कुबेरेश्वरधाम में नववर्ष पर पांच क्विंटल घी खिचड़ी का भोग:हजारों श्रद्धालुओं ने शिव-शक्ति आराधना कर प्रसादी ग्रहण की; रुद्राक्ष वितरण भी हुआ

गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष के अवसर पर सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिव और शक्ति की आराधना की। पांच क्विंटल से अधिक शुद्ध घी की खिचड़ी का भोग लगाकर प्रसादी का वितरण किया गया। यह आयोजन हर साल की तरह इस वर्ष भी किया गया। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर पांच क्विंटल से अधिक शुद्ध घी की खिचड़ी का भोग लगाया गया। हजारों श्रद्धालु धाम पर पहुंच रहे धाम पर निशुल्क रुद्राक्ष का वितरण भी लगातार जारी है। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की वितरण व्यवस्था संभाली। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु धाम पर आते हैं। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन, पेयजल और रुद्राक्ष वितरण की व्यवस्था की गई है। गुरुवार को गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष के अवसर पर सुबह शिव और शक्ति की विशेष आराधना की गई। इस दिन पांच क्विंटल शुद्ध घी की खिचड़ी, तीन क्विंटल मीठा भात के अलावा रोटी और सब्जी भी श्रद्धालुओं को वितरित की गई।
विदिशा में महिला ने खाया जहर:मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत, चार बच्चों की मां थी

विदिशा के त्योंदा थाना क्षेत्र के ग्राम घटेरा में 30 वर्षीय महिला शकुन रैकवार ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे विदिशा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला अपने पीछे चार छोटे बच्चे छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, शकुन रैकवार ने बुधवार शाम को जहरीला पदार्थ खाया था। घटना के समय उसका पति राजकुमार काम पर गया हुआ था। घर लौटने पर बच्चों ने बताया कि मां ने कुछ खा लिया है, जिसके बाद वह तुरंत पत्नी को अस्पताल लेकर गया। अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर पहले शकुन को त्योंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई। चार बच्चों की मां थी मृतका शकुन रैकवार अपने पीछे चार छोटे बच्चे छोड़ गई हैं, जिनमें एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है। परिजनों का कहना है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। त्योंदा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
हरदा में एक तिथि एक त्योहार कैलेंडर जारी:भ्रम दूर करने स्थानीय गणना से तिथियां तय, ज्योतिष परिषद ने सर्वसम्मति से किया विमोचन

