न्यूजीलैंड vs आयरलैंड पहला टेस्ट:न्यूजीलैंड ने पहले दिन 361 रन बनाए, रचिन-ब्लंडेल के बीच 217 रन की पार्टनरशिप; ब्लंडेल 142 पर नाबाद

न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 5 विकेट पर 361 रन बनाए। टॉम ब्लंडेल 142 और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट 38 रन पर नाबाद रहे। बेलफास्ट में खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम ने 86 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद रचिन रवींद्र और टॉम ब्लंडेल ने शतकीय पारियां खेलकर टीम को संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 217 रन जोड़े। 86 रन पर 4 विकेट गिर गए थे शुरुआत में मार्क अडेयर ने कीवी टॉप ऑर्डर को झटके दिए। उन्होंने दूसरी ही गेंद पर टॉम लाथम को इनस्विंगर पर बोल्ड किया। इसके बाद डेवोन कॉनवे फ्लिक शॉट खेलते हुए आउट हुए, जहां डेब्यू कर रहे लियाम मैकार्थी ने मिडविकेट पर कैच पकड़ा। अडेयर ने डेरियल मिचेल को भी विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इससे न्यूजीलैंड शुरुआती सत्र में दबाव में आ गई थी। डेब्यू कर रहे मैकार्थी ने पहला टेस्ट विकेट लिया डेब्यू मैच खेल रहे लियाम मैकार्थी ने टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया। इस दौरान केन विलियमसन भी सहज नजर नहीं आए और टाइमिंग के लिए संघर्ष करते दिखे। उन्होंने 70 गेंदों में 36 रन बनाए। विलियमसन कई बार स्लिप में कैच होने से बचे, जब गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गई। हालांकि, उनका संघर्ष ज्यादा देर नहीं चला। लियाम मैकार्थी ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया। चोटों से परेशान आयरलैंड टीम से तीन गेंबाजों ने डेब्यू किया 86 रन पर 4 विकेट लेने के बाद आयरलैंड इस दबाव का फायदा नहीं उठा सका। टीम के गेंदबाजों की अनुभवहीनता साफ नजर आई। खिलाड़ियों की चोटों के कारण आयरलैंड को इस मैच में तीन नए तेज गेंदबाजों को डेब्यू का मौका देना पड़ा। तीनों डेब्यू गेंदबाजों में सिर्फ लियाम मैकार्थी को 1 विकेट मिला। उन्होंने 20 ओवर में 96 रन दिए। थॉमस मेयेस ने 17 ओवर में 96 रन खर्च किए, जबकि रूबेन विल्सन 18 ओवर में विकेट नहीं ले सके। दोनों गेंदबाज लाइन और लेंथ से प्रभावित नहीं कर सके। रवींद्र को मिला जीवनदान, लगाया करियर का 5वां टेस्ट शतक 38वें ओवर में रूबेन विल्सन की गेंद पर दूसरी स्लिप में एंड्रयू बालबिर्नी ने रचिन रवींद्र का आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद रचिन और ब्लंडेल ने दूसरे सेशन में कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों ने तेजी से रन भी बनाए। रचिन ने 70वें ओवर में मैकार्थी की गेंद पर स्विवेल पुल शॉट पर छक्का लगाकर 175 गेंदों में अपना 5वां टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा सबसे धीमा शतक रहा। शतक के बाद वे हैरी टेक्टर की गेंद पर डीप मिडविकेट में कैच आउट हो गए। ब्लंडेल ने दिसंबर 2024 के बाद लगाया टेस्ट शतक दूसरी ओर टॉम ब्लंडेल आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने ऑफ-साइड में कई अच्छे शॉट खेले। एंडी मैकब्राइन की गेंद पर स्वीप शॉट लगाकर ब्लंडेल ने टेस्ट करियर का छठा शतक पूरा किया। यह दिसंबर 2024 के बाद उनका पहला टेस्ट शतक है। शतक पूरा करने के बाद ब्लंडेल ने अगले ओवर में हैरी टेक्टर की गेंदों पर 4, 4, 4 और 6 रन बटोरे। दिन का खेल खत्म होने तक ब्लंडेल और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट क्रीज पर डटे रहे। यह 4 दिवसीय मुकाबला न्यूजीलैंड के जून में होने वाले इंग्लैंड दौरे की तैयारियों के लिहाज से अहम है।
‘सीएम के इस्तीफे का सिंड्रोम जारी’: सिद्धारमैया के इस्तीफे की पुष्टि के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 11:29 IST कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की कि वह कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। नाश्ते की बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को गले लगाया (दाएं)। भाजपा नेता बसवराज बोम्मई (बाएं)। (स्रोत: पीटीआई) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा गुरुवार को कैबिनेट सहयोगियों के साथ नाश्ते पर बैठक के दौरान यह घोषणा करने के तुरंत बाद कि वह पद छोड़ देंगे, भाजपा ने राज्य में शासन के संचालन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बात करते