‘अराजकता फैलाने की साजिश’: ‘मोदी सरकार गिर जाएगी’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 मई, 2026, 11:45 IST गोयल ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत के प्रति “नफरत” रखती है और पार्टी पर देश और उसके संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल. (फाइल फोटो: पीटीआई) विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस दावे के बाद कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अगले साल के भीतर गिर जाएगी, भाजपा ने तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। इस टिप्पणी पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गुट पर देश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। गोयल ने कहा, “राहुल गांधी का बयान कांग्रेस के साथ-साथ सभी विपक्षी दलों और भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे टूलकिट गिरोह द्वारा देश के खिलाफ एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। यह कोई सामान्य बयान नहीं है बल्कि देश में अराजकता फैलाने की एक गंभीर साजिश है।” उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी एंड कंपनी को एहसास हुआ कि वे लोगों के दिलों से गतिशील प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को नहीं हटा सकते हैं और भाजपा को सीधे लोकतांत्रिक लड़ाई में नहीं हरा सकते हैं, तो अब वे देश भर में हिंसा भड़काना चाहते हैं।” गोयल ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस के मन में भारत के प्रति ”नफरत” है और उन्होंने पार्टी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और उसके संस्थानों को बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। “वे भारत के प्रति इतनी नफरत रखते हैं कि वे देश के लिए कुछ भी अच्छा होते हुए भी नहीं देख सकते। देश को बदनाम करना, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना, और विदेश जाकर विदेशी शक्तियों से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अपील करना – इससे पता चलता है कि कांग्रेस के असली इरादे क्या हैं?” उसने कहा। गोयल ने कहा, “देश की जनता समझदार है। वह राहुल गांधी, विपक्ष और देश के खिलाफ काम करने वाले टूलकिट गैंग को अच्छी तरह समझती है। जनता ने इन लोगों को बार-बार करारा जवाब दिया है। भारत को जलाने की INDI गठबंधन की साजिश कभी सफल नहीं होगी।” ‘पहली बार नहीं’ बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी पर उनकी आलोचना की, उन्होंने कांग्रेस नेता पर पीएम मोदी के खिलाफ बार-बार भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया। स्व-निर्मित वीडियो में पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बैठक के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों से एक बार फिर सीमा लांघी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भड़काऊ बयान दिया है. राहुल गांधी ने कल एक बैठक में कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गिर जाएगी.” भाजपा नेता ने 2019 में कथित तौर पर राहुल गांधी द्वारा की गई एक पूर्व टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने ऐसी टिप्पणी की है। 2019 में भी उन्होंने कहा था कि एक समय आएगा जब लोग सड़कों पर आएंगे और प्रधानमंत्री मोदी को लाठियों से मारेंगे।” संसद में टिप्पणी पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया को याद करते हुए, पात्रा ने कहा, “यह संसद में कहा गया था, और प्रधान मंत्री ने बहुत शांति से जवाब दिया, कहा कि वह अधिक योग और प्राणायाम करेंगे, और अगर उनके बारे में ऐसी बातें कही गईं तो वह अपनी पीठ मजबूत करेंगे।” ‘उसका दिमाग फिर से खोना’ भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर उनकी आलोचना की और दावा किया कि कांग्रेस नेता “फिर से अपना दिमाग खो रहे हैं”। एक्स पर एक पोस्ट में, भंडारी ने राहुल गांधी की टिप्पणियों का मज़ाक उड़ाया और सवाल किया कि “विदेश यात्राओं से लौटने के बाद राहुल गांधी वास्तव में किस बात पर उत्साहित हैं”। गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए, भंडारी ने कहा कि पार्टी को “बार-बार चुनावी अपमान” का सामना करना पड़ा है, और कहा कि “कांग्रेस 99 चुनाव हार चुकी है”। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान राजनीतिक वास्तविकता से कटे हुए हैं, उन्होंने कहा, “वह भारत से जितना दूर जाते हैं, उनकी टिप्पणियां भारत की राजनीतिक वास्तविकता से उतनी ही अलग होती जाती हैं।” भंडारी ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की भविष्य की संभावनाओं पर भी विश्वास जताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग 2029 में “प्रचंड जनादेश के साथ” सत्ता में लौटेगा। राहुल गांधी ने क्या कहा? कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”अगले एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी”. उन्होंने आगे दावा किया कि बढ़ता आर्थिक असंतोष इसका कारण होगा. इस दौरान इमरान मसूद ने मुस्लिम वोटिंग को लेकर नैरेटिव बदलने और कांग्रेस की उपलब्धियों को समुदाय तक पहुंचाने पर जोर दिया. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘अराजकता फैलाने की साजिश’: ‘मोदी सरकार गिर जाएगी’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी मोदी सरकार का पतन(टी)राहुल गांधी का बयान(टी)मोदी सरकार का पतन(टी)बीजेपी की प्रतिक्रिया कांग्रेस(टी)पीयूष गोयल का आरोप(टी)विपक्ष भारत को अस्थिर कर रहा है(टी)संबित पात्रा की आलोचना(टी)प्रदीप भंडारी की टिप्पणी
15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:एच-1 बी पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब अमेरिका से डिपोर्ट का खतरा

अमेरिका में 15 हजार भारतीय टेक कर्मियों की नौकरी जाने के बाद उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। अब उनपर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, ये सभी एच-1बी वीजा पर अमेरिका गए थे, लेकिन छंटनी के बाद इनके पास नई नौकरी ढूंढने व वीजा स्टेटस बचाने के लिए सीमित समय बचा है। नियमों के तहत नौकरी जाने के बाद इन्हें 60 दिनों में नई नौकरी खोजनी होगी। इस दौरान नया एम्प्लॉयर या स्पॉन्सर नहीं मिला, तो अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। बीते दिनों मेटा, अमेजन और ओरेकल जैसी बड़ी टेक कंपनियों में करीब 50 हजार लोगों की छंटनी और रिस्ट्रक्चरिंग हुई है। इनमें 15 हजार से ज्यादा भारतीय है। नौकरी जाने पर उसी सेक्टर जॉब जरूरी पहले नौकरी जाने पर टेक कर्मियों को जल्दी नया मौका मिलता था, पर अब इंटरव्यू लंबा खिंच रहा है। कंपनियां वीजा स्पॉन्सर करने से बच रही हैं और ट्रम्प की नई नीतियों के चलते उनके पास वीजा कोटा भी कम है। ट्रम्प प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति ने भी डर को बढ़ाया है। छोटी गलती, दस्तावेजों की कमी या वीजा नियमों में चूक भी खतरा बन रही है। अब नौकरी जाने पर उसी सेक्टर और उसी स्तर व सैलरी ब्रैकेट की नौकरी मिलनी चाहिए। यानी सॉफ्टवेयर इंजीनियर होटल में शेफ बनकर एच-1बी स्टेटस नहीं बचा सकता। अब कंपनी को भी ज्यादा दस्तावेज देने पड़ रहे हैं। उन्हें बताना पड़ रहा है कि इस पद के लिए अमेरिकी क्यों नहीं मिला। ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए देश लौटना पड़ेगा ट्रम्प प्रशासन ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया सख्त कर दी है। आवेदक को अपने देश जाकर आवेदन करना होगा। अभी अमेरिका में रहते हुए ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ से ग्रीन कार्ड मिलता था। एच-1बी जैसे अस्थायी वीजा पर काम कर रहे भारतीयों पर बड़ा असर पड़ेगा। 5 साल में 49.97 लाख ग्रीन कार्ड जारी। इनमें 29.32 लाख अमेरिका में रहते हुए व 20.63 लाख होम कंट्री में रहते हुए आवेदन करने वालों को मिले। 2014 से 2023 के बीच कुल 7.26 लाख भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिला। 