'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।
चार बार की चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया; ब्राजील ने आखिरी मिनट में जापान को हराया

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————–
चार बार का चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में हराया; आखिरी मिनट में मार्टिनेली के गोल से जीता ब्राजील

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप की जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नॉर्वे पहली बार आइवरी कोस्ट से भिड़ेगा, FIFA वर्ल्ड कप में आज 3 मुकाबले FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में आइवरी कोस्ट का सामना नॉर्वे से होगा। दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से 30 जून रात 10:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
ट्रम्प बोले- आज कतर में अमेरिका-ईरान की बातचीत होगी:अपने खास दूत विटकॉफ को भेजा; तेहरान ने बातचीत से इनकार किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी: समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 29 मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। 2. होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान की मीटिंग: ईरान और ओमान ने सोमवार को मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को चलाने को लेकर चर्चा हुई। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा इंडियन डेलिगेशन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं। 4. ईरान बोला- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर जल्द मिलेंगे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
'कोमा से बाहर आया तो परिवार को नहीं पहचान पाया':रोहतक में रेसलर को केमिस्ट ने गलत इंजेक्शन लगाया, बोला- ओलिंपिक खेलने का सपना था

मेरा सपना ओलिंपिक में देश के लिए खेलने और मेडल जीतने का था, लेकिन एक गलत इंजेक्शन ने सब कुछ बदल दिया। कोमा से बाहर आया तो अपने परिवार तक को नहीं पहचान पाया। अब नेशनल भी नहीं खेल पाऊंगा। यह कहना है राजस्थान के सीकर निवासी नेशनल रेसलिंग खिलाड़ी विजय कुमार लांबा का। विजय का आरोप है कि रोहतक में हल्का बुखार होने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें गलत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर गिर पड़े और चार दिन तक कोमा में रहे। अब तबीयत में कुछ सुधार होने पर उन्होंने पुलिस को बयान देकर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… हल्का बुखार हुआ तो मेडिकल स्टोर पहुंचे राजस्थान के सीकर जिले के नीमका थाना क्षेत्र निवासी विजय कुमार लांबा रोहतक के गुरु मेहर सिंह अखाड़े में प्रैक्टिस करते हैं। विजय के अनुसार, 11 मार्च को उन्हें हल्का बुखार हुआ, जिसके बाद वह देव कॉलोनी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक सोनू गुज्जर ने उन्हें एक इंजेक्शन लगा दिया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ गई। इंजेक्शन लगते ही बेहोश होकर गिर पड़े विजय का कहना है कि इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनका एक दांत टूट गया और कंधे में भी चोट आई। साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां वह चार दिन तक कोमा में रहे। होश आने पर वह किसी को पहचान नहीं पा रहे थे। 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहे, अब भी आते हैं दौरे विजय के साथियों ने घटना की सूचना उनके परिवार को दी। वह करीब 15 दिन तक एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे। इस दौरान वह अपने परिवार के सदस्यों तक को नहीं पहचान पा रहे थे। बाद में उन्हें दौरे आने लगे। दवाइयों से उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ है और अब वह परिवार के कुछ लोगों को पहचानने लगे हैं, लेकिन अभी भी उन्हें दौरे पड़ रहे हैं। डॉक्टर ने बताया- ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन विजय का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें Atracurium नाम का इंजेक्शन लगाया था। बाद में जब उन्होंने डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी तो पता चला कि यह मांसपेशियों