूत कल इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मंत्री विजयवर्गीय ने 25 साल का विजन लेकर काम करने को कहा है। इसी उद्देश्य से शहर का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में इंदौर शहर में 4.5 एमएलडी पानी आ रहा है और आने वाले तीन वर्षों में इतना ही अतिरिक्त नर्मदा जल मिलेगा। इससे 2029 तक शहर में आने वाले 25 वर्षों तक पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 1500 करोड़ रुपए लोन के माध्यम से जुटाए जाएंगे और इतनी ही राशि राज्य व केंद्र सरकार से मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा नारा ‘दोगुना जल और मजबूत कल’ है। शहर की आबोहवा बेहतर बनाने के लिए पिछले चार वर्षों में करीब 100 सिटी फॉरेस्ट बनाए गए हैं। बेहतर सुविधाओं वाले 22 बगीचे विकसित किए जा रहे हैं, जो शहर के लिए फेफड़ों का कार्य करेंगे। 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कार्यक्रम में 7 स्थानों पर 3 करोड़ 48 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 6 करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। भूमिपूजन कार्यों में पीलिया खाल में 6 लाख रुपए की लागत से आंगनवाड़ी निर्माण, अर्जुन पल्टन मेन रोड पर 25 लाख रुपए से सीमेंट कंक्रीट सड़क, जनता कॉलोनी गली नंबर 2 एवं 4 में 18 लाख रुपए से ड्रेनेज लाइन, 2 करोड़ रुपए से स्मार्ट सिटी नर्मदा पानी संपवेल, नीलकंठ कॉलोनी में 23 लाख रुपए से सामुदायिक भवन, जनता कॉलोनी व कंडलीपुरा में 60 लाख रुपए से रिटेनिंग वॉल, तथा छत्रपति नगर में 16 लाख रुपए से सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण शामिल रहे। लोकार्पण कार्यों में जनता कॉलोनी, कंडलीपुरा, नीलकंठ कॉलोनी, छत्रपति नगर, राधा नगर, बालदा, अग्रसेन नगर, महावीर बाग, रामगंज जिंसी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट सड़क, ड्रेनेज लाइन, उद्यान, योगशाला, पेवर ब्लॉक, स्कूल निर्माण और संजीवनी क्लिनिक सहित अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
अब AI बताएगा मौत की असली वजह, ICMR ने बनाया नया सिस्टम

Last Updated:April 04, 2026, 22:34 IST AI In Health: अस्पताल में अब किसी मृतक की जानकारी पूरी न होने पर उसके मौत के कारण को लेकर सिर्फ अंदाजा नहीं लगाया जाएगा. ICMR के नए सिस्टम की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल असली कारण को पता लगाने के लिए किया जाएगा. ख़बरें फटाफट अस्पताल में अब मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा. दरअसल, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) एक नया सिस्टम तैयार कर रहा है, जो अस्पतालों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करके मौत की सही वजह बताएगा. इस प्रोजेक्ट में देशभर के मेडिकल कॉलेज, रिसर्च संस्थान और विश्वविद्यालय मिलकर काम करेंगे. फोरेंसिक विशेषज्ञ भी अपना डेटा साझा करेंगे, ताकि एक मजबूत और भरोसेमंद सिस्टम बनाया जा सके. इस सिस्टम की खास बात यह होगी कि यह अस्पतालों के क्लिनिकल रिकॉर्ड को ध्यान से जांचेगा और मौत के असली कारण को पहचानकर एक तय फॉर्मेट में बताएगा. इससे अलग-अलग बीमारियों से होने वाली मौतों का सही डेटा मिलेगा. यह जानकारी सरकार को बेहतर हेल्थ पॉलिसी और योजनाएं बनाने में मदद करेगी. इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी चेन्नई का राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (NIR) करेगा. ICMR ने उन संस्थानों से आवेदन भी मांगे हैं, जिन्हें AI, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और हेल्थ डेटा एनालिटिक्स का अनुभव है. AI करेगा मददहेल्थ के क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन एआई का उपयोग बढ़ता जा रहा है. साथ ही इसके अच्छे परिणामों के कारण इसे उन कामों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है, जो इंसानों के समझ से ज्यादा पेचीदा है. अभी समस्या यह है कि कई मामलों में मौत की सही वजह दर्ज नहीं हो पाती. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विशेषज्ञों के अनुसार, अधूरी या सामान्य जानकारी के कारण बीमारियों के असली ट्रेंड सामने नहीं आ पाते. असली वजह का लगाएगा पताAI उन मामलों में मौत की वजह का पता लगाने में सफल हो सकता है, जब डॉक्टर के पास मृतक की जानकारी पूरी नहीं होती है. उदाहरण के लिए कई बार किसी व्यक्ति की मौत गर्मी या किसी अन्य कारण से होती है, लेकिन रिकॉर्ड में उसे हार्ट अटैक या पुरानी बीमारी बता दिया जाता है. इससे असली कारण छिप जाता है और सही डेटा नहीं मिल पाता. अब उम्मीद है कि AI की मदद से यह समस्या दूर होगी. इससे मौत के कारणों का सटीक डेटा सामने आएगा, जिससे इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी नीतियों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 22:34 IST
