Monday, 28 Sep 2026 | 05:20 AM

Trending :

Ranbir Kapoor Birthday Special | Career Journey From Star Kid To Superstar गोविंदा विवाद में कश्मीरा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल को घेरा:सुनीता के सपोर्ट में कहा- को-स्टार को पर्सनल बातें कैसे पता; जानिए पूरा विवाद नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक भजन क्लबिंग में अचानक पहुंचे थे पीएम मोदी:'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल बोले- हमारे लिए सरप्राइज था; अचानक से आने की खबर मिली Ori Viral Wedding Card in Jaipur
EXCLUSIVE

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। वे इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकते। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है। राहुल मंगलवार शाम 7:15 बजे बैठक के लिए पहुंचे राहुल मंगलवार शाम 8:40 बजे मीटिंग से निकले राहुल का असहमति लेटर, 5 पॉइंट; कहा- आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। दो साल का ही कार्यकाल क्यों होता है 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल निर्धारित किया था। हालांकि परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। CBI डायरेक्टर का कार्यकाल सिर्फ दो साल का होता है। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद हिमाचल के हैं, 22 साल की उम्र में IPS बने प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे, जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ‌B Tech किया। 1986 में वे 22 साल की उम्र में IPS बने। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने IIM बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में MBA पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में SP रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसूरु में वे DCP भी रहे। सूद को 1996 में CM की ओर से गोल्ड मेडल मिल चुका है। इसके अलावा 2002 में पुलिस पदक और 2011 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस पदक दिया गया था। प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP भी रह चुके हैं। नए CBI डायरेक्टर की रेस में 3 नाम पराग जैन: मौजूदा वक्त में RAW चीफ शत्रुजीत कपूर: इस वक्त ITBP के डायरेक्टर जनरल हैं जीपी सिंह: CRPF के डायरेक्टर जनरल पद पर तैनात —————————– ये खबर भी पढ़ें… राहुल ने चीफ इन्फोर्मेशन कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए: पूछा- ST, OBC से कितने उम्मीदवार चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सिलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सिलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। मैं इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है। राहुल मंगलवार शाम 7:15 बजे बैठक के लिए पहुंचे राहुल मंगलवार शाम 8:40 बजे मीटिंग से निकले राहुल का असहमति लेटर, 5 पॉइंट; कहा- आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते हैं CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। दो साल का ही कार्यकाल क्यों होता है 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल तय किया था। हालांकि, परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद हिमाचल के हैं, 22 साल की उम्र में IPS बने प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे, जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ‌B Tech किया। 1986 में वे 22 साल की उम्र में IPS बने। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने IIM बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में MBA पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में SP रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसुरू में वे DCP भी रहे। सूद को 1996 में CM की ओर से गोल्ड मेडल मिल चुका है। इसके अलावा 2002 में पुलिस पदक और 2011 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस पदक दिया गया था। प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP भी रह चुके हैं। नए CBI डायरेक्टर की रेस में 3 नाम पराग जैन: मौजूदा वक्त में RAW चीफ शत्रुजीत कपूर: इस वक्त ITBP के डायरेक्टर जनरल हैं जीपी सिंह: CRPF के डायरेक्टर जनरल पद पर तैनात —————————– ये खबर भी पढ़ें… राहुल ने चीफ इन्फोर्मेशन कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए, पूछा- ST, OBC से कितने उम्मीदवार चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

सिंगर दिलजीत के मैनेजर के फॉर्म हाउस पर फायरिंग:पुलिस में मचा हड़कंप; एक घंटे की जांच के बाद सूचना निकली झूठी

सिंगर दिलजीत के मैनेजर के फॉर्म हाउस पर फायरिंग:पुलिस में मचा हड़कंप; एक घंटे की जांच के बाद सूचना निकली झूठी

