Wednesday, 23 Sep 2026 | 09:38 AM

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ओटीटी के दौर में बड़े परदे पर लौट रहे दर्शक:मल्टीप्लेक्स कारोबार छह महीने में 21% बढ़ा, दर्शक 12% तक बढ़े

ओटीटी के दौर में बड़े परदे पर लौट रहे दर्शक:मल्टीप्लेक्स कारोबार छह महीने में 21% बढ़ा, दर्शक 12% तक बढ़े

देश में फिल्मों के लिए बड़े पर्दे का आकर्षण फिर बढ़ रहा है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-जून 2026 के दौरान देश के मल्टीप्लेक्स बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में पिछले साल की तुलना में 21% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं उद्योग से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल बॉक्स ऑफिस कारोबार में भी करीब 16-17% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों (फुटफॉल) में 10-12% का इजाफा हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह फिल्मों का मजबूत लाइनअप रहा। हिंदी में ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस को नई जान दी, वहीं तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इससे साफ संकेत मिला कि दर्शक अब भाषा नहीं, अच्छी कहानी और सिनेमाई अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं। सीक्वल और फ्रेंचाइजी बने नया फॉर्मूला 2026 की सबसे बड़ी सीख यह रही कि दर्शक परिचित किरदारों और स्थापित फ्रेंचाइजी को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं। ‘धुरंधर 2’, ‘बॉर्डर 2’, ‘दृश्यम 3’, ‘वाझा 2’ और अन्य सीक्वल फिल्मों ने शानदार कारोबार किया। हालांकि, केवल बड़े बजट की फिल्में ही नहीं, बल्कि 100-200 करोड़ रुपए कमाने वाली मिड-बजट फिल्मों की संख्या भी बढ़ी, जो उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कमल ज्ञानचंदानी का कहना है कि ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी, मौलिक कहानियां, क्षेत्रीय सिनेमा और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के संतुलित मिश्रण ने दर्शकों का भरोसा लौटाया है। वहीं सिनेपोलिस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर देवांग संपत का मानना है कि यदि साल की दूसरी छमाही में भी मजबूत रिलीज कैलेंडर बना रहा तो थिएटर उद्योग में कमाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है। 2026 में भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जनवरी – 1,327 फरवरी – 427 मार्च – 1,690 अप्रैल – 787 मई – 1,138 (*करोड़ रु. में) स्रोत- ऑरमैक्स मीडिया ट्रेड विश्लेषकों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में 30 हिंदी फिल्मों की रिलीज से 2,352 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कारोबार हुआ। ये बीते साल से करीब 15% की बढ़ोतरी है।

सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 3 जुलाई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 650 अंक की तेजी के साथ 78,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में 200 अंक की बढ़त है। ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में तेजी अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 14,588 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स में 579 अंक की तेजी रही थी शेयर बाजार में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 579 अंक की तेजी के साथ 77,502 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 170 अंक की बढ़त रही। ये 24,176 पर बंद हुआ है। आज IT, ऑटो और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही।

सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 3 जुलाई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 650 अंक की तेजी के साथ 78,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में 200 अंक की बढ़त है। ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में तेजी अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 14,588 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स में 579 अंक की तेजी रही थी शेयर बाजार में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 579 अंक की तेजी के साथ 77,502 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 170 अंक की बढ़त रही। ये 24,176 पर बंद हुआ है। आज IT, ऑटो और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही।

यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस:सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे

यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस:सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे

यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार 2 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम से पूछा कि उसे यूजरनेम फीचर जारी रखने की इजाजत क्यों दी जानी चाहिए। सरकार ने बुधवार को मेटा और वॉट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किया था। सरकार ने आशंका जताई कि इससे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और ठगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार ने वॉट्सएप को फिलहाल यह फीचर लागू नहीं करने का निर्देश दिया है। तीन दिन पहले यूजरनेम फीचर लॉन्च किया था कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर यूजर के इलाके में उपलब्ध होगा, तब उसके वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। टेलीग्राम से पूछा- सुरक्षा के लिए क्या किया सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल जवाब मांगा कि इस फीचर के दुरुपयोग और साइबर ठगी रोकने के लिए कौन से सुरक्षा उपाय अपना रहे हैं। दोनों प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर पहले से उपलब्ध है। नीट पेपरलीक के बाद भी टेलीग्राम पर लगा था बैन पिछले महीने NEET पेपर लीक, फर्जी प्रश्न पत्रों के सर्कुलेशन और धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। वॉट्सएप ने सरकार को जवाब दिया- हमारा फीचर सुरक्षित वॉट्सएप ने सरकार के नोटिस पर कहा था कि यूजरनेम फीचर में ऐसे सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जो फर्जी पहचान, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों से सुरक्षा करेंगे। भारत वॉट्सएप का सबसे बड़ा बाजार है। देश में इसके 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। पूरी खबर पढ़ें…

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एअर इंडिया ने नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और UK जाने वाली अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम करने का एलान किया है। सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाया है, जिससे इन रूटों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब का बोझ कम होगा। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि घरेलू उड़ानों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एअर इंडिया ने नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और UK जाने वाली अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम करने का एलान किया है। PTI के सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाया है, जिससे इन रूटों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब का बोझ कम होगा। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि घरेलू उड़ानों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरे देशों के लिए सरचार्ज की स्थिति घरेलू रूट पर कोई राहत नहीं सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इन विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय रूटों के अलावा अन्य विदेशी उड़ानों और एयरलाइन की घरेलू (डोमेस्टिक) सेवाओं के लिए फ्यूल सरचार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे पहले की तरह ही बने रहेंगे। इस मामले पर फिलहाल एअर इंडिया की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। अप्रैल में मिडिल ईस्ट संकट के कारण बढ़ाया था सरचार्ज एअर इंडिया ने इस साल 7 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की थी, जो 10 दिन बाद यानी 10 अप्रैल से लागू हुआ था। उस समय पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया था। तेल की ऊंची कीमतों और हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) पर लगे प्रतिबंधों के कारण एयरलाइन का ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ गया था। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एयरलाइन ने तब बताया था कि फरवरी के अंत में वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की औसत कीमत 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी, जो 27 मार्च को समाप्त सप्ताह में करीब 100% बढ़कर 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसी कारण कंपनी को सरचार्ज लगाने पर मजबूर होना पड़ा था। दूरी के हिसाब से तय होता है सरचार्ज 7 अप्रैल को की गई घोषणा के दौरान एअर इंडिया ग्रुप (एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं) ने कुछ चुनिंदा रूटों को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 24 डॉलर से 280 डॉलर तक और घरेलू उड़ानों के लिए 299 रुपए से 899 रुपए तक का फ्यूल सरचार्ज तय किया था। एयरलाइन ने बयान में कहा था कि घरेलू ATF कीमतों में बढ़ोतरी को 25% पर सीमित (कैप) करने के सरकार के फैसले के बाद, ग्रुप ने एक नपा-तुला रुख (कैलिब्रेटेड एप्रोच) अपनाया है। इसके तहत घरेलू उड़ानों पर एक समान (फ्लैट) सरचार्ज लगाने के बजाय दूरी के हिसाब से (डिस्टेंस-बेस्ड ग्रिड) सरचार्ज तय किया गया था। एविएशन सेक्टर में किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च में लगभग 40 से 45% हिस्सा अकेले जेट फ्यूल (ATF) का होता है, इसलिए ईंधन के दामों का असर सीधे टिकट की कीमतों पर पड़ता है। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

सीलिंग फैन क्लीनिंग टिप्स: सीलिंग फैन पर जमी धूल को मिनट में चमकाएं, बस इन 5 आसान तरीकों से ध्यान दें

