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बुरहानपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू:ताप्ती राजघाट पर अफसर-जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान, पानी बचाने जनआंदोलन का आह्वान

बुरहानपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू:ताप्ती राजघाट पर अफसर-जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान, पानी बचाने जनआंदोलन का आह्वान

बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान गुरुवार को शुरू हुआ। इस अभियान का उद्देश्य पानी की हर बूंद बचाना और जल संरक्षण की दिशा में मजबूत पहल करना है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर ताप्ती नदी के राजघाट पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक अर्चना चिटनिस, महापौर माधुरी पटेल, जिला पंचायत सीईओ व अपर कलेक्टर सृजन वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। राजघाट पर मां ताप्ती के किनारे विधिवत पूजन और शपथ के साथ अभियान की शुरुआत हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया। उन्होंने कचरा एकत्र कर स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर बोरी बंधान कार्य का भी शुभारंभ किया गया। जल संरक्षण के लिए शपथ ली विधायक अर्चना चिटनिस ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। महापौर माधुरी पटेल ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में भी वर्षा जल को सहेजने की व्यवस्था करें। उन्होंने जल संरक्षण के प्रयासों में सहभागी बनने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक शपथ भी ली गई। इस अभियान के माध्यम से न केवल जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जाएगा, बल्कि आमजनों को भी इससे जोड़कर इसे एक जन-आंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा।

इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं? यहां देखिए पूरी लिस्ट, सेहत में आएगा सुधार

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Last Updated:March 19, 2026, 15:05 IST Best Foods to Boost Immunity: बदलते मौसम में निरोगी रहने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है. डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार खट्टे फल, हल्दी और अदरक शरीर के डिफेंस सिस्टम को एक्टिव करते हैं. इन चीजों का सेवन करना फायदेमंद होता है. जबकि अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड व्हाइट ब्लड सेल्स की कार्यक्षमता को घटा देते हैं. इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. बीमारियों से बचने के लिए हेल्दी खानपान जरूरी होता है. बदलते मौसम और संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच इम्यूनिटी हमारे शरीर को बचाती है. अगर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है, तो शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होता है, जिससे आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते. इम्यूनिटी रातों-रात नहीं बनती, बल्कि यह हमारे खान-पान और लाइफस्टाइल का परिणाम है. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा से जानते हैं कि इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कौन से फूड्स का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए. इम्यूनिटी की बात हो और विटामिन C का जिक्र न हो, ऐसा मुमकिन नहीं है. संतरा, नींबू, मौसंबी और कीवी जैसे खट्टे फल सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने के लिए अनिवार्य हैं. विटामिन-C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है. चूंकि हमारा शरीर विटामिन-C को स्टोर नहीं कर सकता, इसलिए इसे रोजाना डाइट में शामिल करना जरूरी है. भारतीय मसालों में छिपे औषधीय गुण इम्यूनिटी के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. लहसुन में एलिसिन नामक यौगिक होता है, जो संक्रमण और सूजन से लड़ता है. अदरक गले की खराश और इन्फ्लेमेशन को कम करने में सहायक है. वहीं, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. रात को गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर पीना सदियों पुराना और सबसे प्रभावी नुस्खा है. Add News18 as Preferred Source on Google हमारी इम्यूनिटी का लगभग 70 से 80% हिस्सा हमारे गट हेल्थ में होता है. दही और प्रोबायोटिक फूड्स शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं. ये बैक्टीरिया न केवल पाचन सुधारते हैं, बल्कि बाहरी कीटाणुओं को शरीर पर हावी होने से भी रोकते हैं. दोपहर के भोजन में एक कटोरी ताजा दही शामिल करना आंतों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अत्यंत लाभकारी है. बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज विटामिन E, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड के बेहतरीन स्रोत हैं. विटामिन-E एक घुलनशील एंटीऑक्सीडेंट है, जो इम्यून फंक्शन को सुचारू बनाए रखने में मदद करता है. जिंक की कमी से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, इसलिए मुट्ठी भर सूखे मेवे रोज खाने चाहिए. पालक, ब्रोकली और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां न केवल विटामिन-C बल्कि विटामिन-A और आयरन से भी भरपूर होती हैं. ये सब्जियां शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखती हैं और कोशिकाओं के पुनर्जनन में मदद करती हैं. ब्रोकली को कम से कम पकाकर खाना चाहिए ताकि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें. यह शरीर को डिटॉक्स करने और संक्रमण रोकने में मदद करती है. इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि क्या चीज उसे कमजोर करती है. अत्यधिक चीनी का सेवन शरीर की सफेद रक्त कोशिकाओं की कीटाणुओं को मारने की क्षमता को कुछ घंटों के लिए कम कर देता है. इसी तरह प्रोसेस्ड फूड, पैकेट बंद स्नैक्स और सोडा में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम दूसरी बीमारियों से लड़ने के बजाय खुद को ठीक करने में उलझ जाता है. शराब का अधिक सेवन फेफड़ों के स्वास्थ्य को बिगाड़ता है और शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को धीमा कर देता है. धूम्रपान श्वसन तंत्र की सुरक्षात्मक परतों को नष्ट कर देता है, जिससे वायरस के लिए शरीर में प्रवेश करना आसान हो जाता है. अगर आप अपनी इम्यूनिटी को लेकर गंभीर हैं, तो इन नशीले पदार्थों से दूरी बनाना पहला कदम होना चाहिए. केवल खाना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना जरूरी है. पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है. इसके साथ ही रात की 7-8 घंटे की गहरी नींद इम्यून सेल्स के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है. नींद की कमी शरीर को थका देती है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. First Published : March 19, 2026, 15:05 IST

