'भीड़ को मुझे छूने-दरिंदगी करने का हक किसने दिया':पीड़िता बोली- मेरी गलती पर पति सजा देगा; सड़क पर गैंगरेप की कोशिश की पूरी कहानी

‘अगर मैंने गलती की है तो मेरा पति है, मेरे सास-ससुर हैं, मेरा पूरा परिवार है, सजा देने का हक सिर्फ मेरे अपने लोगों को है। समाज और गांव के लोग मुझे सजा देने वाले कौन होते हैं। मैं कैसी हूं, मैंने जो भी किया, उसे मेरे पति देखेंगे, गांव के लोगों को कोई हक नहीं है कि मेरे साथ दरिंदगी करें। मुझे पूरे समाज में बेइज्जत करें।’ ये बातें नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र की रहने वाली 32 साल की महिला ने कहीं। महिला के साथ क्या हुआ था? महिला आखिर किस बात को लेकर गांव के लोगों पर गंभीर आरोप लगा रही है? महिला की ओर से पुलिस को क्या बताया गया है? पुलिस ने महिला की शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए अब जानिए पूरा मामला क्या है? नूरसराय थाना क्षेत्र की रहने वाली 32 साल की शादीशुदा महिला के साथ 26 मार्च की शाम को गैंगरेप की कोशिश की गई। महिला को सेमी न्यूड कर गांव में उसकी परेड कराई गई। इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने महिला के साथ दरिंदगी की कोशिश का वीडियो भी बनाया। हालांकि, वारदात के दौरान गांव के कुछ लोगों की ओर से बीच बचाव भी किया। इसके बाद महिला को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया। वहीं, महिला ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो आरोपियों ने महिला के साथ दरिंदगी की कोशिश के बनाए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक, महिला दो बच्चों की मां है। महिला का पति प्राइवेट जॉब के सिलसिले में बिहार से बाहर रहता है। महिला अपने बच्चों, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहती है। वारदात वाले दिन महिला घर से राशन लाने के लिए निकली थी। महिला के मुताबिक, राशन लेकर वो लौट रही थी, तभी गांव के तीन लड़कों ने अंधेरे का फायदा उठाकर दबोच लिया। तीनों आरोपियों ने गैंगरेप की कोशिश की। किसी तरह खुद को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा लिया। इस मामले पर महिला ने क्या कहा? वीडियो सामने आने के बाद मीडियाकर्मियों ने बुधवार को पीड़ित महिला से बातचीत की कोशिश की। इस दौरान महिला मीडिया के सामने नहीं आई, लेकिन दरवाजे के पीछे खड़े होकर अपनी बातें बताई। महिला ने कहा कि गांव के लोगों को किसने हक दिया कि वो मुझे गलत तरीके से हाथ लगाएंगे। मैंने जो किया था, उसे मेरे परिवार तक पहुंचाना चाहिए था, जो परिवार को मंजूर होता, उसकी सजा मैं भुगत लेती, मेरे साथ गलत हरकत कर वीडियो बनाना कहां का न्याय है? मेरे साथ जिसने भी गलत किया है, उनका चेहरा वीडियो में दिख रहा है, पुलिस उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। महिला बोली- पुलिस कार्रवाई कर रही है मीडियाकर्मियों से बातचीत में पीड़ित महिला ने कहा कि मैंने प्रशासन को बता दिया है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन मुझे मीडिया से कोई बात नहीं करनी है। अगर कोई मुझे इस मामले में दोषी मान रहा है, तो ठीक है, मैं दोषी हूं। पुलिस को जो कार्रवाई करनी होगी, करेगी। अब जानिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में क्या है? 42 सेकेंड के वीडियो को आरोपियों ने 3 क्लिप में बांटा और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि महिला और एक अन्य शख्स एक मकान की खिड़की से नीचे कूद रहे हैं। खिड़की के पास गांव के लोगों की भीड़ जुटी है। महिला और शख्स जैसे ही खिड़की से कूदकर बाहर आते हैं, गांव के लोग दोनों को पकड़ लेते हैं। एक अन्य वीडियो में दिख रहा है कि गांव के लोग पकड़े गए शख्स के साथ मारपीट कर रहे हैं, उसे गालियां दी जा रही है। वीडियो में यह भी दिख रहा कि महिला को तीन लोग पकड़े हुए हैं, जिनकी पहचान अशोक यादव, रविकांत और मुन्ना पांडे के रूप की गई