Monday, 28 Sep 2026 | 07:52 PM

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सोना ₹3 हजार बढ़कर ₹1.51 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹18 हजार महंगा हो चुका, चांदी आज ₹6 हजार चढकर ₹2.46 लाख किलो बिक रही

सोना ₹3 हजार बढ़कर ₹1.51 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹18 हजार महंगा हो चुका, चांदी आज ₹6 हजार चढकर ₹2.46 लाख किलो बिक रही

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 6 मई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3 हजार रुपए बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले ये 1.48 लाख रुपए पर था। वहीं एक किलो चांदी 6 हजार रुपए बढ़कर 2.46 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले ये 2.40 लाख रुपए पर थी। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। सोना इस साल 18 हजार और चांदी 16 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 18 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 16 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.46 लाख रुपए पर पहुंच गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

ममता बनर्जी की हार पर देवोलीना का तंज:चुनाव नतीजों पर बोलीं- बुरा सपना खत्म हुआ; प्रदेश में अब नो रुम्बा तुम्बा, सिर्फ ढिंका चिका

ममता बनर्जी की हार पर देवोलीना का तंज:चुनाव नतीजों पर बोलीं- बुरा सपना खत्म हुआ; प्रदेश में अब नो रुम्बा तुम्बा, सिर्फ ढिंका चिका

‘साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा है। देवोलीना ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई कि बंगाल में अब बदलाव आ गया है। बंगाल की रहने वाली एक्ट्रेस ने ममता बनर्जी की हार पर खुशी जताते हुए उन्हें प्रदेश के लिए एक ‘बुरा सपना’ बताया है। देवोलीना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर साफ कहा कि वह किसी राजनेता से अगर सबसे ज्यादा नफरत करती हैं, तो वो ममता बनर्जी ही हैं। ममता को बताया सबसे नापसंद नेता देवोलीना ने ट्विटर (X) पर लिखा कि बंगाल ने पिछले कई सालों में सबसे बुरा दौर देखा है। उन्होंने लिखा, “अगर मैंने कभी किसी राजनेता से नफरत की है, तो वो यही हैं। आरजी (राहुल गांधी) और उनके गैंग से भी ज्यादा।” एक्ट्रेस का मानना है कि बंगाल में बदलाव की सख्त जरूरत थी और अब जाकर जनता को राहत मिली है। उन्होंने ममता और उनकी टीम को सीधे ‘टाटा’ कह दिया। राहुल गांधी और उनके सेंस ऑफ ह्यूमर पर टिप्पणी अपने पोस्ट में देवोलीना ने राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “असल में मुझे लगता है कि आरजी एक अच्छे इंसान हैं और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी कमाल का है, जो केंद्र सरकार के लिए हमेशा फायदेमंद साबित होता है।” हालांकि, ममता बनर्जी के मामले में उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब वह बंगाल की राजनीति में कभी नहीं दिखेंगी। ‘नो रुम्बा तुम्बा, अब सिर्फ ढिंका चिका’ देवोलीना ने अपने ट्वीट के आखिर में बंगाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि अब बंगाल में कोई ‘रुम्बा तुम्बा ज़ुम्बा’ नहीं चलेगा। उन्होंने लिखा, “पलटानो दरकर चिलो सो पालते गेइछे (बदलाव की जरूरत थी और वो हो गया)। अब बंगाल में सिर्फ ढिंका चिका, ढिंका चिका होगा।” शादी के बाद एक्टिंग से ब्रेक पर हैं देवोलीना फिलहाल देवोलीना छोटे पर्दे से दूर हैं और अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। उन्होंने दिसंबर 2022 में शनावाज शेख से शादी की थी और दिसंबर 2024 में उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम जॉय रखा है। देवोलीना ‘साथ निभाना साथिया’ के अलावा ‘बिग बॉस’ जैसे बड़े शोज का हिस्सा रह चुकी हैं।

ममता बनर्जी की हार पर देवोलीना का तंज:चुनाव नतीजों पर बोलीं- बुरा सपना खत्म हुआ; प्रदेश में अब नो रुम्बा तुम्बा, सिर्फ ढिंका चिका

ममता बनर्जी की हार पर देवोलीना का तंज:चुनाव नतीजों पर बोलीं- बुरा सपना खत्म हुआ; प्रदेश में अब नो रुम्बा तुम्बा, सिर्फ ढिंका चिका