‘हमारी कोई दुश्मनी नहीं…’, असम चुनाव में गौरव गोगोई को टक्कर देने जा रहे हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने क्या कहा

'हमारी कोई दुश्मनी नहीं...', असम चुनाव में गौरव गोगोई को टक्कर देने जा रहे हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने क्या कहा

असम में विधानसभा चुनाव को लेकर फोकस बिसात बिछुनी शुरू हो गई है. इस बार जोरहाट में एक हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबला होने जा रहा है, क्योंकि असम विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी इस बार चुनाव में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए गोस्वामी ने जोरहाट क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए गोगोई के फैसले पर आश्चर्यचकित कर दिया। मीडिया से बात करते हुए गोस्वामी ने कहा, “मुझे आश्चर्य है कि गौरव गोगोई यहां नेता के रूप में चुनाव लड़ने क्यों आए हैं। वे जोर देकर कह रहे हैं कि वे अब विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला क्यों कर रहे हैं?” क्या बोले हितेन्द्र नाथ गोस्वामी?समर्थक समर्थक ने अपनी भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि गोगोई के अल्पसंख्यक रहते हुए भी विकास समन्वय पर प्रत्यक्ष समन्वय की कमी हो रही है। उन्होंने आगे कहा, “वे जोरहाट के न्यूनतम थे और मैं यहां का नेता हूं, लेकिन मुझे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के यात्रियों को ले जाने के बारे में कोई चर्चा याद नहीं है।” युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका – गोस्वामीगोस्वामी ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच कोई व्यक्तिगत प्रतिद्वंदिता नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी कंपनी कोई शत्रु नहीं है, इसलिए मैं किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहता।” आगामी प्रकाशन में युवा कॉलेज की भूमिका में गोस्वामी ने अपने बढ़ते प्रभाव को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ”युवा पीढ़ी इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, लेकिन वे वैज्ञानिक हैं और जानते हैं कि किसे नियुक्त किया गया है।” बेहोशी की हालत में बेबस हुए गोस्वामी ने गोगोई को पाकिस्तान से जोड़ने वाले काम पर टिप्पणी करने से पहले कहा और कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। जोर के घाट के लोग शिक्षित हैं और वे जानते हैं कि क्या सही है।” इसी बीच गोस्वामी ने असमिया म्यूजिक के दिग्गज जुबिन गर्ग के सम्मान में एक प्रोजेक्ट की योजना का खुलासा करते हुए एक कल्चरल पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया, “हम जुबिन गर्ग को समर्पित एक प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं, जिसका निर्माण उद्योग महाविद्यालय के पास सोताई में किया जाएगा।” दोनों नेताओं के महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए, आने वाले दिनों में जोर-शोर से एक कड़ा और गहन मुकाबला देखने की उम्मीद है। ये भी पढ़ें असम बीजेपी उम्मीदवारों की सूची: असम में बीजेपी ने की फील्डिंग सेट! प्रद्युत बोरदोलोई सहित कई बड़े दांव, क्या उलटी पड़ जाएगी बाजी? (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)कांग्रेस(टी)असम(टी)विधानसभा चुनाव(टी)जोरहाट(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी

सिक्किम की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीती:रूस के फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डेब्यू फिल्म बनी; डायरेक्टर ने अवॉर्ड राज्य को डेडिकेट किए

सिक्किम की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीती:रूस के फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डेब्यू फिल्म बनी; डायरेक्टर ने अवॉर्ड राज्य को डेडिकेट किए

