वरिंद्र घुम्मन की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से-भाई का दावा:SIT रिपोर्ट का हवाला दिया, बोले-फोर्टिस अमृतसर पर केस करेंगे; सर्जरी के दौरान गई थी जान

जालंधर के रहने वाले और एशिया के इकलौते शाकाहारी बॉडी बिल्डर वरिंद्र घुम्मन मौत मामले में परिवार ने बड़ा खुलासा किया है। परिवार के सदस्य रब्बी ने बताया कि भाई की मौत मामले में गठित SIT की रिपोर्ट आ गई है। रब्बी ने दावा किया कि रिपोर्ट में मौत का कारण डॉक्टरों की लापरवाही बताया गया है। रब्बी ने कहा कि परिवार को भरोसा था कि डॉक्टरों का पैनल उनके साथ इंसाफ करेगा। हमने पहले दिन अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल पर जो आरोप लगाए थे वे सही निकले। अब हम इस रिपोर्ट को आधार बनाकर जल्द ही फोर्टिस अमृतसर के खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि विरेंद्र घुम्मन की मौत का सच सामने लाने के लिए डॉक्टरों की टीम और सरकार का बहुत धन्यवाद। बता दें कि पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन का 9 अक्टूबर 2025 को अमृतसर में सर्जरी के दौरान निधन हो गया था। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए थे और शव की हालत को लेकर सवाल उठाए थे। परिवार ने कहना था कि सिर से कंधे तक वरिंद्र घुम्मन का शरीर काला और नीला हो गया था। पढ़ें रिपोर्ट को लेकर परिजनों ने क्या कहा… लापरवाही सामने आई, ऑपरेशन से पहले तक फिट थे घुम्मन वरिंद्र घुम्मन की मौत को लेकर सरकार ने तुरंत जांच के लिए अमृतसर सिविल अस्पताल के एसएमओ सहित डाक्टरों SIT बनाई थी। ये SIT अमृतसर फोर्सिट के डॉक्टरों से पूछताछ कर रही थी। मेडिकल पहलुओं पर जांच के बाद पैनल ने सरकार और हेल्थ डिपार्टमेंट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट को लेकर परिजनों का कहना है कि इसमें डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है। विरेंद्र घुम्मण बाजू का इलाज करवाने से पहले तक पूरी तरह फिट थे। स्टिरॉइड की बात कहने वालों को भी जवाब मिला रिश्तेदार रब्बी ने कहा कि भाई की मौत के बाद कई लोगों ने स्टिरॉइड लेने को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने दावा किया कि SIT की आई रिपोर्ट के बाद विरोधियों को भी जवाब मिल गया है। पूरी रिपोर्ट में क्या है, इसे लेकर वह जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सारा सच बताएंगे। ये रिपोर्ट वीरेंद्र घुम्मन को चाहने वाले लाखों फैंस की जीत है। मगर बहुत ही दुख है कि हमने अपना स्टार और बड़ा भाई खो दिया। दोस्त अनिल गिल ने उठाया था जांच का मुद्दा घुम्मन के निधन के बाद दोस्तों की डॉक्टरों के साथ बहस भी हुई थी। दोस्त अनिल गिल ने कहा कि एक दम से घुम्मन की बॉडी नीली कैसे पड़ गई, इसकी जांच होनी चाहिए। घुम्मन ने सलमान खान की टाइगर थ्री में काम किया था घुम्मन की उम्र करीब 43 साल थी। उनका जन्म 28 दिसंबर 1982 को गुरदासपुर के तलवंडी में हुआ था। इसके बाद लायलपुर खालसा कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई की। वह प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर और एक्टर थे। घुम्मन ने बॉलीवुड के सुपर स्टार सलमान खान के साथ टाइगर थ्री में काम किया। इसके साथ मिस्टर इंडिया भी रहे। उन्होंने ऑपरेशन से 6 दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा था- किस्मत में लिखे पर किसी का जोर नहीं। आदमी कुछ और सोचता है और भगवान कुछ और। वरिंदर सिंह घुम्मन से जुड़ी अहम बातें
घर पर फेशियल: भूले-भटके बालों का महंगा फेशियल, टमाटर से घर में निकला फेस पैक, पहले युग से ही चमकता चेहरा

28 फरवरी 2026 को 21:53 IST पर अपडेट किया गया घर पर फेशियल: अगर आप चाहते हैं कि आपका चेहरा निखार वापस आ जाए तो आपको घर बैठे ही टमाटर फेशियल यानी टमाटर फेशियल करना होगा। (टैग्सटूट्रांसलेट) घर पर फेशियल (टी) टमाटर फेशियल घर पर (टी) टमाटर फेशियल (टी) DIY टमाटर फेशियल (टी) ब्यूटी टिप्स (टी) ब्यूटी टिप्स इन हिंदी (टी) टमाटर फेस पैक