‘साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा है। देवोलीना ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई कि बंगाल में अब बदलाव आ गया है। बंगाल की रहने वाली एक्ट्रेस ने ममता बनर्जी की हार पर खुशी जताते हुए उन्हें प्रदेश के लिए एक ‘बुरा सपना’ बताया है। देवोलीना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर साफ कहा कि वह किसी राजनेता से अगर सबसे ज्यादा नफरत करती हैं, तो वो ममता बनर्जी ही हैं। ममता को बताया सबसे नापसंद नेता देवोलीना ने ट्विटर (X) पर लिखा कि बंगाल ने पिछले कई सालों में सबसे बुरा दौर देखा है। उन्होंने लिखा, “अगर मैंने कभी किसी राजनेता से नफरत की है, तो वो यही हैं। आरजी (राहुल गांधी) और उनके गैंग से भी ज्यादा।” एक्ट्रेस का मानना है कि बंगाल में बदलाव की सख्त जरूरत थी और अब जाकर जनता को राहत मिली है। उन्होंने ममता और उनकी टीम को सीधे ‘टाटा’ कह दिया। राहुल गांधी और उनके सेंस ऑफ ह्यूमर पर टिप्पणी अपने पोस्ट में देवोलीना ने राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “असल में मुझे लगता है कि आरजी एक अच्छे इंसान हैं और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी कमाल का है, जो केंद्र सरकार के लिए हमेशा फायदेमंद साबित होता है।” हालांकि, ममता बनर्जी के मामले में उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब वह बंगाल की राजनीति में कभी नहीं दिखेंगी। ‘नो रुम्बा तुम्बा, अब सिर्फ ढिंका चिका’ देवोलीना ने अपने ट्वीट के आखिर में बंगाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि अब बंगाल में कोई ‘रुम्बा तुम्बा ज़ुम्बा’ नहीं चलेगा। उन्होंने लिखा, “पलटानो दरकर चिलो सो पालते गेइछे (बदलाव की जरूरत थी और वो हो गया)। अब बंगाल में सिर्फ ढिंका चिका, ढिंका चिका होगा।” शादी के बाद एक्टिंग से ब्रेक पर हैं देवोलीना फिलहाल देवोलीना छोटे पर्दे से दूर हैं और अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। उन्होंने दिसंबर 2022 में शनावाज शेख से शादी की थी और दिसंबर 2024 में उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम जॉय रखा है। देवोलीना ‘साथ निभाना साथिया’ के अलावा ‘बिग बॉस’ जैसे बड़े शोज का हिस्सा रह चुकी हैं।

नाखून और बाल काटने पर क्यों नहीं होता है दर्द? शायद ही जानते होंगे जवाब, यह है असली वजह

नाखून और बाल काटने पर क्यों नहीं होता है दर्द? शायद ही जानते होंगे जवाब, यह है असली वजह