छत पंखे की सफाई

2 जुलाई 2026 को 19:54 IST पर अपडेट किया गया सीलिंग फैन क्लीनिंग टिप्स: गर्मियों के मौसम में सीलिंग फैन लगभग हर घर में पूरे दिन मिलता है, लेकिन अक्सर हम इसकी सफाई को मंजूरी दे देते हैं। धीरे-धीरे पेरू की पंखुड़ियाँ पर कूड़ा, मिट्टी और चिकने जमने लगते हैं। जब हम फिल्में बनाते हैं, तो यही गंदगी हवा के साथ पूरे कमरे में फैल जाती है, जो स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों के लिए ठीक नहीं है। आइये आपको बताते हैं यूरोप को साफ करने के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। अनुसरण करना : सबसे पहले सफाई शुरू करना सबसे जरूरी है कि आप अपना पंखा पूरी तरह से बंद कर लें। बेहतर सुरक्षा के लिए स्विच बोर्ड से बिजली का कनेक्शन भी कट गया। इससे आप बिना किसी दुर्घटना के डर के आराम से अपना काम कर पाएंगे। छवि: एआई सीलिंग पंखे की सफाई के लिए हमेशा मजबूत सीढ़ी का ही उपयोग करें। किसी डगमगाने वाले फर्नीचर पर स्टे होने की गलती न करें। सफाई के दौरान अपना बैलेंस बनाए रखें ताकि आप किसी भी चोट या फ्लैट से सुरक्षित रह सकें। छवि: एआई अगर पुर्तगाल पर सबसे ज़्यादा धूल जमी है, तो पुराना तकिया कवर सबसे अच्छा उपाय है। पूर्वी तट के हर ब्लेड को अंदर की ओर धीरे-धीरे बाहर की ओर खींचा गया। इससे साड़ी कूड़ेदान के अंदर ही रहेगी और डिजाइन पर नहीं लगेगी। छवि: एआई सूखा कूड़ा हटाना काफी नहीं है। इसके बाद एक अनोखे जेली जूते से पीरिअन की पट्टियाँ को कागज़ें ताकि उस पर जमीई साफ हो जाए। ध्यान दें कि कपड़े में बहुत अधिक गंध नहीं होती है, अन्य भागों की सतह खराब हो सकती है। छवि: एआई लोग सिर्फ ब्लेड साफ करते हैं और मोटर वी लाइट ग्लास को भूल जाते हैं। इन आदर्शों पर भी काफी कूड़ा जमती है, यहां तक ​​कि यहां भी घटिया कपड़े से बने छात्र। यदि पुर्तगाल में कांच का प्रकाश कवर है, तो उसे स्वाभाविक रूप से साफ करें। छवि: एआई संपूर्णता के बाद एक बार पीडीएफ़ा स्कॉलर देखें। अगर पंखा हिल रहा है या आवाज दे रहा है, तो उसका प्लांटर क्या है। नियमितता न केवल कमरे की हवा को शुद्ध करती है, बल्कि पुर्तगाल की उम्र भी प्रमाणित करती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 2 जुलाई 2026 19:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) छत पंखे की सफाई(टी)घर के रखरखाव के टिप्स(टी)धूल भरे पंखे को कैसे साफ करें(टी)घरेलू सफाई के तरीके(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू देखभाल(टी)सफाई युक्तियाँ हिंदी में