टूलकिट बनाम फ़ूल-किट: उभरते भारत शिखर सम्मेलन में सरकारी विकास के दावों, विरोधी रणनीति पर तीखी झड़प | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:28 फरवरी, 2026, 20:32 IST क्या भारत का विपक्ष कोई वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने में विफल रहा है या सरकार आलोचना को राष्ट्र-विरोधी बताकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है? राइजिंग भारत समिट 2026 में राजनीतिक टिप्पणीकार मुमताज पटेल, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फ़राज़ किदवई। शनिवार को नेटवर्क18 के राइजिंग भारत समिट 2026 में एक राजनीतिक चर्चा तेजी से इस बात पर तीखी नोकझोंक में बदल गई कि क्या भारत का विपक्ष एक वैकल्पिक दृष्टिकोण पेश करने में विफल रहा है – या क्या सरकार आलोचना को राष्ट्र-विरोधी बताकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है। चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी के आसपास शुरू हुई कि भारत एक वैश्विक विकास इंजन और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरा है, और विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध करने वाले “टूलकिट” में सिमट गया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री के आरोप का बचाव करते हुए तर्क दिया कि विपक्ष नियमित रूप से भारत की उपलब्धियों को कमजोर करता है। पूनावाला ने कहा, “जब भारत की आर्थिक वृद्धि 8% तक पहुंचती है, (कांग्रेस नेता) राहुल गांधी इसे फर्जी कहते हैं। जब भारत यूपीआई के साथ सफल होता है, तो वह कहते हैं कि इसमें कुछ भी नहीं है।” उन्होंने विपक्ष के दृष्टिकोण के कुछ हिस्सों को टूलकिट के बजाय “मूर्ख किट” करार दिया। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए, पूनावाला ने पिछले दशक में परिवर्तनकारी प्रगति पर प्रकाश डाला। “मोदी के आने के बाद, 250 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है… 50 वर्षों में, आपने (कांग्रेस) गरीबों के लिए 200,000 घर बनाए। 10 वर्षों में, हमने 40 मिलियन घर बनाए।” उन्होंने विस्तारित शौचालय कवरेज, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा, बढ़ती जीडीपी वृद्धि, मोबाइल विनिर्माण और रक्षा निर्यात को इस बात का सबूत बताया कि भारत का विकास पथ मजबूत है। “अगर नफरत की राजनीति मुद्दा होती, तो मतदाता भाजपा को क्यों चुनते?” उसने पूछा. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फ़राज़ किदवई ने विपक्षी गठबंधन के भीतर डेटा और नेतृत्व की दिशा दोनों पर सवाल उठाते हुए जोरदार पलटवार किया। किदवई ने कहा, “आज सबसे बड़ा ‘मूर्ख किट’ भाजपा द्वारा चलाया जा रहा है।” उन्होंने तर्क दिया कि सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण की हिस्सेदारी को 25% तक बढ़ाने और 10 मिलियन इंटर्नशिप बनाने सहित कई प्रमुख वादे पूरे नहीं हुए हैं। विपक्षी नेतृत्व के सवाल पर, किदवई ने एक चौंकाने वाला दावा किया: “यदि भारत का नेतृत्व (सपा प्रमुख) अखिलेश यादव को दिया जाता है, तो 2029 में वह इस देश के भावी प्रधान मंत्री बन सकते हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी गठबंधन का प्रभावी ढंग से नेतृत्व करने में विफल रहे हैं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हां, राहुल गांधी सक्षम नहीं हैं।” किदवई ने गरीबी कम करने के दावों पर भी विवाद किया और आरोप लगाया कि सरकार बहुआयामी गरीबी सूचकांक पर इस तरह से भरोसा करती है जिससे सफलता बढ़ सकती है। उन्होंने तर्क दिया, “अगर किसी को बैंक खाता मिलता है – शून्य शेष के साथ भी – तो उन्हें गरीबी से बाहर गिना जाता है।” सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक टिप्पणीकार मुमताज पटेल ने बातचीत को नागरिकों की जीवित वास्तविकताओं पर वापस लाने की कोशिश की। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि ‘राइजिंग भारत’ को लेकर छिड़ी बहस पक्षपातपूर्ण हमलों में तब्दील हो गई है। उन्होंने कहा, “यह बहस हम सभी – 1.4 अरब नागरिकों – के बारे में है। भारत का भविष्य एक व्यक्ति के हाथ में नहीं हो सकता।” प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान स्वीकार करते हुए पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि विकास को आंकड़ों से परे मापा जाना चाहिए। “कागज़ पर आंकड़े अच्छे दिखते हैं। लेकिन आज भी कई लोगों के पास पीने के साफ पानी की कमी है। युवाओं के पास नौकरियों की कमी है। सरकारी स्कूल ख़राब हैं… जब तक ये बुनियादी मुद्दे हल नहीं हो जाते, कुछ भी नहीं बदलेगा।” बहस ने न केवल वैचारिक विभाजन बल्कि विपक्षी गुट के भीतर आंतरिक तनाव को भी उजागर किया। पहले प्रकाशित: 28 फरवरी, 2026, 20:31 IST समाचार राजनीति टूलकिट बनाम फ़ूल-किट: राइजिंग भारत शिखर सम्मेलन में सरकारी विकास के दावों और विरोधी रणनीति को लेकर तीखी झड़प अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
‘अगर कोई भ्रष्टाचार नहीं था तो आबकारी नीति वापस क्यों ली गई?’ केजरीवाल को क्लीन चिट पर सीएम रेखा गुप्ता | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:28 फरवरी, 2026, 20:05 IST न्यूज18 राइजिंग भारत समिट में बोलते हुए गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के बहीखाते आम आदमी पार्टी (आप) के भ्रष्टाचार का सबूत हैं। राइजिंग भारत समिट में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को अपने पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को क्लीन चिट दिए जाने को खारिज करते हुए पूछा कि अगर भ्रष्टाचार के आरोप झूठे थे तो दिल्ली की आबकारी नीति वापस क्यों ली गई। न्यूज18 राइजिंग भारत समिट में बोलते हुए गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के बही-खाते आम आदमी पार्टी (आप) के भ्रष्टाचार के सबूत हैं। “मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि इस दुनिया में, क्या कोई निर्णय लेने के लिए दूसरों की राय पर निर्भर करता है? जब तक जनता को यह विश्वास नहीं हो जाता कि उन्होंने आप को सत्ता में लाकर गलती की है, तो क्या वे उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देते? हाथ में तिरंगा लेकर ईमानदारी बनाए रखने की प्रतिज्ञा करने वाले रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए लोग जल्द ही भ्रष्ट हो गए। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के सैकड़ों मामले हैं। और जिस मामले को वे दफन करने का दावा करते हैं, मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि अगर कोई भ्रष्टाचार नहीं था, तो शराब नीति वापस क्यों ली गई थी जिस क्षण जांच शुरू हुई?” केजरीवाल पर आगे हमला करते हुए गुप्ता ने उन पर दिल्ली को शराब की संस्कृति में डुबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। “जब उन्होंने एक बोतल के साथ दूसरी बोतल मुफ़्त, महिलाओं के लिए पिंक बार, शराब पीने की कानूनी उम्र कम करने की बात की ताकि अधिक युवा शराब पी सकें, तो क्या यह दिल्ली के साथ धोखा नहीं था?” दिल्ली के मुख्यमंत्री ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि अदालत ने केजरीवाल को निर्दोष पाया है, उन्होंने कहा कि पिछली सरकार का हर पहलू भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था। “अस्पतालों, दवाइयों, स्कूलों, मोहल्ला क्लीनिकों से जुड़े ऐसे कई मामले हैं जहां भ्रष्टाचार पाया गया। हम इसे हर दिन उनके बही-खातों में देखते हैं। शुक्रवार का फैसला निचली अदालत द्वारा किया गया था। देश के लोग न्यायिक प्रणाली में विश्वास करते हैं और चाहे कितना भी समय लगे, सच्चाई सामने आ जाएगी।” गुप्ता ने कांग्रेस के इस