Tuesday, 13 Oct 2026 | 07:15 PM

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डायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह:राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी

डायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह:राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी

साल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था। हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था। सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया था लेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है। राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे। राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी। राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने काम काम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है। राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं। वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।

ECI ने पश्चिम बंगाल में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की; 63 लाख से अधिक मतदाता हटाए गए | भारत समाचार

Smoke rises following an explosion after Israel and the US launched strikes on Iran on Saturday. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:28 फरवरी, 2026, 19:27 IST ECI ने SIR के बाद पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें 63 लाख मतदाताओं को हटा दिया गया और 1.8 लाख को जोड़ा गया। ECI ने SIR के बाद पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें 63 लाख मतदाताओं को हटा दिया गया और 1.8 लाख को जोड़ा गया। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के पूरा होने के बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार, कुल 63,66,952- तिरसठ लाख छियासठ हजार नौ सौ बावन मतदाताओं को अंतिम सूची से हटा दिया गया है। इस बीच, फॉर्म 6 और 6ए के तहत 1,82,036 मतदाताओं को जोड़ा गया, और अन्य 6,671 मतदाताओं को फॉर्म 8 के माध्यम से शामिल किया गया। एसआईआर प्रक्रिया के दूसरे चरण के बाद, राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या अब 7,04,59,284 है। आयोग ने यह भी कहा कि राज्य में फिलहाल 60,06,675 मतदाता विचाराधीन हैं। एसआईआर अभ्यास शुरू होने से पहले, पश्चिम बंगाल में 7,66,37,529 मतदाता थे। अंतिम सूची में 3,60,22,642 पुरुष मतदाता, 3,44,35,260 महिला मतदाता और तीसरे लिंग के 1,382 मतदाता शामिल हैं। अग्रवाल ने कहा कि 16 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल के अनुसार, राज्य में 7,08,16,630 मतदाता थे। अंतिम एसआईआर सूची में अपना नाम कैसे जांचें? ईसीआई ने जिला प्रशासन के माध्यम से बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को बूथ-वार अंतिम मतदाता सूची की दो प्रतियां वितरित करना शुरू कर दिया है। बीएलओ एक प्रति अपने पास रखेंगे और दूसरी सार्वजनिक पहुंच के लिए संबंधित मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय राज्य के आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अंतिम रोल की सॉफ्ट कॉपी भी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, जिला अधिकारी इन पार्टियों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को हार्ड कॉपी वितरित करेंगे। मतदाता ईसीआई की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in), पश्चिम बंगाल सीईओ की वेबसाइट (ceowestbengal.wb.gov.in), या ईसीआई नेट मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। मतदाता अपना नाम और ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) नंबर दर्ज करके सूची में अपना नाम शामिल होने की पुष्टि कर सकते हैं। अग्रवाल ने आगे बताया कि अंतिम नामावली को संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की वेबसाइटों के माध्यम से भी देखा जा सकता है। पहले प्रकाशित: 28 फरवरी, 2026, 19:26 IST न्यूज़ इंडिया ECI ने पश्चिम बंगाल में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की; 63 लाख से अधिक मतदाता हटाए गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) पश्चिम बंगाल अंतिम मतदाता सूची (टी) भारत का चुनाव आयोग (टी) पश्चिम बंगाल मतदाता सूची (टी) विशेष गहन पुनरीक्षण (टी) मतदाता सूची की जांच कैसे करें पश्चिम बंगाल (टी) मतदाता विलोपन पश्चिम बंगाल (टी) मतदाता जोड़ फॉर्म 6 (टी) पश्चिम बंगाल मुख्य निर्वाचन अधिकारी

राजपाल यादव बोले- मेरे पास ₹1200 करोड़ का काम है:बावजूद इसके मामला जेल तक पहुंचा, शिकायतकर्ता ने प्रॉपर्टी पेपर्स और सिक्योरिटी रकम ठुकरा दी

