लेक्चरर (विशेष शिक्षा) भर्ती की कल लास्ट डेट:RPSC ने निकाली थी 121 पदों पर वैकेंसी;जानिए-RPSC की किन भर्तियों के आवेदन जारी

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की कल लास्ट डेट है। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। सहायक अभियोजन अधिकारी के 371 पदों पर भर्ती जारी सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 7 जुलाई है। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद साल 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।
मलेरिया के लक्षण: सीजन में इन 5 शुरूआती आदेशों को कभी न मानें, हो सकता है मलेरिया; जानिए कैसे करें बचाव

मानसून के मौसम में मलेरिया से कैसे बचें: ठंड का मौसम चिलचिलाती गर्मी से राहत तो देता है और बारिश की बौछारें मन को भी अच्छी लगती हैं, लेकिन यह सुहाना मौसम अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। बारिश का पानी जगह-जगह जम जाता है, जिससे मच्छरों का खतरा काफी बढ़ जाता है। मलेरिया मादा ‘एनाफिलीज’ मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी एक गंभीर बीमारी है। अगर समय पर इसके प्रोटोटाइप को पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज आसानी से हो सकता है, लेकिन विविधता पर यह प्राकृतिक भी साबित हो सकता है। तो जानें कि वो कौन से शुरुआती लक्षण हैं जिनमें पूरी तरह से वैध नहीं होना चाहिए और इससे आप कैसे बच सकते हैं। मलेरिया के प्रारंभिक लक्षण अगर बारिश के मौसम में आपकी तबीयत खराब है, तो इन पर जरूर गौर करें। अचानक चमकीला बुखार और कंपनी मलेरिया का सबसे आम और पहला लक्षण है अचानक से तेज बुखार आना। इसके साथ ही मरीज को बहुत तेज ठंड लगने लगती है और शरीर खराब होने लगता है। कुछ घंटों बाद बुखार उतरते समय मरीज को बहुत ज्यादा खाना भी मिल सकता है। भयंकर सिरदर्द बुखार के साथ-साथ यदि सिर में बहुत तेज दर्द हो रहा है, तो यह मलेरिया का संकेत हो सकता है। अक्सर लोग इसे मौसम के कारण या थकान की वजह से होने वाला सामान्य सिरदर्द समझकर पेनकिलर खा लेते हैं, जो गलत है। जोड़ों और जोड़ों में दर्द मलेरिया के परजीवी जब खून में मिलते हैं, तो पूरे शरीर में भयंकर दर्द होता है। खासकर पीठ, कमर, सामान और जोड़ों में गहरी ऐंठन और दर्द होता है जिससे उठना भी मुश्किल लगता है। उल्टी और जी मिचलाना मलेरिया का प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। पेट में भारीपन, कुछ खाने का मन न करना, बार-बार उल्टी आना या जी मिचलाना जैसे शुरुआती खुलासे में शामिल हैं। हद से ज्यादा थकान और कमजोरी बिना किसी भारी काम या पर्याप्त आराम के अगर आपको बहुत अधिक थकान महसूस हो रही है और शरीर बिल्कुल भी काबू नहीं पा रहा है, तो यह मलेरिया का एक बड़ा लक्षण हो सकता है। मलेरिया से बचाव कैसे करें? मलेरिया से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका। मच्छरों को खुद से और अपने घर से दूर रखें। इसके लिए आप ये आसान उपाय अपना सकते हैं। आस-पास पानी जमा न हो जाएं: मच्छर मारे गए साफ पानी में अंडे देते हैं। इसलिए घर के आस-पास, खाली गैमलों, बाल्टियों, पेंसिलों या पुराने टायरों में बारिश का पानी बिल्कुल जमा नहीं होता। ब्लॉकचेन का पानी सप्ताह में एक बार घटा। पूरी तरह से आरामदायक सुविधा: बारिश के मौसम में बाहर जाने का समय, विशेष रूप से शाम और सुबह के समय, ऐसे कपड़े के कपड़े जिससे आपके हाथ और पैर पूरी तरह से बने रहें। मच्छरदानी और रिपेलेंट्स का उपयोग: रात को रात को मच्छर दानी का उपयोग करना सबसे सुरक्षित तरीका है। इसके अलावा मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम, स्पाइडर या कॉइल का भी उपयोग करें। साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखें: घर और घर के आस-पास की नियमित सफाई। जहां