सिक्किम की नेपाली भाषा की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ ने दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते हैं। रूस के खांटी-मानसीस्क में आयोजित ‘स्पिरिट ऑफ फायर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में इस फिल्म को बेस्ट इंटरनेशनल डेब्यू फिल्म के लिए ‘सिल्वर टैगा अवॉर्ड’ मिला है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने के लिए फिल्म को ‘सोल ऑफ रशिया – वर्ल्ड सिनेमा स्पेशल प्राइज’ अवॉर्ड दिया गया है। इस फिल्म का निर्देशन त्रिबेनी राय ने किया है। डायरेक्टर सिक्किम को समर्पित की जीत अवॉर्ड लेते समय डायरेक्टर त्रिबेनी राय काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी इस सफलता को सिक्किम राज्य को समर्पित किया है। त्रिबेनी ने बताया कि यह अवॉर्ड उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी मां इस फिल्म की प्रोड्यूसर हैं और उन्होंने अपनी मां के साथ स्टेज पर यह सम्मान हासिल किया। रूस के फिल्म फेस्टिवल से मिली पहचान ‘शेप ऑफ मोमो’ को इस फिल्म फेस्टिवल के इंटरनेशनल डेब्यू कॉम्पिटिशन में शामिल किया गया था। 16 मार्च को हुए अवॉर्ड समारोह में फिल्म की काफी तारीफ हुई। यह फिल्म सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत की कहानियों को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ले जाने में सफल रही है। इस फेस्टिवल की शुरुआत साल 2003 में हुई थी और इसे दुनियाभर के नए फिल्ममेकर्स के लिए रूस का सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। अब एम्स्टर्डम में होगी फिल्म की स्क्रीनिंग रूस में जीत के बाद अब ‘शेप ऑफ मोमो’ का सफर और आगे बढ़ेगा। अप्रैल में यह फिल्म नीदरलैंड के ‘सिनेमा एशिया फिल्म फेस्टिवल’ में अपनी डच प्रीमियर के लिए एम्स्टर्डम जाएगी। इससे पहले इस फिल्म का यूरोपियन प्रीमियर स्पेन के ‘सैन सेबेस्टियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में हो चुका है। इंटरनेशनल सर्किट में सराहना मिलने के बाद अब मेकर्स इसे भारत में रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इसकी शुरुआत गंगटोक में एक बड़े प्रीमियर के साथ होगी। कौन हैं डायरेक्टर त्रिबेनी राय? ईस्ट सिक्किम की रहने वाली त्रिबेनी राय का रूस से पुराना नाता है। साल 2016 में उन्होंने रूस के प्रतिष्ठित VGIK इंटरनेशनल समर स्कूल में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई थी। त्रिबेनी की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ न केवल एक कहानी है, बल्कि यह सिक्किम की संस्कृति और वहां के पारंपरिक मूल्यों को भी बखूबी दर्शाती है।

अमेरिका की वर्ल्ड कप जर्सी की कहानी:2022 के विद्रोह के बाद खिलाड़ियों ने खुद तय की 2026 की डिजाइन; अवे जर्सी तो नाइट क्लब में पहन सकते हैं

अमेरिका की वर्ल्ड कप जर्सी की कहानी:2022 के विद्रोह के बाद खिलाड़ियों ने खुद तय की 2026 की डिजाइन; अवे जर्सी तो नाइट क्लब में पहन सकते हैं

