AI फोटो में घुटनों पर बैठे दिखाने पर भड़कीं उर्वशी:बोलीं- यह टॉक्सिसिटी बंद करें; फोटो में फीमेल एक्टर्स के आगे झुकते दिखाया गया

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्रियों के बीच होने वाली तुलना और फैन वॉर पर नाराजगी जताई है। एक फैन ने एआई (AI) की मदद से एक फोटो बनाई थी, जिसमें उर्वशी सहित ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट के स्टारडम की तुलना की गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्वशी ने इसे टॉक्सिक बताया और कहा कि हर एक्ट्रेस का अपना सफर होता है। उर्वशी इन दिनों कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस में हैं, जहां वे लगातार पांचवीं बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। फोटो में फीमेल स्टार्स को नीचे झुकते दिखाया गया इंटरनेट पर एआई फोटो वायरल हो रही थी। इस फोटो में ऐश्वर्या राय को ग्लोबल स्टारडम के टॉप पर दिखाया गया था। वहीं प्रियंका चोपड़ा एक सिंहासन पर बैठी थीं और उनके पास दीपिका पादुकोण व माधुरी दीक्षित खड़ी थीं। फोटो में आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ, करीना कपूर और उर्वशी रौतेला को उनके नीचे घुटनों के बल बैठा दिखाया गया था। इस फोटो में सभी अभिनेत्रियों के नाम भी टैग किए गए थे। अभिनेत्रियों को इस तरह कमतर दिखाए जाने पर उर्वशी ने कड़ा रुख अपनाया है। कहा- महिलाओं की तुलना से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है उर्वशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, ‘मेरा मानना है कि हर एक्ट्रेस का अपना एक अलग सफर, कड़ी मेहनत और किस्मत होती है। महिलाओं की आपस में तुलना करने या फैन वॉर कराने से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है। इसकी जगह हमें टैलेंट, ग्रोथ और दयालुता का सम्मान करना चाहिए। कृपया इस तरह की टॉक्सिसिटी को बंद करें।’ एक्ट्रेस ने फैंस से इस तरह की पोस्ट न बनाने और सभी कलाकारों के काम की सराहना करने की अपील की है। कांस के रेड कारपेट पर उर्वशी का पांचवां साल उर्वशी रौतेला कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने इस बार रेड कारपेट पर योलांड ऑफिशियल लेबल का ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था, जिसमें वी-नेकलाइन बनी हुई थी। इसके अलावा वे वियतनामी डिजाइनर लेबल जोलीपोली कूटूर के लैवेंडर शेड वाले गाउन में भी नजर आईं। रेड कारपेट पर मीडिया प्लेटफॉर्म ब्रूट से बात करते हुए उर्वशी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, तो मैं सिर्फ उर्वशी नहीं रह जाती, बल्कि मैं इंडिया बन जाती हूं। यह लगातार मेरा पांचवां साल है और मुझे इस बात पर गर्व है।’ ऐश्वर्या, दीपिका और आलिया भी रही हैं कांस का हिस्सा कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत की ओर से कई बड़ी अभिनेत्रियां शामिल होती रही हैं। ऐश्वर्या राय पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से इस फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वे साल 2003 से लोरियल पेरिस की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर के रूप में रेड कारपेट पर चल रही हैं और इस साल भी वे वहां नजर आईं। वहीं आलिया भट्ट दूसरी बार लोरियल की ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कांस पहुंची हैं। दीपिका पादुकोण भी पहले कई बार कांस का हिस्सा रह चुकी हैं और वे साल 2022 में इस फेस्टिवल की मुख्य कॉम्पिटिशन जूरी में भी शामिल थीं।
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर का भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
AI फोटो में घुटनों पर बैठे दिखाने पर भड़कीं उर्वशी:बोलीं- यह टॉक्सिसिटी बंद करें; फोटो में फीमेल एक्टर्स के आगे झुकते दिखाया गया