नालों या चट्टानों में पानी भरता हो, वहां मिट्टी का तेल या औषधि का मिश्रण होता है, जहां मिट्टी का तेल या औषधि का मिश्रण होता है। मलेरिया कोई मामूली सामान्य बुखार नहीं है। यदि आपके या आपके परिवार में किसी को भी नामित लक्षण दिखाई देते हैं, तो घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से मिलें और खून की जांच करवाएं। यह अवश्य पढ़ें: लौकी के छिलके की चटनी रेसिपी: सस्ते समझकर न खाएं लोकी के अनोखे, ऐसे बनाएं चटपटी चटनी; गर्मी में पेट को रखेगी ठंडा अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मानसून में मलेरिया(टी)मलेरिया के लक्षण(टी)मानसून टिप्स(टी)मलेरिया से बचने के उपाय(टी)मलेरिया के लक्षण(टी)मानसून के मौसम में मलेरिया से कैसे बचें(टी)मलेरिया के लक्षण(टी)मलेरिया से बचने के उपाय
एसी कूलिंग टिप्स: एसी को ठंडा करने के चक्कर में कहीं खराब न हो जाए मशीन, जानें आउटर यूनिट पर पानी कितना सही?

28 जून 2026 को 21:21 IST पर अपडेट किया गया एसी आउटडोर यूनिट को सुरक्षित रूप से ठंडा कैसे करें: भीषण गर्मी में एसी का दिन-रात चलना आम बात है। जब भी एसी कूलिंग कम कर देता है या स्ट्रिप मारने का आभास होता है, तो लोग ‘देसी जुगाड़’ के रूप में अपनी बाहरी यूनिट पर बाल्टी या पाइप से पानी डाल देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सुरक्षित है? कहीं ठंडक बढ़ाने के चक्कर में आप अपनी मशीन तो खराब नहीं कर रहे? तो जानें ये कितना सही है? अनुसरण करना : अगर सही तरीके से पानी डाला जाए, तो आमतौर पर कोई परेशानी नहीं होती। क्योंकि AC का आउटर यूनिट बारिश और धूप झेलने के लिए बनाया जाता है। लेकिन अंतिम नुकसान हो सकता है। छवि: फ्रीपिक पाइप से तेज़ दस्तावेज़ में वॉटर हीटर से आउटर यूनिट की परत एल्युमीनियम फ़िनिशें निकाली जा सकती हैं। इससे हवा का प्रवाह कम हो जाता है और AC की कूलिंग भी कम हो जाती है। छवि: एआई अगर एसी चल रही हो और उसी समय आउटर यूनिट पर पानी डाला जाए, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। इससे मोटर या मॉडल खराब होने की संभावना बनी रहती है। छवि: एआई अगर यूनिट पर केवल थोड़ा-सा पानी छिड़कर छोड़ दिया जाए, तो धूल फांकता हुआ पंखों में जाम लग जाता है। इससे संबंधित अतिरिक्त दबाव वाले सामान और एसी बार-बार यात्रा कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बाहरी इकाई पर शेड रूम। हर 10-15 दिन में इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स को साफ करें। AC का तापमान 24°C होता है, इससे बेहतर कूलिंग और बिजली की बचत दोनों होती है। छवि: एआई बाहरी इकाई पर बार-बार पानी का कोई स्थायी समाधान नहीं है। छवि: फ्रीपिक अगर एसी की कूलिंग कम हो रही है या यूनिट बहुत खराब है, तो प्रोफेशनल सर्विसिंग सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। इससे आपका AC लंबे समय तक अच्छा काम करेगा। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 28 जून 2026 को 21:21 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)एसी कूलिंग टिप्स(टी)एसी को ठंडा कैसे करें(टी)एसी कूलिंग हैक(टी)एसी रखरखाव टिप्स(टी)एसी सफाई टिप्स(टी)एसी बाहरी इकाई(टी)एसी कूलिंग हैक
स्पोर्ट्स अपडेट्स:बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया; न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट उनका आखिरी मैच होगा

इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी तीसरा टेस्ट उनके 15 साल के करियर का आखिरी मुकाबला होगा। 35 वर्षीय स्टोक्स ने रविवार को मैच शुरू होने से पहले टीम को इसकी जानकारी दी। स्टॉक्स ने इंग्लैंड के लिए कई यादगार जीत दर्ज कीं। उन्होंने 2019 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में नाबाद 84 रन बनाए। एशेज टेस्ट 2019 में उन्होंने नाबाद 135 रन की पारी खेल ऑस्ट्रेलिया को 1 विकेट से जीत दिलाई थी। उन्होंने 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 मैच खेले।
थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोट थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें
थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोट थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें
आलिया की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 3 जुलाई को होगी रिलीज:बोलीं- ‘अल्फा’ ने मुझे कई नए तरीकों से चुनौती दी, इसका हर पल पसंद आया

यशराज फिल्म्स की अगली एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में हैं। आलिया ने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार और आनंददायक अनुभवों में से एक रही। आलिया ने कहा,‘अल्फा की शूटिंग करते हुए मैंने बहुत अच्छा समय बिताया। यह किसी फिल्म के सेट पर मेरे सबसे मजेदार अनुभवों में से एक था। एक्शन, और रोमांच से भरी इस दुनिया का हिस्सा बनना मेरे लिए नया अनुभव था। इस फिल्म ने मुझे कई नए तरीकों से चुनौती दी और मुझे इसका हर पल पसंद आया।’ उन्होंने आगे कहा कि फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसकी कहानी दो महिला किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके मुताबिक‘मुझे सबसे ज्यादा यह पसंद आया कि पूरी एक्शन कहानी को दो महिलाएं आगे बढ़ा रही हैं। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। ‘अल्फा’ लिंग से परे जाकर एक सोच और एटीट्यूड का जश्न मनाने वाली फिल्म है।’ आलिया ने फिल्म की टीम की सराहना करते हुए यह भी कहा कि निर्देशक, कलाकार, एक्शन टीम और पूरे क्रू के बीच फिल्म को लेकर उत्साह था। मैं हर दिन सेट पर जाने का इंतजार करती थीं और शूटिंग के हर पल का आनंद लिया। बता दें कि इस फिल्म का निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है। वहीं फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जिन्हें वेब सीरीज ‘द रेलवे मेन’ के लिए भी जाना जाता है। यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई थी।
एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सिर्फ आंकड़ों का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम चयन, मैच रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने का तरीका भी बदल रहा है। इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हुई एक बातचीत से हुई, जब सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के सह-मालिक आनंद राजारमन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कंप्यूटिंग व एआई के वाइस डीन विशाल मिश्रा ने क्रिकेट में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा की। इसी मुलाकात से ‘एसएफयू एआई’ विकसित हुआ। इस एआई की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक है। यह हजारों पुराने मैचों के डेटा के आधार पर मौजूदा मैच का वर्चुअल मॉडल तैयार करता है और हर गेंद के बाद जीत-हार की संभावना का आकलन करता है। इसकी सटीकता का सबसे बड़ा उदाहरण 2024 टी20 वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में देखने को मिला। उस समय ज्यादातर क्रिकेट वेबसाइट्स पाकिस्तान की जीत की 95 प्रतिशत संभावना जता रही थीं, लेकिन एसएफयू एआई लगातार भारत को मजबूत स्थिति में बता रहा था। अंत में उसका आकलन सही साबित हुआ। फ्रेंचाइजियों के लिए भी यह तकनीक किसी गेम चेंजर से कम नहीं है। एआई यह पहचान सकता है कि टीम को किस तरह के खिलाड़ी की जरूरत है, जैसे डेथ ओवर विशेषज्ञ गेंदबाज या आक्रामक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज। इतना ही नहीं, यह घरेलू क्रिकेटरों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर यह भी अनुमान लगा सकता है कि वे आईपीएल या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना सफल हो सकते हैं। इसका ‘एवरेज डेल्टा विन प्रोबेबिलिटी’ पैमाना बताता है कि कोई खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में टीम की जीत की संभावना कितनी बढ़ाता है। आईपीएल 2026 में इसी आधार पर वैभव सूर्यवंशी सबसे प्रभावशाली मैच विनर साबित हुए। कोचिंग में भी एआई तेजी से जगह बना रहा है। ‘क्रिकेट लेंस’ नामक टूल कोच के लिए चैटजीपीटी की तरह काम करता है। कोच सामान्य भाषा में किसी बल्लेबाज या गेंदबाज से जुड़ी स्थिति लिखते हैं और कुछ सेकेंड में उससे जुड़े सभी वीडियो सामने आ जाते हैं। यही तकनीक फील्डिंग सेट करने में भी मदद करती है। आईपीएल 2026 से पहले इसने रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, निकोलस पूरन और शुभमन गिल के खिलाफ खास फील्डिंग पोजिशन सुझाई थीं और सीजन के दौरान ये खिलाड़ी उन्हीं स्थानों पर कैच आउट हुए। हालांकि एआई की सीमाएं भी हैं। यह खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति, व्यक्तिगत परेशानियों या शारीरिक थकान को पूरी तरह नहीं समझ सकता। इसी वजह से डेवलपर्स रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि खेल के मानवीय पहलुओं को भी इसमें शामिल किया जा सके।
एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सिर्फ आंकड़ों का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम चयन, मैच रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने का तरीका भी बदल रहा है। इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हुई एक बातचीत से हुई, जब सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के सह-मालिक आनंद राजारमन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कंप्यूटिंग व एआई के वाइस डीन विशाल मिश्रा ने क्रिकेट में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा की। इसी मुलाकात से ‘एसएफयू एआई’ विकसित हुआ। इस एआई की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक है। यह हजारों पुराने मैचों के डेटा के आधार पर मौजूदा मैच का वर्चुअल मॉडल तैयार करता है और हर गेंद के बाद जीत-हार की संभावना का आकलन करता है। इसकी सटीकता का सबसे बड़ा उदाहरण 2024 टी20 वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में देखने को मिला। उस समय ज्यादातर क्रिकेट वेबसाइट्स पाकिस्तान की जीत की 95 प्रतिशत संभावना जता रही थीं, लेकिन एसएफयू एआई लगातार भारत को मजबूत स्थिति में बता रहा था। अंत में उसका आकलन सही साबित हुआ। फ्रेंचाइजियों के लिए भी यह तकनीक किसी गेम चेंजर से कम नहीं है। एआई यह पहचान सकता है कि टीम को किस तरह के खिलाड़ी की जरूरत है, जैसे डेथ ओवर विशेषज्ञ गेंदबाज या आक्रामक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज। इतना ही नहीं, यह घरेलू क्रिकेटरों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर यह भी अनुमान लगा सकता है कि वे आईपीएल या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना सफल हो सकते हैं। इसका ‘एवरेज डेल्टा विन प्रोबेबिलिटी’ पैमाना बताता है कि कोई खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में टीम की जीत की संभावना कितनी बढ़ाता है। आईपीएल 2026 में इसी आधार पर वैभव सूर्यवंशी सबसे प्रभावशाली मैच विनर साबित हुए। कोचिंग में भी एआई तेजी से जगह बना रहा है। ‘क्रिकेट लेंस’ नामक टूल कोच के लिए चैटजीपीटी की तरह काम करता है। कोच सामान्य भाषा में किसी बल्लेबाज या गेंदबाज से जुड़ी स्थिति लिखते हैं और कुछ सेकेंड में उससे जुड़े सभी वीडियो सामने आ जाते हैं। यही तकनीक फील्डिंग सेट करने में भी मदद करती है। आईपीएल 2026 से पहले इसने रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, निकोलस पूरन और शुभमन गिल के खिलाफ खास फील्डिंग पोजिशन सुझाई थीं और सीजन के दौरान ये खिलाड़ी उन्हीं स्थानों पर कैच आउट हुए। हालांकि एआई की सीमाएं भी हैं। यह खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति, व्यक्तिगत परेशानियों या शारीरिक थकान को पूरी तरह नहीं समझ सकता। इसी वजह से डेवलपर्स रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि खेल के मानवीय पहलुओं को भी इसमें शामिल किया जा सके।