करनाल जिले के निसिंग थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात 11 बजे सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरु प्रताप सिंह कांग के फॉर्म हाउस पर फायरिंग की अफवाह फैलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की कई गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंची, लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। करीब एक घंटे तक छानबीन के बाद पुलिस टीम लौट गई। गोंदर-डाचर रोड पर मिली सूचना मंगलवार रात पुलिस को सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैग के नाम से गोंदर-डाचर रोड पर स्थित गुरु प्रताप सिंह कांग के फॉर्म हाउस पर फायरिंग की पोस्ट मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया। सायरन बजाती पुलिस को देखकर इलाके में हलचल मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। मौके पर नहीं मिला कोई सबूत पुलिस जब फॉर्म हाउस पर पहुंची, तो वहां मौजूद लोग पुलिस को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि यहां किसी भी तरह की कोई फायरिंग नहीं हुई है और सभी लोग अपने-अपने घरों में सोए हुए थे। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की और आसपास का निरीक्षण किया, लेकिन फायरिंग से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं मिला। ये लिखा था पोस्ट में सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में लॉरेंस गैंग के नाम से दावा किया गया कि सिंगर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर फायरिंग की गई है। जिसमें जिम्मेवारी टायसन बिश्नोई, उसके भाई आरजू बिश्नोई और हरि बॉक्सर ने गोली चलवाई है। पोस्ट में यह भी लिखा कि सिंगर दिलजीत दोसांझ उनकी मैनेजर सोनाली और गुरप्रताप कांग को पहले ही संदेश दिया गया था। आसपास के गांवों में भी हलचल पुलिस के पहुंचने की खबर तेजी से फैल गई, जिसके बाद आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर जुटने लगे। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर इतनी पुलिस अचानक यहां क्यों पहुंची। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। पूर्व सरपंच जोगा सिंह ने किया खंडन पूर्व सरपंच जोगा सिंह ने भी फायरिंग की खबर को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि फॉर्म हाउस पर सभी लोग गेट बंद करके सो रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गेट खुलवाया और पूरी जांच की, लेकिन कोई भी संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। सोशल मीडिया पर फैली गैंग की चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा फैल गई कि फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। हालांकि इस तरह की किसी भी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसे अफवाह ही माना जा रहा है। निसिंग थाना के एसएचओ कृष्ण कुमार ने भी घर पर फायरिंग को लेकर इंकनार किया है।

विजय की ‘स्वर्णिम’ चुप्पी: उदयनिधि ने सनातन का अपमान किया | तमिलनाडु में नई सरकार लेकिन हिंदू अब भी दूसरे नंबर पर?

विजय की 'स्वर्णिम' चुप्पी: उदयनिधि ने सनातन का अपमान किया | तमिलनाडु में नई सरकार लेकिन हिंदू अब भी दूसरे नंबर पर?

सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी के बाद तमिलनाडु की राजनीति में ताजा विवाद देखने को मिल रहा है, जिससे राज्य भर में राजनीतिक और वैचारिक बहस फिर से शुरू हो गई है। आलोचक अब सवाल कर रहे हैं कि क्या विजय के नेतृत्व में नया राजनीतिक नेतृत्व तमिलनाडु में हिंदू पहचान, धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक राजनीति से संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाएगा। इस मुद्दे पर विजय की चुप्पी के आसपास की बहस ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों, समर्थकों और विपक्षी आवाजों से समान रूप से प्रतिक्रियाएं शुरू कर दी हैं, कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या राज्य में वास्तविक राजनीतिक बदलाव हो रहा है या क्या नए नेतृत्व के तहत पुरानी वैचारिक लड़ाई जारी रहेगी। n18oc_politicsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 12 मई, 2026, 21:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)डीएमके(टी)हिंदू राजनीति(टी)भारत की राजनीति(टी)राजनीतिक विश्लेषण(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राजनीतिक समाचार(टी)सनातन धर्म(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)उदयनिधि स्टालिन(टी)विजय

