मोदी ने चुनावी रैली में फिल्मों का जिक्र किया:बोले- विपक्ष ने 'धुरंधर', 'कश्मीर फाइल्स' और 'केरल स्टोरी' को झूठ बताया, उनका यही काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में आयोजित एनडीए की रैली में फिल्म धुरंधर, द केरल स्टोरी और द कश्मीर फाइल्स का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस, UDF-LDF का हर चीज में झूठ बोलने का स्वभाव बन गया है। जब हम नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लाए तो इन्होंने झूठ बोला, आज CAA लागू हुआ, देश को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ‘द केरलम स्टोरी’ यह झूठ है, उन्होंने कहा ‘द कश्मीर फाइल्स’ यह झूठ है, उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर’ भी एक झूठ है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन दिनों वे फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी ऐसा झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में दशकों से UCC है, लेकिन वे इसके बारे में भी गलत बातें फैला रहे हैं। ये झूठ फैलाने का कारोबार लेकर बैठे हुए हैं।’ फिल्म धुरंधर आदित्य धर की फिल्म है, जो दो भागों में रिलीज हुई। इसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 1999 के कंधार हाईजैक और 26/11 जैसे वास्तविक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रेरित है। फिल्म का पहला भाग 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुआ था, जबकि इसका दूसरा पार्ट हाल ही में 19 मार्च 2026 को रिलीज हुआ। डायरेक्टर सुदीप्तो सेन की फिल्म द केरल स्टोरी (2023) उन लड़कियों की कहानी पर केंद्रित है, जिन्हें कट्टरपंथी बनाकर ISIS में शामिल होने के लिए उकसाया गया था। फिल्म में अदा शर्मा मुख्य भूमिका में थीं। इस फिल्म का सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियोंड’ भी फरवरी 2026 में रिलीज हुआ। वहीं, विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित 2022 की फिल्म द कश्मीर फाइल्स 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन की घटनाओं को दर्शाती है। इसमें अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकार थे।
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 5 रिकॉर्ड्स की सूची जारी की है, जिसमें 3 तिमाही में वैकल्पिक उम्मीदवार शामिल हैं

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वोट डालने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। राजनीतिक दल ज़ोर-शोर से प्रचार में कैथोलिक बने हुए हैं। इसी बीच बीजेपी ने बेरोजगारी की पांचवी लिस्ट जारी कर दी है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 5 जनवरी 2019 को 5 जनवरी 2019 को एक नया पोस्टर जारी किया था। साथ ही पार्टी ने ऑर्केस्ट्रा के लिए तीन रेज़्यूमे की सूची जारी की है। टिकटें किसने दी? बीजेपी की ओर से जारी की गई ग्राहम की लिस्ट के अनुसार, कल्याणी से अनुपम बिस्वास, दम दम उत्तर से सुरव सिकंदर, मध्यमग्राम से अनिंद्रद्य राइडोनिया और उलुबेरिया पूर्व से रुद्रप्रसाद इब्राहिम चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने तीन विधानसभाओं की निजीकरण सूची जारी की है। अब विष्णु सिद्धार्थ को बशीरहाट उत्तर से, अभिजीत सरदार को बेहाला पूर्व से और शंकर सिकंदर को बेहाला पूर्व से संयुक्त राज्य अमेरिका बनाया गया है। 292 सचिवालय पर घोषित बेचान? बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर अपने कब्जे के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने पहली सूची में 144 युवाओं की सूची जारी की थी। वहीं दूसरी सूची में 111 और तीसरी सूची में 19 और चौथी सूची में 13 नॉर्वेजियन के नाम शामिल थे। पीएम मोदी की रैली आज पश्चिम बंगाल में स्थिर प्रतिस्पर्धा सत्य पर स्थिर उद्योग और बीजेपी के बीच रहने के आसार दिख रहे हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरे देश में बीजेपी के बड़े नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को बंगाल के कूज बिहार में रैली को बताएंगे। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मोदी की ये पहली रैली होगी। बीजेपी के लिए बिहार का विशेष महत्व है क्योंकि 2021 में बीजेपी ने वहां 9 से 8 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग बता दें कि चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाला जाएगा. पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है।