जून में शुरू हो रहे 2026 फीफा वर्ल्ड कप का खुमार छाने लगा है। इस बीच, अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम ने इस महाकुंभ के लिए अपनी नई जर्सी लॉन्च की है। लेकिन इस जर्सी के पीछे सिर्फ डिजाइनरों की मेहनत नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की एक दिलचस्प बगावत की कहानी भी छिपी है। यह किट खिलाड़ियों ने खुद अपनी पसंद और शर्तों पर तैयार करवाई है। इसकी शुरुआत जून 2022 में टेक्सास के ऑस्टिन शहर से हुई। अमेरिकी टीम 2022 वर्ल्ड कप की अपनी नई किट के फोटोशूट के लिए वहां मौजूद थी। लेकिन जब खिलाड़ियों ने वह जर्सी देखी, तो वे भड़क गए। टीम के स्टार मिडफील्डर टायलर एडम्स ने तब कहा था, ‘हमें नहीं लगा कि यह किट हमारी सही पहचान पेश करती है।’ नाराजगी इस कदर थी कि खिलाड़ियों ने सेट पर काम रोक दिया। लगभग 30 मिनट तक शूटिंग रुकी रही, जिससे नाइकी और अमेरिकी फेडरेशन के अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बाद में जैसे-तैसे शूट पूरा हुआ, लेकिन खिलाड़ियों की इस बगावत ने फेडरेशन को कड़ा संदेश दे दिया था। 2022 के उस अनुभव के बाद नाइकी और अमेरिकी सॉकर ने 2026 वर्ल्ड कप के लिए रणनीति पूरी तरह बदल दी। इस बार बंद कमरों में डिजाइन फाइनल करने के बजाय, खिलाड़ियों को शुरुआत से ही इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया। नवंबर 2023 और 2024 में कई ट्रेनिंग कैंप्स के दौरान नाइकी के डिजाइनरों ने खिलाड़ियों को एक-एक कर मीटिंग में बुलाया। उनसे पूछा गया कि वे कैसी जर्सी चाहते हैं और उनके लिए अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का क्या मतलब है। टायलर एडम्स कहते हैं, ‘इस बार हमने सचमुच हर एक चीज खुद चुनी है।’ खिलाड़ियों और डिजाइनरों की लंबी माथापच्ची के बाद दो जर्सी तैयार की गईं। होम जर्सी पर लाल और सफेद स्ट्रिप्स हैं। खिलाड़ी चाहते थे कि ब्राजील के पीले या नीदरलैंड्स के नारंगी रंग की तरह अमेरिका की भी एक पक्की पहचान हो। इसलिए इस जर्सी में अमेरिकी झंडे की लहराती हुई धारियों को शामिल किया गया। यह उन जोशीले फैंस के लिए है, जो स्टैंड्स में ‘U-S-A’ के नारे लगाते हैं। वहीं, अवे जर्सी ऐसी है, जिसे पहनकर नाइट क्लब में भी जा सकते हैं। इसके लिए जब नाइकी ने पहली बार सितारों वाला एक चमकीला डिजाइन दिखाया, तो खिलाड़ियों ने उसे रिजेक्ट कर दिया। खिलाड़ियों की एक खास मांग थी, ‘हमें एक ऐसी कूल जर्सी चाहिए, जिसे हम जींस के साथ पहनकर किसी क्लब में भी जा सकें।’ इसके बाद डिजाइन को बदला गया और इसे लगभग काले रंग का बनाया गया, जिसमें पास से देखने पर चमकते हुए सितारे नजर आते हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि यह 2026 की नई जर्सी सिर्फ एक कपड़े का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से उनकी और उनके देश की भावना का प्रतिनिधित्व करती है।

असम बीजेपी उम्मीदवारों की सूची: असम में बीजेपी ने की फील्डिंग सेट! प्रद्युत बोरदोलोई सहित कई बड़े दांव, क्या उलटी पड़ जाएगी बाजी?

असम बीजेपी उम्मीदवारों की सूची: असम में बीजेपी ने की फील्डिंग सेट! प्रद्युत बोरदोलोई सहित कई बड़े दांव, क्या उलटी पड़ जाएगी बाजी?

