जमीनी विवाद में दो पक्षों में मारपीट, एक की मौत:पांच लोग घायल, मामा-बुआ के परिवार आपस में भीड़े, एक दूसरे पर लाठी-डंडे पत्थर से हमला

हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह जमीनी विवाद में 65 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस घटना में दोनों पक्षों के कुल छह लोग घायल हुए हैं। मृतक की पहचान दीपगांव निवासी अमरसिंह कलम (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमरसिंह के भाई सूरत सिंह, रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष से नारायण राजपूत शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए सिराली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। इनमें से तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मामा-बुआ के परिवार आपस में भीड़े यह विवाद दो एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर मामा और बुआ के परिवारों के बीच हुआ बताया जा रहा है। एएसपी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि ग्राम दीपगांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंचकर विवाद के कारणों की जांच कर रही है।
छिंदवाड़ा में डिलीवरी पॉइंट पर नहीं पहुंचे सिलेंडर:हंगामें के बाद हरकत में आए अफसर, व्यवस्था सही करने का दावा

छिंदवाड़ा: शहर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर्याप्त होने के बावजूद वितरण व्यवस्था बिगड़ने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर परासिया रोड और शक्ति नगर क्षेत्र में समय पर सिलेंडर डिलीवरी नहीं होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया। गुस्साए उपभोक्ता सीधे गोदाम पहुंच गए, जहां उन्होंने एजेंसी संचालकों के खिलाफ जमकर विरोध जताया। लोगों का आरोप था कि समय पर डिलीवरी नहीं होने से उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि बुकिंग पहले से की जा चुकी है। मामले की जानकारी लगते ही आपूर्ति विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए और व्यवस्था सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाए। लंबित बुकिंग को कम करने के लिए एक ही दिन में 2600 से ज्यादा गैस सिलेंडर की डिलीवरी कराई गई। यह डिलीवरी प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में सुनिश्चित कराई गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने तीनों तेल कंपनियों की गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि होम डिलीवरी नियमित रूप से की जाए और डिलीवरी पॉइंट पर वाहन तय समय पर पहुंचें। आमतौर पर जहां रोजाना करीब 1500 सिलेंडर की डिलीवरी होती थी, वहीं विशेष प्रयासों के चलते 2607 सिलेंडर वितरित किए गए। प्रशासन का कहना है कि आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
सचिव पर जान से मारने की धमकी का आरोप:हरदा में चौकीदार बोला गवाही देने पर धमकाया, विधायक प्रतिनिधि से भी चल रहा विवाद

हरदा में जनपद सचिव अशोक जाट और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के बीच चल रहा विवाद अब और बढ़ता जा रहा है। मंगलवार शाम एक नया मोड़ तब आया, जब जनपद के चौकीदार अभिषेक चौहान ने सिटी कोतवाली थाने में सचिव अशोक जाट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। गवाही देने पर धमकी का आरोप चौकीदार अभिषेक चौहान का आरोप है कि सचिव अशोक जाट ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि यह धमकी विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल और सचिव के बीच हुए विवाद में गवाही देने को लेकर दी गई है। पहले से चल रहा है दोनों के बीच विवाद यह मामला कुछ दिनों पहले शुरू हुआ था, जब ग्राम पंचायत कोलीपुरा के सचिव अशोक जाट और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में केस दर्ज कराए थे। सचिव संघ ने की हड़ताल इस पूरे मामले को लेकर 31 मार्च से सचिव संघ ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। संघ की मांग है कि विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, हरदा विधायक डॉ. आर.के. दोगने और जिले की तीनों जनपद के अध्यक्ष व सदस्य राहुल पटेल के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से मिलकर सचिव अशोक जाट को निलंबित करने की मांग की है। सचिव ने आरोपों को बताया गलत सचिव अशोक जाट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वे हड़ताल की सूचना देने और गुम हुए शासकीय रिकॉर्ड की जानकारी देने जनपद कार्यालय गए थे। इसी दौरान राहुल पटेल उन्हें मारने दौड़े, जिसके बाद वे वहां से निकल गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महावीर जयंती पर मांस बिक्री, नपा ने काटा चालान:मूलचंद मार्ग स्थित 'दिल्ली दरबार' होटल पर छापा; मांस जब्त