है। महिला की ओर से अशोक यादव और रविकांत को आरोपी बनाया गया है। महिला का कहना है कि भीड़ के चंगुल से छुड़ाने में मुन्ना पांडे ने मेरी मदद की थी, वो आरोपियों में शामिल नहीं है। गांव के लोगों मुताबिक, आरोपी अशोक यादव पेशे से ट्रक ड्राइवर है, जबकि रविकांत पढ़ाई करता है। तीसरे वीडियो में दिख रहा है कि महिला को गांव के कुछ लड़कों ने गलत तरीके से पकड़ा है। आरोपी महिला को घसीटते हुए आगे की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान महिला आरोपियों से बार-बार खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन उसके साथ मौजूद लड़के उसके साथ लगातार बदतमीजी करते हैं और गालियां देते दिख रहे हैं। आरोपियों के आगे कुछ लड़के चल रहे हैं, जिससे आरोपी वीडियो बनाने की बात कह रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने महिला को गांव में कुछ दूर तक घुमाया, उसके साथ गैंगरेप की कोशिश की। वीडियो में कुछ महिलाएं दिख रही है, जिनके पास महिला लिपटकर खुद को बचा रही है। महिला ने क्यों कहा- गलती की है तो पति सजा देगा वायरल वीडियो में महिला एक युवक के साथ निकलते दिख रही है। इस संबंध में जब गांव के लोगों से दैनिक भास्कर ने बातचीत की, तो गांव के लोगों ने प्रेम प्रसंग की बात बताई। गांव के लोगों ने बताया कि महिला का गांव के एक लड़के से प्रेम प्रसंग चल रहा था। गांव में सभी को इसकी जानकारी है। स्थानीय महिला सुनीता देवी ने बताया कि पूरा टोला इस संबंध से वाकिफ था। 10 मार्च को भी रजरप्पा में दोनों को पकड़ा गया था, जिसके बाद विवाद हुआ था। आरोपी रविकांत की मां ने क्या कहा आरोपी रविकांत कुमार की मां देवंती देवी ने बताया कि घटना वाले दिन मेरा बेटा शाम के समय अपनी जींस ठीक करवाने (कटाने) गया था। इसी दौरान अचानक शोर मचा कि एक लड़का और लड़की किसी कमरे में बंद हैं। कुछ युवकों ने कमरे का ताला लगा दिया था और हंगामा शुरू कर दिया था। शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवक जुट गए, जिसमें रविकांत भी शामिल था। भीड़ ने लड़के-लड़की को बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट शुरू की। इस
हरियाणा में भोजपुरी सिंगर पवन सिंह-अंजलि राघव की पेशी आज:राज्य महिला आयोग बयान दर्ज करेगा; स्टेज पर एक्ट्रेस की कमर छुई थी

हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर छूने के मामले में राज्य महिला आयोग ने आज (2 मार्च) भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह को फरीदाबाद में पेश होने के लिए बुलाया है। पवन सिंह के साथ अंजलि भी आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी। अंजलि ने आयोग को ई-मेल के जरिए पवन सिंह की शिकायत की थी, जिसमें कुछ सबूत भी भेजे गए थे। इसके बाद 24 मार्च को पवन सिंह को नोटिस भेजा गया था। अंजलि ने कहा था- लखनऊ में शो के दौरान पवन सिंह ने गलत तरीके से उनकी कमर छुई थी। यह अनुचित व्यवहार था। बाद में बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट और झूठा प्रचार किया गया। हरियाणा महिला आयोग ने इससे पहले सिंगर बादशाह को भी समन भेजकर पेश होने के लिए कहा था। बादशाह के पेश न होने पर आयोग ने उनके खिलाफ FIR तक कराने के आदेश दिए थे। अब पढ़िए…मामले पर क्या बोलीं आयोग अध्यक्ष पढ़िए…अंजलि ने शिकायत में क्या कहा था अपमानजक पोस्ट हटवाई जाए: अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा था- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। अंजलि ने आगे लिखा था कि मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। पीआर टीम ने धमकी दी: अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। हालांकि पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे और बदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाह भी फैलाई गई। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: शिकायत में आगे लिखा था- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। ————- यह खबर भी पढ़ें… अंजलि की कमर छूने पर हरियाणा महिला आयोग सख्त: चेयरपर्सन बोलीं- हरियाणवी एक्ट्रेस-पवन सिंह को फरीदाबाद बुलाएंगे; नोटिस भेजने की तैयारी हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह द्वारा कमर छूने पर महिला आयोग ने सख्ती दिखाई है। अंजलि ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत कर ई-मेल के जरिये सबूत भेजे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों को फरीदाबाद बुलाया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
इंदौर में खेल रहे बच्चे को कार ने कुचला, VIDEO:कार चढ़ाते हुए भाग निकला ड्राइवर; पैर फैक्चर हुआ, कार मालिक ने कराया उपचार

इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे बनी पॉश कॉलोनी शांति निकेतन में मंगलवार दोपहर एक कार से हादसा हो गया। सड़क पर खेल रहे एक बच्चे के ऊपर से कार के दोनों पहिए गुजर गए। घटना का बुधवार को सीसीटीवी वायरल हो गया। हादसे में कार मालिक संजय अग्रवाल ने बच्चे का बॉम्बे अस्पताल में उपचार कराया। उसके पैर में फ्रैक्चर है। वहीं, अपने ड्राइवर को खुद थाने भेजकर एफआईआर दर्ज कराई। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक मंगलवार दोपहर को एक व्यक्ति संजय अग्रवाल का ड्राइवर कार लेकर निकला था। रास्ते में दो बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान एक बच्चे के ऊपर से कार का पहिया गुजर गया। हादसे की जानकारी संजय को लगी तो उन्होंने खुद उसे अस्पताल भेजा। वहीं, उपचार कराने के बाद मामले में ड्राइवर को थाने भेजकर जानकारी दी। मंगलवार को ही इस मामले में ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर हो गई थी। देखें हादसे की 3 तस्वीरें…
भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ का घपला:इंदौर में पेट्रोल-डीजल फ्री में भरवाया, फ्लीट कार्ड में गड़बड़ी की; 7 व्यापारी-ट्रांसपोर्टरों पर FIR

इंदौर के मांगलिया स्थित भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। मामला BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के फ्लीट कार्ड और लॉयल्टी ऐप से जुड़ा है। पुलिस ने इंदौर के 7 व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने BPCL के पेमेंट गेटवे और लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कराई, जबकि कंपनी के खाते में पैसे नहीं गए। फ्लीट कार्ड से ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए जारी किया जाता है। इससे ड्राइवर नकद पैसे रखे बिना पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। पैसा सीधे कंपनी के बैंक खाते से कटता है। BPCL स्टेशन पर भरवाते थे डीजल-पेट्रोल BPCL ने 17 दिसंबर 2021 से फ्लीट, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए लॉयल्टी ऐप के माध्यम से पेमेंट गेटवे सुविधा शुरू की। इस ऐप से ग्राहक नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज कर सकते हैं। रिचार्ज के बाद वॉलेट का पैसा देशभर के BPCL स्टेशन पर डीजल-पेट्रोल भरवाने में इस्तेमाल होता है। लॉयल्टी ऐप और पेमेंट गेटवे में सेंध BPCL का लॉयल्टी ऐप रेजरपे और पाइनलैब्स पेमेंट गेटवे के साथ जुड़ा है। रेजरपे के माध्यम से रिचार्ज की राशि सीधे BPCL के खाते में जाती है। 31 मार्च 2023 को रेजरपे की जोखिम मूल्यांकन टीम ने BPCL को बताया कि लॉयल्टी ऐप और गेटवे सिस्टम में संदिग्ध रिचार्ज हुए हैं। कंपनी ने डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि 1093 ग्राहकों के वॉलेट में 129 करोड़ रुपए का रिचार्ज हुआ था, जबकि बैंक खाते में पैसा जमा नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने सभी खाते ब्लॉक किए और कुछ रकम वापस ली। तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाया गया मांगलिया पुलिस चौकी प्रभारी विश्वजीत सिंह तोमर के अनुसार, BPCL के प्रादेशिक प्रबंधक (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आरोपियों में विशाल सिंह, शशि सिंह, दलवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, वाहिक खान, नरेंद्र सिंह वासू और बलबीर सिंह हैं। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर अपने फ्लीट वॉलेट में पैसा दिखाया, जबकि कंपनी के खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई। इसके बाद वे लगातार डीजल भरवाते रहे। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को पता था कि उनके खातों से पैसा कट नहीं रहा है, फिर भी उन्होंने इसका गलत फायदा उठाया। बाद में कंपनी ने रकम लौटाने को कहा, लेकिन उन्होंने पैसे वापस नहीं किए। फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया जांच में पाया गया कि इंदौर के 7 व्यापारी और ट्रांसपोर्टर इस स्कैम में शामिल थे। उन्होंने ऐप और गेटवे की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया और ईंधन भरवाया। मांगलिया पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह धोखाधड़ी केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इसके तार देश के कई शहरों से जुड़े हैं। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और आरोपियों की पहचान हो सकती है। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें एमपी में किल्लत की अफवाह, पेट्रोल पंपों पर भीड़ मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने हालात अचानक बिगाड़ दिए। सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों के कारण लोग घबरा गए और पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगह लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों इंतजार करते रहे। पढ़ें पूरी खबर…
यात्री सुविधा सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट की बड़ी छलांग:10वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा; पुणे पहले और गोवा दूसरे स्थान पर रहा

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने वर्ष 2025 में शानदार उड़ान भरते यात्री सुविधाओं के मामले में देश में बड़ी छलांग लगाई है। यात्री सुविधा सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट 10वें स्थान से सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा कराए गए एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट को 5 में से 4.92 अंक मिले हैं, जबकि वर्ष 2024 में यह स्कोर 4.82 था और रैंक 10वीं थी। इस तरह एयरपोर्ट ने 0.10 अंकों की बढ़त के साथ 7 पायदान ऊपर चढ़ते हुए टॉप-3 में जगह बनाई है। यह सर्वे भारत के 16 और एशिया-पेसिफिक के 18 देशों के 98 एयरपोर्ट पर किया जाता है, जहां सालाना 18 लाख से ज्यादा यात्री आते हैं। सर्वे में एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों से 31 अलग-अलग मानकों पर फीडबैक लिया जाता है। इनमें साफ-सफाई, पार्किंग, स्टाफ व्यवहार, शॉपिंग और खान-पान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इंदौर एयरपोर्ट ने इस बार 31 में से 30 बिंदुओं पर पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन किया, सिर्फ पासपोर्ट स्टाफ व्यवहार में थोड़ी गिरावट दर्ज हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर बोले- इस बार पहले स्थान का लक्ष्य एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने कहा कि यह उपलब्धि सही दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है और हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2026 में इंदौर एयरपोर्ट देश ही नहीं, दुनिया में भी पहला स्थान हासिल करे। वहीं, एयरपोर्ट के प्रवक्ता रामस्वरूप यादव के अनुसार यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। टॉप-3 एयरपोर्ट और उन्हें मिले अंक
नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टेम्पो में टक्कर, 8 महिलाओं की मौत:शव सड़क पर बिखरे; तीन लोग घायल, ट्रक चालक गिरफ्तार