राजपाल यादव बोले- मेरे पास ₹1200 करोड़ का काम है:बावजूद इसके मामला जेल तक पहुंचा, शिकायतकर्ता ने प्रॉपर्टी पेपर्स और सिक्योरिटी रकम ठुकरा दी

बॉलीवुड के मशहूर कॉमिक एक्टर राजपाल यादव ने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा दावा किया है। एक्टर ने कहा है कि उनके पास भविष्य में ₹1200 करोड़ के काम और 10 फिल्मों के प्रोजेक्ट हैं। बावजूद इसके, एक पुराने चेक बाउंस मामले ने उन्हें कानूनी मुश्किलों और जेल जैसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता ने उनके द्वारा पेश किए गए प्रॉपर्टी पेपर्स और सिक्योरिटी रकम को अदालत में स्वीकार नहीं किया और सिर्फ यह चाहता था कि राजपाल जेल जाएं। राजपाल यादव ने साल 2010 में अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ को प्रोड्यूस करने के लिए एक कंपनी से लगभग ₹5 करोड़ लिए थे। इस रकम पर ब्याज लगाया गया, जिससे रिटर्निंग अमाउंट 10.40 करोड़ रुपये हो गया था। निर्देशक के रूप में ये उनका डेब्यू प्रोजेक्ट था, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही और राजपाल को भुगतान करना मुश्किल हो गया। इसके बाद वे कई पोस्ट डेटेड चेक देने लगे, जो बैंक में बाउंस हो गए। इस वजह से शिकायतकर्ता ने चेक बाउंस के तहत मामला दर्ज करवाया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोप लगाने वाले ने पहले कहा कि वे सिक्योरिटी मनी और प्रॉपर्टी पेपर्स स्वीकार करेंगे और मामला सुलझ जाएगा। लेकिन जब दस्तावेज पेश किए गए, तो उन्होंने उन्हें लेने से इनकार कर दिया और सिर्फ राजपाल को जेल भेजने पर जोर दिया। भास्कर का आरोप है कि यह सब राजपाल की छवि को धूमिल करने की कोशिश थी, न कि पैसे वापस पाने का ईमानदार प्रयास। राजपाल यादव ने खुद मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में कभी-कभी किसी प्रोड्यूसर के कठिन समय में मुफ्त में भी काम किया है और उन्होंने अपने गांव का भी विकास किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य नए और संघर्षशील कलाकारों को आगे लाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह मामला उन्हें अब तक टैंगल कर चुका है। उनका दावा है कि आने वाले 7 सालों में उनके पास कुल ₹1200 करोड़ के ब्रांडिंग, फिल्म व अन्य प्रोजेक्ट हैं। इनमें कुछ प्रोजेक्ट ₹200 करोड़ से लेकर ₹2000 करोड़ तक के हैं, जिसमें फीस, साझेदारी और ब्रांडिंग डील शामिल हैं। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य सभी पैसे समय पर चुका देना है और उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जो इस मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहे।

रश्मिका ने शादी में ‘लिविंग गॉडेस’ थीम वाले गहने पहने:विजय के हार पर थी बाघ की डिजाइन; PHOTOS में देखिए कपल की वेडिंग स्टाइल

रश्मिका ने शादी में ‘लिविंग गॉडेस’ थीम वाले गहने पहने:विजय के हार पर थी बाघ की डिजाइन; PHOTOS में देखिए कपल की वेडिंग स्टाइल