‘दक्षिण भारत में नहीं होगी कोई कटौती’, पीएम मोदी ने किया बड़ा खंडन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 अप्रैल 2026) को कहा था कि दक्षिण भारतीय राज्यों में लोकसभा की सीटों की संख्या कम नहीं करने की मंशा है और देश भर के राज्यों को लाभ के लिए सीटों की कुल संख्या शामिल की जाएगी। पीएम मोदी ने एक रैली की रैली को संबोधित करते हुए कहा कि संसद का सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बढ़ाया गया है, ताकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत नग्नता सुनिश्चित करने वाले कानून में संशोधन जारी किया जा सके। दक्षिण भारत में विपक्ष की कमी नहीं होगी: पीएम मोदी पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संसद का वर्तमान सत्र सत्र गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को ही शुरू हुआ था, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। समाजवादी और समाजवादी पार्टी की 16 अप्रैल से तीन दिवसीय बैठक होगी और महिला नटखट को लागू करने के लिए लोकसभा में सीट की संख्या 543 से 816 करने सहित कई भिक्षुओं पर विचार किया जाएगा। मोदी ने कहा कि इस विस्तार से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि जनमत संग्रह में सफलता के बावजूद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीट संख्या में कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘ये चंचल अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि दक्षिण भारतीय राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण सीटों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से सत्य है।’ संसद यह सुनिश्चित करने के लिए कदम मजबूत करेगी कि उनकी सीट पूरी तरह से सुरक्षित रहे। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोआ और तेलंगाना जैसे राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में अच्छा काम किया है। उनकी जनसंख्या की कोई सीट कम नहीं होनी चाहिए।’ कांग्रेस पर लगाया था आरोप मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस ने संसदीय दल के मुद्दे पर गठबंधन बनाया है और तर्क दिया है कि जनसंख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने वाले दक्षिण भारत के राज्यों को उनके संसदीय क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी विचारधारा वाले समाजवादी रमेश ने हाल ही में कहा था कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संसदीय सीटों की संख्या में बहुत बड़ी कमी हो सकती है। हमारी सरकार ने महिला की नग्नता को उजागर किया: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है और उन्होंने समाज से वकालत का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने लोकसभा और राज्यों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है. संसद में 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विचार किया गया और उसे आगे बढ़ाने के लिए फिर से बैठक की गई। हमारा लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित है।’ उन्होंने सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केन्द्रित किया। उन्होंने कहा, ‘इन्डाए की कंपनियों की सबसे बड़ी महिलाएँ हैं। महिला दलितकरण और प्रतिनिधि संस्थाएँ हैं। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान पर काम किया है। ‘हमने हर घर में शौचालय बनवाए, जन धन खरीदे और महिलाओं के नाम पर मकान बनाए।’ Input By : pl भाषा
पिता की मौत के बाद बेटे ने लगाई फांसी:छतरपुर में मामूली विवाद के बाद परिवार में दो मौतें

छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा क्षेत्र के बमनोरा थाना इलाके के ग्राम मबई में पिता और बेटे ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से असाटी परिवार में दो लोगों की जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह रामप्रसाद असाटी (50) और उनके बेटे शिवम असाटी (22) के बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इसके बाद रामप्रसाद खेत पर गए और जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले उन्हें शाहगढ़ अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें सागर जिला अस्पताल भेजा गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। रामप्रसाद का पोस्टमार्टम बंडा थाना क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ और शुक्रवार शाम को गांव मबई में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा शिवम बंडा से गायब हो गया। परिवार और पुलिस ने पूरी रात उसकी तलाश की। पेड़ से लटका मिला बेटे का शव शनिवार सुबह बंडा नगर के पास एक अमरूद के पेड़ पर शिवम का शव लटका मिला। उसने अपना और अपने पिता का मोबाइल नीचे रख दिया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिवार को सौंप दिया। शनिवार को छोटे भाई अनुराग असाटी ने शिवम का अंतिम संस्कार किया। इस घटना के बाद परिवार में मृतक की पत्नी, मां छोटी बाई, बहू ललिता असाटी, एक बहन और छोटा भाई अनुराग ही बचे हैं। अब तक विवाद को लेकर असल वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: गिरिराज सिंह ने कहा- बंगाल को बांग्लादेश का राज्य कहा जाता है

