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‘निम्न श्रेणी का आदमी’: कनिमोझी ने डीएमके में अपनी भूमिका की आलोचना पर एडप्पादी पलानीस्वामी की आलोचना की | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:09 अप्रैल, 2026, 23:19 IST पलानीस्वामी ने डीएमके नेता कनिमोझी एनवीएन सोमू का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि उनकी पार्टी में कोई वास्तविक भूमिका नहीं है और वह “इतनी बातें कर रही हैं।” न्यूज18 चुनावी राज्य तमिलनाडु में गुरुवार को जुबानी जंग तेज हो गई जब एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने डीएमके नेता कनिमोझी एनवीएन सोमू का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उनकी पार्टी में कोई वास्तविक भूमिका नहीं है और वह “इतनी बातें कर रही हैं।” एक चुनावी रैली में बोलते हुए, पलानीस्वामी ने कहा, “उनके (डीएमके सांसद कनिमोझी) के पास उस पार्टी में कोई काम नहीं है। क्या उन्हें किसी पद पर रखा गया है? क्या पार्टी में किसी ने उन्हें रखा भी है? बिना किसी पद के भी वह इतनी बातें कर रही हैं।” जवाब में, कनिमोझी ने पूर्व सीएम को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी टिप्पणियों को “निम्न-श्रेणी” और “अशोभनीय” बताया। होम लोन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्तर அவர்கள் பற்றியும், கழக இளைஞரணிச் செயலாளர் மாண்புமிகு திரு.உதயநிதி ஸ்டாலின் அவர்கள் பற்றியும் தரம் தாழ்ந்து கருத்துக்களை வெளியிட்ட எடப்பாடி பழனிச்சாமி அவர்கள், एक और विकल्प चुनें… pic.twitter.com/aCmu9j2f3z– डॉ कनिमोझी एनवीएन सोमू (@DrKanimozhiSomu) 9 अप्रैल 2026 “चुनाव प्रचार की आड़ में, एडप्पादी पलानीस्वामी, जो डीएमके अध्यक्ष माननीय थिरु के बारे में निम्न श्रेणी की टिप्पणी करने पर उतर आए थे। एमके स्टालिन और डीएमके यूथ विंग के सचिव माननीय थिरु। उदयनिधि स्टालिन ने अब हमारी उप महासचिव श्रीमती कनिमोझी करुणानिधि के बारे में अशोभनीय आलोचना की है..!” उन्होंने लिखा था। कनिमोझी ने कहा, “एडप्पादी पलानीस्वामी के अहंकार, अहं और इस तरह की अपरिपक्व टिप्पणियों से तमिलनाडु का सिर शर्म से झुक गया है।” “तमिलनाडु के लोग, विशेष रूप से महिलाएं, निश्चित रूप से इस चुनाव में इस निम्न-वर्गीय व्यक्ति, एडप्पादी पलानीस्वामी को पूरी तरह से हटाने का संकल्प लेंगी – जो साथी नेताओं का सम्मान करना नहीं जानता और नारीत्व का अपमान करता है – तमिलनाडु के राजनीतिक क्षेत्र से।” यह टिप्पणी तब आई है जब राज्य विधानसभा चुनावों के लिए कड़ी तैयारी कर रहा है, जिसमें द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच कड़ी टक्कर देखने की उम्मीद है। अभिनेता से नेता बने विजय भी चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। तमिलनाडु में एक चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होना है और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 09 अप्रैल, 2026, 23:19 IST समाचार राजनीति ‘निम्न श्रेणी का आदमी’: कनिमोझी ने डीएमके में अपनी भूमिका की आलोचना के लिए एडप्पादी पलानीस्वामी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव में जुबानी जंग(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)कनिमोझी करुणानिधि(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)चुनाव अभियान टिप्पणियाँ(टी)राजनीतिक विवाद तमिलनाडु(टी)महिला मतदाता तमिलनाडु

श्योपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत:गुरुनावदा रोड पर अज्ञात वाहन ने कुचला; हाईवे पर रिश्तेदार से मिलकर लौट रहा था

श्योपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत:गुरुनावदा रोड पर अज्ञात वाहन ने कुचला; हाईवे पर रिश्तेदार से मिलकर लौट रहा था