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्रियों के बीच होने वाली तुलना और फैन वॉर पर नाराजगी जताई है। एक फैन ने एआई (AI) की मदद से एक फोटो बनाई थी, जिसमें उर्वशी सहित ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट के स्टारडम की तुलना की गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्वशी ने इसे टॉक्सिक बताया और कहा कि हर एक्ट्रेस का अपना सफर होता है। उर्वशी इन दिनों कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस में हैं, जहां वे लगातार पांचवीं बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। फोटो में फीमेल स्टार्स को नीचे झुकते दिखाया गया इंटरनेट पर एआई फोटो वायरल हो रही थी। इस फोटो में ऐश्वर्या राय को ग्लोबल स्टारडम के टॉप पर दिखाया गया था। वहीं प्रियंका चोपड़ा एक सिंहासन पर बैठी थीं और उनके पास दीपिका पादुकोण व माधुरी दीक्षित खड़ी थीं। फोटो में आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ, करीना कपूर और उर्वशी रौतेला को उनके नीचे घुटनों के बल बैठा दिखाया गया था। इस फोटो में सभी अभिनेत्रियों के नाम भी टैग किए गए थे। अभिनेत्रियों को इस तरह कमतर दिखाए जाने पर उर्वशी ने कड़ा रुख अपनाया है। कहा- महिलाओं की तुलना से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है उर्वशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, ‘मेरा मानना है कि हर एक्ट्रेस का अपना एक अलग सफर, कड़ी मेहनत और किस्मत होती है। महिलाओं की आपस में तुलना करने या फैन वॉर कराने से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है। इसकी जगह हमें टैलेंट, ग्रोथ और दयालुता का सम्मान करना चाहिए। कृपया इस तरह की टॉक्सिसिटी को बंद करें।’ एक्ट्रेस ने फैंस से इस तरह की पोस्ट न बनाने और सभी कलाकारों के काम की सराहना करने की अपील की है। कांस के रेड कारपेट पर उर्वशी का पांचवां साल उर्वशी रौतेला कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने इस बार रेड कारपेट पर योलांड ऑफिशियल लेबल का ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था, जिसमें वी-नेकलाइन बनी हुई थी। इसके अलावा वे वियतनामी डिजाइनर लेबल जोलीपोली कूटूर के लैवेंडर शेड वाले गाउन में भी नजर आईं। रेड कारपेट पर मीडिया प्लेटफॉर्म ब्रूट से बात करते हुए उर्वशी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, तो मैं सिर्फ उर्वशी नहीं रह जाती, बल्कि मैं इंडिया बन जाती हूं। यह लगातार मेरा पांचवां साल है और मुझे इस बात पर गर्व है।’ ऐश्वर्या, दीपिका और आलिया भी रही हैं कांस का हिस्सा कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत की ओर से कई बड़ी अभिनेत्रियां शामिल होती रही हैं। ऐश्वर्या राय पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से इस फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वे साल 2003 से लोरियल पेरिस की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर के रूप में रेड कारपेट पर चल रही हैं और इस साल भी वे वहां नजर आईं। वहीं आलिया भट्ट दूसरी बार लोरियल की ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कांस पहुंची हैं। दीपिका पादुकोण भी पहले कई बार कांस का हिस्सा रह चुकी हैं और वे साल 2022 में इस फेस्टिवल की मुख्य कॉम्पिटिशन जूरी में भी शामिल थीं।
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर दूर भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