हरदा में गुड़ी पड़वा के अवसर पर ‘एक तिथि एक त्योहार’ कैलेंडर का विमोचन किया गया। यह कैलेंडर त्योहारों की तिथियों को लेकर होने वाले असमंजस को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के आह्वान पर जिला ज्योतिष परिषद ने ज्योतिष विद्वानों और पंडितों की बैठक आयोजित कर स्थानीय गणना के आधार पर सर्वसम्मति से इसे अंतिम रूप दिया था। चैत्र प्रतिपदा और हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को परशुराम चौक पर पूजन के बाद इसका विमोचन हुआ। इस अवसर पर पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि प्रत्येक शहर अपने अक्षांश और देशांश पर स्थित होता है, जिससे पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में सूर्योदय के समय में अंतर आता है। इसके कारण पंचांगों में गणना के अनुसार तिथियों में भिन्नता पाई जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न पंचांगों का निर्माण अलग-अलग सिद्धांतों पर होता है। धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथि मानना उचित पंडित व्यास ने जोर देकर कहा कि तिथियों का निर्धारण स्थानीय विद्वान पंडितों द्वारा ही किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, नासा और गूगल द्वारा बताई गई तिथियों के बजाय धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथियों को मानना अधिक उचित है। कैलेंडर विमोचन कार्यक्रम में सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष आचार्य पंडित ओमप्रकाश पुरोहित, चंद्रकांत शुक्ला, वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मीनारायण बादर (मुन्ना बादर), उपाध्यक्ष रोहित तिवारी, नगर अध्यक्ष दीपक शुक्ला, युवा इकाई अध्यक्ष विवेक बादर, सुदीप मंडलोई, सचिव नवीन शर्मा, प्रतीक शर्मा, दीपक चौबे और शशिभूषण जोशी सहित कई समाजजन उपस्थित थे। सर्व सहमति से तिथियां तय की गईं पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि वर्ष में आने वाली दो-दो तिथियों की स्थिति में सर्वसम्मति से कुछ प्रमुख त्योहारों की तिथियां तय की गई हैं। इसके अनुसार, 27 मार्च को रामनवमी, 28 अगस्त को रक्षाबंधन, 20 अक्टूबर को दशहरा, 8 नवंबर को दीपावली और 21 मार्च को होलिका दहन मनाना उचित होगा।
पश्चिम बंगाल के सिविक वॉलंटियर्स का समाचार! ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले किया ये बड़ा ऐलान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सिविक वॉलंटियर्स के लिए बड़े समाचार की घोषणा की है। ममता सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के सिविक वालंटियर्स को एड-हॉक बोनस देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के अंतर्गत ग्रामीण सिविक वालंटियर्स के साथ-साथ ग्रामीण पुलिस वालंटियर्स को भी इस लाभ में शामिल किया गया है। सरकार ने जारी किया आधिकारिक आदेश पश्चिम बंगाल के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की ओर से इस संबंध में गुरुवार (19 मार्च, 2026) को आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के अंतर्गत काम करने वाले सभी सिविक वालंटियर्स और विलेज पुलिस वालंटियर्स को इस साल 2025-26 में 7,400 रुपये प्रति व्यक्ति एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। सबसे पहले 80% बोनसाई? जारी आदेश में बताया गया है कि साल 2024-25 के लिए इन वालंटियर्स को प्रति वर्ष 6,800 रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन अब राज्य के वित्त विभाग (ऑडिट शाखा) ने इसमें संशोधन करते हुए साल 2025-26 के लिए प्रति वर्ष 7,400 रुपये कर दिया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद का निर्णय आदेश में आगे बताया गया है कि इस मामले पर विचार करने के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने सिविक वालंटियर्स और विलेज पुलिस वालंटियर्स को यह एड हॉक लोन की मंजूरी दे दी है। यह राशि लाभुकों को एकमुश्त देगी। किन्हें मिलेगा लाभ? राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस के सिविक वालंटियर्स, कोलकाता पुलिस के सिविक वालंटियर्स और पश्चिम बंगाल पुलिस के अधीनस्थ आने वाले विलेज पुलिस वालंटियर्स को लाभ दिया जाएगा। सर्वसुविधायुक्त प्रक्रिया के पीछे क्या है निर्णय? इस ऑर्डर में यह बात स्पष्ट कर दी गई है कि एड हॉक बॅन की राइस से संबंधित जारी की जाएगी। यह निर्णय वित्त विभाग के 27 फरवरी, 2026 के मेमो के तहत लागू किया गया है और इसके बारे में राज्य के पंजीकृत जनरल (ए एंड ई) को भी सूचित किया गया है। यह भी पढ़ेंः आईएएस रवि मित्तल: छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस रवि मित्तल को पीएमओ में मिली बड़ी जिम्मेदारी, अब संभालेंगे ये खास पद (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)कोलकाता
क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अमृतसर में टेका मत्था:टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद आए, मां के साथ धार्मिक स्थलों के किए दर्शन

भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद वीरवार को अपने गृह जिले अमृतसर पहुंचे। उन्होंने अपनी मां के साथ विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। अभिषेक शर्मा ने सबसे पहले श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) और शहीद साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका। उन्होंने देश और समाज की खुशहाली के लिए अरदास की और अपनी सफलता के लिए वाहेगुरु का धन्यवाद किया। श्री बड़ा हनुमान मंदिर में भी लिया आशीर्वाद इसके बाद, उन्होंने श्री बड़ा हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उनकी मां भी उनके साथ थीं। जानकारी के अनुसार, अभिषेक शर्मा बीती देर शाम अमृतसर पहुंचे थे। वे एयरपोर्ट से सीधे धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हो गए और बिना किसी औपचारिकता के सादगी से अपना कार्यक्रम पूरा किया। आईपीएल की शुरुआत से पहले आए गुरुनगरी, प्रशंसकों में दिखा काफी उत्साह यह उल्लेखनीय है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत कुछ ही दिनों में होने वाली है। अभिषेक शर्मा ने आगामी मुकाबलों से पहले ईश्वर का आशीर्वाद लेकर अपने नए सफर की शुरुआत की है। दर्शन करने के बाद अभिषेक शर्मा उसी रात अमृतसर से रवाना हो गए। उनके इस संक्षिप्त दौरे को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह देखा गया। श्री माता वैष्णो देवी के भी कर चुके हैं दर्शन गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत के बाद जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा में त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित श्री माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर के दर्शन कर पूजा पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान वह सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए थे। वह दिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने के लिए भवन पहुंचे थे। युवा बल्लेबाज ने मंदिर पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया और देश की खुशहाली एवं टीम की आगे की सफलता के लिए प्रार्थना की।
टैगोर पार्क में कंटूर खोदकर मंत्री-अफसरों ने श्रमदान किया:खंडवा में मंत्री विजय शाह ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का शुभारंभ किया

खंडवा जिले में गुरुवार को तीसरे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला स्तरीय कार्यक्रम शहर के टैगोर पार्क में आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए जल ग्रहण संरचना निर्माण के लिए श्रमदान किया। कार्यक्रम में महापौर अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेडे, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा और नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। साढ़े तीन महीने चलेगा अभियान मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल स्रोतों और नदियों के किनारे की जा रही है। यह अभियान करीब साढ़े तीन महीने तक चलेगा और इसका समापन 30 जून को होगा। 18 विभाग मिलकर करेंगे काम कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जानकारी दी कि इस अभियान में सरकार के कुल 18 विभाग शामिल रहेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग और नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को सह-नोडल विभाग बनाया गया है। अभियान के तहत जल संरक्षण, संवर्धन और संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर रहेगा। विक्रमोत्सव में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ नाट्य मंचन गुड़ी पड़वा के अवसर पर विक्रमोत्सव-2026 के तहत स्थानीय किशोर कुमार सभागृह में ‘सूर्य उपासना’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. विजय शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्म ध्वज वंदन से हुई। इसके बाद ‘नट निमाड़’ कला समूह ने श्री विजय सोनी के निर्देशन में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ नाट्य का मंचन किया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
टटीरी सॉन्ग विवाद में बादशाह को हाईकोर्ट से राहत:गिरफ्तारी पर रोक लगाई, हरियाणा महिला आयोग बोला- पेश हो जाता तो, ये नौबत न आती