उदयपुर में गुरुवार को विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी हुई। शादी की रस्में तेलुगु रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी की गईं। शादी में रश्मिका ने ‘लिविंग गॉडेस’ थीम पर आधारित गहने पहने, जबकि विजय के हार पर बाघ की डिजाइन नजर आई। शादी के लिए विजय और रश्मिका के आउटफिट डिजाइनर अनामिका खन्ना ने तैयार किए थे। हाल के सालों में जहां सेलिब्रिटी शादियों में पेस्टल रंग ज्यादा दिखते हैं, वहीं इस शादी में गहरे और ट्रेडिशनल रंग चुने गए। बता दें कि शादी में पेस्टल ट्रेंड का मतलब पारंपरिक गहरे रंगों (जैसे सुर्ख लाल, गहरा मैरून या नारंगी) की जगह हल्के और सॉफ्ट रंगों को चुनना है। विजय और रश्मिका की शादी में सोने के आभूषण और मंदिर से जुड़े डिजाइन मुख्य फोकस में रहे। दोनों के गाल पर नजर का टीका भी लगाया गया था। रश्मिका की साड़ी की खासियत शादी में रश्मिका ने रस्ट रंग की साड़ी पहनी। साड़ी पर लाल और गोल्ड बॉर्डर था। इसमें मंदिर और पुरानी वास्तुकला से जुड़े पैटर्न की कढ़ाई की गई थी। डिजाइन में हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखा गया। साड़ी पर एंटीक गोल्ड हैंड एम्ब्रॉयडरी साफ दिख रही थी। एक्ट्रेस ने इसके साथ गोल्ड वर्क वाला भारी ब्लाउज पहना। ऊपर से हल्का बेज रंग का घूंघट लिया। पूरा लुक पारंपरिक ब्राइडल स्टाइल में था। कढ़ाई और मोटिफ की प्लेसमेंट में खास ध्यान दिया गया था। रश्मिका की ज्वेलरी रश्मिका की ज्वेलरी भी खास थी। एक्ट्रेस ने साउथ इंडियन टेंपल आर्किटेक्चर से प्रेरित 11 कस्टम गोल्ड ज्वेलरी पीस पहने। इस थीम का कॉन्सेप्ट ‘लिविंग गॉडेस’ रखा गया था। इसके तहत उनके कपड़े और गहनों को एक दिव्य देवी के आभा-मंडल को दर्शाने के लिए डिजाइन किया गया था। गहनों में नक्शी वर्क और रवा ग्रैन्युलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इन्हें एंटीक मैट फिनिश दिया गया। उन्होंने चोकर के साथ मां लक्ष्मी की आकृति वाले लंबे हारम पहने। इसके अलावा झुमके, माथापट्टी, नथ, बाजूबंद, कमरबंद, चूड़ियां, हाथफूल, चंपासरलु, पायल और जड़ाबिल्ला शामिल थे। पूरा ज्वेलरी सेट पारंपरिक मंदिर शैली को दिखाता था। विजय देवरकोंडा ने धोती पहनी थी वहीं विजय देवरकोंडा ने आइवरी सिल्क धोती पहनी। इसके साथ वर्मिलियन रंग का अंगवस्त्रम लिया। अंगवस्त्रम के बॉर्डर पर जंगल और मंदिर से जुड़े मोटिफ की कढ़ाई थी। उनका लुक हैदराबाद की टेक्सटाइल विरासत से प्रेरित था। इसमें वनसिंगारम वीव का इस्तेमाल किया गया था। क्रीम और लाल रंग का मेल साफ नजर आ रहा था। उन्होंने भी पारंपरिक गोल्ड ज्वेलरी पहनी। इसमें लंबा मोती उभरा हुआ नेकलेस, छोटी चेन, गोल्ड स्टड ईयररिंग, बाजूबंद, दोनों हाथों में कड़े, अंगूठियां, कमरबंद और गोल्ड पायल शामिल थीं। उनके हाथ और पैरों में आलता या महावर भी लगाया गया था। इससे लुक और ज्यादा पारंपरिक दिखा। कुल मिलाकर दोनों का पहनावा सादगी के साथ संस्कृति पर आधारित था। विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- उदयपुर में पुष्पा फिल्म की हीरोइन की शादी, PHOTOS:रश्मिका ने साउथ स्टार विजय संग फेरे लिए; तेलुगु-कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं पुष्पा फिल्म की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा ने गुरुवार को उदयपुर में शादी की। रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा और विजय देवरकोंडा तेलुगु के हिंदू परिवार से आते हैं। इस वजह से सुबह तेलुगु और शाम को कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं। (पढ़िए पूरी खबर) विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच, दूल्हा-दुल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में 24 फरवरी से शुरू हो गई थीं। दूल्हा और दुल्हन ने होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला था। (पूरी खबर पढ़ें)

