Thursday, 24 Sep 2026 | 06:25 PM

Trending :

Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu & Vivek Joshi Profile Details IIT Bombay Anti-Suicide Rules | Twin Sharing Rooms & Ceiling Fan Removal अनुष्का शर्मा मोस्ट-फॉलोव्ड एथलीट पार्टनर्स में शामिल:दुनिया की टॉप-5 में इकलौती भारतीय; लिस्ट में किम कार्दशियन और टेलर स्विफ्ट जैसे सेलेब्स के नाम अनुष्का शर्मा मोस्ट-फॉलोव्ड एथलीट पार्टनर्स में शामिल:दुनिया की टॉप-5 में इकलौती भारतीय; लिस्ट में किम कार्दशियन और टेलर स्विफ्ट जैसे सेलेब्स के नाम लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे आयुष्मान खुराना:संजय दत्त ने पत्नी मान्यता को तिलक लगाया; अंकिता लोखंडे ने बप्पा के चरणों में झुककर लिया आशीर्वाद लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे आयुष्मान खुराना:संजय दत्त ने पत्नी मान्यता को तिलक लगाया; अंकिता लोखंडे ने बप्पा के चरणों में झुककर लिया आशीर्वाद
EXCLUSIVE

इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है। हालांकि, फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध खत्म करने की राह में अभी भी कई शर्तें और लंबी समय सीमा जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। फिलहाल हमास या इजरायल, किसी ने भी इस समझौते पर सहमति के संकेत नहीं दिए हैं। यह घोषणा अमेरिका द्वारा मध्यस्थता वाले संघर्ष विराम के नौ महीने बाद आई है। इजरायल और हमास के बीच बातचीत दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर रुकी हुई थी, जिसमें हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा का पुनर्निर्माण शामिल है। गाजा में शांति बहाली की कोशिशें तेज एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि अगर इजराइल गाजा के पुनर्निर्माण के लिए के 20 सूत्रीय प्लान को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बहुत निराश होंगे। यह टिप्पणी हमास द्वारा अमेरिका नियंत्रित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के निरस्त्रीकरण प्लान को मंजूरी देने के बाद एक ब्रीफिंग के दौरान की गई। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि यह प्रस्ताव इजराइली मांगों को पूरा नहीं करता, जिससे संकेत मिला कि यरुशलम इसे आगे नहीं बढ़ने देगा। अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी कि वे इजराइल से ऐसा कुछ नहीं मांग रहे जो उस 20 सूत्रीय प्लान का हिस्सा न हो, जिस पर इजराल ने शुरू में सहमति जताई थी। अधिकारी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इजराइल इसका पालन करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल को उस मूल समझौते पर टिके रहने की जरूरत है, जिससे बंधकों की घर वापसी हुई और युद्ध समाप्त हुआ। अधिकारी के अनुसार, इजराइल के सामने अभी कई मुद्दे हैं और वे इस मामले को फिलहाल और नहीं बढ़ाना चाहते। हमास ने हथियार छोड़ने के प्लान पर दी सहमति ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने पुष्टि की है कि हमास ने पिछले साल गाजा में हुए संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए अपने हथियारों को हटाने के रोडमैप पर सहमति दे दी है। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि पहली बार हमास आधिकारिक तौर पर अपने सभी हथियार छोड़ने के एक व्यावहारिक प्लान के लिए प्रतिबद्ध हुआ है, जिसके बाद इजराइल गाजा से अपनी सेना हटाएगा। बोर्ड के अनुसार, अब उनका ध्यान इस प्लान को लागू करने पर है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ (NCAG) के साथ मिलकर काम किया है। जल्द ही ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) के समर्थन से पूर्ण अधिकार की ओर एक चरणबद्ध बदलाव शुरू होगा। बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने कहा कि इसके बाद गाजा का पुनर्निर्माण होगा, जिसका शासन फिलिस्तीनी करेंगे और यह इजराइल के साथ शांति से रहेगा। 14 दिन में तय होगी समयसीमा हमास की मंजूरी के बाद 14 दिन की अवधि शुरू हो गई है, जिसमें दोनों पक्ष प्रस्ताव के हर चरण को लागू करने की समयसीमा तय करेंगे। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के अधिकारियों के अनुसार, पूर्ण निरस्त्रीकरण प्रक्रिया के लिए संभावित समयसीमा लगभग 200 से 350 दिनों के बीच है। समयसीमा तय होने के बाद, बोर्ड इजराइल को अक्टूबर 2025 के गाजा संघर्ष विराम के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कहेगा। अधिकारियों ने बताया कि इजराइल को मूल ‘येलो लाइन’ तक पीछे हटना होगा, जो अक्टूबर 2025 के समझौते में तय की गई थी। उस समय इजराइल का गाजा के लगभग 53 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण था, लेकिन बाद में इजराइल ने इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर लिया था। इजराइल को तब तक पीछे हटने की जरूरत नहीं होगी जब तक हमास अपने हथियार सौंपना शुरू नहीं करता। साथ ही, दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए एक ‘इम्प्लीमेंटेशन वेरिफिकेशन कमेटी’ (IVC) बनाई जाएगी।

इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। ट्रम्प के मुताबिक, हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार छोड़ने पर सहमति जताई है। इसके बाद इजराइली सेना भी चरणबद्ध तरीके से गाजा से पीछे हटेगी। हालांकि, अब तक न तो इजराइल और न ही हमास ने आधिकारिक तौर पर इस समझौते को मंजूरी दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह उनके 20-पॉइंट गाजा प्लान का सबसे अहम हिस्सा है और गाजा में स्थायी शांति व सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम की कई महीनों की कोशिशों के बाद यह समझौता हो सका। फिलिस्तीन में नई तकनीकी सरकार बनेगी गाजा का प्रशासन नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) नाम की नई संस्था को सौंपा जाएगा। यह संस्था हमास और फिलिस्तीनी अथॉरिटी से अलग होगी। इसका काम गाजा में नागरिक सेवाएं, प्रशासन और कानून-व्यवस्था संभालना होगा। इस योजना का मकसद गाजा में एक ही सरकार, कानून और सुरक्षा व्यवस्था लागू करना है। ट्रम्प के मुताबिक समझौता कई चरणों में लागू होगा। जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजराइली सेना गाजा से हटेगी। इसके बाद एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा संभालेंगे। योजना के मुताबिक गाजा का प्रशासन संभालने वाली नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ मिलकर काम करेगी। ट्रम्प का कहना है कि इससे गाजा फिर कभी इजराइल पर हमलों का अड्डा नहीं बन पाएगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसे पूरी तरह लागू करना अभी आसान नहीं होगा। हमास और दूसरे संगठनों के हथियार छोड़ने, इजराइली सेना की वापसी और नई व्यवस्था लागू होने में कई महीने लग सकते हैं। बोर्ड ऑफ पीस क्या है? ट्रम्प ने पहली बार पिछले साल सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। पिछले हफ्ते दुनिया के नेताओं को भेजे गए न्योते में बताया गया कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा। भेजे गए एक मसौदा (चार्टर) में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। कैसे होगा हमास का निरस्त्रीकरण? योजना के तहत पहले हमास की सिविल पुलिस अपने हथियार नई फिलिस्तीनी पुलिस को सौंपेगी। इसके बाद भारी हथियार सुरक्षित जगहों पर रखे जाएंगे। हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां और सुरंगों को नष्ट किया जाएगा। छोटे हथियार भी फिलिस्तीनी कानून के तहत जमा कराए जाएंगे। गाजा में सक्रिय दूसरे हथियारबंद गुटों और युद्ध के दौरान बने एंटी-हमास मिलिशिया को भी हथियार छोड़ने होंगे। अमेरिकी और Board of Peace अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया करीब 200 से 350 दिन तक चल सकती है। हर चरण पूरा होने के बाद स्वतंत्र निगरानी एजेंसियां इसकी पुष्टि करेंगी। तभी अगला चरण शुरू होगा। इजराइल कब हटेगा? समझौते के मुताबिक इजराइल की सेना उसी अनुपात में पीछे हटेगी, जिस अनुपात में हमास हथियार छोड़ेगा। साथ ही इजराइल को गाजा में सैन्य अभियान और हवाई हमले रोकने होंगे। हालांकि, अगर कोई तत्काल सुरक्षा खतरा हुआ तो कार्रवाई की गुंजाइश रहेगी। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि बातचीत के हर चरण में इजराइल को शामिल रखा गया और उससे वही करने को कहा गया है, जिस पर वह पहले ही ट्रम्प के 20-पॉइंट प्लान के तहत सहमत हो चुका है। हमास ने पूरी तरह हामी नहीं भरी ट्रम्प के दावे के बावजूद हमास की ओर से अलग संकेत मिले हैं। हमास के वरिष्ठ नेता गाजी हमद ने अल जजीरा से कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन जब तक इजराइली सेना पूरी तरह गाजा से नहीं हटती, तब तक संगठन हथियार छोड़ने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगा। हमास का कहना है कि निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होगी और उसमें इजराइल की कोई भूमिका नहीं होगी। यह रुख ट्रम्प के बताए गए चरणबद्ध मॉडल से अलग नजर आता है। मध्यस्थ देशों की बड़ी भूमिका अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मिस्र, कतर और तुर्किये ने कई महीनों तक बातचीत कराई। मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हसन रशीद ने मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने हमास को यह प्रस्ताव ठुकराने की सलाह दी थी, लेकिन आखिरकार संगठन बातचीत जारी रखने पर राजी हुआ।

सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

मूवी रिव्यू- 'भाई तेरा स्टार है':कहानी में दम नहीं, कॉमेडी में हंसी नहीं, राघव जुयाल की पहली सोलो लीड ने किया सिरदर्द

मूवी रिव्यू- 'भाई तेरा स्टार है':कहानी में दम नहीं, कॉमेडी में हंसी नहीं, राघव जुयाल की पहली सोलो लीड ने किया सिरदर्द

कॉमेडी फिल्म की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है दर्शकों को हंसाना। फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ इसी सबसे जरूरी काम में बुरी तरह नाकाम रहती है। फिल्म शुरुआत से आखिर तक यह भरोसा दिलाती रहती है कि अब कुछ मजेदार होने वाला है, लेकिन हर अगले सीन के साथ निराशा ही हाथ लगती है। शोर है, भागदौड़ है, गलतफहमियां हैं, लेकिन हंसी कहीं दिखाई नहीं देती। राघव जुयाल की पहली सोलो लीड फिल्म से जिस धमाके की उम्मीद थी, वह शुरुआत में ही हवा हो जाती है। फिल्म की कहानी कहानी लंदन में रहने वाले स्ट्रगलिंग एक्टर अजय सिंह (राघव जुयाल) की है। क्रिकेट की एक शर्त हारने के बाद उस पर क्लब मालिक फैटी (संजय कपूर) का दस हजार पाउंड का कर्ज चढ़ जाता है। पैसे लौटाने के लिए उसके पास सिर्फ एक रात है। लेकिन सच बोलने की बजाय अजय एक के बाद एक झूठ बोलता चला जाता है। उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एन एम), बहन नताशा (पार्वती ओमनाकुट्टन) और रोशनी का भाई सिड (विवान भटेना) भी इस झूठ के जाल में फंसते चले जाते हैं। कहानी का आइडिया सुनने में दिलचस्प लगता है। एक रात, ढेर सारी गलतफहमियां और भागदौड़ वाली कॉमेडी। लेकिन स्क्रीन पर सब कुछ इतना बिखरा हुआ है कि कुछ देर बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहानी आखिर जाना कहां चाहती है। कई दृश्य सिर्फ समय भरने के लिए जोड़े गए लगते हैं और क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह थका देती है। फिल्म में एक्टिंग राघव जुयाल ने किल जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रभावित किया था, लेकिन यहां वह पूरी तरह लड़खड़ा जाते हैं। यह उनकी पहली सोलो लीड फिल्म है, लेकिन पूरी फिल्म में वह लीड हीरो से ज्यादा किसी साइड किरदार जैसे महसूस होते हैं। उनके चेहरे के हावभाव जरूरत से ज्यादा बनावटी लगते हैं और कई जगह ओवरएक्टिंग कॉमेडी को पूरी तरह खत्म कर देती है। कॉमिक टाइमिंग भी बार बार चूकती है, जिससे उनका किरदार दर्शकों से जुड़ ही नहीं पाता। संजय कपूर अपने अनुभव से कुछ दृश्यों को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनके हाथ भी बांध देती है। विवान भटेना अपने सीमित स्क्रीन टाइम में असर छोड़ते हैं और कई जगह राघव से ज्यादा सहज नजर आते हैं। पार्वती ओमनाकुट्टन फिल्म की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस देती हैं। निहारिका एन एम ईमानदार कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर लेखन उन्हें भी ज्यादा मौका नहीं देता। चंदन राय सान्याल और निकी वालिया जैसे उम्दा कलाकारों की प्रतिभा का फिल्म में बेहद खराब इस्तेमाल किया गया है। फिल्म में डायरेक्शन निर्देशक विवेक बी अग्रवाल की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने शोर को कॉमेडी समझ लिया। पूरी फिल्म में किरदार लगातार भागते हैं, चिल्लाते हैं और एक दूसरे के पीछे दौड़ते रहते हैं, लेकिन कोई भी सिचुएशन ऐसी नहीं बनती जिस पर खुलकर हंसी आए। स्क्रीनप्ले जरूरत से ज्यादा उलझा हुआ है। नए किरदार आते रहते हैं, लेकिन कहानी को मजबूत करने के बजाय उसे और बिखेर देते हैं। कई पंचलाइन बिना असर छोड़े निकल जाती हैं। गलतफहमियों पर टिकी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी राइटिंग होती है, लेकिन यहां वही सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह अपनी पकड़ खो देती है। फिल्म का तकनीकी पक्ष लंदन की लोकेशन अच्छी लगती है और सिनेमैटोग्राफी भी ठीक ठाक है। एडिटिंग अगर थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म का असर कुछ बेहतर हो सकता था। लेकिन कमजोर कहानी और ढीले स्क्रीनप्ले के सामने तकनीकी पक्ष भी बेबस नजर आता है। फिल्म में म्यूजिक अमित त्रिवेदी का संगीत फिल्म की कुछ गिनी चुनी अच्छी बातों में शामिल है। हालांकि गाने कहानी की रफ्तार को रोकते हैं। सबसे अजीब फैसला आखिर में लगातार गाने रखने का है, जिससे फिल्म खत्म होने के बाद भी खत्म होती हुई महसूस नहीं होती। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘भाई तेरा स्टार है’ एक ऐसी कॉमेडी है, जिसमें सबसे ज्यादा कमी हंसी की है। कमजोर कहानी, बिखरा हुआ स्क्रीनप्ले, फीका निर्देशन और राघव जुयाल की निराशाजनक लीड परफॉर्मेंस मिलकर इस फिल्म को बेहद थका देने वाला अनुभव बना देते हैं। जिस फिल्म से राघव को बतौर सोलो हीरो नई पहचान मिलनी थी, वही फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। अगर अच्छी कॉमेडी देखने की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीद और आपका धैर्य दोनों तोड़ देगी।