हुए, भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस पर मुख्यमंत्रियों के इस्तीफा देने के सिंड्रोम को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि कर्नाटक में उनका शासन शून्य है। यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह के कारण राज्य को नुकसान हुआ है। बोम्मई ने कहा, “कांग्रेस के मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। पहले दिन से ही डीके शिवकुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि वह 2.5 साल बाद सत्ता संभालेंगे। कर्नाटक में कांग्रेस का शासन पूरी तरह से शून्य था। मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी कलह के कारण राज्य को नुकसान हुआ है।” ‘मैं इस्तीफा दे रहा हूं’: सीएम सिद्धारमैया ने कैबिनेट मंत्रियों से कहा गुरुवार सुबह कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक के दौरान, सिद्धारमैया ने घोषणा की कि वह कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे, जिससे औपचारिक रूप से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह भी पढ़ें: सिद्धारमैया ने कर्नाटक कैबिनेट से इस्तीफे की पुष्टि की: ‘आलाकमान अगले सीएम का फैसला करेगा’ उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी पर अंतिम निर्णय लेगा। सिद्धारमैया ने कहा, “मैं आलाकमान के निर्देशानुसार इस्तीफा दे रहा हूं। अगले मुख्यमंत्री का फैसला आलाकमान करेगा।” उन्होंने आगे यह भी आश्वासन दिया कि जो कोई भी उनका उत्तराधिकारी बनेगा उसे पूरा समर्थन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “जो भी अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना जाएगा, उन्हें मेरा पूरा सहयोग मिलेगा।” उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, जिन्हें व्यापक रूप से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है, भी नाश्ते की बैठक में शामिल हुए। डीके शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के अगले सीएम? चल रहे राजनीतिक मंथन ने कर्नाटक कांग्रेस के भीतर लंबे समय से अटकले वाले रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले के बारे में चर्चा फिर से शुरू कर दी है। विशेष रूप से, सिद्धारमैया और शिवकुमार ने संभावित शक्ति-साझाकरण व्यवस्था पर इसी तरह की चर्चा के बीच दिसंबर 2025 में व्यापक रूप से चर्चा की गई “ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी” बैठक की थी। यह भी पढ़ें: कर्नाटक में सत्ता की चर्चा के बीच शिवकुमार ने सिद्धारमैया को गले लगाया, नाश्ते पर उनका आशीर्वाद लिया सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं और उनके शनिवार (30 मई) को शपथ लेने की उम्मीद है। जब से कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई है, राजनीतिक गलियारों में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित मुख्यमंत्री पद की व्यवस्था को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी भी सत्ता-साझाकरण समझौते की पुष्टि नहीं की है, लेकिन “2.5-वर्षीय सीएम फॉर्मूले” की अफवाहें बार-बार सामने आई हैं, खासकर दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं और कांग्रेस आलाकमान के बीच प्रमुख बैठकों के दौरान। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘सीएम के इस्तीफे का सिंड्रोम जारी’: सिद्धारमैया के इस्तीफे की पुष्टि के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक के मुख्यमंत्री का इस्तीफा(टी)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)डीके शिवकुमार अगले सीएम(टी)कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति(टी)घूर्णी मुख्यमंत्री पद(टी)कांग्रेस आलाकमान का फैसला(टी)बसवराज बोम्मई प्रतिक्रिया(टी)कर्नाटक शासन संकट
बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