पुरुषों को 30 की उम्र से ही हार्ट डिजीज का खतरा ! युवा बिल्कुल नजरअंदाज न करें ये 5 सबसे बड़े कारण

Last Updated:April 05, 2026, 08:15 IST Heart Disease Risk in Men: एक नई रिसर्च में पता चला है कि पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा 35 साल की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगता है. यह समस्या बिना लक्षण के शुरू होती है, इसलिए साइलेंट किलर का काम कर सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरुषों को 30 की उम्र से ही नियमित हार्ट चेकअप कराना चाहिए. युवाओं में हार्ट डिजीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है. Heart Disease in Young Age: अधिकतर लोगों को लगता है कि हार्ट डिजीज का खतरा 40-50 की उम्र के बाद ज्यादा होता है, लेकिन एक नई स्टडी के अनुसार बड़ी संख्या में पुरुषों में 30 की उम्र से ही हार्ट डिजीज डेवलप होने लगती है. धीरे-धीरे यह बीमारी बढ़ती रहती है और लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं. जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित रिसर्च की मानें तो पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा 35 साल की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगता है. यह खतरा बिना लक्षण के पैदा हो जाता है, जिससे समय रहते इसकी पहचान नहीं हो पाती है. इसकी वजह से तमाम लोग अपनी जान गंवा देते हैं. इस स्टडी में 5000 से अधिक वयस्कों को 30 साल से ज्यादा समय तक ट्रैक किया गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि 35 साल के बाद पुरुषों और महिलाओं के बीच दिल की बीमारी के रिस्क में साफ अंतर दिखने लगता है. पुरुषों में यह रिस्क तेजी से बढ़ता है और मिडिल एज तक महिलाओं की तुलना में अधिक बना रहता है. पुरुषों में हार्ट डिजीज का खतरा महिलाओं की तुलना में लगभग 7 साल पहले 5% तक पहुंच जाता है. कोरोनरी हार्ट डिजीज के मामले में यह अंतर और भी ज्यादा गंभीर पाया गया. पुरुषों में इसका खतरा महिलाओं की तुलना में 10 साल पहले दिखाई देने लगता है, जो इस बात का संकेत है कि उनकी ब्लड वेसल्स में नुकसान जल्दी शुरू हो जाता है. यह अंतर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, स्मोकिंग, मोटापा और शारीरिक गतिविधि जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखने के बाद भी बना रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. भारतीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्थिति भारत में अत्यधिक गंभीर हो सकती है. AIIMS के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय ने TOI को बताया कि अब दिल की बीमारी को केवल मिडिल एज की समस्या मानना गलत है. भारत में रिस्क फैक्टर्स 30 की उम्र में ही दिखने लगते हैं, इसलिए डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच जल्दी शुरू करना जरूरी है. दक्षिण एशियाई लोगों में दिल की बीमारी का खतरा पश्चिमी देशों की तुलना में पहले सामने आता है. वहीं महिलाओं में यह जोखिम मेनोपॉज के बाद तेजी से बढ़ता है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है. इसलिए जरूरी है कि 30 की उम्र से ही नियमित जांच, सही जीवनशैली और जागरूकता पर ध्यान दिया जाए, ताकि दिल की बीमारियों से समय रहते बचाव किया जा सके. डॉक्टर्स साफ कहते हैं कि युवाओं को हार्ट डिजीज से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या कोई फिजिकल एक्टिविटी करें, संतुलित और हेल्दी आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट शामिल हों. जंक फूड, ज्यादा नमक और शुगर से दूरी बनाए रखें. धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से बचें, क्योंकि ये दिल के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. साथ ही तनाव को मैनेज करना, पर्याप्त नींद लेना और समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी जरूरी है. छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर युवा लंबे समय तक दिल को स्वस्थ रख सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 08:15 IST
‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 08:02 IST आप पंजाब के नेताओं ने सांसद राघव चड्ढा पर राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राज्य के प्रमुख मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया। चड्ढा 2012 में आप के गठन के बाद से ही इससे जुड़े हुए हैं। (फाइल छवि) आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर संसद में पंजाब की चिंताओं को पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठाने का आरोप लगाया और उनके दृष्टिकोण को पार्टी के मूल मूल्यों के साथ असंगत बताया। एक संयुक्त बयान में, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य इकाई के प्रमुख अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने गंभीर मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त किया। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा चुने जाने के बावजूद चड्ढा राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में विफल रहे। मंत्री ने कहा कि सांसद ने राज्य से संबंधित “एक भी संवेदनशील मुद्दा” नहीं उठाया। पीटीआई सूचना दी. चड्ढा की ‘निष्क्रियता’ पार्टी सिद्धांतों के विपरीत: आप उद्धृत की गई चिंताओं में ग्रामीण विकास निधि का लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया और 60,000 करोड़ रुपये के करीब जीएसटी से संबंधित घाटा शामिल था। नेताओं ने जीएसटी मुआवजे में कमी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण अंतराल और राज्य में पिछले साल की बाढ़ के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित बाढ़ राहत में 1,600 करोड़ रुपये जारी करने में केंद्र की देरी को भी चिह्नित किया। चड्ढा की चुप्पी को ”निराशाजनक” बताते हुए मंत्री चीमा ने कहा कि आप को उम्मीद थी कि राज्यसभा सांसद इन मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाएंगे और उनकी ”निष्क्रियता” पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को लगातार उठाना पार्टी की विचारधारा का केंद्र है। धालीवाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित निवासी खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि मुआवजे और राहत की उनकी मांगों को संसद में नहीं लाया गया। यह तब हुआ है जब आप ने बुधवार को चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया, जो पार्टी के भीतर आंतरिक दरार के संकेत देता है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने के फैसले की जानकारी दी। पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया इस कदम के कुछ घंटों बाद, राज्यसभा सांसद ने राज्यसभा में अपने तर्कों और हस्तक्षेपों का संकलन साझा करके परोक्ष प्रतिक्रिया जारी की। तीन मिनट के वीडियो में 37 वर्षीय नेता को वायु प्रदूषण और बढ़ते हवाई किराए से लेकर गिग श्रमिकों के अधिकारों और मोबाइल प्रीपेड योजनाओं की 28-दिन की वैधता सहित कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। इससे पहले शनिवार को आप सांसद ने पलटवार करते हुए आप नेतृत्व द्वारा उन पर लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। स्वाति मालीवाल के बाद वह आप के दूसरे राज्यसभा सांसद बन गए हैं, जिनका पार्टी नेतृत्व से मतभेद हो गया है। जगह : पंजाब, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 07:59 IST समाचार राजनीति ‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)पंजाब की चिंता संसद(टी)राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा(टी)आप आंतरिक दरार(टी)पंजाब जीएसटी बकाया(टी)बाढ़ राहत पंजाब(टी)अरविंद केजरीवाल नेतृत्व
बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं
ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस और घबराकर धमकियां दे रहा है। ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रम्प की चेतावनी को मूर्खतापूर्ण कार्रवाई बताया और इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की धमकियों का मतलब है कि “तुम्हारे लिए भी नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” इससे पहले ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प अब तक होर्मुज खोलने के लिए ईरान को तीन बार अल्टीमेटम दे चुके हैं, जिससे इस मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान बोला- बुशहर न्यूक्लियर साइट पर 4 बार हमला हुआ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने बुशहर न्यूक्लियर साइट पर चार बार हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट के पास हमले बेहद जोखिम भरे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चिंता दिखाई जाती है, वैसी संवेदनशीलता बुशेहर के मामले में नहीं दिख रही है। अराघची ने यह भी कहा कि पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले इस बात का संकेत हैं कि रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
क्रिकेट खेलते-खेलते 3 दोस्तों ने साफ कर दी नदी:पॉकेट मनी से ग्लव्स-जूते खरीदे, लोग मजाक उड़ाते तो भी जुटे रहते, अब देश–दुनिया में चर्चा

भोपाल से 119 किलोमीटर दूर ब्यावरा के 3 दोस्तों की इन दिनों देश-दुनिया में चर्चा है। 20 और 18-18 साल के तीनों दोस्त एक ही मोहल्ले में रहते हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर, जब लोग ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान कर रहे थे, तब इन्होंने अजनार नदी की सफाई का संकल्प लिया। तीनों को तैरना नहीं आता, फिर भी नदी में उतर गए। रोजमर्रा के काम की रील बनाकर अपलोड करने लगे। लोग ट्रोल करते और मजाक बनाते रहे, लेकिन ये हर दिन क्रिकेट खेलने का कहकर निकलते और नदी से गंदगी निकालते रहे। फरवरी-मार्च में परीक्षा के दौरान भी ये रोज सफाई करते रहे। नदी के एक घाट पर, जहां पहले कचरे का पहाड़ था, वहां अब इन्होंने पुताई कर दी है। वहां लोग घूमने आने लगे हैं। बीते दिनों मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इनके काम को सराहा, तो देश-दुनिया की नजर इन पर पड़ी। कुछ लोगों ने कहा कि ये सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए ऐसा कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ब्यावरा पहुंचा और असली तस्वीर समझी। बिट्टू ने दिया नदी सफाई का आइडिया भास्कर की टीम जब ब्यावरा पहुंची तो तीनों दोस्त एक स्कूटी पर सवार होकर नदी के घाट जाने की तैयारी कर रहे थे। अब ये शहर में फेमस चेहरे हो गए हैं। सबसे मुख्य किरदार है बिट्टू तबाही उर्फ सुरेंद्र चौधरी। दो अन्य किरदार हैं कृष्णा वर्मा और कृष्णा अग्रवाल। बातचीत की शुरूआत करते हुए कृष्णा ने बताया कि ये आयडिया बिट्टू का था। 26 जनवरी को बिट्टू ने कहा कि क्यों न हम कुछ ऐसा करें कि लोगों को लगे कि हमने कुछ बदलाव लाया है। हम यहां क्रिकेट खेलने आते थे। कई बार घाट पर बैठने का मन करता था लेकिन इतनी गंदगी होती थी कि बैठ नहीं पाते थे। उसके बाद से हम लोग अबतक 3 घाटों की सफाई कर चुके हैं। लोग मजाक उड़ाते थे लेकिन हम जुटे रहे कृष्णा की बात को आगे बढ़ाते हुए बिट्टू ने कहा कि हमने नदी सफाई की बात सोच तो ली, लेकिन दिक्कत ये थी हम तीनों को तैरना नहीं आता था। फिर भी हम पीछे नहीं हटे। हमने ग्लव्स, जूते और एक जाल का इंतजाम किया। फिर कचरा खींचने के लिए एक टूल बनवाया। 26 जनवरी के बाद एक दिन ऐसा नहीं गुजरा कि हम घाट पर न आएं हों। एक बार नदी में काम करते हुए मेरे पैरों पर सांप आ गया था। मेरे दोस्त कृष्णा ने मुझे बताया। वो तो अच्छा हुआ कि मैं बड़े जूते पहना हुआ था। पैसों का इंतजाम कैसे करते हो? इस सवाल पर बिट्टू ने कहा कि पॉकेट मनी को बचाकर अपने लिए हाथ में पहनने वाले दस्ताने, जूते और जाल खरीदते हैं। कई बार सोशल मीडिया पर भी हमें थोड़ी मदद मिली है। अब तक हम सफाई में अपने करीब 30 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं। हमें जब कोई काम करना है तो हम 15 दिन से उसके लिए पैसे जोड़ते हैं। ड्रम, पेंट और बाकी टूल पर अब तक 30 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं। स्किन इंफेक्शन हुआ, कई बार बुखार भी आया गंदगी के कारण तीनों लड़कों को हाथ-पैरों में स्किन इंफेक्शन भी हो गया है। वे कहते हैं कि कई बार बुखार भी आ जाता है। हमें भी पता है कि ये सब गंदे पानी में ज्यादा समय तक रहने के कारण ही हो रहा है। लेकिन एक बार यदि हम इसे साफ करने में आगे बढ़ गए तो