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई

भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। भागीरथ ने 12 मई को तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अग्रिम जमानत के साथ-साथ अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि महिला ने बेटी के जरिए उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की। दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और उसने उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। प्रेस बयान के मुताबिक, महिला ने अपनी बेटी को चारे की तरह इस्तेमाल कर बंदी साई भागीरथ को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है।

बैठकर या खड़े होकर पानी? जानिए शरीर पर इसके असर और कौन सा तरीका है सेहत के लिए सही

authorimg

Water Drinking Tips: भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर ऐसी छोटी-छोटी आदतें अपना लेते हैं, जिन पर ध्यान ही नहीं जाता. ऑफिस में जल्दी-जल्दी काम करते हुए, सफर के दौरान या घर में ही जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पी लेना अब आम बात बन चुकी है. उस वक्त हमें लगता है कि प्यास बुझ गई, बस काम खत्म. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पानी पीने का तरीका भी आपकी सेहत पर असर डाल सकता है? पुराने समय से ही घर के बड़े-बुजुर्ग इस बात पर जोर देते आए हैं कि पानी हमेशा बैठकर और आराम से पीना चाहिए. आज के समय में भले ही ये बातें पुरानी लगें, लेकिन कई लोग अब भी मानते हैं कि इसका सीधा संबंध हमारी हेल्थ से है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि खड़े होकर पानी पीने की आदत आखिर कितना असर डालती है और क्या हमें इसे बदलने की जरूरत है. डाइजेशन पर पड़ सकता है असरखड़े होकर पानी पीने की आदत का सबसे पहला असर आपके पाचन तंत्र पर पड़ता है. माना जाता है कि जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं, तो वह तेजी से पेट तक पहुंच जाता है. इस वजह से शरीर उसे सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता. क्या हो सकती हैं दिक्कतेंऐसी आदत लंबे समय तक बनी रहे तो गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई लोगों ने यह भी महसूस किया है कि जल्दी-जल्दी पानी पीने से खाना ठीक से पच नहीं पाता. वहीं, जब आप बैठकर धीरे-धीरे पानी पीते हैं, तो शरीर उसे बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब करता है. जोड़ों में दर्द की शिकायतपुराने अनुभवों के आधार पर यह भी कहा जाता है कि खड़े होकर पानी पीने से जोड़ों पर असर पड़ सकता है. बढ़ती उम्र में बढ़ सकती है परेशानीअगर यह आदत लंबे समय तक जारी रहती है, तो घुटनों में दर्द, जोड़ों में अकड़न और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. हालांकि, इसके पीछे कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन सावधानी रखना हमेशा बेहतर रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किडनी पर असर की चर्चाहमारी किडनी शरीर से गंदगी बाहर निकालने का अहम काम करती है. क्यों कहा जाता है नुकसानदायकमान्यता है कि खड़े होकर पानी पीने से पानी तेजी से शरीर में पहुंचता है, जिससे किडनी को उसे फिल्टर करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता. इसका असर शरीर की सफाई प्रक्रिया पर पड़ सकता है. हालांकि, इस दावे को लेकर मेडिकल रिसर्च अभी साफ नहीं है. शरीर को नहीं मिलती पूरी हाइड्रेशनकई लोगों का कहना है कि खड़े होकर पानी पीने से शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट होने का फायदा नहीं मिलता. बार-बार प्यास लगने की वजहपानी तेजी से नीचे की ओर बह जाता है, जिससे शरीर के सभी हिस्सों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाता. यही वजह है कि कुछ लोगों को बार-बार प्यास लगती रहती है, भले ही उन्होंने पर्याप्त पानी पिया हो. हार्ट और लंग्स पर भी असर?कुछ मान्यताओं के अनुसार, जब पानी तेजी से शरीर में जाता है, तो इससे शरीर के अंदर लिक्विड बैलेंस पर हल्का असर पड़ सकता है. हर किसी में नहीं दिखता असरकुछ लोगों को सीने में भारीपन या हल्की असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन यह समस्या हर व्यक्ति में नहीं होती. क्या है सही तरीका?अगर आप अपनी सेहत को लेकर सजग हैं, तो पानी पीने का तरीका बदलना मुश्किल नहीं है. अपनाएं ये आसान आदतेंहमेशा बैठकर और आराम से पानी पीने की कोशिश करें. छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बहुत ठंडा पानी पीने से बचें, क्योंकि इससे पाचन पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने की बजाय थोड़ा समय देना बेहतर रहता है.