बीजेपी ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी लंबे समय से इंतजार कर रही वाली की लिस्ट आखिरकार जारी कर दी है। पार्टी ने 89 रेज़्यूमे पर खुद की लड़ाई का निर्णय लिया है, जबकि बाकी 37 रेज़्यूमे सहयोगी ऑर्केज़म दिए गए हैं। असम में कुल 126 सीटें हैं और बीजेपी ने 89 पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. असोम गण परिषद (एजीपी) को 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) को 11 सीटें मिली हैं। सीएम हिमंत जालुकबारी से ही लड़ेंगे चुनाव सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पुरानी और मजबूत सीट जालुकबारी से ही चुनाव लड़ेंगे। 2001 से यह सीट लगातार जीती आ रही है और यहां उनका गढ़ माना जाता है। दूसरी तरफ, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विपक्ष में डिप्टी लीडर गौरव गोगोई जोर-शोर से लड़ रहे हैं। बीजेपी ने यहां बुजुर्ग नेताओं, पूर्व मंत्रियों और कट्टर समर्थकों हितेंद्र नाथ गोस्वामी को उतारा है। यह प्रतियोगिता राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल लड़ाइयों में से एक होगी, क्योंकि जोरहाट कांग्रेस का पारंपरिक क्षेत्र है, लेकिन गोस्वामी ने यहां कई बार जीत हासिल की है। बीजेपी की लिस्ट में कौन सा बड़ा नाम शामिल? प्रभात से प्रमुख भाजपा नेता मनाब डेका को टिकटें। नाजिरा में बीजेपी के मैरी बोरगोहेन बनाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेब्रेट सैकिया। तीताबाद से हाल ही में पूर्व चाय बागान के नेता धीरज गोवला शामिल हुए। ये सीट पहले कांग्रेस की मजबूत गढ़ थी और वंचित सीएम युवा गोगोई से जुड़ी हुई है. बिहपुरिया से पूर्व कांग्रेस नेता भूपेन बोरा. दिसपुर से कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई को टिकट दे दिया है। दिसपुर असम की सबसे प्रतिष्ठित सीट है। महमोरा में सुरुज दिहिंगिया को मौका मिला, क्योंकि स्टैलिस्ट विधायक जोगेन मोहन महाजन चुने गए हैं। चक्रधर गोगोई बनाम असम जतिया परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई का आमना-सामना। शिवसागर में एजीपी के वेटरन प्रदीप हजारिका बनाम राजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई। बीजेपी के पास कई स्टैटिक्स के टिकट नहीं हैं, जो पार्टी की नई रणनीतियाँ हैं। पार्टी एंटी-इनकंबेंसी से बच और नए राहुल को अवसर देने पर फोकस कर रही है। सूची में अनुभवी नेताओं के साथ नए और युवा चेहरे, महिलाएं और युवा किशोरी शामिल हैं। बीजेपी की एक ही लिस्ट में काम खत्म, कांग्रेस के दावेदार बाकी चुनाव 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में ही होगा। नामांकन की अंतिम तारीख 23 मार्च है और 4 मई 2026 को आएगी। कांग्रेस ने अब तक 65 की दो लिस्ट जारी की है, जबकि बीजेपी ने एक ही लिस्ट में अपना काम पूरा कर लिया है. यह घोषणा असम में राजनीतिक और जातीय माहौल में पूरी तरह गरमा गई है। एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है, लेकिन कांग्रेस और लोकतंत्र गठबंधन भी चुनौती दे रहे हैं। कई हाई-प्रोफाइल पोर्टफोलियो पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। (टैग्सटूट्रांसलेट)असम बीजेपी उम्मीदवारों की सूची(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)गौरव गोगोई(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम समाज सूची(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम चुनाव चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)गौरव गोगोई(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी

बंगाल की रेटिंग में ‘सोशल मीडिया वॉर’: बीजेपी-टीएमसी के आरोप-प्रत्यारोप ने भूकंप के झटके, वोट से पहले गरमाया मोरचा

