स्ट्रोक के बाद पूरी तरह ठीक क्यों नहीं होता मरीज, क्या होती है गोल्डन विंडो? डॉक्टर ने बताई बेहद जरूरी बात

भीषण गर्मी में अक्सर हीट स्ट्रोक के मामले देखने को मिलते हैं, इसके अलावा ब्रेन स्ट्रोक के केसेज भी आए दिन सामने आ रहे हैं. हालांकि भारत में स्ट्रोक के इलाज में पिछले कुछ साल में जबर्दस्त सुधार हुआ है. बेहतर इमरजेंसी केयर, तेज डायग्नोसिस और बेहतरीन मेडिकल सुविधाओं की वजह से अब पहले से कहीं अधिक मरीज स्ट्रोक से बच रहे हैं लेकिन इसके बावजूद एक ऐसी दिक्कत सामने आ रही है जो काफी गंभीर है. डॉक्टरों की मानें तो स्ट्रोक के इलाज के बाद मरीज जिंदा तो बच जाते हैं, लेकिन वे पूरी तरह ठीक नहीं हो पाते और उन्हें लंबे समय तक विकलांगता के साथ जीवन जीना पड़ता है. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या स्ट्रोक दो-चार दिन में ठीक हो जाता है? स्ट्रोक के बाद कौन सी बड़ी दिक्कतें मरीजों में देखने को मिलती हैं? स्ट्रोक में गोल्डन विंडो क्या होती है? आइए इन सभी सवालों पर एचसीएएच के को फाउंडर डॉक्टर गौरव ठुकराल से जानते हैं. डॉक्टर ठुकराल कहते हैं, ‘आज भारत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हम सिर्फ इलाज कर रहे हैं, या सच में मरीजों को ठीक भी कर पा रहे हैं. अस्पतालों में स्ट्रोक का इलाज हो रहा है, जानें भी बच रही हैं लेकिन क्या रिकवरी उतनी ही मजबूत हो रही है? यही वह अंतर है जो भारत को अब समझना और भरना होगा.’ वे कहते हैं, ‘हमें स्ट्रोक के इलाज को सिर्फ जान बचाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए. सबसे जरूरी है कि स्ट्रोक के बाद रिकवरी कितनी जल्दी, कितनी संरचित और कितनी प्रभावी तरीके से शुरू होती है?’ डॉक्टर ठुकराल आगे कहते हैं कि स्ट्रोक के इलाज के बावजूद कुछ ऐसी बीमारियां हैं जो शरीर में बहुत तेजी से बढ़ती हैं. यही वजह है कि स्ट्रोक आने के बाद मरीज 2-4 दिन में सही नहीं होता बल्कि उसे पूरी तरह रिकवर होने में पूरे 3 महीने लग सकते हैं. वे बताते हैं कि स्ट्रोक के बाद मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और बैठकर रहने वाली जीवनशैली की समस्याएं सबसे ज्यादा होती हैं जो उनकी क्ववालिटी लाइफ को पूरी तरह खराब कर देती हैं. स्ट्रोक के बाद के हफ्ते बेहद अहम डॉक्टर ठुकराल कहते हैं कि स्ट्रोक के बाद शुरुआती कुछ हफ्ते बेहद अहम होते हैं.इस दौरान दिमाग न्यूरोप्लास्टिसिटी की अवस्था में होता है, जहां वह खुद को फिर से व्यवस्थित करने और नई क्षमताएं विकसित करने में सक्षम होता है. अगर इस समय सही और लगातार रिहेबिलिटेट किया जाए, तो मरीज दोबारा चलना, बोलना और अपनी स्वतंत्रता वापस पा सकता है.’ गोल्डन विंडो का केयरटेकर भी रखें ध्यान मरीज की रिकवरी का यह समय सीमित होता है. आमतौर पर यह अवधि कुछ हफ्तों से लेकर तीन महीने तक की होती है. अगर इस ‘गोल्डन विंडो’ को खो दिया जाए, तो रिकवरी की गति और प्रभाव दोनों ही काफी कम हो जाते हैं. जो सुधार कुछ हफ्तों में संभव था, वह महीनों में भी अधूरा रह सकता है या कभी पूरी तरह वापस नहीं आता.