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ‘टटीरी सॉन्ग’ विवाद में फंसे सिंगर बादशाह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने शर्त रखी कि बादशाह को खुद जांच में सहयोग करना होगा। HSCW (हरियाणा राज्य महिला आयोग) ने 13 मार्च को पानीपत में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके बाद गुरुवार को सिंगर को हाईकोर्ट से राहत मिली। दैनिक भास्कर एप से बात करते हुए आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने कहा… हम भी यहीं चाहते थे कि बादशाह जांच में शामिल हो। नोटिस के बाद सिंगर मीटिंग में आते तो ये नौबत नहीं आती। बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद पंचकूला पुलिस ने सॉन्ग को यूट्यूब से हटवा दिया। जींद में 2 व पंचकूला में एक एफआईआर दर्ज हुई। अब जानिए सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों… आयोग के सामने पेश न होने पर गिरफ्तारी के आदेश 13 मार्च हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष ने सिंगर को पानीपत में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। उनके वकीलों ने दलील दी कि बादशाह सिक्योरिटी रीजन और प्रोफेशनल कमिटमेंट की वजह से पेश नहीं हो सके। इसके बाद चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने पंचकूला और पानीपत SP को बादशाह की गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्ती के निर्देश दिए थे। 2 पॉइंट में सॉन्ग के बारे में जानिए… सिमरन ने तीन साल पहले गाया: टटीरी सॉन्ग में फीमेल वोकल देने वाली 20 वर्षीय सिमरन जागलान कैथल जिले के पट्टी अफगान गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता कर्मबीर फौजी भी हरियाणवी सिंगर हैं। सिमरन ने करीब तीन साल पहले टटीरी सॉन्ग गाया था। बादशाह को उनकी ट्रेडिशनल स्टाइल में गाई हुई आवाज पसंद आई तो दोबारा रिकॉर्डिंग कर मंगाया। इसी के बाद बादशाह ने टटारी को नए ढंग से पेश किया, जिसमें फीमेल वोकल रिमरन ने दी। जींद में हुई थी गाने की शूटिंग: इस गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा, नरवाना और दुबई में हुई थी। 26 फरवरी को बादशाह इस गाने के प्रमोशन के लिए हरियाणा के कैथल और सोनीपत पहुंचे थे। वहीं, प्रोडक्शन टीम ने 14 मार्च को सिमरन और बादशाह का मुंबई में एक शो भी शेड्यूल किया था। सॉन्ग के यूट्यूब से हटाए जाने के बाद मुंबई शो भी कैंसिल कर दिया गया। ————— यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश: महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं- पंचकूला-पानीपत SP पासपोर्ट जब्त करें; टटीरी सॉन्ग विवाद में पेश नहीं हुए सिंगर टटीरी सॉन्ग विवाद को लेकर हरियाणा महिला आयोग ने बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह को गिरफ्तार करने का आदेश दिए। बादशाह शुक्रवार को समन पर पानीपत में पेश नहीं हुए। उनके वकीलों ने दलील दी कि किसी प्रोफेशनल कमिटमेंट में व्यस्त होने की वजह से बादशाह नहीं आ सके। (पूरी खबर पढ़ें)
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- अघोषित मौत जैसे हालात

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में पार्टिसिपेट और प्रोटोटाइप स्टेप उठा रहा है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले ही राज्य के 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक और मनमाने तरीके से हटा दिया गया, जिसमें मुख्य सचिव, गृह सचिव, एडीजी, आईजी, सुप्रीमो, मेमोरियल और पुलिस कमिश्नर शामिल हैं। उन्होंने इसे गैरकानूनी कार्रवाई नहीं कहा, बल्कि उच्च स्तर की राजनीतिक पासिंग की सलाह दी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि वामपंथी पार्टियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो संविधान पर सीधा हमला है। एक तरफ जहां त्रुटिपूर्ण एस मजबूत प्रक्रिया चल रही है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, वहीं आयोग का अधूरा नजरिया दिखता है। अब तक अनुपूरक कलाकार सूची जारी नहीं की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के अधिलेखित की अनदेखी है। इससे आम नागरिकों में चिंता और असमंजस का माहौल है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि महाप्रबंधक, एसोसिएट्स और सी दस्तावेजों जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को चुनिंदा तरीकों से बंधक राज्य से बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर भी कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी एकजुट क्यों है और बंगाल को बार-बार गठबंधन क्यों बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी लोगों को अपनी नागरिकता हासिल करने के लिए लाइन में खड़ा होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के सर्वसम्मति में विरोधाभास का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफा आयोग ने कहा है कि हटाए गए अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी में शामिल नहीं किया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही घंटों में उन्हें चुनावी पर्यवेक्षक नियुक्तियां बाहर भेजी जाएंगी। उन्होंने सिलीगुड़ी और बिधाननगर के पुलिस आयुक्तों को बिना विकल्प के पर्यवेक्षक नियुक्त करने पर भी सवाल उठाया, जिससे ये दोनों अहम शहर कुछ समय के लिए बिना नेतृत्व के रह गए। हालाँकि, बाद में इस सहजता में सुधार किया गया। ममता बनर्जी ने इसे अराजकता, भ्रम और अस्थिरता कहा और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बंगाल पर नियंत्रण करना है। उन्होंने इसे ‘अघोषित शासन’ और ‘राष्ट्रपति शासन जैसे हालात’ बताया। साथ ही कहा कि भाजपा जनता का विश्वास में नाकाम रही है, अब दबाव, डर और गलतफहमी के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों और उनके परिवार की एकजुटता को मजबूत करते हुए कहा कि बंगाल कभी डर के सामने नहीं आएगा। उन्होंने साफ कहा, ‘बंगाल लड़ेगा, विरोध करेगा और हर साजिश को नाकाम करेगा।’ यह भी पढ़ें:-‘मुख्यमंत्री पद का दावेदार…’, केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सीएम पद के दावेदार शशि थरूर क्या बोले? (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी
सिरदर्द से रहते हैं परेशान, न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया इससे छुटकारा पाने का आसान उपाय, देखें वीडियो