150 जॉब आवेदन भेजे, पर धीमी प्रक्रिया से संकट सिएटल में रहने वाले इंजीनियर विकास पाठक ने अब तक 150 से ज्यादा जॉब के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि परेशानी रिजेक्शन नहीं, बल्कि कंपनियों की धीमी प्रक्रिया है। पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगते हैं जबकि एच-1बी पर नौकरी गंवाने वाले कर्मियों के पास सिर्फ 60 दिन होते हैं। घबराहट ज्यादा, बच्चों की पढ़ाई छूटने का डर सताया सैन फ्रांसिस्को में रह रहे बिहार के बिजयंत सिंह कहते हैं कि लोग बाहर से शांत हैं, लेकिन अंदर घबराहट काफी ज्यादा है। उनके मुताबिक, बच्चों की पढ़ाई, घर के लोन और जीवनसाथी के वीजा जैसी चीजें संकट में आ गई हैं। कई परिवार अब बैकअप प्लान बना रहे हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 10 हजार छात्र जांच के घेरे में, शेल कंपनियों और फर्जी नौकरी से वीसा पाने का खेल; रडार पर भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है। पूरी खबर पढ़ें…
15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:एच-1 बी पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब अमेरिका से डिपोर्ट का खतरा

अमेरिका में 15 हजार भारतीय टेक कर्मियों की नौकरी जाने के बाद उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। अब उनपर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, ये सभी एच-1बी वीजा पर अमेरिका गए थे, लेकिन छंटनी के बाद इनके पास नई नौकरी ढूंढने व वीजा स्टेटस बचाने के लिए सीमित समय बचा है। नियमों के तहत नौकरी जाने के बाद इन्हें 60 दिनों में नई नौकरी खोजनी होगी। इस दौरान नया एम्प्लॉयर या स्पॉन्सर नहीं मिला, तो अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। बीते दिनों मेटा, अमेजन और ओरेकल जैसी बड़ी टेक कंपनियों में करीब 50 हजार लोगों की छंटनी और रिस्ट्रक्चरिंग हुई है। इनमें 15 हजार से ज्यादा भारतीय है। नौकरी जाने पर उसी सेक्टर जॉब जरूरी पहले नौकरी जाने पर टेक कर्मियों को जल्दी नया मौका मिलता था, पर अब इंटरव्यू लंबा खिंच रहा है। कंपनियां वीजा स्पॉन्सर करने से बच रही हैं और ट्रम्प की नई नीतियों के चलते उनके पास वीजा कोटा भी कम है। ट्रम्प प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति ने भी डर को बढ़ाया है। छोटी गलती, दस्तावेजों की कमी या वीजा नियमों में चूक भी खतरा बन रही है। अब नौकरी जाने पर उसी सेक्टर और उसी स्तर व सैलरी ब्रैकेट की नौकरी मिलनी चाहिए। यानी सॉफ्टवेयर इंजीनियर होटल में शेफ बनकर एच-1बी स्टेटस नहीं बचा सकता। अब कंपनी को भी ज्यादा दस्तावेज देने पड़ रहे हैं। उन्हें बताना पड़ रहा है कि इस पद के लिए अमेरिकी क्यों नहीं मिला। ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए देश लौटना पड़ेगा ट्रम्प प्रशासन ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया सख्त कर दी है। आवेदक को अपने देश जाकर आवेदन करना होगा। अभी अमेरिका में रहते हुए ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ से ग्रीन कार्ड मिलता था। एच-1बी जैसे अस्थायी वीजा पर काम कर रहे भारतीयों पर बड़ा असर पड़ेगा। 5 साल में 49.97 लाख ग्रीन कार्ड जारी। इनमें 29.32 लाख अमेरिका में रहते हुए व 20.63 लाख होम कंट्री में रहते हुए आवेदन करने वालों को मिले। 2014 से 2023 के बीच कुल 7.26 लाख भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिला। 150 जॉब आवेदन भेजे, पर धीमी प्रक्रिया से संकट सिएटल में रहने वाले इंजीनियर विकास पाठक ने अब तक 150 से ज्यादा जॉब के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि परेशानी रिजेक्शन नहीं, बल्कि कंपनियों की धीमी प्रक्रिया है। पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगते हैं जबकि एच-1बी पर नौकरी गंवाने वाले कर्मियों के पास सिर्फ 60 दिन होते हैं। घबराहट ज्यादा, बच्चों की पढ़ाई छूटने का डर सताया सैन फ्रांसिस्को में रह रहे बिहार के बिजयंत सिंह कहते हैं कि लोग बाहर से शांत हैं, लेकिन अंदर घबराहट काफी ज्यादा है। उनके मुताबिक, बच्चों की पढ़ाई, घर के लोन और जीवनसाथी के वीजा जैसी चीजें संकट में आ गई हैं। कई परिवार अब बैकअप प्लान बना रहे हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 10 हजार छात्र जांच के घेरे में, शेल कंपनियों और फर्जी नौकरी से वीसा पाने का खेल; रडार पर भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है। पूरी खबर पढ़ें…