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को फटकार लगाई:PoK को पाकिस्तानी कश्मीर बताने पर आपत्ति जताई , कहा- यह भारत का अभिन्न हिस्सा है

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को फटकार लगाई:PoK को पाकिस्तानी कश्मीर बताने पर आपत्ति जताई , कहा- यह भारत का अभिन्न हिस्सा है

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कुछ नहीं है, केवल पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) है। दूतावास ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा हमेशा रहेंगे। दूतावास ने पाकिस्तान पर इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा करने और वहां रहने वाले लोगों के खिलाफ हिंसा करने का आरोप भी लगाया। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर उसका रुख पहले से स्पष्ट और अपरिवर्तित है। भारतीय दूतावास की यह प्रतिक्रिया न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें पीओके में हालिया अशांति और स्थानीय चुनावों का जिक्र करते हुए इस क्षेत्र को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ कहा गया था। रिपोर्ट में मीरपुर में सुरक्षा बलों और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बीच झड़प, दो लोगों की मौत और चुनावी प्रक्रिया पर पड़े असर का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही अखबार ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए:जॉर्डन में US बेस पर अटैक के बाद जवाबी कार्रवाई; ट्रम्प बोले- अब हमारी बारी

अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए:जॉर्डन में US बेस पर अटैक के बाद जवाबी कार्रवाई; ट्रम्प बोले- अब हमारी बारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई जॉर्डन में उसके सैन्य ठिकानों और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। सेंटकॉम ने इसे ‘शक्तिशाली प्रतिक्रिया’ बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में कहा, “अब हमारी बारी है।” उन्होंने दावा किया कि ईरान को हमले की जानकारी थी और उसने अमेरिका से ऐसा न करने की अपील भी की थी। इससे एक दिन पहले अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए थे। वहीं मिस्र के दमिएटा बंदरगाह पर अमेरिकी स्वामित्व वाले गैस टैंकर ‘एनर्गोस विंटर’ पर भी ड्रोन हमला हुआ। बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.3% बढ़कर 88 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