शहर के लिए ये बहुत बड़ा काम हो जाएगा। बिट्टू कहता है नदी से जो कचरा निकला है, वो हमने फेंका नहीं है। घाट के पास ही इसे दबाकर रखा है। हम चाहते हैं कि इस कचरे को रीसाइकिल करके कहीं इस्तेमाल किया जा सके। आजकल तो सड़क बनाने में भी प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल हो रहा है। परीक्षाओं के दौरान भी काम करते रहे बिट्टू के दूसरे साथी कृष्णा वर्मा और कृष्णा अग्रवाल दोनों बारहवीं क्लास में पढ़ रहे थे। फरवरी-मार्च में उनकी परीक्षाएं भी थीं। हमने पूछा परीक्षाओं के दौरान कैसे काम किया? तो जवाब मिला कि इस दौरान भी रोजाना शाम को घाट पर आते थे। एक भी दिन हम इस काम से गैरहाजिर नहीं रहे। घर वालों को भी कभी नहीं बताया। घर वाले जब भी पूछते तो यही कहते कि थोड़ा रिलेक्स होने के लिए खेलने जा रहे हैं। मां-पिता से कहकर निकलते-क्रिकेट खेलने जा रहे हैं बिट्टू और कृष्णा कहते हैं कि वो बीते दो ढाई महीने से नदी की सफाई के रील सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड कर रहे हैं। लेकिन उनके माता–पिता सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करते। उन्हें कभी ये पता नहीं लगा कि वे क्या करते हैं? हम तो घर से यही कहकर निकलते हैं कि हम क्रिकेट खेलने जा रहे हैं। हां, बीते कुछ दिनों से जब से महिंद्रा जी ने हमारे काम की सोशल मीडिया पर तारीफ की है, तब से कई लोग हमसे अच्छे से बात करते हैं। कलेक्टर ने भी हमें बुलाकर सम्मान किया। स्थानीय विधायक ने भी हमें बुलाया है। प्रशासन भी अब इन घाटों पर जेसीबी से कचरा हटवाने में जुट गया है। 15 नाले, पूरे शहर का सीवरेज और कचरा भी इसी नदी में ब्यावरा शहर के बीचों बीच से बहने वाली ये नदी प्लास्टिक कचरे से अटी पड़ी है। जहां नजर डालो वहीं से सीवरेज मिलता दिख रहा है। इन लड़कों ने बीते दो महीने में नदी के 3 घाटों पर तस्वीर बदलने की कोशिश की है। इन्होंने घाट की सीढ़ियों की सफाई करके यहां पुताई की। घाटों पर कचरा न फेंके के पोस्टर लगाए वहीं घाट पर कचरा फेंकने के लिए दो ड्रम रखे। तीनों दोस्त रोज ड्रम का कचरा खाली करते हैं, लोगों से कहते हैं कचरा बाहर न फेंके। इनकी कोशिश के बाद अब सरकारी अमला भी एक्टिव होता दिख रहा है। नगर पालिका ब्यावरा के सीएमओ इकरार अहमद अपनी टीम के साथ ऐसे ही एक घाट पर पहुंचे थे। अहमद कहते हैं कि अजनार नदी का उद्गम स्थल यहां से 15 किलोमीटर दूर है। पूरे शहर का सीवरेज और छोटे-बड़े नालों की गंदगी नदी में मिलती है। सीवरेज को इसमें मिलने से रोकने
मोना ने गौरव को ‘धुरंधर’ का स्पॉइलर देने से रोका:शूटिंग के सेट पर समझाया कि फिल्म रिलीज से पहले जानकारी साझा करना गलत है

ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर वेब शो ‘मां का सम’ रिलीज हो चुका है। यह कहानी मां‑बेटे के रिश्ते को एक नए और मॉडर्न नजरिए से पेश करती है। इस शो में इमोशन, ह्यूमर और आज की जनरेशन की सोच का दिलचस्प मेल देखने को मिलता है, जहां एक बेटा अपनी सिंगल मदर के लिए सही लाइफ पार्टनर ढूंढने की कोशिश करता है। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में शो की स्टारकास्ट मोना सिंह और मिहिर आहूजा ने अपने किरदारों, शूटिंग के अनुभव, फिल्मी सफर और इस कहानी के जरिए समाज को दिए जा रहे महत्वपूर्ण संदेश पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान मोना सिंह ने फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया, जिसमें उन्होंने सेट पर ही एक्टर गौरव गेरा को स्पॉइलर देने से रोक दिया था। ‘मां का सम ’ की स्क्रिप्ट में ऐसा क्या खास था कि आपने तुरंत हां कह दी? मोना सिंह- मुझे इस शो की सबसे खास बात इसकी सोच लगी। आमतौर पर हम मां के किरदार को एक तय ढांचे में देखते हैं जहां वह सिर्फ अपने बच्चों के लिए जीती है। लेकिन इस कहानी में मां को एक इंसान की तरह दिखाया गया है, जिसकी अपनी इच्छाएं हैं, अपने सपने हैं और जो अपनी जिंदगी में दूसरा मौका डिजर्व करती है। यह बहुत रिफ्रेशिंग और प्रोग्रेसिव अप्रोच है। खासतौर पर सिंगल मदर्स के लिए यह बहुत जरूरी है कि उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक मिले। मुझे लगा कि यह शो लोगों की सोच बदल सकता है और इसी वजह से मैंने इसे तुरंत हां कह दी। शो में अपने किरदार ‘अगस्त्य’ के बारे में विस्तार से बताइए? मिहिर आहूजा- अगस्त्य एक बहुत ही होशियार और सेंसिटिव लड़का है, जो अपनी मां से बहुत प्यार करता है। वह चाहता है कि उसकी मां की जिंदगी में कोई कमी न रहे, खासकर उनकी पर्सनल लाइफ में। वह एक मैथ्स जीनियस है और हर चीज को लॉजिक और एल्गोरिदम के जरिए समझने की कोशिश करता है। इसी सोच के साथ वह अपनी मां के लिए डेट्स अरेंज करता है, ताकि वह एक परफेक्ट पार्टनर चुन सके। यह किरदार बहुत इंटरेस्टिंग है क्योंकि इसमें इमोशन और लॉजिक का अनोखा मेल देखने को मिलता है। शो में आपका किरदार डेटिंग ऐप के जरिए डेट्स पर जाता है। इस कॉन्सेप्ट को आप कैसे देखती हैं? मोना सिंह- शो में जो डेट्स दिखाई गई हैं, वे दरअसल उसके बेटे द्वारा अरेंज की गई हैं। उसका बेटा यह समझना चाहता है कि कौन सा इंसान उसकी मां के लिए सही रहेगा। यह पूरी प्रक्रिया बहुत दिलचस्प है क्योंकि इसमें एक तरह का एक्सपेरिमेंट भी है जैसे हम जिंदगी में अलग-अलग चीजें ट्राय करके सही विकल्प चुनते हैं। यहां भी वही हो रहा है, बस फर्क इतना है कि यह एक मां की लव लाइफ को लेकर है, जो हमारे समाज में अभी भी थोड़ा टैबू माना जाता है। मुझे लगता है कि यह पहल बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे लोग समझेंगे कि मां भी अपनी खुशी के बारे में सोच सकती है। शूटिंग के दौरान कोई ऐसा मजेदार किस्सा जो आपको आज भी याद हो? मोना सिंह- दिल्ली में शूट किया गया एक डेट सीन मेरे लिए बेहद यादगार और मजेदार रहा। उस सीन में लगातार फोन कॉल्स आ रहे थे कभी मेरी मां का, तो कभी सामने वाले लड़के की मां का।वह पूरा सिचुएशन इतना रियल और फनी बन गया था कि हम शूट करते-करते हंस पड़ते थे। सामने वाले एक्टर ने भी बहुत शानदार परफॉर्म किया, जिससे सीन और भी मजेदार हो गया। उस दौरान मुझे लगा कि असल जिंदगी में भी शायद लोगों के साथ ऐसी अजीब और मजेदार डेट्स होती होंगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म को आप अपने करियर के लिए कितना अहम मानती हैं? मोना सिंह- ओटीटी मेरे लिए एक बहुत बड़ा गेम चेंजर रहा है। मुझे ऐसा लगता है कि मुझे मेरी दूसरी पारी यहीं से मिली है। यहां कहानियां ज्यादा रियल और लेयर्ड होती हैं, खासकर महिला किरदारों के लिए। पहले जहां किरदारों को सिर्फ पॉजिटिव या नेगेटिव के दायरे में दिखाया जाता था, वहीं ओटीटी पर उन्हें पूरी गहराई और विस्तार के साथ पेश किया जाता है। अगर ओटीटी नहीं होता, तो शायद मुझे ऐसे रोल्स निभाने का मौका नहीं मिलता। ‘धुरंधर’ से जुड़ा एक स्पॉइलर वाला किस्सा भी चर्चा में रहा। उस बारे में बताइए? मोना सिंह- हम अमृतसर में शूट कर रहे थे, तभी गौरव गेरा मुझे धुरंधर फिल्म से जुड़ी तस्वीरें और कहानी बताने लगे। मैंने तुरंत उन्हें रोक दिया और कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। एक कहानी और किरदार को बनाने में बहुत मेहनत लगती है और हर कलाकार एक NDA से बंधा होता है। मैंने उन्हें समझाया कि रिलीज से पहले इस तरह की जानकारी साझा करना गलत है। यह प्रोफेशनल एथिक्स का भी हिस्सा है कि हम उस भरोसे को बनाए रखें। शूटिंग के दौरान सबसे बड़ा चैलेंज क्या रहा? मिहिर आहूजा- सबसे बड़ा चैलेंज मैथ्स से जुड़े सीन थे। मुझे उन्हें इस तरह से करना था कि दर्शकों को लगे कि मैं सच में एक मैथ्स एक्सपर्ट हूं। इसके लिए मुझे कई फॉर्मूलाज और एल्गोरिदम समझने पड़े और उनकी प्रैक्टिस करनी पड़ी। सेट पर हमें बाकायदा गाइड किया जाता था, ताकि हम अपने किरदार के साथ न्याय कर सकें। यह थोड़ा मुश्किल जरूर था, लेकिन सीखने का अच्छा अनुभव भी रहा। सेट पर जेन-जी रिलेशनशिप टर्म्स को लेकर कोई मजेदार अनुभव रहा? मोना सिंह- हां, यह काफी मजेदार था क्योंकि हम दोनों ही इन टर्म्स से ज्यादा वाकिफ नहीं थे। ‘सिचुएशनशिप’, ‘घोस्टिंग’, ‘ब्रेडक्रंबिंग’ जैसे शब्द हमारे लिए नए थे। सेट पर हमें इनके मतलब समझाए गए, जैसे किसी क्लास में पढ़ाया जाता है। यह अनुभव काफी दिलचस्प था और इससे यह भी समझ आया कि आज की जनरेशन किस तरह रिलेशनशिप को देखती है। एक आउटसाइडर होने के नाते बॉलीवुड में आपकी जर्नी कैसी रही? मिहिर आहूजा- शुरुआत में मेरे लिए सब कुछ नया था क्योंकि इंडस्ट्री में मेरा कोई बैकग्राउंड नहीं था। मुझे नहीं पता था कि ऑडिशन कहां होते हैं या किससे संपर्क करना चाहिए। मैंने खुद ही रास्ते ढूंढे, गूगल की मदद ली और
