Thursday, 24 Sep 2026 | 11:31 PM

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वेलकम फिल्म फेम एक्टर मुश्ताक खान का निधन:56 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; 5 साल से कैंसर से पीड़ित थे वेलकम फिल्म फेम एक्टर मुश्ताक खान का निधन:56 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; 5 साल से कैंसर से पीड़ित थे अनुपम खेर बोले- गोविंदा अपने आसपास के माहौल से परेशान:कहा- आदतों को काम पर हावी न होने दें; रूमर्ड गर्लफ्रेंड के चलते विवाद में फंसे गोविंदा अनुपम खेर बोले- गोविंदा अपने आसपास के माहौल से परेशान:कहा- आदतों को काम पर हावी न होने दें; रूमर्ड गर्लफ्रेंड के चलते विवाद में फंसे गोविंदा 13 साल की छात्रा ने बनाया स्टडी ऐप:लॉन्च होने के 3 दिन में ढाई लाख की कमाई, AI की मदद से बिना कोडिंग जाने किया डिजाइन Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu & Vivek Joshi Profile Details
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सारा तेंदुलकर: ना मराठी पोशाकें, ना हैवी जूलरी, सुदूर सूट, सारा का ‘नेचुरल लुक’ हुआ वायरल वीडियो

सारा तेंदुलकर

23 जुलाई 2026 को 19:38 IST पर अपडेट किया गया सारा तेंदुलकर फैशन: सचिन की लाडली सारा टैलेंट भले ही फिल्मों में नहीं हैं, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग और पॉपुलैरिटी किसी भी बड़ी हीरोइन से कम नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सारा का सिंपल लुक तेजी से वायरल हो रहा है। अनुसरण करना : सारा हमेशा अपने सिंपल और एलिगेंट फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। उनका सदाबहार और खूबसूरत ‘नेचुरल लुक’ प्रेमियों का दिल जीत जाता है। छवि: सोशल मीडिया हाल ही में सारा का एक नया वीडियो वायरल हुआ है। वे इसमें बिना भारी-भरकम आकृतियों और बिना किसी भव्यता के बेहद खूबसूरत लग रही हैं। छवि: सोशल मीडिया सारा को हाल ही में एक शोरूम के बाहर प्रदर्शित किया गया था। रेड कार्पेट हो या कैज़ुअल आउटिंग, उनके स्टाइल हमेशा छाए रहते हैं। छवि: सोशल मीडिया सैलून के बाहरी हिस्से में सारा मैरून कलर के खूबसूरत फ्लोरल लेक को-ऑर्ड सेट में देखा गया। उनका यह कैम्फर्ट पोर्टेबल इंडो-वेस्टर्न अवतार कॉम्फ्रे का था। छवि: सोशल मीडिया इन दिनों शॉर्ट कुर्ती के साथ प्लाजो पैंट्स का काफी ट्रेंड है। यह देसी और ट्रेंडी मॉडल सारा पर बहुत जंच रही थी। छवि: सोशल मीडिया वीडियो देखें छवि: सोशल मीडिया सारा की इन तस्वीरों और वीडियो पर लोग खूब प्यार लुटा रहे हैं। उनकी इसी साज़िश और मस्जिद ने एक बार फिर इंटरनेट पर ख़र्च किया है। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 23 जुलाई 2026 19:38 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सारा सावंत फैशन(टी)सारा सावंत(टी)सारा तेंदुलकर(टी)सारा तेंदुलकर वीडियो(टी)सारा तेंदुलकर फैशन(टी)सचिन सावंत(टी)सचिन तेंदुलकर

‘अब संगीता कहानियां नहीं हैं…’ शेफाली जरीवाला के डॉग ‘सिम्बा’ का निधन, पराग त्यागी ने शेयर की भावुक पोस्ट; वीडियो