Last Updated:May 06, 2026, 12:16 IST Why Cutting Nails and hair no pain: क्या कभी आपने सोचा है कि शरीर के एक कतरे में भी कहीं छोटी सी सूई चुभ जाती है या जल जाती है तो हम छटपटाने लगते हैं लेकिन शरीर के ही अंग नाखून और बाल को जब हम काटते हैं तो हमें रत्ती भर दर्द नहीं होता. बेशक इसके वैज्ञानिक कारण है लेकिन यह एक तरह से कुदरत का करिश्मा है. दरअसल हमारे शरीर के ये दो हिस्से मरे हुए होते हैं, लेकिन पूरी तरह से नहीं! आइए जानते हैं इसके पीछे का वह रहस्य जो आज भी बहुत से लोगों के लिए पहेली बना हुआ है. विज्ञान चाहे कितनी भी तरक्की कर ले इंसानी शरीर कुदरत का अद्भुत करिश्मा है. जब हल्की सी सुई चुभने भर से हम दर्द से कराह उठते हैं, वहीं कैंची से बाल काटने या नेल कटर से नाखून काटने पर हमें रत्ती भर भी अहसास नहीं होता. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? लोग अक्सर इसे एक सामान्य बात मानकर टाल देते हैं, लेकिन इसके पीछे विज्ञान का एक बहुत बड़ा कारण है. हमारी त्वचा और मांसपेशियों में करोड़ों नर्व सेल्स होते हैं. कहीं भी चोट लगती है तो ये नसें तुरंत दिमाग को सिग्नल भेजती हैं जिससे हमें दर्द महसूस होता है. इसलिए हमें दर्द साफ-साफ महसूस होता है. लेकिन बाल और नाखून के मामले में बात अलग होती है. इनका बाहरी हिस्सा ‘केराटिन’ नाम के मजबूत प्रोटीन से बना होता है, जो मृत कोशिकाएं होती हैं. मतलब इन हिस्सों में नसें या खून की नलियां नहीं होतीं. इसलिए बाल या नाखून काटने पर नहीं दर्द होता है और न खून निकलता है. यह हमारे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा है. अगर ऐसा न होता तो हर बार बाल या नाखून काटना बहुत मुश्किल हो जाता. Add News18 as Preferred Source on Google लेकिन बाल पूरी तरह से मृत नहीं होते. हम जो हिस्सा देखते हैं वो ही मृत होता है. बाल की जड़ें (फॉलिकल्स) त्वचा के अंदर होती हैं और वो जीवित कोशिकाओं और नसों से जुड़ी रहती हैं. इसलिए बाल काटने पर दर्द नहीं होता, लेकिन अगर बाल को जोर से खींचा जाए तो तुरंत दर्द महसूस होता है.   साधारण शब्दों में समझें तो हमारे बाल और नाखून मृत कोशिकाओं से बने होते हैं. चूंकि ये कोशिकाएं जीवित नहीं होतीं, इसलिए इनमें तंत्रिकाएं नहीं होतीं जो मस्तिष्क तक दर्द का संकेत भेज सकें. इसलिए जब हम बाल काटते हैं तो हमें दर्द का अहसास बिल्कुल नहीं होता. दूसरी ओर नाखून और बाल में केराटिन प्रोटीन होता है जो निर्जीव होता है. यह प्रोटीन काफी सख्त होता है और इसमें ब्लड सर्कुलेशन नहीं होता. नाखून असल में हमारी उंगलियों के नाजुक सिरों की सुरक्षा के लिए होते हैं. ये मृत हिस्से हमारे शरीर के ऐसे एक्सटेंशन हैं जो बिना किसी दर्द के बढ़ते और कटते रहते हैं. (डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य अनुमान पर आधारित है. News18  ने इसकी पुष्टि नहीं की है. कृपया इन्हें अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

