Friday, 25 Sep 2026 | 10:39 AM

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दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज अब पूरी तरह बैन हो गई है। इसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की ग्लोबल कैटेगरी से भी हटा दिया गया है। इस फिल्म को अब विदेश में भी नहीं देखा जा सकेगा। इसी के साथ फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए गठित केंद्रीय समिति ने भी सिफारिश कर दी है कि फिल्म को बैन ही रहने दिया जाए। क्योंकि, फिल्म भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है। सरकारी सूत्रों से हवाले से यह जानकारी शनिवार को न्यूज एजेंसी PTI ने दी। सूत्रों के अनुसार, समिति ने इस बात पर जोर दिया कि IT अधिनियम की धारा 69A के तहत फिल्म पर प्रतिबंध लगाना उचित था। इसमें पाया गया कि फिल्म की कहानी संतुलित नहीं है, क्योंकि यह उग्रवादियों के कृत्यों को छिपाती है। जबकि, उग्रवाद के दौरान पंजाब में सुरक्षा बलों की ओर से की गई ज्यादतियों को उजागर करती है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन को दर्शाती है, जिन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के दाह संस्कार की जांच की थी। 1995 में पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 3 जुलाई को रिलीज होने के 2 दिन बाद ही इस फिल्म को भारत में ZEE5 से हटा दिया था। इसके बाद मंत्रालय ने फिल्म की विस्तृत जांच के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत एक अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया था। उसी समिति ने इसे बैन रखने की सिफारिश की है। पंजाब में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने प्रतिबंध हटाने की मांग की है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने राज्य भर में फिल्म प्रदर्शित करने की घोषणा की है। ऐसा क्या है इस फिल्म में, जो इस बैन किया जा रहा है, क्या यह फिल्म फिर से रिलीज होगी? सवाल-जवाब में जानते हैं सभी सवालों के जवाब। इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिससे इसे बैन किया गया? यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में खालड़ा का रोल दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। इसमें खालड़ा द्वारा 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर में पुलिस की ओर से लावारिस बताकर जलाए गए सिखों के शवों की खोज और उनके दस्तावेजीकरण की कहानी को दर्शाया गया है। फिल्म दिखाती है कि खालड़ा ने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों से नगर निगम के रिकॉर्ड हासिल किए, जिससे साबित हुआ कि पुलिस ने हजारों युवाओं को अवैध हिरासत में लेकर मार डाला। इस दौरान साहस दिखाकर राज्य के सिस्टम के सामने खालड़ा खड़े रहे। दुनिया के सामने सच लाने के बाद सितंबर 1995 में पंजाब पुलिस ने खालड़ा की भी हत्या कर दी। फिल्म की किन चीजों पर विवाद हुआ? बैन पर राजनीतिक हुई, पार्टियों ने क्या-क्या कहा? शिरोमणि अकाली दल (SAD) SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस बैन को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। उन्होंने लिखा, “यह केवल सेंसरशिप नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक स्मृति, सच्चाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक हमला है। पंजाब अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का हकदार है, दमन से नहीं।” अकाली दल ने घोषणा की कि सरकार के इस बैन को चुनौती देने के लिए पंजाब के हर गांव और गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग करेंगे, ताकि युवा अपनी पहचान और इतिहास को जान सकें। कांग्रेस वरिष्ठ नेता व विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने केंद्र सरकार के इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि खालड़ा के अपहरण और पुलिस बर्बरता के सच को दिखाने वाली फिल्म को रोकना अन्यायपूर्ण है। पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि जब द कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी संवेदनशील नैरेटिव वाली फिल्मों को बिना किसी बाधा के अनुमति मिल सकती है, तो तथ्यों और अदालती फैसलों पर आधारित सतलुज पर प्रतिबंध लगाना केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब की सत्ताधारी AAP ने भी फिल्म को ZEE5 से हटाने के फैसले की आलोचना की। पार्टी प्रवक्ताओं ने मांग की कि फिल्म को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि नई पीढ़ी के लिए राज्य के इस दर्दनाक और ऐतिहासिक सच को समझना बेहद जरूरी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिख धार्मिक मामलों की सर्वोच्च संस्था SGPC ने फिल्म का पूरी तरह समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा का बलिदान सिख कौम के लिए सर्वोच्च है और फिल्म के माध्यम से उनकी आवाज को दबाने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म की टाइमिंग और उसके नैरेटिव पर सवाल उठाए। बीजेपी का तर्क है कि चुनाव या संवेदनशील समय में ऐसी फिल्में पंजाब में दोबारा अशांति फैला सकती हैं। केंद्र ने फिल्म के खिलाफ क्या कहा? फिल्म रिलीज के बाद केंद्र सरकार ने क्या किया? 1. IT एक्ट की धारा 69A का उपयोग कर फिल्म तुरंत हटवाई फिल्म के रिलीज होने के ठीक 48 घंटे के भीतर केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IT एक्ट की धारा 69A और IT नियम, 2021 के तहत प्राप्त आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया। सरकार ने सुरक्षा चिंताओं और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए ZEE5 को तुरंत इस फिल्म को भारत में अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का लिखित निर्देश जारी किया। 2. हाई-लेवल स्पेशल कमेटी का गठन फिल्म को केवल हटाने तक ही केंद्र नहीं रुका। इसके कंटेंट की गहराई से जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने IT नियम 2021 के नियम 14 के तहत एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति बनाई। इस विशेष समिति को फिल्म के दृश्यों, नैरेटिव और उसके संभावित सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों की समीक्षा कर सरकार को अंतिम सिफारिश सौंपने का जिम्मा दिया गया। 3. CBFC के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत केंद्र सरकार ने साफ किया कि कोई भी फिल्म प्रोड्यूसर सेंसर बोर्ड (CBFC) के सर्टिफिकेशन प्रोसेस को बायपास कर सीधे ओटीटी पर ऐसी संवेदनशील फिल्में रिलीज नहीं कर सकता। सरकार ने रुख अपनाया कि यदि फिल्म को दोबारा भारत में स्ट्रीम