को शिथिल करने वाली दवा है। इसका उपयोग ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया के साथ या आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों की मांसपेशियों को आराम देने के लिए किया जाता है। चार बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं विजय विजय ने बताया कि वह राजस्थान के स्टेट चैंपियन हैं और चार बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वह कई बार नेशनल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। हाल ही में उनका चयन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए हुआ था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण अब वह उसमें भाग नहीं ले सकेंगे। कुछ दिन बाद होने वाली नेशनल प्रतियोगिता भी उनसे छूट सकती है। ‘ओलिंपिक का सपना टूटता नजर आ रहा’ विजय का कहना है कि उनका सपना ओलिंपिक में देश के लिए पदक जीतने का है, लेकिन गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद वह अपना खेल जारी नहीं रख पा रहे हैं। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक की लापरवाही ने उनके करियर को संकट में डाल दिया है। अब पुलिस को दिए बयान विजय ने बताया कि घटना के बाद पीजीआई थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन उस समय उनकी हालत ठीक नहीं थी, इसलिए बयान दर्ज नहीं हो सके। अब स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्होंने पुलिस को बयान दर्ज कराए हैं और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। SHO बोले- 15 मार्च को केस दर्ज किया था PGI थाना SHO नवीन ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ लापरवाही की शिकायत मिलने पर 15 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। अब पीड़ित के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।
न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।
विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक खास शैली का प्रतीक रहा है। एक दौर था जब विम्बलडन वही खिलाड़ी जीतता था, जिसे विशुद्ध रूप से ‘ग्रास-स्पेशलिस्ट’ माना जाता था। पीट सम्प्रास, बोरिस बेकर, स्टीफन एडबर्ग, रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों का राज उनकी घातक ‘सर्व-एंड-वॉली’ (सर्विस करके तुरंत नेट पर आना) टेक्निक पर टिका था। लेकिन नए दौर के खिलाड़ियों ने घास पर खेलने के इस पारंपरिक तरीके को इतिहास बना दिया है। अब खिलाड़ी घास की पिचों को भी ‘हार्ड-कोर्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपने उपकरणों, फुटवर्क और खेल शैली में ऐसा बदलाव किया है कि टेनिस का पूरा व्याकरण ही बदल गया है। सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे टेनिस ग्रैंड स्लैम विम्बलडन से पहले जानिए कैसे आधुनिक खिलाड़ियों ने खेल की दशा और दिशा बदली है… 1. नए उपकरणों से मिली पावर और स्पिन पहले खिलाड़ी भारी रैकेट और प्राकृतिक (नेचुरल गट) स्ट्रिंग्स का उपयोग करते थे। इस कारण कोर्ट के पीछे से भारी स्पिन के साथ गेंद को हिट करना बहुत मुश्किल होता था। अब खिलाड़ी हल्के कार्बन-फाइबर रैकेट और पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह नया कॉम्बिनेशन आधुनिक खिलाड़ियों को हाई स्पीड और भारी ‘टॉपस्पिन’ के साथ गेंद को हिट करने की अनुमति देता है। 2. नेट गेम की जगह बेसलाइन गेम का दबदबा पहले खिलाड़ी ‘सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाते थे। वे तेज सर्विस करते और हवा में ही गेंद को हिट करने के लिए तुरंत नेट की ओर दौड़ पड़ते थे। अब आधुनिक रैकेट्स से ताकतवर शॉट्स आसान हो गए हैं, इसलिए नेट की तरफ भागना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खिलाड़ी अब बेसलाइन पर ही जमे रहते हैं और तब तक ताकतवर शॉट्स का आदान-प्रदान करते हैं, जब तक कोई गलती न कर दे। 3. टेनिस कोर्ट की सतहें हो गईं धीमी पहले ग्रास और पारंपरिक हार्ड कोर्ट बहुत चिकने और तेज हुआ करते थे। इन पर गेंद बहुत नीची और तेज उछलती थी। अब इन ताकतवर बेसलाइन शॉट्स से निपटने के लिए टूर्नामेंट्स ने अपनी सतहों को धीमा कर दिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब ने कोर्ट को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए घास के मिश्रण को बदल दिया। इससे गेंद ऊंची उछलने लगी और उसकी गति धीमी हो गई, जिससे लंबी रैलियां खेलना संभव हो सका। 