श्रेयस रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान:टी-20 में 7 हजार रन भी पूरे, शमी को छठी बार पहली गेंद पर विकेट; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के 68वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हरा दिया। मैच में कई रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स बने। श्रेयस IPL के रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बने। उन्होंने अर्जुन तेंदुलकर की गेंद पर सिंगल लेकर टी-20 में अपने 7 हजार रन भी पूरे किए। शमी ने प्रियांश आर्या को आउट कर IPL में छठी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया। पंजाब-लखनऊ मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. पंजाब लगातार 6 मैच हारने के बाद जीती IPL में पंजाब किंग्स की सबसे लंबी हार का सिलसिला 2015 में 7 मैचों का रहा था। 2026 में टीम लगातार 6 मैच हार चुकी थी, लेकिन लखनऊ के खिलाफ जीत के साथ यह सिलसिला टूट गया। इससे पहले पंजाब को 2011, 2018 और 2020 में लगातार 5-5 हार मिली थीं। साथ ही, पंजाब का लखनऊ के खिलाफ दबदबा जारी रहा। टीम ने 2025 के बाद से लखनऊ के खिलाफ सभी 4 मुकाबले जीते हैं। लखनऊ में खेले गए पिछले 4 मैचों में यह पंजाब की तीसरी जीत भी रही। 2. श्रेयस रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बने श्रेयस ने लखनऊ के खिलाफ आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान बन गए। उनसे पहले वीरेंद्र सहवाग (2011), विराट कोहली (2016), संजू सैमसन (2021) यह कारनामा कर चुके हैं। इसके अलावा श्रेयस पंजाब के लिए शतक लगाने वाले तीसरे कप्तान भी बने। उनसे पहले केएल राहुल ने 2020 और एडम गिलक्रिस्ट ने 2011 में बेंगलुरु के खिलाफ शतक लगाए थे। 3. शमी ने सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिए मोहम्मद शमी IPL में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने पंजाब के खिलाफ प्रियांश आर्या को पहली गेंद पर कैच आउट कराया। उन्होंने टूर्नामेंट में रिकॉर्ड छठी बार यह कारनामा किया। दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर हैं, जिन्होंने 5 बार इनिंग की पहली गेंद पर विकेट लिए हैं। 4. अर्शदीप ने पंजाब के लिए सबसे ज्यादा बार 50+ रन दिए अर्शदीप सिंह पंजाब की ओर से सबसे ज्यादा बार 50 या उससे अधिक रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। वे अब तक 7 बार यह आंकड़ा छू चुके हैं। इस लिस्ट में सैम करन दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने पंजाब के लिए 4 बार 50+ रन दिए हैं। 5. प्रभसिमरन दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन के लीग स्टेज में 510 रन बना दिए। इसके साथ ही वह पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। 6. पंजाब के लिए IPL की 5वीं सबसे बड़ी साझेदारी हुई श्रेयस और प्रभसिमरन ने लखनऊ के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी की। यह पंजाब के किसी भी विकेट के लिए 5वीं सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले नंबर पर एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श हैं, जिन्होंने साल 2011 में बेंगलुरु के खिलाफ 206 रन जोड़े थे। यहां से मैच के टॉप-7 मोमेंट्स… 1. उमरजई ने अपनी पहली गेंद पर ही विकेट लिया मैच के दूसरे ओवर में ही लखनऊ को पहला झटका लगा। ओवर की पहली गेंद पर ही अजमतुल्लाह उमरजई ने अर्शिन कुलकर्णी का विकेट लिया। उमरजई ने ऑफ स्टंप के बाहर बैक ऑफ लेंथ गेंद डाली। गेंद ने अर्शिन के बल्ले किनारा लिया और सीधे विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के दस्तानों में चली गई। अर्शिन बिना खाता खोले पहली गेंद पर ही पवेलियन लौटे। 2. बदोनी अजीबो-गरीब तरीके से आउट हुए लखनऊ की पारी के 7वें ओवर में बल्लेबाज आयुष बदोनी अनोखे अंदाज में स्टंप आउट हुए। ओवर की चौथी गेंद युजवेंद्र चहल ने तेज और फ्लैट डाली, जिसपर बदोनी चकमा खा गए। शॉट खेलने के बाद उन्होंने क्रीज से पैर उठाया और फिर वापस क्रीज में रखा। इस दौरान विकेटकीपर प्रभसिमरन ने स्टंपिंग की। ऐसा लगा कि बल्लेबाज क्रीज में आ गए हैं और चहल रनअप पर जाने लगे। तभी प्रभसिमरन ने अंपायर से अपील की। इसके बाद रिप्ले में दिखा की शॉट खेलने के बाद जब बदोनी ने पैर उठाया, उसी दौरान गिल्लियां बिखेरी। 3. पंत का कैच श्रेयस ने छोड़ा, 2 गेंद बाद आउट हुए पंजाब के खिलाफ ऋषभ पंत जीवनदान मिलने के दो गेेंद बाद ही आउट हो गए। पहली पारी के 14वें ओवर में चहल की तीसरी गेंद को पंत ने एक्स्ट्रा कवर की ओर खेला। वहां खड़े श्रेयस के पास कैच पकड़ने का मौका था, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। इसकी अगली गेंद पर पंत ने चौका जड़ दिया।इसके बाद पंत ने ऑन साइड में सिक्स लगाने की कोशिश की, लेकिन एलिवेशन नहीं मिला और डीप में खड़े मार्को यानसन ने आसान कैच पकड़ा। 4. दूसरी पारी के पहली गेंद पर विकेट गिरा पंंजाब की पारी विकेट के साथ शुरु हुई। इनिंग की पहली ही गेंद पर मोहम्मद शमी ने प्रियांश आर्या को शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी। प्रियांश पुल शॉट खेलते हुए बैलेंस खो बैठे। गेंद बल्ले के टॉप एज पर लगी और मिड-विकेट पर खड़े अर्जुन तेंदुलकर की ओर गई। अर्जुन ने आसान कैच पकड़ा और प्रियांश गोल्डन डक का शिकार हुए। 5. अर्जुन तेंदुलकर के पहले ओवर में पंत ने कैच छोड़ा अर्जुन के पहले ओवर में ही विकेटकीपर पंत ने प्रभसिमरन सिंह का कैच छोड़ दिया। दूसरी पारी में 7वें ओवर की चौथी गेंद अर्जुन ने बाउंसर फेंकी। प्रभसिमरन ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके ग्लव्स को छूकर विकेट के पीछे गई। पंत ने बाई ओर छलांग लगाते हुए कैच पकड़ा, लेकिन आखिरी वक्त में गेंद उनके हाथों से छिटक गई। इस तरह अर्जुन को पहले ओवर में विकेट मिलने का मौका चला गया। 6. श्रेयस ने टी-20 में 7 हजार रन पूरे किए श्रेयस अय्यर ने टी-20 क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने रनचेज के 7वें ओवर में अपने 7 हजार रन पूरे किए। अर्जुन तेंदुलकर के ओवर की तीसरी गेंद को श्रेयस ने स्वीपर कवर की ओर खेलकर सिंगल लिया। इसी के साथ उन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 7. श्रेयस ने छक्के से सेंचुरी पूरी की और पंजाब जीता
कोलकाता-दिल्ली में IPL सीजन का आखिरी लीग मैच:नाइट राइडर्स के पास प्लेऑफ में जाने का आखिरी मौका; रघुवंशी बाहर, चक्रवर्ती पर सस्पेंस

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच रविवार का दूसरा मैच खेला जाएगा। यह इस सीजन का आखिरी लीग मैच भी है। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में मुकाबला 7:30 बजे से शुरू होगा। इस मैच में कोलकाता के पास प्लेऑफ में पहुंचने का आखिरी मौका है। कोलकाता 13 मैचों में 13 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है। दूसरी ओर, शनिवार को पंजाब ने लखनऊ को हराकर दिल्ली को प्लेऑफ से बाहर कर दिया है। दिल्ली 13 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। हेड-टु-हेड रिकॉर्ड कोलकाता का पलड़ा भारी कोलकाता और दिल्ली के बीच 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता का पलड़ा भारी रहा है। टीम ने 20 मैच जीते हैं, जबकि दिल्ली को 14 मुकाबलों में जीत मिली। एक मैच टाई रहा है। टॉप स्कोरर रघुवंशी बाहर, एलन से उम्मीदें कोलकाता की ओर से इस सीजन में सबसे ज्यादा 422 रन अंगकृष रघुवंशी ने बनाए हैं, लेकिन वे चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को फिन एलन से उम्मीदें होंगी। एलन 10 मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक के सहारे 329 रन बना चुके हैं। कार्तिक त्यागी ने टीम से सबसे ज्यादा विकेट झटके हैं। उनके नाम 18 विकेट हैं। मथीशा पथिराना ने चोट के कारण लेट वापसी की है। हर्षित राणा और आकाश दीप भी इंजरी से पहले ही बाहर हो चुके हैं। फ्रेंचाइजी ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL शुरू होने से पहले ही बाहर कर दिया था। दिल्ली की बैटिंग केएल राहुल पर निर्भर इस सीजन में दिल्ली की बैटिंग केएल राहुल पर निर्भर रही है। टीम के टॉप स्कोरर राहुल ने 13 मैचों में एक शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 533 रन बनाए हैं। पथुम निसांका (278 रन), ट्रिस्टन स्टब्स (275 रन) और समीर रिवजी (252 रन) ने कुछ मौकों पर योगदान दिया है। लेकिन, तीनों में निरंतरता की कमी रही है। गेंदबाजी में कप्तान अक्षर पटेल (10 विकेट) और कुलदीप यादव (7 विकेट) की स्पिन जोड़ी खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। टूर्नामेंट में देर से आए मिचेल स्टार्क ने जरूर प्रभावित किया है। वे 5 मैच में 9 विकेट ले चुके हैं। पिच एंड वेदर रिपोर्ट आमतौर पर ईडन गार्डन्स की पिच बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है। यहां आउट फील्ड तेज है और बाउंड्री छोटी है। ऐसे में तेजी से रन बनते हैं। ओस के कारण टॉस जीतने वाली टीमें गेंदबाजी चुन सकती हैं। मैच के दौरान हल्की बारिश होने की संभावना है। बादलों के कारण तेज गेंदबाजों को अधिक स्विंग मिलेगी, जिससे बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 कोलकाता : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, मनीष पांडे, कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, रिंकू सिंह, तेजस्वी दहिया, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, कार्तिक त्यागी और सौरभ दुबे। दिल्ली: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, साहिल परख, अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी और त्रिपुराणा विजय।
बंद फोन, लैपटॉप पर भी आपके काम करेगा एआई:गूगल-ओपन एआई के बीच प्रतिस्पर्धा, जेमिनाई के नए एजेंट लाॅन्च

गूगल अब केवल सर्च इंजन कंपनी नहीं रहना चाहती। उसका अगला लक्ष्य कंज्यूमर एआई की दुनिया में वही दबदबा बनाना है, जो कभी इंटरनेट सर्च में था। और अब ऐसा लगने लगा है कि वह ओपनएआई से एआई की दौड़ में ताज छीन सकती है। 19 मई को गूगल ने नए जेमिनाई 3.5 फ्लैश मॉडल से चलने वाले एआई एजेंट्स की श्रृंखला पेश की। इनमें ऐसे एआई कोडर्स भी शामिल हैं जो ओपनएआई और एंथ्रोपिक के टूल्स को चुनौती देने के लिए बनाए गए हैं। गूगल का फोकस अब केवल चैटबॉट नहीं, बल्कि “काम करने वाले एआई’ पर है। कंपनी ऐसे एजेंट्स ला रही है जो यूजर के फोन या लैपटॉप बंद करने के बाद भी काम जारी रख सकेंगे। “जेमिनाई स्पार्क’ नाम का एजेंट ईमेल स्कैन करने, ग्रुप ट्रिप आयोजित करने जैसे कई डिजिटल काम अपने आप निपटा सकेगा। वहीं गूगल सर्च में जोड़े जा रहे “इंफॉर्मेशन एजेंट्स’ स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स, शॉपिंग सेल्स और शेयर बाजार पर नजर रखेंगे। उसके कुछ एजेंट सीधे जेमिनाई ऐप में होंगे, जिसे हर महीने करीब 90 करोड़ लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ एआई फीचर्स गूगल सर्च में जुड़ेंगे। इससे ओपनएआई पर दबाव बढ़ सकता है। दरअसल, गूगल की तेजी ने ओपनएआई को पहले ही सतर्क कर दिया था। नवंबर में जेमिनाई- 3 मॉडल आने के बाद ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन ने कर्मचारियों के लिए “कोड रेड’ इमरजेंसी जारी की थी। इसके बाद कंपनी ने अपने कोडिंग एजेंट्स पर फोकस बढ़ाया। लेकिन जेमिनाई 3.5 फ्लैश और नए एआई एजेंट्स ने फिर चैटजीपीटी की बढ़त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इनकॉर्पोरेशन का बाजार मूल्य जनवरी के 382 लाख करोड़ रु. से बढ़कर अब लगभग 478 लाख करोड़ रु. तक पहुंच गया है। हालांकि इस सफलता के साथ चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। सीईओ सुंदर पिचई के मुताबिक एआई उपयोग मापने वाले टोकन्स की संख्या एक साल पहले 480 खरब थी, जो अब बढ़कर हर महीने 3.2 क्वाड्रिलियन (3.2 के बाद 15 जीरो) हो गई है। इसका मतलब है कि कम्प्यूटिंग कॉस्ट तेजी से बढ़ रही है। खर्च घटाने के लिए गूगल एआई सेवाओं में विज्ञापन जोड़ सकती है। फिलहाल जेमिनाई एप में विज्ञापन नहीं हैं, लेकिन गूगल ने सर्च सेवाओं के एआई-जनरेटेड जवाबों में विज्ञापन दिखाने शुरू कर दिए हैं। यही संकेत है कि आने वाले समय में एआई केवल तकनीकी लड़ाई नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा विज्ञापन और डेटा कारोबार भी बनने जा रहा है। पूंजी खर्च छह गुना बढ़ेगा एआई टोकन जनरेट करने के लिए कंप्यूटिंगपॉवर लगती है। इस कारण गूगल का पूंजीखर्च चार साल पहले से छह गुना बढ़कर इस साल 18.18 लाख करोड़ रु. हो जाएगा। चिप से लेकर बिजली के दाम बढ़ने से यह खर्च और भी बढ़ सकता है।
डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा

प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में गाने ‘चुनरी चुनरी’ के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े हैं। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाशु भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से बीवी नंबर 1 बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।’ वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने ‘चुनरी चुनरी’ का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, ‘डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।’ वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा

प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में गाने ‘चुनरी चुनरी’ के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से फिल्मा बीवी नंबर 1 का रीमेक बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।’ वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में डेविड धवन के बड़े बेटे रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने ‘चुनरी चुनरी’ का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, ‘डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।’ वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
रवीना टंडन की पंजाब के CM से भावुक अपील:आवारा कुत्तों को मारने के आदेश पर कहा- इंसानियत का ध्यान रखें, दूसरे उपाय भी हैं

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर आदेश दिया है कि खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। इसके बाद 22 मई से पंजाब में आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। अब रवीना टंडन ने उनसे इंसानियत का ध्यान रखते हुए दूसरे रास्ते चुनने की अपील की है। रवीना ने कहा है कि बेजुबानों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, वही बताता है कि हम कैसे इंसान हैं। रवीना टंडन ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, आवारा जानवरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उम्मीद है कि इस फैसले को लागू करते समय इंसानियत और संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, अच्छे शेल्टर और सही तरीके से पुनर्वास जैसे उपाय लोगों और जानवरों, दोनों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।” आगे रवीना ने लिखा है, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रशासन, पशु कल्याण संगठनों और विशेषज्ञों के सहयोग से पंजाब इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ संभालने की मिसाल बन सकता है। हम बेजुबान जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, वही आखिरकार बताता है कि हम एक समाज के रूप में कैसे इंसान हैं।” क्या है पूरा मामला? देश में आवारा कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों की चपेट में आते रहते हैं। इस मामले पर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें शेल्टर हाउस भेजे जाने का आदेश दिया था। कई एनजीओ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश दिया और कहा कि जानलेवा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है और गरिमा के साथ जीने में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है। 19 मई को दिए गए इस मामले पर आखिरी फैसले के साथ ही कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश ही लागू होंगे। जो अफसर इनका पालन न करें, उन पर अवमानना का केस चले। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू, सोनम बाजवा समेत कई सेलेब्स इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट:मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान

‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।








