सैंटनर बोले- चीजें कंट्रोल से बाहर, हम दूसरों के भरोसे:पेसर मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे; हैरी ब्रूक ने कहा- बटलर सेमीफाइनल में चलेंगे

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 रोमांचक मोड़ पर आ गया है। सुपर-8 स्टेज में 2 दिन का खेल बाकी है और सेमीफाइनल की 2 टीमें अब भी तय होना बाकी है। 2 स्पॉट के लिए 4 टीमें रेस में बनी हुई हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इंग्लैंड से हार के बाद कहा कि चीजें अब उनके कंट्रोल से बाहर हो गई हैं। टीम अब पाकिस्तान की हार के भरोसे है। टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी भी पारिवारिक कारणों के चलते न्यूजीलैंड लौट गए हैं। सुपर-8 स्टेज में लगातार 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल में एंट्री करने वाली इंग्लिश टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने जोस बटलर का बचाव किया। वे बोले- बटलर भले रन नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलेंगे। बटलर सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं- ब्रूक इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर इस वर्ल्ड कप में अब तक फ्लॉप रहे हैं। उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे, जिससे टीम की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान हैरी ब्रूक ने साफ कहा कि बटलर की फॉर्म को लेकर टीम में कोई टेंशन नहीं है। ब्रूक बोले, “जोस दुनिया के बेस्ट खिलाड़ियों में से एक हैं। क्रिकेट में कभी-कभी रन नहीं बनते, इसका मतलब यह नहीं कि वे खराब खेल रहे हैं। वे नेट्स में अच्छी बैटिंग कर रहे हैं। हमें पता है कि वे सिर्फ एक बड़ी पारी दूर हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में वे जरूर वापसी करेंगे और मैच जिताएंगे।” 7 पारियों में 62 रन ही बना सके बटलर जोस बटलर न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके, उन्हें लॉकी फर्ग्यूसन ने विकेटकीपर टिम साइफर्ट के हाथों कॉट बिहाइंड करा दिया था। बटलर ने नेपाल के खिलाफ 26 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 रन बनाकर टूर्नामेंट शुरू किया था। हालांकि, पिछले 5 मुकाबलों में वे 10 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सके। वे 7 पारियों में 62 रन ही बना सके। सैंटनर बोले- हम दूसरों के भरोसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा, “यह देखकर दुख होता है कि अब चीजें हमारे कंट्रोल में नहीं हैं। हमें दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी पड़ रही है। हमने कुछ मौकों पर गलतियां कीं, जिसका नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है।” सैंटनर ने माना कि इंग्लैंड के खिलाफ टीम ने पावरप्ले और डेथ ओवर्स में सही खेल नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि अब बस एक ही रास्ता है कि श्रीलंका आखिरी मैच जीते और हम नॉकआउट में पहुंच जाएं। मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वापस देश लौट गए। वे अपने पहले बच्चे के जन्म के समय अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। हेनरी ने इस बारे में टीम मैनेजमेंट को पहले ही बता दिया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने हेनरी के फैसले को सपोर्ट किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। हालांकि, न्यूजीलैंड अगर सेमीफाइनल में पहुंच गया तो हेनरी की कमी टीम को जरूर खलेगी। उन्होंने ही श्रीलंका के खिलाफ पावरप्ले में 2 अहम विकेट लेकर टीम की जीत की नींव रखी थी। क्या है सेमीफाइनल का गणित? वर्ल्ड कप में अब पूरा खेल ‘करो या मरो’ वाली स्थिति में पहुंच गया है। इसे 3 पॉइंट्स में समझते हैं…
सैंटनर बोले- चीजें कंट्रोल से बाहर, हम दूसरों के भरोसे:पेसर मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे; हैरी ब्रूक ने कहा- बटलर सेमीफाइनल में चलेंगे

