Skin Care : झाइयों ने कर रखा है परेशान? पत्थर पर घिसकर दूध के साथ लगाइये ये चीज, खिल उठेगा मुरझाया चेहरा

Last Updated:April 03, 2026, 17:59 IST Skin care tips : अक्सर महिलाएं झाइयों से परेशान रहती हैं. अगर आपकी त्वचा भी संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. लोकल 18 से देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. जायफल की मदद से चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाला जायफल सिर्फ जायका नहीं बढ़ाता बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने वाला एक शक्तिशाली तत्व भी है. इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाकर उसे पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं. जब जायफल को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है, तो यह त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ उसे गहरा पोषण भी देता है. इसकी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है. ये गुण त्वचा पर होने वाली सूजन और बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक हैं. अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. मुंहासों से परेशान महिलाओं के लिए जायफल किसी वरदान से कम नहीं है. देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करने में बेहद कारगर होता है. इसके नियमित उपयोग से न केवल नए मुंहासे आना बंद हो जाते हैं, बल्कि पुराने दाग-धब्बों में भी धीरे-धीरे कमी आने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन को हेल्दी रखने के साथ-साथ जायफल में एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण भी समाहित हैं. यह त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करता है और बाहरी प्रदूषण व हानिकारक तत्वों से एक सुरक्षा कवच की तरह लड़ता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. इस पेस्ट को चेहरे पर करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी की मदद से चेहरे को हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. यह प्रक्रिया त्वचा को उचित हाइड्रेशन प्रदान करती है, जिससे चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. अगर आप झाइयों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद का पुराना नुस्खा अपना सकते हैं. इसके लिए एक साबुत जायफल को कुछ घंटों के लिए दूध में भिगो दें. इसके बाद एक साफ पत्थर जैसे सिलबट्टे पर इसे दूध के साथ रगड़कर पेस्ट तैयार करें. इस ताजे पेस्ट को इफेक्टेड एरिया पर लगाने से झाइयां तेजी से कम होती हैं. इसके नियमित उपयोग से असमय आने वाली झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा लंबे वक्त तक जवां और सुंदर बनी रहती है. बिना किसी केमिकल के अपनी खूबसूरती बढ़ाने का यह एक सुरक्षित और किफायती नुस्खा है. First Published : April 03, 2026, 17:59 IST
दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपने कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दतिया जिले में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे रात का मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी के कारण कई जगह धूल उड़ती नजर आई, वहीं सुबह करीब 4 बजे हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सुबह होते ही आसमान में बादल छा गए और मौसम सुहावना बना रहा, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बादल छंटने लगे और तेज धूप निकल आई। दोपहर तक सूरज की तपिश इतनी बढ़ गई कि लोगों को उमस और गर्मी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज मौसम में आए इस बदलाव के बीच न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और यह 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक है। इससे रात में भी हल्की गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो एयरपोर्ट क्षेत्र में 0.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 15 मिमी बारिश हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इस असमान बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंधी और बूंदाबांदी का असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। कटाई के लिए तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा से फसल गिरने और बारिश से दाने खराब होने का खतरा बना हुआ है।
