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सेमीफाइनल और फाइनल के टिकट बिक्री शुरू:पाकिस्तान की जीत-हार तय करेगी सेमीफाइनल-फाइनल का वेन्यू; जगह चेंज होने पर रिफंड होगा पैसा

सेमीफाइनल और फाइनल के टिकट बिक्री शुरू:पाकिस्तान की जीत-हार तय करेगी सेमीफाइनल-फाइनल का वेन्यू; जगह चेंज होने पर रिफंड होगा पैसा

ICC मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के टिकट मंगलवार, 24 फरवरी को शाम 7 बजे (IST) से बिक्री के लिए उपलब्ध हो गए हैं। टिकट आधिकारिक वेबसाइट tickets.t20worldcup.com पर उपलब्ध होगी। फैंस 4 मार्च को होने वाले पहले सेमीफाइनल, 5 मार्च को दूसरे सेमीफाइनल और 8 मार्च को खेले जाने वाले फाइनल मैच के लिए टिकट खरीद सकते हैं। सेमीफाइनल 1 के लिए दो शहरों का विकल्प पहले सेमीफाइनल के लिए वेन्यू फिलहाल तय नहीं, वह टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने के आधार पर तय किया जाएगा। यानी यह मैच या तो कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा या कोलकाता के ईडन गार्डन्स में। यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन सी टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती हैं। वहीं, दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना तय है। पाकिस्तान और श्रीलंका के क्वालिफिकेशन पर टिकी वेन्यू की गणित ICC ने वेन्यू को लेकर कुछ खास शर्तें रखी हैं: पाकिस्तान का नियम: अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करता है, तो वह 4 मार्च को कोलंबो में पहला सेमीफाइनल खेलेगा। श्रीलंका का नियम: यदि पाकिस्तान क्वालिफाई नहीं करता, लेकिन श्रीलंका सेमीफाइनल में पहुंचता है और उसका मुकाबला भारत से नहीं होता, तो पहला सेमीफाइनल कोलंबो में ही खेला जाएगा। कोलकाता का नियम: यदि इन दोनों में से कोई स्थिति नहीं बनती या भारत और श्रीलंका आमने-सामने होते हैं,तो पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। फाइनल कोलंबो या अहमदाबाद में खेला जाएगा टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। इसके लिए भी शहर का चुनाव पाकिस्तान की टीम पर निर्भर है। अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो में होगा। वहीं, अगर पाकिस्तान फाइनल की रेस से बाहर हो जाता है, तो वर्ल्ड कप का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। वेन्यू बदलने पर मिलेगा रिफंड ICC ने उन फैंस के लिए सुरक्षा उपाय भी रखे हैं जो अभी टिकट खरीद रहे हैं। यदि किसी दर्शक ने ऐसे स्थान का टिकट खरीद लिया है, जहां अंततः पहला सेमीफाइनल या फाइनल नहीं होता है, तो टिकट की पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। कैसे बुक करें टिकट? फैंस को टिकट खरीदने के लिए ICC के आधिकारिक पोर्टल tickets.t20worldcup.com पर जाना होगा। यह बिक्री सभी कैटेगरी के टिकटों के लिए शुरू की गई है। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप ब्रूक शतक लगाने वाले पहले कप्तान:बाबर लोएस्ट स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाज, इंग्लैंड लगातार 5वीं बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में इतिहास रचते हुए लगातार 5वीं बार सेमीफाइनल में जगह बना ली। मंगलवार रात पाकिस्तान को 2 विकेट से हराकर टीम इस एडिशन के नॉकआउट में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। पूरी खबर

अरिजीत सिंह की आमिर के साथ काम करने पर सफाई:कहा- लोगों को कितना समझाएंगे, पहले किया था प्लेबैक सिगिंग छोड़ने का ऐलान

अरिजीत सिंह की आमिर के साथ काम करने पर सफाई:कहा- लोगों को कितना समझाएंगे, पहले किया था प्लेबैक सिगिंग छोड़ने का ऐलान