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 रोमांचक मोड़ पर आ गया है। सुपर-8 स्टेज में 2 दिन का खेल बाकी है और सेमीफाइनल की 2 टीमें अब भी तय होना बाकी है। 2 स्पॉट के लिए 4 टीमें रेस में बनी हुई हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इंग्लैंड से हार के बाद कहा कि चीजें अब उनके कंट्रोल से बाहर हो गई हैं। टीम अब पाकिस्तान की हार के भरोसे है। टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी भी पारिवारिक कारणों के चलते न्यूजीलैंड लौट गए हैं। सुपर-8 स्टेज में लगातार 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल में एंट्री करने वाली इंग्लिश टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने जोस बटलर का बचाव किया। वे बोले- बटलर भले रन नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलेंगे। बटलर सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं- ब्रूक इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर इस वर्ल्ड कप में अब तक फ्लॉप रहे हैं। उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे, जिससे टीम की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान हैरी ब्रूक ने साफ कहा कि बटलर की फॉर्म को लेकर टीम में कोई टेंशन नहीं है। ब्रूक बोले, “जोस दुनिया के बेस्ट खिलाड़ियों में से एक हैं। क्रिकेट में कभी-कभी रन नहीं बनते, इसका मतलब यह नहीं कि वे खराब खेल रहे हैं। वे नेट्स में अच्छी बैटिंग कर रहे हैं। हमें पता है कि वे सिर्फ एक बड़ी पारी दूर हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में वे जरूर वापसी करेंगे और मैच जिताएंगे।” 7 पारियों में 62 रन ही बना सके बटलर जोस बटलर न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके, उन्हें लॉकी फर्ग्यूसन ने विकेटकीपर टिम साइफर्ट के हाथों कॉट बिहाइंड करा दिया था। बटलर ने नेपाल के खिलाफ 26 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 रन बनाकर टूर्नामेंट शुरू किया था। हालांकि, पिछले 5 मुकाबलों में वे 10 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सके। वे 7 पारियों में 62 रन ही बना सके। सैंटनर बोले- हम दूसरों के भरोसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा, “यह देखकर दुख होता है कि अब चीजें हमारे कंट्रोल में नहीं हैं। हमें दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी पड़ रही है। हमने कुछ मौकों पर गलतियां कीं, जिसका नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है।” सैंटनर ने माना कि इंग्लैंड के खिलाफ टीम ने पावरप्ले और डेथ ओवर्स में सही खेल नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि अब बस एक ही रास्ता है कि श्रीलंका आखिरी मैच जीते और हम नॉकआउट में पहुंच जाएं। मैट हेनरी न्यूजीलैंड लौटे न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वापस देश लौट गए। वे अपने पहले बच्चे के जन्म के समय अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। हेनरी ने इस बारे में टीम मैनेजमेंट को पहले ही बता दिया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने हेनरी के फैसले को सपोर्ट किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। हालांकि, न्यूजीलैंड अगर सेमीफाइनल में पहुंच गया तो हेनरी की कमी टीम को जरूर खलेगी। उन्होंने ही श्रीलंका के खिलाफ पावरप्ले में 2 अहम विकेट लेकर टीम की जीत की नींव रखी थी। क्या है सेमीफाइनल का गणित? वर्ल्ड कप में अब पूरा खेल ‘करो या मरो’ वाली स्थिति में पहुंच गया है। इसे 3 पॉइंट्स में समझते हैं…