शेफाली जरीवाला और पराग त्यागी

23 जुलाई 2026 को 17:30 IST पर अद्यतन किया गया शेफाली जरीवाला पालतू कुत्ते की मौत: दुखों का पहाड़ टूट गया है पैरास्टार पर। उनकी दिवंगत पत्नी शेफाली जरीवाला के बाद अब उनके प्रिय पेट डॉग ‘सिम्बा’ का भी निधन हो गया। पार ने सोशल मीडिया पर यह भावुक खबर दी। अनुसरण करना : पारे ने एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अब मलामा घूमने नहीं जाते। सिंबा मलामा के साथ बहुत खुश हैं। मैं भी आप दोनों दूसरी दुनिया में मिलने का इंतजार नहीं कर सकता।” छवि: सोशल मीडिया वीडियो में डेड शेफाली जरीवाला सिम्बा के पास आती हैं और उसे प्यार से अपने गोद में बिठाती हैं। सिम्बा एक पैग (पग) था, जो पर्स और शेफाली अपने बच्चे की तरह प्यार करते थे। छवि: सोशल मीडिया शेफाली के निधन के बाद सिम्बा की देखभाल में ही उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपना नाम भी प्यार से “परी और सिंबा के पापा” लिखा है। छवि: सोशल मीडिया ‘कांटा लगा’ गर्ल शेफाली जरीवाला का 27 जून 2025 को 42 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। अस्पताल ले जाने के बाद अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। छवि: सोशल मीडिया पैरा के इस लेबल पोस्ट पर प्रेमी कॉन्स्टैंट भावुक टिप्पणियाँ कर रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में लोग उन्हें धमकियां दे रहे हैं और अपना सपोर्ट और संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 23 जुलाई 2026 17:30 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)शेफाली जरीवाला(टी)पराग त्यागी(टी)शेफाली जरीवाला(टी)पराग गीतकार(टी)शेफाली जरीवाला कुत्ता(टी)शेफाली जरीवाला पालतू कुत्ता सिम्बा

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसे नेपाल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने दोनों सबसे बड़े पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखना चाहता है। एक ही दिन दोनों देशों के राजदूतों के साथ मीटिंग बालेन शाह नहीं चाहते थे कि भारत या चीन में से किसी को यह लगे कि दूसरे देश को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से एक ही दिन अलग-अलग मुलाकात करने का फैसला किया है। दोनों बैठकें एक के बाद एक होंगी, ताकि दोनों देशों के साथ समान व्यवहार का मैसेज जाए। नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें इसी सप्ताह होंगी। हालांकि, दोनों बैठकों की सटीक तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। नेपाल का विदेश मंत्रालय इन बैठकों की अंतिम तैयारियों में जुटा है। बालेन शाह ने अपना रुख क्यों बदला? प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने यह परंपरा बनाई थी कि वह किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। उनका मानना था कि कई शक्तिशाली देश सरकारी व्यवस्था को दरकिनार कर सीधे नेपाल के टॉप नेताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते रहे हैं। इसलिए उन्होंने विदेशी राजनयिकों से सिर्फ समूह (ग्रुप) में मुलाकात करने की नीति अपनाई। इस फैसले के चलते उन्होंने कई बड़े विदेशी प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत मुलाकात करने से इनकार कर दिया। अब बालेन शाह मान रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारत और चीन के साथ सीधे संवाद बनाए रखना जरूरी हो चुका है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और शुरुआती नीतिगत फैसलों को लेकर लगातार आलोचना का सामना कर रही है। नेपाल की विदेश नीति में भारत-चीन की अहम भूमिका नेपाल लंबे समय से भारत और चीन के बीच संतुलन बनाकर विदेश नीति चलाता रहा है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है और लाखों नेपाली नागरिक रोजगार, व्यापार और अन्य कारणों से भारत से जुड़े हुए हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते भी काफी गहरे हैं। वहीं चीन ने पिछले एक दशक में नेपाल में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के जरिए अपना प्रभाव लगातार बढ़ाया है। बीजिंग नेपाल के साथ अपने रणनीतिक संबंध मजबूत करना चाहता है, जबकि काठमांडू दोनों पड़ोसी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करता है। भारत से मुलाकात क्यों अहम है? भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है और सुरक्षा तथा व्यापार के मामले में भी दोनों एक-दूसरे पर काफी निर्भर हैं। हालांकि समय-समय पर सीमा विवाद और राजनीतिक मतभेदों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला है। इसके बावजूद नेपाल के लिए भारत के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बनाए रखना उसकी विदेश नीति की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक माना जाता है। चीन भी क्यों है बराबर अहम? चीन ने हाल के वर्षों में नेपाल में सड़क, रेल, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसके जरिए वह नेपाल में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत के साथ-साथ चीन के साथ भी अच्छे संबंध बनाए रखना नेपाल की विदेश नीति का अहम हिस्सा है। क्या बदल रही है बालेन शाह की राजनीति? बालेन शाह पहले काठमांडू के मेयर थे। उन्होंने पारंपरिक राजनीति से अलग छवि बनाकर लोकप्रियता हासिल की थी। विदेशी राजदूतों से अकेले मुलाकात नहीं करने का फैसला भी उसी सोच का हिस्सा था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें व्यावहारिक कूटनीति की जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है।