‘कोई विभाजन नहीं है’: अन्नाद्रमुक ने टीवीके गठबंधन पर आंतरिक दरार की अफवाहों को खारिज किया, कहा गेंद विजय के पाले में है | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 11:50 IST अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि पार्टी के भीतर “एकजुट सहमति” थी और इस बात पर जोर दिया कि नेतृत्व टीवीके के साथ गठबंधन पर अंतिम फैसला करेगा। एआईएडीएमके प्रवक्ता कोवई सत्यन तमिलनाडु सरकार का गठन: तमिलनाडु में तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) को समर्थन देने पर आंतरिक विभाजन की अटकलों के बीच, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने बुधवार को विभाजन की अफवाहों को खारिज कर दिया, और कहा कि पार्टी एकजुट है और टीवीके को समर्थन देने पर कोई भी निर्णय अभिनेता से नेता बने विजय पर निर्भर करता है। लाइव अपडेट का पालन करें पत्रकारों से बात करते हुए, अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि पार्टी के भीतर एक “एकजुट सहमति” थी और इस बात पर जोर दिया कि नेतृत्व चुनाव के बाद किसी भी संभावित गठबंधन पर अंतिम फैसला करेगा। समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से सत्यन ने कहा, “एआईएडीएमके में कोई विभाजन नहीं है। हर कोई आम सहमति में है। गेंद श्री विजय के पाले में है। बहुमत का फैसला आलाकमान द्वारा लिया जाएगा। अगर उन्हें सपने को हकीकत में बदलना है, तो यह श्री विजय की तरफ से आना होगा।” #घड़ी | चेन्नई, तमिलनाडु: यह पूछे जाने पर कि क्या एआईएडीएमके टीवीके को समर्थन देगी, एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन कहते हैं, “गेंद श्री विजय के पाले में है। बहुमत का निर्णय आलाकमान द्वारा लिया जाएगा। अगर उन्हें सपने को हकीकत में बदलना है, तो यह श्री से आना होगा… pic.twitter.com/G1ezhI7Ge0– एएनआई (@ANI) 6 मई 2026 उन्होंने कहा, “गेंद श्री विजय के पाले में है और उन्हें सोच-समझकर निर्णय लेना होगा कि क्या वह 5 साल का कार्यकाल पूरा करना चाहते हैं या कई और पार्टियों को विश्वास में लेने की कोशिश करना चाहते हैं। राज्यपाल ने टीवीके खेमे में विधायकों की संख्या पर स्पष्टता मांगी है। विकास हो रहा है।” उनकी टिप्पणी एआईएडीएमके के दो-तिहाई से अधिक विधायकों के सीवी षणमुगम के चेन्नई कार्यालय में एकत्र होने के बाद आई, जिसमें पार्टी नेतृत्व से टीवीके को समर्थन देने पर विचार करने का आग्रह किया गया, जो वर्तमान में तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत से कम है। और पढ़ें: एआईएडीएमके में दरार? विजय का समर्थन करने वाले दो-तिहाई से अधिक विधायकों ने सीवी षणमुगम के चेन्नई कार्यालय में मुलाकात की कथित तौर पर लगभग 35 विधायकों ने बैठक में भाग लिया और कहा जाता है कि उन्होंने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी से टीवीके के साथ गठबंधन का पता लगाने का अनुरोध किया है। हालाँकि, सत्यन ने कहा कि कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और दोहराया कि पार्टी आलाकमान कार्रवाई का फैसला करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके ने समर्थन के लिए औपचारिक रूप से किसी पार्टी से संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा, “अगर वे स्थिरता चाहते हैं, तो उन्हें फैसला लेना चाहिए। कुछ गति है। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे।” इस बीच, टीवीके ने कहा है कि उसने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से संबद्ध किसी भी पार्टी के साथ चर्चा नहीं की है। तमिलनाडु चुनाव तमिलनाडु में एक बड़ा राजनीतिक झटका देखने को मिला है, जहां पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों में से कोई भी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने नहीं आई है। अपने पहले चुनाव में, तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतीं, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने 47 सीटें हासिल कीं। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को बड़ा झटका लगा, उसने केवल 59 सीटें जीतीं, शेष सीटें कांग्रेस और वामपंथी समूहों सहित छोटी पार्टियों के पास गईं। टीवीके ने पहले ही पांच कांग्रेस विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया है और अब अतिरिक्त समर्थन हासिल करने और अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) जैसी पार्टियों के साथ-साथ अन्य पार्टियों तक पहुंच रही है। विजय के 7 मई को चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘कोई विभाजन नहीं है’: अन्नाद्रमुक ने टीवीके गठबंधन पर आंतरिक दरार की अफवाहों को खारिज किया, कहा गेंद विजय के पाले में है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सरकार का गठन(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके गठबंधन(टी)एआईएडीएमके समर्थन(टी)विजय तमिलनाडु सीएम(टी)त्रिशंकु विधानसभा तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु राजनीतिक संकट(टी)द्रविड़ पार्टियां तमिलनाडु

बंगाल में अशांति के बाद तनाव, कोलकाता के बाद अब संदेशखाली में पुलिस-केंद्रीय बल पर बमबारी

बंगाल में अशांति के बाद तनाव, कोलकाता के बाद अब संदेशखाली में पुलिस-केंद्रीय बल पर बमबारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद काफी रंगीन हो गए। कई स्थानों से हिंसा, शत्रु और शत्रुओं की खबरें सामने आ रही हैं। मंगलवार (5 मई) को संदेशखाली के बामनघेरी क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। गुंडों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर पुलिस पर फायरिंग की। राइफल में तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं. सरबेरिया-गरती ग्राम पंचायत के बामनघेरी क्षेत्र (वार्ड संख्या 14) में राजनीतिक तनाव भड़काने वाला संदेश उठा। मंगलवार देर रात जब केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पुलिस के एक इलाके में तोड़फोड़ की गई, इसी दौरान उपद्रवियों ने कथित तौर पर गोलीबारी की सूचना दी। इलाक़े में तालिबान की घटना के बाद तनाव का माहौल है। क्षेत्र में कई हिंसा की घटनाएँ सामने आईं इससे पहले मंगलवार को कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में बीजेपी के एक कार्यकर्ता की पीट-पीटकर की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि इस घटना में रेस्तरां का हाथ है. इस हत्या के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फूट पड़ा। हमले में कहा गया कि पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। न्यूटाउन ही नहीं, राज्य के कई और एशिया से भी हिंसा की खबरें आती हैं। हावड़ा के जगतवर्षपुर में रेस्तरां के जंगल में आग लग गई, जबकि कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके में भी भीषण तबाही मच गई। वहीं, जलपाईगुड़ी, दक्षिण 24 परगना और आसनसोल जैसे तेलंगाना में भी आश्रम और भाजपा समर्थकों के बीच आवेश और उग्र घटनाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: बंगाल में सरकार की शपथ कब लेंगे? बीजेपी नेताओं ने बताई तारीख, मोदी ने रखी मुहर” href=’https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-election-result-2026-bjp-President-samik-bhattcharya-statement-on-victory-specially-thanked-diaspore-for-win-information-on-swearing-in-ceremony-3125399′ target=”_self”>पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: बंगाल में सरकार की शपथ कब लेंगे? बीजेपी नेताओं ने बताई तारीख, मोदी ने रखी मुहर हिंसा की घटनाओं को लेकर EC सख्त हिंसा की घटनाओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जो भी लोग हिंसा फैलाने या हिंसा करने में शामिल हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। सीईसी ने राज्य के बड़े अधिकारियों जैसे मुख्य सचिव, कुणाल, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख ठिकानों (डीजी) को रहने की आवश्यकता बताई है। साथ ही सभी वास्तुशिल्पियों, एसपी और पुलिस अधिकारियों को भी छात्रावास में रहने का आदेश दिया गया है। चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जाएगा। हिंसा भड़काने और दुश्मनी करने वाले तुरंत गिरफ्तार होंगे। बंगाल में नई सरकार बनने की हलचल तेज, EC ने भेजा नोटिस, 8 मई को होगी बीजेपी विधायकों की बैठक” href=’https://www.abplive.com/elections/west-bengal-assembly-election-ec-notification-for-government-formation-bjp-mla-meeting-on-may-8-when-will-swearing-in-ceremony-3125789′ target=”_self”>बंगाल में नई सरकार बनने की हलचल तेज, EC ने भेजा नोटिस, 8 मई को होगी बीजेपी विधायकों की बैठक