ईरान युद्ध प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विभाजित; आनंद शर्मा ने राजनीतिकरण को ‘राष्ट्रीय अपकार’ बताया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 17:47 IST आनंद शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश के रुख के विपरीत पार्टियों से भारत की पश्चिम एशिया कूटनीति का समर्थन करने और पक्षपात से बचने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता अन्नद शर्मा (क्रेडिट: पीटीआई) पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राजनीतिक दलों से पक्षपात से बचने और इसके बजाय भारत के राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्थिति राष्ट्रीय एकता की मांग करती है। संकट से निपटने के भारत के तरीके पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि भारतीय राजनयिक और मिशन प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और प्रोत्साहन के पात्र हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे को राजनीतिक बहस में नहीं बदला जाना चाहिए, उन्होंने इस तरह के दृष्टिकोण को “राष्ट्रीय क्षति” बताया। उन्होंने कहा, “… भारत के राजनयिक, राजदूत, मिशन कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और उनके प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने इसे कुशलता से संभाला है। हम इस कथा को किसी भी पक्षपातपूर्ण राजनीति में नहीं फंसा सकते। यह एक राष्ट्रीय नुकसान होगा… अब तक, हमारे पास एक ऐसी स्थिति है जहां भारतीय प्रवासी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हम शायद एकमात्र देश हैं जहां अधिकतम संख्या में जहाज या तो भारत के माध्यम से चले गए हैं या भारत की ओर मोड़ दिए गए हैं… ऐसे संकट में, भारत को एक आंतरिक राष्ट्रीय सहमति बनानी चाहिए और संकल्प करें…” निरंतर राजनीतिक जुड़ाव की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए, शर्मा ने कहा, “कई बार हमारी अपनी स्थिति होती है… मेरी भी अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता होती है। लेकिन कई बार एक भारतीय के रूप में आप सोचते हैं कि आपके लोग, आपके राजनयिक, आपके अधिकारी राजनीतिक नेतृत्व से क्या सुनना चाहते हैं। हां, सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक की है। इसे उन्नत किया जाना चाहिए। यह बातचीत भारत के राष्ट्रीय हित में जारी रहनी चाहिए। हमें राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन करना चाहिए।” उनकी टिप्पणी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के विरोधाभासी है, जिन्होंने हाल ही में वैश्विक कूटनीति के प्रति सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए अधिक आलोचनात्मक टिप्पणी की थी। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता का प्रयास करने की रिपोर्टों का जिक्र करते हुए, खेड़ा ने कहा कि उन्हें “शर्मिंदा” महसूस होता है कि भारत विश्व मंच पर बड़ी भूमिका नहीं निभा रहा है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर की पहले की टिप्पणी पर भी पलटवार किया कि भारत “दलाल” या बिचौलिया नहीं है, उन्होंने पूछा, “तो फिर हम रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान क्या कर रहे थे? क्या हम तब मध्यस्थता नहीं कर रहे थे?” इस सप्ताह की शुरुआत में, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि विदेश मंत्री भारत की “अत्यधिक शर्मिंदगी” को छिपाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा था, “डैपर और लंबे समय से अनुभवी विदेश मंत्री पश्चिम एशिया में मौजूदा युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता के मध्यस्थ और सूत्रधार के रूप में पाकिस्तान के उभरने से भारत की अत्यधिक शर्मिंदगी और इसकी क्षेत्रीय कूटनीति को लगे झटके को कवर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “मध्यस्थता की भूमिका के लिए पाकिस्तान पर भी विचार किया जा सकता है, यह प्रधान मंत्री मोदी की कूटनीति की सामग्री और शैली दोनों का सबसे गंभीर आरोप है, जो बमबारी से भरा हुआ है और कायरता से चिह्नित है।” पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 17:43 IST न्यूज़ इंडिया ईरान युद्ध प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विभाजित; आनंद शर्मा ने राजनीतिकरण को ‘राष्ट्रीय अपकार’ बताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत पश्चिम एशिया कूटनीति(टी)आनंद शर्मा की टिप्पणी(टी)राष्ट्रीय एकता का आह्वान(टी)भारत के कूटनीतिक प्रयास(टी)कांग्रेस की आंतरिक दरार(टी)पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका(टी)एस जयशंकर की आलोचना(टी)मोदी विदेश नीति