बंगाल की रेटिंग में 'सोशल मीडिया वॉर': बीजेपी-टीएमसी के आरोप-प्रत्यारोप ने भूकंप के झटके, वोट से पहले गरमाया मोरचा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर एक बार फिर से मुख्य युद्धभूमि बन गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और पारंपरिक कांग्रेस (टीएमसी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नारा तेजी से चल रहा है। दोनों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी ऑर्केस्ट्रा ने इंटरमीडिएट को और हॉट कर दिया है, जिससे 2026 विधानसभा चुनाव और रंग भरने की तैयारी चल रही है। बीजेपी ने अपने पोस्ट में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नौकरी चोरी करो, टिकट पाओ, राशन चोरी करो, टिकट पाओ, छात्रों का अपमान करो, टिकट पाओ, आरक्षण का अपमान करो, टिकट पाओ लेकिन ज्यादा समय तक नहीं। 46 दिनों में यह दमनकारी शासक लोकतांत्रिक तरीके से उखाड़ फेंका गया। यह अभिकथन अधिसूचना रणनीति के अनुसार सीधे तौर पर शासन और शेयर बाजार को केंद्र में लाया जाता है। बीजेपी ने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के आरोप लगाए इसी क्रम में बीजेपी ने एक और पोस्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है. पार्टी ने लिखा, “एक जैसे लोग साथ ही रहते हैं। ममता बनर्जी ने राघव को समय सीमा की धमकी दी है, ठीक वैसे ही जैसे अकबरुद्दीन ने कहा था, लेकिन हम जानते हैं कि बीजेपी सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दे पर कभी समझौता नहीं करती है। बंगाल में सांप्रदायिकता का अंत बंद है।” इस कथन में कहा गया है कि भाजपा की चुनावी चर्चा धार्मिक और पहचान आधारित राजनीति के लिए है। संदेश स्पष्ट है: 👉 नौकरियाँ चुराओ, टिकट पाओ👉राशन चुराओ, टिकट पाओ👉हिन्दुओं का अपमान करो, टिकट पाओ 👉आदिवासियों का अपमान करो, टिकट लो लेकिन ज्यादा समय तक नहीं. 46 दिनों में इस दमनकारी शासन को लोकतांत्रिक तरीके से उखाड़ फेंका जाएगा! क्योंकि #PaltanoDorkarChaiभाजपा सरकार pic.twitter.com/6c3lYlyl1i – भाजपा पश्चिम बंगाल (@भाजपा4बंगाल) 19 मार्च 2026 वहीं, अनौपचारिक कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए बीजेपी पर टिकट वितरण में लोगों को आपराधिक दायित्व देने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा, “बीजेपी की टिकटें एक आपराधिक रिकॉर्ड के समान योग्यता रखती हैं। बंगाल बेहतर है। 2026 में चुनाव परिणाम स्पष्ट और स्पष्ट होंगे।” इस बयान से साफ है कि टीएमसी के खिलाफ और उम्मीदवारों के चयन के मुद्दे को बीजेपी बनाना चाहती है। महाराष्ट्र-यूपी की घटनाएं टीएमसी कार्यकर्ताओं को लेकर सिर्फ बंगाल ही नहीं, महिलाओं की सुरक्षा का नुकसान भी राजनीतिक सिद्धांत का बड़ा आधार बन गया है। टीएमसी ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कथित स्मृतियों का खुलासा करते हुए बीजेपी को लाभ का आधार दिया। पार्टी ने कहा, “महिलाओं की जिंदगी बीजेपी राज्यों में लगातार मौलाना के रूप में है। एक 13 साल के दशक में एसिड अटैक की घटना हुई लेकिन ‘बेटी बचाओ’ का नारा नेतृत्व वाले नेताओं की शैलियां पूछती हैं।” इसमें आरोप लगाया गया है कि महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में केंद्रीय आरक्षण रणनीति बनाने की कोशिश की जा रही है। .@बीजेपी4इंडिया आपराधिक रिकार्ड की तरह टिकट बांटना योग्यता है। बंगाल बेहतर जानता है. 2026 में फैसला जोरदार और स्पष्ट होगा। pic.twitter.com/tBEgRFQWp4 – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 18 मार्च 2026 टीएमसी ने एक अन्य पोस्ट में उत्तर प्रदेश की घटना का जिक्र करते हुए कहा, “चार साल की बच्ची को चॉकलेट का लालच दिया गया, उसके साथ दोस्ती की गई और हत्या कर दी गई। बीजेपी फिर से राज्यों में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।” इस प्रकार के कथनों में सांकेतिक एवं राजनीतिक दोनों गुटों के लिए प्रभावकारी तत्व तैयार किए जाते हैं। महाजंगलराज में @बीजेपी4इंडिया-उत्तर प्रदेश शासित। एक 4 साल की मासूम बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर एक दरिंदा अपने साथ खींच ले गया, उसके साथ बेरहमी से बलात्कार किया गया और फिर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई। उसका शव उससे महज 500 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में कूड़े की तरह फेंक दिया गया था… pic.twitter.com/FNSHDIRjl4 – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 18 मार्च 2026 तेज़ होंगे आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के हमले आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। इससे एक तरफ पार्टी के बीच ऊर्जा की धार तेज होती है। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल की राजनीति अब सिर्फ रैली और सभाओं तक सीमित नहीं रही। डिजिटल मंच पर चल रही यह जंग यह संकेत है कि आने वाले महीनों में आरोप-प्रत्यारोप और भी तेज होंगे। इस चुनावी लड़ाई में असली सवाल यही रहेगा कि सोशल मीडिया का यह डॉक्यूमेंटेशन के जजमेंट को प्रभावित करेगा, या फिर जमीन पर विकास और शासन का मुद्दा ही अंतिम परिणाम तय करेगा। ये भी पढ़ें ‘बीजेपी में अब कोई एंट्री नहीं’: इस बार दलबदलुओं के लिए डोर बंदा, बंगाल की भविष्यवाणी में नया सस्पेंस

केरल के लिए बीजेपी ने जारी की 39 जनवरी की दूसरी सूची, सीएम पिनराई विजयन को कौन सी चुनौती चुनौती?