उज्जैन में तड़के 4 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट:पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु, महा निर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में शनिवार तड़के भस्म आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देव प्रतिमाओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर व फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद हरि ओम का जल अर्पित कर भगवान को त्रिशूल, त्रिपुण्ड और रुद्राक्ष माला से राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भगवान को ड्रायफ्रूट, आभूषण, रजत शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। गुलाब की खुशबू से सुसज्जित महाकाल को फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
टीचर ने घर को बना दिया साइंस म्यूजियम:35-40 लाख खर्च कर 22 देशों से मंगवाए उपकरण, खेल-खेल में सिखाते हैं फिजिक्स

स्कूली स्टूडेंट्स में फिजिक्स सब्जेक्ट और साइंस के प्रति उत्सुकता जगाने के लिए जयपुर के जीएस मेनारिया ने अपने तीन मंजिला घर को ही साइंस का म्यूजियम बना दिया। यहां बच्चे खेल-खेल में साइंस सीखते हैं। 20 साल में 22 देशों से जुटाए गए भौतिकी से जुड़े दुर्लभ मॉडल और उपकरण इस घर को खास बनाते हैं। मेनारिया का दावा है कि उनके पास मौजूद 150 से ज्यादा ऐसे इंटरएक्टिव ‘खिलौने’ हैं, जो देश के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मौजूद नहीं। मेनारिया ने इस आइडिया पर लाखों रुपए खर्च किए, ताकि स्कूली बच्चे जटिल सिद्धांतों को प्रयोग के जरिए समझ सकें, बिना किसी डर के, बिना रट्टा मारे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… चितौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी के रहने वाले जीएस मेनारिया के पिता भगवान लाल गांव के स्कूल में फिजिक्स लैब सहायक थे। 40 साल पिता ने वहां नौकरी की। मेनारिया कहते हैं, जिस विषय से हमारा घर चला, हमने उसी को पूजा। वही सम्मान आगे चलकर जुनून बना। 1996 में पिता के रिटायरमेंट पर मेनारिया ने उनके नाम से 10 हजार रुपए का ड्राफ्ट स्कूल को दिया ताकि ब्याज से फिजिक्स टॉपर को स्कॉलरशिप मिले। आज वही रकम 5 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। उसी लैब से जुड़े तीन होनहार छात्रों को हर साल छात्रवृत्ति मिलती है। पहला रिसर्च पेपर छपा, वहीं से बदली दिशा मेनारिया ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद जयपुर में रहकर बच्चों को फिजिक्स पढ़ाने लगे। यहीं से पढ़ाने का तरीका बदलने की बेचैनी शुरू हुई। 1988 में ऑल इंडिया फिजिक्स टीचर्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय परीक्षा में ‘फिजिक्स को लोकप्रिय कैसे बनाएं’ विषय पर उनका पेपर पूरे राजस्थान में प्रथम रहा। आज मेनारिया इस परीक्षा के स्टेट को-ऑर्डिनेटर हैं। यहां से मिला आइडिया 2005 में आइंस्टीन के E=mc² को 100 साल पूरे होने पर मनाए गए इंटरनेशनल ईयर ऑफ फिजिक्स के तहत मैसूर में हुए सम्मेलन में उन्होंने अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। यह आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और नेशनल टीचर साइंस कांग्रेस की ओर से हुआ था। पैनल के सामने उन्होंने ‘कोऑपरेटिव लर्निंग के जरिए फिजिक्स पढ़ाने की डायनामिक्स’ पर पेपर प्रस्तुत किया, जो न सिर्फ सराहा गया, बल्कि दुनिया भर से आए चुनिंदा रिसर्च पेपर्स में शामिल भी हुआ। यहीं मेनारिया ने पहली बार देखा कि कैसे खिलौनों, मॉडल्स और खुद के डिजाइन किए उपकरणों से फिजिक्स को आम भाषा में समझाया जा सकता है। यही वह पल था, जब उन्हें फिजिक्स को पढ़ाने नहीं, दिखाकर समझाने का विचार आया। 