केरल के सीएम पर जल्द ही ऐलान, राहुल गांधी के कांग्रेस नेताओं के साथ हंगामा, जानिए रेस में कौन-कौन से नाम

केरल के सीएम पर जल्द ही ऐलान, राहुल गांधी के कांग्रेस नेताओं के साथ हंगामा, जानिए रेस में कौन-कौन से नाम

केरल के नए मुख्यमंत्री: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्षों समेत कई नेताओं के साथ मंत्रणा की और जल्द ही नाम की घोषणा की जा सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के. मुरलीधरन का कहना है कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा मंगलवार देर शाम या बुधवार को की जा सकती है. कांग्रेस संसदीय दल के प्रमुख सोनिया गांधी के आवास ’10 जनपथ’ में हुई बैठक में राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस समिति के वरिष्ठ नेता और कद्दावर नेता से लेकर नोबल सदस्य के. सुधाकरन के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन हसन और के. मुरलीधरन और प्रदेश कांग्रेस समिति के तीन कार्यकारी अध्यक्ष पी.सी. विष्णुनाथ, शफी परम्बिल और ए.पी. अनिल कुमार के साथ अलग-अलग मंतव्य. मुरलीधरन का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मंगलवार शाम बेंगलुरु से दिल्ली पहुंच रहे हैं और फिर वह केरल के नेताओं के साथ बैठक करेंगे और इसके बाद सोनिया गांधी से भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल, पिछली विधानसभा में प्रतिद्वंद्वी नेता वीडी श्रीशेषन और वरिष्ठ नेता राकेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख उम्मीदवार माने जा रहे हैं। और पढ़ें: केरल विधानसभा चुनाव 2026 केसी वेणुगोपाल सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे, कांग्रेस आज रात या कल नाम तय कर सकती है केरल में मुख्यमंत्री चयन को लेकर कांग्रेस नेताओं की बैठक, जल्द हो सकती है घोषणा आठ मई को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने केरल के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में वेणुगोपाल, चेन्निथला और शेरशेन के अलावा केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख सनी जोसेफ और पार्टी की राज्य प्रभारी दीपा दासमुंशी भी शामिल हुए। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूएन समर्थकों के प्रमुख घटक संघ इंडियन मुस्लिम लीग (आइयू क्लास) ने सोमवार को मुख्यमंत्री के चयन में दी गई अंतिम घोषणा में कहा था कि लंबे समय तक अस्थिरता के राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। केरल में हाल ही में रॉयल्स इलेक्शन चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू एफईसी) ने राज्य में कुल 140 सीटों से 102 पर जीत दर्ज की। और पढ़ें: केरलम सीएम: केरलम का मुख्यमंत्री कौन होगा? खड़गे-राहुल के हाथों में आखिरी फैसला, 3 घंटे तक दिल्ली में चली बात | (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल(टी)राहुल गांधी(टी)केरल अगला सीएम(टी)सोनिया गांधी(टी)केरल ने(टी)केरल न्यूज(टी)केरल चुनाव(टी)राहुल गांधी(टी)केरल चुनाव(टी)अगला मुख्यमंत्री(टी)सोनिया गांधी(टी)केरल समाचार

सोनू निगम फैन से बोले-पिटने वाले काम क्यों करते हो:लाइव कॉन्सर्ट में फैन स्टेज पर चढ़ा; सोनू ने कहा- अगली बार नहीं बचा पाऊंगा