बटलर से वैभव-यशस्वी के कैच छूटे:अशोक ने 154 की स्पीड से गेंद फेंकी, बिश्नोई 200 टी-20 विकेट वाले यंगेस्ट इंडियन; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL 2026 के 9वें मैच में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को 6 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में RR ने 210 रन बनाए, जबकि GT 204 रन ही बना सकी। मैच के दौरान जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल के अहम कैच छूटे। वहीं, गुजरात के अशोक शर्मा ने 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी। दूसरी ओर, रवि बिश्नोई ने टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए और इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। RR Vs GT मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. साई सुदर्शन ने 42 इनिंग में 15वीं फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL में सिर्फ 42 पारियों में अपनी 15वीं फिफ्टी पूरी कर ली। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं और केवल क्रिस गेल (41 पारियां) उनसे आगे हैं। सुदर्शन ने शॉन मार्श (43) को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। 2. वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलीं। 3. अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी गुजरात के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी। इस सीजन में इससे पहले सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड एनरिक नॉर्त्या (150.9 किमी/घंटा) के नाम था। हालांकि, IPL इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड अभी भी शॉन टैट के नाम है, जिन्होंने 2011 में 157.71 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। 4. बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय बने रवि बिश्नोई ने गुजरात के ग्लेन फिलिप्स का विकेट लेते ही टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। उन्होंने यह उपलब्धि 25 साल 211 दिन की उम्र में हासिल की और इसी के साथ वह टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। उन्होंने यह मुकाम अपने करियर के 170वें टी-20 मैच में हासिल किया। बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले 19वें भारतीय गेंदबाज बने हैं, जबकि स्पिनर्स की लिस्ट में वह 9वें स्थान पर हैं। हालांकि, ओवरऑल टी-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड राशिद खान के नाम है, जिन्होंने यह उपलब्धि 23 साल 119 दिन की उम्र में हासिल की थी। यहां से टॉप-10 मोमेंट्स… 1. वैभव ने चौके से खाता खोला पारी की शुरुआत में ही वैभव सूर्यवंशी ने चौका लगाकर अपने पहले रन बनाए। मोहम्मद सिराज की लेग स्टंप पर डाली गई लेंथ गेंद को उन्होंने हल्के से ग्लांस करते हुए फाइन लेग की दिशा में चौके के लिए भेज दिया। 2. बटलर से वैभव और यशस्वी के कैच छूटे जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी ने यशस्वी जायसवाल का कैच छूट गया। अशोक शर्मा की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप की दिशा में गई। बटलर ने फुल लेंथ डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई और चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। इससे पहले यशस्वी जायसवाल को भी जीवनदान मिला था। सिराज की शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर यशस्वी ने फ्लिक खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद विकेटकीपर की ओर गई। बटलर ने दाईं ओर डाइव लगाई, लेकिन कैच पकड़ नहीं सके। 3. जायसवाल की चौके से फिफ्टी 12वें ओवर में यशस्वी जायसवाल ने चौके से अपना अर्धशतक पूरा किया। मोहम्मद सिराज की ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार ड्राइव खेला, जो सीधे चौके के लिए चला गया। 4. रियान ने पहली गेंद पर सिक्स लगाया रियान पराग ने अपनी पहली ही बॉल पर सिक्स लगा दिया। कगिसो रबाडा की फुल लेंथ गेंद, जो मिडिल और लेग स्टंप पर थी, उस पर पराग ने बॉटम हैंड का इस्तेमाल करते हुए डीप स्क्वायर लेग की दिशा में गेंद को सिक्स के लिए भेज दिया। 