अरिजीत सिंह ने जनवरी में प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने आमिर खान के प्रोडक्शन की फिल्म एक दिन के लिए गाना गाया। ऐसे में एक्टर के बदलते फैसले पर सवाल उठाए गए और उनकी आलोचना की गई। ऐसे में सिंगर ने अब खुद इस पर सफाई दी है। अरिजीत सिंह ने मंगलवार को आधिकारिक X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर लिखा है, यह मैसेज सिर्फ मेरे लिस्नर्स के लिए है। अगर आप मेरे गाने नहीं सुनते हैं, तो कृपया इसे न पढ़ें और आगे बढ़ जाएं। यह मेरी विनम्र प्रार्थना है। नमस्ते खूबसूरत लोगों। मैं बस आप सभी से कहना चाहता हूं कि मैं आपसे प्यार करता हूं। इस कठोर दुनिया में आपकी दयालुता के लिए आपका बहुत धन्यवाद। आगे अरिजीत ने लिखा है, ‘हालांकि मैंने नए काम लेना बंद कर दिया है, लेकिन मेरे पास अभी भी बहुत सारे गाने बाकी हैं जिन्हें पूरा करना है। मुझे अभी कई गाने पूरे करने होंगे। लोगों को समझाने में मत पड़िए, आप कितनी बार समझाएंगे? मेरे कई गाने अभी अधूरे हैं, और वे तब तक रिलीज होते रहेंगे जब तक पूरे नहीं हो जाते। शायद पूरे इस साल, और हो सकता है अगले साल तक भी। शांत रहें। इस प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने की कोशिश करें। अपने शरीर से स्पाइक प्रोटीन हटाएं, 5G से दूर रहें, प्यार को पढ़ें, ध्यान करें। जय देवी।’ बता दें कि 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इसके कुछ दिनों बाद ही आमिर खान ने घोषणा की कि अरिजीत सिंह उनके प्रोडक्शन की फिल्म एक दिन के लिए प्लेबैक सिंगिंग कर रहे हैं। फिल्म का गाना भी हाल ही में रिलीज किया गया है। ऐसे में संन्यास लेने और फिर एक महीने में ही दोबारा वापसी करने पर अरिजीत सिंह की जमकर आलोचना की जा रही थी। अरिजीत ने 27 जनवरी को संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा था, नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा।

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 82,650 पर पहुंचा:निफ्टी 130 अंक चढ़ा, 25,550 पर कारोबार कर रहा, आईटी शेयरों में खरीदारी

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 82,650 पर पहुंचा:निफ्टी 130 अंक चढ़ा, 25,550 पर कारोबार कर रहा, आईटी शेयरों में खरीदारी

सेंसेक्स में आज यानी बुंधवार 25 फरवरी को तेजी है। ये 400 अंक (0.50%) चढ़कर 82,650 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 130 अंक (0.57%) की तेजी है। ये 25,550 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी है। एशियाई मार्केट में तेजी के साथ कारोबार अमेरिकी बाजार में 24 फरवरी को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 3,483 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे IRFC में 4% हिस्सेदारी बेच रही सरकार, फ्लोर प्राइस ₹104 तय सरकार रेलवे की फाइनेंस कंपनी IRFC में अपनी 4% तक हिस्सेदारी बेच रही है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जा रही है। यह ऑफर नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए आज से खुल गया है। वहीं, रिटेल निवेशक गुरुवार, 26 फरवरी को अपनी बोलियां लगा सकेंगे। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹104 प्रति शेयर तय किया गया है। मंगलवार, 24 फरवरी को IRFC का शेयर ₹109.40 पर बंद हुआ था। यानी सरकार निवेशकों को मौजूदा कीमत से डिस्काउंट पर शेयर ऑफर किया है। हालांकि आज ये शेयर करीब 4% नीचे 105 रुपए पर आ गया है। क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी के IPO का आखिरी दिन रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस के IPO का आज आखिरी दिन है। ये 24 फरवरी तक 0.47 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी इस IPO के जरिए 3,100 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। कंपनी इस इश्यू के जरिए फ्रेश शेयर और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों लेकर आई है। सेंसेक्स कल 1069 अंक गिरकर बंद हुआ था सेंसेक्स में कल यानी मंगलवार 24 फरवरी को गिरावट रही। ये 1069 अंक (1.28%) गिरकर 82,226 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी करीब 288 अंक (1.12%) की गिरावट रही। ये 25,425 के स्तर पर आ गया है। कल के कारोबार में आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली रही।

एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, डाइटिसिशियन ने दी चेतावनी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन

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X एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन   Health Tips: अगर आप रोज एक चम्मच से ज्यादा नमक खा रहे है तो सावधान हो जाएं. मंडलीय अस्पताल की डाइटिसिशियन डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन केवल एक चम्मच नमक का सेवन पर्याप्त है, ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ता है. उन्होंने सलाह दी कि सलाद या फलों पर ऊपर से नमक न छिड़कें और मठरी, नमकीन व पैक्ड फूड से परहेज करें, क्योंकि इनमें नमक अधिक होता है. दैनिक उपयोग में केवल आयोडीन युक्त नमक लें. सेंधा या काला नमक नियमित रूप से उपयोग करना फायदेमंद नहीं है और इससे थायराइड व घेंघा जैसी समस्याएं बढ़ सकती है.

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया है। फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई में किसान आग लगाकर नष्ट करते हैं। जिससे कई बार आगजनी की घटनाएं होती हैं। जिनसे देखते हुए सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संदीप जीआर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमा में गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई (डंठलों) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उप संचालक, किसान कल्याण व कृषि विकास, जिला सागर द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में गेहूं की कटाई अधिकांश कम्बाईन्ड हार्वेस्टर से की जा रही है। जिसके बाद नरवाई जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने इन घटनाओं की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है। आदेश में अवशेषों को नष्ट कराने के निर्देश आदेश में उल्लेखित है कि कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करने के स्थान पर उन्हें जला दिया जाता है। जबकि भूसा पशु आहार व अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है। 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध नहीं होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं। जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं। हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और आग अनियंत्रित होने पर जन-धन और संपत्ति की हानि की आशंका रहती है। जुर्माने का भी जिक्र कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक कम्बाइंड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपए प्रति घटना देय होगा। प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के पालन की निगरानी के लिए उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला, 2 पुलिसकर्मी की मौत, एक दिन में अलग-अलग हमलों में 7 जाने गईं

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला, 2 पुलिसकर्मी की मौत, एक दिन में अलग-अलग हमलों में 7 जाने गईं

पाकिस्तान में मंगलवार को अलग-अलग हमलों में 7 पुलिसकर्मियों की जान चली गई। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला हुआ। पंजाब पुलिस प्रमुख अब्दुल करीम के मुताबिक इस हमले में 2 पुलिसकर्मी मारे गए। इस धमाके में 3 आम लोग भी घायल हुए, जिनमें पोलियो रोधी अभियान से जुड़े 2 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इसी दिन इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट इलाके में उग्रवादियों ने एक पुलिस गाड़ी पर हमला किया। आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि इस हमले में 5 पुलिसकर्मी, जिनमें एक वरिष्ठ अधिकारी भी थे और 2 नागरिक मारे गए। कोहाट के जिला पुलिस अधिकारी शेहबाज इलाही ने बताया कि इस हमले में 3 अन्य लोग घायल भी हुए। पिछले एक हफ्ते में खैबर पख्तूनख्वा और दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में उग्रवादियों के खिलाफ झड़पों और सुरक्षा अभियानों के दौरान कम से कम 16 सुरक्षाकर्मी, जिनमें एक सीनियर सेना अधिकारी भी शामिल थे, मारे गए हैं। सेना के मुताबिक इन अभियानों और हमलों में 53 उग्रवादी भी मारे गए। हाल के सालों में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाएं बढ़ी हैं। खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों, पुलिस और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।