‘राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार’: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 14:55 IST भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि फैसले ने चुनाव निकाय द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की कहानी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी. SC महोदय का फैसला: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने के बाद कांग्रेस और विपक्ष के भारत गुट पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस अभ्यास का विरोध किया था क्योंकि वह “अवैध मतदाताओं” के साथ खड़ी थी। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि फैसले ने चुनाव निकाय द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की कहानी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। त्रिवेदी ने कहा, “बिहार और पश्चिम बंगाल में निर्णायक और भारी हार के बाद और देश में अराजकता फैलाने की उनकी नापाक साजिश विफल होने के बाद, यह अब कांग्रेस के लिए एक संवैधानिक हार है।” #घड़ी | दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार में शुरू होने वाली मतदाता सूची की एसआईआर करने के ईसीआई के फैसले को बरकरार रखने पर, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं, “बिहार और पश्चिम बंगाल में निर्णायक और भारी हार के बाद और उनके (कांग्रेस) अराजकता भड़काने के नापाक इरादे के बाद… pic.twitter.com/gAsa8qOSoF– एएनआई (@ANI) 27 मई 2026 उन्होंने फैसले को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के लिए “राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार” करार दिया। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनावी असफलताओं के बाद चुनाव आयोग को दोषी ठहराने का प्रयास किया और पार्टी पर लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने इस अभ्यास को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया है, इसे चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने की पुष्टि की है, और इसे स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव के संचालन के लिए अपरिहार्य माना है।” #घड़ी | दिल्ली: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं, “…न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए, यह अभ्यास बिल्कुल आवश्यक था… हाल के वर्षों में, बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में नाम जोड़े और हटाए गए हैं… pic.twitter.com/Hm7lsG123f– एएनआई (@ANI) 27 मई 2026 भाजपा नेता ने आगे दावा किया कि विपक्ष ने एसआईआर अभ्यास का विरोध किया क्योंकि यह वास्तविक मतदाताओं के बजाय “घुसपैठियों” की रक्षा कर रहा था। कांग्रेस पर एक अन्य हमले में, त्रिवेदी ने कहा, “विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस के समझौते चीन में निहित हैं, उनके पारिवारिक संबंध इटली में हैं, उनका वैचारिक केंद्र इंग्लैंड में है, अमेरिकी संस्थानों के भीतर दुर्भावनापूर्ण प्रचार का केंद्र है, और उनका मतदाता आधार बांग्लादेश से जुड़ा हुआ है।” इसी तरह की टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को बेनकाब कर दिया है। भंडारी ने एक्स पर लिखा, “यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसका विरोध किया क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े थे, न कि भारतीय मतदाताओं के साथ।” उन्होंने विपक्ष के रुख को “राष्ट्र-विरोधी कृत्य” बताया। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी बेनकाब हो गई है! सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी और संवैधानिक घोषित किया! यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने पूरे समय विरोध किया क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े थे, भारतीय मतदाताओं के साथ नहीं। यह सही मायनों में एक “राष्ट्रविरोधी कृत्य” था!