सोनू निगम फैन से बोले-पिटने वाले काम क्यों करते हो:लाइव कॉन्सर्ट में फैन स्टेज पर चढ़ा; सोनू ने कहा- अगली बार नहीं बचा पाऊंगा

सिंगर सोनू निगम कोल्हापुर में एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान अचानक एक फैन स्टेज पर चढ़ गया। वह स्टेज पर सिंगर के पैर छूने की कोशिश करने लगा। इस घटना से सोनू निगम काफी असहज नजर आए। उन्होंने अब सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए दर्शकों को सख्त चेतावनी दी है। कोल्हापुर में बीच शो में सुरक्षा चूक सोनू निगम पिछले हफ्ते कोल्हापुर में परफॉर्म कर रहे थे। वे अपने एक हिट गाने में मगन थे, तभी सफेद टी-शर्ट पहने एक युवक अचानक सिक्योरिटी घेरा तोड़कर स्टेज पर पहुंच गया। सोनू ने जैसे ही उसे अपनी तरफ आते देखा, वे गाना छोड़कर पीछे हट गए। फैन ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने की कोशिश की। इस वजह से शो को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। गुस्सा करने के बजाय फैन को थमाया माइक जब सिक्योरिटी टीम उस युवक को स्टेज से हटाने के लिए आई, तो सोनू ने उसे डांटने के बजाय शांत तरीके से हैंडल किया। उन्होंने उस फैन को अपना माइक थमा दिया और उसे गाने का मौका दिया। फैन ने ‘दबंग’ फिल्म का गाना ‘चोरी किया रे जिया’ की कुछ लाइनें गाईं। गाना खत्म करने के बाद उसने कहा, “कोल्हापुर लव्स यू।” हालांकि, सोनू निगम इस पूरी स्थिति से काफी परेशान और असहज दिखे। सोशल मीडिया पर दर्शकों को दी चेतावनी कंसर्ट के एक दिन बाद सोनू निगम ने इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “क्यों पिटने वाले काम करते हो ऑडियंस? इस बार तो बचा लिया, हर बार नहीं बचा पाऊंगा।” उन्होंने तंज कसते हुए वीडियो में फैन की हरकत पर “वाह, शाबाश!” भी कहा। लाइव शो में बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं कलाकारों के साथ लाइव शो के दौरान बदतमीजी या सुरक्षा में चूक की घटनाएं पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं। हाल ही में दिल्ली में ‘धुरंधर’ सिंगर जैस्मीन सैंडलस के साथ भी एक फैन ने स्टेज पर गलत व्यवहार किया था। इसके अलावा आतिफ असलम और सुनंदा शर्मा जैसे मशहूर सिंगर्स को भी कंसर्ट के दौरान ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ा है।

दुनिया के सबसे ऊंचे कृष्ण मंदिर का ट्रैक खुला:बर्फ कम होते ही पहुंचने लगे श्रद्धालु; 12,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित है मार्ग

दुनिया के सबसे ऊंचे कृष्ण मंदिर का ट्रैक खुला:बर्फ कम होते ही पहुंचने लगे श्रद्धालु; 12,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित है मार्ग

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे कृष्ण मंदिर (युल्ला कांडा) का ट्रैक बर्फ पिघलते ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। रोरा घाटी में 12,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह दुर्गम मार्ग भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में बंद रहता है। श्रद्धालु युल्ला खास गांव से 12 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पूरी कर यहां पहुंचते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर और झील का निर्माण पांडवों ने वनवास के दौरान किया था। यहां की सबसे बड़ी खासियत ‘किन्नौरी टोपी’ से जुड़ी परंपरा है। माना जाता है कि यदि श्रद्धालु झील में अपनी टोपी उल्टी कर तैराता है और वह बिना डूबे दूसरे किनारे पहुंच जाती है, तो उसकी मन्नत पूरी होती है। यह स्थान हिंदू और बौद्ध धर्म की आस्था का संगम भी है, जहां लामा भी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर परिसर से पवित्र किन्नर कैलाश की पहाड़ियों के स्पष्ट दर्शन होते हैं। हर साल जन्माष्टमी पर यहां ऐतिहासिक मेला भी लगता है। प्रशासन ने आगाह किया है कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और संकरे रास्तों के कारण यह ट्रैक जोखिम भरा है, इसलिए यात्री पूरी सावधानी के साथ ही यात्रा शुरू करें।