असम चुनाव 2026: ‘डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार’, असम में नाकाम दंगल से पहले कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम के जोरहाट में उग्रवादियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को राज्य की सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर उग्र दबाव बनाया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार को लेकर कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जो जनता के विश्वास को पहुंचाती है। बीजेपी पर जनता की आवाज का आरोप बिहार के ज़ोराहाट स्थित कांग्रेस भवन में शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में राजस्थान के पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा ने राज्य की अंतिम स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उनके साथ एआईसीसी के मीडिया को-ऑर्डिनेटर हरमीत बवेजा और जोरहाट मीडिया के सुपरस्टार त्रिशंकु शर्मा भी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता को स्पष्ट करते हुए दिव्या मदेरणा ने असम के संकल्प को दोगुना करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जिसे जनता का विश्वास दिलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की करीब 3.5 करोड़ जनता की आवाज छीनी जा रही है। विशेष रूप से युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं, भविष्य का साथ दे रहे हैं। उन्होंने राज्य में मजबूत स्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इसे समेकित करने के बजाय निजीकरण में लगी है। शासन व्यवस्था एवं विकास पर प्रश्न उन्होंने पिछले एक दशक से राज्य में बीजेपी सरकार के शासनकाल में पार्टी की हिस्सेदारी पर कहा कि असम का ढांचा कमजोर हो गया है और सरकार केवल जुमलेबाजी तक सीमित रह गई है. उनके अनुसार, राज्य में गुड कन्वेंशन की कमी है और विकास के सिद्धांतों के बजाय धार्मिक और राजनीतिक विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वास्तविक उद्देश्यों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है। सिंडिकेट राज और विकास स्टूडियो में गिरावट दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में सिंडिकेट राज का कब्जा है, जहां क्षेत्र में कोयला, सुपारी और रेत जैसे अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि असम के 23 वें स्थान पर पहुंच वाले राज्य की वास्तविक स्थिति का विवरण दिया गया है। आर्थिक संकट और भारी कर्ज राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि असम की इंडस्ट्री आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में है। राज्य पर कर्ज़ का बोझ लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नवजात बच्चे पर औसतन 57,000 रुपये का कर्ज है, जो सरकार की आर्थिक अर्थव्यवस्था की विफलता है। बेरोजगारी और सामाजिक संकट रोज़गार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 21 लाख से अधिक युवा आबाद हैं, जबकि रोज़गार के अवसर बहुत सीमित हैं। उन्होंने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता जताई और इसे गंभीर सामाजिक संकट के बारे में बताया। शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में 8,000 से 9,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इससे गरीब और ग्रामीण छात्र शिक्षा प्रभावित हो रहे हैं। इसके निजी दस्तावेजों का विखंडन बढ़ रहा है और शैक्षिक दस्तावेजों का चलन जारी है। स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों में 97% तक मेडिकल स्टाफ की कमी है। साथ ही, मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को दर्शाता है। चाय बागान की स्थिति उन्होंने कहा कि चाइ लेबल्स के लेबल 351 रुपये प्रतिदिन के होते हैं, लेकिन आज भी वे लगभग 250 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाय बागानों में 57% महिलाएँ विकलांग हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है। प्रधानमंत्री