इजराइल की ईरान पर एयरस्ट्राइक देखें PHOTO-VIDEO:तेहरान समेत कई शहरों में धुएं का गुबार, ईरान के फाइटर जेट्स ने भी उड़ान भरी

इजराइल की ईरान पर एयरस्ट्राइक देखें PHOTO-VIDEO:तेहरान समेत कई शहरों में धुएं का गुबार, ईरान के फाइटर जेट्स ने भी उड़ान भरी

इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में धमाके हुए। आसमान में धुएं का गुबार छा गया। लगातार एयर अटैक सायरन बज रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे अपने नागरिकों की रक्षा के लिए उठाया कदम बताया है। हमले के बाद ईरान और इजराइल में तनाव बढ़ गया है। नीचे 10 तस्वीरों में देखिए ईरान के हालात… इजराइल की ईरान पर हमले से जुड़ी तस्वीरें… यरुशलम और तेल अवीव में सायरन सुनाई दिए…

अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट; ट्रम्प बोले- अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए अटैक किया

अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट; ट्रम्प बोले- अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए अटैक किया

इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस खाली करा लिया है। इधर इजराइल में भी एयर अटैक सायरन सुनाई दे रहे हैं। संवेदनशील इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है। इसके तहत ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के दफ्तर के पास हमला किया गया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) रखा है। यह नाम इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तय किया है। बताया गया है कि सेना ने पहले इस हमले के लिए दूसरा नाम रखा था। यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजरायल छोड़ने के लिए कहा था। हमले की तस्वीरें… ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद चल रहा था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। अमेरिकी सेना पहले ही ईरान को चारों तरफ से घेर चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजराइल छोड़ने के लिए कहा था। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। इजराइल के ईरान पर हमले से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

एक्ट्रेस यामी गौतम ने देख ली धुरंधर 2!:बोलीं- ये ऐसा अनुभव है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, फिल्म देखकर भावुक हो गई

एक्ट्रेस यामी गौतम ने देख ली धुरंधर 2!:बोलीं- ये ऐसा अनुभव है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, फिल्म देखकर भावुक हो गई

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद से ही दर्शकों को फिल्म के दूसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार है, जो 19 मार्च को रिलीज होगा। इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर की पत्नी और एक्ट्रेस यामी गौतम ने फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया, जब उन्होंने बताया कि वह धुरंधर 2 देख चुकी हैं। News18 से बातचीत में यामी गौतम ने कहा, मेरे पति ने ‘उरी’ जैसीकई बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। हाल ही में उन्होंने धुरंधर बनाई है। धुरंधर जैसी फिल्म बनाने के लिए उनमें गजब का जुनून है, वरना यह मुमकिन नहीं होता। जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या उनकी कोई फिल्म 19 मार्च को रिली हो रही है, तो उन्होंने जवाब दिया, देखिए, धुरंधर से जुड़ी कोई भी जानकारी आदित्य ही देंगे। बाकी सभी की तरह मेरा भी उस दिन सिनेमा हॉल में एक जरूरी अपॉइंटमेंट है, तो आप सभी से वहीं मुलाकात होगी। यामी गौतम ने आगे बताया कि उन्होंने धुरंधर 2 देख ली है। एक्ट्रेस ने कहा, मैंने धुरंधर 2 देख ली है। यह असाधारण से भी बढ़कर है। मैं बहुत भावुक हो गई थी। उस दिन मुझे फ्लाइट पकड़नी थी, इसलिए मैं आदित्य से कुछ कह नहीं पाई। बाद में भी मैं कुछ कर नहीं पाई। मुझे स्क्रिप्ट पढ़नी थी, लेकिन पढ़ नहीं पाई कुछ देखना था, लेकिन देख भी नहीं पाई। धुरंधर 2 दर्शकों के लिए एक ऐसा अनुभव होगा, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। बता दें, ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिली होगी। इस फिल्म का क्लैश यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ से होगा। फिल्म में रणवीर सिंह लीड रोल में हैं। उनके साथ आर माधवन, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त जैसे सितारे भी नज़र आएंगे।

हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर की बढ़ी हुई दर को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक में जलकर 75 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया। परिषद में बताया गया कि प्रति कनेक्शन करीब 563 रुपये प्रतिमाह खर्च आ रहा है, इसी आधार पर दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव नगर पालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल ने ही रखा था। उन्होंने शुरुआत में 300 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन चर्चा के बाद 200 रुपये प्रतिमाह की दर बहुमत से पारित कर दी गई। कांग्रेस ने किया था विरोध बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने 75 रुपये से सीधे 200 रुपये करने का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि दर बढ़ानी है तो उसे 100 रुपये प्रतिमाह किया जाए। यह आपत्ति परिषद की कार्यवाही में दर्ज है और इसके वीडियो प्रमाण भी मौजूद हैं। अब वही उपाध्यक्ष अंशुल गोयल मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर जलकर की दर कम करने या फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप: दोहरी राजनीति नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि जब प्रस्ताव खुद उपाध्यक्ष ने रखा और बहुमत से पारित कराया, तो अब दर कम करने की मांग किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले बहुमत का उपयोग कर फैसला करती है और अब जनता के दबाव में खुद को हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है। परिषद बैठक बुलाने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि यदि वास्तव में जलकर कम करना है तो परिषद की विशेष बैठक बुलाकर औपचारिक प्रस्ताव लाया जाए और दर 100 रुपये प्रतिमाह तय की जाए। उनका कहना है कि केवल पत्र लिखना पर्याप्त नहीं है। जलकर वृद्धि को लेकर शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर नगर पालिका परिषद की अगली बैठक और प्रशासन के फैसले पर टिकी है।

हाईकोर्ट ने पूछा-दिव्यांगों के रिक्त पद क्यों नहीं भरे?:जीएडी के प्रमुख सचिव और एमपीडब्ल्यूएलसी के प्रबंध निदेशक को नोटिस, 22 हजार पदों का मामला

हाईकोर्ट ने पूछा-दिव्यांगों के रिक्त पद क्यों नहीं भरे?:जीएडी के प्रमुख सचिव और एमपीडब्ल्यूएलसी के प्रबंध निदेशक को नोटिस, 22 हजार पदों का मामला

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला एवं मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 30 जनवरी 2024 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जाए। कोर्ट ने दिए थे पद भरने के निर्देश दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर कर बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के करीब 22 हजार पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इस संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने सरकार को रिक्त पद भरने के निर्देश दिए थे। वकील बोले-अफसर अवमानना कर रहे सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को छह माह की मोहलत दी थी। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिवम त्रिपाठी ने इसे अवमानना से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज की झाड़बीड़ा बीट में प्लांटेशन की जमीन पर लगे करीब 20 हजार पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। आरोप है कि राजलढ़ाना गांव के करीब 100 ग्रामीणों ने खेती करने के उद्देश्य से लगभग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। वन विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो राजस्व और पुलिस विभाग की मदद से संयुक्त कार्रवाई की गई। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वहां बनाई गई अस्थायी टपरियां हटाई गईं और बड़े गड्ढे खोदे गए, ताकि दोबारा खेती नहीं की जा सके। 2019 में हुआ था प्लांटेशन डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में वर्ष 2019 में पौधारोपण किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 हजार पौधों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे विभाग को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। अब वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पौधों पर हुए खर्च की वसूली की जाएगी। जिम्मेदार स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई डीएफओ ने यह भी कहा कि इस मामले में वन विभाग के जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था ठीक से क्यों नहीं की गई, इस संबंध में रेंजर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त टीम ने हटाया अवैध कब्जा झाड़बीड़ा बीट के कंपार्टमेंट नंबर 159 में राजलढ़ाना और पतलई गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए वन विभाग को पुलिस और राजस्व विभाग की सहायता लेनी पड़ी। अभियान के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बरसकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।