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसे नेपाल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने दोनों सबसे बड़े पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखना चाहता है। एक ही दिन दोनों देशों के राजदूतों के साथ मीटिंग बालेन शाह नहीं चाहते थे कि भारत या चीन में से किसी को यह लगे कि दूसरे देश को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से एक ही दिन अलग-अलग मुलाकात करने का फैसला किया है। दोनों बैठकें एक के बाद एक होंगी, ताकि दोनों देशों के साथ समान व्यवहार का मैसेज जाए। नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें इसी सप्ताह होंगी। हालांकि, दोनों बैठकों की सटीक तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। नेपाल का विदेश मंत्रालय इन बैठकों की अंतिम तैयारियों में जुटा है। बालेन ने विदेशी नेताओं से दूरी क्यों बनाई थी? बालेन शाह को अपना फैसला क्यों बदलना पड़ा बालेन शाह जब काठमांडू के मेयर थे, तब उन्होंने खुद को पारंपरिक नेताओं से अलग दिखाया था। इसी सोच के तहत उन्होंने नियम बनाया था कि वह किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदल गए हैं। अब उन्हें समझ आ गया है कि सिर्फ अलग छवि बनाना काफी नहीं है। देश चलाने के लिए पड़ोसी देशों के साथ सीधे बातचीत भी जरूरी होती है। इसी वजह से उन्होंने पहली बार अपना पुराना नियम तोड़ा है। भारत और चीन, दोनों नेपाल के सबसे अहम पड़ोसी हैं। ऐसे में दोनों देशों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखना उनकी सरकार की जरूरत बन गया है। नेपाल के लिए भारत और चीन दोनों क्यों जरूरी हैं? नेपाल की विदेश नीति हमेशा से भारत और चीन के बीच संतुलन बनाए रखने पर आधारित रही है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है, जिससे लाखों नेपाली नागरिक काम, व्यापार और पढ़ाई के लिए आसानी से भारत आते-जाते हैं। दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ पड़ोसी होने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से भी जुड़े हैं। दूसरी ओर, चीन ने पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में सड़क, रेल, ऊर्जा और दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसलिए नेपाल के लिए चीन भी एक अहम आर्थिक और रणनीतिक साझेदार बन गया है। यही वजह है कि काठमांडू किसी एक देश के करीब दिखने के बजाय भारत और चीन, दोनों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने की कोशिश करता है।

इजराइली विरोध के बावजूद सऊदी को परमाणु तकनीक देगा अमेरिका:ट्रम्प ने समझौते की मंजूरी दी; एक्सपर्ट बोले- परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ेगा

इजराइली विरोध के बावजूद सऊदी को परमाणु तकनीक देगा अमेरिका:ट्रम्प ने समझौते की मंजूरी दी; एक्सपर्ट बोले- परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ेगा