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीख निकटतम तिथि जा रही है, वैसे-वैसे राज्य की राजनीति को लेकर राजनीतिक घमासान भी जारी है। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी किया है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी किया है, इसलिए इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अविश्वास के लिए उर्दू भाषा के घोषणा पत्र को लेकर ममता बनर्जी पर यी और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरि सिंह ने यह कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. शरीया लैक से खिलौना है शोरूम: गिरिराज न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, बिहार की राजधानी पटना में शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी ने सिर्फ उर्दू में घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, बल्कि इसके पीछे का एक छुपा हुआ रहस्य भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रमुख शरिया कानून की स्थापना की गई है और पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश में एक सोची-समझी योजना के तहत काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य के लोगों, असावधान हिंदू समुदाय ने इस कथित वास्तविक चेहरे को अच्छे से पहचाना है। इस बार के चुनाव में पश्चिम बंगाल में जिओ या मरो की स्थिति बन गई है। आगे उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता इस बार विधानसभा चुनाव में एकजुटता के खिलाफ एकजुटता और ऐसे गठबंधन की भूमिका निभाएगी। जनता के सवालों का जवाब नहीं, ममता बनर्जीः गिरिराज रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि अपने 15 साल के कार्यकाल में ममता बनर्जी ने सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति की और जनता के सामने किसी भी गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा और बेरोजगारी से जुड़े मामलों पर न तो बातें करती हैं और न ही कभी जवाब देती हैं। यह भी पढ़ें: स्टालिन की DMK, विजय थलपति की TVK या AIADMK… तमिलनाडु में किस पार्टी को मिलेगा बहुमत? सर्वे के आंकड़े ने चौंकाया
भोपाल का न्यू मार्केट होगा आइडियल बिजनेस जोन:विधायक ने व्यापारियों के साथ बैठक की; पार्किंग, अतिक्रमण-सौंदर्यीकरण पर चर्चा

भोपाल का न्यू मार्केट आइडियल बिजनेस जोन बनेगा। शनिवार को दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी की मौजूदगी में हुई बैठक में पार्किंग, पिंक पार्किंग, अतिक्रमण, सौंदर्यीकरण समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। न्यू मार्केट व्यापार संरक्षण समिति (रजि) के पदाधिकारियों और व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सबनानी से मुलाकात की। उन्होंने न्यू मार्केट आइडियल बिजनेस जोन के लिए विभिन्न विषयों पर बैठक कर सकारात्मक चर्चा की। समिति अध्यक्ष सतीश गंगराड़े, सचिव पवन वरदानी, उपाध्यक्ष अजय देवनानी, प्रदीप गुप्ता सहित मार्केट के वरिष्ठ एवं युवा व्यापारी मौजूद थे। इन विषयों पर चर्चा की बैठक में विधायक सबनानी ने तत्काल जिला प्रशासन एवं निगम को न्यू मार्केट के सरोउंडिंग टू व्हीलर पार्किंग(रंगमहल से डॉ.प्रसाद तक) प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों पिंक पार्किंग को जल्द शुरू करने को कहा। समिति सदस्यों ने विधायक से स्थल निरीक्षण कर फोर व्हीलर पिंक पार्किंग के साथ ही मार्केट में अन्य स्थानों पर भी पार्किंग के लिए स्थल का निरीक्षण करने का आग्रह किया। तय चर्चा में समिति न्यू मार्केट के व्यापारी एवं रहवासियों से आग्रह कर उनके वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में ही रियायती पास बनकर पार्क हो, ऐसा अभियान प्रारंभ कर मार्केट की पार्किंग को जिला प्रशासन के साथ मिलकर सुव्यवस्थित करेगी। अतिक्रमण हटाया जाएगा न्यू मार्केट को पूर्णतः नो हॉकर्स जोन बनाया जाएगा। इसलिए यहां स्थायी अतिक्रमण विरोधी टीम तैनात होगी। प्रशासन द्वारा रेखांकित पीली लाइन के अंदर स्थायी व्यापारी का सामान रहेगा। हॉकर्स को स्मार्ट सिटी हाट बाजार के पास शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, रविवार से तीन दिन तक अनाउंसमेंट होगा। इसके बाद के बाद प्रारंभ होगी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सौंदर्यीकरण को लेकर काम होंगे। न्यू मार्केट पिंक पार्किंग स्क्वायर(गणेश चौक) एसबी आई चौराहे तक के इलाके को सुंदर बनाएंगे। यहां पर आवागमन के लिए रास्ता खोलकर स्मार्ट बुलेवर्ड गेट का निर्माण होगा। सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ पिक एंड ड्राप पॉइंट का भी निर्माण होगा। मार्केट स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के नवनिर्माण के साथ सुव्यवस्थित होगा। श्री हनुमान मंदिर से क्वालिटी जाने वाली सड़कों पर डेमेज टाइल्स की जगह नई टाइल्स लगेगी एवं क्वालिटी के पीछे रहवासी क्षेत्र में सड़क का निर्माण होगा। 30 साल की किराएदारी बाबत अनुबंध बैठक में समिति ने विधायक को न्यू मार्केट के किराएदारी अनुबंध की विसंगतियों के बारे में अवगत कराया। इस पर विधायक ने आश्वस्त किया कि न्यू मार्केट व्यापार संरक्षण समिति की मांग अनुरूप शीघ्र किराएदारी अनुबंध पहले की भांति 30 वर्ष करने के लिए हर स्तर पर चर्चा की जा रही है। बैठक में पार्षद आरती अनेजा,जोनल अधिकारी मोहन जाट,अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया, डीएसपी ट्रैफिक अजय वाजपेयी समेत न्यू मार्केट के व्यापारी प्रकाश राठौर,चंदीराम तख्तानी,राजकुमार जैन,रजत साहू,अंकुर बजाज,अंशुल अग्रवाल,भरत चौरसिया, राम आडवाणी भी मौजूद थे।
जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…