रावण की लंका और अशोक वाटिका अब कैसी दिखती है:एक्टर प्रदीप काबरा ने श्रीलंका से शेयर कीं रामायण से जुड़े स्थलों की झलकियां

एक्टर प्रदीप काबरा हाल ही में श्रीलंका यात्रा पर गए, जहां उन्होंने ‘रामायण’ से जुड़े बताए जाने वाले स्थलों की झलकियां शेयर कीं। उन्होंने रावण की लंका, अशोक वाटिका, रावण की गुफा, सिंहासन और उन स्थानों को दिखाया, जिन्हें स्थानीय परंपराओं और संग्रहालय में मौजूद जानकारी के आधार पर रामायण से जोड़ा जाता है। प्रदीप ने बताया कि श्रीलंका में कई स्थानों के नाम रावण से जुड़े हुए हैं। उन्होंने ‘रावण फॉल’ भी दिखाया और वहां नहाते हुए नजर आए। इसके बाद उन्होंने एला स्थित रावण की गुफा की झलक दिखाई। प्रदीप के मुताबिक, संग्रहालय में रखे गए प्रमाणों के अनुसार इसी क्षेत्र की एक गुफा में रावण ने माता सीता को छिपाकर रखा था। उन्होंने इसे दुर्गम स्थान बताते हुए कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं है। प्रदीप ने अशोक वाटिका भी दिखाई और उस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की। उन्होंने वह पेड़ भी दिखाया, जिसे स्थानीय मान्यताओं के अनुसार वह स्थान माना जाता है, जहां माता सीता बैठती थीं और जहां हनुमान जी उनसे मिले थे। वीडियो में प्रदीप ने उस स्थान की भी झलक शेयर की, जिसे रावण की लंका के अवशेष बताया जाता है। उन्होंने वह जगह दिखाई, जहां स्थानीय मान्यताओं के अनुसार रावण का सिंहासन और महल हुआ करता था। वाल्मीकि रामायण में लंका का उल्लेख त्रिकूट पर्वतमाला पर स्थित स्वर्ण नगरी के रूप में मिलता है, हालांकि इन स्थलों के ऐतिहासिक और पुरातात्विक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदीप काबरा कई फिल्मों में नजर आए हैं प्रदीप काबरा के करियर की बात करें तो उन्होंने ‘रन’ से फिल्मों में शुरुआत की थी। वह ‘वॉन्टेड’, ‘बैंग बैंग’, ‘दिलवाले’, ‘सिंबा’ और ‘सूर्यवंशी’ जैसी फिल्मों के अलावा ‘सीआईडी’, ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे टीवी शो में भी नजर आ चुके हैं। बता दें कि प्रदीप काबरा एक्टिंग के अलावा इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी काफी एक्टिव हैं। वह इन प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ एक्टिंग से जुड़े वीडियो ही नहीं, बल्कि ट्रैवल, धार्मिक यात्राएं, शूटिंग के अनुभव, निजी जिंदगी की झलक और व्लॉग भी शेयर करते हैं। यूट्यूब पर उनके करीब 73.4 हजार सब्सक्राइबर और 261 वीडियो हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर उनके 4 लाख 57 हजार फॉलोअर्स हैं। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शाहरुख के धक्का देने के बाद क्यों मुस्कुराती रहीं शिल्पा: 32 साल बाद एक्ट्रेस ने पहली बार बताई ‘बाजीगर’ के सीन के पीछे की कहानी शाहरुख खान और शिल्पा शेट्टी की फिल्म बाजीगर का एक सीन आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहता है। फिल्म में शाहरुख का किरदार शिल्पा के किरदार को छत से धक्का देता है। खास बात यह है कि नीचे गिरते वक्त शिल्पा के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है। अब इस आइकॉनिक सीन के पीछे की कहानी शिल्पा शेट्टी ने करीब 32 साल बाद पहली बार शेयर की। पूरी खबर यहां पढ़ें…