वे कहते हैं कि आज भारत में स्ट्रोक का इलाज मजबूत हो चुका है, लेकिन रिकवरी अभी भी कमजोर कड़ी बनी हुई है. देश को अब एक ऐसे हेल्थकेयर मॉडल की जरूरत है जहां रिकवरी को उतनी ही प्राथमिकता दी जाए जितनी इलाज को दी जाती है. रिकवरी कोई हल्की या कभी-कभार होने वाली प्रक्रिया नहीं है. यह एक गहन, अनुशासित और समयबद्ध उपचार है, जिसमें रोजाना कई बार थेरेपी की जरूरत होती है और यह कई हफ्तों तक लगातार चलती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती चरण में गहन और बार-बार होने वाली थेरेपी को ही बेहतर परिणामों की कुंजी माना जाता है. इसका ध्यान स्ट्रोक के पेशेंट के साथ रहने वाले अटेंडेंट और केयरटेकर को भी रखना चाहिए. क्या कहते हैं आंकड़े आंकड़े बताते हैं कि भारत में 6.3 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी प्रकार की विकलांगता के साथ जीवन जी रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस बोझ का बड़ा हिस्सा समय पर और सही पुनर्वास के जरिए कम किया जा सकता है. इसके बावजूद, देश में पुनर्वास सेवाओं का ढांचा बेहद सीमित है. पूरे देश में लगभग 1,251 स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन सेंटर ही मौजूद हैं, जो आबादी के अनुपात में बेहद कम हैं. इसका सीधा असर यह होता है कि लाखों मरीज समय पर और सही और पूरे उपचार से वंचित रह जाते हैं. इस वजह से हो रहा नुकसान डॉ. ठुकराल आगे कहते हैं कि समस्या सिर्फ सुविधाओं की नहीं है, बल्कि सोच और सिस्टम दोनों की है. अस्पतालों में डिस्चार्ज के समय मरीजों को स्पष्ट रिकवरी रोडमैप नहीं दिया जाता. न ही यह बताया जाता है कि शुरुआती 6 से 8 हफ्तों में गहन और निरंतर थेरेपी कितनी जरूरी है. परिणामस्वरूप, परिवार अक्सर इसे वैकल्पिक मानकर टाल देते हैं. आर्थिक पहलू इस चुनौती को और जटिल बना देता है. पुनर्वास सेवाएं अभी भी बीमा कवरेज के दायरे में पूरी तरह शामिल नहीं हैं. ऐसे में परिवार इसे एक अतिरिक्त खर्च के रूप में देखते हैं, जबकि वास्तव में यह एक दीर्घकालिक निवेश है. जब मरीज पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाता, तो इसका असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता. उसकी काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, परिवार पर देखभाल का दबाव बढ़ता है और धीरे-धीरे यह एक सामाजिक और आर्थिक बोझ में बदल जाता है. कोविड-19 महामारी ने इन खामियों को और उजागर किया. इलाज में आई रुकावटों और सेवाओं की कमी ने कई मरीजों की रिकवरी को प्रभावित किया और विकलांगता का बोझ बढ़ा दिया. तेजी से रिकवरी है जरूरी डॉक्टर कहते हैं कि तेजी से रिकवरी कोई विकल्प नहीं है, बल्कि जरूरत है. अगर हमें देश में विकलांगता का बोझ कम करना है, तो पुनर्वास को इलाज की निरंतर और अनिवार्य कड़ी के रूप में देखना होगा.
सोना आज ₹543 सस्ता, ₹1.47 लाख पर आया:चांदी ₹618 गिरकर ₹2.39 लाख पर आई; यह इस साल 9 हजार रुपए महंगी हुई

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 5 मई (मंगलवार) को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 543 रुपए गिरकर 1.47 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 618 रुपए गिरकर 2.39 लाख रुपए पर आ गई है। सोमवार को इसकी कीमत 2.40 लाख रुपए प्रति किलो थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 5 मई, 2026 सोना इस साल 14 हजार और चांदी 9 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 14 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 9 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.39 लाख रुपए पर पहुंच गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
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ममता बनर्जी की हार पर विवेक अग्निहोत्री हुए खुश:कहा- बंगाल में हमारे साथ मारपीट करवाई, हमले करवाए, अब लोग निडर सिर ऊंचा कर चलेंगे

4 मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी मतों से हार गईं। चुनाव का नतीजा आने के बाद अब द कश्मीर फाइल्स और द बंगाल फाइल्स बना चुके विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उनकी हार पर खुशी जाहिर की है। उनका दावा है कि ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल से बैन किया था, जिसके चलते उन्हें बंगाल जाने की अनुमति नहीं दी गई और वो अवॉर्ड लेने तक नहीं जा सके। विवेक का कहना है कि बंगाल की जनता इसके बाद निडर होकर जिएगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने द बंगाल फाइल्स की रिलीज रोके जाने से जुड़ा एक पुराना वीडियो जारी कर लिखा है, ‘दोबारा कभी नहीं। जो लोग नहीं जानते, उनके लिए, ममता बनर्जी ने मुझे बंगाल में रोक दिया था, जब द कश्मीर फाइल्स रिलीज हुई थी। इस फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था और उन्होंने कहा था कि मुझे बंगाल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ आगे विवेक ने लिखा, ‘पिछले साल, उन्होंने द बंगाल फाइल्स को भी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह बैन कर दिया। हमारे ट्रेलर लॉन्च को रोक दिया गया। हम पर हमले हुए और मारपीट भी हुई। मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। मुझे बंगाल में पूरी तरह से बैन कर दिया गया था। मैं तो अपना अवॉर्ड लेने के लिए गवर्नर के पास भी नहीं जा सका। लेकिन हमने हार नहीं मानी। चुनाव के दौरान हमने कोशिश की कि द बंगाल फाइल्स ज्यादा से ज्यादा लोगों तक (छुपकर) पहुंच सके।’ आखिर में विवेक रंजन अग्निहोत्री ने लिखा, ‘मुझे खुशी है कि हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई जारी रखी। और आखिर में यह बड़ी जीत मिली। बंगाल के महान लोगों को बधाई। अब आप बिना डर के, सिर ऊंचा करके चल सकते हैं।’ बता दें कि विवेक रंजन अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म द बंगाल फाइल्स को बंगाल में बैन करने की मांग उठी थी। तब विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता में आयोजित किया। इवेंट के बीच ही कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ कर ट्रेलर दिखाए जाने से रोक दिया। तब भी विवेक ने ममता बनर्जी पर इवेंट रुकवाने के आरोप लगाए थे।
ममता बनर्जी की हार पर विवेक अग्निहोत्री हुए खुश:कहा- बंगाल में हमारे साथ मारपीट करवाई, हमले करवाए, अब लोग निडर सिर ऊंचा कर चलेंगे

4 मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी मतों से हार गईं। चुनाव का नतीजा आने के बाद अब द कश्मीर फाइल्स और द बंगाल फाइल्स बना चुके विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उनकी हार पर खुशी जाहिर की है। उनका दावा है कि ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल से बैन किया था, जिसके चलते उन्हें बंगाल जाने की अनुमति नहीं दी गई और वो अवॉर्ड लेने तक नहीं जा सके। विवेक का कहना है कि बंगाल की जनता इसके बाद निडर होकर जिएगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने द बंगाल फाइल्स की रिलीज रोके जाने से जुड़ा एक पुराना वीडियो जारी कर लिखा है, ‘दोबारा कभी नहीं। जो लोग नहीं जानते, उनके लिए, ममता बनर्जी ने मुझे बंगाल में रोक दिया था, जब द कश्मीर फाइल्स रिलीज हुई थी। इस फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था और उन्होंने कहा था कि मुझे बंगाल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ आगे विवेक ने लिखा, ‘पिछले साल, उन्होंने द बंगाल फाइल्स को भी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह बैन कर दिया। हमारे ट्रेलर लॉन्च को रोक दिया गया। हम पर हमले हुए और मारपीट भी हुई। मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। मुझे बंगाल में पूरी तरह से बैन कर दिया गया था। मैं तो अपना अवॉर्ड लेने के लिए गवर्नर के पास भी नहीं जा सका। लेकिन हमने हार नहीं मानी। चुनाव के दौरान हमने कोशिश की कि द बंगाल फाइल्स ज्यादा से ज्यादा लोगों तक (छुपकर) पहुंच सके।’ आखिर में विवेक रंजन अग्निहोत्री ने लिखा, ‘मुझे खुशी है कि हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई जारी रखी। और आखिर में यह बड़ी जीत मिली। बंगाल के महान लोगों को बधाई। अब आप बिना डर के, सिर ऊंचा करके चल सकते हैं।’ बता दें कि विवेक रंजन अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म द बंगाल फाइल्स को बंगाल में बैन करने की मांग उठी थी। तब विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता में आयोजित किया। इवेंट के बीच ही कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ कर ट्रेलर दिखाए जाने से रोक दिया। तब भी विवेक ने ममता बनर्जी पर इवेंट रुकवाने के आरोप लगाए थे।
सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर आया:निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी 5 मई को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 250 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट है, ये 24,000 के स्तर पर आ गया है। एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार 4 मई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी 7 दिन में FII ने 10,514 करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सोमवार को सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर बंद हुआ था इससे पहले सोमवार, 4 मई को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर 77,269 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 121 अंक ऊपर रहा, ये 24,119 के स्तर पर बंद हुआ था। कारोबार में रियल्टी, मेटल, फार्मा और ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। जबकि आईटी, सरकारी बैंक और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही थी।
विराट कोहली ने इकाना में 2 घंटे मैराथन प्रैक्टिस की:स्ट्रेट ड्राइव पर छक्के लगाए, स्टेडियम में दौड़े; बाहर फैन्स का जमावड़ा

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के दिग्गज बल्लेबाज का लखनऊ में जमकर क्रेज है। उन्होंने आज इकाना में करीब 2 घंटे प्रैटिक्स कर पसीना बहाया। नेट प्रैक्टिस से पहले फील्ड के चक्कर लगाए। फिर बैटिंग की प्रैटिक्स की। स्टेट ड्राइव पर छक्के जड़े। फील्ड सपोर्ट स्टॉफ समेत सभी निगाहें उन पर रहीं। स्टेडियम के बाहर फैंस ने चीयर्स करते रहे। टीम के अन्य कैप्टन रजत पाटीदार, भुवनेश्वर कुमार समेत अन्य खिलाड़ियों ने भी प्रैटिक्स की। इस दौरान विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार आपस में बातचीत करते नजर आए। IPL पिछले सीजन की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच 7 मई को इकाना में मैच खेला जाएगा। देखिए RCB टीम के प्रैटिक्स की 3 तस्वीरें… सोमवार शाम को पहुंच गई थी RCB की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम सोमवार देर शाम राजधानी लखनऊ पहुंच गई। टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और कोच एंडी फ्लावर भी शहर में आ गए हैं। देर रात ब्लैक टी-शर्ट में कोहली एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए। पॉइंट टेबल में दूसरे स्थान पर काबिज बेंगलुरु की टीम ने आज इकाना स्टेडियम में प्रैटिक्स किया। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) टीम के खिलाड़ी बुधवार को प्रैक्टिस करेंगे। हालांकि, 4 मई को मुंबई इंडियंस से मिली हार के बाद LSG प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं। RCB के लखनऊ पहुंचने की 2 तस्वीरें देखिए- बेहतरीन रहा है अब तक का सफर रॉयल चैलेंजर्स के लिए अब तक का सफर बेहतरीन रहा है। टीम की बल्लेबाजी की कमान विराट कोहली (379 रन), देवदत्त पडिक्कल (282 रन) और कप्तान रजत पाटीदार (257 रन) ने संभाल रखी है। वहीं, गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार 17 विकेट लेकर शीर्ष पर हैं। पिछले मुकाबले में लखनऊ को हराने के बाद बेंगरलुरु की टीम इस बार भी जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। फिलहाल, इकाना में किंग कोहली के विराट शो को देखने के लिए दर्शक बेताब हैं। ————- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ डीएम ने पूड़ी-सब्जी बांटी:सिलेंडर महंगा होने पर गन्ने के रस का भंडारा, कान पकड़कर बजरंगबली से माफी मांगी ज्येष्ठ महीने का आज पहला बड़ा मंगल है। लखनऊ में 1000 से ज्यादा जगहों पर भंडारे हुए। नगर निगम में इस मंगल के लिए 348 भंडारों का रजिस्ट्रेशन है। जिलाधिकारी विशाख जी. ने कैसरबाग स्थित यूपी प्रेस क्लब में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की तरफ से आयोजित भंडारे में पूड़ी बांटी। पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका ने हॉर्मुज में 7 ईरानी नावें डुबोईं:व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप, ट्रम्प ने ईरान को धरती से मिटाने की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी मिलिट्री ने ईरान के 7 छोटी जहाजों को डुबो दिया है। उनके मुताबिक ये होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि ईरान ने इस पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास आगे दो ही रास्ते हैं। या तो ईमानदारी से समझौता करे, या फिर दोबारा हमले झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की गलती की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत वह वहां गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. UAE के ड्रोन प्लांट पर हमला: ईरान ने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इससे इंडस्ट्री एरिया में आग भड़क उठी। इसमें 3 भारतीय भी घायल हुए हैं। 2. प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू: अमेरिका ने होर्मुज के आसपास प्रोजेक्ट फ्रीडम पहल शुरू किया। इसके तहत होर्मुज में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने का वायदा किया गया है। 3. साउथ कोरियाई जहाज पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ जिससे आग लग गई। ट्रम्प का कहना है कि यह हमला ईरान ने किया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 4. जब्त ईरानी जहाज सौंपा: अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया। इसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। अमेरिकी नेवी ने 21 अप्रैल को इस जहाज को पकड़ा था। 5. ईरान में तीन लोगों को फांसी: ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में लोगों को फांसी दे दी गई। इन पर जनवरी 2026 में तख्तापटल की साजिश का आरोप था। इस साल 25 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिका ने हॉर्मुज में 7 ईरानी नावें डुबोईं:व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप; ट्रम्प ने ईरान को धरती से मिटाने की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी मिलिट्री ने ईरान के 7 छोटी जहाजों को डुबो दिया है। उनके मुताबिक ये होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि ईरान ने इस पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास आगे दो ही रास्ते हैं। या तो ईमानदारी से समझौता करे, या फिर दोबारा हमले झेलने के लिए तैयार रहे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की गलती की तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत वह वहां गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा दे रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ। ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, उसकी इजाजत के बिना वे किसी जहाजों को गुजरने नहीं देंगे। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. UAE के ड्रोन प्लांट पर हमला: ईरान ने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इससे इंडस्ट्री एरिया में आग भड़क उठी। इसमें 3 भारतीय भी घायल हुए हैं। 2. प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू: अमेरिका ने होर्मुज के आसपास प्रोजेक्ट फ्रीडम पहल शुरू किया। इसके तहत होर्मुज में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने का वायदा किया गया है। 3. साउथ कोरियाई जहाज पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ जिससे आग लग गई। ट्रम्प का कहना है कि यह हमला ईरान ने किया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 4. जब्त ईरानी जहाज सौंपा: अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया। इसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। अमेरिकी नेवी ने 21 अप्रैल को इस जहाज को पकड़ा था। 5. ईरान में तीन लोगों को फांसी: ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में लोगों को फांसी दे दी गई। इन पर जनवरी 2026 में तख्तापटल की साजिश का आरोप था। इस साल 25 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
एमपी के दो सांसद साउथ में विधानसभा चुनाव हारे:केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन की तमिलनाडु में शिकस्त; जॉर्ज कुरियन केरलम में तीसरे नंबर पर रहे

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में भाजपो को पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बड़ी जीत मिली है। वहीं, एमपी कोटे से राज्यसभा के दो सांसदों को दक्षिण भारत के चुनावी रण में करारी हार का सामना करना पड़ा है। केंद्र सरकार में मंत्री एल. मुरुगन को तमिलनाडु और जॉर्ज कुरियन को केरलम विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। जॉर्ज कुरियन (केरल): कांजीरापल्ली में तीसरे नंबर पर खिसके मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को भाजपा ने केरलम की कांजीरापल्ली सीट से मैदान में उतारा था। ईसाई बहुल इस इलाके में कुरियन से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि कुरियन मुख्य मुकाबले से पूरी तरह बाहर नजर आए। वे तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें महज 26984 के करीब वोट मिले। केरल में एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच हुए सीधे मुकाबले में भाजपा के बड़े चेहरे जॉर्ज कुरियन जमीन नहीं बचा सके। कांजीरापल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े, कई पदों पर रहे वर्तमान में केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री और मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सांसद जॉर्ज कुरियन केरल में बीजेपी के सबसे पुराने चेहरों में से एक हैं। वे 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए हैं और संगठन में अलग-अलग पदों पर रहे हैं। केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु का काम कुरियन को केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु (Bridge) माना जाता है। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का गठन हुआ, तो कुरियन बिना सांसद रहे मंत्री बनाए गए थे। बाद में बीजेपी ने उन्हें मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट (ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद) से निर्विरोध निर्वाचित करवाकर संसद भेजा। पार्टी ने उन्हें केरल विधानसभा चुनाव में कांजीरापल्ली से उम्मीदवार बनाया ताकि ईसाई वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके, लेकिन वे तीसरे नंबर पर सिमट गए। एल. मुरुगन (तमिलनाडु): अविनाशी सीट पर दूसरे नंबर पर रहे मध्य प्रदेश से एक और राज्य सभा सांसद और केंद्रीय सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन तमिलनाडु की अविनाशी (SC) सीट से किस्मत आजमा रहे थे। तमिलनाडु भाजपा का पूर्व अध्यक्ष होने के नाते यह चुनाव उनकी साख का सवाल था। मुरुगन ने लड़ाई तो लड़ी, लेकिन जीत का स्वाद नहीं चख सके। वे परिणामों में दूसरे नंबर पर रहे। उन्हें 56,200 से ज्यादा वोट मिले, लेकिन विपक्षी उम्मीदवार ने उन्हें बड़े अंतर से हरा दिया। तमिलनाडु में क्षेत्रीय अस्मिता और टीवीके (थलापति विजय की पार्टी) की लहर के आगे मुरुगन का ‘दिल्ली कार्ड’ काम नहीं आया। एक्टर विजय की पार्टी के उम्मीदवार से हारे इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय रहा। यहां अभिनेता विजय की पार्टी (TVK) ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के समीकरण बिगाड़ दिए। मुरुगन ने अपनी सीट पर कड़ी टक्कर दी और अन्नाद्रमुक कैंडिडेट को तीसरे नंबर पर धकेल दिया। तमिलनाडु: अविनाशी (SC) विधानसभा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक रहे तमिलनाडु भाजपा का दलित चेहरा हैं। वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री व मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। एल. मुरुगन ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में की थी। वे लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े रहे। वकालत से सियासत तक: राजनीति में आने से पहले वे मद्रास हाई कोर्ट में एक सफल वकील थे। उन्होंने 15 साल तक वकालत की और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के उपाध्यक्ष भी रहे। वेल यात्रा से बनी हिंदूवादी नेता की पहचान तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहते हुए मुरुगन ने ‘वेल यात्रा’ निकाली थी, जिसने राज्य में भाजपा को आक्रामक हिंदूवादी पहचान दिलाने में मदद की। बीजेपी ने उन्हें 2021 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था। हाल ही में हुए चुनावों में पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए तमिलनाडु की अविनाशी सीट से मैदान में उतारा, लेकिन वे दूसरे नंबर पर रहे। ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी बोले- बंगाल में BJP ने 100 सीटें चुराईं भाजपा का 5 राज्यों में से 3 (पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी) में सरकार बना रही है। बंगाल में बीजेपी रिकॉर्ड सीटें जीती है। इस पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बंगाल और असम के परिणाम भी उसी ‘प्लेबुक’ का हिस्सा हैं, जो हमने मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखी है। पढ़ें पूरी खबर…