महाराष्ट्र के जालना जिले में नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने एक टेम्पो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सभी पीड़ित मजदूर हैं। हादसा कडवांची गांव के पास तब हुआ जब महिला मजदूर एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम खत्म कर टेम्पो से घर लौट रही थीं। टेम्पो स्टार्ट होने ही वाला था कि मुंबई की ओर जा रहे ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शव सड़क पर बिखर गए। टेम्पो में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हुई मृतकों की पहचान अलकाबाई आडमने (45), लक्ष्मीबाई मदन (35), मीना आडमने (45), कंचन आडमने (50), ताराबाई चौधरी (60), कडूबाई मदन (55) और सुमन आडमने (70) के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आठ लोगों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
बड़वानी में हनुमान प्रकटोत्सव पर पालकी यात्रा:शहर में भक्त भजनों पर झूमे, कल कई जगह भंडारे, बजरंगबली का पूजन

बड़वानी में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है और पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा नजर आ रहा है। बुधवार शाम को शहर में पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु झूमते-गाते शामिल हुए। वहीं, कल यानी 2 अप्रैल को शहर में कई जगहों पर पूजन और भंडारों का आयोजन होगा। संकट मोचन तीर्थ हनुमान टेकड़ी से शुरू हुई यह पालकी यात्रा झंडा चौक के श्रीराम कृष्ण मंदिर से आगे बढ़ रही है। ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा है। शहर के अलग-अलग रास्तों से गुजर रही इस यात्रा का लोग फूलों से स्वागत कर रहे हैं। इससे पहले सुंदरकांड और अखंड रामायण पाठ जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी पूरे हो चुके हैं। कल होगा भंडारा, उमड़ेगी भीड़ हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर गुरुवार को शहर में कई जगहों पर प्रसादी बांटी जाएगी। नवलपुरा के श्री बजरंग सेवा समिति सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक भंडारा कराएगी। इसके अलावा सेगांव हनुमान टेकड़ी पर भी शाम से प्रभु की इच्छा तक प्रसादी वितरण चलता रहेगा। इन आयोजनों में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सेवा समितियों ने पूरी की तैयारियां मंदिर समितियों और सेवादारों ने भंडारे के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। समितियों ने लोगों से अपील की है कि वे परिवार के साथ इन कार्यक्रमों में पहुंचें और धर्म का लाभ उठाएं। शहर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी खास ध्यान रखा जा रहा है ताकि श्रद्धालु आराम से दर्शन और भोजन कर सकें।
भवानीपुर के मुख्यमंत्री पर दांव: फुट सोल्जर्स के नारे ने ममता बनर्जी-सुवेंदु अधिकारी के बंगाल रीमैच को फिर से परिभाषित किया | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 22:15 IST अधिकारी की राजनीतिक स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में बनर्जी पर उनकी जीत से बनी है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (दाएं) दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (बाएं) से भिड़ेंगी। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) भबनीपुर में घर-घर अभियान के दौरान उठाए गए एक नारे ने पश्चिम बंगाल निर्वाचन क्षेत्र के आसपास के राजनीतिक संदेश की ओर ध्यान आकर्षित किया है। बुधवार शाम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के एक समूह को यह नारा लगाते हुए सुना गया, “जो भबनीपुर जीतेगा वह बंगाल का मुख्यमंत्री बनेगा।” मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबले को देखते हुए यह नारा महत्वपूर्ण हो गया है। टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, अधिकारी ने इसके महत्व को कम करते हुए कहा कि