के दौरे और मधुमेह समस्या पर प्रश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये केवल फोटो सत्र तक सीमित रह जाते हैं और ज़मीन पर स्तर की समस्याओं का समाधान नहीं होता। बाढ़ के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के 2031 तक असम को बाढ़ मुक्त बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तब तक बाढ़ प्रभावित लोग इंतजार करना चाहेंगे? बदलाव की मांग और सुरक्षित असम का संकल्प कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थिर सरकार ने असम के विकास और जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने असम के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका स्पष्ट जवाब है। कांग्रेस पार्टी के इस बयान में कहा गया है कि असम की राजनीति में एक बार फिर विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे समर्थकों को केंद्र में लाया गया है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और गरमी की संभावना है। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘कांग्रेस की सरकार आई तो घुसपैठिये भी आएंगे’, ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)गौरव गोगोई
फुल बॉडी डिटॉक्स का आयुर्वेदिक तरीका, फॉलो करें ये 6 स्टेप, निकल जाएगी शरीर की पूरी गंदगी

Last Updated:April 03, 2026, 17:04 IST Natural Ways To Detox Body: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ने लगती हैं. ऐसे में चेहरे पर मुंहासे, एलर्जी, पाचन की दिक्कतें और बालों का झड़ना बहुत ही कॉमन हो जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं ये सभी प्रॉब्लम्स आपके पेट से शुरू होती है? दरअसल, शरीर के अंदर जमी गंदगी कई बीमारियों का कारण बनती है, इसलिए समय-समय पर शरीर को डिटॉक्स करना जरूरी होता है. आयुर्वेद के अनुसार, अगर हम अपनी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करें, तो शरीर को स्वस्थ और साफ रखा जा सकता है. इसके लिए रोजाना कुछ आसान आदतें अपनानी चाहिए.ऐसे में ये 6 चीजें बॉडी को डिटॉक्स करने में बहुत ही मददगार साबित होती है. अच्छी बात ये है कि सुबह से लेकर रात तक चलने वाला ये डिटॉक्स प्रोसेस पूरी तरह से नेचुरल होता है. ज्यादातर लोग आज के समय में बिस्तर छोड़ते ही कॉफी या चाय पीना पसंद करते हैं. जबकि आयुर्वेद में सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी से करने की सलाह दी जाती है. वहीं, अगर आप पानी में नींबू का रस मिलाकर सेवन करते हैं, तो ये आपके शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद कर सकती है. इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, चर्बी कम होती है और शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं. एलोवेरा एक नेचुरल औषधि है इसे स्किन केयर में काफी इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन ये पेट की सफाई में भी कारगर होता है. रोजाना यदि एक गिलास पानी में एलोवेरा जूस मिलाकर पिएं तो यह शरीर की सफाई को तेज करता है और अंदर की गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google फल सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन जब आप इन्हें सुबह खाली पेट खाते हैं तो ये बॉडी डिटॉक्स रेमिडी की तरह काम करते हैं. एक कटोरी ताजे फल के साथ दलिया और ओट्स भी खा सकते हैं. इनमें फाइबर ज्यादा होता है, जो पाचन को आसान बनाता है. दोपहर के खाने से पहले एक प्लेट सलाद खाएं और करीब आधे घंटे बाद भोजन करें. खाने में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें शामिल करें, जिससे शरीर को पूरा पोषण मिले और पाचन सही रहे. रात का भोजन हल्का और जल्दी करें. कोशिश करें कि 7 बजे से पहले खाना खा लें. देर से खाने से खाना सही से नहीं पचता और पेट की समस्या बढ़ सकती है. सोने से पहले गुनगुने दूध में इसबगोल मिलाकर पिएं. इससे सुबह पेट अच्छे से साफ होता है और शरीर हल्का महसूस होता है. इसका सेवन कब्ज से परेशान रहने वाले लोगों के लिए बहुत ही कारगर होता है. First Published : April 03, 2026, 17:04 IST
रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के टीजर पर विवाद:भारत से पहले विदेश में दिखाने पर भड़के फैंस, प्रोड्यूसर बोले- बंटवारा मत कीजिए, राम सबके हैं

