न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।
न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।
IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR:अच्छा खाना नहीं बनाने पर कुक को पीटा-गालियां दीं, रोते हुए VIDEO किया जारी

मध्यप्रदेश के भोपाल में IPL टीम पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह IPS पर कुक से मारपीट और गाली-गलौज की FIR दर्ज हुई है। पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2 तस्वीरों में देखिए पीड़ित की चोट के निशान… सरकारी नौकरी का झांसा देकर भोपाल बुलाया रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर (31) ने बताया कि परिचित मोहित सिंह सेंगर के जरिए उसे भोपाल बुलाया गया था। उससे कहा गया कि शैलेष सिंह के यहां खाना बनाने का काम करना है और बाद में सरकारी नौकरी लगवाने में मदद की जाएगी। नीलबड़ स्थित घर पर 15 हजार रुपए मासिक वेतन, रहने और खाने की व्यवस्था तय हुई थी। कहा- ‘काम नहीं करेगा तो आया क्यों’ पीड़ित के मुताबिक, काम शुरू करने के कुछ घंटे बाद लगातार काम कराया जाने लगा। पुराने कुक को भी गालियां दी जा रही थीं। यह देखकर उसने काम छोड़ने की बात कही। आरोप है कि इस पर उससे कहा गया, “काम नहीं करेगा तो यहां आया क्यों? क्या मेरा मर्डर करने आया है?” इसके बाद उसका मोबाइल छीन लिया गया और जबरन काम कराया। कमरे में बंद हुआ तो मारपीट का आरोप युवक का कहना है कि वह डरकर कमरे में बंद हो गया था। आरोप है कि इसके बाद शैलेष सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और ड्राइवर ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित के शरीर और चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उसका कहना है कि मारपीट के बाद भी उसका मोबाइल वापस नहीं किया गया। बयान और जांच के बाद FIR रातीबड़ थाना पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद फरियादी और गवाह के बयान लिए गए। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर शैलेष सिंह, शशांक सिंह और एक कर्मचारी के खिलाफ BNS की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। विदिशा के युवक ने भी की थी शिकायत इससे पहले 5 मई 2026 को विदिशा के गंजबासौदा निवासी राजीव विश्वकर्मा ने भी पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ डीजीपी कैलाश मकवाना से शिकायत की थी। युवक ने आरोप लगाया था कि नौकरी के दौरान उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया, उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल व बैग छीन लिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि जब उसने नौकरी छोड़ने की बात कही तो उसे चोरी, छेड़छाड़ और लूट जैसे मामलों में झूठा फंसाने की धमकी दी गई। युवक का आरोप था कि उसका मोबाइल और बैग भी वापस नहीं किया गया तथा पुलिस सेवा में रहे होने का भय दिखाकर उसे लगातार धमकाया जाता रहा। शशांक इस IPL सीजन 132 रन बना सके शशांक शुरुआती IPL करियर में दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें मौके नहीं मिले। असली पहचान 2024 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए मिली। इसके बाद 2025 और 2026 में उन्हें 5.5 करोड़ में रिटेन किया था। शशांक ने अब तक 53 IPL मैचों में 905 रन बनाए हैं। 2026 सीजन शशांक के लिए फ्लॉप रहा। उन्होंने 12 मैचों में 132 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 56 रन रहा। शशांक जरूरत पड़ने पर ऑफ गेंदबाजी भी करते हैं। IPL करियर में उन्होंने 53 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। इस सीजन में उन्होंने 12 मैचों में 4 विकेट लिए। ——————- ये खबर भी पढ़ें… सिया के सामने केतन मर्डर का सीन रीक्रिएट किया गया: पुलिस लोहगढ़ किला ले गई, दीवार से डमी गिराकर देखा पुणे मर्डर केस में पुलिस ने रविवार को केतन को लोहगढ़ किले से गिराने का सीन रीक्रिएट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए पुलिस सुबह 6.30 बजे आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। टीम करीब 2.30 घंटे किले पर रही। पूरी खबर पढ़ें…
विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक खास शैली का प्रतीक रहा है। एक दौर था जब विम्बलडन वही खिलाड़ी जीतता था, जिसे विशुद्ध रूप से ‘ग्रास-स्पेशलिस्ट’ माना जाता था। पीट सम्प्रास, बोरिस बेकर, स्टीफन एडबर्ग, रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों का राज उनकी घातक ‘सर्व-एंड-वॉली’ (सर्विस करके तुरंत नेट पर आना) टेक्निक पर टिका था। लेकिन नए दौर के खिलाड़ियों ने घास पर खेलने के इस पारंपरिक तरीके को इतिहास बना दिया है। अब खिलाड़ी घास की पिचों को भी ‘हार्ड-कोर्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपने उपकरणों, फुटवर्क और खेल शैली में ऐसा बदलाव किया है कि टेनिस का पूरा व्याकरण ही बदल गया है। सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे टेनिस ग्रैंड स्लैम विम्बलडन से पहले जानिए कैसे आधुनिक खिलाड़ियों ने खेल की दशा और दिशा बदली है… 1. नए उपकरणों से मिली पावर और स्पिन पहले खिलाड़ी भारी रैकेट और प्राकृतिक (नेचुरल गट) स्ट्रिंग्स का उपयोग करते थे। इस कारण कोर्ट के पीछे से भारी स्पिन के साथ गेंद को हिट करना बहुत मुश्किल होता था। अब खिलाड़ी हल्के कार्बन-फाइबर रैकेट और पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह नया कॉम्बिनेशन आधुनिक खिलाड़ियों को हाई स्पीड और भारी ‘टॉपस्पिन’ के साथ गेंद को हिट करने की अनुमति देता है। 2. नेट गेम की जगह बेसलाइन गेम का दबदबा पहले खिलाड़ी ‘सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाते थे। वे तेज सर्विस करते और हवा में ही गेंद को हिट करने के लिए तुरंत नेट की ओर दौड़ पड़ते थे। अब आधुनिक रैकेट्स से ताकतवर शॉट्स आसान हो गए हैं, इसलिए नेट की तरफ भागना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खिलाड़ी अब बेसलाइन पर ही जमे रहते हैं और तब तक ताकतवर शॉट्स का आदान-प्रदान करते हैं, जब तक कोई गलती न कर दे। 3. टेनिस कोर्ट की सतहें हो गईं धीमी पहले ग्रास और पारंपरिक हार्ड कोर्ट बहुत चिकने और तेज हुआ करते थे। इन पर गेंद बहुत नीची और तेज उछलती थी। अब इन ताकतवर बेसलाइन शॉट्स से निपटने के लिए टूर्नामेंट्स ने अपनी सतहों को धीमा कर दिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब ने कोर्ट को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए घास के मिश्रण को बदल दिया। इससे गेंद ऊंची उछलने लगी और उसकी गति धीमी हो गई, जिससे लंबी रैलियां खेलना संभव हो सका। 4. खिलाड़ियों के फुटवर्क में बड़ा बदलाव पहले घास के कोर्ट पर, खिलाड़ी किसी भी अप्रत्याशित बाउंस से निपटने के लिए छोटे और तेज कदम रखते थे। आधुनिक एथलीट हार्ड कोर्ट पर स्लाइड करना (फिसलना) सीखते हैं। घास की सतह पर भी जूते की विशेष ग्रिप की मदद से हार्ड कोर्ट जैसी आक्रामक स्लाइडिंग करते हैं। वे ‘ओपन स्टांस’ का उपयोग करते हैं और दमदार शॉट मारने के लिए संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पैरों को स्लाइड करते हैं।
विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक खास शैली का प्रतीक रहा है। एक दौर था जब विम्बलडन वही खिलाड़ी जीतता था, जिसे विशुद्ध रूप से ‘ग्रास-स्पेशलिस्ट’ माना जाता था। पीट सम्प्रास, बोरिस बेकर, स्टीफन एडबर्ग, रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों का राज उनकी घातक ‘सर्व-एंड-वॉली’ (सर्विस करके तुरंत नेट पर आना) टेक्निक पर टिका था। लेकिन नए दौर के खिलाड़ियों ने घास पर खेलने के इस पारंपरिक तरीके को इतिहास बना दिया है। अब खिलाड़ी घास की पिचों को भी ‘हार्ड-कोर्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपने उपकरणों, फुटवर्क और खेल शैली में ऐसा बदलाव किया है कि टेनिस का पूरा व्याकरण ही बदल गया है। सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे टेनिस ग्रैंड स्लैम विम्बलडन से पहले जानिए कैसे आधुनिक खिलाड़ियों ने खेल की दशा और दिशा बदली है… 1. नए उपकरणों से मिली पावर और स्पिन पहले खिलाड़ी भारी रैकेट और प्राकृतिक (नेचुरल गट) स्ट्रिंग्स का उपयोग करते थे। इस कारण कोर्ट के पीछे से भारी स्पिन के साथ गेंद को हिट करना बहुत मुश्किल होता था। अब खिलाड़ी हल्के कार्बन-फाइबर रैकेट और पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह नया कॉम्बिनेशन आधुनिक खिलाड़ियों को हाई स्पीड और भारी ‘टॉपस्पिन’ के साथ गेंद को हिट करने की अनुमति देता है। 2. नेट गेम की जगह बेसलाइन गेम का दबदबा पहले खिलाड़ी ‘सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाते थे। वे तेज सर्विस करते और हवा में ही गेंद को हिट करने के लिए तुरंत नेट की ओर दौड़ पड़ते थे। अब आधुनिक रैकेट्स से ताकतवर शॉट्स आसान हो गए हैं, इसलिए नेट की तरफ भागना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खिलाड़ी अब बेसलाइन पर ही जमे रहते हैं और तब तक ताकतवर शॉट्स का आदान-प्रदान करते हैं, जब तक कोई गलती न कर दे। 3. टेनिस कोर्ट की सतहें हो गईं धीमी पहले ग्रास और पारंपरिक हार्ड कोर्ट बहुत चिकने और तेज हुआ करते थे। इन पर गेंद बहुत नीची और तेज उछलती थी। अब इन ताकतवर बेसलाइन शॉट्स से निपटने के लिए टूर्नामेंट्स ने अपनी सतहों को धीमा कर दिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब ने कोर्ट को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए घास के मिश्रण को बदल दिया। इससे गेंद ऊंची उछलने लगी और उसकी गति धीमी हो गई, जिससे लंबी रैलियां खेलना संभव हो सका। 4. खिलाड़ियों के फुटवर्क में बड़ा बदलाव पहले घास के कोर्ट पर, खिलाड़ी किसी भी अप्रत्याशित बाउंस से निपटने के लिए छोटे और तेज कदम रखते थे। आधुनिक एथलीट हार्ड कोर्ट पर स्लाइड करना (फिसलना) सीखते हैं। घास की सतह पर भी जूते की विशेष ग्रिप की मदद से हार्ड कोर्ट जैसी आक्रामक स्लाइडिंग करते हैं। वे ‘ओपन स्टांस’ का उपयोग करते हैं और दमदार शॉट मारने के लिए संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पैरों को स्लाइड करते हैं।
चांदी ₹5,059 बढ़कर ₹2.22 लाख किलो पर पहुंची:10 ग्राम सोना ₹2,038 महंगा हुआ, इस साल दाम ₹9 हजार बढ़ चुके

सोने-चांदी की कीमतों में 29 जून को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो आज चांदी 5,059 रुपए बढ़कर 2.22 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 2,038 रुपए महंगा होकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले यह 1.40 लाख पर था। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 29 जून 2026 सोना इस साल 9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.22 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 8 हजार रुपए कम हुई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।
समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-
समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-