श्योपुर-पाली हाईवे पर गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे एक अज्ञात वाहन की टक्कर से 24 वर्षीय युवक प्रदीप उर्फ गोलू जाटव की मौत हो गई। हादसा गुरुनावदा रोड स्थित ददूनी श्मशान घाट के पास हुआ। मृतक गुरुनावदा में अपने रिश्तेदार से मिलने के बाद वापस अपने गांव सोई कलां लौट रहा था, तभी रास्ते में तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट, घटनास्थल पर तोड़ा दम हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद प्रदीप के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद सोई कलां पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। परिवार का इकलौता सहारा था प्रदीप मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले प्रदीप की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में डेढ़ साल का बेटा अरब और ढाई साल की बेटी हर्षिता है। हादसे की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस सोई कलां पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाकर मौत कारित करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार वाहन और चालक की पहचान के लिए हाईवे पर लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी की गिरफ्तारी की जा सके।

समाधि के 5 दिन बाद निकाला संत का शव:हत्या की आशंका पर पोस्टमार्टम कराया; 5 घंटे चली प्रक्रिया, प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

समाधि के 5 दिन बाद निकाला संत का शव:हत्या की आशंका पर पोस्टमार्टम कराया; 5 घंटे चली प्रक्रिया, प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में संत ब्रजराजपुरी महाराज की मृत्यु को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले जहां संत की मौत को सामान्य बताया जा रहा था, वहीं अब संत समाज और परिजनों ने इसमें संदेह जताते हुए जांच की मांग उठाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को प्रशासन की मौजूदगी में समाधि स्थल से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। ओंकार पर्वत स्थित ओंकार बिंदु पर संत ब्रजराजपुरी (गुरु धर्मेंद्र पुरी) के निधन के बाद संत परंपरा के अनुसार उनकी देह को विधिवत समाधि दे दी गई थी। लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। समाधि के दो दिन बाद संत ओंकार दास उदासीन और संत के बेटे शिवकुमार रघुवंशी थाने पहुंचे और साथ ही कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर संत की मौत पर संदेह जताया और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इधर, 5 दिन बाद समाधी से संत का शव बाहर निकाला गया और मौके पर पोस्टमार्टम किया गया। यह प्रक्रिया करीब 5 घंटे तक चली। इस दौरान थाना मांधाता प्रभारी अनोख सिंदया, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई, डॉक्टर रवि वर्मा, डॉ. राज हिरवे सहित मेडिकल टीम और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे सैंपल सिविल हॉस्पिटल ओंकारेश्वर के डॉक्टर रवि वर्मा ने बताया कि मृतक के विभिन्न अंगों के सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इधर, एसपी मनोज कुमार राय ने कहा कि, पूरे मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

'कुंभ वायरल गर्ल' नाबालिग निकली, फरमान पर POCSO में FIR:अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में खुलासा; MP-केरलम के DGP दिल्ली तलब

'कुंभ वायरल गर्ल' नाबालिग निकली, फरमान पर POCSO में FIR:अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में खुलासा; MP-केरलम के DGP दिल्ली तलब

कुंभ वायरल गर्ल की शादी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, लेकिन वह नाबालिग है। रिकॉर्ड के अनुसार, शादी के समय लड़की की उम्र मात्र 16 साल 2 माह थी। मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले गए। NCST ने मामले में केरलम और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली तलब किया है। निकाह के वक्त 16 साल की थी वायरल गर्ल जांच में यह भी सामने आया कि लड़की का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। 11 मार्च 2026 को केरल में हुए विवाह के समय वह नाबालिग थी। नगर पालिका महेश्वर से जारी एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग कर केरल के पुअर गांव में शादी का पंजीकरण कराया गया था, जिसे अब निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। PFI कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की आशंका मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के समक्ष केरल के सीपीआई-एम नेताओं और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया है। आरोप है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है। इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी कर रहा है। 2 राज्यों के डीजीपी दिल्ली तलब मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली मुख्यालय तलब किया है। आयोग ने दोनों राज्यों की पुलिस को हर तीन दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित आदिवासी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश महेश्वर पुलिस निकाह के पीछे सक्रिय सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही केरल पुलिस और स्थानीय राजनेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। …………………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में सहेली ने नीट शराब पिलाई, 2 दोस्तों से रेप कराया मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2 युवकों ने 17 साल की लड़की से रेप किया है। आरोपियों ने पहले बीयर पिलाई, फिर नीट शराब पिलाई। इससे नाबालिग नशे में बदहवाश हो गई। आरोपियों ने एक-एक कर वारदात को अंजाम दिया। पिटाई भी की। मामला बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