500 से ज्यादा उपकरण, 150 ऐसे जो देश में कहीं नहीं फिजिक्स को खेल-खेल में समझाने के लिए जीएस मेनारिया के पास 500 से ज्यादा फिजिक्स खिलौने और उपकरण हैं, जिनमें से 300 से अधिक जयपुर के प्रतापनगर स्थित उनके तीन मंजिला घर में प्रदर्शित हैं। मेनारिया का दावा है कि इनमें 150 से ज्यादा ऐसे इंटरएक्टिव मॉडल हैं, जो पूरे देश के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मौजूद नहीं। इन उपकरणों को उन्होंने 22 देशों से मंगवाया है। कुछ सीधे विदेशों से तो कुछ अपने उन छात्रों के जरिए जो अलग-अलग देशों में काम कर रहे हैं। इन सब पर अब तक 35-40 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इस तरह सिखाते हैं फिजिक्स उपकरणों के लिए घर छोटा पड़ा तो नया बनवाया जयपुर के दुर्गापुरा की शांतिनगर कॉलोनी वाला घर इन उपकरणों से भर गया तो प्रतापनगर में नया मकान बनवाया। आधा बनते-बनते फैसला हो गया कि यह घर नहीं, फिजिक्स का संग्रहालय होगा। आज नए घर के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर उनकी 20 साल की मेहनत सजी है। थर्ड फ्लोर वर्कशॉप के लिए है, जिसे जल्द बाकी बचे उपकरणों से सजाने की तैयारी है। अब तक 100 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड जीत चुके मेनारिया की किताब ‘डांसिंग फिजिक्स’ भी जल्द प्रकाशित होने वाली है।
दतिया में डिजिटल लोन फ्रॉड में 2.09 लाख की ठगी:आदित्य बिरला फाइनेंस बनकर महिला ने युवक को फंसाया

डिजिटल लोन की जरूरत आम आदमी को किस तरह साइबर ठगों के जाल में फंसा रही है, इसका ताजा उदाहरण दतिया जिले से सामने आया है। यहां एक फाइनेंस कंपनी का नाम और फर्जी डिजिटल लोन स्कीम दिखाकर एक युवक से करीब 2 लाख 9 हजार 658 रुपये की ठगी कर ली गई। थाना गोदन में फरियादी विपिन यादव (33) निवासी ग्राम छान ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 फरवरी 2025 को उसने गूगल पर फाइनेंस लिमिटेड की वेबसाइट खोलकर न्यू डिजिटल बिजनेस लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के 2-3 दिन बाद उसके मोबाइल नंबर पर 8959837049 से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को फाइनेंस कंपनी से प्रिया वर्मा बताते हुए कहा कि वह लोन के लिए पात्र है। लेकिन पहले प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। किस्तों में ठगी का पूरा खेल विश्वास में लेकर ठगों ने अलग-अलग तारीखों में फोनपे और गूगलपे के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई। 11 फरवरी 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक लगातार अलग-अलग बहानों से पैसे मंगवाए गए। कभी फाइल चार्ज, कभी जीएसटी, कभी लोन अप्रूवल, तो कभी इंश्योरेंस के नाम पर रकम ऐंठी गई। इस तरह फरियादी से कुल कुल 2 लाख 9 हजार 658 की ठगी कर ली गई। लेकिन न लोन मिला और न ही कॉल रिसीव होना बंद हुआ। थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी:को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था

25 मई 2024 की बात है, जब अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर अपनी शूटिंग खत्म करके अपनी को-एक्टर के साथ घर लौट रहे थे। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन पहुंचे, तभी चार लोग अचानक उनके पास आ गए और उनकी कार में चोरी करने की कोशिश करने लगे। शुरुआत में जॉनी कुछ समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी कार में चोरी की जा रही है, तो उन्होंने अपनी को-एक्टर को बचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी साथी को अपने शरीर से ढक लिया। तभी गुस्से में आए चोरों ने गोली चला दी, जो सीधे जॉनी को लगी। आनन-फानन में जॉनी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बड़ी बात यह है कि जॉनी की मौत के तीन हफ्तों बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए। क्या जॉनी की हत्या सिर्फ चोरी की घटना के तहत हुई या इसके पीछे कोई और साजिश थी? और दूसरा सवाल यह कि आखिर जॉनी की मौत के तीन हफ्ते बाद उनका अंतिम संस्कार क्यों किया गया। आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर-3 में पढ़िए अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर की मौत की पूरी कहानी… जॉनी वेक्टर का जन्म 31 अगस्त 1986 को अमेरिका के साउथ कैरोलिना में हुआ था। उनके दो भाई लांस और ग्रांट हैं। जॉनी का बचपन यहीं बीता और उन्होंने 2004 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर ऑफ साइंस (B.S.) और स्पैनिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री हासिल की। जॉनी दिखने में काफी स्मार्ट और आत्मविश्वासी थे। पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों की ओर अधिक था। वे हमेशा कुछ अलग करना चाहते थे। उनके मन में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने की इच्छा लगातार मजबूत होती गई। आखिरकार उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक्टिंग में करियर बनाने के लिए लॉस एंजेलिस का रुख किया। हालांकि, यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। पहला बड़ा मौका मिलने से पहले उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। लॉस एंजेलिस पहुंचने पर उनके पास कोई काम नहीं था, इसलिए अपना खर्च चलाने के लिए उन्हें रेस्तरां और बार में नौकरी करनी पड़ी। नौकरी के साथ-साथ वे लगातार ऑडिशन देते रहे और इस दौरान कई बार रिजेक्शन का सामना भी किया। आखिरकार साल 2007 में उन्हें अपने करियर का पहला बड़ा ब्रेक मिला। उन्होंने टीवी शो आर्मी वाइव्स से अपना डेब्यू किया। यह शो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इसी के जरिए उन्हें वह पहचान मिलनी शुरू हुई, जिसकी हर कलाकार को चाह होती है। इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली। 2020 से 2022 तक उन्होंने लोकप्रिय सीरीज जनरल हॉस्पिटल में ब्रैंडो कॉर्बिन की भूमिका निभाई, जिससे उन्हें और भी बड़ी पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने सीरीज Siberia में भी अभिनय किया। जॉनी ने टीवी के साथ-साथ फिल्मी दुनिया में भी कदम रखा और वहां भी अपनी अलग पहचान बनाई। जैसे ही जॉनी को इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी, उसी दौरान उनकी मुलाकात एक्ट्रेस और डायरेक्टर टीसा से हुई। पहले दोनों अच्छे दोस्त बने और फिर धीरे-धीरे एक-दूसरे को डेट करने लगे। साल 2010 में दोनों रिलेशनशिप में आए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 2013 में दोनों अलग हो गए। हालांकि, जॉनी ने अपनी पर्सनल लाइफ को कभी भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर हावी नहीं होने दिया और वे लगातार अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते रहे। फिर आया 25 मई साल 2024 यह वो तारीख और साल था, जिसमें जॉन ने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें अपनी इस चकाचोंद भरी दुनिया को छोड़़ना पड़ेगा। दरअसल, उस रात जॉन ने अपनी शूटिंग खत्म की और फिर वह सेट से निकल गए। उनके साथ उनकी को-स्टार भी थीं। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में पिको बुलेवार्ड और होप स्ट्रीट के कोने पर पहुंचे ही थे कि तभी अचानक वहां तीन लोग आ गए। शुरुआत में जॉन को लगा कि शायद उनकी कार को उठा कर ले जाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जब उन्हें जॉन को पता चला कि उनकी कार टोयोटा प्रियस से कैटेलिटिक कन्वर्टर चोरी करने की कोशिश की जा रही है, तो सबसे पहले उन्होंने स्थिति को समझते हुए अपनी को-स्टार की जान बचाने की कोशिश की और उसे अपने शरीर से ढकने की कोशिश की। लेकिन चोर को पता चल गया था कि जॉन को उनके बारे में पता चल गया है तो उन्होंने जॉन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद तीन आरोपी मौके से फरार हो गए। जबकि जॉन को आनन-फानन में हॉस्पिटल में लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। जॉन की मौत के लगभग तीन हफ्ते बाद यानी 16 जून 2024 को उनका अंतिम संस्कार समरविल बैपटिस्ट चर्च में किया गया। इस तीन हफ्ते के अंतर के पीछे कई कारण थे। सबसे पहले हत्या की घटना की पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी था, ताकि सभी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी हो सके। इसके अलावा, उनके परिवार और करीबी रिश्तेदार कई अलग-अलग शहरों और राज्यों में रहते थे, इसलिए उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समय दिया गया। इसके साथ ही चर्च और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की व्यवस्था भी करने में समय लगा। इन सभी कारणों के चलते जॉन का अंतिम संस्कार तीन हफ्तों के बाद किया गया, ताकि परिवार, दोस्तों और फैंस उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने सकें। यूं सरेआम जॉन की हत्या ने हर किसी को चौंका दिया था सबके मन में एक ही सवाल था कि आखिर दिनदहाड़े चोर कैसे किसी व्यक्ति की जान ले सकते हैं और कोई जानी मानी हस्ती को लेकर कोई प्रोटेक्शन क्यों नही हुई। कई ऐसे सवाल थे जो जॉन के परिवार के साथ ही उनके फैंस भी जानना चाहते थे। ऐसे में पुलिस के ऊपर भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का और आरोपियों की गिफ्तारी का दबाब बनता जा रहा था। इसी दौरान फिर 15 अगस्त 2024 को जॉन की मौत के संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार
विल जैक्स ने शेन वॉटसन की बराबरी की:सबसे ज्यादा 4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीते; बटलर 10वीं बार शून्य पर आउट

इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट खोकर 159 रन बनाए। इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। जीत के हीरो रहे विल जैक्स, जिन्होंने 18 गेंद पर नाबाद 32 रन की तेज पारी खेली और 2 विकेट भी लिए। वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यह उनके वर्ल्ड कप करियर का चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड रहा, इसी के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन की बराबरी कर ली। दूसरी ओर जोस बटलर टी-20 इंटरनेशनल में 10वीं बार शून्य पर आउट हुए। ENG vs NZ मैच के टॉप रिकार्ड्स और मोमेंट्स… 1. विल जैक्स ने चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत लिया। इसी के साथ उन्होंने एक ही एडिशन में सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने के मामले में शेन वॉटसन की बराबरी कर ली, जिन्होंने भी 2012 में 4 अवॉर्ड हासिल किए थे। तब वॉटसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने थे। वहीं, 2022 में सिकंदर रजा ने तीन बार यह सम्मान पाया था। 2. स्पिनर्स ने 31 ओवर्स फेंके टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो का आर प्रेमदासा स्टेडियम स्पिनर्स के लिए सबसे मददगार साबित हुआ। न्यूजीलैंड-इंग्लैंड मैच में 31 ओवर स्पिनर्स ने फेंके। यह टूर्नामेंट इतिहास के एक मैच में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा रहे। इससे पहले इसी वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भी दोनों टीमों के स्पिनर्स ने मिलकर 31 ओवर डाले थे। 3. बटलर इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट जोस बटलर शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके। वे इंग्लैंड के लिए टी-20 में सबसे ज्यादा 10 बार शून्य पर आउट हुए हैं। उनके बाद ल्यूक राइट और मोईन अली 9-9 बार डक हुए, जबकि जेसन रॉय 7 बार शून्य पर आउट हुए हैं। अब मोमेंट्स… 1. न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाज स्टंपिंग आउट हुए न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाज टिम साइफर्ट और मार्क चापमन स्टंपिंग आउट हुए। 7वें ओवर में आदिल रशीद ने टिम साइफर्ट को धीमी गेंद डाली। साइफर्ट बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकले, लेकिन गेंद मिस कर गए, इतने में विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंपिंग कर दी। साइफर्ट 35 रन बनाकर आउट हुए। 