हनुमान जयंती के मौके पर 2 अप्रैल को फिल्म रामायण का टीजर रिलीज कर दिया गया। रिलीज के साथ ही टीजर विवादों में घिर गया है। दरअसल, मेकर्स ने भारत से दो दिन पहले इसका टीजर न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स में रिलीज किया था। भारतीय फैंस इस बात से नाराज हैं कि रामायण पर बनी फिल्म का टीजर पहले विदेश में क्यों दिखाया गया। अब फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने इस पर सफाई दी है। नमित बोले- बंटवारा मत कीजिए सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रामायण पर बनी इस फिल्म पर पहला हक भारतीय दर्शकों का है। इसी दौरान नमित मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, प्लीज, बंटवारा मत कीजिए। यह बांटने का समय नहीं है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय हमारा शुक्रिया अदा कर रहे हैं और तारीफ कर रहे हैं। आपको वहां रहने वाले भारतीयों की भावनाओं को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय रहते हैं और राम सबके लिए एक ही हैं। रणबीर कपूर के गायब रहने पर उठे सवाल रामायण का टीजर रिलीज करने के लिए मुंबई और दिल्ली समेत देश के 8 बड़े शहरों में कार्यक्रम हुए। लेकिन इस बीच रणबीर कपूर की गैरमौजूदगी की चर्चा रही। फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर खुद अपनी ही फिल्म के इतने बड़े इवेंट में नहीं पहुंचे। 2 अप्रैल की सुबह रणबीर कपूर का भगवान राम के रूप में पहला लुक सोशल मीडिया पर जारी किया गया। इसके बाद मुंबई में एक बड़ा मीडिया इवेंट रखा गया था। डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा मंच पर मौजूद थे मगर पूरी शाम बीत जाने के बाद भी रणबीर वहां नजर नहीं आए। संजय गुप्ता बोले- खोदा पहाड़, निकली चुहिया ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होते ही फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘खोदा पहाड़… निकली चुहिया’। हालांकि गुप्ता ने अपनी पोस्ट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन लोग इसे सीधे तौर पर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ से जोड़कर देख रहे हैं। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
इंदौर में नाश्ता 1 से 10 रुपए तक महंगा:सराफा, 56 दुकान, चौपाटी पर पोहे, कचोरी, समोसे, पेटीज के दाम बढ़े; थाली भी महंगी

शहर में एलपीजी की किल्लत और पीएनजी के रेट बढ़ने का असर अब आम लोगों की थाली पर साफ दिखने लगा है। 56 दुकान, सराफा बाजार और अन्य चाट-चौपाटियों पर खाने-पीने की चीजों के दाम 1 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। पोहा, चाय, समोसा, कचोरी से लेकर चाइनीज आइटम तक महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर ग्राहकी पर भी पड़ा है। शहर के फूड हब 56 दुकान और सराफा बाजार में रेट बढ़ोतरी के बाद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। होटल और स्टॉल संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है। 400 का खाना अब 800 तक पहुंचा ग्राहकों के मुताबिक, जहां पहले 400-500 रुपए में दो लोगों का खाना हो जाता था, अब वही खर्च 700-800 रुपए तक पहुंच गया है। मिडिल क्लास परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले जहां लोग हफ्ते में 2-3 बार बाहर खाना खाते थे, अब यह घटकर एक बार या उससे भी कम हो गया है। 56 का जॉनी हॉट डॉग 30 से बढ़कर 35 का हुआ, पानीपुरी के दाम 10 रुपए बढ़े 56 दुकान स्थित विजय चाट हाउस के संचालक मृदुल ठाकर ने बताया कि इस बार रॉ मटेरियल के दाम में तेजी के कारण हमें खाने की चीजों के दाम 1 से 3 रुपए तक बढ़ाना पड़े हैं। मधुरम स्वीट्स के संचालक श्याम शर्मा ने कहा कि सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने के कारण हमें अपने यहां 5 से 7 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने पड़े हैं7 जॉनी हॉट डॉग के संचालक ने बताया कि पहले हॉट डॉग 30 रुपए में दे रहे थे, लेकिन अब इसके दाम बढ़ाकर 35 रुपए किये गए है। 