सऊदी अरब ने बुधवार को अमेरिका के साथ एक अहम परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत अमेरिका, सऊदी अरब को असैन्य (बिजली बनाने के लिए) परमाणु तकनीक देगा। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव का माहौल है। इस समझौते को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। वह पिछले पांच साल से भी ज्यादा समय से यह समझौता चाह रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल समेत अमेरिका के कई अधिकारी और न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स इसका विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि यदि सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्धन की तकनीक मिल गई, तो भविष्य में वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में भी बढ़ सकता है। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में परमाणु हथियारों की नई होड़ शुरू होने का खतरा पैदा हो सकता है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले कई बार कह चुके हैं कि अगर ईरान परमाणु हथियार बना लेता है, तो सऊदी अरब भी परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में कदम उठाएगा। यह समझौता विवादों में क्यों है? ट्रम्प ने समझौते से इजराइल को हटाया इस समझौते की शुरुआत जो बाइडेन के राष्ट्रपति रहते हुई थी। तब अमेरिका चाहता था कि परमाणु समझौते के बदले सऊदी अरब, इजराइल को औपचारिक मान्यता दे और दोनों देश राजनयिक संबंध स्थापित करें। इस प्रस्ताव के तहत अमेरिका, सऊदी अरब को सुरक्षा की गारंटी, आधुनिक हथियार और असैन्य परमाणु कार्यक्रम में सहयोग देने को तैयार था। बदले में सऊदी अरब से उम्मीद थी कि वह इजराइल के साथ दूतावास खोलेगा, राजदूत नियुक्त करेगा और आधिकारिक संबंध शुरू करेगा। हालांकि, 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजराइल पर हमले और उसके बाद गाजा में शुरू हुए युद्ध की वजह से यह प्लान फेल हो गया। सऊदी कहने लगा कि जब तक एक अलग फिलिस्तीन राष्ट्र नहीं बन जाता तब तक वे इजराइल को मान्यता नहीं देंगे। बाद में ट्रम्प ने रणनीति बदली और इजराइल के साथ रिश्तों को इस समझौते से अलग कर दिया। मिडिल ईस्ट में सऊदी का प्रभाव बढ़ेगा परमाणु बिजलीघर (न्यूक्लियर रिएक्टर) बनने में 10 साल या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए इस समझौते के बाद सऊदी अरब लंबे समय तक अमेरिका की परमाणु तकनीक और मदद पर निर्भर रहेगा। इससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा, कारोबार और आपसी रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी की एक्सपर्ट कैरेन यंग के मुताबिक, सऊदी अरब सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर यह कदम उठा रहा है। उनका कहना है कि यह समझौता सिर्फ परमाणु बिजली बनाने तक सीमित नहीं है। इससे सऊदी अरब की राजनीतिक ताकत बढ़ेगी और मिडिल ईस्ट में उसका प्रभाव भी पहले से ज्यादा मजबूत होगा। अमेरिका को क्या फायदा होगा? इस समझौते से अमेरिका को दो बड़े फायदे मिल सकते हैं। 1. अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब में परमाणु बिजली संयंत्र बनाने के अरबों डॉलर के ठेके मिल सकते हैं। 2. अमेरिका को सऊदी अरब के परमाणु कार्यक्रम पर नजदीकी नजर रखने का मौका मिलेगा, जिससे उसे हथियारों के प्रसार को लेकर अपनी चिंताओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। रूस-चीन भी मदद को तैयार थे अगर अमेरिका के साथ यह समझौता किसी वजह से नहीं हो पाता, तो सऊदी अरब के पास दूसरे विकल्प भी हैं। दरअसल, सऊदी कई बार चेतावनी दे चुका था कि अगर उसे अमेरिका इसमें मदद नहीं करेगा तो वे चीन, रूस, फ्रांस या दक्षिण कोरिया जैसे दूसरे देशों से परमाणु तकनीक ले लेंगे। चीन की सरकारी कंपनी चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन (CNNC) पहले ही न्यूक्लियर प्लांट बनाने में रुचि दिखा चुकी है। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम भी सऊदी अरब के साथ शुरुआती समझौते कर चुकी है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया और फ्रांस भी संभावित साझेदार माने जा रहे हैं। ट्रम्प का फैसला बदलना संसद के लिए मुश्किल इस समझौते को अमेरिकी संसद की मंजूरी भी चाहिए होगी। हालांकि इसके पास होने की संभावना ज्यादा है, क्योंकि अगर संसद इसे रोकना चाहेगी तो उसे ट्रम्प के फैसले को पलटने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाना होगा, जो आसान नहीं माना जाता।