15वें ओवर में आदिल रशीद ने मार्क चापमन के खिलाफ भी वही रणनीति अपनाई। चापमन लॉन्ग-ऑन के ऊपर शॉट खेलने के लिए आगे बढ़े, लेकिन गेंद की रफ्तार कम थी। शॉट में जल्दबाजी हुई, बैलेंस बिगड़ा और बटलर ने आसान स्टंपिंग कर दी। चापमन 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 2. स्कूप खेलते हुए ब्रूक को गेंद लगी इंग्लैंड की बैटिंग के दौरान तीसरे ओवर में दूसरी गेंद पर हैरी ब्रूक शॉट खेलने के लिए ऑफ स्टंप से बाहर गए, लेकिन मैट हेनरी ने भी उनको फॉलो करते हुए गेंद डाली। ब्रूक ने स्कूप लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का इनसाइड एज लेकर उनके शरीर से टकरा गई। हालांकि, उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई और उन्होंने खेलना जारी रखा। 3. ग्लेन फिलिप्स ने डाइव लगाकर कैच पकड़ा 9वें ओवर की चौथी गेंद पर ग्लेन फिलिप्स ने हवा में डाइव लगाते हुए जैकब बेथेल का शानदार कैच पकड़ा। रचिन रवींद्र ने ऑफ स्टंप पर गुड लेंथ बॉल डाली, जिस पर बेथल ने बैकफुट से पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद मिडविकेट की ओर चली गई, जहां ग्लेन फिलिप्स ने हवा में उड़ते हुए आगे की ओर डाइव लगाई और बेहतरीन कैच पकड़ लिया। 4. रेहान अहमद ने अपनी पहली बॉल पर विकेट लिया टी-20 वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेल रहे रेहान अहमद ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट ले लिया। उन्होंने 12वें ओवर की पहली गेंद शॉर्ट पिच फेंकी। रचिन रवींद्र ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की ओर गई। जहां खड़े जैकब बेथेल ने आसान-सा कैच पकड़ लिया। रेहान को पहली बॉल पर ही विकेट मिल गया। रचिन 11 रन बनाकर आउट हुए। —————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————– टी-20 वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड ने लगातार तीसरा सुपर-8 मैच जीता, कीवियों की उम्मीदें पाकिस्तान पर टिकीं इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप के 9वें सुपर-8 मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया है। इस जीत ने पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें कायम रखी हैं। वहीं, न्यूजीलैंड को पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
पुतुल समारोह में एकलव्य की गाथा की प्रस्तुति:उज्जैन में विक्रम उत्सव में बच्चों ने सीखा कठपुतली का कौशल

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति संचालनालय द्वारा विक्रम उत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को आयोजित ‘पुतुल समारोह’ के दूसरे दिन दो प्रस्तुतियां हुईं। पुतुल समारोह के प्रथम चरण में डॉल्स थिएटर, कोलकाता द्वारा ‘द आर्चर स्टूड अलोन’ (निर्देशन: सुदीप गुप्ता) प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में एकलव्य की कथा को प्रभावी कठपुतली शैली में दिखाया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा। द्वितीय चरण में मेहर द रूप, अहमदाबाद के कलाकारों ने ‘आठवां’ का कठपुतली मंचन किया। इस प्रस्तुति का निर्देशन मानसिंह झाला ने किया। दोनों प्रस्तुतियों में कलाकारों की सजीव अभिव्यक्ति और तकनीकी कौशल ने दर्शकों को बांधे रखा। इस अवसर पर शहर के एक्टिव इंग्लिश हाई स्कूल एवं रविन्द्र नाथ टैगोर स्कूल के लगभग 350 विद्यार्थी उपस्थित रहे। स्कूली बच्चों ने कठपुतलियों को हाथ में लेकर उन्हें चलाने का अनुभव भी प्राप्त किया। कठपुतली कला के प्रति बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शनिवार को केरल और कोलकाता के कलाकार देंगे प्रस्तुति पुतुल समारोह में 28 फरवरी को के.के. पुलवर मेमोरियल थोलपावाकुथु पपेट सेंटर, केरल द्वारा ‘दुर्योधन वधम्’ की प्रस्तुति दी जाएगी, जिसका निर्देशन रामचंद्र पुलवर करेंगे। दूसरी प्रस्तुति डॉल्स थिएटर, कोलकाता द्वारा ‘पदमगाथा’ की होगी, जिसका निर्देशन सुदीप गुप्ता द्वारा किया गया है। कठपुतली कला की पारंपरिक एवं रचनात्मक शैलियों का अद्भुत संगम दर्शकों को देखने को मिलेगा।