56 दुकान पर जो पानी पुरी 30 रुपए प्लेट मिल रही थी, उसके दाम बढ़कर 40 रुपए हो गए हैं। अनूप नगर स्थित पार्श्वनाथ रेस्टोरेंट के संचालक हितेश जैन ने बताया कि पहले मूंगफली तेल का डिब्बा 2600 रुपए में आ रहा था। लेकिन यही तेल अब 3100 से 3200 रुपए में मिल रहा है। इसके चलते हमें नाश्ते के दाम में 5 रुपए बढ़ाना पड़े हैं। उत्साह होटल के संचालक राजेंद्र धनोतिया ने बताया कि दाल, तेल, मसाले और गैस सभी महंगे हो गए हैं। कच्चे माल की लागत 20-25% तक बढ़ चुकी है। कुछ आइटम्स के दाम बढ़ाने पड़े हैं, हालांकि हम पूरी तरह कीमत नहीं बढ़ाना चाहते। वहीं होटल संचालक रवि देवांग का कहना है कि सिलेंडर की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है। रवि ने कहा पुरानी बुकिंग पर रेट नहीं बढ़ा सकते, लेकिन नई बुकिंग बढ़े हुए दाम पर ही ले रहे हैं। फिलहाल कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है। चाय भी महंगी: 10 से बढ़कर 14 रुपए पर पहुंची एमजी रोड के चाय विक्रेता दिलीप यादव ने बताया कि पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 14 रुपए की हो गई है। गैस सिलेंडर महंगा मिलने से रेट बढ़ाना पड़ा, कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इसलिए महंगा हो रहा खाना
छिंदवाड़ा में टाइगर अटैक के बाद दहशत में ग्रामीण:महुआ बीनने जाने पर जान का खतरा, अब भी बाघ का बना हुआ मूवमेंट

छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी वन परिक्षेत्र के बीट रमपुरी के पास टाइगर अटैक में युवक की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस स्थान पर बाघ ने हमला किया था, उसी इलाके में अब भी उसकी मूवमेंट बनी हुई है। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। साथ ही ग्रामीणों के बीच पहुंचकर “बाघ चौपाल” के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने खासतौर पर महुआ तोड़ने जाने वाले ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने, छोटे बच्चों को साथ न ले जाने और समूह में शोर करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में ज्यादा खतरा जानकारी के मुताबिक सफेद पाठा, घुरलाह टेकरी और आसपास के जंगलों में बाघ की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। इसके अलावा खमरा और जमतरा क्षेत्र में भी बाघ के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों का रोजाना आना-जाना रहता है, जिससे वन विभाग के सामने घटनाओं को रोकना बड़ी चुनौती बन गई है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन बाघ की मौजूदगी से इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मासूम शर्मा ने हनुमान जन्मोत्सव पर गाया बैन सॉन्ग ‘खटोला’:बहादुरगढ़ में सपना संग ठुमके लगाए; आर्यन मान के प्रोग्राम में कई मंत्री-विधायक आए

झज्जर में स्टेज पर परफॉर्म करते सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बहादुरगढ़ में हनुमान जयंती पर हुए एक प्रोग्राम में मंत्री, विधायकों की प्रेजेंस में ही बैन सॉन्ग ‘खटोला’ गाया। स्टेज पर मासूम ने कलाकार सपना चौधरी के साथ ठुमके भी लगाए। . प्रोग्राम का आयोजन दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट आर्यन मान के परिवार ने किया था। इस प्रोग्राम से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें मासूम शर्मा और सपना चौधरी एक साथ परफॉर्म कर रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, अरविंद शर्मा, मनजिंद्र सिंह सिरसा, विधायक राजेंद्र जून, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और दिग्विजय चौटाला समेत कई नेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं। दरअसल, जींद के शो में हुए सरपंच विवाद के बाद मासूम शर्मा पहली बार झज्जर में किसी स्टेज शो में पहुंचे थे। सरपंच विवाद के बाद झज्जर की सरपंच एसोसिएशन ने मासूम का कड़ा विरोध किया था। देखिए, सपना चौधरी के डांस के PHOTOS… मासूम शर्मा के सॉन्ग पर डांस करतीं सपना चौधरी। सपना के डांस करने के बाद मासूम भी थिरकने लगे। इंग्लिश मीडियम डांस पर ठुमके लगाते मासूम शर्मा और सपना चौधरी। आर्यन मान के परिवार का प्रोग्राम बहादुरगढ़ के सिदीपुर गांव में गुरुवार को मान फार्म हाउस में हनुमान जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। ये फार्म हाउस दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष आर्यन मान के परिवार का है। आर्यन ने ही प्रोग्राम की तैयारियां की। परिवार का कहना है कि वे कई सालों से हनुमान जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग शामिल होते हैं। सपना के साथ इंग्लिश मीडियम सॉन्ग पर डांस कार्यक्रम में सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी की स्टेज परफॉर्मेंस रखी गई थी। सपना चौधरी ने स्टेज पर ही मासूम शर्मा के साथ डांस भी किया। मासूम ने जैसे ही इंग्लिश मीडियम सॉन्ग गाया, सपना तुरंत डांस करने लगी। सपना का डांस देखने के लिए स्टेज के पास युवाओं की भीड़ लग गई। इस दौरान मासूम ने बैन सॉन्ग खटोला भी गाया। सपना बोलीं- यहां कई शो किए मंच से ही सपना चौधरी ने कहा कि मैंने झज्जर एरिया में कई शो किए हैं। इस शो में कई ऐसे युवा हैं, जो 9-10 साल से उनके प्रोग्राम में आ रहे हैं। प्रोग्राम में युवाओं के साथ आसपास के गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिन्द्र सिंह सिरसा और दिग्विजय चौटाला एक-दूसरे से मिलकर मुस्कराते हुए दिखे। कई प्रोग्राम में बैन सॉन्ग गाए सिंगर मासूम शर्मा इन दिनों लगातार बैन सॉन्ग खटोला और चंबल के डाकू को प्रमोट कर रहे हैं। सिंगर पर लाइव शो और फिल्म में भी इसके मिलते-जुलते लिरिक्स व ट्यून के इस्तेमाल का आरोप लग चुका है। मासूम शर्मा सिरसा में लाइव शो के दौरान खटोला सॉन्ग गाया था, जिसके भीड़ बेकाबू होकर सिंगर से मिलने के लिए स्टेज तक जा पहुंची थी। इसके साथ ही मासूम ने हिसार, चंडीगढ़, अलीगढ़ (यूपी) में ये सॉन्ग गाया है। इसके बाद अब झज्जर में भी धार्मिक कार्यक्रम में ये बैन सॉन्ग गाया। पहले जानिए…क्या है सरपंच विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा की बहन कविता और बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम में सिंगर और पूर्व सरपंच में विवाद हो गया था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से जींद के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा। सिंगर ने कहा था- मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता। इसके बाद पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने तक की चुनौती दी थी। जींद में मासूम शर्मा ने 70 सरपंच हांडै वाली बात कही थी। (फाइल) मासूम के झज्जर आने पर क्या बोले सरपंच प्रतिनिधि.. अब विवाद जैसा कुछ नहीं झज्जर जिले के गांव सिदीपुर से सरपंच प्रतिनिधि तिलक राज ने बताया कि प्रोग्राम में भी कई सरपंच आए हुए थे। अब विवाद जैसा कुछ नहीं है। मान परिवार हर साल हनुमान जयंती ऐसा प्रोग्राम आयोजित करता है, जिसमें आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। कार्यक्रम का पता नहीं चला झज्जर से सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं हसनपुर के सरपंच बलवान सिंह ने बताया कि मासूम शर्मा ने सरपंचों से माफी मांग ली थी, तब मामला निपट गया था। इस कार्यक्रम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का इलेक्शन कैंपेन किया था। (फाइल फोटो) दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में आर्यन का प्रचार किया मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का चुनाव प्रचार किया था। मासूम आर्यन के साथ लग्जरी गाड़ियों में बैठे नजर आए थे। हालांकि मासूम के कैंपेन कराने को लेकर NSUI ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद मासूम ने कहा था- आर्यन को वह बचपन से ही जानते हैं, उनके घर जैसे रिश्ते हैं। ————— ये खबरें भी पढ़ें…. दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में मासूम शर्मा के प्रचार पर विवाद: NSUI ने खर्च पर सवाल उठाए; सिंगर बोले-एक रुपए नहीं लिए, रिश्तेदार थे इसलिए आए दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (डूसू) चुनाव में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के प्रचार करने पर विवाद हो गया है। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने इसका विरोध किया। एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर एबीवीपी पर आरोप लगाया कि मासूम शर्मा के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। (पूरी खबर पढ़ें) ———— मासूम शर्मा की नई फिल्म कन्ट्रोवर्सी में घिरी: दावा- बैन सॉन्ग ‘खटोला’ जैसे लिरिक्स-ट्यून इस्तेमाल किए, टीजर में पिस्टल थामे नजर आए सिंगर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर एक नई कन्ट्रोवर्सी में घिर गए हैं। दावा किया जा रहा है कि उनकी रिलीज को तैयार फिल्म ‘लाइसेंस’ में उनका बैन सॉन्ग खटोला फिल्माया गया है। फिल्म के टीजर में भी ‘खटोला’ से मिलते- जुलते लिरिक्स और ट्यून हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।