5. सिराज का डाइविंग कैच 16वें ओवर में शिमरन हेटमायर कैच आउट हो गए। ओवर की तीसरी बॉल अशोक शर्मा ने गुड लेंथ पर फेंकी। हेटमायर ने शॉट खेला, वे लॉन्ग ऑन पर मोहम्मद सिराज के हाथों कैच हो गए। सिराज ने डाइविंग कैच पकड़ा, हेटमायर ने 18 रन बनाए। 6. 15वें ओवर के बाद बॉल बदली गई मैच के दौरान 15वें ओवर के बाद गुजरात के कप्तान की मांग पर अंपायर्स ने गेंद को बदलने का फैसला लिया। यह नियम ओस के असर को कम करने के लिए लागू किया गया है, जिससे दूसरी पारी में गेंदबाजों को बेहतर ग्रिप मिल सके और मुकाबला संतुलित बना रहे। 7. सुदर्शन ने छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की 8वें ओवर की चौथी गेंद पर साई सुदर्शन ने रियान पराग के खिलाफ सिक्स लगाया। इसी के साथ उन्होंने 33 गेंद पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। वे 73 रन बनाकर कैच आउट हुए। 8. तेवतिया का रिवर्स में सिक्स राहुल तेवतिया ने 15वें ओवर में रिवर्स शॉट पर सिक्स लगा दिया। रवि बिश्नोई की गेंद पर उन्होंने अपना स्टांस बदलते हुए शॉट खेला। तेवतिया ने फुल लेंथ बॉल को डीप बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से सिक्स लगा दिया। 9. जडेजा के थ्रो से शाहरुख रनआउट 15वें ओवर में रवींद्र जडेजा की शानदार फील्डिंग ने शाहरुख खान को रनआउट करा दिया। रवि बिश्नोई की फ्लाइटेड गेंद पर राशिद खान ने शॉट खेलकर दो रन पूरे किए और तीसरे रन के लिए कॉल किया। लॉन्ग फील्ड से जडेजा तेजी से गेंद तक पहुंचे, बाउंड्री के पास शानदार स्टॉप किया और तुरंत स्ट्राइकर एंड पर सटीक थ्रो फेंका। ध्रुव जुरेल ने गिल्लियां बिखेर दीं, जबकि शाहरुख क्रीज से काफी दूर रह गए। 10.
हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

23 फरवरी को एक नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस एफआईआर करने में नानुकुर करती रही। थाने पहुंचे पीड़िता के चाचा को पीट भी दिया। बाद में एफआईआर दर्ज हुई तो अपहरण के मामले में भी अज्ञात आरोपित बता दिए गए, जबकि किशोरी के परिवार वाले आरोपितों का नाम पुलिस को बताते रहे। बालिका के पिता ने हाई कोर्ट की शरण ली। मजदूर पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर शनिवार को छुट्टी के बाद भी सुनवाई की गई। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मामले की न केवल अवकाश के दिन सुनवाई की, बल्कि पुलिस को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश जारी किया कि पुलिस बालिका के साथ तमाम आरोपितों को भी कोर्ट में 6 अप्रैल को पेश करे। महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग का दबंगों द्वारा अपहरण करने की शिकायत मजदूर पिता ने की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन पहले दबंगों का नाम गायब किया। महीनेभर में भी बालिका को तलाशने की कोई कोशिश नहीं की। पीड़िता के पिता के अनुसार पवन सिंह उसे उठाकर ले गया है। बालिका की उम्र 17 साल 3 माह है और वह पवन सिंह के कब्जे में है। एफआईआर में नाम न होने पर नाराजगी पीड़िता के पिता ने अभिभाषक शुभम मांडिल और गौरव गुप्ता के जरिए हाई कोर्ट के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कोर्ट में इस दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी सरकार की ओर से उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नामजद एफआईआर नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई। साथ ही सरकार को निर्देश जारी किए कि सोमवार को पुलिस नाबालिग, जो कि पवन सिंह की अवैध हिरासत में है, उसे किसी भी हालत में कोर्ट के समक्ष पेश करे। कोर्ट के आदेश के बाद बदला पुलिस का रवैया डेढ़ माह पहले अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर कराने वाले पिता से पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली थी। वहीं शनिवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होने और हाई कोर्ट से आदेश के तुरंत बाद पुलिस का रवैया बदल गया। 6 अप्रैल को बालिका को कोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश होने की बात सामने आते ही बडगोंदा पुलिस तुरंत पीड़िता के घर पहुंच गई और उसके परिवारजनों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश करती रही।