‘आपके नेतृत्व की विफलता’: वोट चोरी के दावों पर राहुल गांधी, किरेन रिजिजू के बीच जुबानी जंग | भारत समाचार

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 09:51 IST एक्स पर एक पोस्ट में, राहुल गांधी ने भगवा पार्टी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और दावा किया कि “कभी-कभी वोट चोरी के माध्यम से सीटें चुरा ली जाती हैं, कभी-कभी पूरी सरकारें।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को असम और पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में वोट चोरी के अपने आरोपों को दोहराया और इन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को जनादेश की “चोरी” और भारतीय लोकतंत्र को “नष्ट” करने के भगवा पार्टी के मिशन में एक बड़ा कदम बताया। एक्स पर एक पोस्ट में, लोकसभा में विपक्ष के नेता ने भगवा पार्टी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और दावा किया कि “कभी-कभी वोट चोरी के माध्यम से सीटें चुरा ली जाती हैं, कभी-कभी पूरी सरकारें।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि लोकसभा में भाजपा के 240 सांसदों में से, ‘लगभग हर छठा सांसद वोट चोरी के जरिए जीता है।’ “कभी-कभी वोट चोरी करके सीटें चुरा ली जाती हैं, कभी-कभी पूरी सरकारें। लोकसभा में 240 भाजपा सांसदों में से, लगभग हर छठा सांसद वोट चोरी करके जीता है। उन्हें पहचानना मुश्किल नहीं है – क्या हमें उन्हें भाजपा की अपनी भाषा में “घुसपैठिए” कहना चाहिए?” उसने कहा। वोट चोरी से कभी मूर्ति लूटी जाती है, कभी पूरी सरकार। पहचानना मुश्किल नहीं – उन्हें बीजेपी की भाषा में “घुसपैठिए” क्या कहते हैं? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है। जो संस्थाएं अपनी जेब में… – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 6 मई 2026 उन्होंने पिछले साल के हरियाणा विधानसभा चुनावों के जनादेश पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया कि वहां की “पूरी सरकार” चुनावी प्रक्रियाओं में हेराफेरी का नतीजा थी। कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर समझौता करने का आरोप लगाते हुए आरोप लगाया कि यह “रिमोट से नियंत्रित” है और मतदाता सूचियों और व्यापक चुनाव प्रणाली के साथ छेड़छाड़ करने में लगा हुआ है। “जिन संस्थाओं को वे अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करते हैं – वे स्वयं “रिमोट से नियंत्रित” हैं। उनका असली डर सच्चाई है. क्योंकि अगर निष्पक्ष चुनाव होते तो आज भी वे 140 सीटें नहीं जीत पाते.” गांधी ने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ दल का “असली डर ही सच्चाई है,” उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनावी परिस्थितियों में, भाजपा संसद में 140 सीटें भी हासिल करने के लिए संघर्ष करेगी। इससे पहले सोमवार को, कांग्रेस नेता ने इसी तरह के दावों को दोहराते हुए कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चुनाव आयोग के समर्थन से भाजपा द्वारा “चोरी” किए गए थे। असम और बंगाल चुनाव आयोग के समर्थन से भाजपा द्वारा चुनाव जीतने के स्पष्ट मामले हैं। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चोरी हो गईं. हमने यह प्लेबुक पहले भी देखी है: मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, लोकसभा 2024 आदि। चुनावी चोरी,… – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 4 मई 2026 उन्होंने कहा था, “असम और बंगाल चुनाव आयोग के समर्थन से भाजपा द्वारा चुनाव चुराए जाने के स्पष्ट मामले हैं। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से अधिक सीटें चोरी हो गईं।” उन्होंने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सहमत हैं, जिन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया कि वह नतीजों के बावजूद चुनाव नहीं हारी हैं और दावा किया कि फैसला एक “साजिश” का परिणाम था। मंगलवार को परिणाम के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी “नैतिक रूप से” जीत गई है और आरोप लगाया कि फैसला बल से प्रभावित था। बीजेपी ने जवाब दिया केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया और कांग्रेस पर अपनी राजनीतिक कमियों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बार-बार मिल रही चुनावी असफलताएं चुनावी प्रक्रिया में प्रणालीगत खामियों के बजाय “नेतृत्व की विफलता” का प्रतिबिंब थीं। रिजिजू ने विशिष्ट समुदाय-आधारित चुनावी समर्थन पर कांग्रेस पार्टी की निर्भरता के बारे में भी चिंता जताई। असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय से बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, जबकि गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों की सफलता दर तुलनात्मक रूप से कम है। राहुल गांधी जी, यही कारण है तो दूसरों को दोष क्यों दें!! यह आपके नेतृत्व की विफलता है. मुसलमानों का सम्मान करें और मुसलमानों को महज वोट बैंक न समझें। असम में कांग्रेस के जीते हुए 19 विधायकों में से 18 मुस्लिम हैं। कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए 20 मुसलमानों में से 18 ने जीत हासिल की है। इनमें से केवल 1… pic.twitter.com/kpDknQQoNM – किरेन रिजिजू (@KirenRijiju) 6 मई 2026 रिजिजू ने कांग्रेस नेतृत्व को समुदायों को “वोट बैंक” के रूप में कम करने के प्रति आगाह किया और पार्टी से अधिक समावेशी राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी नीतियों की आलोचना लोकतांत्रिक चर्चा का एक वैध हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने के खिलाफ चेतावनी दी। रिजिजू ने भारत के चुनाव आयोग जैसे निकायों को निशाना बनाने वाली हालिया विपक्षी टिप्पणियों के स्पष्ट संदर्भ में कहा, “जितना अधिक आप संवैधानिक प्राधिकारियों पर हमला करेंगे, उतना ही अधिक आप विश्वसनीयता खोने का जोखिम उठाएंगे।” उन्होंने आगे विपक्षी नेताओं से चुनावी नतीजों को लोकतांत्रिक इच्छा की स्पष्ट अभिव्यक्ति के रूप में पेश करते हुए “लोगों के जनादेश का सम्मान करने” का आह्वान किया। विधानसभा चुनाव परिणाम ये टिप्पणियां तब आईं जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की, 206 सीटें जीतीं – दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी आगे – और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत हुआ। दशकों में पहली बार, पश्चिम बंगाल उसी पार्टी द्वारा शासित होने की ओर अग्रसर है जो केंद्र में सत्ता रखती है, इस विकास के दूरगामी प्रशासनिक और राजनीतिक परिणाम होने की संभावना है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने असम

पलाश मुच्छल पर केस दर्ज:स्मृति मंधाना के दोस्त का आरोप- 25 लाख रुपए नहीं लौटाए; स्मृति से टूट चुकी शादी

पलाश मुच्छल पर केस दर्ज:स्मृति मंधाना के दोस्त का आरोप- 25 लाख रुपए नहीं लौटाए; स्मृति से टूट चुकी शादी