नीमच में कांग्रेस का प्रदर्शन:गेहूं खरीदी में देरी पर सरकार को घेरा; किसानों की समस्याओं और जर्जर सड़कों को लेकर ज्ञापन दिया

नीमच में कांग्रेस का प्रदर्शन:गेहूं खरीदी में देरी पर सरकार को घेरा; किसानों की समस्याओं और जर्जर सड़कों को लेकर ज्ञापन दिया

नीमच के फोर जीरो-भारत माता चौराहा पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सरकार की किसान नीतियों और क्षेत्र की जर्जर सड़कों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर प्रतिनिधि को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की गई। गेहूं खरीदी में देरी से किसानों को आर्थिक नुकसान जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी की तारीख 23 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल करना किसानों के साथ धोखा है। इस देरी के कारण किसान अपनी उपज 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर निजी व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं। तौल शुरू न होने से लगभग 50 प्रतिशत किसान समय पर कर्ज नहीं चुका पाए और डिफाल्टर हो गए हैं। ओलावृष्टि के मुआवजे और बीमा राशि की मांग प्रदर्शन के दौरान पालसोड़ा-भंवरासा क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को अब तक न तो फसल बीमा मिला है और न ही शासन की ओर से राहत राशि दी गई है। उन्होंने प्रशासन द्वारा पराली जलाने पर किसानों के विरुद्ध दर्ज किए जा रहे मुकदमों पर भी आपत्ति जताई। जर्जर सड़कों के कारण हो रहे हादसों पर नाराजगी कांग्रेस ने नीमच-चीताखेड़ा-जीरन मार्ग की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन को घेरा। कार्यकर्ताओं के अनुसार, सड़क के जर्जर होने से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस मार्ग का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में गेहूं खरीदी तत्काल शुरू करने और डिफाल्टर किसानों को राहत देने की मांग की गई है। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल चौरसिया और महिला कांग्रेस अध्यक्ष आशा सम्भार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों का निराकरण जल्द नहीं हुआ, तो पार्टी आने वाले समय में उग्र आंदोलन करेगी।

अल्लू अर्जुन की तारीफ पर शाहरुख खान ट्रोल:SRK ने फिल्म राका के फर्स्टलुक को शानदार बताया; लोग बोले- धुरंधर 2 पर चुप क्यों

अल्लू अर्जुन की तारीफ पर शाहरुख खान ट्रोल:SRK ने फिल्म राका के फर्स्टलुक को शानदार बताया; लोग बोले- धुरंधर 2 पर चुप क्यों

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने साउथ स्टार अल्लू अर्जुन की फिल्म राका के फर्स्टलुक की तारीफ की है। कल अल्लू अर्जुन ने अपने 44वें जन्मदिन पर फिल्म का पोस्टर जारी किया था। शाहरुख खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘ लिखा, “हैप्पी बर्थडे अल्लू अर्जुन। ‘राका’ का पोस्टर आपकी तरह ही शानदार और दिलचस्प है। मैं इस प्रोजेक्ट को देखने के लिए बेसब्र हूं। एटली के शब्दों में कहूं तो यह एक्सपीरियंस मास मास मास… कहलाएगा। ऑल द बेस्ट एटली।” वहीं दूसरी तरफ ‘धुरंधर 2’ के फैंस शाहरुख के इस पोस्ट के बाद नाराज हो गए हैं। फैंस का कहना है कि शाहरुख ने ग्लोबल लेवल पर रिकॉर्ड तोड़ रही ‘धुरंधर 2’ पर अब तक चुप्पी क्यों साधी हुई है। वहीं अल्लू अर्जुन ने शाहरुख के पोस्ट का जवाब दिया। उन्होंने शाहरुख को शुक्रिया कहते हुए उम्मीद जताई कि वे इस प्रोजेक्ट से सबका दिल जीतेंगे। ‘धुरंधर 2’ पर चुप्पी से नाराज हुए फैंस शाहरुख और अल्लू की इस बॉन्डिंग के बीच ‘धुरंधर 2’ के फैंस ने शाहरुख खान को ट्रोल करना शुरू कर दिया है। दरअसल, रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने दुनियाभर में 1600 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है, लेकिन शाहरुख ने इस पर कोई पोस्ट नहीं किया है। एक यूजर ने लिखा, “आपको धुरंधर पर भी कुछ कहना चाहिए था, वह भी इंडियन मूवी है।” वहीं कुछ यूजर्स ने उन्हें ‘इनसिक्योर’ बताते हुए कहा कि उन्हें बॉलीवुड की फिल्मों को भी सपोर्ट करना चाहिए। पोस्टर में दिखा एक्टर का डरावना अवतार पोस्टर की बात करें तो अल्लू अर्जुन इसमें बिल्कुल बदले हुए दिख रहे हैं। प्रोस्थेटिक मेकअप की मदद से उन्हें काफी उम्रदराज दिखाया गया है। उनकी आंखों में गहरा काजल है और ऊनी कपड़ों से एक बड़ा पंजा बाहर निकलता दिख रहा है। पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा है, “खुद को एक ऐसी सोच के लिए तैयार करें जो सीमाओं से परे है।” इस लुक को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म में एक्टर का किरदार काफी डार्क और रहस्यमयी होने वाला है। 800 करोड़ का बजट और 4 अलग किरदार रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘राका’ का कुल बजट करीब 800 करोड़ रुपए है। इसमें से 200 करोड़ रुपए प्रोडक्शन और 250 करोड़ रुपए सिर्फ VFX पर खर्च किए जा रहे हैं। चर्चा है कि फिल्म में अल्लू अर्जुन एक-दो नहीं बल्कि 4 अलग-अलग किरदार निभाएंगे। इसमें वे दादा, पिता और दो बेटों के रोल में दिख सकते हैं। फिल्म की कहानी पैरेलल यूनिवर्स (दो अलग दुनियाओं) के इर्द-गिर्द घूम सकती है, हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बीजेपी से 1000 करोड़ के कथित घोटालेबाज पर हुमायूँ कबीर की पहली प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