इस तरह के नारे पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा “भावना में” लगाए गए होंगे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी आलाकमान पर निर्भर है और दोहराया कि तात्कालिक उद्देश्य मौजूदा मुख्यमंत्री को हराना है। अधिकारी की राजनीतिक स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में बनर्जी पर उनकी जीत से बनी है। इस जीत को व्यापक रूप से उनके राजनीतिक करियर में एक निर्णायक क्षण माना जाता है और इससे उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त किया गया। विपक्ष के नेता का पद संसदीय लोकतंत्र में संस्थागत महत्व रखता है, जिसे अक्सर सत्तारूढ़ सरकार के लिए एक प्रमुख प्रतिकार के रूप में देखा जाता है। वर्तमान में, अधिकारी LoP के पद पर बने हुए हैं। भाजपा ने उन्हें दो निर्वाचन क्षेत्रों-नंदीग्राम और भवानीपुर से मैदान में उतारा है, जो राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीटों पर रणनीतिक तैनाती का संकेत देता है। यह अधिकारी और बनर्जी के बीच दूसरा सीधा चुनावी मुकाबला है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों और पार्टी के भीतर के वर्गों से संकेत मिलता है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राज्य में अधिकारी की भूमिका पर काफी जोर दे रहा है। यह नामांकन प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति और अपेक्षित भागीदारी से परिलक्षित होता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भवानीपुर में अधिकारी के नामांकन दाखिल करने में शामिल होने की उम्मीद है, जबकि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नंदीग्राम में उनके नामांकन के दौरान मौजूद थे। भाजपा के सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व अधिकारी को पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी रणनीति में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में देखता है। बनर्जी पर उनकी पिछली जीत ने उन्हें एक केंद्रीय चुनौती के रूप में स्थापित किया है, और उन्हें फिर से मुख्यमंत्री के खिलाफ मैदान में उतारने का निर्णय – इस बार उनके राजनीतिक गढ़ में – प्रतियोगिता से जुड़े महत्व को रेखांकित करता है। भबनीपुर के घटनाक्रम पर कड़ी नजर रहने की संभावना है, क्योंकि दोनों पार्टियां अपने अभियान के प्रयासों को तेज कर रही हैं, जो राज्य में सबसे करीबी चुनावी लड़ाइयों में से एक के रूप में उभर रहा है। पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 22:14 IST समाचार चुनाव भवानीपुर के मुख्यमंत्री पर दांव: फुट सोल्जर्स के नारे ने ममता बनर्जी-सुवेंदु अधिकारी के बंगाल रीमैच को फिर से परिभाषित किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल
असम में ‘घुसपैठिए’ बनाम ‘लुटेरे’: विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी, प्रियंका गांधी पर तीखी बयानबाज़ी | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 21:50 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए असम में थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्वनाथ में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित किया; (दाएं) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 1 अप्रैल, 2026 को असम के डिब्रूगढ़ जिले में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करती हैं। (छवि: (PMO/@INCIndia/X /PTI) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने विधानसभा चुनावों से पहले “असम की आत्मा” के लिए लड़ाई लड़ी, विकास, पहचान और “एक-परिवार” शासन पर एक-दूसरे पर कटाक्ष किया। असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला है। प्रधान मंत्री मोदी और प्रियंका गांधी बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रचार करने के लिए असम में थे, जहां उन्होंने “घुसपैठिया” बनाम “माफिया” कथा पर एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए। मोदी ने डिब्रूगढ़ जिले में मनोहारी चाय एस्टेट का दौरा किया, जहां उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ सीधे बातचीत करके और चाय की पत्तियां तोड़कर 2014 से भाजपा के प्रति देखे गए “महत्वपूर्ण झुकाव” को मजबूत करने की कोशिश की। चाय बागान कार्यबल, जिसमें 850 से अधिक बागानों के मतदाता शामिल हैं, ऐतिहासिक रूप से असमिया राजनीति में एक निर्णायक कारक रहे हैं। भाजपा को श्रम शक्ति का सच्चा हितैषी बताते हुए उन्होंने दावा किया कि जहां कांग्रेस ने श्रमिकों को 60 वर्षों तक “अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष” करने की अनुमति दी, वहीं उनके प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमि अधिकार देना शुरू कर दिया है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “चाय असम की आत्मा है! यहां की चाय ने दुनिया भर में अपनी जगह बनाई है। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।” इस बीच, गांधी ने तिंगखोंग और नाज़िरा में अपनी रैलियों का इस्तेमाल अपनी कहानी को ख़त्म करने के लिए किया, और भाजपा पर चाय श्रमिकों के लिए दैनिक वेतन बढ़ाने के अपने विशिष्ट वादे को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की अपार प्राकृतिक संपदा के बावजूद, कार्यबल गरीब बना हुआ है जबकि “केवल एक परिवार समृद्ध हो रहा है”। मोदी ने छह दशकों में कांग्रेस द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए गए “तीन पुलों” और उनकी सरकार द्वारा केवल 10 वर्षों में बनाए गए “पांच पुलों” के बीच एक तीव्र अंतर दिखाते हुए “डबल-इंजन” सरकार का कार्ड खेला। उन्होंने कहा कि जगीरोड पर सेमीकंडक्टर सुविधा जैसी भविष्य की ओर देखने वाली परियोजनाएं जल्द ही प्रौद्योगिकी के लिए विश्व स्तर पर जानी जाएंगी। हालाँकि, गांधी ने कहा कि ये भव्य परियोजनाएँ जनता के दैनिक संघर्षों की प्रणालीगत उपेक्षा का मुखौटा थीं। उन्होंने विफल आर्थिक नीति के प्रमाण के रूप में “चरम” मुद्रास्फीति और आवश्यक वस्तुओं की अनुपलब्धता की ओर इशारा किया। गांधी ने कहा, “असम में पिछले पांच वर्षों में लोगों की समस्याएं और खतरे बढ़े हैं। महंगाई चरम पर है और हर आवश्यक वस्तु पहुंच से बाहर है। रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने वाले युवाओं के लिए कोई नौकरी नहीं है।” उन्होंने कहा कि भाजपा के विकास के संस्करण ने युवा पीढ़ी को दरकिनार कर दिया है और व्यापक विकास के बजाय, खदानों और जमीन जैसी राज्य की संपत्तियों को “बड़े उद्योगपतियों को सौंप दिया जा रहा है”। उन्होंने आरोप लगाया, “एक परिवार असम में सब कुछ लूट रहा है। और जब वे लूट नहीं रहे हैं, तो खदानें, जमीनें और हर दूसरी संपत्ति बड़े उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है।” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर वोट बैंक बनाने के लिए ”घुसपैठियों को बचाने के लिए कानून लाने” की योजना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले अवैध आप्रवासियों को पवित्र “सत्रों, नामघरों और मंदिर की भूमि” पर बसने के लिए प्रोत्साहित किया था। चुनाव असम की रक्षा के लिए एक विकल्प है”शान“(गर्व) और”सुरक्षाउन्होंने कहा, ”(सुरक्षा) जनजातीय पहचान की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और छठी अनुसूची जैसे उपायों के माध्यम से।” गांधी ने खतरे को दोबारा परिभाषित करते हुए इसका प्रतिकार किया और इस बात पर जोर दिया कि “असम की संस्कृति और सभ्यता” को वास्तविक खतरा एक सत्तावादी नेतृत्व से है जो “भय और धमकियों” के माध्यम से शासन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार “कायरों” द्वारा चलाई जाती है जो महिलाओं को ‘ओरुनोदोई’ जैसी सरकारी योजनाओं से हटाने की धमकी देकर रैलियों में भाग लेने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने पिछले वादों के