Friday, 25 Sep 2026 | 04:34 PM

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ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।

मोहम्मद शमी की ईडन गार्डन्स पर हैट्रिक:सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स जीते: बंगाल टी-20 लीग में राढ़ टाइगर्स को 24 रन से हराया

मोहम्मद शमी की ईडन गार्डन्स पर हैट्रिक:सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स जीते: बंगाल टी-20 लीग में राढ़ टाइगर्स को 24 रन से हराया

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बंगाल टी-20 लीग सीजन 3 में हैट्रिक ली। शनिवार को ईडनगार्डन्स में सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स और राढृ टाइगर्स के बीच मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में मोहम्मद शमी ने हैट्रिक लेकर अपनी टीम सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स को 24 जीत दिलाई। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स ने विशाल भाटी की 86 रनों की ताबड़तोड़ पारी की मदद से 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 208 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में राढ़ टाइगर्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 184 रन ही बना सकी। सिलीगुड़ी के लिए शमी ने 27 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि करण लाल ने 36 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। 16वें ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर झटके विकेट मैच के 16वें ओवर में मोहम्मद शमी ने ओवर की चौथी गेंद पर शाहबाज अहमद को आउट किया। इसके बाद अगली ही गेंद (पांचवीं गेंद) पर रोहित कुमार को पवेलियन का रास्ता दिखाया। ओवर की आखिरी यानी छठी गेंद पर दीपांजन मुखर्जी को आउट कर शमी ने अपनी हैट्रिक पूरी की। शमी ने अपने 4 ओवर के कोटे में कुल 27 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। विशाल भाटी और प्रमोद चंदीला की तेज बल्लेबाजी इससे पहले सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स की शुरुआत बेहद मजबूत रही। टीम के बल्लेबाज विशाल भाटी ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। विशाल ने महज 46 गेंदों का सामना करते हुए 86 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 6 छक्के और 5 चौके लगाए। पारी के आखिरी ओवरों में प्रमोद चंदीला ने विस्फोटक बल्लेबाजी की। प्रमोद ने सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 36 रन ठोककर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। राढ़ टाइगर्स के लिए शुभम और राहुल की पारी बेकार गई 209 रनों के बड़े टारगेट का पीछा करने उतरी श्राची राढ़ टाइगर्स की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हालांकि, शुभम डे सीनियर ने 25 गेंदों में 48 रन और राहुल प्रसाद ने 26 गेंदों में 44 रनों की पारी खेलकर मैच को संभाला, लेकिन शमी और करण लाल की कसी हुई गेंदबाजी के सामने टीम लक्ष्य से 24 रन दूर रह गई। राढ़ टाइगर्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 184 रन ही बना पाई। दिन के पहले मैच में मालदा ने मुर्शिदाबाद किंग्स को हराया शनिवार को खेले गए दिन के पहले मुकाबले में सोबिस्को स्मैशर्स मालदा ने मुर्शिदाबाद किंग्स को 7 विकेट से मात दी। बारिश के कारण इस मैच को 15-15 ओवर का कर दिया गया था। पहले बैटिंग करते हुए मुर्शिदाबाद किंग्स ने 15 ओवर में 7 विकेट पर 134 रन बनाए थे। टीम की तरफ से दीपांशु ने सबसे ज्यादा 47 रन (33 गेंद) बनाए। मालदा के गेंदबाज सूरज सिंधु जायसवाल ने शानदार बॉलिंग करते हुए 18 रन देकर 3 विकेट लिए। ऋतम पोरेल और अभिमन्यु ईश्वरन ने दिलाई मालदा को जीत 135 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी मालदा की टीम ने बेहद आसानी से 13.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 138 रन बना लिए और मैच जीत लिया। मालदा की जीत में ऋतम पोरेल ने 29 गेंदों पर 50 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, टीम के कप्तान और घरेलू क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने 31 गेंदों पर 48 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज पार कराई।

वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का दूसरा वनडे मैच लगातार बारिश के कारण रद्द कर दिया गया है। किंग्स्टन के सबीना पार्क स्टेडियम में टॉस के बाद एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। काफी देर इंतजार करने के बाद अंपायर्स ने मुकाबले को रद्द करने का फैसला लिया। बारिश की वजह से टॉस निर्धारित समय से 30 मिनट देरी से हुआ था। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था, लेकिन इसके बाद मौसम ने खेल नहीं होने दिया। विंडीज के लिए तीसरा मैच करो या मरो जैसा पहला वनडे हार चुकी वेस्टइंडीज टीम के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था। मैच रद्द होने के साथ ही उसकी सीरीज जीतने की संभावना समाप्त हो गई। मेजबान टीम सोमवार को होने वाला तीसरा और अंतिम वनडे जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर सकती है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी मैच वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी अहम होगा। क्योंकि वनडे रैंकिंग में सुधार टीम की वर्ल्ड कप राह आसान कर सकता है। शाई होप को स्पेशल जर्सी दी गई इस बीच कप्तान शाई होप ने अपने करियर का 150वां वनडे खेलने का उपलब्धि हासिल की। उन्हें मैच से पहले विशेष जर्सी देकर सम्मानित किया गया, लेकिन बारिश के कारण उनका यह यादगार दिन मैदान पर अधूरा रह गया। ————————————

वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द कर दिया गया। किंग्स्टन के सबीना पार्क स्टेडियम में शनिवार रात को टॉस के बाद एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। काफी देर इंतजार के बाद अंपायर्स ने मैच रद्द कर दिया। बारिश के कारण टॉस निर्धारित समय से 30 मिनट देरी से हुआ था। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था, लेकिन इसके बाद खेल नहीं हो सका। विंडीज के लिए तीसरा मैच करो या मरो जैसा पहला वनडे हार चुकी वेस्टइंडीज के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था। मैच रद्द होने के साथ ही उसकी सीरीज जीतने की संभावना समाप्त हो गई। मेजबान टीम सोमवार को तीसरा और अंतिम वनडे जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर सकती है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी मैच वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी अहम होगा। वनडे रैंकिंग में सुधार टीम की वर्ल्ड कप राह आसान कर सकता है। शाई होप को स्पेशल जर्सी दी गई इस बीच कप्तान शाई होप ने अपने करियर का 150वां वनडे खेलने की उपलब्धि हासिल की। उन्हें मैच से पहले विशेष जर्सी देकर सम्मानित किया गया, लेकिन बारिश के कारण उनका यह यादगार दिन मैदान पर अधूरा रह गया। ———————————— श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे की खबर भी पढ़िए… श्रीलंका ने पहला वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 41 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। किंग्सटन के सबीना पार्क स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। श्रीलंका ने 7 विकेट पर 303 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज 262 रन पर ऑलआउट हो गई। दुष्मंथा चमीरा ने 4 विकेट लिए। कप्तान कुसल मेंडिस प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर

डेढ़ लाख गंवाने के बाद भी नहीं टूटा हौसला:फर्जी वादों और इंडस्ट्री के धोखों पर बोले 'द पिरामिड स्कीम' के सितारे

डेढ़ लाख गंवाने के बाद भी नहीं टूटा हौसला:फर्जी वादों और इंडस्ट्री के धोखों पर बोले 'द पिरामिड स्कीम' के सितारे

पिरामिड स्कीम्स सिर्फ पैसे नहीं डुबोतीं, बल्कि रिश्तों और भरोसे को भी तोड़ देती हैं। TVF की नई वेब सीरीज ‘द पिरामिड स्कीम’ इसी सच्चाई को दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रणवीर शौरी, अल्फिया जाफरी, परमवीर सिंह चीमा और क्रिएटर-निर्देशक श्रेयांश पांडे ने अपने अनुभव साझा किए। किसी ने मॉडलिंग के नाम पर लाखों रुपए गंवाए, तो किसी ने झूठे वादों और फर्जी ऑफर्स का सामना किया। कलाकारों ने भरोसा टूटने, संघर्ष, इंडस्ट्री की हकीकत और पिरामिड स्कीम्स के असर पर बात की। सवाल: क्या कभी किसी ने आपसे कहा कि बस यह काम कर लो, फिर जिंदगी बदल जाएगी? जवाब/रणवीर शौरी: हमारी इंडस्ट्री में यह बात अक्सर सुनने को मिलती है। कहा जाता है कि यह लाइफ-चेंजिंग रोल है, इसके बाद सब बदल जाएगा। जिंदगी बदलती है, लेकिन उतनी नहीं जितनी बताई जाती है। हर प्रोजेक्ट के बाद खुद को फिर से साबित करना पड़ता है। एक बार नीचे गिर जाएं तो दो-तीन साल दोबारा खड़े होने में लग जाते हैं। सवाल: क्या आप कभी किसी स्कीम या झांसे में फंसे हैं? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, शुरुआती दिनों में मैं एक फोटोग्राफर के झांसे में आ गया था। मॉडलिंग के लिए पोर्टफोलियो बनवाने की सलाह दी गई। बताया गया कि वह फोटोग्राफर आमतौर पर 2 लाख रुपए लेता है, लेकिन मुझसे 1.25 लाख लेगा। मैंने पैसे दिए और शूट कराया। बाद में पता चला कि वह फोटोग्राफर मुफ्त में शूट करता था। स्टाइलिस्ट को अलग से 25 हजार रुपए दिए। कुल मिलाकर डेढ़ लाख रुपए खर्च हो गए। सवाल: उस घटना का सबसे ज्यादा दुख किस बात का था? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: पैसों का नुकसान था, लेकिन उससे ज्यादा दुख विश्वास टूटने का था। मुझे लगा था कि लोग मेरी मदद कर रहे हैं, लेकिन बाद में पता चला कि मेरे साथ खेल हुआ है। सवाल: अल्फिया, क्या आप कभी ऐसी किसी स्कीम का शिकार हुई हैं? जवाब/अल्फिया जाफरी: सीधे तौर पर नहीं। लेकिन बचपन से सुनती आई हूं कि बस थोड़ी बड़ी हो जाओ, तुम्हें लॉन्च कर देंगे, हीरोइन बना देंगे। ऐसे कई वादे किए गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक समय ऐसा आया कि मैंने सोचा कि मुझे यह सब नहीं करना है। सवाल: श्रेयांश, ‘द पिरामिड स्कीम’ बनाने का विचार कहां से आया? जवाब/श्रेयांश पांडे: हमने इस विषय पर काफी रिसर्च की। कॉलेज के दिनों में ऐसी कई कंपनियों को करीब से देखा, जो युवाओं को बड़े सपने दिखाती थीं। उन्हें बताया जाता था कि उनकी पर्सनैलिटी डेवलप होगी, नौकरी मिल जाएगी और जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन असल में पूरा सिस्टम लोगों को फंसाने के लिए बनाया जाता था। सवाल: पिरामिड स्कीम में सबसे बड़ा नुकसान क्या होता है? जवाब/श्रेयांश पांडे: सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं होता। सबसे बड़ा नुकसान रिश्तों का होता है। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को जोड़ते हैं। जब स्कीम टूटती है तो रिश्ते भी टूट जाते हैं। पैसा वापस कमाया जा सकता है, लेकिन टूटा भरोसा वापस नहीं आता। सवाल: रणवीर, क्या आपने भी कभी पोर्टफोलियो शूट कराया था? जवाब/रणवीर शौरी: हां, मैंने भी पोर्टफोलियो बनवाया था, लेकिन परमवीर जैसा अनुभव नहीं रहा। मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि जब कोई आपकी मासूमियत और भरोसे का फायदा उठाता है, तो वही सबसे ज्यादा तकलीफ देता है। सवाल: क्या आपके साथ कभी भरोसा टूटने वाली कोई घटना हुई? जवाब/रणवीर शौरी: फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा मेरे साथ ज्यादा नहीं हुआ, क्योंकि मैं बचपन से इस माहौल को देखता आया हूं। यहां की चालबाजियों और स्कीम्स के बारे में पहले से जानता था। इसलिए मुझे बेवकूफ बनाना आसान नहीं है। सवाल: अल्फिया, जब भरोसा टूटता है तो उससे कैसे उबरना चाहिए? जवाब/अल्फिया जाफरी: हर इंसान अलग तरह से चीजों को देखता है। मैं पहले बहुत लोगों पर भरोसा करती थी, लेकिन कुछ अनुभवों के बाद लोगों पर भरोसा करना कम कर दिया। आज मेरे बहुत कम दोस्त हैं। मेरे लिए आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन हर किसी का तरीका अलग होता है। सवाल: परमवीर, भरोसा टूटने के बाद क्या बदलाव आया? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: जब बार-बार ऐसे अनुभव होते हैं, तो इंसान लोगों से दूरी बनाने लगता है। कई बार सही लोगों पर भी भरोसा नहीं कर पाता। मेरे साथ भी ऐसा हुआ था। सवाल: क्या समय के साथ इंसान मजबूत हो जाता है? जवाब/रणवीर शौरी: बिल्कुल। उम्र और अनुभव के साथ आपकी ‘स्किन मोटी’ हो जाती है। बार-बार चोट खाने के बाद आप चीजों को बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। सवाल: आपने पिरामिड स्कीम से जुड़ी सबसे अजीब चीज क्या देखी? जवाब/श्रेयांश पांडे: हमने इंटरनेट पर ऐसी कई वीडियो देखीं। एक महिला दावा कर रही थी कि वह इतनी विदेश यात्राएं करती है कि अब पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे दावे सुनकर हैरानी होती है। सवाल: इंडस्ट्री में नेटवर्किंग ज्यादा जरूरी है या टैलेंट? जवाब/रणवीर शौरी: दोनों जरूरी हैं। परमवीर सिंह चीमा: अनुभव भी जरूरी है। अल्फिया जाफरी: मैं उम्मीद करती हूं कि मेरे मामले में टैलेंट ज्यादा महत्वपूर्ण हो। सवाल: क्या सिर्फ कॉन्टैक्ट्स होने से सब कुछ संभव हो जाता है? जवाब/रणवीर शौरी: यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की नहीं, बल्कि देश की भी हकीकत है कि कॉन्टैक्ट्स कई जगह काम आते हैं। सवाल: क्या कभी फेक कास्टिंग कॉल या झूठे वादे का सामना करना पड़ा? जवाब/अल्फिया जाफरी: हां। एक बार मुझे कॉल आया कि मुझे ‘हाउस ऑफ द ड्रैगन’ के लिए कास्ट करना चाहते हैं। मैं बहुत उत्साहित हो गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि वह फर्जी कॉल था। सवाल: आखिर में, इंडस्ट्री में ज्यादा एक्टिंग कैमरे के सामने होती है या पीछे? जवाब/रणवीर शौरी: कैमरे के सामने ही होती है। शुरुआत में लोग कैमरे के पीछे भी एक्टिंग करते हैं, लेकिन बाद में समझ आ जाता है कि उसका कोई फायदा नहीं है। सवाल: दर्शकों को ‘द पिरामिड स्कीम’ क्यों देखनी चाहिए? जवाब/श्रेयांश पांडे: क्योंकि यह सिर्फ एक स्कैम की कहानी नहीं है। यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने अपने सपनों, पैसों और सबसे बढ़कर रिश्तों को दांव पर लगा दिया।

जंतर-मंतर पर लिटमस टेस्ट: वास्तविक दुनिया में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा | भारत समाचार

Ollie Robinson has constantly troubled the Kiwi batters (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 23:07 IST विशाल ऑनलाइन दर्शकों के बावजूद, भौतिक जमावड़ा अपेक्षाकृत सीमित रहा, नई दिल्ली स्थित YouTubers के एक प्रमुख मिलन समारोह से भारी आबादी रही। विरोध प्रदर्शन ने विभिन्न प्रकार के समर्थकों को आकर्षित किया, जिनमें ऐसे व्यक्ति भी शामिल थे जो न तो एनईईटी के इच्छुक थे और न ही कक्षा 12 के छात्र थे। छवि/पीटीआई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) – भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की गई टिप्पणियों पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के रूप में जन्मा एक डिजिटल संगठन – को जंतर मंतर पर अपनी पहली वास्तविक दुनिया की अग्निपरीक्षा का सामना करना पड़ा। समूह के संस्थापक द्वारा अपने 22.3 मिलियन इंस्टाग्राम फॉलोअर्स को ऑनलाइन कॉल के बाद, संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए अपने पहले आधिकारिक समन्वित विरोध का पहला दिन शुरू किया। यह प्रदर्शन सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ आंदोलन के इतिहास में एक अनोखा क्षण है, जो पूरी तरह से सोशल मीडिया आंदोलन और डिजिटल अभियान से पैदा हुई एक दुर्लभ राजनीतिक इकाई के रूप में उभर रही है। विरोध की वास्तविक दुनिया की नकल एक ऐसे संगठन के लिए जिसने प्रणालीगत असमानताओं के खिलाफ एकजुट होने के लिए देश के सबसे युवा जनसांख्यिकीय के बीच तेजी से बड़े पैमाने पर अनुयायी जमा किए, 6 जून को वास्तविक जमीनी मतदान ने इसके डिजिटल वजन के बिल्कुल विपरीत प्रस्तुत किया। विशाल ऑनलाइन दर्शकों के बावजूद, भौतिक जमावड़ा अपेक्षाकृत सीमित रहा, नई दिल्ली स्थित YouTubers के एक प्रमुख मिलन से भारी आबादी रही। जबकि कुछ रचनाकारों ने पूरी तरह से विचार उत्पन्न करने पर ध्यान केंद्रित किया, दूसरों ने युवाओं की वास्तविक हताशा को पकड़ने की कोशिश की। जो भीड़ इकट्ठा हुई उसमें स्कूली छात्र, कॉलेज जाने वाले, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी और माता-पिता शामिल थे, जो बार-बार होने वाले परीक्षा विवादों और परिणामों पर व्यापक अनिश्चितता के कारण अपने घरों से बाहर निकल गए थे। प्रदर्शन गतिशीलता और फ़ील्ड रिपोर्ट विरोध स्थल पर प्रतिभागियों ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही के लिए नारे लगाते हुए कागज के कॉकरोच मुखौटे और पर्चे ले रखे थे। सुबह-सुबह, जैसे ही बड़ी संख्या में समर्थक इकट्ठा होने लगे, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से पुष्टि की कि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, प्रतिभागियों ने प्रारंभिक विरोध पोस्टरों पर प्रदर्शित निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए, पुलिस अधिकारियों को देने के लिए फूलों के गुलदस्ते ले लिए। डिजिटल आंदोलन का व्यापक प्रभाव पूरे आयोजन स्थल पर दिखाई दे रहा था, जिसमें उपस्थित लोगों ने कॉकरोच-थीम वाले टैटू से लेकर विशेष विरोध पोस्टर तक सब कुछ पहन रखा था। छात्र परिप्रेक्ष्य और प्रणालीगत प्रश्न उपस्थित लोगों के साथ बातचीत में ऑनलाइन जुटाव और शारीरिक सक्रियता के बीच जटिल अंतर पर प्रकाश डाला गया। दिल्ली की 10वीं कक्षा की छात्रा मानसी ने खुलासा किया कि जब उसने कुछ साथियों को इसमें भाग लेने के लिए मनाया, तो कई लोगों ने अपना समर्थन ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तक सीमित रखना पसंद किया। उन्होंने कहा कि सीजेपी का डिजिटल रूप से पालन स्वचालित रूप से वास्तविक दुनिया में मतदान में तब्दील नहीं होता है, हालांकि उन्होंने असहमति व्यक्त करने और संरचनात्मक शैक्षिक परिवर्तनों की मांग करने के लिए मंच को चुना। इसी तरह, जयपुर से यात्रा करने वाले दो भाई, जिनमें 12वीं कक्षा का एक छात्र ऋषभ भी शामिल है, ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी उपस्थिति पार्टी विरोधी रुख नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति के वैकल्पिक रास्ते अनुपलब्ध होने पर प्रणालीगत अंतराल को उजागर करने के लिए एक आवश्यक कदम है। डिजिटल आंदोलन की प्रभावकारिता विरोध प्रदर्शन ने विभिन्न प्रकार के समर्थकों को आकर्षित किया, जिनमें ऐसे व्यक्ति भी शामिल थे जो न तो एनईईटी के इच्छुक थे और न ही कक्षा 12 के छात्र थे। इन उपस्थित लोगों के एक वर्ग के लिए, सभा ने मुख्य शैक्षणिक उद्देश्य के साथ जुड़ाव के बजाय “कॉकरोच” पहचान के साथ जुड़ने के लिए एक सामाजिक स्थान के रूप में अधिक काम किया, भले ही आधिकारिक मंच केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित रहा। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, प्रदर्शन ने आंदोलन पर एक बुनियादी सवाल छोड़ दिया: क्या मौजूदा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना व्यापक प्रणालीगत सुधार लाने के लिए पर्याप्त है या क्या एक सोशल मीडिया-संचालित तंत्र सफलतापूर्वक एक निरंतर वास्तविक दुनिया की राजनीतिक ताकत में परिवर्तित हो सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में सिमरन बब्बरवरिष्ठ संवाददाता सिमरन बब्बर सीएनएन-न्यूज18 में एक वरिष्ठ संवाददाता हैं, जो शिक्षा और जांच से संबंधित उभरते क्षेत्रों में प्रमुख विकास को कवर करती हैं। अपनी रिपोर्टों के माध्यम से, वह देश से महत्वपूर्ण अपडेट लाती हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया जंतर मंतर पर लिटमस टेस्ट: वास्तविक दुनिया में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

कॉकरोच हटाने के टिप्स: कॉकरोच भगाने का सबसे आसान तरीका, बस इन 6 तरीकों से करें सही तरीके से इस्तेमाल; उल्टे पैर गटर में भागेंगे

कॉकरोच हटाने के उपाय

6 जून 2026 को 21:05 IST पर अद्यतन किया गया कॉकरोच हटाने के टिप्स: घर में कॉकरोच का होना न केवल कॉकरोच की पहचान है, बल्कि यह कॉकरोच को भी दावत देता है। यदि आप भी चिंतित हैं, तो इन आसान व्यंजनों के बजाय सुपरमार्केट केमिकल का उपयोग करें। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : फैक्ट्री सोडा और चीनी को बराबर मात्रा में मिलाते हैं। चीनी कॉकरोच को आकर्षित किया जाता है और सोडा उनका पेट साफ कर देता है, जिससे वे मर जाते हैं। छवि: फ्रीपिक तेजपत्ते को मसलकर उनका पाउडर बना लें और उन्हें उन देशी में छिड़कें जहां कॉकरोच आते हैं। इसके डिस्ट्रॉय गंध कॉकरोचों को भकने में बहुत ही कम मात्रा में बनाया गया है। छवि: फ्रीपिक नीम के तेल में लौंग और कपूर का पाउडर और इसे स्प्रे बोतल में मिलाएं। यह मिक्स कॉकरोचों को जड़ से ख़त्म करने के लिए प्रसिद्ध है। छवि: फ्रीपिक आप या तो लौंग को उन देशों में रख दें, या पेपरमिंट तेल का तेल बना लें। यह न केवल कॉकरोच भागेगा बल्कि घर को महकाएगा भी। छवि: फ्रीपिक पोटैशियम वॉशिंग मशीन का नाम और सिरके के नासा को पानी के पेस्टल, यह कॉकरोच के सांस लेने की नली को ब्लॉक कर देता है। छवि: फ्रीपिक बोरिक एसिड की गोली को बनाए रखने से कॉकरोच का जड़ से सफाया हो जाता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 6 जून 2026 को 21:05 IST पर

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। यह चैट फिल्म के डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना की माफी के बाद सामने आई है। चैट के मुताबिक, को-स्टार राम चरण ने भी इस मामले में जाह्नवी का सपोर्ट किया था और डायरेक्टर को डांटा था। हालांकि, जाह्नवी कपूर या उनकी टीम ने अभी तक इन मैसेजेस की पुष्टि नहीं की है। यह विवाद तब बढ़ा जब फिल्म ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को पर्दे पर दिखाने के तरीके की दर्शकों ने आलोचना की। लोगों का कहना है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार की कहानी से ज्यादा उसकी शारीरिक बनावट पर फोकस किया गया है। आपत्तिजनक शॉट्स पर जाह्नवी ने दी थी चेतावनी फैन पेजेस पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने फिल्म में अपने किरदार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कैमरा एंगल का बार-बार विरोध किया था। 30 अक्टूबर की तारीख वाले एक मैसेज में कथित तौर पर अभिनेत्री ने लिखा, “मैंने उन्हें साफ मना किया था कि फिल्म में कोई भी छाती और कमर के शॉट्स नहीं होने चाहिए।” सपोर्ट में आए राम चरण लीक हुई चैट में जाह्नवी ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनके को-स्टार राम चरण ने उनका पूरा साथ दिया था। जाह्नवी ने लिखा, “राम सर बहुत अच्छे हैं। उन्होंने डायरेक्टर पर चिल्लाते हुए साफ कहा कि तुम आगे से कभी उसके ऐसे एंगल से शॉट नहीं लोगे। इसके बाद डायरेक्टर उदास हो गए थे।” डायरेक्टर मांग चुके माफी डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने शनिवार को बयान जारी कर माफी मांगी। बुची बाबू सना ने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था, लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे सीन में बदलाव की बात करते हुए बुच्ची बाबू ने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है।

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। यह चैट फिल्म के डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना की माफी के बाद सामने आई है। चैट के मुताबिक, को-स्टार राम चरण ने भी इस मामले में जाह्नवी का सपोर्ट किया था और डायरेक्टर को डांटा था। हालांकि, जाह्नवी कपूर या उनकी टीम ने अभी तक इन मैसेजेस की पुष्टि नहीं की है। यह विवाद तब बढ़ा जब फिल्म ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को पर्दे पर दिखाने के तरीके की दर्शकों ने आलोचना की। लोगों का कहना है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार की कहानी से ज्यादा उसकी शारीरिक बनावट पर फोकस किया गया है। आपत्तिजनक शॉट्स पर जाह्नवी ने दी थी चेतावनी फैन पेजेस पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने फिल्म में अपने किरदार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कैमरा एंगल का बार-बार विरोध किया था। 30 अक्टूबर की तारीख वाले एक मैसेज में कथित तौर पर अभिनेत्री ने लिखा, “मैंने उन्हें साफ मना किया था कि फिल्म में कोई भी छाती और कमर के शॉट्स नहीं होने चाहिए।” सपोर्ट में आए राम चरण लीक हुई चैट में जाह्नवी ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनके को-स्टार राम चरण ने उनका पूरा साथ दिया था। जाह्नवी ने लिखा, “राम सर बहुत अच्छे हैं। उन्होंने डायरेक्टर पर चिल्लाते हुए साफ कहा कि तुम आगे से कभी उसके ऐसे एंगल से शॉट नहीं लोगे। इसके बाद डायरेक्टर उदास हो गए थे।” डायरेक्टर मांग चुके माफी डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने शनिवार को बयान जारी कर माफी मांगी। बुची बाबू सना ने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था, लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे सीन में बदलाव की बात करते हुए बुच्ची बाबू ने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है।