बीजेपी से 1000 करोड़ के कथित घोटालेबाज पर हुमायूँ कबीर की पहली प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर आज गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को सामने आया और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। वीडियो में वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से संबंध रखते हुए और चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ मिलकर कबीर की सहयोगी पार्टी से जांच की मांग की। स्टिंग ऑपरेशन AI से बनाया गया: हुमायूँ कबीर आम जनता पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूँ कबीर ने कहा, ‘यह वीडियो पूरी तरह से एआई के माध्यम से बनाया गया है। पारंपरिक कांग्रेस राजनीतिक रूप से मेरा सामना नहीं कर पा रही है। टीएमसी मेरे और मेरे राजनीतिक दल से डर गई है। असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ जो गठबंधन हुआ है, वह भी डर गया है इसलिए मेरे एआई वीडियो को फैलाया जा रहा है। हुमायूं कबीर ने टीएमसी को दी चुनौती उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें ताकत है तो साबित करें कि मेरे रिश्तेदार बीजेपी नेताओं के साथ मिले हैं, कोई संतगांठ हुआ है।’ अगर साबित कर दूं तो मैं मान लूंगा। अगर साबित नहीं किया जा सका तो न्यूट्रिशनल घोष, बॉबी हाकिम, ममता बनर्जी और अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और उन्हें सजा दिलवा दी जाएगी। एआई वीडियो में पूरे मुस्लिम समाज का अपमान करने और उन्हें नग्न करने की कोशिश की गई है। मुस्लिम वोट ममता बनर्जी से दूर हो गया है। हुमायूँ कबीर के समर्थन में आज मुस्लिम बोल रहे हैं इसलिए डरकर उनकी ऐसी साजिश रची जा रही है।’ टीएमसी ने कहा कि बीजेपी 1000 करोड़ की डील करेगी हुमायूँ कबीर ने कहा, ‘स्टिंग ऑपरेशन में तो बॉबी हाकिम को पैसे लेते देखा गया था, उसका क्या हुआ? अगर सही है तो प्रमाणिक संकेत. यह प्रतीक जैन और अभिषेक एनबीए का खेल है, तरह-तरह की साजिशें की जा रही हैं। तीन भी कोशिश कर लें, बच नहीं पाएंगे। ‘एआई वीडियो में शामिल हुमायूँ कबीर को बदनाम नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें ‘नाराज़ी’ से दूर किया जा सकता है।’ वीडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि कबीर पर यह भी नजर आ रही है कि उनकी रणनीति स्टूडियो कांग्रेस से अल्पसंख्यक समूहों को अपने पक्ष में करने के लिए गुट-गिरफ्तार है। वीडियो में, उन्होंने कथित तौर पर योजना को 1,000 करोड़ रुपये के सौदे के रूप में 200 करोड़ रुपये की प्राप्ति का ज़िक्र किया है। ये भी पढ़ें: असम के मोहरे में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा

असम के असम में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा

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असम विधानसभा चुनाव 2026: मंगलवार के बीच जोरहाट विधानसभा चुनाव का एक ऐसा नजारा सामने आया, जिसमें राजनीतिक मोरचा में एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया गया. आम तौर पर इलिनोइस सरगर्मी के दौरान जहां आरोप-प्रत्यारोप और झारखंड बयानबाजी देखने को मिलती है, वहीं इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। भाजपा हितैषी हितेंद्र नाथ गोस्वामी और कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई एक ही जगह पर साथ में चाय की चुस्की लेते नजर आए। दोनों नेता, जो चुनावी मैदान में एक-दूसरे के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं, बेहद सहज और आत्मीय अंदाज में बातचीत करते हैं। उनके बीच किसी तरह की राजनीतिक कटुता का भाव नहीं दिखा, बल्कि यह मित्रवत सम्मान और मित्रता का प्रतीक उभर कर सामने आया। आसपास मौजूद लोगों ने भी इस पल को खास रुचि के साथ देखा और इसे अपने पहाड़ों में कैद कर लिया। इस तरह की तस्वीरें कम देखने को मिलती हैं इस तरह की कम ही तस्वीरें देखने को मिलती हैं, जहां विरोधी आश्रम के नेता सार्वजनिक रूप से आश्रम में रहते हैं और मित्रतापूर्ण तरीके से संवाद करते हैं। यह दृश्य न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा है, बल्कि सामाजिक और जनचर्चा में भी तेजी से जगह बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता की प्रतिष्ठा नहीं है, बल्कि सेवा और समाज की प्रति जिम्मेदारी का माध्यम भी है। उनका मानना ​​है कि नेताओं के बीच इस तरह का व्यवहारिक लोकतांत्रिक शेयरवर्क मजबूत होता है और समाज में सकारात्मक संदेश मिलता है। बेटियाँ ने इस तस्वीर को क्या लेकर कहा है? अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस प्रकार के स्मारकों में राजनीतिक संस्कृति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैयक्तिक पद पर अलग-अलग पदों पर रहते हुए भी सम्मान बनाए रखा जा सकता है। कुल मिलाकर, जोर हाट के स्टालिनवादी तानाशाही में यह चित्र शामिल है, जिसमें कलाकारों के साथ-साथ सैमुअल और डायलॉग भी शामिल हैं। यह पैलेस प्लाजा के बीच न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि राजनीति में शालीनता और पुरातनपंथी का एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है। यह भी पढ़ें:पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- ‘1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम चुनाव 2026(टी)चाय पे चर्चा(टी)राजनीतिक मर्यादा का प्रदर्शन जोरहाट चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)चाय बैठक(टी)नवीनतम समाचार अपडेट(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम चुनाव 2026(टी)चाय पे चर्चा(टी)जोरहाट चुनाव में राजनीतिक मैनर्स की मिसाल(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)चाय पर बैठक(टी)ताजा समाचार अद्यतन

बड़वानी में किसानों का कलेक्ट्रेट पर धरना:फसल मुआवजे और ऋण तिथि बढ़ाने की मांग; सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

बड़वानी में किसानों का कलेक्ट्रेट पर धरना:फसल मुआवजे और ऋण तिथि बढ़ाने की मांग; सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

बड़वानी जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सीएम के नाम तहसीलदार हितेंद्र भावसार को ज्ञापन देकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। किसानों ने ऋण अदायगी की समय सीमा बढ़ाने, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और फसल नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया। ऋण जमा करने की तिथि 31 मई करने की मांग महासंघ के जिलाध्यक्ष मदन मुलेवा ने बताया कि वर्तमान में ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल निर्धारित है। किसानों की मांग है कि सरकार इसे बढ़ाकर 31 मई करे ताकि नियमित किसानों को इसका लाभ मिल सके। किसानों के अनुसार अभी मक्का खेतों में है और गेहूं की खरीदी व चने के उचित भाव न मिलने से आर्थिक संकट बना हुआ है। ई-टोकन खाद व्यवस्था पर उठाए सवाल ज्ञापन में निमाड़ जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ई-टोकन खाद व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त फार्मर आईडी न होने और सर्वर डाउन रहने की वजह से उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। महासंघ ने इस व्यवस्था को किसानों की परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की मांग की है। नष्ट फसलों के तत्काल सर्वे की अपील जिले में पिछले दिनों हुई असमय बारिश से मक्का, गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक नष्ट हुई फसलों का न तो सर्वे शुरू हुआ है और न ही मुआवजे की कोई योजना बनी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर घेराव की चेतावनी तहसीलदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना और उन्हें उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन या ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी समय में कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