… — प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 27 मई 2026 वरिष्ठ भाजपा नेता नलिन कोहली ने भी फैसले का स्वागत किया और विपक्षी दलों से चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थानों पर सवाल उठाना बंद करने का आग्रह किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े सभी कानूनी मुद्दों को स्पष्ट कर दिया है और कहा है कि चुनावी सुधारों के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज कर दिया कि यह अभ्यास मनमाना या असंवैधानिक था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने फैसला सुनाया कि एसआईआर अभ्यास का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की अखंडता को मजबूत करना था। यह फैसला पहले बिहार में शुरू की गई और बाद में अन्य राज्यों में विस्तारित संशोधन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया। विपक्षी दलों और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया एनआरसी जैसी नागरिकता सत्यापन अभियान के समान है और इससे मतदाताओं को गलत तरीके से हटाया जा सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार’: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुप्रीम कोर्ट एसआईआर फैसला(टी)चुनाव आयोग एसआईआर(टी)चुनावी सूची संशोधन(टी)कांग्रेस पर बीजेपी का हमला(टी)राहुल गांधी उजागर(टी)अवैध मतदाता विवाद(टी)स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव(टी)बिहार पश्चिम बंगाल की राजनीति
चुनरी चुनरी गाने के रीमेक पर भड़के अभिजीत भट्टाचार्या:कहा- वरुण इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता, भजन बनाया, सलमान ने भी दिया रिएक्शन

वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म है जवानी तो इश्क होना है से गाना चुनरी चुनरी रिलीज हो चुका है। ये गाना 1999 की फिल्म बीवी नं. 1 के गाने का रीमेक है, जिसे अभिजीत भट्टाचार्या और अनुराधा श्रीराम ने गाया था। अब अभिजीत नया गाना देख भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि सुनकर ये किसी भजन जैसा लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वरुण इस गाने से कभी सलमान नहीं बन सकेंगे। हाल ही में एएनआई से बातचीत में सिंगर अभिजीत भट्टाचार्या ने कहा है, ‘जब मैंने ये गाना (चुनरी चुनरी रीमेक सॉन्ग) सुना तो मुझे लगा कि ये कोई भजन है। चुनरी चुनरी एक रोमांटिक ट्रेक था और इन लोगों ने अब इसे भजन बना दिया है।’ आगे उन्होंने वरुण धवन की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस एक्टर (वरुण धवन) ने सिर्फ सेकेंड हैंड फिल्में की हैं। खासकर जब इसके पिता (डेविड धवन) ने ऑरिजिनल फिल्म बनाईं। उसने वही गाना इस्तेमाल किया, जो एक समय में हिट था। वरुण धवन इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता। सलमान खान और वरुण धवन में बहुद फर्क है।’ इसके अलावा अभिजीत ने कहा है, ‘ये गाना सलमान खान के करियर का सबसे बड़ा हिट है। जब फिल्म आई है, तब से लेकर अब तक ट्रेंडिंग है। ये सलमान की लाइफ का सबसे बड़ा हिट है। उस वक्त ये सुपरस्टार नहीं एक उभरता हुआ कलाकार था।’ मुझे अप्रोच करते तब भी सोचता- अभिजीत बीवी नं. 1 का गाना चुनरी चुनरी अभिजीत भट्टाचार्या ने गाया था, जबकि नए आए रीमेक गाने को आई पी सिंह, सुधीर यदुवंशी जैसे मेल सिंगर्स ने आवाज दी है। इस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा, ‘अगर वो मुझे रीमेक गाने के लिए अप्रोच करते तब भी मैं इसे करने से पहले सोचता। मेरे ऑरिजिनल गाने में बहुत सारी एक्टिंग थी। अच्छा ही हुआ कि मैंने इसे नहीं किया, वर्ना डीग्रेड ही होता। हमने इस गाने को जिस तरह किया, वरुण कभी वैसा कर ही नहीं सकता।’ सलमान भी दे चुके हैं रीमेक पर रिएक्शन चुनरी-चुनरी गाना सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया था। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सलमान ने गाना सुनकर मजाकिया अंदाज में वरुण को इशारा करते हुए कहा, ‘वरुण ने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ कब-कब वरुण धवन ने रीमेक का लिया सहारा जुड़वा 2 (2017) ऑरिजिनल फिल्म- जुड़वा (1997) इस फिल्म में वरुण धवन ने ऑरिजिनल फिल्म के गाने ऊंची है बिल्डिंग लिफ्ट तेरी बंद है और चलती है क्या 9 से 12 भी रीमेक किए थे। इन दोनों ही गानों को सलमान पर फिल्माया गया था। कुली नंबर 1 (2020) ऑरिजिनल फिल्म- कुली नंबर 1 (1995) 2020 की कुली नंबर 1 में 1995 की फिल्म के दो गाने तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं और हुस्न है सुहाना को रीमेक किया गया था। इन फिल्मों के अलावा वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म का टाइटल है जवानी तो इश्क होना है भी सलमान खान और सुष्मिता पर फिल्माए गए बीवी नंबर 1 के गाने से लिया गया है।
