पंजाबी फिल्मों पर बयान देकर घिरीं वामिका गब्बी:बोलीं-'सिर्फ पैसों के लिए कीं फिल्में, दिल से काम करने का नहीं मन; अब हो रहीं ट्रोल

पंजाबी सिनेमा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर आज बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री तक अपनी पहचान बना चुकी मोहाली की बेटी और मशहूर अभिनेत्री वामिका गब्बी अपने एक विवादित बयान को लेकर चौतरफा घिर गई हैं। पंजाबी फिल्मों को लेकर दिए गए उनके एक बयान ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जब वामिका से उन प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछा गया जो उन्होंने सिर्फ पैसों के लिए किए थे, तो उन्होंने बेबाकी से कुबूल किया कि उन्होंने कई पंजाबी फिल्में केवल पैसों और इंडस्ट्री में बने रहने (Survival) के लिए की थीं, क्योंकि उस समय उनके पास कोई और विकल्प नहीं था और न ही उन किरदारों को करने में उनका दिल या कोई खास दिलचस्पी थी। वामिका के इस बयान के सामने आते ही पंजाबी सिनेमा प्रेमियों और फिल्म समीक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस पंजाबी इंडस्ट्री ने बाल कलाकार से सीधे बतौर मुख्य अभिनेत्री ब्रेक देकर वामिका को बॉलीवुड तक का रास्ता दिखाया, आज वही अदाकारा इतनी जल्दी अपने पांव पीछे खींचकर उसी सिनेमा का अनादर कर रही है। हालांकि ये इंटरव्यू 2 साल पुराना है। लेकिन, ट्रोलरों ने इसे अब फिर से वायरल कर वामिका के बयान को गलत बताया है। ट्रोलर कह रहे हैं कि वामिका को हनी सिंह, अमरिंदर गिल जैसे कलाकारों का आभारी होना चाहिए, जिनके कारण उन्हें ये मुकाम मिला। लेकिन, इसके उलट वामिका ने शोहरत हासिल करने के लिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को ही कटघरे में ला खड़ा किया। ‘सर्वाइव करना था, इसलिए बिना दिल के कीं पंजाबी फिल्में’- वामिका का विवादित बयान इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवाल पर वामिका गब्बी ने बिना किसी झिझक के कहा: “अ फ्यू पंजाबी फिल्म्स आई हैव डन एंड आल्सो बिकॉज़ आई डिडन्ट हैव एनी अदर फिल्म्स। एंड इट्स नॉट लाइक जस्ट फॉर मनी, बट कुछ और था ही नहीं। तो सर्वाइव तो करना ही है ना, तो वो कर लिया जिसमें इतना दिल नहीं था। इतना मजे कैरेक्टर में इतना कुछ था नहीं बस है, तो कर लिया। लेकिन अब नहीं करना।” ट्रोलर्स का कहना है कि वामिका के इस कुबूलनामे से साफ झलकता है कि जिन पंजाबी फिल्मों के दम पर उन्होंने स्टारडम हासिल किया, उनके प्रति उनका रुझान महज एक मजबूरी और आर्थिक जरूरत तक ही सीमित था। ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ से मिली थी बतौर एक्ट्रेस बनाई पहचान वामिका गब्बी ने ‘जब वी मेट’ जैसी कई बड़ी हिंदी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम जरूर किया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेत्री उन्हें पहला बड़ा ब्रेक पंजाबी सिनेमा से ही मिला था। डेब्यू फिल्म: साल 2013 में आई सुपरहिट पंजाबी फिल्म ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ से उन्होंने लीड एक्ट्रेस के रूप में कदम रखा था, जिसमें उनके साथ पंजाबी सिंगर-एक्टर अमरिंदर गिल और यो यो हनी सिंह मुख्य भूमिका में थे। प्रमुख पंजाबी फिल्में: इसके बाद वामिका ने ‘इश्क बरांडी’, ‘निक्का जैलदार 2’, ‘निक्का जैलदार 3’, ‘प्रौणा’, ‘नाडू खान’, ‘दिल दीयां गल्लां’, ‘दूरबीन’ और ‘गल वक्कड़ी’ जैसी एक से बढ़कर एक कई कमर्शियल सुपरहिट फिल्मों में काम किया। पंजाबी सिनेमा से पैन इंडिया स्टार बनने तक का सफर पंजाबी इंडस्ट्री में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद वामिका ने साउथ इंडियन सिनेमा और फिर हिंदी वेब सीरीज व फिल्मों में अपने पैर पसारे। प्रमुख पैन इंडिया प्रोजेक्ट्स: ‘ग्रहण’, ’83’, ‘खुफिया’, ‘जवान’ (कैमियो) और ‘बचक माफ’ जैसी बड़ी फिल्मों व वेब सीरीज के जरिए वामिका की पहचान पैन इंडिया लेवल पर बेहद मजबूत हुई। ईमानदार कुबूलनामा या एहसानफरामोशी? सोशल मीडिया पर बंटी राय वामिका गब्बी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है: एक वर्ग का कहना: कई फैंस और समीक्षकों का मानना है कि वामिका जिस पंजाबी सिनेमा की बदौलत आज इस मुकाम पर पहुंची हैं, आज उसी को ‘सिर्फ पैसों के लिए किया काम’ बताकर वह एहसान फरामोश साबित हो रही हैं और अपने शुरुआती दौर को भूल चुकी हैं। दूसरा वर्ग: वहीं कुछ लोगों का मानना है कि वामिका ने किसी बनावटीपन के बिना एक कलाकार के तौर पर अपनी जिंदगी के स्ट्रगल फेज को लेकर एक बेहद ईमानदार कुबूलियत की है, जिसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। फिलहाल, वामिका गब्बी का यह बयान पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और अब देखना यह होगा कि पंजाबी सिनेमा के दिग्गज कलाकार और निर्माता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