4. खिलाड़ियों के फुटवर्क में बड़ा बदलाव पहले घास के कोर्ट पर, खिलाड़ी किसी भी अप्रत्याशित बाउंस से निपटने के लिए छोटे और तेज कदम रखते थे। आधुनिक एथलीट हार्ड कोर्ट पर स्लाइड करना (फिसलना) सीखते हैं। घास की सतह पर भी जूते की विशेष ग्रिप की मदद से हार्ड कोर्ट जैसी आक्रामक स्लाइडिंग करते हैं। वे ‘ओपन स्टांस’ का उपयोग करते हैं और दमदार शॉट मारने के लिए संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पैरों को स्लाइड करते हैं।
विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक खास शैली का प्रतीक रहा है। एक दौर था जब विम्बलडन वही खिलाड़ी जीतता था, जिसे विशुद्ध रूप से ‘ग्रास-स्पेशलिस्ट’ माना जाता था। पीट सम्प्रास, बोरिस बेकर, स्टीफन एडबर्ग, रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों का राज उनकी घातक ‘सर्व-एंड-वॉली’ (सर्विस करके तुरंत नेट पर आना) टेक्निक पर टिका था। लेकिन नए दौर के खिलाड़ियों ने घास पर खेलने के इस पारंपरिक तरीके को इतिहास बना दिया है। अब खिलाड़ी घास की पिचों को भी ‘हार्ड-कोर्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपने उपकरणों, फुटवर्क और खेल शैली में ऐसा बदलाव किया है कि टेनिस का पूरा व्याकरण ही बदल गया है। सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे टेनिस ग्रैंड स्लैम विम्बलडन से पहले जानिए कैसे आधुनिक खिलाड़ियों ने खेल की दशा और दिशा बदली है… 1. नए उपकरणों से मिली पावर और स्पिन पहले खिलाड़ी भारी रैकेट और प्राकृतिक (नेचुरल गट) स्ट्रिंग्स का उपयोग करते थे। इस कारण कोर्ट के पीछे से भारी स्पिन के साथ गेंद को हिट करना बहुत मुश्किल होता था। अब खिलाड़ी हल्के कार्बन-फाइबर रैकेट और पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह नया कॉम्बिनेशन आधुनिक खिलाड़ियों को हाई स्पीड और भारी ‘टॉपस्पिन’ के साथ गेंद को हिट करने की अनुमति देता है। 2. नेट गेम की जगह बेसलाइन गेम का दबदबा पहले खिलाड़ी ‘सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाते थे। वे तेज सर्विस करते और हवा में ही गेंद को हिट करने के लिए तुरंत नेट की ओर दौड़ पड़ते थे। अब आधुनिक रैकेट्स से ताकतवर शॉट्स आसान हो गए हैं, इसलिए नेट की तरफ भागना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खिलाड़ी अब बेसलाइन पर ही जमे रहते हैं और तब तक ताकतवर शॉट्स का आदान-प्रदान करते हैं, जब तक कोई गलती न कर दे। 3. टेनिस कोर्ट की सतहें हो गईं धीमी पहले ग्रास और पारंपरिक हार्ड कोर्ट बहुत चिकने और तेज हुआ करते थे। इन पर गेंद बहुत नीची और तेज उछलती थी। अब इन ताकतवर बेसलाइन शॉट्स से निपटने के लिए टूर्नामेंट्स ने अपनी सतहों को धीमा कर दिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब ने कोर्ट को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए घास के मिश्रण को बदल दिया। इससे गेंद ऊंची उछलने लगी और उसकी गति धीमी हो गई, जिससे लंबी रैलियां खेलना संभव हो सका। 4. खिलाड़ियों के फुटवर्क में बड़ा बदलाव पहले घास के कोर्ट पर, खिलाड़ी किसी भी अप्रत्याशित बाउंस से निपटने के लिए छोटे और तेज कदम रखते थे। आधुनिक एथलीट हार्ड कोर्ट पर स्लाइड करना (फिसलना) सीखते हैं। घास की सतह पर भी जूते की विशेष ग्रिप की मदद से हार्ड कोर्ट जैसी आक्रामक स्लाइडिंग करते हैं। वे ‘ओपन स्टांस’ का उपयोग करते हैं और दमदार शॉट मारने के लिए संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पैरों को स्लाइड करते हैं।
लेक्चरर (विशेष शिक्षा) भर्ती की कल लास्ट डेट:RPSC ने निकाली थी 121 पदों पर वैकेंसी;जानिए-RPSC की किन भर्तियों के आवेदन जारी

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की कल लास्ट डेट है। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। सहायक अभियोजन अधिकारी के 371 पदों पर भर्ती जारी सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 7 जुलाई है। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद साल 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।