ब्राउन और व्हाइट शुगर में क्या अंतर होता है? जानिये सेहत पर इन दोनों का असर

google-color.svg

चीनी हमारे रोज़मर्रा के खान‑पान का अहम हिस्सा है. चाय, मिठाई, डेज़र्ट या फिर किसी रेसिपी में मिठास लाने के लिए हम आमतौर पर व्हाइट शुगर का इस्तेमाल करते हैं, जबकि आजकल सेहत के नाम पर ब्राउन शुगर भी काफ़ी लोकप्रिय हो गई है. कई लोग मानते हैं कि ब्राउन शुगर ज़्यादा हेल्दी होती है, लेकिन क्या सच में ऐसा है? आइए जानते हैं दोनों में अंतर, फायदे और उपयोग. 1. बनाने की प्रक्रियाव्हाइट शुगर गन्ने या चुकंदर के रस को पूरी तरह रिफाइन करके बनाई जाती है. इसमें मौजूद शीरा (molasses) पूरी तरह निकाल दिया जाता है, इसलिए इसका रंग बिल्कुल सफेद और स्वाद साफ़ मीठा होता है. ब्राउन शुगर या तो आंशिक रूप से रिफाइन की गई होती है या फिर व्हाइट शुगर में दोबारा शीरा मिलाकर बनाई जाती है. इसी शीरे के कारण इसका रंग भूरा और स्वाद हल्का‑सा कैरामेल जैसा होता है. 2. रंग, बनावट और स्वादव्हाइट शुगर के दाने सूखे, चमकदार और एक‑जैसे होते हैं. इसका स्वाद तेज़ और सीधा मीठा होता है.ब्राउन शुगर नमी वाली, थोड़ी चिपचिपी और मुलायम होती है. इसका स्वाद हल्का गहरा और खुशबूदार होता है. 3. पोषण मूल्यपोषण के लिहाज़ से दोनों लगभग एक‑सी ही हैं. ब्राउन शुगर में शीरे की वजह से बहुत थोड़ी मात्रा में कैल्शियम, पोटैशियम और आयरन हो सकता है, लेकिन यह मात्रा इतनी कम होती है कि इससे कोई खास पोषण लाभ नहीं मिलता. कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट दोनों में लगभग समान होते हैं. 4. सेहत पर प्रभावयह धारणा गलत है कि ब्राउन शुगर बहुत ज़्यादा हेल्दी होती है. दोनों ही शुगर्स का अधिक सेवन मोटापा, डायबिटीज़ और दांतों की समस्या बढ़ा सकता है. सेहत के लिए मात्रा पर नियंत्रण ज़्यादा ज़रूरी है, न कि रंग पर. 5. उपयोग में अंतरव्हाइट शुगर का इस्तेमाल चाय‑कॉफी, मिठाइयों और सामान्य पकाने में होता है.ब्राउन शुगर का उपयोग खासतौर पर केक, कुकीज़, सॉस और बेकिंग में किया जाता है, जहां इसका फ्लेवर स्वाद बढ़ाता है. निष्कर्षब्राउन शुगर और व्हाइट शुगर में मुख्य अंतर रंग, स्वाद और निर्माण प्रक्रिया का है, न कि सेहत का. दोनों का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर मिठास कम और संतुलित रखी जाए, तो यही सबसे अच्छा और समझदारी भरा विकल्प है.