चुनरी चुनरी गाने के रीमेक पर भड़के अभिजीत भट्टाचार्या:कहा- वरुण इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता, भजन बनाया, सलमान ने भी दिया रिएक्शन

वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म है जवानी तो इश्क होना है से गाना चुनरी चुनरी रिलीज हो चुका है। ये गाना 1999 की फिल्म बीवी नं. 1 के गाने का रीमेक है, जिसे अभिजीत भट्टाचार्या और अनुराधा श्रीराम ने गाया था। अब अभिजीत नया गाना देख भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि सुनकर ये किसी भजन जैसा लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वरुण इस गाने से कभी सलमान नहीं बन सकेंगे। हाल ही में एएनआई से बातचीत में सिंगर अभिजीत भट्टाचार्या ने कहा है, ‘जब मैंने ये गाना (चुनरी चुनरी रीमेक सॉन्ग) सुना तो मुझे लगा कि ये कोई भजन है। चुनरी चुनरी एक रोमांटिक ट्रेक था और इन लोगों ने अब इसे भजन बना दिया है।’ आगे उन्होंने वरुण धवन की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस एक्टर (वरुण धवन) ने सिर्फ सेकेंड हैंड फिल्में की हैं। खासकर जब इसके पिता (डेविड धवन) ने ऑरिजिनल फिल्म बनाईं। उसने वही गाना इस्तेमाल किया, जो एक समय में हिट था। वरुण धवन इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता। सलमान खान और वरुण धवन में बहुद फर्क है।’ इसके अलावा अभिजीत ने कहा है, ‘ये गाना सलमान खान के करियर का सबसे बड़ा हिट है। जब फिल्म आई है, तब से लेकर अब तक ट्रेंडिंग है। ये सलमान की लाइफ का सबसे बड़ा हिट है। उस वक्त ये सुपरस्टार नहीं एक उभरता हुआ कलाकार था।’ मुझे अप्रोच करते तब भी सोचता- अभिजीत बीवी नं. 1 का गाना चुनरी चुनरी अभिजीत भट्टाचार्या ने गाया था, जबकि नए आए रीमेक गाने को आई पी सिंह, सुधीर यदुवंशी जैसे मेल सिंगर्स ने आवाज दी है। इस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा, ‘अगर वो मुझे रीमेक गाने के लिए अप्रोच करते तब भी मैं इसे करने से पहले सोचता। मेरे ऑरिजिनल गाने में बहुत सारी एक्टिंग थी। अच्छा ही हुआ कि मैंने इसे नहीं किया, वर्ना डीग्रेड ही होता। हमने इस गाने को जिस तरह किया, वरुण कभी वैसा कर ही नहीं सकता।’ सलमान भी दे चुके हैं रीमेक पर रिएक्शन चुनरी-चुनरी गाना सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया था। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सलमान ने गाना सुनकर मजाकिया अंदाज में वरुण को इशारा करते हुए कहा, ‘वरुण ने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ कब-कब वरुण धवन ने रीमेक का लिया सहारा जुड़वा 2 (2017) ऑरिजिनल फिल्म- जुड़वा (1997) इस फिल्म में वरुण धवन ने ऑरिजिनल फिल्म के गाने ऊंची है बिल्डिंग लिफ्ट तेरी बंद है और चलती है क्या 9 से 12 भी रीमेक किए थे। इन दोनों ही गानों को सलमान पर फिल्माया गया था। कुली नंबर 1 (2020) ऑरिजिनल फिल्म- कुली नंबर 1 (1995) 2020 की कुली नंबर 1 में 1995 की फिल्म के दो गाने तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं और हुस्न है सुहाना को रीमेक किया गया था। इन फिल्मों के अलावा वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म का टाइटल है जवानी तो इश्क होना है भी सलमान खान और सुष्मिता पर फिल्माए गए बीवी नंबर 1 के गाने से लिया गया है।