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बताया चुकीं झूठ

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बताया चुकीं झूठ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस उर्फी जावेद हाल ही में असम के गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं। इस दौरान उर्फी अपने सामान्य वेस्टर्न पहनावे से अलग पूरी तरह से पारंपरिक लुक में नजर आईं। उन्होंने मंदिर में दर्शन की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। तस्वीरों में उर्फी पीले रंग का सूट-सलवार पहने और सिर पर दुपट्टा रखे हुए दिख रही हैं। उनके माथे पर मंदिर का सिंदूर और तिलक भी लगा हुआ है। कुछ समय पहले उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी। पारंपरिक कपड़ों में किए देवी के दर्शन उर्फी जावेद ने अपने कामाख्या देवी मंदिर दौरे की कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की हैं। मंदिर परिसर में उर्फी ने सादगी से सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। उन्होंने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद माथे पर सिंदूर का तिलक भी लगाया। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उर्फी ने लिखा, ‘गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए।’ आमतौर पर अपने अलग-अलग आउटफिट्स के लिए चर्चा में रहने वाली उर्फी का यह शांत और धार्मिक रूप पहली बार सामने आया है। खुद को नास्तिक बता चुकीं उर्फी मंदिर के इस दौरे के बाद उर्फी के पुराने बयानों की चर्चा फिर शुरू हो गई है। उर्फी जावेद ने अपने शुरुआती इंटरव्यूज में कई बार कहा था कि वे किसी भी धर्म या रिलिजन में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने खुद को नास्तिक बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वे एक मुस्लिम परिवार में पैदा जरूर हुई हैं, लेकिन वे इस्लाम को नहीं मानती हैं और न ही किसी अन्य धर्म का पालन करती हैं। ऐसे में उनके अचानक मंदिर जाकर पूजा करने पर उनके पुराने बयान चर्चा में आ गए हैं। धर्म परिवर्तन के दावों पर जताई थी नाराजगी हाल ही में उर्फी जावेद के धर्म बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवाद खड़ा हुआ था। एक जर्नलिस्ट ने दावा किया था कि उर्फी ने अपना धर्म बदलकर हिंदू धर्म अपना लिया है और उन्होंने अपना नया नाम ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है। इस दावे पर उर्फी जावेद ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने उस जर्नलिस्ट को फटकार लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि इस तरह की झूठी और फेक न्यूज फैलाने वालों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने साफ किया था कि उन्होंने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। रियलिटी शोज और करियर का सफर उर्फी जावेद के करियर की बात करें तो वे हाल ही में रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट नजर आई थीं। इससे पहले वे मशहूर यूथ रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला’ का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जहां उन्होंने बतौर होस्ट काम किया था। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी निजी जिंदगी और संघर्ष पर आधारित एक रियलिटी शो ‘फॉलो कर लो यार’ भी रिलीज हो चुका है। उर्फी टीवी सीरियल्स जैसे ‘बड़े भैया की दुल्हनिया’ और ‘कसौटी जिंदगी की’ में भी काम कर चुकी हैं।

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बता चुकीं झूठ

कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं उर्फी जावेद:चुनरी के साथ माथे पर लगाया तिलक, नाम बदलकर रीता भारद्वाज रखने के दावे को बताया चुकीं झूठ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस उर्फी जावेद हाल ही में असम के गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर पहुंचीं। इस दौरान उर्फी अपने सामान्य वेस्टर्न पहनावे से अलग पूरी तरह से पारंपरिक लुक में नजर आईं। उन्होंने मंदिर में दर्शन की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। तस्वीरों में उर्फी पीले रंग का सूट-सलवार पहने और सिर पर दुपट्टा रखे हुए दिख रही हैं। उनके माथे पर मंदिर का सिंदूर और तिलक भी लगा हुआ है। कुछ समय पहले उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी। पारंपरिक कपड़ों में किए देवी के दर्शन उर्फी जावेद ने अपने कामाख्या देवी मंदिर दौरे की कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की हैं। मंदिर परिसर में उर्फी ने सादगी से सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। उन्होंने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद माथे पर सिंदूर का तिलक भी लगाया। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उर्फी ने लिखा, ‘गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए।’ आमतौर पर अपने अलग-अलग आउटफिट्स के लिए चर्चा में रहने वाली उर्फी का यह शांत और धार्मिक रूप पहली बार सामने आया है। खुद को नास्तिक बता चुकीं उर्फी मंदिर के इस दौरे के बाद उर्फी के पुराने बयानों की चर्चा फिर शुरू हो गई है। उर्फी जावेद ने अपने शुरुआती इंटरव्यूज में कई बार कहा था कि वे किसी भी धर्म या रिलिजन में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने खुद को नास्तिक बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वे एक मुस्लिम परिवार में पैदा जरूर हुई हैं, लेकिन वे इस्लाम को नहीं मानती हैं और न ही किसी अन्य धर्म का पालन करती हैं। ऐसे में उनके अचानक मंदिर जाकर पूजा करने पर उनके पुराने बयान चर्चा में आ गए हैं। धर्म परिवर्तन के दावों पर जताई थी नाराजगी हाल ही में उर्फी जावेद के धर्म बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवाद खड़ा हुआ था। एक जर्नलिस्ट ने दावा किया था कि उर्फी ने अपना धर्म बदलकर हिंदू धर्म अपना लिया है और उन्होंने अपना नया नाम ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है। इस दावे पर उर्फी जावेद ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने उस जर्नलिस्ट को फटकार लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि इस तरह की झूठी और फेक न्यूज फैलाने वालों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने साफ किया था कि उन्होंने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। रियलिटी शोज और करियर का सफर उर्फी जावेद के करियर की बात करें तो वे हाल ही में रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट नजर आई थीं। इससे पहले वे मशहूर यूथ रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला’ का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जहां उन्होंने बतौर होस्ट काम किया था। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी निजी जिंदगी और संघर्ष पर आधारित एक रियलिटी शो ‘फॉलो कर लो यार’ भी रिलीज हो चुका है। उर्फी टीवी सीरियल्स जैसे ‘बड़े भैया की दुल्हनिया’ और ‘कसौटी जिंदगी की’ में भी काम कर चुकी हैं।

