राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है। हालांकि, फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध खत्म करने की राह में अभी भी कई शर्तें और लंबी समय सीमा जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। फिलहाल हमास या इजरायल, किसी ने भी इस समझौते पर सहमति के संकेत नहीं दिए हैं। यह घोषणा अमेरिका द्वारा मध्यस्थता वाले संघर्ष विराम के नौ महीने बाद आई है। इजरायल और हमास के बीच बातचीत दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर रुकी हुई थी, जिसमें हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा का पुनर्निर्माण शामिल है। गाजा में शांति बहाली की कोशिशें तेज एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि अगर इजराइल गाजा के पुनर्निर्माण के लिए के 20 सूत्रीय प्लान को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बहुत निराश होंगे। यह टिप्पणी हमास द्वारा अमेरिका नियंत्रित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के निरस्त्रीकरण प्लान को मंजूरी देने के बाद एक ब्रीफिंग के दौरान की गई। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि यह प्रस्ताव इजराइली मांगों को पूरा नहीं करता, जिससे संकेत मिला कि यरुशलम इसे आगे नहीं बढ़ने देगा। अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी कि वे इजराइल से ऐसा कुछ नहीं मांग रहे जो उस 20 सूत्रीय प्लान का हिस्सा न हो, जिस पर इजराल ने शुरू में सहमति जताई थी। अधिकारी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इजराइल इसका पालन करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल को उस मूल समझौते पर टिके रहने की जरूरत है, जिससे बंधकों की घर वापसी हुई और युद्ध समाप्त हुआ। अधिकारी के अनुसार, इजराइल के सामने अभी कई मुद्दे हैं और वे इस मामले को फिलहाल और नहीं बढ़ाना चाहते। हमास ने हथियार छोड़ने के प्लान पर दी सहमति ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने पुष्टि की है कि हमास ने पिछले साल गाजा में हुए संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए अपने हथियारों को हटाने के रोडमैप पर सहमति दे दी है। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि पहली बार हमास आधिकारिक तौर पर अपने सभी हथियार छोड़ने के एक व्यावहारिक प्लान के लिए प्रतिबद्ध हुआ है, जिसके बाद इजराइल गाजा से अपनी सेना हटाएगा। बोर्ड के अनुसार, अब उनका ध्यान इस प्लान को लागू करने पर है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ (NCAG) के साथ मिलकर काम किया है। जल्द ही ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) के समर्थन से पूर्ण अधिकार की ओर एक चरणबद्ध बदलाव शुरू होगा। बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने कहा कि इसके बाद गाजा का पुनर्निर्माण होगा, जिसका शासन फिलिस्तीनी करेंगे और यह इजराइल के साथ शांति से रहेगा। 14 दिन में तय होगी समयसीमा हमास की मंजूरी के बाद 14 दिन की अवधि शुरू हो गई है, जिसमें दोनों पक्ष प्रस्ताव के हर चरण को लागू करने की समयसीमा तय करेंगे। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के अधिकारियों के अनुसार, पूर्ण निरस्त्रीकरण प्रक्रिया के लिए संभावित समयसीमा लगभग 200 से 350 दिनों के बीच है। समयसीमा तय होने के बाद, बोर्ड इजराइल को अक्टूबर 2025 के गाजा संघर्ष विराम के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कहेगा। अधिकारियों ने बताया कि इजराइल को मूल ‘येलो लाइन’ तक पीछे हटना होगा, जो अक्टूबर 2025 के समझौते में तय की गई थी। उस समय इजराइल का गाजा के लगभग 53 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण था, लेकिन बाद में इजराइल ने इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर लिया था। इजराइल को तब तक पीछे हटने की जरूरत नहीं होगी जब तक हमास अपने हथियार सौंपना शुरू नहीं करता। साथ ही, दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए एक ‘इम्प्लीमेंटेशन वेरिफिकेशन कमेटी’ (IVC) बनाई जाएगी।
















