हरियाणवी गाने भोला-भोली की रील पर विवाद:गंगा में प्रदीप बूरा ने पत्नी पूजा हुड्‌डा को उठाया; यूजर बोला- इन पर इमरान हाशमी सूट करेगा

हरियाणवी गाने भोला-भोली की रील पर विवाद:गंगा में प्रदीप बूरा ने पत्नी पूजा हुड्‌डा को उठाया; यूजर बोला- इन पर इमरान हाशमी सूट करेगा

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के कलाकार पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा का नया गाना ‘भोला भोली’ रिलीज होते ही विवादों में घिर गया है। हरिद्वार की हर की पौड़ी पर शूट की गई एक रील को लेकर सोशल मीडिया पर दोनों को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। रील में गंगा नदी में प्रदीप बूरा अपनी पत्नी पूजा हुड्डा को गोद में उठाए नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड में गाना बज रहा है, ‘एक घाट पै भोली खड़ी अर एक घाट पै भोला, अरदास करै मां गंगा तै म्हारा मेल करा दे तौला।’ दोनों के भीगे कपड़ों और धार्मिक स्थल पर फिल्माए गए इस दृश्य पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक आस्था और हर की पौड़ी की गरिमा के खिलाफ बताया है। एक यूजर ने लिखा कि इन पर भोले बाबा नहीं, इमरान हाशमी सूट करेगा। विवाद बढ़ने के बाद प्रदीप बूरा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पति-पत्नी के प्रेम पर आधारित म्यूजिक वीडियो का हिस्सा है और इसमें कुछ भी अश्लील नहीं है। 6 जुलाई को रिलीज हुआ था गाना पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा का नया गाना ‘भोला भोली’ 6 जुलाई को रिलीज हुआ था। इसकी शूटिंग हरिद्वार और ऋषिकेश के अलग-अलग धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर की गई थी। पूरी शूटिंग करीब दो दिन में पूरी हुई। यूट्यूब पर इस गाने को अब तक करीब ढाई करोड़ बार देखा और सुना जा चुका है। गाने के प्रमोशन के लिए पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा ने हरिद्वार में कई रील भी बनाई थीं। यूजर ने लिखा- ऐसी चीजें शोभा नहीं देतीं इन रील्स पर यूजर अलग-अलग तरह के कमेंट कर रहे हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि आस्था के केंद्र हरिद्वार जैसे पवित्र स्थान पर गंगा नदी में इस तरह अश्लील हरकत करना गलत है। एक यूजर ने कहा, “आप जैसे बड़े कलाकारों से ऐसी उम्मीद नहीं थी।” वहीं दूसरे ने लिखा, “भोले बाबा के नाम पर इस तरह का कंटेंट शोभा नहीं देता।” कुछ यूजर्स ने इसे “बेशर्मी” करार दिया, जबकि कई ने कहा कि “आप अच्छे कलाकार हैं, आपको ऐसी चीजें शोभा नहीं देतीं।” महिला बोली- ऐसे कलाकारों का विरोध करना चाहिए विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो भी वायरल हुआ। महिला ने कहा कि जो लोग पहले मासूम शर्मा का विरोध करते थे, उन्हें अब पूजा हुड्डा और प्रदीप बूरा के वीडियो पर भी बोलना