बकरीद के मौके पर आज गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद है। वहीं कमोडिटी मार्केट में दोपहर तक कामकाज बंद रहेगा। यहां शाम 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू होगी। कल 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 7 अंकों की गिरावट रही, ये 23,907 पर बंद हुआ। बैंकों के शेयर में गिरावट रही। एशियाई बाजारों में तेज गिरावट अमेरिकी बाजार कल चढ़कर बंद हुए विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में ₹45 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। क्रूड ऑयल 4% महंगा, अमेरिका-ईरान तनाव का असर अमेरिका-ईरान तनाव के बीच गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4% महंगा होकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल मार्केट के लिए काफी अहम हैं क्योंकि महंगे ईंधन से महंगाई, ट्रांसपोर्टेशन लागत और पूरी इकोनॉमी पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में दुनिया भर के निवेशकों की नजरें कच्चे तेल पर टिकी हैं। कच्चा तेल महंगा होने से शेयर बाजार क्यों गिरता है? भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85% कच्चा तेल बाहर से इम्पोर्ट करता है। जब क्रूड महंगा होता है, तो देश का डॉलर बाहर जाता है जिससे रुपया कमजोर होता है। इसके अलावा कंपनियों की लागत बढ़ती है, जिससे उनका मुनाफा घटता है। मुनाफा घटने की आशंका में निवेशक शेयर बेचने लगते हैं और बाजार में गिरावट आती है।
बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

बकरीद के मौके पर आज गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद है। वहीं कमोडिटी मार्केट में दोपहर तक कामकाज बंद रहेगा। यहां शाम 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू होगी। कल 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 7 अंकों की गिरावट रही, ये 23,907 पर बंद हुआ। बैंकों के शेयर में गिरावट रही। एशियाई बाजारों में तेज गिरावट अमेरिकी बाजार कल चढ़कर बंद हुए विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में ₹45 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। क्रूड ऑयल 4% महंगा, अमेरिका-ईरान तनाव का असर अमेरिका-ईरान तनाव के बीच गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4% महंगा होकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल मार्केट के लिए काफी अहम हैं क्योंकि महंगे ईंधन से महंगाई, ट्रांसपोर्टेशन लागत और पूरी इकोनॉमी पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में दुनिया भर के निवेशकों की नजरें कच्चे तेल पर टिकी हैं। कच्चा तेल महंगा होने से शेयर बाजार क्यों गिरता है? भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85% कच्चा तेल बाहर से इम्पोर्ट करता है। जब क्रूड महंगा होता है, तो देश का डॉलर बाहर जाता है जिससे रुपया कमजोर होता है। इसके अलावा कंपनियों की लागत बढ़ती है, जिससे उनका मुनाफा घटता है। मुनाफा घटने की आशंका में निवेशक शेयर बेचने लगते हैं और बाजार में गिरावट आती है।
वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में ट्रम्प नाम के भैंसे की कुर्बानी पर रोक, नेशनल जू भेजा गया

बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। करीब 700 किलो वजन वाला यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचने लगे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए बेच दिया था। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए।
वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में ट्रम्प नाम के भैंसे की कुर्बानी पर रोक, नेशनल जू भेजा गया

बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। करीब 700 किलो वजन वाला यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचने लगे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए बेच दिया था। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए।
ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सिर्फ समझौता करना चाहता है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अभी संभावित डील से संतुष्ट नहीं है, लेकिन उसकी शर्तें माने बिना समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो हमें काम पूरा करना होगा। PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका डील का दावा- ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने का प्रस्ताव शामिल है। 2. अमेरिका ने रिपोर्ट को बताया झूठ- व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की शांति समझौते वाली रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। अमेरिका ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। 3. लेबनान में इजराइली हमले तेज- दक्षिणी लेबनान में इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए। लगातार हमलों के बीच लोगों में दहशत है और बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। 