'बेटी की उम्र की लड़की के साथ घूम रहा है':शर्म आनी चाहिए, शुगर डैडी बन गया; गोविंदा पर भड़कीं पत्नी सुनीता आहूजा

अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने पति पर तीखा हमला बोला है। सुनीता ने गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल रॉय के साथ एयरपोर्ट पर दिखने पर कड़ी नाराजगी जताई। सुनीता ने कहा कि गोविंदा को बेटी की उम्र की लड़की के साथ इस तरह घूमने पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कोमल के कपड़ों पर भी तंज कसा। सुनीता ने कहा कि बिना फिल्म बने कोई प्रमोशन नहीं होता, यह सब घटिया सोच को दिखाता है। ‘बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहा है’ सुनीता से गोविंदा के कोमल रॉय के साथ दोबारा नजर आने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कड़े शब्दों में जवाब दिया। सुनीता ने कहा कि फिल्म बनने के बाद ही उसका प्रमोशन किया जाता है, बिना किसी फिल्म के यह सब करने का क्या मतलब है। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनो सुनीता आहूजा ने केवल गोविंदा ही नहीं, बल्कि उनके साथ दिख रही कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।
बच्चन परिवार की लीगेसी पर कोर्ट में सवाल:ऐश्वर्या-अभिषेक की बेटी आराध्या ने मौत की खबरों के खिलाफ किया था केस, जानिए क्या है मामला

बॉलीवुड के दिग्गज बच्चन परिवार का नाम दशकों से हिंदी सिनेमा की पहचान और विरासत से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम सवाल उठाए हैं। आराध्या बच्चन की सेहत को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है? अगर हां, तो क्या यह लीगेसी अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकती है? आराध्या बच्चन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा को लीगेसी की तरह अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है? अगर मिल सकती है, तो यह सुरक्षा कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगी? जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि किसी ट्रेडमार्क की पहचान उसके प्रोडक्ट या सर्विस की वजह से बनती है। लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार के नाम की पहचान उसकी उपलब्धियों, काम और समाज में उसकी प्रतिष्ठा से बनती है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह प्रतिष्ठा भी परिवार की लीगेसी की तरह आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने तीन बड़े सवाल उठाए- पहला सवाल- क्या परिवार की प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक जा सकती है? कोर्ट यह देखेगा कि अगर किसी परिवार के नाम की प्रतिष्ठा ट्रेडमार्क जैसी मानी जाए, तो क्या यह प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक बनी रह सकती है? अगर हां, तो इसकी कानूनी सीमा क्या होगी? दूसरा सवाल- क्या फेक न्यूज भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन है? कोर्ट यह भी देखेगा कि अगर किसी सेलिब्रिटी या उसके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और झूठी खबरें फैलाई जाती हैं, तो क्या इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन माना जा सकता है? तीसरा सवाल- क्या मानहानि को भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जोड़ा जा सकता है? कोर्ट यह समझने की कोशिश करेगा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली मानहानि को क्या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत लाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि ये सवाल अंतिम नहीं हैं और मामले में आगे और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बच्चन परिवार की लीगेसी का भी मुद्दा आराध्या की तरफ से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि मामला सिर्फ आराध्या की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि पूरे बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा का है। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि बच्चन परिवार की तस्वीरों और ‘बच्चन’ नाम का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें आराध्या की मौत या कैंसर जैसी झूठी बातें कही गईं। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यही वजह है कि अब कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल है कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है और क्या उस लीगेसी को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है? 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को करेगा। इस दौरान परिवार की प्रतिष्ठा, फेक न्यूज, मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े सवालों पर आगे चर्चा होगी। इस मामले का फैसला सिर्फ बच्चन परिवार के लिए नहीं, बल्कि दूसरे सेलिब्रिटी परिवारों के लिए भी अहम हो सकता है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी परिवार के नाम, पहचान, तस्वीर और प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानून किस तरह सुरक्षा देता है।
टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।
टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।
जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है। मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं। भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है। 45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है। कारों में फंसे लोगों की जान गई इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी। इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा- बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी। कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है। जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं।
जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है। मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं। भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है। 45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है। कारों में फंसे लोगों की जान गई इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी। इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा- बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी। कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है। जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की। जापान में 15 दिन में 3 तूफान आए मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से जापान में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं। बीते 15 दिनों के भीतर जापान ने एक-एक कर 3 बड़े तूफानों- ‘डॉल्फिन’, ‘चैन-होम’ और ‘पीलोउ’ का सामना किया है। इस वजह से कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, भूस्खलन और भीषण बाढ़ जैसे हालात हैं। ओकिनावा से लेकर टोक्यो तक जनजीवन ठप हो गया है, उड़ानें रद्द हैं और हजारों घरों में अंधेरा छाया हुआ है।
ट्रम्प ने ड्रोन इंपोर्ट पर 100% तक टैरिफ लगाया:राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, चीनी कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान

अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अनमैन्ड ड्रोन और उनके कंपोनेंट्स के आयात यानी इंपोर्ट पर 100% तक का टैरिफ लगाने का ऐलान किया। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों और चीनी कंपनियों के वर्चस्व वाले इस सेक्टर में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस फैसले से अमरीका में ड्रोन और उनके कंपोनेंट्स का घरेलू प्रोडक्शन बढ़ेगा और विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम होगी। पिछले साल तक अमेरीकी कॉमर्शियल ड्रोन बाजार में चीनी कंपनी की लगभग 70% हिस्सेदारी थी। ड्रोन के वजन और क्षमता के हिसाब से टैरिफ तय हुआ व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले ड्रोन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। लागू होने की समय-सीमा और छूट के नियम नया टैरिफ स्ट्रक्चर अलग-अलग समय-सीमा में लागू किया जाएगा… विशेष छूट: हस्ताक्षर के 20 दिनों के भीतर अमरीकी युद्ध विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर द्वारा FCC की कवर्ड लिस्ट से छूट प्राप्त प्रोडक्ट्स और कंपोनेंट्स पर भी टैरिफ 180 दिनों बाद प्रभावी होगा। ब्रिटेन और यूरोप समेत 7 सहयोगी देशों पर भी टैरिफ अमेरिका ने केवल विरोधी देशों पर ही नहीं, बल्कि अपने सहयोगी देशों से आने वाले ड्रोन पर भी टैरिफ लागू किया है… चीन की ड्रोन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ट्रम्प प्रशासन चीनी ड्रोन तकनीक पर अपनी कार्रवाई तेज कर रहा है। पिछले साल दिसंबर में फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने चीनी ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध की घोषणा की थी और विरोधी देशों के ड्रोन को वायरलेस कम्युनिकेशंस की मंजूरी देने पर रोक लगा दी थी। वैश्विक बाजार में शेनझेन स्थित कंपनी DJI टेक्नोलॉजीज का दबदबा है, जिसकी पिछले साल तक अमेरीकी कॉमर्शियल ड्रोन बाजार में लगभग 70% हिस्सेदारी थी। इसके अलावा, हाल ही में चीन ने भी अमरीकी व्यापारिक प्रतिबंधों के जवाब में अमेरीका को ड्रोन एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी थी और छह कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। रूस-यूक्रेन युद्ध और हाइब्रिड वॉर से बढ़ी चिंता ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया है। दोनों देशों द्वारा इलाके की रक्षा और उस पर कब्जा करने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल ने एक नए हाइब्रिड वॉर को जन्म दिया है। ट्रम्प ने अपने आधिकारिक पत्र में अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम को अमरीका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी करार दिया है। एक्सपर्ट्स की राय: कॉमर्शियल मार्केट का ढांचा पूरी तरह बदलेगा अमरीका-चीन टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा के विशेषज्ञ क्रेग सिंगलेटन ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि यह फैसला कॉमर्शियल मार्केट को पूरी तरह से नया आकार देगा। क्रेग सिंगलेटन ने कहा कि अमरीकी कॉमर्शियल और सरकारी खरीदारों को तुरंत एक बड़े पूंजीगत बदलाव की जरूरत होगी। उन्हें अब अमरीका या सहयोगी देशों के सप्लायर्स की तरफ रुख करना होगा, भले ही उनके प्रोडक्ट्स की कीमत ज्यादा क्यों न हो। यह फैसला चीन के ड्रोन बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और ट्रम्प तथा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली आगामी बैठक से पहले तनाव बढ़ा सकता है। क्या है अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (UAS)? अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (UAS) को सामान्य भाषा में ड्रोन कहा जाता है। ये ऐसे विमान होते हैं जिन्हें बिना किसी इंसानी पायलट के रिमोट कंट्रोल या ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए उड़ाया जाता है। इनका इस्तेमाल फोटोग्राफी, सामान की डिलीवरी से लेकर मिलिट्री सर्विलांस और सटीक हमलों तक में किया जाता है। ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- पैकेज्ड फूड पर वॉर्निंग लेबल लगाओ: ज्यादा चीनी-नमक और फैट की जानकारी दो, सरकार ऐसा नहीं करती तो हम आदेश देंगे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स के वॉर्निंग लेबल पर केंद्र सरकार और फूड सेफ्टी अथॉरिटी (FSSAI) को आखिरी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि नमकीन, बिस्किट और चिप्स के पैकेट पर ज्यादा चीनी-नमक और फैट की चेतावनी देने वाले वॉर्निंग लेबल लगाने पर अगर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है तो हम आदेश जारी करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
पाकिस्तानी PM बोले- भारत पानी रोकेगा तो मुंहतोड़ जवाब देंगे:कश्मीर पर रुख कभी नहीं बदलेंगे, मुनीर की लीडरशिप में हमने दुश्मन को हराया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर एक बार फिर से भारत को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर कोई समझौता नहीं होगा। अगर इसे रोकने या कम करने की कोशिश हुई तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज ने गुरुवार को इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख कभी नहीं बदलेगा। अपने भाषण में शहबाज ने एक बार फिर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को हराया। फिर दोहराया- ट्रम्प ने कराया था युद्धविराम शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में एक बार फिर दावा किया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पहल से समय रहते युद्धविराम संभव हो सका। हालांकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि संघर्ष विराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई मध्यस्थता नहीं थी। कश्मीर, फिलिस्तीन और अफगानिस्तान पर भी बोले अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख नहीं बदलेगा और कश्मीरियों की कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान फिलिस्तीन के लोगों के अधिकारों का समर्थन करता रहेगा। अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार से उन्होंने अपील की कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दे। साथ ही दावा किया कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका भी निभाई है। भारत ने पहलगाम हमले के बाद संधि पर लगाई थी रोक अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। तभी से यह मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की बड़ी वजह बना हुआ है। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि पर रोक जारी रहेगी। वहीं, पाकिस्तान का दावा है कि यह संधि अब भी कानूनी रूप से प्रभावी है और इसे एकतरफा निलंबित नहीं किया जा सकता। 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों का बंटवारा किया गया था। इसी संधि को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं और हाल के महीनों में यह विवाद फिर से गहरा गया है। गंभीर जल संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान में पानी की कमी लगातार बढ़ रही है। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक- पाकिस्तान की सिंचाई व्यवस्था के अहम हिस्से सुक्कुर बैराज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। पानी का स्तर लगातार घटने से कृषि और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
'टाइम100' फेम एरियाना ने हफिंगटन पोस्ट को ग्लोबल ब्रांड बनाया:आइडेंटिटी ट्रैप पर कहा- कई सीईओ जॉब से नाखुश, फिर भी नहीं छोड़ पाते पद

करोड़ों की सैलरी, सीईओ जैसा पद और दुनिया भर में रुतबा हासिल करने के बाद भी कई दिग्गज खुश नहीं हैं। ये कहना है ग्लोबल मीडिया ब्रांड हफिंगटन पोस्ट की संस्थापक एरियाना हफिंगटन (76) का। वो कहती हैं कि उनके कई सीईओ दोस्त अपनी नौकरी से लगाव खत्म होने के बावजूद छोड़ने से घबराते हैं। इसकी वजह ‘आइडेंटिटी ट्रैप’ यानी पहचान का जाल है। जब कोई बड़ा पद किसी व्यक्ति की पूरी पहचान बन जाता है, तो उसे छोड़ना सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व को खोने जैसा लगने लगता है। 11 वर्ष में कंपनी शिखर पर पहुंचाई, फिर खुद ही छोड़ा पद एरियाना निजी अनुभवों से बताती हैं कि 11 वर्षों की कड़ी मेहनत से उन्होंने अपनी कंपनी को शीर्ष पर पहुंचाया। दो बार ‘टाइम 100’ सूची में आईं। हजार करोड़ नेटवर्थ वाली एरियाना ने 2016 में शीर्ष पर पहुंचकर पद छोड़ा और नई हेल्थ-वेलनेस कंपनी शुरू की। वे कहती हैं कि अगर पुरानी सफलता, पद और सुरक्षा को बचाए रखने के लिए वहां टिकी रहतीं, तो यह खुद के साथ धोखा होता। एरियाना का मानना है कि किसी नौकरी या सफलता को अपनी पूरी पहचान नहीं बनने देना चाहिए। पद कितना प्रतिष्ठित दिखता है, उससे ज्यादा अहम यह है कि वह काम व्यक्ति को भीतर से कैसा महसूस करा रहा है। 4 सीईओ बता रहे कामयाबी के बाद भी क्यों लगा अधूरापन शीर्ष पर पहुंचकर 4300 करोड़ कमाने के बावजूद भी खालीपन अमेरिकी फूड चेन कंपनी ‘विंगस्टॉप यूके’ के सह-संस्थापक टॉम ग्रोगन ने कंपनी को सफल बनाया। इस बीच शेयर्स बेचकर 4300 करोड़ रुपए कमाए। लक्ष्य तो हासिल हो गया, लेकिन खुशी के बजाय उन्हें सिर्फ खालीपन महसूस हुआ। उनका कहना था कि सफलता ही उनकी पहचान बन गई थी, लक्ष्य पूरा होते ही आगे बढ़ने की वजह और मकसद धुंधला पड़ गया। शोहरत और पैसा मिला, लेकिन जिंदगी का मकसद खो गया ट्रैवल कंपनी ‘एयरबीएनबी’ के सह-संस्थापक ब्रायन मानते थे कि सफलता सारी समस्याएं हल कर देगी। 2020 में वे अरबपति बनें, लेकिन बाद का समय उदासी भरा था। – टेक कंपनी लूम के को-फाउंडर विनय हायरमैथ ने कंपनी बेचने के बाद खुद को दिशाहीन पाया। कंपनी से जुड़ी पहचान हटते ही लगा कि खुद को खो चुके हैं। पद ही पहचान ‘बड़ा संकट’ अमेरिकी कंपनी (टीआईएए) की सीईओ थसुंडा कहती हैं कि नौकरी के बिना उनकी पहचान कुछ नहीं है। हालांकि, पद अस्थायी होते हैं लेकिन मौजूदा दिनों में इसके उलट भावना देखने को मिल रही है। लोग इन दिनों पद को ही पहचान मानने लगे हैं।