चाहिए। आखिर कौन सा भोला और कौन सी भोली कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह का व्यवहार करेंगे। महिला ने आरोप लगाया कि मासूम शर्मा पर अक्सर बदमाशी को बढ़ावा देने वाले गाने बनाने के आरोप लगाए जाते थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी धार्मिक स्थल पर इस तरह का वीडियो नहीं बनाया। उसने पूजा हुड्डा की ड्रेसिंग पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह का कंटेंट समाज में गलत संदेश देता है। जो कलाकार धार्मिक स्थलों पर इस तरह का कंटेंट बनाते हैं, उनका विरोध किया जाना चाहिए। प्रदीप बूरा बोले- हमारी रील में कुछ भी अश्लील नहीं विवाद पर प्रदीप बूरा ने कहा, “अगर लोगों को उस रील में वल्गर कंटेंट नजर आ रहा है, तो फिर भी वे उसे देख रहे हैं। हमने उस वीडियो में कोई आपत्तिजनक कपड़े नहीं पहने हैं। भोले और पार्वती की भी लव मैरिज हुई थी। लोग हरिद्वार जाकर शराब पीते हैं, लेकिन हमारी रील में ऐसा कुछ भी नहीं है। हमने सिर्फ पति-पत्नी के प्यार को दिखाया है, जो भोले और पार्वती के रूप में दर्शाया गया है। हमारी रील देखकर किसी पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ रहा।”

दोस्त आकांक्षा रंजन के संगीत में आलिया ने दी परफॉर्मेंस:माही वे गाने पर ब्राइड्समेड के साथ थिरकीं, जान्हवी कपूर, सोनाक्षी समेत कई सेलेब्स हुए शामिल

दोस्त आकांक्षा रंजन के संगीत में आलिया ने दी परफॉर्मेंस:माही वे गाने पर ब्राइड्समेड के साथ थिरकीं, जान्हवी कपूर, सोनाक्षी समेत कई सेलेब्स हुए शामिल

आलिया भट्ट की बेस्टफ्रेंड और एक्ट्रेस आकांक्षा रंजन जल्द ही शादी करने वाली हैं। शुक्रवार को मुंबई में उनकी मेहंदी सेरेमनी और संगीत का आयोजन किया गया, जिसमें आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, जान्हवी कपूर, वाणी कपूर, गुरू रंधावा समेत कई सेलेब्स शामिल हुए हैं। इस दौरान आलिया ने दोस्त के लिए डांस परफॉर्मेंस दी है। आलिया भट्ट ने आकांक्षा रंजन की बहन अनुष्का रंजन, आदित्य सील और वाणी कपूर के साथ शाहरुख खान की फिल्म कल हो न हो के गाने माही वे पर परफॉर्मेंस दी है। देखिए परफॉर्मेंस की झलक- आलिया भट्ट ने आकांक्षा की संगीत सेरेमनी में पर्पल बनारसी साड़ी को वेस्टर्न स्टाइल में स्टाइल किया है। स्लीक बन, मिनिमल मेकअप और जूलरी के साथ आलिया ने लुक कंप्लीट किया है। ये सेलेब्स हुए आकांक्षा की संगीत सेरेमनी में शामिल- आलिया की बचपन की दोस्त हैं आकांक्षा रंजन आलिया भट्ट और आकांक्षा रंजन बचपन की दोस्त हैं। दोनों अक्सर साथ पार्टी करते और वेकेशन पर जाती हैं। आकांक्षा से पहले उनकी बहन अनुष्का की शादी में भी आलिया बढ़-चढ़कर शामिल हुई थीं। उन्होंने अनुष्का की संगीत में छलका रे गाने पर परफॉर्मेंस दी थी। देखिए आलिया और आकांक्षा के बचपन की तस्वीरें- कौन हैं आकांक्षा रंजन

बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान सस्ते होंगे:ट्राई ने मसौदा पेश किया, सुझाव मांगे; 70% तक घट सकती है कीमत

बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान सस्ते होंगे:ट्राई ने मसौदा पेश किया, सुझाव मांगे; 70% तक घट सकती है कीमत

दूरसंचार नियामक ट्राई ने ग्राहकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का नया मसौदा जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य है- ‘डेटा नहीं चाहिए, तो उसका पैसा क्यों दें?’ ट्राई ने इस पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे हैं, फिर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। क्या है नया प्रस्ताव? अभी कंपनियां कुछ ही अवधियों के लिए ‘केवल कॉल-एसएमएस’ पैक देती हैं। इससे कई ग्राहकों को मजबूरी में डेटा वाला महंगा प्लान लेना पड़ता है। अब ट्राई ने प्रस्ताव दिया है कि कंपनियां जितने दिनों की वैधता जैसे 7, 28, 56 या 84 दिन का डेटा वाला प्लान लाती हैं, उतनी ही अवधि का ‘केवल कॉल व एसएमएस’ वाला प्लान भी लाना होगा। कीमतें कितनी कम होंगी? चूंकि मोबाइल प्लान्स में 50-70% खर्च डेटा का होता है, इसलिए नया नियम लागू होने पर सिर्फ कॉल-एसएमएस वाले प्लान की कीमत आधी से भी कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, 300 रुपए का प्लान 100 से 150 रुपए में मिल सकता है। किसे फायदा? फीचर फोन यूजर्स व बुजुर्गों को, जो डेटा इस्तेमाल नहीं करते। जो दूसरी सिम सिर्फ कॉल के लिए रखते हैं। इसके अलावा जिनके घरों में वाईफाई है। उनके लिए भी ये फायदेमंद रहेगा। 1600 और 140 सीरीज के जरूरी कॉल को ब्लॉक नहीं कर पाएंगे एप्स ट्राई ने साफ किया है कि ट्रूकॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट एप्स 1600 और 140 सीरीज वाले कॉल्स ब्लॉक नहीं कर सकते…

ट्रम्प बोले-मेरी हत्या हुई तो जवाबी कार्रवाई, आदेश दे चुका:ईरान से बातचीत जारी पर सीजफायर खत्म; रिपोर्ट- अमेरिका ने इजराइल से फाइटर जेट्स हटाए

ट्रम्प बोले-मेरी हत्या हुई तो जवाबी कार्रवाई, आदेश दे चुका:ईरान से बातचीत जारी पर सीजफायर खत्म; रिपोर्ट- अमेरिका ने इजराइल से फाइटर जेट्स हटाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ हुआ तो मैंने पहले ही ऐसे आदेश दे दिए हैं कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाए।” ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि अमेरिका ईरान से बातचीत के लिए तैयार हो गया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। उधर, इजराइली मीडिया कान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजराइल से अपने 12 F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं। ये विमान फरवरी से इजराइल के ओवदा एयरबेस पर तैनात थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए भेजा गया था और इन्होंने हालिया हमलों में भी हिस्सा लिया था। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। बैठक के दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने कहा कि जब मैंने पिछले साल भारत का दौरा किया था, तब भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस रिश्ते को मजबूत बनाने में आपने व्यक्तिगत रूप से जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इ सके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी के न्यूजीलैंड में स्वागत की दो तस्वीरें… मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा

हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा

ग्रीस के थेसालोनिकी से जर्मनी के मेमिंगेन जा रहे प्लेन की उड़ान के दौरान खिड़की अलग हो गई। इसके बाद कैबिन में अचानक दबाव कम हो गया और 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए। पैसेंजर ने सीट बेल्ट नहीं खोली थी, इसलिए वह पूरी तरह बाहर नहीं फिंका। पास बैठे दूसरे पैसेंजर्स ने तुरंत उसे पकड़कर वापस प्लेन के अंदर खींच लिया। घटना के समय प्लेन 30 हजार फीट की उंचाई पर उड़ रहा था। विमान कंपनी रायनएयर ने बताया कि पैसेंजर को कुछ चोटें आई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक है। यह घटना मैसिडोनिया के ऊपर हुई। घायल यात्री सर्बिया का यूरिस्ट है। उसे जलने जैसी चोटें आई हैं। प्लेन ने सुबह 5.55 मिनट पर (ग्रीस के समय के अनुसार) ग्रीस से उड़ान भरी थी। घटना के 2 फोटो: टायर फटने जैसी आवाज आई घटना के समय प्लेन में मौजूद रही महिला ने रेडियो थेसालोनिकी को बताया कि घटना के समय ज्यादातर पैसेंजर सो रहे थे। तभी टायर फटने जैसी तेज आवाज आई। इसके तुरंत बाद लोगों की चीखें सुनाई दीं। उन्होंने कहा, हमें तुरंत समझ आ गया कि विमान के अंदर दबाव कम हो गया है। कुछ पल के लिए मुझे लगा कि किसी ने गलती से इमरजेंसी दरवाजा खोल दिया है।” महिला के मुताबिक, इसके बाद ऑक्सीजन मास्क नीचे आ गए और केबिन में तेज गंध फैल गई। उन्होंने देखा कि एक यात्री का सिर और कंधे खिड़की से बाहर थे। उसने सीट बेल्ट नहीं खोला था। इसके बाद आसपास बैठे लोगों ने उसे पकड़कर वापस अंदर खींच लिया। इंजन के टुकड़े से खिड़की टूटने का अंदेशा ग्रीक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के इंजन से अलग हुए किसी मलबे के टुकड़े की वजह से खिड़की टूट गई। हालांकि, इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रायनएयर ने बयान जारी कर कहा कि उड़ान भरने के कुछ देर बाद यात्री वाली खिड़की अलग होने के कारण विमान को वापस थेसालोनिकी लौटना पड़ा। विमान ने सामान्य तरीके से लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल पहुंचाया गया। एयरलाइन ने बताया कि बाकी यात्रियों को मेमिंगेन पहुंचाने के लिए एक दूसरा विमान भेजा गया। घटना की जांच जारी है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें: एअर इंडिया फ्लाइट का इंजन बंद, पायलट का इमरजेंसी कॉल:मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी, 20 मिनट में लौटी; टेकऑफ के दौरान चिंगारी भी दिखी मुंबई मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की एअरबस A320 Neo फ्लाइट AI2812 बुधवार-गुरुवार की देर रात उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद मुंबई एयरपोर्ट लौट आई। अधिकारियों ने बताया कि हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर ‘PAN PAN’ कॉल दी, जिसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंड कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

मूवी रिव्यू: इक्का:सनी देओल ने पूरी जान लगा दी, लेकिन 'ढाई किलो का हाथ' भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है

मूवी रिव्यू: इक्का:सनी देओल ने पूरी जान लगा दी, लेकिन 'ढाई किलो का हाथ' भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है