4. ईरान ने भारतीय नाविकों को छोड़ा- ईरान ने लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया। सभी नाविक जल्द भारत लौटेंगे और फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। 5. हमास कमांडर को मारने का दावा- इजराइल ने गाजा में हवाई हमले में हमास सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मारने का दावा किया। हमला गाजा सिटी की रिहायशी इमारत पर कई महीनों की निगरानी के बाद किया गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सिर्फ समझौता करना चाहता है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अभी संभावित डील से संतुष्ट नहीं है, लेकिन उसकी शर्तें माने बिना समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो हमें काम पूरा करना होगा। PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका डील का दावा- ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने का प्रस्ताव शामिल है। 2. अमेरिका ने रिपोर्ट को बताया झूठ- व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की शांति समझौते वाली रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। अमेरिका ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। 3. लेबनान में इजराइली हमले तेज- दक्षिणी लेबनान में इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए। लगातार हमलों के बीच लोगों में दहशत है और बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। 4. ईरान ने भारतीय नाविकों को छोड़ा- ईरान ने लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया। सभी नाविक जल्द भारत लौटेंगे और फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। 5. हमास कमांडर को मारने का दावा- इजराइल ने गाजा में हवाई हमले में हमास सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मारने का दावा किया। हमला गाजा सिटी की रिहायशी इमारत पर कई महीनों की निगरानी के बाद किया गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
सुनंदा शर्मा के नए सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:1.8M व्यूज के बाद यूट्यूब से हटाया; सिंगर बोलीं- फेक डॉक्यूमेंट्स पर कॉपीराइट का दावा किया

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया लुक या शो नहीं, बल्कि उनके नए गाने को लेकर खड़ा हुआ एक बड़ा विवाद है। अपने खुद के म्यूजिक लेबल पर काम कर रहीं सुनंदा शर्मा को तब बड़ा झटका लगा, जब उनका हाल ही में रिलीज हुआ नया गाना ‘जोगी’ (Jogi) अचानक यूट्यूब से गायब हो गया। कॉपीराइट और फर्जी दस्तावेजों के एक आपसी विवाद के चलते यूट्यूब ने इस गाने को 26 मई से फिलहाल के लिए अपने प्लेटफॉर्म से होल्ड (हटा) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के साथ पूरा सच साझा किया है। सुनंदा शर्मा ने फैंस को आगाह किया है कि जब भी कोई बिजनेस डील करो तो कागजी कार्रवाई पूरी करो ताकि कोई आपके रास्ते न रोक सके। सुनंदा ने कहा कि उसका नया गीत जोगी फेक डॉक्यूमेंट के जरिए यू-ट्यूब से हटा दिया गया है। उन्होंने अपने फेंस को आश्वस्त किया है कि जल्दी ही जोगी यू-ट्यूब पर सुनने को मिलेगा। सुनंदा शर्मा के बयान की 4 अहम बातें जानिए… 5 दिन में 1.8M व्यूज आ चुके थे सुनंदा शर्मा ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 21 मई को अपना नया सिंगल ‘जोगी’ रिलीज किया और पांच दिन बाद यानि 26 मई को यूट्यूब से हटा दिया। इस गाने को ‘राजा’ ने लिखा था और इसका म्यूजिक ‘एडन’ ने तैयार किया था। गाना रिलीज होते ही तेजी से व्यूज बटोर रहा था। सुनंदा का दावा है कि गाना 1.8M व्यूज बटोर चुका था। लेखक राजा के पुराने प्रमोटर्स ने गाने पर अपना मालिकाना हक जताते हुए यूट्यूब के पास कुछ दस्तावेज सबमिट कर दिए। सुनंदा शर्मा की टीम का दावा है कि ये दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। हालांकि, यूट्यूब ने अपनी पॉलिसी के तहत किसी भी विवादित स्थिति से बचने के लिए गाने को अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। अब सुनंदा की लीगल टीम इस कॉपीराइट स्ट्राइक को हटवाने के प्रयास में जुटी है। सुनंदा बोलीं- सिर्फ यही सॉन्ग हटा, बाकी सब मौजूद सुनंदा शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ रही थी कि सुनंदा शर्मा के कई पुराने गाने भी यूट्यूब से हटा दिए गए हैं। सुनंदा शर्मा ने कहा कि इस विवाद के चलते फिलहाल उनका केवल एक ही नया गाना ‘जोगी’ यूट्यूब से प्रभावित हुआ है। इससे ठीक पहले रिलीज हुआ उनका सुपरहिट गाना ‘दिलबर’ उनके चैनल पर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे इस विवाद से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।