प्रोटीन के लिए अंडे पर निर्भर हैं? ये 5 वेज फूड्स उससे कई कदम आगे हैं, जानकर रह जाएंगे हैरान

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5 High Protein Vegetarian Foods: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फिट रहना चाहते हैं, लेकिन सवाल वही रहता है प्रोटीन कहां से लें? आमतौर पर अंडा इस चर्चा का सबसे आसान जवाब माना जाता है. सुबह का नाश्ता हो या जिम के बाद की डाइट, अंडे को ही सबसे भरोसेमंद विकल्प समझा जाता है. लेकिन क्या सच में प्रोटीन की दुनिया यहीं खत्म हो जाती है? खासकर उन लोगों के लिए जो अंडा नहीं खाते या शाकाहारी हैं, यह सवाल और भी अहम हो जाता है. दिलचस्प बात यह है कि हमारे किचन में ही कई ऐसे फूड मौजूद हैं जो अंडे से ज्यादा प्रोटीन देते हैं. और ये सिर्फ पोषण ही नहीं, स्वाद और सेहत दोनों में आगे हैं. अंडे से ज्यादा प्रोटीन वाले फूड्स की सच्चाईअंडा लगभग 6 से 7 ग्राम प्रोटीन देता है, जो एक संतुलित मात्रा है. लेकिन अगर आप थोड़ी गहराई से देखें, तो कई वेज फूड्स इससे कहीं ज्यादा प्रोटीन देते हैं. किनोआ: छोटा दाना, बड़ा कमालकिनोआ को यूं ही सुपरफूड नहीं कहा जाता. 100 ग्राम किनोआ में करीब 14 ग्राम प्रोटीन होता है. यानी लगभग दोगुना. इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं. जो लोग ग्लूटेन से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह बढ़िया विकल्प है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चना: सस्ता और असरदारअगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में कोई आसान और सस्ता प्रोटीन सोर्स ढूंढ रहे हैं, तो चना सबसे आगे है. 100 ग्राम चने में 15 से 19 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. कई लोग सुबह भीगे हुए चने खाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और एनर्जी बनाए रखते हैं. पनीर: स्वाद और सेहत का संतुलनजिम जाने वाले लोगों की डाइट में पनीर अक्सर शामिल होता है. वजह साफ है 100 ग्राम पनीर में 18 से 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है. साथ ही इसमें कैल्शियम भी भरपूर होता है. हालांकि, जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए. दाल: हर घर का हेल्दी हिस्साभारतीय खाने में दाल सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि पोषण का आधार है. 100 ग्राम दाल में 9 से 12 ग्राम प्रोटीन होता है. यह पाचन को बेहतर बनाती है और शरीर को लगातार ऊर्जा देती है. सोया चंक्स: प्रोटीन का पावरहाउसअगर बात सबसे ज्यादा प्रोटीन की करें, तो सोया चंक्स बाजी मार लेते हैं. 100 ग्राम में 50 से 52 ग्राम प्रोटीन यह आंकड़ा किसी भी नॉन-वेज विकल्प को टक्कर देता है. यही कारण है कि वेजिटेरियन लोग इसे अपनी डाइट में तेजी से शामिल कर रहे हैं. बदलती डाइट, बदलती सोचआजकल लोग सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि सही पोषण के लिए खा रहे हैं. सोशल मीडिया और फिटनेस ट्रेंड्स ने लोगों को जागरूक किया है. अब लोग समझ रहे हैं कि सिर्फ अंडा ही नहीं, बल्कि कई शाकाहारी विकल्प भी शरीर को उतनी ही मजबूती दे सकते हैं. कई परिवारों में अब नाश्ते में अंकुरित चना, लंच में दाल और डिनर में पनीर जैसे विकल्प शामिल हो रहे हैं. यह बदलाव धीरे-धीरे ही सही, लेकिन सेहत के लिए बड़ा कदम है. प्रोटीन के लिए अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. चना, पनीर, किनोआ, दाल और सोया जैसे फूड्स न सिर्फ सुलभ हैं, बल्कि ज्यादा असरदार भी साबित हो सकते हैं. जरूरत है तो बस सही जानकारी और संतुलित डाइट अपनाने की. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)