केरल के लिए बीजेपी ने जारी की 39 जनवरी की दूसरी सूची, सीएम पिनराई विजयन को कौन सी चुनौती चुनौती?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नोबेल की दूसरी सूची भी जारी कर दी है। दूसरी सूची में 39 नवजातों के नाम हैं। बीजेपी ने इस सूची में केरल के सीएम पिनराई विजयन की सीट धर्मदाम पर अपने उम्मीदवार की भी घोषणा की है। यहां के रणजीत पिनराय की विजय को चुनौती दी गई। सोमवार 47 को ज्वाइंट की बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी की थी। केरल में 9 अप्रैल को चुनाव हो रहे हैं और स्टालियन की घोषणा 4 मई को होगी। बीजेपी ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को जिन 39 लोगों के नाम की घोषणा की, उनमें मिजोरम के पूर्व गवर्नर कुम्मनम राजशेखरन का भी नाम है। पार्टी ने उन्हें अर्नाकुलम से टिकटें दी हैं। राजशेखरन 2021 विधानसभा चुनाव में नेमोम सीट से मैदान में थे, लेकिन वह वी शिवनकुट्टी की दावेदारी से हार गए थे. हालाँकि, वह काफी कम इक्विटी से हारे थे। इसके बाद उन्होंने 2019 में कामो चुनाव भी लड़ा। यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वह त्रिअनंतपुरम सीट से कांग्रेस मिनियामी शशि थरूर के खिलाफ मैदान में थे, लेकिन इस चुनाव में उन्हें करीब एक लाख आरोप से हार मिली। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने केरलम विधान सभा के आगामी आम चुनावों के लिए निम्नलिखित नामों को मंजूरी दे दी है। pic.twitter.com/wEppqsoVcd – बीजेपी (@बीजेपी4इंडिया) 19 मार्च 2026 बिग बॉस मलयालम से चर्चा में डॉ. राधाकृष्णन का भी नाम सूची में है, बीजेपी ने उन्हें कुंडरा सीट से मैदान में रॉबिन का नाम तय किया है। कासरगोड में बीजेपी के अध्यक्ष अश्विन मित्र कासरगोड से चुनावी मैदान में होंगे, जबकि एडवोकेट बी गोपालकृष्णन गुरुवायूर से और पीआर शिवशंकर अर्नाकुलम से मैदान में होंगे। बीजेपी की दूसरी लिस्ट में कुल 6 महिला दावेदार हैं, जबकि पहली लिस्ट में 7 महिलाओं के नाम थे. इस तरह अब तक बीजेपी ने केरल के इलिनोइस मैदान में 13 को आउट कर दिया है. यह भी पढ़ें:-बीजेपी उम्मीदवारों की सूची 2026: असम बीजेपी की पहली सूची में 88 नाम, प्रद्युत बोरदोलोई को मिला ईनाम, सीएम हिमंत इस सीट से लड़ेंगे

केरल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने जारी की दूसरी सूची, 39 उम्मीदवारों के नाम | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 11:29 IST दूसरी सूची में छह महिलाओं को शामिल किया गया है, जिससे नामांकित महिलाओं की कुल संख्या 13 हो गई है। बीजेपी ने 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की (प्रतिनिधि छवि) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए 39 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की। इसके साथ ही पार्टी अब तक कुल 86 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है. पार्टी ने पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन को अरनमुला सीट से मैदान में उतारा है। सीसी मुकंदन को नत्तिला सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामित किया गया है। भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, दीपक पुजक्कल तनूर सीट से और अश्विनिनी एमएल कासरगोड से चुनाव लड़ेंगे। पथ्माश्री एम मंजेरी निर्वाचन क्षेत्र से और रेनू सुरेश कोंगड सीट से चुनाव लड़ेंगी। विशेष रूप से, दूसरी सूची में छह महिलाओं को शामिल किया गया है, जिससे कुल महिला उम्मीदवारों की संख्या 13 हो गई है। इससे पहले, पार्टी द्वारा जारी पहली सूची में सात महिला उम्मीदवारों के नाम थे। बीजेपी ने इससे पहले अपनी पहली सूची में 47 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे. केरल विधानसभा चुनाव 2026 केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है, वोटों की गिनती 4 मई को होगी। राज्य में उच्च-स्तरीय चुनावी मुकाबले में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी विधानसभा चुनाव के मैदान में है। बीजेपी 140 सदस्यीय विधानसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर राज्य में अपना विस्तार करना चाह रही है। 2021 के केरल विधानसभा चुनावों में, एलडीएफ ने सत्ता बरकरार रखकर इतिहास रच दिया, 1977 के बाद पहली बार किसी सत्तारूढ़ गठबंधन ने राज्य में लगातार कार्यकाल हासिल किया। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 11:03 IST समाचार राजनीति केरल विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने जारी की दूसरी सूची, 39 उम्मीदवारों के नाम घोषित अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल(टी)बीजेपी(टी)केरल चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों की सूची(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026

ऑपरेशन सिंदूर के बाद धुरंधर से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री:1 गीत के 45 लाख लिए, जालंधर के खान साब ने गाया आरी-आरी, जैसमीन-सरताज का कोलैब

ऑपरेशन सिंदूर के बाद धुरंधर से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री:1 गीत के 45 लाख लिए, जालंधर के खान साब ने गाया आरी-आरी, जैसमीन-सरताज का कोलैब