सिवनी में तेज आवाज बुलेट पर पुलिस की कार्रवाई:मॉडिफाइड साइलेंसर के लिए किया जुर्माना; चालक को सख्त हिदायत

सिवनी में तेज आवाज बुलेट पर पुलिस की कार्रवाई:मॉडिफाइड साइलेंसर के लिए किया जुर्माना; चालक को सख्त हिदायत

सिवनी शहर में तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी मोटरसाइकिलों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। ध्वनि प्रदूषण और आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में मंगलवार की रात्रि को घसियारी चौक क्षेत्र में एक बुलेट मोटरसाइकिल को तेज आवाज वाले साइलेंसर के साथ पकड़ा गया। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर तेज और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और नागरिकों, विद्यार्थियों तथा बुजुर्गों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ने तेज आवाज कर रही बुलेट मोटरसाइकिल को रोककर जांच की। जांच में पाया गया कि वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा हुआ था। इसके बाद वाहन को थाने लाकर खड़ा कराया गया और चालक के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 120/190(2) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने चालक से 1000 रुपए का समन शुल्क वसूल किया और उसे भविष्य में इस प्रकार का उल्लंघन न करने की सख्त हिदायत दी। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि शहर में नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और अवैध मॉडिफिकेशन से बचने की अपील की, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी के साथ आरक्षक सौरभ सिंह, सिद्धार्थ दुबे और लोकेश सरेयाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मासूम शर्मा ने पूरी की दूसरी मास्टर डिग्री:अमृतसर के खालसा कॉलेज से म्यूजिक में MA की; बोले- अचीवमेंट फैंस को समर्पित

मासूम शर्मा ने पूरी की दूसरी मास्टर डिग्री:अमृतसर के खालसा कॉलेज से म्यूजिक में MA की; बोले- अचीवमेंट फैंस को समर्पित

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच विवाद के बीच अपनी दूसरी मास्टर डिग्री पूरी कर ली है। सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्होंने दीक्षांत समारोह में डिग्री के साथ कई फोटोज भी शेयर किए हैं। मासूम शर्मा ने अमतृसर के खालसा कॉलेज से म्यूजिक सब्जेक्ट में MA की है। करीब डेढ़ साल पहले ही उन्होंने अपनी मास्टरर्स पूरी कर ली थी, लेकिन 23 फरवरी को हुए दीक्षांत समारोह में उन्हें ये डिग्री मिली। मासूम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- गायकी मेरा इश्क है, पढ़ाई मेरी ताकत। दो मास्टर डिग्री पूरी करने की अचीवमेंट अपने हर एक फैन को समर्पित करता हूं। अब पढ़िए…मासूम का स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक का सफर गांव के स्कूल से की दसवीं की पढ़ाई मासूम शर्मा का जन्म जींद के गांव ब्राह्मणवास गांव में 27 मार्च 1991 को हुआ था। मासूम ने दसवीं तक की पढ़ाई हिंदू स्कूल जुलाना से पूरी की। इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई एसडी स्कूल किलाजफरगढ़ से की। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन के लिए रोहतक का रुख किया। पंडित लख्मीचंद कॉलेज से फिल्म एंड एक्टिंग में उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। मास कम्युनिकेशन में पहली डिग्री की ग्रेजुएशन के बाद मासूम शर्मा ने 2019 में मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया प्रोडक्शन में MA की पढ़ाई पूरी की। यह डिग्री भी उन्होंने पंडित लख्मीचंद यूनिवर्सिटी से ही हासिल की। 2019 में ही पंडित लख्मीचंद कॉलेज में मास्टर डिग्री का पहला बैच शुरू हुआ था। मासूम इसी बैच के स्टूडेंट थे। मासूम शर्मा ने अपनी दूसरी मास्टर डिग्री वर्ष 2024 में म्यूजिक विषय में पूरी की थी। बड़ा बेटा फर्स्ट क्लॉस में पढ़ाई कर रहा मासूम शर्मा के के दो बेटे और एक बेटी है। जिनमें से एक एलकेजी और दूसरा बच्चा फर्स्ट क्लास में पढ़ाई करता है। जबकि छोटा बेटा अभी तीन साल का है। 18 फरवरी को जींद में पूर्व सरपंच से विवाद हुआ 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा का बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में पूर्व सरपंच से विवाद हुआ था। मासूम शर्मा ने लाइव शो के दौरान स्टेज पर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को देखकर भड़क गए थे। मासूम ने यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। इसके बाद विवाद बढ़ा तो पूर्व पूर्व सरपंच ने उन्हें पंच का चुनाव तक लड़ने की चुनौती दे डाली। इसके बाद मासूम के बड़े भाई विकास शर्मा ने मुआना गांव में पूर्व सरपंच के सामने बैठकर मामले में मासूम की गलती स्वीकार की थी, लेकिन विवाद फिर भी नहीं रुका। हालांकि, मासूम ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में अपने शब्द वापस लेने की बात कही थी, लेकिन उसके साथ यह भी कहा था कि एक व्यक्ति के कहने पर पंचायत नहीं होती। ————– पूर्व सरपंच विवाद की ये खबरें भी पढ़िए… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच को धमकाया, VIDEO:मंच से उतारकर बोले- MLA-मंत्री तक को कुछ नहीं समझता, भीड़ से भी धक्का-मुक्की की हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं: दोस्त मुकेश जाजी ने गलती मानी, सरपंचों ने किया बहिष्कार; प्रदेश प्रभारी बोले- मौत के कार्यक्रम में भी नचा लो पूर्व सरपंच बोले-पैसे देकर मासूम शर्मा को कहीं नचवा लो:पंच चुनाव जीतकर दिखाए, जींद में महापंचायत की तैयारी; सिंगर ने स्टेज से उतारा था फतेहाबाद में सरपंचों की मासूम शर्मा को चेतावनी:माफी मांगने की मांग; बोले- वरना कोई भी इवेंट्स नहीं होने देंगे

ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देंगे। इस दौरान वे ईरान और गाजा के हालात के साथ-साथ टैरिफ के मुद्दे पर भी बयान दे सकते हैं। उनके भाषण के दौरान जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़िताएं भी संसद में मौजूद रहेंगी। इन्हें विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चक शूमर, एमिली रैंडल, टेरेसा लेगर फर्नांडीज, जैमी रास्किन और सुहास सुब्रमण्यम ने इनवाइट किया है। ट्रम्प और एपस्टीन में लंबे समय तक दोस्ती थी, हालांकि ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के किसी गलत काम की जानकारी नहीं थी। ट्रम्प का संबोधन सुबह 7:30 बजे शुरू होगा। इस जॉइंट सेशन में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) मेंबर, सीनेट (ऊपरी सदन) मेंबर, सुप्रीम कोर्ट के जज और राष्ट्रपति की कैबिनेट मौजूद रहती है। इस भाषण में राष्ट्रपति देश के मौजूदा हालात और अपनी सरकार की आगे की योजनाओं के बारे में बताते हैं। ट्रम्प टैरिफ नीति को देश की सुरक्षा से जोड़ सकते हैं इस बार भाषण की थीम ‘अमेरिका एट 250: स्ट्रॉन्ग, प्रॉस्पेरस एंड रिस्पेक्टेड’ रखी गई है। CNN के मुताबिक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रम्प के कुछ टैरिफ पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उन्होंने सीमित समय के लिए नया टैरिफ लागू किया है। हो सकता है वे इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए जरूरी कदम बता सकते हैं। ट्रम्प विदेश नीति पर भी खुलकर बोल सकते हैं। ईरान को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और गाजा में हालात को लेकर भी अमेरिका की भूमिका चर्चा में है। ट्रम्प खुद को मजबूत नेता के तौर पर पेश करते हुए कह सकते हैं कि सख्त रुख ही शांति का रास्ता है। यूक्रेन युद्ध भी चर्चा में रहेगा। रूस के हमले को चार साल पूरे हो गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि वह एक दिन में युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। इमिग्रेशन भी उनका प्रमुख मुद्दा रहेगा। सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर डिपोर्ट ऑपरेशन चलाया और दक्षिणी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने 13 महीनों में लगभग 240 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के बाद इतने कम समय में इतने ज्यादा आदेश किसी राष्ट्रपति ने जारी नहीं किए। ट्रम्प किन किन मुद्दों पर भाषण दे सकते हैं… हर साल जनवरी या फरवरी में ये भाषण होता है अमेरिका में राष्ट्रपति हर साल जनवरी या फरवरी में कांग्रेस (संसद) को एक संबोधित करते हैं, जिसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा जाता है। स्टेट ऑफ द यूनियन के दिन संसद की प्रतिनिधि सभा (निचला सदन) और सीनेट (ऊपरी सदन) के सदस्य हाउस चैंबर में इकट्ठा होते हैं। स्पीकर ऑफ द हाउस और उपराष्ट्रपति जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे ऊंचे मंच पर बैठते हैं। जब राष्ट्रपति संसद में पहुंचते हैं तो हाउस के सार्जेंट-एट-आर्म्स उनके आने की घोषणा करते हैं। इसके बाद स्पीकर राष्ट्रपति का परिचय कराते हैं और राष्ट्रपति कांग्रेस को अपना भाषण देते हैं। कैबिनेट का एक मेंबर कार्यक्रम में शामिल नहीं होता एक परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति के कैबिनेट का एक सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होता। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए और राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बाकी कैबिनेट सदस्य की मौत हो जाएं, तो जो सदस्य कार्यक्रम में नहीं आया है वह राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल सके। राष्ट्रपति अपने भाषण के लिए कुछ खास अमेरिकी नागरिकों को भी बुलाते हैं। इन लोगों को इसलिए आमंत्रित किया जाता है क्योंकि उन्होंने कोई असाधारण काम किया होता है। भाषण के दौरान राष्ट्रपति उनका परिचय कराते हैं और सम्मानित करते हैं। स्टेट ऑफ द यूनियन संदेश के बाद विपक्षी पार्टी की ओर से एक जवाबी भाषण दिया जाता है। इसमें विपक्ष के नेता राष्ट्रपति की बातों पर अपनी राय रखते हैं और देश को बेहतर बनाने के लिए अलग सुझाव देते हैं। इसे पहले ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था स्टेट ऑफ द यूनियन की परंपरा अमेरिकी संविधान से जुड़ी है। संविधान के अनुच्छेद 2 में लिखा है कि राष्ट्रपति समय-समय पर कांग्रेस को देश के हालात की जानकारी देंगे और जरूरी कदमों की सिफारिश करेंगे। शुरुआत में इस भाषण को ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन से लेकर हर्बर्ट हूवर तक सभी राष्ट्रपति इसे इसी नाम से बुलाते थे। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने अपने 1941 के भाषण में इसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा। हालांकि उनका यह भाषण ‘फोर फ्रीडम्स’ नाम से ज्यादा फेमस है। संविधान में यह नहीं बताया गया है कि यह संदेश कब और कैसे दिया जाए, लेकिन परंपरा के तौर पर राष्ट्रपति हर साल एक बार यह भाषण देते हैं। पहले यह भाषण आमतौर पर दिसंबर में दिया जाता था, लेकिन 1934 के बाद से इसे जनवरी या फरवरी में दिया जाने लगा। साल 2022 में जो बाइडेन मार्च महीने में व्यक्तिगत रूप से यह भाषण देने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 2024 में भी ऐसा ही किया। पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में इसी तरह का संबोधन दिया था। थॉमस जेफरसन ने लिखित संदेश भेजे थे एक समय ऐसा भी था जब ये स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण के रूप में नहीं बल्कि लिखित रूप में भेजा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन (1789-1797) और जॉन एडम्स (1797-1801) ने कांग्रेस के सामने जाकर भाषण दिया था, लेकिन थॉमस जेफरसन (1801-1809) ने लिखित संदेश भेजने की परंपरा शुरू की। माना जाता है कि वह अच्छे वक्ता नहीं थे। इसके बाद 1913 तक राष्ट्रपति लिखित संदेश ही भेजते रहे। फिर वुडरो विल्सन (1913-1921) ने दोबारा कांग्रेस के जॉइंट सेशन को संबोधित करने की परंपरा शुरू की। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट के बाद से ज्यादातर राष्ट्रपति भाषण देकर ही अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हैं। दो राष्ट्रपति ऐसे रहे जो यह भाषण नहीं दे पाए। विलियम हेनरी हैरिसन की 1841 में बीमारी से मौत हो गई थी और जेम्स गारफील्ड की 1881 में एक हमले में मृत्यु हो गई थी। इसलिए दोनों अपने कार्यकाल में स्टेट ऑफ द यूनियन नहीं दे सके। रॉनल्ड रीगन ने 1981 में अपने पहले

ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देंगे। इस दौरान वे ईरान और गाजा के हालात के साथ-साथ टैरिफ के मुद्दे पर भी बयान दे सकते हैं। उनके भाषण के दौरान जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़िताएं भी संसद में मौजूद रहेंगी। इन्हें विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चक शूमर, एमिली रैंडल, टेरेसा लेगर फर्नांडीज, जैमी रास्किन और सुहास सुब्रमण्यम ने इनवाइट किया है। ट्रम्प और एपस्टीन में लंबे समय तक दोस्ती थी, हालांकि ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के किसी गलत काम की जानकारी नहीं थी। ट्रम्प का संबोधन सुबह 7:30 बजे शुरू होगा। इस जॉइंट सेशन में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) मेंबर, सीनेट (ऊपरी सदन) मेंबर, सुप्रीम कोर्ट के जज और राष्ट्रपति की कैबिनेट मौजूद रहती है। इस भाषण में राष्ट्रपति देश के मौजूदा हालात और अपनी सरकार की आगे की योजनाओं के बारे में बताते हैं। ट्रम्प टैरिफ नीति को देश की सुरक्षा से जोड़ सकते हैं इस बार भाषण की थीम ‘अमेरिका एट 250: स्ट्रॉन्ग, प्रॉस्पेरस एंड रिस्पेक्टेड’ रखी गई है। CNN के मुताबिक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रम्प के कुछ टैरिफ पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उन्होंने सीमित समय के लिए नया टैरिफ लागू किया है। हो सकता है वे इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए जरूरी कदम बता सकते हैं। ट्रम्प विदेश नीति पर भी खुलकर बोल सकते हैं। ईरान को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और गाजा में हालात को लेकर भी अमेरिका की भूमिका चर्चा में है। ट्रम्प खुद को मजबूत नेता के तौर पर पेश करते हुए कह सकते हैं कि सख्त रुख ही शांति का रास्ता है। यूक्रेन युद्ध भी चर्चा में रहेगा। रूस के हमले को चार साल पूरे हो गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि वह एक दिन में युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। इमिग्रेशन भी उनका प्रमुख मुद्दा रहेगा। सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर डिपोर्ट ऑपरेशन चलाया और दक्षिणी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने 13 महीनों में लगभग 240 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के बाद इतने कम समय में इतने ज्यादा आदेश किसी राष्ट्रपति ने जारी नहीं किए। ट्रम्प किन किन मुद्दों पर भाषण दे सकते हैं… हर साल जनवरी या फरवरी में ये भाषण होता है अमेरिका में राष्ट्रपति हर साल जनवरी या फरवरी में कांग्रेस (संसद) को एक संबोधित करते हैं, जिसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा जाता है। स्टेट ऑफ द यूनियन के दिन संसद की प्रतिनिधि सभा (निचला सदन) और सीनेट (ऊपरी सदन) के सदस्य हाउस चैंबर में इकट्ठा होते हैं। स्पीकर ऑफ द हाउस और उपराष्ट्रपति जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे ऊंचे मंच पर बैठते हैं। जब राष्ट्रपति संसद में पहुंचते हैं तो हाउस के सार्जेंट-एट-आर्म्स उनके आने की घोषणा करते हैं। इसके बाद स्पीकर राष्ट्रपति का परिचय कराते हैं और राष्ट्रपति कांग्रेस को अपना भाषण देते हैं। कैबिनेट का एक मेंबर कार्यक्रम में शामिल नहीं होता एक परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति के कैबिनेट का एक सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होता। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए और राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बाकी कैबिनेट सदस्य की मौत हो जाएं, तो जो सदस्य कार्यक्रम में नहीं आया है वह राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल सके। राष्ट्रपति अपने भाषण के लिए कुछ खास अमेरिकी नागरिकों को भी बुलाते हैं। इन लोगों को इसलिए आमंत्रित किया जाता है क्योंकि उन्होंने कोई असाधारण काम किया होता है। भाषण के दौरान राष्ट्रपति उनका परिचय कराते हैं और सम्मानित करते हैं। स्टेट ऑफ द यूनियन संदेश के बाद विपक्षी पार्टी की ओर से एक जवाबी भाषण दिया जाता है। इसमें विपक्ष के नेता राष्ट्रपति की बातों पर अपनी राय रखते हैं और देश को बेहतर बनाने के लिए अलग सुझाव देते हैं। इसे पहले ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था स्टेट ऑफ द यूनियन की परंपरा अमेरिकी संविधान से जुड़ी है। संविधान के अनुच्छेद 2 में लिखा है कि राष्ट्रपति समय-समय पर कांग्रेस को देश के हालात की जानकारी देंगे और जरूरी कदमों की सिफारिश करेंगे। शुरुआत में इस भाषण को ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन से लेकर हर्बर्ट हूवर तक सभी राष्ट्रपति इसे इसी नाम से बुलाते थे। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने अपने 1941 के भाषण में इसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा। हालांकि उनका यह भाषण ‘फोर फ्रीडम्स’ नाम से ज्यादा फेमस है। संविधान में यह नहीं बताया गया है कि यह संदेश कब और कैसे दिया जाए, लेकिन परंपरा के तौर पर राष्ट्रपति हर साल एक बार यह भाषण देते हैं। पहले यह भाषण आमतौर पर दिसंबर में दिया जाता था, लेकिन 1934 के बाद से इसे जनवरी या फरवरी में दिया जाने लगा। साल 2022 में जो बाइडेन मार्च महीने में व्यक्तिगत रूप से यह भाषण देने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 2024 में भी ऐसा ही किया। पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में इसी तरह का संबोधन दिया था। थॉमस जेफरसन ने लिखित संदेश भेजे थे एक समय ऐसा भी था जब ये स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण के रूप में नहीं बल्कि लिखित रूप में भेजा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन (1789-1797) और जॉन एडम्स (1797-1801) ने कांग्रेस के सामने जाकर भाषण दिया था, लेकिन थॉमस जेफरसन (1801-1809) ने लिखित संदेश भेजने की परंपरा शुरू की। माना जाता है कि वह अच्छे वक्ता नहीं थे। इसके बाद 1913 तक राष्ट्रपति लिखित संदेश ही भेजते रहे। फिर वुडरो विल्सन (1913-1921) ने दोबारा कांग्रेस के जॉइंट सेशन को संबोधित करने की परंपरा शुरू की। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट के बाद से ज्यादातर राष्ट्रपति भाषण देकर ही अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हैं। दो राष्ट्रपति ऐसे रहे जो यह भाषण नहीं दे पाए। विलियम हेनरी हैरिसन की 1841 में बीमारी से मौत हो गई थी और जेम्स गारफील्ड की 1881 में एक हमले में मृत्यु हो गई थी। इसलिए दोनों अपने कार्यकाल में स्टेट ऑफ द यूनियन नहीं दे सके। रॉनल्ड रीगन ने 1981 में अपने पहले