हॉलीवुड तक पहुंचा हरियाणवी सॉन्ग 'बरसात':स्पाइडर मैन की नई मूवी का हिस्सा बना, एक्टर पीटर की लव स्टोरी दिखाई; बैरण सिंगर्स ने गाया

हॉलीवुड तक पहुंचा हरियाणवी सॉन्ग 'बरसात':स्पाइडर मैन की नई मूवी का हिस्सा बना, एक्टर पीटर की लव स्टोरी दिखाई; बैरण सिंगर्स ने गाया

हरियाणवी सॉन्ग बैरण से बिलबोर्ड तक पहुंच बनाने वाले सुमित-अनुज का नया सॉन्ग ‘बरसात’ अब हॉलीवुड तक पहुंच गया है। रिलीज होने के 20 दिनों के भीतर ही इसे हॉलीवुड फ्रेंचाइजी स्पाइडर मैन के लिए सिलेक्ट कर लिया गया। इस सीरिज की नई फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ के लिए बरसात को इंडिया कैंपेन के लिए चुना गया है। 28 जुलाई को इस सॉन्ग की प्रमोशनल वीडियो भी रिलीज की गई। सॉन्ग में अभिनेता पीटर पार्कर की इमोशनल लव स्टोरी भी दिखाई गई। सिंगर्स का दावा है कि किसी हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म में चुने जाने वाला ये पहला हरियाणवी सॉन्ग है। दो दिन पहले रिलीज हुए इस सॉन्ग को 35 लाख से भी अधिक बार देखा जा चुका है। फिल्म में कैसे चुना गया ‘बरसात’ सॉन्ग फिल्म से कैसे जुड़ा सॉन्ग ‘बरसात’ 9 जुलाई को सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ रिलीज हुआ था। रिलीज के साथ ही सॉन्ग तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके इमोशनल लिरिक्स और म्यूजिक को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में इसी सॉन्ग का स्पेशल मेल प्रमोशनल वर्जन तैयार किया गया, जिसे स्पाइडर-मैन के इंडियन प्रमोशन कैंपेन के लिए चुना गया। इसके बाद फिल्म के प्रमोशन के लिए बरसात का वीडियो 28 जुलाई को रिलीज किया गया। इसमें पीटर पार्कर और एमजे के रिश्ते की इमोशनल स्टोरी दिखाई गई है। इस प्रमोशनल सॉन्ग को बंजारे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया। हॉलीवुड फिल्म में पहला हरियाणवी सॉन्ग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरसात को पहला हरियाणवी सॉन्ग माना जा रहा है, जो हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म के इंडियन प्रमोशन कैंपेन में शामिल किया गया है। इसे सिर्फ बंजारे की सफलता नहीं, बल्कि हरियाणवी म्यूजिक और लैंग्वेज की ग्लोबल पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। रीजनल आर्टिस्ट्स के लिए खुलेगा नया रास्ता सिंगर सुमित और अजय ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि ये सॉन्ग सिर्फ एक लव एंगल नहीं है। जब इसे फिल्म के प्रमोशन के रूप में चुना गया तो सबसे पहले अपने गांव, परिवार और हरियाणा की याद आई। उन्होंने कहा- एक ऐसा म्यूजिक बनाना है, जो लोगों के दिलों तक पहुंचे। हमारा सॉन्ग हरियाणवी लैंग्वेज को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने का जरिया बना है तो इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं। सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिकल ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक की। सुमित भी गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की ठान ली। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिस कम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठा गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। ————— यह खबर भी पढ़ें… बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से ऑफर हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। (पूरी खबर पढ़ें)

अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने विदेशी निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोट और पावर इनवर्टर के नए आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि वैश्विक बाजार में इन उत्पादों पर चीन का दबदबा है। FCC ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच मुलाकात प्रस्तावित है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। क्या है प्रतिबंध का दायरा? FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इनवर्टर का उपयोग डायरेक्ट करंट (DC) को अल्टरनेटिंग करंट (AC) में बदलने के लिए किया जाता है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और घरेलू उपकरणों में काम आते हैं। FCC चेयरपर्सन ब्रेंडन कार ने मंगलवार को कहा कि यह कदम अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। यह प्रतिबंध केवल इन उत्पादों के नए वर्जन पर लागू होगा। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि ह्यूमनॉइड और क्वाड्रुपेड रोबोट के वैश्विक बाजार में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC ने बताया कि यह रोक नए मॉडल के इम्पोर्ट पर लागू होगी। पहले से इस्तेमाल हो रहे मॉडल इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