दावे का भी मजाक उड़ाया कि भाजपा और आप आपस में मिले हुए हैं और यह सत्तारूढ़ पार्टी ही थी जिसने पंजाब में चुनाव से पहले केजरीवाल को जेल से बाहर निकाला था। “जब कांग्रेस जैसी पार्टी, जिसे मतदाताओं ने नोटा से नीचे पाया है, ऐसे दावे करती है, तो यह हास्यास्पद है। केजरीवाल और कांग्रेस आपस में मिले हुए थे, लेकिन बाद में अलग हो गए। कांग्रेस एक दिशाहीन पार्टी है और उसके नेता कोई भी दावा कर सकते हैं।” पहले प्रकाशित: 28 फरवरी, 2026, 19:46 IST समाचार राजनीति ‘अगर कोई भ्रष्टाचार नहीं था तो आबकारी नीति वापस क्यों ली गई?’ केजरीवाल को क्लीन चिट पर सीएम रेखा गुप्ता अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
रश्मिका ने शादी में ‘लिविंग गॉडेस’ थीम वाले गहने पहने:विजय के हार पर थी बाघ की डिजाइन; PHOTOS में देखिए कपल की वेडिंग स्टाइल

उदयपुर में गुरुवार को विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी हुई। शादी की रस्में तेलुगु रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी की गईं। शादी में रश्मिका ने ‘लिविंग गॉडेस’ थीम पर आधारित गहने पहने, जबकि विजय के हार पर बाघ की डिजाइन नजर आई। शादी के लिए विजय और रश्मिका के आउटफिट डिजाइनर अनामिका खन्ना ने तैयार किए थे। हाल के सालों में जहां सेलिब्रिटी शादियों में पेस्टल रंग ज्यादा दिखते हैं, वहीं इस शादी में गहरे और ट्रेडिशनल रंग चुने गए। बता दें कि शादी में पेस्टल ट्रेंड का मतलब पारंपरिक गहरे रंगों (जैसे सुर्ख लाल, गहरा मैरून या नारंगी) की जगह हल्के और सॉफ्ट रंगों को चुनना है। विजय और रश्मिका की शादी में सोने के आभूषण और मंदिर से जुड़े डिजाइन मुख्य फोकस में रहे। दोनों के गाल पर नजर का टीका भी लगाया गया था। रश्मिका की साड़ी की खासियत शादी में रश्मिका ने रस्ट रंग की साड़ी पहनी। साड़ी पर लाल और गोल्ड बॉर्डर था। इसमें मंदिर और पुरानी वास्तुकला से जुड़े पैटर्न की कढ़ाई की गई थी। डिजाइन में हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखा गया। साड़ी पर एंटीक गोल्ड हैंड एम्ब्रॉयडरी साफ दिख रही थी। एक्ट्रेस ने इसके साथ गोल्ड वर्क वाला भारी ब्लाउज पहना। ऊपर से हल्का बेज रंग का घूंघट लिया। पूरा लुक पारंपरिक ब्राइडल स्टाइल में था। कढ़ाई और मोटिफ की प्लेसमेंट में खास ध्यान दिया गया था। रश्मिका की ज्वेलरी रश्मिका की ज्वेलरी भी खास थी। एक्ट्रेस ने साउथ इंडियन टेंपल आर्किटेक्चर से प्रेरित 11 कस्टम गोल्ड ज्वेलरी पीस पहने। इस थीम का कॉन्सेप्ट ‘लिविंग गॉडेस’ रखा गया था। इसके तहत उनके कपड़े और गहनों को एक दिव्य देवी के आभा-मंडल को दर्शाने के लिए डिजाइन किया गया था। गहनों में नक्शी वर्क और रवा ग्रैन्युलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इन्हें एंटीक मैट फिनिश दिया गया। उन्होंने चोकर के साथ मां लक्ष्मी की आकृति वाले लंबे हारम पहने। इसके अलावा झुमके, माथापट्टी, नथ, बाजूबंद, कमरबंद, चूड़ियां, हाथफूल, चंपासरलु, पायल और जड़ाबिल्ला शामिल थे। पूरा ज्वेलरी सेट पारंपरिक मंदिर शैली को दिखाता था। विजय देवरकोंडा ने धोती पहनी थी वहीं विजय देवरकोंडा ने आइवरी सिल्क धोती पहनी। इसके साथ वर्मिलियन रंग का अंगवस्त्रम लिया। अंगवस्त्रम के बॉर्डर पर जंगल और मंदिर से जुड़े मोटिफ की कढ़ाई थी। उनका लुक हैदराबाद की टेक्सटाइल विरासत से प्रेरित था। इसमें वनसिंगारम वीव का इस्तेमाल किया गया था। क्रीम और लाल रंग का मेल साफ नजर आ रहा था। उन्होंने भी पारंपरिक गोल्ड ज्वेलरी पहनी। इसमें लंबा मोती उभरा हुआ नेकलेस, छोटी चेन, गोल्ड स्टड ईयररिंग, बाजूबंद, दोनों हाथों में कड़े, अंगूठियां, कमरबंद और गोल्ड पायल शामिल थीं। उनके हाथ और पैरों में आलता या महावर भी लगाया गया था। इससे लुक और ज्यादा पारंपरिक दिखा। कुल मिलाकर दोनों का पहनावा सादगी के साथ संस्कृति पर आधारित था। विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- उदयपुर