पंजाबी गायकों ने धुरंधर द रिवेंज में अपनी आवाज से धमाल मचाई है। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के बावजूद इस मूवी से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री हुई है। हसन जहांगीर को उसके सांग हवा-हवा के लिए 45 लाख रुपए दिए गए हैं। फिल्म के टाइटल सांग आरी-आरी को जालंधर के खान साब ने अपनी क्लासिकल आवाज दी है। इसके साथ ही जैसमीन सैंडलस और सतिंदर सरताज ने भी कोलैब किया है। गुरुवार को रिलीज हुई धुरंधर मूवी के प्रीमियर पर पंजाबी सिंगर जैसमीन और खान साब स्टेज पर नजर आए। रणबीर सिंह ने बार-बार की गाने की फरमाइस इस दौरान फिल्म के एक्टर रणवीर सिंह खान साब से बार-बार गीत सुनने की फरमाइश करते नजर आए। खान साब ने पूछा कौन सा गीत सुनना है। इस पर रणबीर कहते हैं कि वही वाला। खान साब फिर पूछते हैं कौन सा। रणबीर कहते हैं वही वाला। मुझे तो दिल पे जख्म पसंद है। इस पर खान साब उनको दिल पे जख्म खाते हैं सांग सुनाते हैं जिस पर रणबीर खूब झूमते हैं। बता दें कि दिल पे जख्म खाते सांग से ही जालंधर के रहने वाले खान साब को पहचान मिली थी। उनको भारत का नुसरत फ्तेह अली खान साहब भी कहा जाता है। खान साब ने खुद स्टेज से कहा कि वह जालंधरी हैं और कपूरथला में रह रहे हैं। पंजाबी आ गए से खान साब ने सबको संबोधित किया। धुरंधर-1 में दिलजीत ने गाया था सांग धुरंधर के पार्ट 1 में पंजाबी और बालीवुड सिंगर और जालंधर के ही रहने वाली दिलजीत दोसांझ ने अपनी आवाज दी थी। दिलजीत ने रैपर सिंगर हनुमान काइंड के साथ यार दी जिप्सी रौंदां दे नाल भरी होई है गाया था। ईजी-ईजी टाइटल से रिलीज इस गीत को लोगों को बहुत प्यार मिला था। जानें मूवी को लेकर किसने क्या कहा… खान साब बोले-मेरे लिए रुहानी अनुभव: खान साब ने कहा कि मेरे लिए धुरंधर के संगीत का हिस्सा बनना एक रूहानी अनुभव रहा है। आदित्य धर पाजी और शाश्वत सचदेव ने जिस तरह से मिट्टी की खुशबू और आधुनिक संगीत का मेल किया है, वह बेमिसाल है। आरी आरी गाते वक्त मुझे वही पुरानी पंजाब की ऊर्जा महसूस हुई। मुझे खुशी है कि लोग इस संगीत को इतना प्यार दे रहे हैं। जैस्मीन सैंडलस मेरे लिए इनोशनल मूवी पंजाबी सिंगर जैसमीन सैंडलस ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन मूवी नहीं, बल्कि एक इमोशन है। इसके पंजााबी गीतों के जरिए हमने एक नई साउंड पेश करने की कोशिश की है। रणवीर सिंह की एनर्जी ने मेरे गानों में जान फूंक दी है। यह मेरे करियर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है और मैं इसकी सफलता से बहुत उत्साहित हूं। सतिंदर सरताज ने गाया सूफी कलाम सतिंदर सरताज ने कहा कि मैंने इस फिल्म में नूर-ए-इलाही जैसा सूफी कलाम पेश किया है, जो फिल्म की डेफ्थ को दर्शाता है। यह फिल्म न्याय और बदले की एक सूफियाना जंग जैसी है। आदित्य धर का विजन बहुत स्पष्ट था कि संगीत फिल्म की कहानी का हिस्सा लगे, न कि सिर्फ मनोरंजन। यह एक ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव है। जानें पाकिस्तानी सिंगर को क्यों मिला इतना पैसा 90 के दशक की यादों को ताजा करने के लिए चुना गया पाकिस्तानी पॉप सिंगर हसन जहांगीर 80 के दशक के सबसे सक्सेस सिंगर हैं। उनको अपने क्लासिक गीत हवा-हवा से वर्ल्डवाइड पहचान मिली। फिल्म धुरंधर के निर्माताओं द्वारा इस गाने का चुनाव करने के पीछे मुख्य उद्देश्य दर्शकों को 90 के दशक की पुरानी यादों को नए एक्शन के साथ जोड़ना था। रणवीर सिंह की एनर्जी और फिल्म के स्पाई-थ्रिलर बैकड्रॉप के लिए इस गाने की धुन एकदम सटीक बैठती है। इसके इस्तेमाल के लिए हसन जहांगीर को 46 लाख रुपए पेमेंट की गई।