कोर्टरूम ड्रामा हमेशा से दर्शकों की पसंद रहे हैं। सनी देओल और अक्षय खन्ना जैसे दमदार कलाकारों की मौजूदगी से ‘इक्का’ से उम्मीद बढ़ती है। फिल्म शुरुआत में बांधे रखती है, लेकिन आगे बढ़ते-बढ़ते अपनी ही उलझनों में फंस जाती है। आखिर तक यह कोर्टरूम ड्रामा से ज्यादा मेलोड्रामा बन जाती है। सिनेमाघरों की बजाय सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस फिल्म की लंबाई 2 घंटे 20 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। फिल्म की कहानी कैसी है? अर्जुन मेहरा (सनी देओल) ऐसे वकील हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी ऐसे शख्स का केस नहीं लड़ा, जिसे वह गलत मानते हों। लेकिन हालात उन्हें शौर्यमान (अक्षय खन्ना) का बचाव करने के लिए मजबूर कर देते हैं। शौर्यमान पर एक युवती पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। यहीं से कहानी कानून, नैतिकता और इंसाफ के बीच की लड़ाई दिखाने की कोशिश करती है। शुरुआत दिलचस्प है और कई सवाल खड़े करती है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म बार-बार नए ट्विस्ट और खुलासों का सहारा लेती है। कई मोड़ कहानी से ज्यादा पटकथा की मजबूरी लगते हैं। क्लाइमैक्स तक फिल्म जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और यहीं इसका असर कमजोर पड़ जाता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? ‘इक्का’ देखने की सबसे बड़ी वजह सनी देओल हैं। लंबे समय बाद उन्हें सिर्फ गुस्से वाले हीरो नहीं, बल्कि भीतर से उलझे किरदार में देखा जाता है। कोर्टरूम में उनके कई सीन प्रभाव छोड़ते हैं और साफ दिखता है कि उन्होंने किरदार पर मेहनत की है। अक्षय खन्ना अपने खास अंदाज में नजर आते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी किरदार को मजबूत बनाती है, लेकिन कई जगह उनका प्रदर्शन एक जैसा लगता है। तिलोत्तमा शोम संयमित अभिनय करती हैं और कई दृश्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं। दिया मिर्जा और संजीदा शेख के हिस्से सीमित दृश्य हैं, इसलिए वे ज्यादा असर नहीं छोड़ पातीं। निर्देशन और तकनीकी पक्ष कैसा है? सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा के पास अच्छा विषय था, लेकिन उसे परदे पर उतारते समय वह संतुलन नहीं बना पाए। कोर्टरूम की बहसें असर छोड़ सकती थीं, लेकिन जरूरत से ज्यादा बैकग्राउंड म्यूजिक, लंबे संवाद और भावनात्मक दृश्यों ने उनका प्रभाव कम कर दिया। सबसे ज्यादा निराश फिल्म की पटकथा करती है। हर थोड़ी देर में नया गवाह, नया सबूत और नया खुलासा आता है। कुछ समय बाद ये ट्विस्ट चौंकाने के बजाय थकाने लगते हैं। फिल्म लंबी महसूस होती है और कई दृश्य आसानी से छोटे किए जा सकते थे। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ ज्यादा देर तक नहीं चलता। बैकग्राउंड स्कोर कई जगह जरूरत से ज्यादा ऊंचा है। कोर्टरूम सीन्स में सिर्फ कलाकारों की परफॉर्मेंस पर भरोसा किया जाता, तो असर ज्यादा होता। कहां रह गई कमी? ‘इक्का’ की सबसे बड़ी दिक्कत इसकी कहानी नहीं, बल्कि उसे कहने का तरीका है। फिल्म दर्शकों पर भरोसा करने के बजाय हर बात समझाने लगती है। हर भावनात्मक पल को ज्यादा भावुक और हर ट्विस्ट को जरूरत से ज्यादा खींचा गया है। नतीजा यह होता है कि जिस कहानी में कानून और इंसाफ की गहरी बहस हो सकती थी, वह धीरे-धीरे मेलोड्रामा में बदल जाती है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? ‘इक्का’ में दमदार कलाकार हैं, अच्छा विषय है और कुछ कोर्टरूम सीन्स प्रभाव छोड़ते हैं। लेकिन कमजोर पटकथा, जरूरत से ज्यादा मेलोड्रामा और लंबा क्लाइमैक्स फिल्म को उस मुकाम तक नहीं पहुंचने देते, जहां यह पहुंच सकती थी। सनी देओल पूरी ईमानदारी से फिल्म को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार उनका ‘ढाई किलो का हाथ’ भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है।

ओपनएआई कर्मियों ने बेचे शेयर, पैसा रियल एस्टेट में:सैन फ्रांसिस्को में घरों के औसत दाम 17 करोड़ तक; गैर-टेक परिवार शहर छोड़ रहे