में पुष्पा फिल्म की हीरोइन की शादी, PHOTOS:रश्मिका ने साउथ स्टार विजय संग फेरे लिए; तेलुगु-कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं पुष्पा फिल्म की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा ने गुरुवार को उदयपुर में शादी की। रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा और विजय देवरकोंडा तेलुगु के हिंदू परिवार से आते हैं। इस वजह से सुबह तेलुगु और शाम को कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं। (पढ़िए पूरी खबर) विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच, दूल्हा-दुल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में 24 फरवरी से शुरू हो गई थीं। दूल्हा और दुल्हन ने होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला था। (पूरी खबर पढ़ें)
इजराइल की ईरान पर एयरस्ट्राइक देखें PHOTO-VIDEO:तेहरान समेत कई शहरों में धुएं का गुबार, ईरान के फाइटर जेट्स ने भी उड़ान भरी

इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में धमाके हुए। आसमान में धुएं का गुबार छा गया। लगातार एयर अटैक सायरन बज रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे अपने नागरिकों की रक्षा के लिए उठाया कदम बताया है। हमले के बाद ईरान और इजराइल में तनाव बढ़ गया है। नीचे 10 तस्वीरों में देखिए ईरान के हालात… इजराइल की ईरान पर हमले से जुड़ी तस्वीरें… यरुशलम और तेल अवीव में सायरन सुनाई दिए…
अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट; ट्रम्प बोले- अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए अटैक किया

इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस खाली करा लिया है। इधर इजराइल में भी एयर अटैक सायरन सुनाई दे रहे हैं। संवेदनशील इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है। इसके तहत ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के दफ्तर के पास हमला किया गया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) रखा है। यह नाम इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तय किया है। बताया गया है कि सेना ने पहले इस हमले के लिए दूसरा नाम रखा था। यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजरायल छोड़ने के लिए कहा था। हमले की तस्वीरें… ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद चल रहा था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। अमेरिकी सेना पहले ही ईरान को चारों तरफ से घेर चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजराइल छोड़ने के लिए कहा था। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। इजराइल के ईरान पर हमले से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
चंदिया कटनी बाइपास पर ट्रकों से यातायात बाधित:एक किलोमीटर तक सड़क पर खड़े रहते हैं भारी वाहन

उमरिया जिले के चंदिया नगर में कटनी बाइपास मार्ग पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ट्रकों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। करीब एक किलोमीटर लंबे हिस्से में सड़क के दोनों किनारों पर भारी वाहनों की कतार लगने से आवागमन बाधित हो रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को साइड देने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक ट्रक सड़क घेरकर खड़े रहते हैं। मार्ग पर अंधा मोड़ होने के कारण सामने से आने वाले वाहन समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले बाइक सवार दुर्गा ने बताया कि दोनों तरफ ट्रक खड़े होने से निकलने की जगह नहीं बचती। यह शहर में प्रवेश का मुख्य मार्ग है, जिससे रात के समय आवागमन विशेष रूप से मुश्किल हो जाता है। मामले को लेकर एसडीओपी पी.एल. परस्ते ने बताया कि ट्रकों के खड़े होने से यातायात बाधित होने की शिकायत मिली है। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर की बढ़ी हुई दर को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक में जलकर 75 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया। परिषद में बताया गया कि प्रति कनेक्शन करीब 563 रुपये प्रतिमाह खर्च आ रहा है, इसी आधार पर दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव नगर पालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल ने ही रखा था। उन्होंने शुरुआत में 300 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन चर्चा के बाद 200 रुपये प्रतिमाह की दर बहुमत से पारित कर दी गई। कांग्रेस ने किया था विरोध बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने 75 रुपये से सीधे 200 रुपये करने का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि दर बढ़ानी है तो उसे 100 रुपये प्रतिमाह किया जाए। यह आपत्ति परिषद की कार्यवाही में दर्ज है और इसके वीडियो प्रमाण भी मौजूद हैं। अब वही उपाध्यक्ष अंशुल गोयल मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर जलकर की दर कम करने या फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप: दोहरी राजनीति नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि जब प्रस्ताव खुद उपाध्यक्ष ने रखा और बहुमत से पारित कराया, तो अब दर कम करने की मांग किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले बहुमत का उपयोग कर फैसला करती है और अब जनता के दबाव में खुद को हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है। परिषद बैठक बुलाने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि यदि वास्तव में जलकर कम करना है तो परिषद की विशेष बैठक बुलाकर औपचारिक प्रस्ताव लाया जाए और दर 100 रुपये प्रतिमाह तय की जाए। उनका कहना है कि केवल पत्र लिखना पर्याप्त नहीं है। जलकर वृद्धि को लेकर शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर नगर पालिका परिषद की अगली बैठक और प्रशासन के फैसले पर टिकी है।
नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज की झाड़बीड़ा बीट में प्लांटेशन की जमीन पर लगे करीब 20 हजार पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। आरोप है कि राजलढ़ाना गांव के करीब 100 ग्रामीणों ने खेती करने के उद्देश्य से लगभग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। वन विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो राजस्व और पुलिस विभाग की मदद से संयुक्त कार्रवाई की गई। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वहां बनाई गई अस्थायी टपरियां हटाई गईं और बड़े गड्ढे खोदे गए, ताकि दोबारा खेती नहीं की जा सके। 2019 में हुआ था प्लांटेशन डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में वर्ष 2019 में पौधारोपण किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 हजार पौधों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे विभाग को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। अब वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पौधों पर हुए खर्च की वसूली की जाएगी। जिम्मेदार स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई डीएफओ ने यह भी कहा कि इस मामले में वन विभाग के जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था ठीक से क्यों नहीं की गई, इस संबंध में रेंजर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त टीम ने हटाया अवैध कब्जा झाड़बीड़ा बीट के कंपार्टमेंट नंबर 159 में राजलढ़ाना और पतलई गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए वन विभाग को पुलिस और राजस्व विभाग की सहायता लेनी पड़ी। अभियान के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बरसकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