म्यूजिक कंपोजर और फिल्म मेकर पलाश मुच्छल के खिलाफ महाराष्ट्र के सांगली में केस दर्ज हुआ है। उन पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना के बचपन के दोस्त विज्ञान प्रकाश माने ने दर्ज कराई है। पलाश पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और धोखाधड़ी का आरोप है। टोल प्लाजा पर हुआ विवाद पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 22 नवंबर को सांगली-आष्टा रोड पर स्थित एक टोल प्लाजा के पास हुई। शिकायतकर्ता विज्ञान माने का आरोप है कि एक बहस के दौरान पलाश मुच्छल ने उनके खिलाफ अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी की। पुलिस ने इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 3(1) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया है। 25 लाख रुपए का लेन-देन है विवाद की जड़ मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि यह पूरा विवाद पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। आरोप है कि पलाश मुच्छल ने एक फिल्म प्रोडक्शन प्रोजेक्ट के नाम पर विज्ञान माने से 25 लाख रुपए लिए थे। पलाश ने वादा किया था कि फिल्म छह महीने में पूरी हो जाएगी। जब लंबे समय तक प्रोजेक्ट पर काम नहीं हुआ, तो विज्ञान ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई थी। शिकायतकर्ता बोले- पलाश ने धोखा दिया विज्ञान माने ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, “पलाश ने मुझे भरोसा दिलाया था कि फिल्म जल्द पूरी होगी, लेकिन वह धोखेबाज निकला। जब मैंने अपने पैसे मांगे, तो वह बात को टालने लगा। जब मैंने उसे टोका, तो उसने बहुत ही गंदी भाषा का इस्तेमाल किया। मैं उन शब्दों को कैमरे पर दोहरा भी नहीं सकता। उसका बर्ताव बहुत ही परेशान करने वाला है।” स्मृति मंधाना से टूटा था रिश्ता इससे पहले पलाश पर स्मृति को धोखा देने के आरोप भी लग चुके हैं। पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना लंबे समय तक रिलेशनशिप में थे। दोनों की सगाई हो चुकी थी और चर्चा थी कि नवंबर 2025 में सांगली में ही दोनों शादी के बंधन में बंधेंगे। हालांकि, कुछ समय पहले ही दोनों ने सोशल मीडिया पर अपने अलग होने की जानकारी दी थी। ब्रेकअप की वजह का खुलासा नहीं हुआ था, लेकिन अब स्मृति के दोस्त द्वारा दर्ज कराए गए इस केस ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

पलाश मुछाल पर केस दर्ज:स्मृति मंधाना के दोस्त का आरोप- 25 लाख रुपए नहीं लौटाए; स्मृति से टूट चुकी शादी

पलाश मुछाल पर केस दर्ज:स्मृति मंधाना के दोस्त का आरोप- 25 लाख रुपए नहीं लौटाए; स्मृति से टूट चुकी शादी

म्यूजिक कंपोजर और फिल्म मेकर पलाश मुछाल के खिलाफ महाराष्ट्र के सांगली में केस दर्ज हुआ है। उन पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना के बचपन के दोस्त विज्ञान प्रकाश माने ने दर्ज कराई है। पलाश पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और धोखाधड़ी का आरोप है। टोल प्लाजा पर हुआ विवाद पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 22 नवंबर को सांगली-आष्टा रोड पर स्थित एक टोल प्लाजा के पास हुई। शिकायतकर्ता विज्ञान माने का आरोप है कि एक बहस के दौरान पलाशमुछाल ने उनके खिलाफ अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी की। पुलिस ने इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 3(1) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया है। 25 लाख रुपए का लेन-देन है विवाद की जड़ मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि यह पूरा विवाद पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। आरोप है कि पलाश मुछाल ने एक फिल्म प्रोडक्शन प्रोजेक्ट के नाम पर विज्ञान माने से 25 लाख रुपए लिए थे। पलाश ने वादा किया था कि फिल्म छह महीने में पूरी हो जाएगी। जब लंबे समय तक प्रोजेक्ट पर काम नहीं हुआ, तो विज्ञान ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई थी। शिकायतकर्ता बोले- पलाश ने धोखा दिया विज्ञान माने ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, “पलाश ने मुझे भरोसा दिलाया था कि फिल्म जल्द पूरी होगी, लेकिन वह धोखेबाज निकला। जब मैंने अपने पैसे मांगे, तो वह बात को टालने लगा। जब मैंने उसे टोका, तो उसने बहुत ही गंदी भाषा का इस्तेमाल किया। मैं उन शब्दों को कैमरे पर दोहरा भी नहीं सकता। उसका बर्ताव बहुत ही परेशान करने वाला है।” स्मृति मंधाना से टूटा था रिश्ता इससे पहले पलाश पर स्मृति को धोखा देने के आरोप भी लग चुके हैं। पलाश मुछाल और स्मृति मंधाना लंबे समय तक रिलेशनशिप में थे। दोनों की सगाई हो चुकी थी और चर्चा थी कि नवंबर 2025 में सांगली में ही दोनों शादी के बंधन में बंधेंगे। हालांकि, कुछ समय पहले ही दोनों ने सोशल मीडिया पर अपने अलग होने की जानकारी दी थी।