गुजरात की हार पर भड़के ग्लेन फिलिप्स:धमर्शाला में बोले- हम हार नहीं मानते, हर चीज का पक्ष में होना जरूरी, जो नहीं हुआ

आईपीएल के नॉकआउट मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों मिली हार के बाद गुजरात टाइटंस (GT) के खेमे में मायूसी तो है, लेकिन खिलाड़ियों का हौसला कम नहीं हुआ है। मैच के बाद गुजरात टाइटंस के ग्लेन फिलिप्स मीडिया रूम में पत्रकारों के सवालों का जवाब देने आए। इस दौरान एक पत्रकार के ‘सरेंडर’ करने वाले सवाल पर फिलिप्स बुरी तरह भड़क गए और उसे ‘बेवकूफाना सवाल’ करार दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या पहली पारी खत्म होने के बाद ही आप लोगों को समझ आ गया था कि मैच हाथ से निकल चुका है और अब अगले मैच का इंतजार करना चाहिए? इस सवाल पर फिलिप्स ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि, यह बेहद ही बेवकूफाना और घटिया सवाल है। कोई भी टीम मैदान पर यह सोचकर नहीं उतरती कि चलो इस मैच को छोड़ देते हैं। हम प्रोफेशनल क्रिकेटर्स हैं, हम ऐसा क्यों करेंगे? हम मैदान पर गए और अपना सब कुछ झोंक दिया। हर चीज को आपके पक्ष में होना जरूरी होता है : फिलिप्स उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्य से जब आप 250 रन जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो हर चीज का आपके पक्ष में होना जरूरी होता है, जो उस दिन नहीं हुआ। मैच के टर्निंग पॉइंट को लेकर फिलिप्स ने माना कि खराब फील्डिंग का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा, “प्लेऑफ जैसे बड़े मैचों में फील्डिंग की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। रुतुराज का कैच जब वह 21 रन पर थे, तब छूटना हमें बहुत भारी पड़ा। उन्होंने हमें इसकी बड़ी सजा दी।” फिलिप्स ने स्वीकार किया कि कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता, लेकिन हमें अपनी मानसिकता में थोड़ा बदलाव करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि मैदान पर हर खिलाड़ी में गेंद को लपकने और कुछ खास करने की भूख दिखनी चाहिए। 254 का पीछा करना आसान नहीं, स्कोरबोर्ड का भारी दबाव था उन्होंने कहा कि, पिच और रन चेज पर बात करते हुए फिलिप्स ने कहा, “यह काली मिट्टी की पिच थी। जब आप 254 रन का पीछा करते हैं, तो स्कोरबोर्ड का भारी दबाव होता है। पंजाब किंग्स ने इस सीजन में एक-दो बार ऐसा करके इसे आसान दिखा दिया है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। मैं आज तक किसी ऐसी टीम का हिस्सा नहीं रहा जो 250 के करीब भी पहुंची हो।” बिना खेले प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्यों?’ फिलिप्स ने दिया मजेदार जवाब एक पत्रकार ने जब चुटकी लेते हुए पूछा कि आप आज प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे, फिर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दे रहे हैं, क्या यह अजीब नहीं लगता? इस पर फिलिप्स ने मुस्कुराते हुए कहा कि, बिल्कुल नहीं। कई बार जो खिलाड़ी बाहर बैठा होता है, उसका नजरिया ज्यादा साफ होता है। हमारे मुख्य कोच आशीष नेहरा हमेशा कहते हैं- ‘चिल पिल लो’ (Take a chill pill)। खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे इस हार को भूलकर अगले मैच पर ध्यान लगाएं। एक रन की हार से बेहतर है ऐसी हार, वापसी करना आसान 2 दिन बाद होने वाले अगले नॉकआउट मुकाबले में वापसी को लेकर फिलिप्स ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बड़ी हार से उबरना कई बार 1 या 2 रन की हार से ज्यादा आसान होता है। अगर आप 1 रन से हारते हैं, तो आप सोचते रह जाते हैं कि काश वहां सिंगल ले लिया होता। लेकिन जब आप 250 रन के चेज में बहुत पीछे रह जाते हैं, तो आप बस यह मान लेते हैं कि आज हमारा दिन नहीं था। अच्छी बात यह है कि टॉप-2 में रहने की वजह से हमारे पास वापसी का एक और मौका मौजूद है।