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टार्स ऐसे भी हैं, जो स्टूडेंट के विरोध में बयान दे रहे हैं, तो कुछ इस मुद्दे पर बात करने से भी झिझक रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे सिंगर सोनू निगम से प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया, जिस पर वो भड़क गए। वहीं रूपाली गांगुली ने प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू निगम मंगलवार को एक इवेंट में शामिल हुए। इस समय एक रिपोर्टर ने देश में जारी प्रोटेस्ट पर पूछा- देश में जो सिचुएशन चल रही है, स्टूडेंट का प्रोटेस्ट चल रहा। इसी बीच सोनू निगम हंसते हुए चिढ़ गए और तुरंत सवाल काटते हुए कहा- मैं यहां किस लिए आया हूं। आगे उन्होंने चुप करवाते हुए कहा-‘बस, बस।’ रिपोर्टर तब भी शांत नहीं हुआ तो सिंगर ने कहा- ‘अभी हो गया, हो गया।’ वीडियो वायरल होने के बाद सोनू निगम ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कई फैंस ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है कि वो उनके कॉन्सर्ट के टिकट कैंसिल करवा रहे हैं। रूपाली गांगुली बोलीं- पुलिस पर हमला करने वालों को स्टूडेंट नहीं कह सकते अनुपमा एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने प्रोटेस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे कृत्य किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर ही करते हैं।’ भाजपा से जुड़ी हुईं रूपाली ने छात्रों की मांगो को जायज कहा, लेकिन साथ ही कहा कि प्रोटेस्ट हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा है, ‘दुर्भाग्य से जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है, तो छात्रों की वास्तविक चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। अगर देशविरोधी या राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की मांग कर रहे हैं।’ ‘भारत अपने छात्रों के साथ है। भारत अपने नागरिकों के साथ है। यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए।’ शशि थरूर ने बिग बी की चुप्पी पर ली फिरकी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन का प्रोटेस्ट से जुड़ा 14 साल पुराना पोस्ट शेयर कर फिरकी ली है। री-शेयर की गई पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गैंगरेप से जुड़े विरोध में आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया था, जबकि इस प्रोटेस्ट में हिंसा होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साधी हुई है। विवेक ऑबेरॉय ने भी टाला था प्रोटेस्ट से जुड़ा सवाल कुछ समय पहले ही विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

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बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टार्स ऐसे भी हैं, जो स्टूडेंट के विरोध में बयान दे रहे हैं, तो कुछ इस मुद्दे पर बात करने से भी झिझक रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे सिंगर सोनू निगम से प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया, जिस पर वो भड़क गए। वहीं रूपाली गांगुली ने प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू निगम मंगलवार को एक इवेंट में शामिल हुए। इस समय एक रिपोर्टर ने देश में जारी प्रोटेस्ट पर पूछा- देश में जो सिचुएशन चल रही है, स्टूडेंट का प्रोटेस्ट चल रहा। इसी बीच सोनू निगम हंसते हुए चिढ़ गए और तुरंत सवाल काटते हुए कहा- मैं यहां किस लिए आया हूं। आगे उन्होंने चुप करवाते हुए कहा-‘बस, बस।’ रिपोर्टर तब भी शांत नहीं हुआ तो सिंगर ने कहा- ‘अभी हो गया, हो गया।’ वीडियो वायरल होने के बाद सोनू निगम ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कई फैंस ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है कि वो उनके कॉन्सर्ट के टिकट कैंसिल करवा रहे हैं। रूपाली गांगुली बोलीं- पुलिस पर हमला करने वालों को स्टूडेंट नहीं कह सकते अनुपमा एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने प्रोटेस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे कृत्य किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर ही करते हैं।’ भाजपा से जुड़ी हुईं रूपाली ने छात्रों की मांगो को जायज कहा, लेकिन साथ ही कहा कि प्रोटेस्ट हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा है, ‘दुर्भाग्य से जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है, तो छात्रों की वास्तविक चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। अगर देशविरोधी या राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की मांग कर रहे हैं।’ ‘भारत अपने छात्रों के साथ है। भारत अपने नागरिकों के साथ है। यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए।’ शशि थरूर ने बिग बी की चुप्पी पर ली फिरकी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन का प्रोटेस्ट से जुड़ा 14 साल पुराना पोस्ट शेयर कर फिरकी ली है। री-शेयर की गई पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गैंगरेप से जुड़े विरोध में आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया था, जबकि इस प्रोटेस्ट में हिंसा होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साधी हुई है। विवेक ऑबेरॉय ने भी टाला था प्रोटेस्ट से जुड़ा सवाल कुछ समय पहले ही विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है।

आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट में शामिल हुए कई सितारे सीनियर एक्टर शबाना आजमी और प्रकाश राज 20 जुलाई को जंतर-मंतर में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद से ही कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों में हो रहे प्रोटेस्ट का हिस्सा बन रहे हैं। धुरंधर एक्ट्रेस आएशा खान को मंगलवार को मुंबई के प्रोटेस्ट में शामिल होने के दौरान डीटेन किया गया है, जिसके बाद एक्ट्रेस नाराज नजर आईं। वहीं आमिर खान के भांजे इमरान खान भी प्रोटेस्ट में पहुंचे। टीवी एक्टर सेहबान अजीम प्रोटेस्ट में 2 दोस्तों को बचाते हुए लाठीचार्ज का शिकार हो गए, जिससे उनके हाथ में सूजन आ गई है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। छात्रों पर बात कर रो पड़े सीनियर एक्टर रघुबीर यादव, कहा- दरिंदगी दिखाई गई पंचायत फेम एक्टर रघुबीर यादव ने सोशल मीडिया से एक वीडियो जारी की, जिसमें छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर बात कर वो रो पड़े। उन्होंने कहा- ‘बहुत आहत हूं, यकीन नहीं हो रहा है। जिस तरह मासूम बच्चों को बेरहमी और बेदर्दी से मारा-पीटा गया है, क्या कहूं। नकाबपोशों ने खाकी वर्दी पहनकर किसी की भी शय में बच्चों को मारा है, जो दरिंदगी दिखाई है, पूरी कायनात पूरी सृष्टि इन्हें माफ नहीं करेगी। अब क्या है, पीट लिया, मार लिया, बच्चों का कसूर क्या था। जाइए, अपनी तनख्वाह लेकर, बच्चों को खिलाकर चैन की नींद सो जाइए। जो बच्चे हिम्मत लेकर चल रहे हैं, मेरे जिस्म का कतरा-कतरा उनके साथ है। मैं सैल्यूट करता हूं बच्चों को। जो तुमने हौसला दिखाया, जरूर कामयाब होगे।’ नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- ‘छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदार एक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए

मासूम शर्मा बोले-पैग मारने के लिए सोचना नहीं पड़ता था,VIDEO:हरियाणवी सिंगर ने कहा- मां-बाप को भी धमका देता था; सेप्टिक टैंक मशीन भी चलाई

मासूम शर्मा बोले-पैग मारने के लिए सोचना नहीं पड़ता था,VIDEO:हरियाणवी सिंगर ने कहा- मां-बाप को भी धमका देता था; सेप्टिक टैंक मशीन भी चलाई

हरियाणवी सिंगर और एक्टर मासूम शर्मा ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं। मासूम ने कहा- अजय हुड्डा के साथ गाए कुछ गानों पर पछतावा होता है। आज जब गानों को सुनता हूं तो शर्मिंदगी महसूस होती है। 18-20 साल की उम्र में भी मां-बाप को धमका देता था। कई बार प्रोग्राम के बाद गालियां देने का मन करता है। उन्होंने कहा, पहले बहुत मजे थे। सोचना नहीं पड़ता था कि कहां, पैग मारने हैं, कहां नहीं। धमकी मिलने के बाद आज टाइम ऐसा कि रेहड़ी पर खड़े होकर गोलगप्पे भी नहीं खा सकता। मासूम ने कहा- आज कलाकार नहीं होता तो दिहाड़ी कर रहा होता। सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए ट्रैक्टर भी चलाया है। अब फर्जी संतों को एक्सपोज करने के लिए 3 गानों की सीरीज ला रहा हूं। मासूम ने बताई…सेफ्टी टैंक चलाने से लेकर दारू के पैग तक की कहानी लव- मैरिज को अरेंज में बदलवाया मासूम शर्मा ने कहा कि आज भी 700 रुपए लोअर-टीशर्ट पहनता हूं। पिछले तीन साल इसे ही पहन रहा हूं। मूड होने पर दोस्तों के साथ ड्रिंक भी कर लेता हूं। मासूम ने शादी और राजनीति पर कहा कि लव-मैरिज को अरेंज में बदलकर शादी की थी। वहीं अगर कभी राजनीति में जाने का तो जरूर जॉइन करूंगा। —————- यह खबर भी पढ़ें…. सपना चौधरी ने मासूम शर्मा संग गाने से मना किया:दिल्ली शो में बोलीं-आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही; सिंगर सिर झुकाए खड़े रहे दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी सपना चौधरी की बातों में यहीं टीस देखने को मिली। मंच पर उन्होंने हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ गाना गाने से इनकार करते हुए कह दिया- “आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही है। (पूरी खबर पढ़ें)