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बयान देकर फंसे डायरेक्टर:संजय गुप्ता बोले- सिया गोयल का रिया चक्रवर्ती जैसा तमाशा न बनाएं; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बयान देकर फंसे डायरेक्टर:संजय गुप्ता बोले- सिया गोयल का रिया चक्रवर्ती जैसा तमाशा न बनाएं; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस में फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। संजय गुप्ता ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर कर मुख्य आरोपी सिया गोयल का बचाव किया है। उन्होंने सिया गोयल के मामले की तुलना साल 2020 के रिया चक्रवर्ती मीडिया ट्रायल से की है। डायरेक्टर ने लिखा कि सबूत आने से पहले टीवी पर मुकदमा चलाना ठीक नहीं है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने संजय गुप्ता की कड़ी आलोचना की है और उनके इस बयान को बेहद बेतुका बताया है। संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट लिखकर सिया गोयल का एक तरह से बचाव किया। उन्होंने लिखा, “मैं किसी पर उंगली नहीं उठा रहा और न ही किसी की साइड ले रहा हूं। मैं बस इतना कह रहा हूं कि क्या हम सिया के साथ वो सब करना बंद कर सकते हैं जो हमने रिया चक्रवर्ती के साथ किया था? हम सबने वो तमाशा देखा था। टीवी पर ही मुकदमा चला दिया गया और सबूत आने से पहले ही फैसला सुना दिया गया। इसके बाद भी हम लोग कुछ नहीं सीखते हैं।” लोगों ने डायरेक्टर को फटकार लगाई संजय गुप्ता का यह बयान सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “कभी-कभी आप बहस में सबसे बेतुका पक्ष चुन लेते हैं। इतनी कोशिश मत करिए सर, किसकी नजरों में ऊंचा बनना है?” लोग सिया गोयल का बचाव करने पर डायरेक्टर से बेहद नाराज हुए। क्या था रिया चक्रवर्ती का पूरा विवाद साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनकी मंगेतर और एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती विवादों में आई थीं। सुशांत केस की जांच के दौरान रिया और उनके भाई को नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर बड़ा मीडिया ट्रायल चला था। कोर्ट का फैसला आने से पहले ही लोगों ने उन्हें दोषी मान लिया था। लगभग 5 साल की कानूनी लड़ाई के बाद साल 2025 में कोर्ट से रिया को राहत मिली थी क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका था। मंगेतर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्या पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचे थे केतन पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने केतन को मारने की पहली कोशिश 14 जून को की थी। सिया उस दिन केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी और वहां उसे घाटी में धक्का दे दिया था। हालांकि, केतन एक झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। उस समय सिया ने बात को घुमाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया और केतन का ध्यान भटका दिया। इसके बाद वह केतन को भरोसा दिलाकर वापस घर ले आई। दूसरी बार में किले से नीचे धकेला पहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया ने कुछ दिनों बाद दोबारा केतन को किले पर चलने के लिए राजी किया। इस बार वहां सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था। जब केतन वहां पहुंचे, तो सिया और चेतन ने पीछे से आकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। गहरी घाटी में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है। बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता