माचलपुर में बाइक साइड करने पर विवाद:शादी समारोह के लिए गंगा जल यात्रा निकालते टाइम झड़प, दो पक्षों में मारपीट, 9 गिरफ्तार

राजगढ़ जिले के माचलपुर नगर में बुधवार शाम एक शादी समारोह के दौरान गंगा जल यात्रा निकालते समय मामूली बात पर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद मामला बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, माचलपुर स्थित अग्रवाल धर्मशाला में रामबाबू गुप्ता के पुत्र पीयूष गुप्ता का विवाह कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान घर की महिलाएं गंगा पूजन कर लौट रही थीं। तभी अल्फेज नाम का युवक बाइक से वहां से गुजर रहा था। साइड देने की बात को लेकर गुप्ता समाज के लोगों और युवक के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते बढ़ गई। दूसरे समारोह से पहुंचे लोग फिर मारपीट शुरू की बताया जा रहा है कि पास में ही दूसरे समुदाय का भी शादी समारोह चल रहा था। विवाद की सूचना मिलते ही वहां से करीब 25 से 30 लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे गाली-गलौज के साथ स्थिति और अधिक बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही माचलपुर पुलिस और खिलचीपुर एसडीओपी धर्मराज सिंह नागर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हुड़दंग करने वाले करीब 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल नगर में स्थिति सामान्य है, हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
केन-बेतवा परियोजना के प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सहमति:पारदर्शी सर्वे, मुआवजा बढ़ाने पर प्रशासन राजी; आंदोलनकारी बोले- भरोसा नहीं जारी रहेगा आंदोलन

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ आदिवासी और किसानों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को “पंचतत्व सत्याग्रह” के तहत हुए भावनात्मक और आक्रामक प्रदर्शन ने प्रशासन को वार्ता के लिए मजबूर कर दिया। खासतौर पर सांकेतिक फांसी सत्याग्रह के बाद हालात ऐसे बने कि अधिकारियों को तत्काल बातचीत के लिए आगे आना पड़ा। पांच तत्वों में विरोध, नया तरीका अपना रहे प्रदर्शनकारी आंदोलनकारियों ने जल, मिट्टी, अग्नि (चिता), वायु (सांकेतिक फांसी) और उपवास के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। केन नदी में खड़े होकर जल सत्याग्रह, जमीन पर मिट्टी सत्याग्रह, चिता आंदोलन के जरिए विस्थापन को “मृत्यु” का प्रतीक बताया गया। वहीं पूरे गांव में चूल्हा बंद रखकर भूख हड़ताल की गई। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब 5 आंदोलनकारियों ने सांकेतिक फांसी लगाकर चेतावनी दी। इस घटनाक्रम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को हिला दिया और तुरंत बातचीत शुरू करनी पड़ी। प्रशासन ने मानी प्रमुख मांगें लगातार दबाव और बढ़ते जनसमर्थन के बीच छतरपुर और पन्ना जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ लंबी बैठक हुई। इसमें कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी— विस्थापन प्रभावित गांवों का पूरी तरह पारदर्शी सर्वे होगा। स्थानीय एसडीएम को हटाकर बाहरी अधिकारियों की तैनाती। हर गांव में एसडीएम/डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी सर्वे करेंगे। 7 दिनों में सर्वे पूरा करने का आश्वासन दिया। बिजावर एसडीएम का हस्तक्षेप समाप्त होगा। गांव के बदले सुविधायुक्त नया गांव बसाने पर सहमति। कट-ऑफ डेट अप्रैल 2026 करने पर विचार। मुआवजा राशि बढ़ाने पर चर्चा (12.30 लाख से 25 लाख तक) आदिवासी महिलाओं के लिए विशेष पैकेज पर सहमति। आंदोलन अब भी जारी रख रहे प्रदर्शनकारी हालांकि प्रशासन ने कई मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन आंदोलनकारियों का भरोसा अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। उनका कहना है कि पहले भी कई बार लिखित आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हुआ। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा, “यह सिर्फ अधिकार की नहीं, अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक फैसले जमीन पर लागू नहीं होंगे, आंदोलन जारी रहेगा।” आंदोलन में हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान शामिल हो चुके हैं। लगातार बढ़ती भीड़ और समर्थन से यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहा है। प्रशासनिक दबाव के बावजूद आंदोलन और तेज होता नजर आ रहा है। आंदोलनकारियों का साफ संदेश है-“मिट्टी हमारी, नदी हमारी, गांव हमारा… मनमानी अब नहीं चलेगी।” गुरूवार आगे की रणनीति तय होगी गुरुवार को आंदोलनकारियों की बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें तय किया जाएगा कि आंदोलन स्थगित किया जाए या और तेज किया जाए। देखें प्रदर्शन की तस्वीरें
ग्वालियर महापौर की कार पर बाइक सवारों ने किया हमला:कार पर रॉड मारी, गनमैन के उतरते ही भागे, मक्सी के पास हुई वारदात

ग्वालियर महापौर व कांग्रेस नेत्री डॉ. शोभा सतीश सिकरवार पर उज्जैन के मक्सी में हमला हुआ है। महापौर अपनी बेटी के साथ पूजा करने के लिए उज्जैन जा रही थीं। रात 12 बजे के लगभग वह मक्सी के पास पहुंची थी कि तभी बाइक सवार कुछ बदमाश आए और उनकी कार पर लोहे की रॉड मारी। अचानक हुए हमने से दहशत फैल गई। तत्काल महापौर का गनमैन अलर्ट पॉजिशन में आया और कार से उतरा, लेकिन गनमैन को देखते ही बाइक सवार भाग गए। घटना में किसी कोई चोट नहीं आई है। घटना 14 अप्रैल की रात 12 की मक्सी रोड उज्जैन की बताई जा रही है। उज्जैन एसपी को घटना की जानकारी दी गई है। हमलावर कौन थे और उनका मकसद क्या था फिलहाल जांच की जा रही है। महापौर के पति व कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने पूरी घटना की पुष्टि की है। गनमैन साथ में मौजूद था ग्वालियर महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार अपनी बेटी के साथ उज्जैन महाकालेश्वर व मंगलेश्वर के दर्शन करने के लिए अपनी कार से रवाना हुई थीं। शाम को वह निकली थीं और गाड़ी में उनके और उनकी बेटी के अलावा गनमैन व वाहन चालक था। रात 11 से 12 बजे के बीच वह जब उज्जैन के मक्सी रोड पर थीं तभी अचानक बाइक सवार दो बदमाश सामने से आए और उनकी कार के कांच पर लोहे की रोड मार दी। गनमैन ने तत्काल सभी को सुरक्षित करते हुए वहां से ही कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार को मामले की सूचना दी। उज्जैन एसपी को मामले से अवगत कराया। महापौर पर हमले की सूचना से तत्काल पहुंची पुलिस जैसे ही उज्जैन पुलिस को ग्वालियर की कांग्रेस महापौर पर हमले की सूचना मिली तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आसपास के इलाके में नाकाबंदी कर बाइक सवारों की तलाश की, लेकिन कोई भी संदेही हाथ नहीं आया है। सुनसान रहती है मक्सी रोड बताया गया है कि मक्सी के पास जहां महापौर की कार पर हमला हुआ है वह रास्ता सुनसान है। वहां अक्सर लूटपाट होती है। ऐसा भी माना जा रहा है कि बदमाशों ने लूट के इरादे से ही हमला किया होगा। कांग्रेस विधायक ने की घटना की पुष्टि ग्वालियर से कांग्रेस विधायक व महापौर शोभा सिकरवार के पति डॉ. सतीश सिकरवार ने दैनिक भास्कर को बताया कि घटना सही है। महापौर उज्जैन जा रही थीं, लेकिन मक्सी रोड पर उनकी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला किया है। महापौर सुरक्षित हैं। हमले की सूचना वहां की पुलिस को दी गई है।
एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स पर राजस्व-खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई:सामाजिक कार्यकर्ता की अपील के बाद प्रशासन ने की जांच

आलीराजपुर में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर नीतू माथुर के निर्देश पर राजस्व एवं खाद्य विभाग ने बुधवार को संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) निधि मिश्रा और खाद्य अधिकारी श्री गडरिया के नेतृत्व में दल ने शहर के विभिन्न होलसेल कोल्ड ड्रिंक्स विक्रय प्रतिष्ठानों, गोदामों और होटलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया। साथ ही विभिन्न ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक्स और मिठाइयों के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से आर.आर. ग्रुप कैम्पा, शुभम जिंसी कोल्ड ड्रिंक्स, श्री मार्केटिंग कोल्ड ड्रिंक्स, शारणेश्वर टी स्टॉल और अभय एव्हरफ्रेश पर की गई। यह अभियान सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा द्वारा सोशल मीडिया पर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स और एमआरपी से अधिक वसूली की शिकायतों के बाद शुरू किया गया। कलेक्टर नीतू माथुर ने इन शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नितेश अलावा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि आलीराजपुर जिलेभर में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स और पेय पदार्थों की बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगोरिया से लेकर शादी के सीजन तक संबंधित विभाग द्वारा किसी भी दुकान पर जांच-पड़ताल नहीं की गई। अलावा ने यह भी कहा कि आम जनता और आदिवासियों की अज्ञानता का फायदा उठाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई जगहों पर एमआरपी से अधिक पैसे वसूलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
कॉमेडियन को पुलिस ने प्रयागराज से उठाया:पवन कल्याण की 3 शादियों का मजाक उड़ाया, भतीजी के तलाक पर भी कमेंट किया

साउथ के स्टैंडअप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आंध प्रदेश की पुलिस मंगलवार को प्रयागराज पहुंची और अनुदीप को उठा ले गई। अनुदीप अपने परिवार से मिलने आए थे। परिजनों के मुताबिक, पुलिस उन्हें ट्रेन से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा ले गई है। अनुदीप पर आरोप है कि उन्होंने अपने एक स्टैंड-अप वीडियो में एक्टर पवन कल्याण की तीन शादियों का मजाक उड़ाया। तेलुगु एक्ट्रेस और पवन कल्याण की भतीजी निहारिका कोनिडेला पर भी कमेंट किया। निहारिका का 2023 में तलाक हो चुका है। अनुदीप ने मजाक में कहा था कि ऐसे मामलों में वह अपने चाचा (पवन कल्याण) से सलाह ले सकती हैं। पवन कल्याण वर्तमान में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं। इस टिप्पणी के बाद उनकी पार्टी जन सेना के समर्थकों ने आपत्ति जताई। मामले में 11 अप्रैल को काकीनाडा टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। पवन कल्याण का विधानसभा क्षेत्र पीठापुरम भी काकीनाडा जिले में ही आता है। निहारिका का जिक्र करने से शुरू हुआ था विवाद विवाद उस मजाक से शुरू हुआ, जिसमें अनुदीप कटिकला ने एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला का जिक्र किया। आरोप है कि अनुदीप ने निहारिका के तलाक का जिक्र कर महिलाओं के नाम घसीटे और अशोभनीय टिप्पणी की। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि अनुदीप ने अपने वीडियो के जरिए पवन कल्याण और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन पर व्यंग्य और कथित अश्लील भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने और वैमनस्य फैलाने की बात कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद अनुदीप को जन सेना समर्थकों की ओर से ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्हें धमकियां भी मिलने लगीं। लोकेशन ट्रेस कर प्रयागराज आई आंध्र प्रदेश पुलिस परिवार के एक सदस्य ने बताया- काकीनाडा जिले के दो पुलिस अधिकारी 14 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने एक पार्क में अनुदीप के फोन की लोकेशन ट्रेस की। उस समय अनुदीप अपने पिता के साथ थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह केस काकीनाडा के टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज है। शिकायत जन सेना पार्टी के पूर्वी गोदावरी के संयुक्त सचिव बड़े वेंकट कृष्णा ने की है। अनुदीप को पहले प्रयागराज में स्थानीय थाने ले जाया गया। इसके बाद उन्हें ट्रेन से काकीनाडा ले जाया गया है। पुलिस ने परिवार को बताया कि काकीनाडा पहुंचने के बाद उन्हें नोटिस देकर स्टेशन बेल पर रिहा किया जा सकता है। मामले में ज्यादातर धाराएं जमानती हैं। अनुदीप पर मानहानि और अश्लील कंटेंट का आरोप अनुदीप कटिकला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर BNS की धारा 356(2) के तहत मानहानि का आरोप है। धारा 353(2) के तहत अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाकर वैमनस्य बढ़ाने का केस दर्ज किया गया है। वहीं, धारा 79 के तहत महिला की गरिमा का अपमान करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है। यह धारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित करने से जुड़ी है। पुलिस ने इन धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कौन हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला 30 वर्षीय अनुदीप कटिकला हैदराबाद के स्टैंड-अप कॉमेडियन हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत कॉर्पोरेट सेक्टर से की थी। करीब दो साल तक वे एक ई-लर्निंग कंपनी में एसोसिएट प्रोडक्ट मैनेजर रहे। इसके बाद उन्होंने करियर बदलने का फैसला लिया और फुल-टाइम स्टैंड-अप कॉमेडी में आ गए। साल 2023 में उन्होंने छोटे-छोटे शो से कॉमेडी की शुरुआत की। वे दूसरे नए कॉमेडियंस के साथ मिलकर अलग-अलग मंचों पर परफॉर्म करते रहे। अनुदीप हैदराबाद में नियमित ओपन माइक भी होस्ट करते थे, जिन्हें ‘तेलुगु स्टैंड-अप कॉमेडी शो’ के नाम से जाना जाता है। इन शो के जरिए नए कलाकारों को मंच मिला और उन्हें अपनी कला दिखाने का मौका मिला। टॉलीवुड रोस्ट से सुर्खियों में आए अनुदीप अनुदीप कटिकला ‘सिली साउथ कॉमेडी क्लब’ के फांउडर भी हैं। यह तेलुगु स्टैंड-अप कॉमेडियंस का एक ग्रुप है, जहां नए और उभरते कलाकारों को मंच मिलता है। हैदराबाद और बेंगलुरु में नियमित शो करते हुए उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की। इसी दौरान उन्होंने ‘द टॉलीवुड रोस्ट शो’ भी तैयार किया। इस शो में उन्होंने टॉलीवुड सितारों पर खुलकर व्यंग्य किया। शो के बारे में उनका कहना था कि इसमें किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। अब इसी तरह के मजाक और टिप्पणियां चर्चा में हैं। तेलुगु सितारों पर किए गए उनके जोक्स को लेकर विवाद बढ़ा और मामला तूल पकड़ गया। अनुदीप ने अपने जोक्स पर दी थी सफाई विवाद बढ़ने के बाद अनुदीप कटिकला ने अपने मजाक को लेकर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका मकसद तलाक जैसे विषय को सामान्य बनाना था। अनुदीप के मुताबिक, उन्होंने अपने शो में यह भी कहा था कि तलाक कोई मजाक की बात नहीं है। इससे जुड़े लोगों के निजी कारणों का सम्मान किया जाना चाहिए। जब कोई व्यक्ति कठिन स्थिति में होता है, तो वह ऐसे लोगों से सलाह लेता है जो पहले उसी दौर से गुजर चुके हों। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे घुटने की सर्जरी कराने वाला व्यक्ति किसी ऐसे रिश्तेदार से सलाह ले सकता है, जिसकी पहले सर्जरी हो चुकी हो। इसी वीडियो में अनुदीप ने राम चरण, बालकृष्ण और जूनियर एनटीआर पर भी चुटकुले किए थे। राम चरण के कुछ प्रशंसकों ने एक टिप्पणी पर नाराजगी जताई। इसमें अनुदीप ने उन्हें “फेमिनिस्ट” कहा था और उनकी पत्नी उपासना के संदर्भ में मजाक किया था। ———————— ये खबर भी पढ़िए- नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। इस बीच, नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में राजद
पत्नी ने बात बंद की पति पटरी पर लेट गया:मायके चले जाने पर आत्महत्या की कोशिश, डायल 112 ने बातों में उलझाकर किया रेस्क्यू

सीहोर में पत्नी के बात बंद करने पर युवक पटरी पर लेट गया। युवक द्वारा आत्महत्या की कोशिश की जानकारी मिलते ही डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बातों में उलझाकर उसे बचाया। युवक आत्महत्या के इरादे से रेल पटरी पर लेटा हुआ था, जिसे पुलिस ने समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में की गई। भोपाल नाका क्षेत्र से मिली थी सूचना बुधवार दोपहर कंट्रोल रूम को भोपाल नाका क्षेत्र के पास रेल पटरी पर एक युवक के लेटे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एफआरवी-01 (भोपाल नाका) की टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। बातों में उलझाकर किया रेस्क्यू स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने युवक को बातचीत में उलझाकर उसका ध्यान भटकाया और धीरे-धीरे समझाकर उसे पटरी से सुरक्षित हटा लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। सीहोर सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि युवक ने पत्नी के मायके चले जाने और बात करने से मना कर दिए जाने के कारण से आत्महत्या करने की कोशिश की थी। पुलिस ने युवक को बचा लिया है।
Cooking Hack: मैगी बनाने जितना आसान घर पर घी निकालना, प्रिया की रसोई से मिला 10 मिनट वाला जुगाड़

Last Updated:April 15, 2026, 19:17 IST Homemade Ghee Recipe: घर पर घी निकालना उतना ही मुश्किल है, जितना कि मैगी बनाना. अगर आपको ये बात मजाक लग रही है, तो लेख में बताए गए ट्रिक को आजमा कर देख लीजिए. सिर्फ 10 मिनट में बिना किसी मेहनत दुकान जैसा दानेदार घी बनकर तैयार न हो जाए फिर कहना! ख़बरें फटाफट How To Make Ghee At Home: भारतीय घरों में घी खाने से लेकर बनाने का इतिहास काफी पुराना है. इसमें कोई दोराय नहीं कि पारंपरिक तरीके से घर पर घी बनाना थोड़ा पेचीदा होता है. इसलिए आज के समय में ज्यादातर लोग दुकान से ही घी खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन बाजार में शुद्ध घी मिलने की उम्मीद करना आज के समय में खुद की सेहत को खतरे में डालने बराबर है. ऐसे में आज हम आपके लिए घर पर निकालने का एक ऐसा जुगाड़ लेकर आए हैं, जिससे आप बहुत ही आसानी से मलाई से दानेदार घी बना सकते हैं. ठीक वैसा ही जैसा कि दुकानों से आप 1000-500 में खरीदते हैं. इंस्टाग्राम पर priya_rishi_home_kitchen नाम की यूजर ने घी बनाते हुए रील पोस्ट की है. इसमें वो सिर्फ दो इंग्रीडिएंट से घी बनाने का आसान तरीका बता रही हैं. यदि आप भी घर पर घी बनाना चाहते हैं, तो ये ट्रिक आपको जरूर ट्राई करनी चाहिए. View this post on Instagram
आप का आरोप है कि राघव चड्ढा ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की, पार्टी सांसद अशोक मित्तल पर ईडी की छापेमारी की मांग की राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 19:13 IST आप ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने हाल ही में शीर्ष भाजपा नेताओं के साथ बैठक में मित्तल के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था और अपने लिए जेड+ सुरक्षा कवर भी मांगा था। अशोक कुमार मित्तल और राघव चड्ढा. (फोटो एक्स और पीटीआई के माध्यम से) आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को अपने नेता राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और पार्टी सहयोगी और सांसद अशोक कुमार मित्तल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की मांग की। आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने एक प्रेस वार्ता के दौरान ये दावे किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “कुछ दिन पहले, राघव चड्ढा ने भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में, उन्होंने उच्च सदन में हमारे उपनेता अशोक मित्तल जी के परिसर पर छापेमारी का अनुरोध किया और अपने लिए Z+ सुरक्षा की मांग की। उन्हें वास्तव में यह सुरक्षा दी गई थी,” कक्कड़ ने एक्स पर लिखा। कुछ दिन पहले राघव चन्ना की बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात हुई थी। इसमें उन्होंने उच्च सदन में हमारे उपनेता अशोक भिक्षु जी के यहां छापेमारी की और उन्हें बर्खास्त करने के लिए Z+ सुरक्षा की मांग की। उन्हें यह सुरक्षा मिल भी मिली। अरविंद केजरीवाल जी ने राघव चन्ना को समाजवादी राज्य का न्यूनतम बनाया। आज राघव चंदा… pic.twitter.com/1EM4H8Nnxz -आप (@AamAadmiParty) 15 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चड्ढा, जिन्हें आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में भेजा था, अब पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज राघव चड्ढा जी आम आदमी पार्टी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। एक आप कार्यकर्ता के तौर पर मैं उनसे कहना चाहूंगी कि ऐसा न करें।” यह भी पढ़ें: ‘राघव चड्ढा ने सबसे पहले मुझे बधाई दी,’ अशोक मित्तल कहते हैं, जिन्होंने उनकी जगह राज्यसभा में आप उपाध्यक्ष बनाया ये आरोप उस दिन लगे हैं जब प्रवर्तन निदेशालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की जांच के तहत आप के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल और पंजाब और हरियाणा में उनसे और उनके परिवार से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ तलाशी ली। अधिकारियों ने कहा कि जालंधर, आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में लगभग 10 स्थानों की तलाशी ली गई, जिसमें फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और गुरुग्राम में दो शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। जांच में कथित तौर पर संस्थानों से जुड़े कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। मित्तल को हाल ही में सांसद राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का उप नेता नियुक्त किया गया था। वह एलपीयू के चांसलर भी हैं। उनके बेटे, प्रथम मित्तल, गुरुग्राम स्थित शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े हैं। अभी तक संस्थानों की ओर से प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह चुनाव से पहले राजनीति से प्रेरित है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी छापेमारी की आलोचना की और केंद्र पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 19:10 IST समाचार राजनीति आप का आरोप है कि राघव चड्ढा ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की, पार्टी सांसद अशोक मित्तल पर ईडी छापेमारी की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आम आदमी पार्टी के आरोप(टी)आम आदमी पार्टी(टी)राघव चड्ढा(टी)अशोक कुमार मित्तल(टी)प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी(टी)फेमा जांच(टी)लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी(टी)बीजेपी नेताओं की बैठक
बिहार कैबिनेट पोर्टफोलियो: सम्राट चौधरी के पास गृह, स्वास्थ्य सहित 29 विभाग | पूरी सूची देखें | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 18:14 IST सम्राट चौधरी बने बिहार के पहले बीजेपी सीएम, गृह और स्वास्थ्य सहित 29 प्रमुख विभाग अपने पास रखे, डिप्टी विजय सिन्हा और बिजेंद्र यादव को प्रमुख विभाग मिले। बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक समारोह के दौरान राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य लोग माला पहनाते हुए। (पीटीआई फोटो) भाजपा नेता सम्राट चौधरी के बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ ही समय बाद, राज्य सरकार ने बुधवार को विभागों के विस्तृत आवंटन की घोषणा की, जिसमें नए मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख विभागों पर नियंत्रण बरकरार रखा है। चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के किसी नेता के राज्य में शीर्ष पद पर आसीन होने का पहला उदाहरण बनाते हुए 29 विभागों को अपने प्रभार में रखा है। सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग हैं इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट सचिवालय, सतर्कता, चुनाव, राजस्व और भूमि सुधार, खान और भूविज्ञान, शहरी विकास और आवास, स्वास्थ्य, कानून, उद्योग, सड़क निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार और कौशल विकास, पर्यटन, कला और संस्कृति, डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, सहयोग, पर्यावरण, वन और जलवायु शामिल हैं। परिवर्तन, चीनी उद्योग, सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और पंचायती राज। यह भी पढ़ें: सीएम की कुर्सी से परे: क्या यह बिहार में प्रभुत्व कायम रखने का नीतीश कुमार का मास्टरप्लान है? यह घोषणा चौधरी को पटना के लोक भवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन द्वारा शपथ दिलाने के बाद की गई। इस समारोह में जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान सहित वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया, जिन्होंने एक दिन पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। डिप्टी सीएम को क्रमशः 10 और 8 विभाग मिलते हैं कैबिनेट बंटवारे के तहत उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को 10 विभाग सौंपे गए हैं. उनके पोर्टफोलियो में जल संसाधन, संसदीय मामले, सूचना और जनसंपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा शामिल हैं, जिससे उन्हें प्रमुख बुनियादी ढांचे, शासन और सामाजिक क्षेत्रों का प्रभार दिया गया है। एक अन्य उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना और विकास, निषेध, उत्पाद शुल्क और पंजीकरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, समाज कल्याण, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य सहित आठ विभाग आवंटित किए गए हैं, जिससे उन्हें राज्य के वित्तीय प्रबंधन, कल्याण वितरण और ऊर्जा क्षेत्र का नियंत्रण मिल गया है। दोनों उपमुख्यमंत्रियों और जद (यू) के विजय कुमार चौधरी ने भी चौधरी के साथ शपथ ली और उम्मीद है कि वे बिहार में नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चौधरी, जो लगभग तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और नौ साल पहले भाजपा में शामिल हुए थे, ने कहा कि वह तुरंत काम शुरू करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने कहा, “मैं आज से ही काम पर लग जाऊंगा। निश्चिंत रहें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार द्वारा विकसित शासन के मॉडल का बिहार में पालन किया जाएगा।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 18:10 IST समाचार राजनीति बिहार कैबिनेट पोर्टफोलियो: सम्राट चौधरी के पास गृह, स्वास्थ्य सहित 29 विभाग | पूरी सूची देखें अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री(टी)बिहार कैबिनेट पोर्टफोलियो(टी)सम्राट चौधरी बीजेपी(टी)बिहार की नई सरकार(टी)विजय कुमार सिन्हा डिप्टी सीएम(टी)बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्त(टी)नीतीश कुमार राज्यसभा(टी)एनडीए सरकार बिहार
‘सरकार चाल चल रही है’: परिसीमन चिंताओं पर महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करेगी इंडिया ब्लॉक | भारत समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 17:26 IST कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिस तरीके से विधेयक पेश किया गया उस पर पार्टियों को आपत्ति है। नई दिल्ली में खड़गे के आवास पर इंडिया ब्लॉक की बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता राहुल गांधी, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, आप नेता संजय सिंह, राजद नेता तेजस्वी यादव, डीएमके नेता टीआर बालू और अन्य। (छवि: पीटीआई) नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा के लिए संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक से एक दिन पहले, INDI गठबंधन ने बुधवार को कहा कि वह महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करेगा, हालांकि उसने कहा कि वह आरक्षण के खिलाफ नहीं है। गठबंधन के नेताओं ने नई दिल्ली में बैठक के बाद यह फैसला लिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जिनके आवास पर बैठक हुई, ने कहा कि जिस तरीके से विधेयक पेश किया गया, उस पर पार्टियों को आपत्ति है। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता जताई और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार पर चालें चलने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा, “हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। लेकिन जिस तरह से वे इसे लेकर आए हैं, हमें उस पर आपत्ति है। यह राजनीति से प्रेरित है।” उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य “विपक्षी दलों को दबाना” है। उन्होंने कहा, “वे परिसीमन को लेकर कुछ चालें खेल रहे हैं। सभी दलों को एकजुट होना चाहिए और संसद में लड़ना चाहिए। हम इस विधेयक का विरोध करेंगे, लेकिन हम (महिलाओं के लिए) आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं।” खड़गे ने कहा, ”हालांकि हमने महिला आरक्षण विधेयक का लगातार समर्थन किया है, हम इस बात पर जोर देते हैं कि पहले के संशोधनों को लागू किया जाए।” उन्होंने कहा कि पार्टियों को परिसीमन प्रक्रिया पर लंबे समय से चिंता है। 16 से 18 अप्रैल तक संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसके दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, में संशोधन किया जाएगा ताकि 2029 से इसके कार्यान्वयन को सक्षम किया जा सके। एएनआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चर्चा लोकसभा में 18 घंटे और राज्यसभा में 10 घंटे तक जारी रह सकती है। इसमें कहा गया कि चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने की उम्मीद है और गृह मंत्री अमित शाह बहस का जवाब देंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि वह इस बात की राजनीति में नहीं जा रहे हैं कि कौन सी पार्टी क्या कह रही है। उन्होंने कहा, “संसद और विधानसभाओं में कोई भी पार्टी महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रही है। जब हमने पिछली लोकसभा में नारी शक्ति अधिनियम पारित किया था, तो किसी भी राजनीतिक दल ने इसका विरोध नहीं किया था। इसलिए, सिद्धांत रूप में और आत्मा में, हर कोई एक साथ है। नारी शक्ति वंदन धिनियम में, हर पार्टी एक साथ है।” सांसदों के बीच प्रसारित विधेयक के मसौदे के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया के बाद महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को क्रियान्वित करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है। कोटा को समायोजित करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं में सीटें भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। संसद ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था, जिसमें एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण प्रदान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं होगा, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन अभ्यास से जुड़ा हुआ है। प्रस्तावित संशोधनों का लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए कार्यान्वयन को आगे बढ़ाना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 16:58 IST न्यूज़ इंडिया ‘सरकार चाल चल रही है’: परिसीमन चिंताओं पर महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करेगी इंडिया ब्लॉक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण विधेयक(टी)इंडी गठबंधन(टी)भारतीय संसद(टी)राजनीतिक विपक्ष(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व(टी)परिसीमन संबंधी चिंताएं(टी)संवैधानिक संशोधन