ओपनएआई कर्मियों ने बेचे शेयर, पैसा रियल एस्टेट में:सैन फ्रांसिस्को में घरों के औसत दाम 17 करोड़ तक; गैर-टेक परिवार शहर छोड़ रहे

सैन फ्रांसिस्को के डुबोसे ट्राएंगल इलाके में एक आलीशान फ्लैट की कीमत करीब 30 करोड़ डॉलर (2,864 करोड़) रखी गई थी। दिलचस्प बात यह थी कि विक्रेता कैश की जगह ओपनएआई या एंथ्रोपिक के शेयर लेने के लिए भी तैयार था। यह अकेला किस्सा नहीं, बल्कि एआई से आ रहे पैसे का असर है, जो पूरे शहर की तस्वीर बदल रहा है। रियल एस्टेट फर्म रेडफिन के मुताबिक मई में शहर में घरों की औसत कीमत रिकॉर्ड 17.6 लाख डॉलर (16.8 करोड़) तक पहुंच गई, जबकि पूरे अमेरिका में यह औसत महज करीब 4 लाख डॉलर (3.8 करोड़) है। मार्च में शहर के घरों की कीमत 19% बढ़ी, अप्रैल-मई में भी 14% से ज्यादा की तेजी बनी रही। रेडफिन की चीफ इकोनॉमिस्ट डैरिल फेयरवेदर के मुताबिक, यह उछाल सीधे-सीधे एआई कंपनियों के कर्मचारियों की दौलत से जुड़ा है। पिछले साल अक्टूबर में ओपनएआई के 600 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने कुल 63,000 करोड़ के शेयर बेचे थे यानी औसतन 105 करोड़ प्रति व्यक्ति। एंथ्रोपिक में भी कर्मचारियों को करीब 57,000 करोड़ के शेयर बेचने की इजाजत मिली थी। एजेंट्स का कहना है कि बोली की जंग अब आम बात हो गई है, जिसमें अक्सर मकान पूछी गई कीमत से लाखों डॉलर ज्यादा में बिकते हैं। नकद भुगतान वाली डील्स भी तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर महंगे इलाकों में। हालांकि हर कोई इस तेजी में साथ नहीं है। बर्कले यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एनरिको मोरेटी के मुताबिक, अभी एआई बूम का शुरुआती दौर है। मेटा जैसी कंपनियों में हो रही छंटनी इस तेजी पर लगाम भी लगा सकती है। उनका यह भी कहना है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के आने वाले शेयर मार्केट लिस्टिंग से होने वाली ज्यादातर कमाई कर्मचारियों को नहीं, बल्कि दुनियाभर में फैले निवेशकों को मिलेगी। इस बीच शहर के दो परिवारों की कहानी इस बदलाव का दूसरा पहलू दिखाती है। एक परिवार, जिसमें एक सदस्य ओपनएआई में काम करता है, शेयर बेचकर अपने ही इलाके में घर खरीद पाया। वहीं दूसरा गैर-टेक परिवार शहर छोड़कर बाहरी इलाके में जाने को मजबूर हो गया। बहरहाल, डुबोसे ट्राएंगल वाला फ्लैट आखिरकार 32 लाख डॉलर ( 30.5 करोड़) में बिका, जो पूछी गई कीमत से 1.9 करोड़ ज्यादा था। क्या इस डील में एआई शेयर भी शामिल थे, यह जानकारी गोपनीय रखी गई है। एआई का पैसा सबको शहर से बाहर धकेल रहा जिस परिवार को शहर छोड़ना पड़ा, उसके मुखिया सैन फ्रांसिस्को में ही एक बड़े सरकारी पद पर हैं, फिर भी वे शहर में मकान नहीं खरीद सके। अब वे उपनगर में किराए पर लिए घर में रहते हैं, जहां से उन्हें रोज लंबा सफर तय करना पड़ता है। परिवार की मां कहती हैं, ‘अगर शहर में रहने की गुंजाइश होती तो हम कभी न जाते। यह देखकर बुरा लगता है कि एआई का पैसा बाकी सबको बाहर धकेल रहा है।’