Say Goodbye to Headaches: अक्सर लोग बार-बार होने वाले सिरदर्द को सामान्य मानकर पेनकिलर खा लेते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. एम्स से पढ़ाई कर चुकी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सेहरावत ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में सिरदर्द के छिपे हुए कारणों और उनसे निपटने के आसान व वैज्ञानिक तरीकों के बारे में बताया है. उन्होंने जीवनशैली में छोटे बदलावों और सही खान-पान के जरिए बिना दवाओं के सिरदर्द से छुटकारा पाने के टिप्स साझा किए हैं.
दिव्यांका त्रिपाठी ने प्रेग्नेंसी कन्फर्म की:बेबी बंप फ्लॉन्ट कर शेयर की खबर; शादी के करीब 10 साल बाद एक्ट्रेस मां बनेंगी

एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने गुरुवार को अपनी प्रेग्नेंसी की खबर कंफर्म कर दी है। दिव्यांका ने बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए पति विवेक दहिया के साथ तस्वीरें शेयर कीं। कपल शादी के करीब 10 साल बाद माता-पिता बनेंगे। प्रेग्नेंसी को लेकर एक इंस्टा पोस्ट में दिव्यांका और विवेक ने लिखा, ‘10 साल बाद कहानी में नया मोड़। कुछ सफर जल्दी पूरा करने के लिए नहीं होते… वे साथ मिलकर तैयार होने के लिए होते हैं और जब लगता है कि कहानी पूरी हो गई है… तभी जिंदगी इसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है।’ पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘अब भी इस एहसास को महसूस कर रहे हैं… बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं… दिल कृतज्ञता से भरा है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ बेबी जून में होगा: दिव्यांका अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर दिव्यांका और विवेक ने ईटाइम्स से बातचीत में कहा कि उनका बेबी जून में होगा। एक्ट्रेस ने कहा कि वह लगभग हर महीने प्रेग्नेंसी टेस्ट करती थीं और पॉजिटिव रिजल्ट की उम्मीद करती थीं। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो उन्हें इस बात को स्वीकार करने में थोड़ा समय लगा। विवेक ने खबर सुनकर खुशी जताई, लेकिन तुरंत जश्न नहीं मनाया। दिव्यांका ने यह भी कहा कि मेरे मन और शरीर में बदलाव आया। मैं अपने खान-पान, व्यायाम और चलने-फिरने के तरीके को लेकर काफी सतर्क हो गई। मैं अचानक ज्यादा जागरूक और सावधान हो गई। दिव्यांका और विवेक की पहली मुलाकात टीवी सीरियल ‘ये हैं मोहब्बतें’ के सेट (2015) पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ता था। सेट पर घंटों साथ रहते थे, लेकिन बातचीत बहुत कम होती थी। दिव्यांका और विवेक की लव स्टोरी में एक्टर पंकज भाटिया ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने दोनों को एक-दूसरे के लिए परफेक्ट लाइफ पार्टनर बताया था। कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद दोनों ने 8 जुलाई 2016 को भोपाल में शादी की थी।