मंत्री बनेंगे निशांत, शपथ के लिए कल यात्रा कैंसिल की:JDU ने CM सम्राट को सौंपी मंत्रियों की लिस्ट; नीतीश के आवास पर लगी मुहर

मंत्री बनेंगे निशांत, शपथ के लिए कल यात्रा कैंसिल की:JDU ने CM सम्राट को सौंपी मंत्रियों की लिस्ट; नीतीश के आवास पर लगी मुहर

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सम्राट कैबिनेट में मंत्री बनेंगे। कल वो गांधी मैदान में मंत्री पद की शपथ लेंगे। बताया जा रहा है कि देर रात चली JDU नेताओं की मीटिंग के बाद निशांत मंत्री बनने के लिए मान गए हैं। इस बीच 7 मई को होने वाली उनकी सद्भावना यात्रा भी कैंसिंल हो गई है। वे कल शपथ समरोह में होंगे, इसलिए उनकी यात्रा कैंसिल की गई है। 9 मई से दोबारा उनकी यात्रा शुरू होगी। शेड्यूल जल्द जारी की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी दिल्ली से पटना पहुंच गए हैं। 7 सर्कुलर रोड स्थित नीतीश कुमार के आवास पर जदयू नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद नीतीश खुद विधायकों को विदा करने के लिए आवास से बाहर निकले। जानकारी के मुताबिक, बैठक में मंत्रियों के नाम पर फाइनल मुहर लग गई है। जिसके बाद एक ही गाड़ी में संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी मंत्रियों की लिस्ट के साथ सीएम सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े कुछ अपडेट्स पार्टी नेताओं के समझाने के बाद माने निशांत निशांत ने शुरुआत में सरकार का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया था। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे और किसी पद को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। जानकारी के अनुसार, JDU के वरिष्ठ नेताओं और करीबी लोगों ने उन्हें बीती रात समझाया कि मौजूदा समय में उनका सरकार में शामिल होना पार्टी और राज्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। सम्राट चौधरी ने भी CM बनने के बाद कहा था- निशांत कैबिनेट में साथ आएं तो मुझे खुशी होगी। निशांत फिलहाल बिहार यात्रा पर हैं। 27 मंत्री ले सकते हैं शपथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को सीएम पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू के दो नेताओं (विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव) ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। 7 मई को 27 मंत्री गांधी मैदान में शपथ ले सकते हैं। इनमें भाजपा से 12, जदयू से 11, लोजपा (रा.) से 2 तथा हम व रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे। आगे की राजनीतिक संभावनाओं के मद्देनजर मंत्रियों की 6 सीटें खाली रखने की संभावना है। विधायकों की संख्या के हिसाब से बिहार में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री बन सकते हैं। बिहार सद्भावना यात्रा पर हैं निशांत निशांत कुमार बिहार सद्भावना यात्रा पर हैं। पिछले कुछ समय से निशांत कुमार लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे आम लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और अपने पिता नीतीश कुमार के कार्यकाल के विकास कार्यों पर फीडबैक भी ले रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह ग्राउंड कनेक्ट उन्हें आगे की राजनीति में अहम भूमिका दिला सकता है। फिलहाल, आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के दावों ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। निशांत की यात्रा में कोई ब्रांडिंग नहीं निशांत जिस रथ से सद्भावना यात्रा कर रहे है उसमें किसी तरीके का कोई बदलाव नहीं किया गया है। निशांत की कोई ब्रांडिंग नहीं की गई है। ये वही निश्चय रथ है, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यात्रा पर निकलते थे। निशांत अपनी यात्रा के लिए पटना से रवाना हो गए। 8 मार्च 2026 को निशांत ने राजनीति में कदम रखा 8 मार्च 2026 बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार ने JDU की सदस्यता ली। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। हालांकि कार्यक्रम में नीतीश मौजूद नहीं थे। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत ने कहा, ‘मैं पार्टी के लिए मेहनत से काम करूंगा। मेरे पिताजी ने 20 साल में जो काम किए हैं, मैं उन्हें आगे बढ़ाऊंगा। राज्यसभा जाने का फैसला मेरे पिताजी का है।’ —————————– ये खबर भी पढ़ें… मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बिहार में चल रही सियासत से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…