नीमच में महावीर जयंती के अवसर पर मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद, मूलचंद मार्ग स्थित ‘दिल्ली दरबार’ होटल पर मंगलवार रात नगरपालिका ने छापा मारा। टीम ने मौके से मांस जब्त कर चालानी कार्रवाई की। नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया को सूचना मिली थी कि ‘दिल्ली दरबार’ दुकान पर खुलेआम मांस बेचा जा रहा है। इस सूचना पर सीएमओ के निर्देश पर नपा कर्मचारी हेमंत कलोसिया और राहुल नरवाले की टीम ने रात करीब 9:30 बजे दुकान पर दबिश दी। नपा कर्मियों ने मांस को जब्त कर चालान काटा टीम को देखते ही दुकान पर हड़कंप मच गया। नपा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद मांस को जब्त किया और दुकानदार का चालान काटा। इसके अतिरिक्त, टीम ने आसपास की अन्य दुकानों पर भी जांच-पड़ताल की। नगरपालिका टीम ने स्पष्ट किया कि महावीर जयंती जैसे पवित्र पर्व पर धार्मिक भावनाओं और सरकारी आदेशों का सम्मान करना अनिवार्य है। टीम ने दुकानदार को सख्त हिदायत दी कि यदि भविष्य में प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया या नियमों की अवहेलना की गई, तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि दुकान को सील करने जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ बोले-नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि उन्हें प्रतिबंध के बावजूद दुकान संचालित होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर मांस जब्त किया गया और चालान बनाया गया है। उन्होंने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़क पार करते बाघ के नजदीक पहुंच बनाया वीडियो:बैरियर एंट्री के आधार पर जांच में जुटा प्रबंधन; चिन्हित लोगों से पूछताछ के बाद होगी कार्रवाई

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के भद्राशिला मार्ग पर एक बाघ को सड़क पार करते समय पर्यटकों ने नजदीक जाकर वीडियो बना लिया। घटना को प्रबंधन ने एक बड़ी लापरवाही माना है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर हुई। जब बाघ सड़क पार कर रहा था, तो दोनों ओर से वाहनों का जाम लग गया। कई पर्यटक बाघ के बेहद करीब पहुंच गए और उसके वीडियो बनाने लगे। जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू वीडियो रविवार को सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन हरकत में आया। सहायक संचालक दिलीप मराठा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रबंधन वीडियो में दिख रहे वाहनों और व्यक्तियों की पहचान करने में जुटा है। इसमें जंगल सफारी के लिए उपयोग की जाने वाली कई टूरिस्ट गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनके नंबर वीडियो में स्पष्ट दिख रहे हैं। वीडियो में दिखी गाड़ियों और लोगों की पहचान जारी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बुधवार को बताया कि वीडियो में दिख रही गाड़ियों और बैरियर में दर्ज हुई एंट्री की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाघ के नजदीक दिख रहे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। सभी चिन्हित व्यक्तियों से पूछताछ के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। श्री सहाय ने यह भी बताया कि वे स्वयं इस पूरे मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं। वीडियो में यह भी देखा गया कि कुछ लोग पैदल ही बाघ के नजदीक पहुंच गए थे। वहीं, कुछ बाइक सवार भी पहले बाघ के करीब पहुंचे, लेकिन बाघ को नजदीक से देखकर वे भागते हुए दिखाई दिए। घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है।
बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के काफिले पर टीएमसी सोला का हमला, एक बीजेपी कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती

पश्चिम बंगाल के कुमकुम, बिहार के दक्षिण जिला क्षेत्र के केशरीबारी इलाके में मंगलवार (31 मार्च) को भाजपा प्रत्याशी के दल पर पुराने कांग्रेसी नेता ने कथित तौर पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बीजेपी प्रत्याशी के काफिले में एक गाड़ी को शामिल किया गया. एक सहयोगी कार्यकर्ता घायल हो गया. घायल पार्टी कार्यकर्ता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुटज बिहार की दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार रथींद्रनाथ बोस ने ऑलमोइज़ कांग्रेस पर हमले का सीधा आरोप लगाया है। हालांकि कैथोलिक कांग्रेस नेतृत्व ने सहयोगियों का खंडन करते हुए दावा किया है कि यह घटना जनता के लिए थी। पुलिस के अनुसार बीजेपी उम्मीदवार अन्य पार्टी के नेताओं के साथ चुनावी प्रचार करके कूज बिहार लौट रहे थे। कामरेड भाईआरोप है कि केशरी क्षेत्र से गैंग टाइम में उनके काफिले पर हमला हुआ। हालाँकि पार्टी प्रत्याशी की गाड़ी को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पार्टी प्रत्याशी की एक अन्य गाड़ी छूट गई। इस हमले में अजित दास नाम का एक बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गया, जिसके इलाज के लिए कुमकुम बिहार जिले के महाराजा नारायण मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उम्मीदवार उम्मीदवार रथइंद्रनाथ बोस ने क्या कहापार्टी के उम्मीदवार रथइंद्रनाथ बोस ने घटना को लेकर कहा कि आज सुबह हम एक ग्रामीण क्षेत्र में अपनी पार्टी के साथ बैठक करने गए थे। इसी बीच हमें अचानक सूचना मिली कि कुछ बाहरी उपद्रवियों ने उस क्षेत्र में हमारी पार्टी के झंडे दिए हैं। उन्होंने नारे लगाते हुए उन्हें आग लगा दी। वहाँ भारी भीड़ जमा थी लेकिन उनमें से अधिकांश तितर-बितर हो गये। फिर भी कुछ लोग एक साथ जुड़े रहे और हमने उनकी साथ बैठक की। उम्मीदवार ने आगे कहा कि वापसी करते समय हमने सड़क पर कुछ उन्मादी गुंडों को हमारी ओर बढ़ते देखा। बांस के डंडों से लावारिस झंडे लेकर उन्होंने हमला कर दिया। हमारे दो-तीन स्केच किसी तरह वहां से निकल गए, फिर उन्होंने एक खचाखच गाड़ी को प्लास्टिक बनाया और उसके सभी टुकड़ों को तोड़ दिया। उन्होंने हमारे दो-तीन साथियों को भी बांस के डंडों से मारा, जिनमें से कुछ के सिर पर चोट आई, जबकि अन्य के कंधे पर वार किया गया. क्या बोले सोलो नेता अब्दुल जलीलउन्होंने पुलिस पर ज़ोरदार ज़ोरदार आवाज़ उठाते हुए कहा कि कहीं भी एक भी विशेषज्ञ नज़र नहीं आया। हमने पुलिस को पहले ही स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था कि हम उस स्थान पर जा रहे हैं। इस बीच कैथोलिक कांग्रेस के नेता अब्दुल जलील अहमद ने कहा कि ये आरोप निराधार हैं. उन्होंने कहा कि इस त्रिस्तरीय प्रक्रिया में जिला और ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने से लेकर गैर-सरकारी क्षेत्र में नाम वापस लेने तक ऐसे विरोध प्रदर्शन देखने को मिलते हैं, जहां भी जाना तय होता है। हमारी पार्टी का कोई हाथ नहीं है. ये भी पढ़ें जनगणना 2027: 33 सवालों के लिए रहें तैयार, सवालों में सरकार पूछेगी तो बताना ही होगा!
शाजापुर में 754 लोकेशन पर जमीन की दरें बढ़ीं:नई गाइडलाइन लागू होने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा; निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी

शाजापुर जिले में 1 अप्रैल से जमीन की खरीद महंगी हो गई है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भोपाल ने वर्ष 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दी है, जिसके बाद जिले की 754 लोकेशन पर दरों में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि लागू की गई है। इन लोकेशन में 317 शहरी और 437 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं, जबकि 620 लोकेशन पर दरें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा नई दरें लागू होने से अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा। दरों में वृद्धि की आशंका के कारण मार्च के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यालयों में भारी भीड़ देखी गई। अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहे, और 31 मार्च को बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी संपत्तियों का पंजीयन कराया। शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग दरों से वृद्धि की गई है। कुछ इलाकों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं नाग-नागिनी रोड, सरस्वती नगर और नई सड़क जैसे क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी जमीन के साथ-साथ भवन निर्माण लागत में भी वृद्धि की गई है। नगर पालिका क्षेत्र में आवासीय निर्माण की लागत 10 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। व्यावसायिक निर्माण के लिए यह दर 13 हजार रुपए और कार्यालय-गोदाम के लिए 12 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कोरोना काल के बाद निर्माण लागत में यह पहली वृद्धि है। इस बढ़ोतरी से अब संपत्ति की खरीद और निर्माण दोनों ही महंगे हो गए हैं।
अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट का समय बदला:अब शाम 5:30 से 6 बजे तक होगी सेरेमनी, आज से नई टाइमिंग लागू

अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।
जेल में हर कैदी पर CCTV से निगरानी:15 मार्च को शाजापुर जेल से कैदी हुआ था फरार; लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड

शाजापुर जिला जेल से 15 मार्च को एक कैदी फरार हो गया था। इसके बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। फरारी के बाद अब जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती इतनी बढ़ा दी गई है कि हर कैदी की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन अब ‘नो रिस्क’ मोड में आ गया है। कैदियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए तीन जेल प्रहरियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। ये प्रहरी 24 घंटे स्क्रीन पर नजर गड़ाए बैठे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। 20 फीट दीवार फान कर भागे कैदी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 20 फीट ऊंची दीवार के बावजूद कैदी जेल से भाग कैसे गया। जांच में सामने आया कि फरार कैदी ने जेल की कैंटीन में काम करते हुए पानी के पाइप और तार का जुगाड़ कर दीवार फांद दी। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए फरार कैदी को 18 मार्च को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया था और 19 मार्च को शाजापुर लाकर उससे पूछताछ की गई। परिवार की मजबूरी बनी फरारी की वजह पूछताछ में कैदी ने बताया कि वह पिछले पांच महीनों से जमानत नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में था। साथ ही उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। परिवार से मिलने की बेचैनी ही उसे इस खतरनाक कदम तक ले गई। कैदी ने पहले किया ‘रेकी’, फिर बनाया प्लान जिला जेल अधीक्षक दुष्यंत परागे के अनुसार, कैदी ने पहले जेल प्रहरियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी और फिर पूरी योजना बनाकर फरार हुआ। यानी यह घटना अचानक नहीं,बल्कि सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। घटना के बाद जेल में लगे पुराने हैलोजन सिस्टम की अंडरग्राउंड वायरिंग को बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना खत्म हो सके। साथ ही जेल प्रशासन ने मुख्यालय से अतिरिक्त स्टाफ की मांग भी की है, क्योंकि वर्तमान में करीब 10 जेल प्रहरियों की कमी बनी हुई है। लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर जेल प्रहरी प्रदीप वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। फिलहाल जिला जेल में सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें बिना नजर आए कोई हलचल करना लगभग नामुमकिन हो गया है। CCTV, अतिरिक्त निगरानी और सख्त अनुशासन के बीच अब जेल प्रशासन हर हाल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने में जुटा है। कुल मिलाकर, एक फरारी ने जहां सिस्टम की कमजोरी उजागर की, वहीं अब उसी ने सुरक्षा को ‘टाइट’ भी कर दिया है।