पॉपुलर सिंगर और रैपर बादशाह की शादी में अनबन चल रही है। उनकी शादी 5 महीने पहले ही पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी से हुई थी। मंगलवार को ईशा ने एक पोस्ट शेयर कर तलाक का हिंट दिया और कहा कि वो अब तक बादशाह के पावर के डर से चुप थीं। इसी बीच अब ईशा की मां और बादशाह की सास ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, तो भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल कर देंगे। ईशा रिखी की मां ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘कर्म लौटकर आते हैं। तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे।’ अगली पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘कर्म कभी माफ नहीं करता। रुलाया है, तो रोना भी निश्चित है। कर्म से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं है। कर्म का लेखा कभी झूठा नहीं होता। कर्म समय आने पर न्याय जरूर करता है। बिना पक्षपात के ईश्वर तुम्हें शायद माफ भी कर दे, लेकिन तुम्हारे कर्म तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।’ बादशाह की पत्नी ईशा ने कहा- डर से चुप थी पूनम रिखी की ये पोस्ट तब सामने आई हैं, जब बादशाह की पत्नी ईशा ने मंगलवार को सोशल मीडिया से तलाक का हिंट देते हुए लिखा- कुछ लड़ाइयां ऐसी भी होती हैं, जिनके जख्म बाहर दिखाई नहीं देते। मैं बहुत लंबे समय तक चुप रही, क्योंकि मैं डरी हुई थी। मुझे लगता था कि मेरे पति के पास इतना इन्फ्लूएंस, पावर और रीसोर्स हैं कि उनके सामने मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी। मैंने खुद को यही समझा लिया था कि चुप रहना ही मेरे लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। आगे ईशा ने लिखा है, ‘चुप्पी कभी स्वीकार नहीं की जाती, वह सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश थी। आज मैं डर नहीं, बल्कि हिम्मत को चुन रही हूं। शायद मैं अभी पूरी कहानी बताने के लिए तैयार नहीं हूं, लेकिन अब मैं यह दिखावा करना बंद करने के लिए तैयार हूं कि सब कुछ ठीक था।’ बादशाह के साथ शादी की तस्वीरें पोस्ट कीं, लिखा- तूफान एक सबक है इस क्रिप्टिक पोस्ट से कुछ दिन पहले ही ईशा ने बादशाह के साथ कुछ तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर लिखा था, कुछ तूफान, सबक लेकर आता है और हर दुआ उम्मीद। ईशा की इस पोस्ट पर करीबी दोस्त जैस्मिन भसीन ने कमेंट कर उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी थी। बता दें कि ईशा रिखी की पोस्ट सामने आने के बाद कई करीबी और दोस्त उनके समर्थन में पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक करीबी ने लिखा है, “तुम जिस दौर से गुजर हो और अब भी गुजर रही हो, उसकी मैं गवाह हूं। मैं और तुम्हारे करीब रहने वाले बाकी लोग जानते हैं कि तुमने हर मुश्किल का सामना ईमानदारी, सच्चाई और पूरे आत्मसम्मान के साथ किया है। मजबूत बनी रहो, ईशा रिखी। हम तुम्हारे साथ हैं, और सच के साथ भी।” वहीं एक ने लिखा, स्ट्रॉन्ग रहो, डर कर नहीं। एक करीबी ने लिखा, तुम बहुत स्ट्रॉन्ग और सुंदर हो। सोशल मीडिया के जरिए कन्फर्म की शादी सिंगर और रैपर बादशाह ने मार्च 2026 में ईशा से गुपचुप शादी की थी। इंटिमेट वेडिंग में कपल के करीबी ही शामिल हुए थे। बादशाह ने शादी को राज रखा, हालांकि ईशा रिखी ने सोशल मीडिया में रोमांटिक तस्वीर पोस्ट कर इस पर कन्फर्मेशन दी। वहीं ईशा ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए बादशाह को पति देव कहा था। इससे पहले ईशा की मां ने उनकी और बादशाह की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर दोनों को सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी थीं। कौन हैं ईशा रिखी? तलाक के बाद बादशाह ने की ईशा से शादी बादशाह ने साल 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। 2017 में बादशाह बेटी के पिता बने, लेकिन 3 साल बाद ही उनका तलाक हो गया। तलाक के 6 साल बाद बादशाह ने ईशा से दूसरी शादी की है। बादशाह ने फिलहाल कभी शादी पर बात नहीं की है।