बावजूद, मांग करने वाले समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने में भाजपा की विफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “विभिन्न आदिवासी समुदाय वर्षों से एसटी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। भाजपा ने उन्हें एसटी का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन वे इसे देने में विफल रहे।” प्रधानमंत्री ने लगातार कांग्रेस के “दो परिवारों” – दिल्ली में गांधी परिवार और असम में गोगोई – पर हमला किया और उन पर जनता की भलाई पर वंशवादी हितों को प्राथमिकता देने और पार्टी को “भ्रष्टाचार की जननी” करार देने का आरोप लगाया। “कांग्रेस के लिए, दो परिवार हैं – एक दिल्ली में और दूसरा असम में, और उनकी प्राथमिकता उनके परिवारों का हित है, न कि लोगों का… उन्होंने (कांग्रेस) असम के साथ समझौता किया है आत्मा (आत्मा), शान (गर्व), Pehchan (पहचान) और सुरक्षा (सुरक्षा),” उन्होंने कहा। बदले में, गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में “केवल एक परिवार सब कुछ लूट रहा है”। उन्होंने सारदा और स्मार्ट सिटी घोटालों सहित ऐतिहासिक भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाया और प्रशासन को “डबल-ग़ुलामी (गुलामी)” सरकार ने आरोप लगाया कि सरमा मोदी के गुलाम हैं, जो बदले में ”अमेरिका के गुलाम” हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा ने कहा कि उन्होंने डबल इंजन सरकार दी है। वास्तव में, यह डबल गुलामी सरकार है। पीएम मोदी अमेरिका की गुलामी में लगे हुए हैं और हिमंत बिस्वा सरमा मोदी की गुलामी में लगे हुए हैं।” (एजेंसी इनपुट के साथ) जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 21:50 IST समाचार चुनाव असम में ‘घुसपैठिए’ बनाम ‘लुटेरे’: विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी, प्रियंका गांधी
रेलवे ने जेसीबी से मंदिर तोड़ा, मूर्ति को फेंका:खंडवा में 500 से ज्यादा मकान तोड़े; कांग्रेस बोलीं- कहा गए हिंदुत्व पर वोट मांगने वाले?

खंडवा में रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर अब तक 500 से ज्यादा मकान तोड़ दिए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, इसी बीच नौवें दिन मंदिर तोड़े जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया। रेलवे की जेसीबी ने एक भीलटदेव के मंदिर को तोड़ दिया। इससे पहले मूर्ति को पानी की टंकी में फेंक दिया। घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने हिंदुत्व की पहरेदारी करने वाली भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। सूरजकुंड क्षेत्र में मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया तो मौके पर हिंदू जागरण मंच के संयोजक माधव झा सहित कई लोग पहुंचे और विरोध जताया। माधव झा ने कहा कि रेलवे की जमीन में मंदिर से पहले चर्च और दरगाह हैं, लेकिन उन्हें तोड़ने की हिमाकत तक नहीं की जा रही। मंदिर को तोड़ा गया और मूर्तियों सहित मलबे को पानी के टैंक में बहा दिया। इधर, रेलवे अधिकारियों से कहासुनी के बीच तय किया गया कि अब पहले चर्च और दरगाह टूटेगी, उसके बाद बाकी का अतिक्रमण तोड़ जाएगा। इसके अलावा हिंदूवादी नेता डॉ. अनीस अरझरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खंडवा को पाकिस्तान बना दिया गया हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- कहां है? बीजेपी नेता खंडवा में बुधवार को मंदिर तोड़ने के दो घटनाक्रम हुए हैं। सुबह नागचून रोड़ पर भी भीलटदेव का मंदिर तोड़ा गया। इस घटना को कारोबारी श्याम हेमवानी द्वारा एक मुस्लिम कॉलोनाइजर को जमीन बेचने के लिए अंजाम दिया गया। वहीं शाम को रेलवे ने भीलटदेव मंदिर तोड़ दिया। मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर ने कहा कि, यह घटनाएं भाजपा की सरकार में हो रही हैं। जो हिंदूत्व के नाम पर वोट मांगती हैं। अब भाजपा के नेता कहां छिप गए हैं।