होली स्किन केयर: होली से पहले अपनाएं ये घरेलू टिप्स, ना चेहरे पर रंग चढ़ेगा; त्वचा और बाल भी सुरक्षित

होली पर त्वचा की सुरक्षा: होली का त्योहार रंगों से भरा होता है, लेकिन केमिकल वाले रंग-बिरंगे बालों और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई लोगों को एलर्जी, जलन या रूखापन झेलने की आदत होती है, ऐसे में होली खेलने से पहले अपनी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं, क्योंकि होली पर चेहरे की सही देखभाल जरूरी है, नहीं तो बाद में रंग-बिरंगी चीजों में काफी त्वचा का सामना करना पड़ सकता है। नारियल तेल सबसे अच्छा पौधा क्यों? भिन्न भिन्न का प्रयोग किया जाता है नारियल का तेल त्वचा को पोषण देता है और सूखापन दूर करता है। कई लोग इसे बालों में भी 1-2 घंटे पहले लगाते हैं ताकि चमक बनी रहे। कुछ विद्वान जैतून तेल या बादाम तेल की भी सलाह देते हैं, लेकिन नारियल तेल सबसे लोकप्रिय और आसानी से उपलब्ध है। ध्यान रहे कि हमेशा शुद्ध, वर्जिन नारियल तेल का इस्तेमाल करें और हाथों से धागे लगाएं, ताकि स्टिक हट न हो। सुझाव त्वचा वाले पहले ही पैच टेस्ट करना ना भूलें। यह सुझाव सामान्य जानकारी पर आधारित है। अगर आपको एलर्जी या त्वचा संबंधी कोई समस्या है तो डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। होली वाले दिन केमिकल कलर से अछूता और न्यूट्रल कलर का इस्तेमाल करें। इससे आप होली का पूरा मजा ले लेंगे। लेकिन त्वचा की सुरक्षा पर भी ध्यान दें और ये नारियल तेल वाला उपाय आप अपना सकते हैं, क्योंकि ये छोटी-सी तैयारी आपको रंग के बाद भी चमकदार त्वचा देगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली त्वचा की सुरक्षा(टी)होली से पहले नारियल का तेल(टी)होली के रंगों के दाग को रोकें(टी)होली युक्तियाँ त्वचा की देखभाल(टी)प्राकृतिक होली सुरक्षा
भोपाल में घर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद:पड़ोसियों ने पुलिस से की शिकायत, कहा- मस्जिद के रूप में हो रहा उपयोग

भोपाल के साकेत नगर इलाके में एक मकान में नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने थाने में आवेदन देकर आपत्ति दर्ज कराई है। आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित मकान का उपयोग मस्जिद के रूप में किया जा रहा है। एडीशनल डीसीपी गौतम सौलंकी ने बताया कि साकेत नगर क्षेत्र से एक आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत में कहा है कि एक घर में नमाज पढ़ी जा रही है और उसे मस्जिद के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने आवेदन को जांच में लिया है और तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अब तक वहां किसी प्रकार की मस्जिद संचालित होने की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित स्थल एक आवासीय मकान है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जताई नाराजगी ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपने निजी मकान में इबादत कर रहा है और वह सार्वजनिक स्थल पर आयोजन नहीं कर रहा, तो उस पर आपत्ति उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर आवेदन देकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। धर्म के नाम पर विवाद खड़ा करना शहर की सांस्कृतिक परंपरा के विपरीत है। अपन घर में इबादत कर सकता है व्यक्ति ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में संबंधित मकान आवासीय ही पाया गया है और वहां स्थायी रूप से मस्जिद संचालित होने के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने घर में इबादत कर सकता है, बशर्ते वह सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न करे। राजधानी जैसे शहर में आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।