्यरह गाना किसी बाहरी बड़ी म्यूजिक कंपनी के चैनल से नहीं, बल्कि खुद सुनंदा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से हटाया गया है, क्योंकि अब वह किसी और कंपनी के बजाय अपने खुद के होम लेबल के तहत गाने रिलीज कर रही हैं। सुनंदा शर्मा के ऑल-टाइम हिट गाने यदि आप सुनंदा शर्मा के गानों के शौकीन हैं, तो उनके कई गानों ने यूट्यूब और रील्स पर करोड़ों व्यूज बटोरे हैं। उनका सबसे पहला सुपरहिट गाना ‘बिल्ली अख’ था, जिसने उन्हें पंजाब के घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उनका गाना ‘पटाके’ (जानी तेरा ना) रिलीज हुआ, जिसने लड़कियों के बीच सुनंदा को एक यूथ आइकॉन बना दिया और इसके बोल आज भी शादियों में गूंजते हैं। फैमिली ऑडियंस के बीच उनके गाने ‘सैंडल’ को बहुत ज्यादा पसंद किया गया, जो एक हल्के-फुल्के पारिवारिक मिजाज का गाना था। वहीं उनका एक और बड़ा ब्लॉकबस्टर गाना ‘मम्मी नू पसंद’ रहा, जो इतना पॉपुलर हुआ कि बाद में इसे बॉलीवुड फिल्म ‘जय मम्मी दी’ में भी रीमेक किया गया। सुनंदा ने केवल डांस नंबर ही नहीं गाए, बल्कि जानी और बी प्राक के साथ मिलकर बनाया गया उनका गाना ‘दूजी वार प्यार’ एक बेहद इमोशनल और सैड सॉन्ग था, जिसने सुनंदा की गायकी की वर्सटैलिटी को साबित किया। इसके बाद उनके खुद के नए ऑफिशियल लेबल का पहला गाना ‘दिलबर’ आया, जिसे भी दर्शकों ने खूब सराहा।
अचानक भोजपुरी क्यों गाने लगे अक्षय कुमार:‘रगड़के नहला देब साबुन से’ पर अक्षरा सिंह संग नाचे, भोजपुरिया अंदाज के 2 कारण

पवन सिंह के ‘आई नहीं’ ने जब बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश करवाई, तो बॉलीवुड को समझ आ गया कि सफलता का असली रास्ता यूपी-बिहार के सिंगल स्क्रीन और इंस्टाग्राम रील्स से होकर गुजरता है। यही वजह है कि अपनी हिट फिल्म के लिए तरस रहे खिलाड़ी अक्षय कुमार ने अब अक्षरा सिंह और भोजपुरी के सबसे लाउड फ्लेवर का सहारा लिया है। ‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बवाल काट रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक बहस भी छिड़ गई है। क्या अक्षय कुमार का यह दांव उन्हें वापस बॉलीवुड का खिलाड़ी नंबर-1 बना पाएगा?जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः अक्षरा सिंह और अक्षय कुमार का कौन सा नया गाना रिलीज हुआ है? जवाबः 25 मई को फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज हो गया। सिर्फ 48 घंटे में इसे यूट्यूब पर 14 मिलियन लोगों ने देखा है। यह एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिख रहे हैं। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। सवाल-2: क्या लगातार फ्लॉप फिल्म देने के कारण अक्षय कुमार भोजपुरी स्टार का सहारा ले रहे हैं? जवाबः हां, काफी हद तक। अक्षय कुमार लंबे समय से एक सुपरहिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। इसलिए चर्चा है कि अक्षय कुमार अब हिट की तलाश में भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। सवाल-3: क्या अक्षय कुमार पहले ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने हिट के लिए भोजपुरी स्टार और भोजपुरी गानों का सहारा लिया है? जवाबः नहीं, इससे पहले भी कई बड़े कलाकार रहे हैं, जिन्होंने समय-समय पर भोजपुरी गानों, स्टार्स या डॉयलाग/फ्लेवर का इस्तेमाल करके छप्परफाड़ कमाई की है। कुछ उदाहरण… सवाल-4ः क्या भोजपुरी अब बॉलीवुड के लिए जरूरी हो गया है? जवाबः निश्चित रूप से। पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड का शहरी/महानगरीय कंटेंट दर्शकों से कट गया था। साउथ सिनेमा (पुष्पा, कांतारा) और भोजपुरी-अवधी बेल्ट के गानों और कंटेंट ने बॉलीवुड को अहसास कराया है कि भारत का असली पैसा ‘देसी’ कंटेंट में है। बॉलीवुड अब रील्स पर राज करने के लिए रीजनल स्टार्स की सोशल मीडिया फॉलोइंग का ‘पैरासाइटिक इस्तेमाल’ कर रहा है। बॉलीवुड को भोजपुरी की जरूरत क्यों… भोजपुरी सिनेमा को अक्सर ‘कम बजट’ या ‘वल्गर’ कहकर मुख्यधारा की मीडिया में नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन इसकी वास्तविक ताकत इसकी जमीनी पकड़ है।







